Friday, June 12, 2026
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टीकाकरण में शिथिलता बर्दास्त नहीं – जिलाधिकारी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनस्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने जानकारी दी कि कुष्ठ रोग उन्मूलन के उद्देश्य से 30 जनवरी 2026 से 13 फरवरी 2026 तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत 14 दिवसीय कुष्ठ पखवाड़े में व्यापक आईईसी गतिविधियां आयोजित होंगी।

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संस्थागत प्रसवों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने महिला चिकित्सालय नगर में दिसंबर माह की कम प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित एमओआईसी को सुधार के निर्देश दिए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि सभी गर्भवती महिलाओं की फीडिंग ई-कवच पोर्टल पर एएनएम द्वारा अनिवार्य रूप से की जानी है।
राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 तक 40300 का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके सापेक्ष 38177 टीकाकरण कर 94.73 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे और इसके लिए जनजागरूकता को और मजबूत किया जाए।

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प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत अंत्योदय कार्ड धारकों एवं 70 वर्ष से अधिक आयु के पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता से जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा 102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाओं की फिटनेस, उपकरणों की उपलब्धता और त्वरित सेवाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में ओपीडी, आईपीडी, एफआरयू, आरबीएसके, क्षय रोग, कुष्ठ उन्मूलन, परिवार कल्याण, जननी सुरक्षा योजना, जन्म-मृत्यु पंजीकरण सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

झारखंड से लापता कन्हैया कुमार की खोज में यूपी के सभी जिले अलर्ट

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)झारखंड के रांची जनपद अंतर्गत ओरमांझी थाना क्षेत्र से लापता कक्षा-03 के छात्र कन्हैया कुमार की तलाश को लेकर विधिक सेवा प्राधिकरण ने व्यापक स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। कन्हैया कुमार, शंकर घाट सिलदिरी गांव का निवासी है और वह 22 नवंबर 2025 से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कन्हैया बच्चों के साथ फुटबॉल खेलने के बाद ओरमांझी ब्लॉक चौक स्थित ममता मार्केट पहुंचा था, जहां उसकी माता शांति देवी चाट-पुटका की दुकान चलाती हैं।
कन्हैया ने अपनी मां को चाट खिलाई और थोड़ी देर में लौटने की बात कहकर वहां से चला गया, लेकिन इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने काफी तलाश की, परंतु अब तक सफलता नहीं मिली है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
लापता मासूम कन्हैया कुमार की खोज के लिए झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से सहयोग मांगा है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और पैरा लीगल वॉलंटियर्स को अलर्ट किया गया है।
इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के सचिव/अपर जिला जज शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी ने आम जनता से मानवीय आधार पर सहयोग की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को कन्हैया कुमार के संबंध में कोई भी सूचना मिले, तो वह तत्काल मोबाइल नंबर 9453250991 पर संपर्क करे। एक छोटी-सी सूचना एक मां को उसके बेटे से मिला सकती है।

आबकारी विभाग की छापेमारी में दो शराब विक्रेता जेल भेजे गए

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)जनपद में समय पूर्व शराब बिक्री पर कार्रवाई को लेकर आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग द्वारा लगातार शराब दुकानों की औचक जांच की जा रही है।
इसी क्रम में मोहम्मदाबाद क्षेत्र में आबकारी निरीक्षक बजरंगी चौरसिया के नेतृत्व में टीम ने प्रातः निर्धारित समय से पहले शराब बिक्री की सूचना पर गोपनीय जांच अभियान चलाया। सुबह 6 बजे से प्रारंभ की गई इस कार्रवाई के दौरान बस्ती, काझा और कमथरी चट्टी स्थित शराब दुकानों पर टेस्ट परचेज किया गया।
जांच में कमथरी चट्टी स्थित देसी शराब की दुकान के समीप अधिकृत विक्रेता राधेश्याम मिश्रा एवं कैंटीन संचालक शिवचंद चौहान द्वारा तय समय से पहले और अधिक मूल्य पर शराब बिक्री किए जाने की पुष्टि हुई। दोनों आरोपियों को अवैध परिसर से शराब बेचते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।
आबकारी विभाग ने दोनों के खिलाफ थाना चिरैयाकोट में मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेज दिया। जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान प्रधान आबकारी सिपाही संजय यादव सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे।

