Friday, June 12, 2026
Home Blog Page 234

औरैया में अपराध नियंत्रण को लेकर बड़ा फैसला

औरैया | (राष्ट्र की परम्परा) जनपद औरैया में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए तीन शातिर अपराधियों को छह माह के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई से जिले में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिला बदर किए गए अपराधियों में नागेन्द्र सिंह उर्फ पिंकू पुत्र शिवपाल निवासी सिंकू थाना सहायल, रोहित पुत्र राजू कंजड़ निवासी गिहार बस्ती नारायणपुर थाना कोतवाली औरैया तथा संदीप कुमार पुत्र स्व. कमलेश कुमार निवासी पुरानी दिबियापुर थाना दिबियापुर शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार इन तीनों के विरुद्ध विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं के तहत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और इनकी गतिविधियां सार्वजनिक शांति के लिए खतरा बनी हुई थीं।

ये भी पढ़ें – आबकारी विभाग की छापेमारी में दो शराब विक्रेता जेल भेजे गए

जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया है कि निष्कासन अवधि के दौरान इन अपराधियों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा यह भी पुख्ता व्यवस्था की जाए कि वे छह माह तक जनपद औरैया की सीमा में प्रवेश न कर सकें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

विश्व और भारत को अलविदा कहने वाले महान व्यक्तित्वों के महत्वपूर्ण निधन

22 जनवरी का इतिहास: विश्व और भारत को अलविदा कहने वाले महान व्यक्तित्वों के महत्वपूर्ण निधन


22 जनवरी इतिहास में कई ऐसे महान व्यक्तित्वों के निधन का साक्षी है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। संगीत, सिनेमा, सैन्य सेवा और शासन के क्षेत्र में योगदान देने वाले इन व्यक्तियों का प्रभाव आज भी समाज और इतिहास में जीवित है। आइए 22 जनवरी को हुए प्रमुख निधन और उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हैं।

ये भी पढ़ें – टीकाकरण में शिथिलता बर्दास्त नहीं – जिलाधिकारी

2021 – नरेंद्र चंचल (भारत, दिल्ली)
नरेंद्र चंचल भारत के प्रसिद्ध भजन और भक्ति संगीत गायक थे। उनका जन्म पंजाब में हुआ था, लेकिन कर्मभूमि दिल्ली रही। वे विशेष रूप से देवी भजनों के लिए जाने जाते थे और “दरबार में हाजिर” जैसे भजनों से उन्हें अपार लोकप्रियता मिली। नवरात्रि और धार्मिक आयोजनों में उनकी आवाज़ श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनती थी। उन्होंने भक्ति संगीत को जन-जन तक पहुँचाया और युवा पीढ़ी को भी धार्मिक संगीत से जोड़ा। 22 जनवरी 2021 को दिल्ली में उनका निधन हुआ। उनका योगदान भारतीय भक्ति संगीत को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण रहा।

ये भी पढ़ें – आबकारी विभाग की छापेमारी में दो शराब विक्रेता जेल भेजे गए

2014 – ए. नागेश्वर राव (भारत, आंध्र प्रदेश)
अक्किनेनी नागेश्वर राव तेलुगु सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और फ़िल्म निर्माता थे। उनका जन्म आंध्र प्रदेश में हुआ और उन्होंने लगभग सात दशकों तक सिनेमा में सक्रिय योगदान दिया। वे रोमांटिक, सामाजिक और पौराणिक भूमिकाओं के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध थे। उन्होंने तेलुगु फ़िल्म उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। अन्नपूर्णा स्टूडियो की स्थापना कर उन्होंने नई प्रतिभाओं को मंच दिया। 22 जनवरी 2014 को हैदराबाद में उनका निधन हुआ। भारतीय सिनेमा में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
2010 – कोमोडोर बबरूभान यादव (भारत, उत्तर प्रदेश)
कोमोडोर बबरूभान यादव भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी थे। उनका जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ और उन्होंने देश सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाया। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में उन्होंने अदम्य साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। नौसेना में उनकी नेतृत्व क्षमता और अनुशासन की मिसाल दी जाती थी। सेवा काल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान दिया और युवा अधिकारियों के लिए प्रेरणा बने। 22 जनवरी 2010 को उनका निधन हुआ। भारतीय नौसेना और देश की रक्षा में उनका योगदान गौरवपूर्ण इतिहास का हिस्सा है।

