Friday, June 12, 2026
Home Blog Page 236

Lucknow High Court: महिला की गिरफ्तारी पर वकीलों का हंगामा

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। लखनऊ स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब काकोरी थाने के दो दरोगा और एक सिपाही नियमों की अनदेखी करते हुए गो-तस्करी के एक मामले में आरोपी महिला को पकड़ने पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मी बिना किसी पूर्व सूचना और अनुमति के हाईकोर्ट परिसर में दाखिल हुए और महिला को वकीलों के चैंबर से हिरासत में लेने की कोशिश की।

बताया जा रहा है कि आरोपी महिला उस समय अपने अधिवक्ता के चैंबर में मौजूद थी। जैसे ही पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, मौके पर मौजूद वकीलों ने कड़ा विरोध जताया। देखते ही देखते मामला गरमा गया और हाईकोर्ट परिसर में जमकर हंगामा शुरू हो गया।

ये भी पढ़ें – शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का यूपी सरकार को कानूनी नोटिस, 24 घंटे में पत्र वापस नहीं लिया तो अवमानना की चेतावनी

वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने न्यायालय परिसर की गरिमा और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन किया है। अधिवक्ताओं ने कहा कि बिना कोर्ट की अनुमति किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी हाईकोर्ट परिसर के अंदर नहीं की जा सकती। घटना के बाद बड़ी संख्या में वकील एकत्र हो गए और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

हंगामे की सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है, वहीं बार एसोसिएशन ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।

ये भी पढ़ें – Iran Protests: ईरान में हिंसा पर ट्रंप की सख्त चेतावनी, बोले– हालात बिगड़े तो पूरा देश तबाह हो सकता है

भागलपुर–पिंडी मार्ग पर बड़ा हादसा कभी भी संभव, रेवली ढाला बना जानलेवा

भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भागलपुर से पिंडी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। रेवली ढाला क्षेत्र में चल रहे रेलवे निर्माण कार्य और बदहाल सड़क व्यवस्था के चलते यह इलाका लगातार दुर्घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

रेवली ढाले के दोनों ओर सड़क किनारे गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिससे सड़क सिंगल लेन में सिमट गई है। हालात ऐसे हैं कि एक समय में केवल एक ही वाहन निकल पा रहा है। बस, ट्रक या भारी वाहन गुजरते ही बाइक और ई-रिक्शा चालकों के लिए खतरा कई गुना बढ़ जाता है। थोड़ी सी चूक वाहन को पलटने या गड्ढे में गिरने के लिए काफी है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यहां रोजाना छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मजबूर होकर कुछ ई-रिक्शा चालकों ने खुद ही गड्ढों में मिट्टी भरकर रास्ता बनाने की कोशिश की है। यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन समाधान आज तक नहीं निकल पाया।

ये भी पढ़ें – Iran Protests: ईरान में हिंसा पर ट्रंप की सख्त चेतावनी, बोले– हालात बिगड़े तो पूरा देश तबाह हो सकता है

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ढाले के दोनों ओर सड़क को चौड़ा किया जाए या कम से कम अस्थायी रूप से मिट्टी और मलबा डालकर सड़क को समतल किया जाए। कई लोगों ने इस समस्या के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए हैं, ताकि जिम्मेदार अधिकारी जागें और समय रहते कार्रवाई हो सके।

अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो रेवली ढाला आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।

ये भी पढ़ें – शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का यूपी सरकार को कानूनी नोटिस, 24 घंटे में पत्र वापस नहीं लिया तो अवमानना की चेतावनी

Iran Protests: ईरान में हिंसा पर ट्रंप की सख्त चेतावनी, बोले– हालात बिगड़े तो पूरा देश तबाह हो सकता है

ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बेहद आक्रामक बयान दिया है। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान में मौजूदा हालात ऐसे ही बने रहे, तो “पूरा देश तबाह हो सकता है।” उनके इस बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहरा गया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान से जुड़ी कोई भी बड़ी घटना होती है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा, “मैं पहले ही आगाह कर चुका हूं, अगर कुछ भी हुआ तो ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

ईरान की ओर से ‘ऑल-आउट वॉर’ यानी पूरी जंग की धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, “अगर कुछ भी हुआ, तो हम उन्हें दुनिया के नक्शे से मिटा देंगे।” यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब ट्रंप प्रशासन पहले भी ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात कर चुका है।