मेडिकल जांच के दौरान पुलिस को चकमा देकर कैदी नाले में कूदा

दरभंगा सीएचसी में कैदी ने मचाया हड़कंप, मेडिकल जांच के दौरान अंडरग्राउंड नाले में कूदकर छिपा


दरभंगा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।दरभंगा के लहेरियासराय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चोरी के मामले में गिरफ्तार एक कैदी मेडिकल जांच के दौरान पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से सटे अंडरग्राउंड नाले में कूद गया। इस अप्रत्याशित घटना ने न सिर्फ अस्पताल परिसर में दहशत फैला दी, बल्कि पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लहेरियासराय थाना पुलिस दो कैदियों इफ्तिखार अहमद और मोहसिन कुरैशी को मेडिकल जांच के लिए सीएचसी लेकर पहुंची थी। जांच की प्रक्रिया चल ही रही थी कि अचानक इफ्तिखार अहमद ने मौके का फायदा उठाया। हथकड़ी ढीली होने का लाभ उठाते हुए वह पुलिस को चकमा देकर अस्पताल के बगल में बने अंडरग्राउंड नाले में छलांग लगा गया और भीतर जाकर छिप गया।

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घटना की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। मरीज, उनके परिजन और अस्पताल कर्मियों में भय का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और नाले के सभी संभावित मुहानों की घेराबंदी कर दी गई। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, ताकि कैदी किसी अन्य रास्ते से फरार न हो सके।
पुलिस लगातार नाले में छिपे कैदी को बाहर निकलने के लिए समझाने-बुझाने का प्रयास करती रही। पुलिसकर्मियों ने उसे अपील की कि वह स्वयं बाहर आ जाए, क्योंकि अंधेरे और गंदगी से भरे नाले में छिपे रहना उसकी जान के लिए खतरा बन सकता है। काफी देर तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस की सूझबूझ और सतर्कता से आखिरकार कैदी इफ्तिखार अहमद को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उसके बाहर आते ही पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली।

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पीएचसी प्रभारी डॉ. तारिक मंजर ने बताया कि हथकड़ी ढीली हो जाने के कारण कैदी भागने में सफल हुआ। वहीं लहेरियासराय थानाध्यक्ष अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि इफ्तिखार अहमद चोरी के मामले में गिरफ्तार था। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद दोनों कैदियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
यह घटना यह दर्शाती है कि थोड़ी-सी लापरवाही किस तरह बड़ी चुनौती बन सकती है। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर कैदियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी जोर देती है।

आबकारी विभाग की छापेमारी में दो शराब विक्रेता जेल भेजे गए

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में समय पूर्व शराब बिक्री पर कार्रवाई को लेकर आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग द्वारा लगातार शराब दुकानों की औचक जांच की जा रही है।

इसी क्रम में मोहम्मदाबाद क्षेत्र में आबकारी निरीक्षक बजरंगी चौरसिया के नेतृत्व में टीम ने प्रातः निर्धारित समय से पहले शराब बिक्री की सूचना पर गोपनीय जांच अभियान चलाया। सुबह 6 बजे से प्रारंभ की गई इस कार्रवाई के दौरान बस्ती, काझा और कमथरी चट्टी स्थित शराब दुकानों पर टेस्ट परचेज किया गया।

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जांच में कमथरी चट्टी स्थित देसी शराब की दुकान के समीप अधिकृत विक्रेता राधेश्याम मिश्रा एवं कैंटीन संचालक शिवचंद चौहान द्वारा तय समय से पहले और अधिक मूल्य पर शराब बिक्री किए जाने की पुष्टि हुई। दोनों आरोपियों को अवैध परिसर से शराब बेचते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।

आबकारी विभाग ने दोनों के खिलाफ थाना चिरैयाकोट में मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेज दिया। जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान प्रधान आबकारी सिपाही संजय यादव सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे।

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डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय और पैसिफ इंस्टीट्यूट के बीच एमओयू

शोध व अकादमिक सहयोग को मिलेगी नई दिशा

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और पैसिफ इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्मोलॉजी एंड सेल्फोलॉजी (PICS), सागरा, संबलपुर (ओडिशा) के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक सशक्तता और संस्थागत साझेदारियों के विस्तार की दिशा में अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

एमओयू पर गोरखपुर विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. पूनम टंडन तथा पैसिफ इंस्टीट्यूट की ओर से निदेशक प्रो. शिबेश कुमार जस पैसिफ ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान नवाचार और सतत संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