ये भी पढ़ें – झारखंड से लापता कन्हैया कुमार की खोज में यूपी के सभी जिले अलर्ट

1901 – महारानी विक्टोरिया (यूनाइटेड किंगडम)
महारानी विक्टोरिया ब्रिटेन की सबसे प्रभावशाली शासकों में से एक थीं। उनका शासनकाल 1837 से 1901 तक रहा, जिसे “विक्टोरियन युग” कहा जाता है। इसी काल में ब्रिटिश साम्राज्य का विस्तार एशिया, अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों तक हुआ। भारत में वे “भारत की महारानी” भी रहीं और ब्रिटिश शासन का प्रशासनिक ढांचा मजबूत हुआ। औद्योगिक क्रांति, रेलवे विस्तार और वैश्विक व्यापार में वृद्धि उनके समय की प्रमुख विशेषताएँ थीं। 22 जनवरी 1901 को उनका निधन हुआ। उनका शासन विश्व इतिहास में निर्णायक मोड़ माना जाता है।
1666 – शाहजहाँ (भारत, मुग़ल साम्राज्य)
शाहजहाँ मुग़ल साम्राज्य के पाँचवें सम्राट थे और उनका शासनकाल स्थापत्य कला के स्वर्णयुग के रूप में जाना जाता है। उनका जन्म लाहौर में हुआ और शासन की राजधानी आगरा व दिल्ली रही। उन्होंने ताजमहल, लाल क़िला और जामा मस्जिद जैसे अद्भुत स्थापत्य धरोहरों का निर्माण कराया। उनके शासन में कला, संस्कृति और वास्तुकला को विशेष संरक्षण मिला। हालांकि जीवन के अंतिम वर्षों में उन्हें कैद का सामना करना पड़ा। 22 जनवरी 1666 को आगरा में उनका निधन हुआ। भारतीय इतिहास में उनका नाम स्थापत्य वैभव का प्रतीक है।

22 जनवरी: इतिहास रचने वाले व्यक्तित्वों का जन्मदिन

22 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: कला, राजनीति और इतिहास में अमिट छाप


22 जनवरी भारतीय और विश्व इतिहास में एक विशेष तिथि है। इस दिन जन्मे व्यक्तित्वों ने कला, संस्कृति, राजनीति, स्वतंत्रता संग्राम और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। नीचे 22 जनवरी को जन्मे प्रमुख व्यक्तित्वों का जन्म-इतिहास सरल, तथ्यात्मक और पाठक-हितैषी शैली में प्रस्तुत है।
तरुण राम फुकन (जन्म: 22 जनवरी 1977)
तरुण राम फुकन असम के एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने युवाओं, शिक्षा और सामाजिक समानता के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया। वे जमीनी स्तर पर लोगों को जोड़ने, सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज़ उठाने और जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। असम के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उनके प्रयासों ने सामाजिक सुधार को गति दी। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और युवा सशक्तिकरण जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया। समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक प्रेरक व्यक्तित्व बनाती है।

ये भी पढ़ें –हिंसक झड़प, 52 वर्षीय व्यक्ति गंभीर

टी. एम. कृष्णा (जन्म: 22 जनवरी 1976)
टी. एम. कृष्णा कर्नाटक संगीत के विश्वविख्यात गायक हैं। उन्होंने पारंपरिक संगीत को नई सामाजिक चेतना से जोड़ा और संगीत को जन-सरोकारों से जोड़ने का साहसिक प्रयास किया। वे मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित हैं। टी. एम. कृष्णा न केवल एक कलाकार हैं, बल्कि सामाजिक समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और समावेशी संस्कृति के प्रबल समर्थक भी हैं। उनकी गायकी, लेखन और वैचारिक हस्तक्षेप ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को नया दृष्टिकोण दिया।