वहीं, ईरान ने भी अमेरिका को कड़ा जवाब दिया है। ईरानी सेना के प्रवक्ता जनरल अबोलफज़ल शेखरची ने कहा कि अगर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ कोई कदम उठाया गया, तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ हाथ नहीं काटेंगे, बल्कि उनकी पूरी दुनिया जला देंगे।”

ये भी पढ़ें – देवरिया में मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान, पुलिस ने बढ़ाया सुरक्षा भरोसा

इस बीच ट्रंप ने एक अन्य इंटरव्यू में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें “बीमार इंसान” बताया और कहा कि उन्हें अपने देश को ठीक से चलाने पर ध्यान देना चाहिए।
ईरान में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, अब तक करीब 4,519 लोगों की मौत हो चुकी है और 26,300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये प्रदर्शन दिसंबर के अंतिम सप्ताह में बढ़ती महंगाई और ईरानी मुद्रा की गिरती कीमत के विरोध में शुरू हुए थे। हालांकि, ईरानी सरकार ने इन प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इजरायल का हाथ बताया है।

ये भी पढ़ें – शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का यूपी सरकार को कानूनी नोटिस, 24 घंटे में पत्र वापस नहीं लिया तो अवमानना की चेतावनी

देवरिया में मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान, पुलिस ने बढ़ाया सुरक्षा भरोसा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद देवरिया में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ाने के उद्देश्य से मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान चलाया गया। यह विशेष अभियान पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में मंगलवार को प्रातः 5 बजे से 8 बजे तक जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ संचालित किया गया।

अभियान के दौरान थाना प्रभारी एवं पुलिस अधिकारियों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों से सीधा संवाद किया। लोगों की समस्याएं सुनी गईं और उन्हें सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया गया। मित्र पुलिसिंग की भावना को आगे बढ़ाते हुए कई छोटे-मोटे विवादों का मौके पर ही समाधान किया गया, जिससे नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ।

चेकिंग अभियान के तहत संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच की गई। पुलिस ने विशेष रूप से चोरी की गाड़ियों, तीन सवारी, मॉडिफाइड साइलेंसर, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी नजर रखी। इसके साथ ही अवैध असलहा एवं मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए भी सतर्कता बरती गई।

ये भी पढ़ें – शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का यूपी सरकार को कानूनी नोटिस, 24 घंटे में पत्र वापस नहीं लिया तो अवमानना की चेतावनी

पूरे जनपद में कुल 19 स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें 323 व्यक्तियों और 183 वाहनों की जांच की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले 03 वाहनों का चालान किया गया। पुलिस का यह अभियान अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा की दिशा में प्रभावी कदम माना जा रहा है।

मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों ने Deoria Morning Walker Checking Abhiyan की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अभियानों से अपराधियों में डर और आमजन में सुरक्षा का एहसास बढ़ता है। पुलिस प्रशासन ने आगे भी इस तरह के अभियान नियमित रूप से चलाने की बात कही है।

ये भी पढ़ें – Gwalior Child Murder Case: बेटे की हत्या करने वाली मां को उम्रकैद, अदालत का सख्त फैसला

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का यूपी सरकार को कानूनी नोटिस, 24 घंटे में पत्र वापस नहीं लिया तो अवमानना की चेतावनी

प्रयागराज/लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपने अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि मेला प्रशासन द्वारा 19 जनवरी को जारी किया गया नोटिस 24 घंटे के भीतर वापस नहीं लिया गया, तो सरकार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिष्ठा और गरिमा को नुकसान का आरोप

कानूनी नोटिस में कहा गया है कि 19 जनवरी का पत्र शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिष्ठा, सम्मान, गरिमा और उनके आर्थिक स्रोतों को प्रत्यक्ष रूप से नुकसान पहुंचाने वाला है। साथ ही यह पत्र ऐसे विषय में दखल देता है, जो पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसे न्यायालय की गरिमा को चुनौती देने वाला कदम बताया गया है।

अवमानना न्यायालय अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर उक्त पत्र वापस नहीं लिया गया, तो अवमानना न्यायालय अधिनियम, 1971 और संविधान के अनुच्छेद 129 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा शंकराचार्य परंपरा और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की छवि को ठेस पहुंचाने के आरोप में भी विधिक कदम उठाए जाएंगे।

पुराने विवाद का उल्लेख

नोटिस में अन्य तीन शंकराचार्यों की ओर से उठाए गए पुराने विवाद का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि 12 अक्टूबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट में एक अंतरिम आवेदन दायर किया गया था, जिसमें यह दावा किया गया था कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पट्टाभिषेक पूर्ण नहीं हुआ है और अपीलों के निस्तारण तक किसी भी प्रकार का राज्याभिषेक या पदाभिषेक न कराया जाए।