समझौता ज्ञापन के अंतर्गत गुरुत्वाकर्षण, ब्रह्मांड विज्ञान एवं खगोल भौतिकी जैसे क्षेत्रों में छात्र गतिशीलता, विज़िटिंग स्कॉलर कार्यक्रम, संयुक्त अनुसंधान पहल, छात्र एवं शिक्षक विनिमय, इंटर्नशिप और संयुक्त अकादमिक कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही संयुक्त शोध प्रकाशन और अनुसंधान परियोजनाओं पर भी कार्य होगा।

एमओयू में विज्ञान प्रसार गतिविधियों को विशेष महत्व दिया गया है, जिनमें मोबाइल प्लेनेटेरियम शो, टेलीस्कोप निर्माण कार्यशालाएं, विज्ञान लोकप्रियकरण कार्यक्रम और करियर काउंसलिंग सत्र शामिल हैं। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा के समेकन के साथ ‘सेल्फोलॉजी’-स्व के वैज्ञानिक अध्ययन के क्षेत्र में अकादमिक एवं शोध कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है, जिससे विज्ञान संकाय के साथ मनोविज्ञान और समाजशास्त्र विभाग को भी लाभ मिलेगा।

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दोनों संस्थानों ने छात्र एवं शिक्षक विनिमय को विश्वविद्यालय पाठ्यक्रमों से जोड़ते हुए शैक्षणिक एवं शोध अंतराल को पाटने और नवोन्मेषी अनुसंधान अवसर विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह सहयोग संयुक्त कार्यक्रमों के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. शान्तनु रस्तोगी, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. अजय सिंह, निदेशक अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ डॉ. रामवंत गुप्ता, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. अपरा त्रिपाठी तथा व्राटिनो टेक्नोलॉजी के निदेशक सचिन्द्र नाथ सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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मोदी कैबिनेट के बड़े आर्थिक फैसले: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी, MSME को मिलेगी 5,000 करोड़ की मदद

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार ने बुधवार को दो अहम और दूरगामी फैसले लेते हुए आम आदमी और छोटे उद्योगों को बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक विस्तार देने और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) में 5,000 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश को मंजूरी दी गई।

सरकार के ये फैसले असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने और एमएसएमई सेक्टर को सस्ती दरों पर कर्ज उपलब्ध कराने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।

अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी, करोड़ों कामगारों को राहत

कैबिनेट ने सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना अटल पेंशन योजना को 2030-31 तक जारी रखने की स्वीकृति दी है। इसके साथ ही योजना के प्रचार-प्रसार, जागरूकता और गैप फंडिंग के लिए वित्तीय सहायता को भी मंजूरी दी गई है।

अटल पेंशन योजना की प्रमुख बातें:

शुरुआत: 9 मई 2015
उद्देश्य: असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बुढ़ापे में आय की सुरक्षा
लाभार्थी: 19 जनवरी 2026 तक 8.66 करोड़ से अधिक लोग जुड़े
पेंशन लाभ: 60 वर्ष की आयु के बाद ₹1,000 से ₹5,000 प्रति माह की गारंटीड पेंशन
सरकारी फोकस: जागरूकता और क्षमता निर्माण गतिविधियों का विस्तार
यह फैसला असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को और मजबूत करेगा।

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SIDBI में 5,000 करोड़ का निवेश, MSME सेक्टर को मिलेगा बूस्टर

रोजगार सृजन और लघु उद्योगों को गति देने के लिए सरकार ने SIDBI में 5,000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता को मंजूरी दी है। यह निवेश वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के माध्यम से तीन चरणों में किया जाएगा।

निवेश की समय-सीमा:

• 2025-26: ₹3,000 करोड़
• 2026-27: ₹1,000 करोड़
•2027-28: ₹1,000 करोड़

इस पूंजी से SIDBI सस्ते संसाधन जुटा सकेगा, जिससे MSME को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होगा।

1.12 करोड़ रोजगार सृजन की उम्मीद

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस इक्विटी निवेश से करीब 1.12 करोड़ नए रोजगार पैदा होने की संभावना है।

• MSME लाभार्थी:

  1. FY 2025 तक: 76.26 लाख
  2. FY 2028 तक अनुमानित: 1.02 करोड़

• नए MSME: करीब 25.74 लाख नए उद्यमियों को मिलेगा लाभ

इससे देश में जमीनी स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

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सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक विकास पर सरकार का दोहरा फोकस