ये भी पढ़ें – मोदी कैबिनेट के बड़े आर्थिक फैसले: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी, MSME को मिलेगी 5,000 करोड़ की मदद

नम्रता शिरोडकर (जन्म: 22 जनवरी 1972)
नम्रता शिरोडकर भारतीय सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री और पूर्व मिस इंडिया हैं। उन्होंने हिंदी और दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपने अभिनय से पहचान बनाई। सौम्य व्यक्तित्व और सशक्त अभिनय उनकी विशेषता रही। अभिनय करियर के बाद उन्होंने पारिवारिक जीवन को प्राथमिकता दी और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहीं। नम्रता शिरोडकर आज भी भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित नामों में गिनी जाती हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।
केसिनेनी श्रीनिवास (जन्म: 22 जनवरी 1966)
केसिनेनी श्रीनिवास भारत की सत्रहवीं लोकसभा के सांसद रहे हैं। वे आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता के रूप में उभरे। जन-सरोकारों, बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों पर उनका विशेष फोकस रहा। संसद में उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों को मजबूती से उठाया। राजनीति के साथ-साथ वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे, जिससे जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ बनी।
माणिक सरकार (जन्म: 22 जनवरी 1949)
माणिक सरकार त्रिपुरा के 9वें मुख्यमंत्री रहे और अपनी सादगी व ईमानदार राजनीति के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने लंबे समय तक त्रिपुरा का नेतृत्व किया और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन की मिसाल पेश की। सीमित संसाधनों में भी उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया। उनका जीवन भारतीय राजनीति में नैतिक मूल्यों और जनसेवा का प्रतीक माना जाता है।

ये भी पढ़ें – डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय और पैसिफ इंस्टीट्यूट के बीच एमओयू

विजय आनन्द (जन्म: 22 जनवरी 1934)
विजय आनन्द हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक और लेखक थे। उन्होंने भारतीय सिनेमा को नई तकनीक और सशक्त कहानी-शैली दी। उनकी फिल्में आज भी क्लासिक मानी जाती हैं। निर्देशन के साथ-साथ उन्होंने पटकथा लेखन में भी योगदान दिया। विजय आनन्द ने सिनेमा को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि विचार और कला का माध्यम बनाया।
यू. थांट (जन्म: 22 जनवरी 1909)
यू. थांट बर्मा के महान राजनयिक और संयुक्त राष्ट्र के तीसरे महासचिव थे। उन्होंने विश्व शांति, परमाणु निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दिया। उनके कार्यकाल में कई वैश्विक संकटों का शांतिपूर्ण समाधान खोजने का प्रयास किया गया। यू. थांट को एक शांत, संतुलित और सिद्धांतनिष्ठ वैश्विक नेता के रूप में याद किया जाता है।
जयंतीलाल छोटेलाल शाह (जन्म: 22 जनवरी 1906)
जयंतीलाल छोटेलाल शाह भारत के 12वें मुख्य न्यायाधीश थे। उन्होंने भारतीय न्यायपालिका की गरिमा और स्वतंत्रता को मजबूत किया। कानून के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। न्यायिक सुधारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। वे भारतीय न्याय व्यवस्था के एक सशक्त स्तंभ थे।

ये भी पढ़ें – आबकारी विभाग की छापेमारी में दो शराब विक्रेता जेल भेजे गए

ठाकुर रोशन सिंह (जन्म: 22 जनवरी 1892)
ठाकुर रोशन सिंह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के साहसी क्रांतिकारियों में से एक थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाई। देशभक्ति, त्याग और साहस उनके जीवन के मूल मूल्य थे। स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान आज भी प्रेरणा देता है और उन्हें वीर शहीदों में सम्मान के साथ याद किया जाता है।
अज़ीज़न बाई (जन्म: 22 जनवरी 1824)
अज़ीज़न बाई एक प्रसिद्ध नर्तकी थीं, जिनके भीतर गहरी देशभक्ति की भावना थी। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने क्रांतिकारियों की सहायता की और अंग्रेजों के विरुद्ध संदेश पहुँचाने में भूमिका निभाई। कला और राष्ट्रप्रेम का उनका अद्भुत संगम इतिहास में विशेष स्थान रखता है। अज़ीज़न बाई नारी शक्ति और साहस की प्रतीक मानी जाती हैं।