ये भी पढ़ें – Gwalior Child Murder Case: बेटे की हत्या करने वाली मां को उम्रकैद, अदालत का सख्त फैसला

जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने का आरोप

नोटिस में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उस अंतरिम आवेदन के साथ गोवर्धन मठ, पुरी के शंकराचार्य की ओर से कथित रूप से एक जाली और मनगढ़ंत दस्तावेज संलग्न किया गया था। इसके माध्यम से अदालत के समक्ष यह गलत तथ्य प्रस्तुत किया गया कि उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की नियुक्ति को अस्वीकार कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और बाद की कार्रवाई

मामले की सुनवाई 14 अक्टूबर 2022 को हुई थी। उस समय स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद धार्मिक अनुष्ठानों में व्यस्त होने के कारण अपना पक्ष अदालत में प्रस्तुत नहीं कर सके। प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित किया, जिसे नोटिस में व्यावहारिक रूप से अप्रभावी बताया गया है, क्योंकि इससे पूर्व ही उनका अभिषेक संपन्न हो चुका था।

बाद में, 9 मार्च 2024 को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सुप्रीम कोर्ट में एक और आवेदन दाखिल कर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के खिलाफ परजरी (झूठी गवाही) की कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि अदालत को गलत तथ्यों के आधार पर गुमराह किया गया।

ये भी पढ़ें – NIRF 2026 की तैयारी में गोरखपुर विश्वविद्यालय ने कसी कमर, शोध-शिक्षण से सुशासन तक व्यापक फोकस

सरकार के कदम पर टिकी निगाहें

अब सबकी नजर इस बात पर है कि उत्तर प्रदेश सरकार 24 घंटे की समय-सीमा के भीतर क्या निर्णय लेती है। यदि नोटिस वापस नहीं लिया गया, तो यह मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच सकता है और कानूनी लड़ाई के और तेज होने की संभावना है।

Gwalior Child Murder Case: बेटे की हत्या करने वाली मां को उम्रकैद, अदालत का सख्त फैसला

ग्वालियर/मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अप्रैल 2023 में सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना में अदालत ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। अपने ही 5 साल के बेटे की हत्या के मामले में दोषी पाई गई महिला ज्योति राठौर को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले ने पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाले इस मामले पर न्याय की मुहर लगा दी है।

विवाहेतर संबंध बना हत्या की वजह

जांच में सामने आया कि ज्योति राठौर के अपने पड़ोसी उदय इंदौलिया के साथ विवाहेतर संबंध थे। ज्योति का 5 वर्षीय बेटा जतिन एक दिन अपनी मां को पड़ोसी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख बैठा। बच्चा डर गया और उसने यह बात अपने पिता को बताने की बात कही। इसी डर में कि उसका राज खुल जाएगा, ज्योति ने एक खौफनाक कदम उठा लिया।

दूसरी मंजिल से धक्का देकर की हत्या

पुलिस के अनुसार, 28 अप्रैल 2023 को ज्योति अपने बेटे जतिन को घर की दूसरी मंजिल पर ले गई और वहां से उसे नीचे धक्का दे दिया। गंभीर रूप से घायल बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 24 घंटे के भीतर उसकी मौत हो गई। शुरुआत में ज्योति ने इसे दुर्घटना बताने की कोशिश की, जिससे मामला संदिग्ध बना रहा।

ये भी पढ़ें – बेसिक शिक्षकों की समस्याओं पर प्राथमिक शिक्षक संघ का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी

पिता ने जुटाए सबूत

मृतक के पिता ध्यान सिंह राठौर, जो पेशे से पुलिस कांस्टेबल हैं, को शुरू से ही घटना पर शक था। उन्होंने पत्नी और पड़ोसी के बीच हुई बातचीत के ऑडियो-वीडियो सबूत एकत्र किए। साथ ही घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जुटाई। करीब 15 दिन बाद ज्योति ने पति के सामने अपना अपराध कबूल कर लिया, जिसके बाद ध्यान सिंह सभी सबूतों के साथ पुलिस के पास पहुंचे।

कोर्ट का फैसला

अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर ज्योति राठौर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, मामले में नामजद पड़ोसी उदय इंदौलिया के खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण अदालत ने उसे रिहा कर दिया।

समाज को झकझोरने वाला मामला

यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि तनाव, संदेह और गलत रिश्ते किस तरह एक मासूम की जान ले सकते हैं और पूरे परिवार को तबाह कर सकते हैं। पुलिस जांच और अदालत के फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।