मोदी सरकार के ये फैसले स्पष्ट करते हैं कि सरकार सामाजिक सुरक्षा और रोजगार आधारित आर्थिक विकास को समान प्राथमिकता दे रही है।जहां अटल पेंशन योजना का विस्तार कमजोर वर्ग को सुरक्षा देगा, वहीं SIDBI को मजबूत करने से MSME सेक्टर को नई ऊर्जा और देश को नए रोजगार मिलेंगे।

हिंसक झड़प, 52 वर्षीय व्यक्ति गंभीर

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।देवरिया जनपद के बरहज थाना क्षेत्र में मंगलवार की देर रात हुई मारपीट की घटना में एक अधेड़ व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और घायल को उपचार के लिए बरहज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बरहज थाना क्षेत्र के ग्राम भरहाबाबू निवासी प्रेमचंद (52 वर्ष), पुत्र फुलेसर प्रसाद, मंगलवार की देर शाम गोपवापार चिमनी के पास पहुंचे थे। उसी समय गांव के कुछ लोग वहां पहले से मौजूद थे। किसी बात को लेकर आपसी कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें प्रेमचंद को गंभीर चोटें आईं।

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स्थानीय लोगों के अनुसार मारपीट इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दहशत में आ गए। घायल अवस्था में प्रेमचंद को परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहज लेकर पहुंचे। वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर बताते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि मामूली विवाद का इस तरह हिंसक रूप लेना कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है और तहरीर मिलने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि आपसी विवादों को समय रहते सुलझाना कितना जरूरी है, ताकि इस तरह की गंभीर घटनाओं से बचा जा सके।

रेलवे स्टेशन रोड पर मिला शव, पुलिस शिनाख्त में जुटी

मालकिन होटल के पास अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।रेलवे स्टेशन रोड स्थित मालकिन होटल के समीप एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में अफरा-तफरी और सनसनी फैल गई। सुबह के समय स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे शव पड़ा देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू की।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि कड़ाके की ठंड के कारण व्यक्ति की मौत हुई हो सकती है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है।
पुलिस द्वारा मृतक की शिनाख्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास के दुकानदारों, होटल कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई है ताकि मृतक की पहचान और अंतिम बार देखे जाने की जानकारी मिल सके। इसके साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है।

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कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत प्राकृतिक है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हुई है और हर पहलू पर नजर रखी जा रही है।

सिविल लाइंस में ट्रेनी विमान क्रैश, प्रशासन ने शुरू की जांच

प्रयागराज में तालाब में गिरा ट्रेनी विमान, स्थानीय लोगों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा


प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा)।प्रयागराज के सिविल लाइंस क्षेत्र में बुधवार को एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब केपी कॉलेज के पास मेडिकल चौराहे के नजदीक प्रशिक्षण उड़ान पर निकला एक ट्रेनी विमान अचानक तालाब में गिर गया। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और विमान में सवार दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रशिक्षण उड़ान के दौरान विमान ने संतुलन खो दिया और सीधे तालाब में जा गिरा। विमान गिरते ही तेज आवाज हुई, जिसे सुनकर आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। तालाब अधिक गहरा नहीं था और उसमें फैली जलकुंभी के कारण विमान पूरी तरह डूब नहीं सका, जिससे स्थिति और गंभीर होने से बच गई।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय दो युवकों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए बिना किसी देरी के बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने तालाब में उतरकर विमान में फंसे दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी तत्परता और मानवता के कारण एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।

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घटना की सूचना मिलते ही सेना के अधिकारी और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने क्षेत्र को सुरक्षित कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर इसे तकनीकी खराबी या प्रशिक्षण के दौरान हुई चूक माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल दोनों पायलट स्वस्थ हैं और उन्हें प्राथमिक चिकित्सकीय जांच के बाद सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सक्रियता ने कई जिंदगियां बचा लीं। यह घटना एक बार फिर आपात स्थिति में नागरिक सहभागिता के महत्व को दर्शाती है।

Lucknow High Court: महिला की गिरफ्तारी पर वकीलों का हंगामा

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। लखनऊ स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब काकोरी थाने के दो दरोगा और एक सिपाही नियमों की अनदेखी करते हुए गो-तस्करी के एक मामले में आरोपी महिला को पकड़ने पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मी बिना किसी पूर्व सूचना और अनुमति के हाईकोर्ट परिसर में दाखिल हुए और महिला को वकीलों के चैंबर से हिरासत में लेने की कोशिश की।