22 जनवरी का इतिहास: दुनिया और भारत की महत्वपूर्ण घटनाएँ जिन्होंने समय की दिशा बदली

22 जनवरी का दिन इतिहास में अनेक राजनीतिक, सामाजिक, वैज्ञानिक और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के लिए जाना जाता है। इस तिथि पर घटित घटनाओं ने न केवल अपने समय को प्रभावित किया, बल्कि भविष्य की दिशा भी तय की। आइए 22 जनवरी को घटित प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं पर क्रमबद्ध और संक्षिप्त दृष्टि डालते हैं।
2015 – यूक्रेन के दोनेत्स्क शहर में हुए भीषण विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।

ये भी पढ़ें – रेलवे स्टेशन रोड पर मिला शव, पुलिस शिनाख्त में जुटी

2009 – विश्वप्रसिद्ध फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर को ऑस्कर पुरस्कार के लिए नामांकन मिला। इसी वर्ष भारत सरकार ने सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत तीन बंदरगाह परियोजनाओं को मंजूरी दी।
2008 – राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने लालकृष्ण आडवाणी को आगामी लोकसभा चुनाव में भावी प्रधानमंत्री के रूप में प्रस्तुत करने के प्रस्ताव का समर्थन किया। पाकिस्तान के दक्षिणी वजीरिस्तान में लाक्या किले पर आतंकवादी हमले में पांच पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।
2006 – श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने विद्रोही संगठन लिट्टे से शांति वार्ता की पेशकश की। इसी दिन इवा मोरालेस ने बोलीविया के राष्ट्रपति पद की शपथ ली।

ये भी पढ़ें – भागलपुर–पिंडी मार्ग पर बड़ा हादसा कभी भी संभव, रेवली ढाला बना जानलेवा

2002 – इस्रायल ने फिलिस्तीनी शहर तुल्कोरम पर कब्जा किया। अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए टोक्यो में हुई अंतरराष्ट्रीय बैठक में 3.5 अरब डॉलर की सहायता की घोषणा की गई।
1998 – अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन पर मोनिका लेविंस्की ने अवैध संबंधों का आरोप लगाया, जिससे अमेरिकी राजनीति में बड़ा भूचाल आया।
1996 – कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय की वेधशाला के वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से लगभग 3,50,000 प्रकाश वर्ष दूर दो नए ग्रहों की खोज की।
1993 – इंडियन एयरलाइंस का विमान औरंगाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें 61 यात्रियों की मौत हुई।
1981 – रोनाल्ड रीगन ने संयुक्त राज्य अमेरिका के 40वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की।

ये भी पढ़ें – Lucknow High Court: महिला की गिरफ्तारी पर वकीलों का हंगामा

1970 – बोइंग 747 विमान की न्यूयॉर्क और लंदन के बीच पहली व्यावसायिक उड़ान शुरू हुई।
1963 – देहरादून में दृष्टिहीनों के लिए राष्ट्रीय पुस्तकालय की स्थापना हुई।
1924 – रैमसे मैकडोनाल्ड ब्रिटेन में लेबर पार्टी के पहले प्रधानमंत्री बने।
1905 – रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में मजदूरों पर गोलीबारी हुई, जिसमें 500 से अधिक लोग मारे गए, यह घटना ‘ब्लडी संडे’ के नाम से जानी जाती है।
1837 – दक्षिणी सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप में हजारों लोगों की जान गई।

ये भी पढ़ें – सिविल लाइंस में ट्रेनी विमान क्रैश, प्रशासन ने शुरू की जांच

1760 – वांदीवाश के युद्ध में अंग्रेजों ने फ्रांसीसियों को पराजित किया।
1673 – न्यूयॉर्क और बोस्टन के बीच डाक सेवा की शुरुआत हुई।
1517 – तुर्की साम्राज्य ने काहिरा पर कब्जा कर लिया।
यह सभी घटनाएँ 22 जनवरी को इतिहास में विशेष स्थान दिलाती हैं और हमें अतीत से सीख लेने का अवसर प्रदान करती हैं।