ये भी पढ़ें – Russia Sanctions Bill: रूसी तेल पर 500% टैरिफ की ट्रंप तैयारी

NIRF 2026 की तैयारी में गोरखपुर विश्वविद्यालय ने कसी कमर, शोध-शिक्षण से सुशासन तक व्यापक फोकस

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयूजीयू) ने राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2026 के लिए सुनियोजित, समन्वित और बहुआयामी तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह पूरी प्रक्रिया उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध उत्कृष्टता, समावेशी शिक्षा, सुशासन और संस्थागत पारदर्शिता को और अधिक मजबूत करना है।

गोरखपुर विश्वविद्यालय ने NIRF 2026 के अंतर्गत ओवरऑल, यूनिवर्सिटी, स्टेट यूनिवर्सिटी, मैनेजमेंट, लॉ और सतत विकास लक्ष्य (SDG) श्रेणियों में आवेदन किया है। उल्लेखनीय है कि NIRF 2025 में विश्वविद्यालय ने यूनिवर्सिटी श्रेणी में 151–200 और स्टेट यूनिवर्सिटी श्रेणी में 51–100 बैंड में स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई थी।

शिक्षण-अधिगम और संसाधनों पर विशेष जोर

कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में विश्वविद्यालय NIRF के सभी प्रमुख मानकों पर निरंतर सुधारात्मक कदम उठा रहा है। Teaching, Learning and Resources के तहत फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियां, प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण, पुस्तकालय सुदृढ़ीकरण और डिजिटल शिक्षण अवसंरचना का विस्तार किया जा रहा है।

शोध एवं नवाचार में उल्लेखनीय प्रगति

Research and Professional Practice के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के शोध प्रकाशनों में निरंतर वृद्धि हुई है। Scopus और Web of Science में सूचीबद्ध जर्नलों में प्रकाशन, पेटेंट और कॉपीराइट आवेदन बढ़े हैं। ISRO, SERB, UPCST, ICMR, ICSSR और उच्च शिक्षा विभाग जैसी प्रतिष्ठित एजेंसियों से महत्वपूर्ण शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं।
शैक्षणिक सत्र 2024-25 में पीएचडी उपाधियों की संख्या में 35% की वृद्धि दर्ज की गई है।

ये भी पढ़ें – ताली एक हाथ से नहीं बजती

PM-उषा के तहत 100 करोड़ का विकास कार्य

प्रधानमंत्री उच्च शिक्षा अभियान (PM-USHA) के तहत मिले 100 करोड़ रुपये से आंतरिक सड़कों, भवन नवीनीकरण, सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन सेंटर और सेंट्रल इवैल्यूएशन बिल्डिंग का निर्माण प्रगति पर है।

छात्र परिणाम, समावेशन और वैश्विक पहचान

ग्रेजुएशन आउटकम्स बेहतर करने के लिए मेंटरिंग, करियर गाइडेंस, प्लेसमेंट सपोर्ट और इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग मजबूत किया गया है।
देश के 15 से अधिक राज्यों और कई देशों से छात्रों का नामांकन विश्वविद्यालय की बढ़ती राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है।

एलुमनी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

नेपाल, मलेशिया, वियतनाम, कनाडा और अमेरिका की संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन किए गए हैं। डायमंड जुबिली वर्ष में विशिष्ट एलुमनी को सम्मानित किया गया।

कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा,
“NIRF 2026 की तैयारी केवल रैंकिंग का प्रयास नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध नवाचार और समावेशी शिक्षा का अग्रणी केंद्र बनाने की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है।”

ये भी पढ़ें – स्वर्गीय कल्पनाथ सिंह की पुण्यतिथि पर सेवा और श्रद्धा, मंदिर व दरगाह परिसर में हुआ प्रसाद वितरण

ताली एक हाथ से नहीं बजती

— डॉ. कर्नल
आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

परस्पर आदर–सम्मान का व्यवहार,
प्रेम और सद्भाव का है आधार।
यह शाश्वत सत्य जग ने माना,
ताली न बजे, जब तक हों न दो प्राण।

जो ज्येष्ठ, श्रेष्ठ, पूज्य जनों की
उपस्थिति में करता है उपेक्षा,
वह कृतघ्नता के दर्पण में
अपना ही चरित्र दिखाता है स्पष्टता से।

जो सादर सम्मान अर्पित करे,
उसकी अवहेलना जो करता जाए,
वह मानव नहीं, कृतघ्न कहलाए,
अपने आचरण से स्वयं को नचाए।