बताया जा रहा है कि आरोपी महिला उस समय अपने अधिवक्ता के चैंबर में मौजूद थी। जैसे ही पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, मौके पर मौजूद वकीलों ने कड़ा विरोध जताया। देखते ही देखते मामला गरमा गया और हाईकोर्ट परिसर में जमकर हंगामा शुरू हो गया।

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वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने न्यायालय परिसर की गरिमा और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन किया है। अधिवक्ताओं ने कहा कि बिना कोर्ट की अनुमति किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी हाईकोर्ट परिसर के अंदर नहीं की जा सकती। घटना के बाद बड़ी संख्या में वकील एकत्र हो गए और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

हंगामे की सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है, वहीं बार एसोसिएशन ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।

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भागलपुर–पिंडी मार्ग पर बड़ा हादसा कभी भी संभव, रेवली ढाला बना जानलेवा

भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भागलपुर से पिंडी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। रेवली ढाला क्षेत्र में चल रहे रेलवे निर्माण कार्य और बदहाल सड़क व्यवस्था के चलते यह इलाका लगातार दुर्घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

रेवली ढाले के दोनों ओर सड़क किनारे गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिससे सड़क सिंगल लेन में सिमट गई है। हालात ऐसे हैं कि एक समय में केवल एक ही वाहन निकल पा रहा है। बस, ट्रक या भारी वाहन गुजरते ही बाइक और ई-रिक्शा चालकों के लिए खतरा कई गुना बढ़ जाता है। थोड़ी सी चूक वाहन को पलटने या गड्ढे में गिरने के लिए काफी है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यहां रोजाना छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मजबूर होकर कुछ ई-रिक्शा चालकों ने खुद ही गड्ढों में मिट्टी भरकर रास्ता बनाने की कोशिश की है। यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन समाधान आज तक नहीं निकल पाया।

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लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ढाले के दोनों ओर सड़क को चौड़ा किया जाए या कम से कम अस्थायी रूप से मिट्टी और मलबा डालकर सड़क को समतल किया जाए। कई लोगों ने इस समस्या के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए हैं, ताकि जिम्मेदार अधिकारी जागें और समय रहते कार्रवाई हो सके।

अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो रेवली ढाला आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।

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Iran Protests: ईरान में हिंसा पर ट्रंप की सख्त चेतावनी, बोले– हालात बिगड़े तो पूरा देश तबाह हो सकता है

ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बेहद आक्रामक बयान दिया है। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान में मौजूदा हालात ऐसे ही बने रहे, तो “पूरा देश तबाह हो सकता है।” उनके इस बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहरा गया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान से जुड़ी कोई भी बड़ी घटना होती है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा, “मैं पहले ही आगाह कर चुका हूं, अगर कुछ भी हुआ तो ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

ईरान की ओर से ‘ऑल-आउट वॉर’ यानी पूरी जंग की धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, “अगर कुछ भी हुआ, तो हम उन्हें दुनिया के नक्शे से मिटा देंगे।” यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब ट्रंप प्रशासन पहले भी ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात कर चुका है।

वहीं, ईरान ने भी अमेरिका को कड़ा जवाब दिया है। ईरानी सेना के प्रवक्ता जनरल अबोलफज़ल शेखरची ने कहा कि अगर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ कोई कदम उठाया गया, तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ हाथ नहीं काटेंगे, बल्कि उनकी पूरी दुनिया जला देंगे।”

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इस बीच ट्रंप ने एक अन्य इंटरव्यू में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें “बीमार इंसान” बताया और कहा कि उन्हें अपने देश को ठीक से चलाने पर ध्यान देना चाहिए।
ईरान में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, अब तक करीब 4,519 लोगों की मौत हो चुकी है और 26,300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये प्रदर्शन दिसंबर के अंतिम सप्ताह में बढ़ती महंगाई और ईरानी मुद्रा की गिरती कीमत के विरोध में शुरू हुए थे। हालांकि, ईरानी सरकार ने इन प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इजरायल का हाथ बताया है।

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देवरिया में मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान, पुलिस ने बढ़ाया सुरक्षा भरोसा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद देवरिया में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ाने के उद्देश्य से मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान चलाया गया। यह विशेष अभियान पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में मंगलवार को प्रातः 5 बजे से 8 बजे तक जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ संचालित किया गया।