चौघड़िया, नक्षत्र और चंद्रबल की पूरी जानकारी

22 जनवरी 2026 का पंचांग: गणेश जयंती, वरद चतुर्थी, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया और ग्रह-नक्षत्र का संपूर्ण विवरण


प्रस्तावना: आज 22 जनवरी 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। माघ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के साथ आज गणेश जयंती और वरद चतुर्थी का पावन संयोग बन रहा है। चंद्रमा कुंभ राशि में संचार कर रहा है, जिससे कुछ राशियों को विशेष चंद्रबल प्राप्त होगा। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ समय, राहुकाल, चौघड़िया, नक्षत्र, योग और ग्रह स्थिति का विस्तृत विवरण।

आज का पंचांग | 22 जनवरी 2026
तिथि: माघ शुक्ल चतुर्थी (02:28 AM तक), इसके बाद पंचमी
वार: गुरुवार
संवत: विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त), शक संवत 1947 (विश्वावसु)
मास: माघ (अमांत एवं पूर्णिमांत)
ऋतु: शिशिर | अयन: उत्तरायण
🌙 नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र: शतभिषा (02:26 PM तक), उपरांत पूर्वभाद्रपदा
योग: वरीयान (05:37 PM तक), उसके बाद परिघ
करण: वणिज (02:41 PM तक), विष्टि (02:28 AM तक), बाद बव

ये भी पढ़ें – शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का यूपी सरकार को कानूनी नोटिस, 24 घंटे में पत्र वापस नहीं लिया तो अवमानना की चेतावनी

☀️ सूर्य-चंद्र समय
सूर्योदय: 07:13 AM
सूर्यास्त: 06:03 PM
चन्द्रोदय: 09:24 AM
चन्द्रास्त: 09:26 PM
⚠️ अशुभ काल
राहुकाल: 01:59 PM – 03:20 PM
यमगण्ड: 07:13 AM – 08:34 AM
कुलिक: 09:56 AM – 11:17 AM
दुर्मुहूर्त: 10:50 AM – 11:33 AM, 03:09 PM – 03:53 PM
वर्ज्यम्: 08:52 PM – 10:28 PM
शुभ काल
ब्रह्म मुहूर्त: 05:37 AM – 06:25 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:16 PM – 01:00 PM
अमृत काल: 07:05 AM – 08:43 AM

ये भी पढ़ें – देवरिया में मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान, पुलिस ने बढ़ाया सुरक्षा भरोसा

🕉️ त्योहार और व्रत
गणेश जयंती
वरद चतुर्थी
ग्रह और राशि स्थिति
सूर्य राशि: मकर
चंद्र राशि: कुंभ (पूरा दिन-रात)
🔔 चंद्रबल (23/01/26 सुबह 07:13 तक)
मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु और कुंभ
ताराबल
02:26 PM तक अनुकूल नक्षत्र: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, उत्तरभाद्रपदा
02:26 PM के बाद: भरणी, रोहिणी, आद्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरभाद्रपदा, रेवती

ये भी पढ़ें – Iran Protests: ईरान में हिंसा पर ट्रंप की सख्त चेतावनी, बोले– हालात बिगड़े तो पूरा देश तबाह हो सकता है

दिन का चौघड़िया
शुभ 07:13–08:34
रोग 08:34–09:56
उद्बेग 09:56–11:17
चर 11:17–12:38
लाभ 12:38–13:59
अमृत 13:59–15:20
काल 15:20–16:41
शुभ 16:41–18:02
🌙 रात का चौघड़िया
अमृत 18:03–19:41
चर 19:41–21:20
रोग 21:20–22:59
काल 22:59–00:38
लाभ 00:38–02:17
उद्बेग 02:17–03:55
शुभ 03:55–05:34
अमृत 05:34–07:13