ऐसे व्यक्ति अहंकार के नशे में,
विवेक को तज, उन्माद में जीते,
विषय-वासनाओं में लिप्त रहकर
पशुवत् आचरण को ही अपनाते।

ज्ञानहीनता, विवेकहीनता संग
संस्कारहीनता जब मन में बस जाए,
तो जीवन के हर पथ पर
अंधकार स्थायी रूप से छा जाए।

स्वर्गीय कल्पनाथ सिंह की पुण्यतिथि पर सेवा और श्रद्धा, मंदिर व दरगाह परिसर में हुआ प्रसाद वितरण

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय स्थित विष्णु मंदिर–काली मंदिर, गोलघर एवं हज़रत अली नक्की शाह उर्फ़ नक्को बाबा (रह.) परिसर में समाजसेवी स्वर्गीय कल्पनाथ सिंह की 23वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सेवा भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर दिवंगत आत्मा की स्मृति में प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं एवं समाजसेवियों ने सहभागिता की।

स्वर्गीय कल्पनाथ सिंह अपने जीवनकाल में सादगी, अनुशासन और मानव सेवा के लिए जाने जाते थे। वे समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि मानते थे। उनके द्वारा स्थापित संस्कार और विचार आज भी परिवार और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।

सेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय कल्पनाथ सिंह का संपूर्ण जीवन समाज सेवा के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण रहा है। उनके द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत “नर सेवा ही नारायण सेवा” आज के सामाजिक परिवेश में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। इसी भावना के साथ यह सेवा एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम संपन्न किया गया।

ये भी पढ़ें – Ambedkar Nagar Murder: अवैध संबंध के शक में पति ने पत्नी की गला रेतकर हत्या, सास-ससुर भी गिरफ्तार

परिवार ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी

कार्यक्रम आयोजक एवं स्वर्गीय कल्पनाथ सिंह के पौत्र जय वर्धन सिंह ने बताया कि पूज्य दादाजी की पुण्य स्मृति में प्रत्येक वर्ष सेवा कार्यों का आयोजन किया जाता है, ताकि समाज में आपसी सौहार्द, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूती मिल सके।

शांति प्रार्थना के साथ समापन

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके दिखाए हुए सेवा, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

Ambedkar Nagar Murder: अवैध संबंध के शक में पति ने पत्नी की गला रेतकर हत्या, सास-ससुर भी गिरफ्तार

अंबेडकर नगर/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां अवैध संबंधों के शक में पति ने अपनी पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी पति समेत सास-ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

यह मामला अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र की गांधी आश्रम कॉलोनी का है। यहां रहने वाले उमाशंकर सिंह अपनी पत्नी सोनी सिंह, दो बच्चों और माता-पिता के साथ किराए के मकान में रहता था। सोनी सिंह एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका थीं। दोनों की शादी वर्ष 2012 में हुई थी।

अवैध संबंध के शक में अक्सर होता था विवाद

परिजनों के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद से ही पति-पत्नी के बीच शक को लेकर विवाद शुरू हो गया था। इसे लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। कई बार मामला थाने तक भी पहुंचा, लेकिन समझौते के बाद दोनों को घर भेज दिया गया।

सोमवार दोपहर सोनी सिंह का शव किचन में खून से लथपथ हालत में मिला। उनकी गला रेतकर हत्या की गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

ये भी पढ़ें – अवैध खनन पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक जेसीबी जब्त

मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सोनी सिंह के चाचा ने पति उमाशंकर सिंह के साथ-साथ सास और ससुर पर भी हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने अकबरपुर कोतवाली में तहरीर देकर कहा कि तीनों ने मिलकर सोनी की हत्या की है।

पुलिस कार्रवाई

पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार को धोकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया था। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

ये भी पढ़ें – India-Pakistan War Claim: ट्रंप बोले– मैंने भारत-पाक युद्ध रोका, भारत ने फिर किया खारिज

अवैध खनन पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक जेसीबी जब्त

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। ठूठीबारी थाना क्षेत्र में अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक जेसीबी मशीन जब्त की है। यह कार्रवाई मंगलवार 20 जनवरी को चंदन नदी के किनारे की गई, जहां लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं।

थानाध्यक्ष नवनीत नागर के नेतृत्व में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने भरवलिया गांव के समीप मरचहवां बंधा के पास छापेमारी की। मौके पर नदी से अवैध तरीके से बालू खनन किया जा रहा था। पुलिस टीम को देखते ही खनन में शामिल लोग फरार हो गए, जबकि मौके से भारी मशीनरी बरामद कर ली गई।