अभियान के दौरान थाना प्रभारी एवं पुलिस अधिकारियों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों से सीधा संवाद किया। लोगों की समस्याएं सुनी गईं और उन्हें सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया गया। मित्र पुलिसिंग की भावना को आगे बढ़ाते हुए कई छोटे-मोटे विवादों का मौके पर ही समाधान किया गया, जिससे नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ।

चेकिंग अभियान के तहत संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच की गई। पुलिस ने विशेष रूप से चोरी की गाड़ियों, तीन सवारी, मॉडिफाइड साइलेंसर, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी नजर रखी। इसके साथ ही अवैध असलहा एवं मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए भी सतर्कता बरती गई।

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पूरे जनपद में कुल 19 स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें 323 व्यक्तियों और 183 वाहनों की जांच की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले 03 वाहनों का चालान किया गया। पुलिस का यह अभियान अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा की दिशा में प्रभावी कदम माना जा रहा है।

मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों ने Deoria Morning Walker Checking Abhiyan की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अभियानों से अपराधियों में डर और आमजन में सुरक्षा का एहसास बढ़ता है। पुलिस प्रशासन ने आगे भी इस तरह के अभियान नियमित रूप से चलाने की बात कही है।

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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का यूपी सरकार को कानूनी नोटिस, 24 घंटे में पत्र वापस नहीं लिया तो अवमानना की चेतावनी

प्रयागराज/लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपने अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि मेला प्रशासन द्वारा 19 जनवरी को जारी किया गया नोटिस 24 घंटे के भीतर वापस नहीं लिया गया, तो सरकार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिष्ठा और गरिमा को नुकसान का आरोप

कानूनी नोटिस में कहा गया है कि 19 जनवरी का पत्र शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिष्ठा, सम्मान, गरिमा और उनके आर्थिक स्रोतों को प्रत्यक्ष रूप से नुकसान पहुंचाने वाला है। साथ ही यह पत्र ऐसे विषय में दखल देता है, जो पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसे न्यायालय की गरिमा को चुनौती देने वाला कदम बताया गया है।

अवमानना न्यायालय अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर उक्त पत्र वापस नहीं लिया गया, तो अवमानना न्यायालय अधिनियम, 1971 और संविधान के अनुच्छेद 129 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा शंकराचार्य परंपरा और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की छवि को ठेस पहुंचाने के आरोप में भी विधिक कदम उठाए जाएंगे।

पुराने विवाद का उल्लेख

नोटिस में अन्य तीन शंकराचार्यों की ओर से उठाए गए पुराने विवाद का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि 12 अक्टूबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट में एक अंतरिम आवेदन दायर किया गया था, जिसमें यह दावा किया गया था कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पट्टाभिषेक पूर्ण नहीं हुआ है और अपीलों के निस्तारण तक किसी भी प्रकार का राज्याभिषेक या पदाभिषेक न कराया जाए।

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जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने का आरोप

नोटिस में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उस अंतरिम आवेदन के साथ गोवर्धन मठ, पुरी के शंकराचार्य की ओर से कथित रूप से एक जाली और मनगढ़ंत दस्तावेज संलग्न किया गया था। इसके माध्यम से अदालत के समक्ष यह गलत तथ्य प्रस्तुत किया गया कि उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की नियुक्ति को अस्वीकार कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और बाद की कार्रवाई

मामले की सुनवाई 14 अक्टूबर 2022 को हुई थी। उस समय स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद धार्मिक अनुष्ठानों में व्यस्त होने के कारण अपना पक्ष अदालत में प्रस्तुत नहीं कर सके। प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित किया, जिसे नोटिस में व्यावहारिक रूप से अप्रभावी बताया गया है, क्योंकि इससे पूर्व ही उनका अभिषेक संपन्न हो चुका था।

बाद में, 9 मार्च 2024 को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सुप्रीम कोर्ट में एक और आवेदन दाखिल कर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के खिलाफ परजरी (झूठी गवाही) की कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि अदालत को गलत तथ्यों के आधार पर गुमराह किया गया।

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सरकार के कदम पर टिकी निगाहें

अब सबकी नजर इस बात पर है कि उत्तर प्रदेश सरकार 24 घंटे की समय-सीमा के भीतर क्या निर्णय लेती है। यदि नोटिस वापस नहीं लिया गया, तो यह मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच सकता है और कानूनी लड़ाई के और तेज होने की संभावना है।