जब्त वाहनों का विवरण

पुलिस ने मौके से एक जेसीबी मशीन (नंबर: UP 56 FT 3427)
5 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कीं जब्त ट्रैक्टरों में से तीन के पंजीकरण नंबर
UP 56 AD 8719, UP 56 AE 4047, UP 56 AK 2718
हैं, जबकि दो ट्रैक्टर बिना नंबर प्लेट के पाए गए।

ये भी पढ़ें – India-Pakistan War Claim: ट्रंप बोले– मैंने भारत-पाक युद्ध रोका, भारत ने फिर किया खारिज

विधिक कार्रवाई जारी

हल्का लेखपाल देवेंद्र पटेल की लिखित तहरीर और सुपुर्दगीनामा के आधार पर सभी जब्त वाहनों को थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। मामले में संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

अवैध खनन पर सख्त संदेश

इस कार्रवाई में उप-निरीक्षक प्रणव कुमार ओझा, बृजेश पांडेय सहित पुलिस टीम शामिल रही।
थानाध्यक्ष नवनीत नागर ने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

ये भी पढ़ें – Border 2 Advance Booking: रिलीज से पहले बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की फिल्म का तूफान, 48 घंटे में रिकॉर्ड प्री-सेल

India-Pakistan War Claim: ट्रंप बोले– मैंने भारत-पाक युद्ध रोका, भारत ने फिर किया खारिज

वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को टाल दिया था। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उस समय दोनों देश गंभीर सैन्य टकराव की स्थिति में थे और हालात परमाणु युद्ध तक पहुंच सकते थे।

यह बयान ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ के मौके पर दिया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है।

‘8 विमान गिरे, हालात बेकाबू थे’ – ट्रंप का दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बीते 10 महीनों में उन्होंने 8 ऐसे युद्ध खत्म कराए, जो रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
भारत-पाकिस्तान तनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि उस दौरान 8 विमान गिराए गए और उनके आकलन में दोनों देश परमाणु टकराव के बेहद करीब पहुंच चुके थे।

ट्रंप के अनुसार,
“पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने निजी तौर पर मुझसे कहा कि मेरी पहल से लाखों लोगों की जान बची।”

नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर ट्रंप का बयान

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कई बड़े युद्ध रुकवाए हैं, इसलिए वे नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं।
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से नोबेल पुरस्कार को लेकर अपनी दावेदारी पेश की हो, हालांकि अब तक उन्हें यह सम्मान नहीं मिला है।

ये भी पढ़ें – Russia Sanctions Bill: रूसी तेल पर 500% टैरिफ की ट्रंप तैयारी

भारत ने फिर खारिज किए ट्रंप के दावे

भारत सरकार ने ट्रंप के इस दावे को साफ तौर पर खारिज कर दिया है।
भारत का कहना है कि भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम किसी भी बाहरी मध्यस्थता का परिणाम नहीं था।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक,

• पहलगाम आतंकी हमले के बाद
•भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत
• पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की

इसके बाद 10 मई 2025 को पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क कर संघर्षविराम का अनुरोध किया, जिसे दोनों देशों ने आपसी सहमति से लागू किया।

द्विपक्षीय मामलों में बाहरी दखल से इनकार

भारत ने दोहराया है कि

• उसके आंतरिक और द्विपक्षीय मामलों में

• किसी तीसरे देश की मध्यस्थता की कोई भूमिका नहीं रही है

भारत का रुख स्पष्ट है कि भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत और फैसले केवल दोनों देशों के बीच ही होते हैं।

ये भी पढ़ें – Border 2 Advance Booking: रिलीज से पहले बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की फिल्म का तूफान, 48 घंटे में रिकॉर्ड प्री-सेल

चेकिंग अभियान में बड़ी सफलता, गोतस्करों की साजिश नाकाम, 8 गोवंशीय पशु बरामद

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में गोतस्करी एवं गोवध की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस की सतर्कता से गोवध के लिए क्रूरता पूर्वक ले जाए जा रहे गोवंशीय पशुओं को बरामद कर तस्करों की साजिश नाकाम कर दी गई, हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर मौके से फरार हो गए।
पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना के निर्देशन में,अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी नौतनवां अंकुर गौतम के पर्यवेक्षण में थाना बरगदवां प्रभारी शैलेन्द्र शुक्ला के नेतृत्व में सोमवार को लगभग गौ-तस्करी की रोकथाम के लिए चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान ठूठीबारी थाना क्षेत्र के पड़िया ताल मंदिर के पास पुलिस टीम मौजूद थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि सफेद रंग की एक पिकअप वाहन में गोवंशीय पशुओं को गोवध के उद्देश्य से गड़ौरा बाजार ठूठीबारी से सीहाभार होते हुए खैरहवा जंगल टोला की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर तत्परता दिखाते हुए पुलिस टीम ने खैराटी चौराहे के पास घेराबंदी की। कुछ देर बाद सीहाभार की ओर से आती संदिग्ध पिकअप को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस को देखकर चालक वाहन को तेज गति से बेलहिया की ओर भगाने लगा।
पुलिस द्वारा पीछा करने पर ग्राम सेमरहना के पास चकरोड मार्ग पर पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, जिसमें कोई अभियुक्त नहीं मिला, लेकिन वाहन के पीछे बने ढाले में कुल 8 गोवंशीय पशु अत्यंत क्रूरता से बंधे पाए गए।
सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्साधिकारी द्वारा परीक्षण के उपरांत 3 गाय एवं 1 बछड़े को मृत घोषित किया गया, जबकि शेष 1 गाय और 3 बछड़े जीवित एवं स्वस्थ्य पाए गए। मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कराया गया।
इस संबंध में थाना बरगदवां मु.अ.सं. 06/2026 के तहत उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5A/8 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 में मुकदमा पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस ने पिकअप वाहन संख्या UP57 BT 3844 को भी कब्जे में ले लिया है।
जनपद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गोतस्करी और पशु क्रूरता के विरुद्ध अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ लगातार जारी रहेगा।

Border 2 Advance Booking: रिलीज से पहले बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की फिल्म का तूफान, 48 घंटे में रिकॉर्ड प्री-सेल

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)। सनी देओल स्टारर बहुप्रतीक्षित देशभक्ति ड्रामा फिल्म ‘बॉर्डर 2’ इस शुक्रवार 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। रिलीज से पहले ही फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत के संकेत दे दिए हैं। सोमवार से शुरू हुई फिल्म की एडवांस बुकिंग ने महज 48 घंटों में रिकॉर्ड तोड़ प्री-सेल दर्ज कर ली है।

इतना ही नहीं, ‘बॉर्डर 2’ ने सनी देओल की पिछली हिट फिल्म ‘जाट’ की कुल एडवांस बुकिंग को भी पीछे छोड़ दिया है। साथ ही इसने हालिया हिट फिल्म ‘धुरंधर’ और पैन-इंडिया एक्शन फिल्म ‘वॉर 2’ के एडवांस बुकिंग आंकड़ों को भी पार कर लिया है।


Border 2 Advance Booking Collection अब तक कितनी?

भारत में सोमवार सुबह ‘बॉर्डर 2’ की एडवांस बुकिंग शुरू हुई थी। फिल्म को लेकर जबरदस्त बज बना हुआ है, जिसके चलते पहले दिन का शो देखने के लिए दर्शकों में जबरदस्त होड़ मची हुई है।

Sacnilk के आंकड़ों के अनुसार:

• हिंदी 2D फॉर्मेट में अब तक 1,02,750 टिकटों की बिक्री

• बिना ब्लॉक सीटों के एडवांस बुकिंग कलेक्शन: ₹3.29 करोड़

• ब्लॉक सीटों के साथ कुल प्री-सेल कमाई: ₹6.53 करोड़

रिलीज से पहले ही करोड़ों की कमाई कर लेना फिल्म की जबरदस्त ओपनिंग का संकेत माना जा रहा है।

इन फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ चुकी है ‘बॉर्डर 2’

रिलीज से दो दिन पहले ही ‘बॉर्डर 2’ की पहले दिन की एडवांस बुकिंग कमाई ने सनी देओल की फिल्म ‘जाट’ को पीछे छोड़ दिया है।

• ‘जाट’ की एडवांस बुकिंग: ₹2.4 करोड़

• ‘जाट’ का ओपनिंग डे कलेक्शन: ₹9 करोड़

हालांकि, एडवांस बुकिंग के मामले में यह अभी भी ‘गदर 2’ से पीछे है, जिसने रिलीज से पहले ₹17.60 करोड़ का कलेक्शन किया था।
फिर भी ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि आज और कल की प्री-सेल में और उछाल आ सकता है, जिससे ‘बॉर्डर 2’ बमफाड़ ओपनिंग कर सकती है।

ये भी पढ़ें – Russia Sanctions Bill: रूसी तेल पर 500% टैरिफ की ट्रंप तैयारी

Border 2 के बारे में सब कुछ

‘बॉर्डर 2’ जेपी दत्ता की 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉर्डर’ की सीक्वल है।

निर्देशक: अनुराग सिंह

मुख्य कलाकार: सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी

निर्माता: भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जे.पी. दत्ता, निधि दत्ता

रिलीज डेट: 23 जनवरी (गणतंत्र दिवस से पहले

जमीन रजिस्ट्री के दबाव में अपहरण और पुलिस उत्पीड़न का आरोप

राजेंद्र यादव ने प्रेस वार्ता में लगाए गंभीर आरोप

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जंगल सिकरी थाना खोराबार निवासी राजेंद्र यादव ने पुलिस और एक स्थानीय व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए। राजेंद्र यादव ने बताया कि 17 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजकर 45 मिनट पर खोराबार थाने की गाड़ी से आए पुलिसकर्मियों ने उन्हें घर के बाहर से अपहरण के तरीके से उठा लिया और बेलवार चौकी ले जाकर बंधक बनाकर रखा।
राजेंद्र यादव के अनुसार, उन्हें बिना किसी लिखित सूचना या कारण बताए चौकी पर रखा गया। लगभग शाम 4 बजे थानाध्यक्ष इत्यानंद (खोराबार) वहां पहुंचे और उन पर दबाव बनाने लगे कि वे जंगल सिकरी केसरवानी पेट्रोल पंप के पास स्थित 32 डिसमिल जमीन को होशिला सिंह के नाम रजिस्ट्री कर दें। उन्होंने आरोप लगाया कि यह दबाव लगातार तीन दिनों तक बनाया जाता रहा।
राजेंद्र यादव ने बताया कि 18 जनवरी 2026 को होशिला सिंह स्वयं भी चौकी पर पहुंचे और खुलेआम धमकी दी कि यदि जमीन की रजिस्ट्री नहीं की गई तो पुलिस उनके साथ वही करेगी, जैसा वे चाहेंगे। राजेंद्र के अनुसार, उनसे कहा गया कि जब तक जमीन की रजिस्ट्री नहीं होगी, तब तक पुलिस उन्हें अपने कब्जे में रखेगी।
प्रेस वार्ता में राजेंद्र यादव ने एक बेहद संवेदनशील आरोप लगाते हुए कहा कि नवंबर 2025 में उनके बड़े भाई राजनाथ यादव ने आत्महत्या कर ली थी, और यह कदम उन्होंने होशिला सिंह के कथित दबाव में उठाया था। राजेंद्र ने दावा किया कि चौकी पर उनसे कहा गया कि जैसे उनके भाई को मजबूर किया गया, वैसे ही उन्हें भी किया जा सकता है।
राजेंद्र यादव ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों द्वारा यह कहा गया कि प्रदेश में एनकाउंटर अभियान चल रहा है और जरूरत पड़ी तो उनका भी एनकाउंटर कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि जमीन दिलवाने के लिए पुलिस द्वारा अपहरण कर बंधक बनाए रखने जैसी कार्रवाई की गई, जो कानून के खिलाफ है।
उन्होंने बताया कि जब परिजन राजेंद्र को खोजते हुए थानों में पहुंचे तो थानेदार ने यह कहकर इंकार कर दिया कि राजेंद्र को पुलिस नहीं लाई है। परिजन तीन दिनों तक शहरी क्षेत्र में अलग-अलग जगह भटकते रहे, लेकिन कोई जानकारी नहीं दी गई।
राजेंद्र यादव के अनुसार, जब यह मामला एडीजी जोन मुथा अशोक जैन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर के संज्ञान में आया, तब तीन दिन बाद उन्हें खोराबार थाने से छोड़ा गया और परिजनों को सुपुर्द किया गया। इस पर उन्होंने दोनों अधिकारियों का धन्यवाद भी किया।
प्रेस वार्ता में राजेंद्र यादव ने सवाल उठाया कि
क्या थानाध्यक्ष ने उन्हें बिना किसी केस के तीन दिनों तक हिरासत में रखा?
क्या इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई थी या नहीं?
क्या पुलिस किसी निजी व्यक्ति के दबाव में आकर जमीन रजिस्ट्री कराने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर सकती है?
राजेंद्र यादव ने यह आशंका भी जताई कि 32 डिसमिल पुस्तैनी जमीन को लेकर होशिला सिंह से उन्हें जान का खतरा बना हुआ है और कभी भी उनकी हत्या कराई जा सकती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रेस वार्ता के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।