किसान दिवस पर योजनाओं और तकनीक का संगम, जिलाधिकारी ने किया उद्घाटन

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)कृषि सूचना तंत्र को मजबूत करने और किसानों को नवीन तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से ब्लॉक संसाधन केंद्र, पड़रौना में आयोजित चार दिवसीय विराट किसान मेला के तृतीय दिवस पर किसान दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने किया। इस अवसर पर किसानों को कृषि योजनाओं, आधुनिक खेती और सरकारी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गई।जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों और एफपीओ द्वारा लगाए गए कृषि प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। गन्ना अनुसंधान संस्थान, सेवरही के वैज्ञानिक डॉ. वाई.पी. भारती ने मृदा परीक्षण, बसंतकालीन गन्ने की खेती में कीट एवं रोग प्रबंधन पर उपयोगी जानकारी दी। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र, सरगटिया की मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्रुति बी. ने मौसम पूर्वानुमान और साग-सब्जी उत्पादन की उन्नत तकनीकों पर प्रकाश डाला।उप कृषि निदेशक अतीन्द्र सिंह ने धरती बचाओ अभियान के तहत संतुलित उर्वरक और कीटनाशकों के प्रयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि फारमर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है, अन्यथा पीएम किसान सम्मान निधि सहित बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान प्रभावित हो सकते हैं। किसानों को यह भी जानकारी दी गई कि बसंतकालीन गन्ने के साथ सहफसली खेती हेतु उर्द और मूंग का बीज निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।किसान दिवस के दौरान किसानों ने फारमर रजिस्ट्री, गन्ना तौल केंद्रों पर डिस्प्ले और छुट्टा पशुओं की समस्या से जुड़ी शिकायतें रखीं। जिलाधिकारी ने त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया और फारमर रजिस्ट्री व क्रॉप सर्वे के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में पात्र किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर तिरपाल का वितरण भी किया गया।

न्यायिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जनपद आगरा में ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0’ को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के अध्यक्ष संजय कुमार मलिक की अध्यक्षता में न्यायिक अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं जूनियर डिवीजन स्तर के समस्त न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान माननीय जनपद न्यायाधीश ने अभियान को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक वादों को मध्यस्थता हेतु संदर्भित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता न केवल न्यायिक बोझ को कम करती है, बल्कि पक्षकारों को त्वरित, सुलभ और सौहार्दपूर्ण न्याय उपलब्ध कराती है।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के सचिव एवं अपर जिला जज डॉ. दिव्यानंद द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष भी ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान’ के अंतर्गत बड़ी संख्या में ऐसे मामलों की पहचान की गई थी, जिनका समाधान आपसी सुलह से संभव था। परिणामस्वरूप, सैकड़ों मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया और अभियान अत्यंत सफल रहा।इसी सफलता को देखते हुए वर्ष 2026 में मध्यस्थता अभियान 2.0 को और अधिक व्यापक स्वरूप में लागू किया जा रहा है। इसमें पारिवारिक, दीवानी, वैवाहिक एवं अन्य सुलह योग्य मामलों को चिन्हित कर मध्यस्थता केंद्रों को संदर्भित किया जा रहा है।डॉ. दिव्यानंद द्विवेदी ने जनपद की प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से भी अपील की कि वे इस राष्ट्रीय अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक नागरिक अपने लंबित मामलों का निस्तारण सुलह वार्ता के माध्यम से करा सकें और न्याय प्रणाली में विश्वास और मजबूत हो।

वैदिक योगशाला के होनहार खिलाड़ी पीयूष का राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता के लिए चयन

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा) जनपद के कोपागंज क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है वैदिक योगशाला के होनहार छात्र पीयूष का चयन स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता के लिए अंडर-14 (बालक वर्ग) में उत्तर प्रदेश टीम में किया गया है। पीयूष इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर जनपद मऊ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।
कोपागंज ब्लाक के जहनियापुर गांव निवासी पीयूष नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज, फैज़ुल्लाहपुर में कक्षा 9 के विद्यार्थी हैं। उनके पिता सुनील एक मजदूर हैं, जबकि माता इंद्रकला गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद पीयूष ने अपने कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।
पिछले दो वर्षों से पीयूष राष्ट्रीय योगासन कोच राजन वैदिक के मार्गदर्शन में वैदिक योगशाला में नियमित रूप से योगासन की बारीकियों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनके सतत अभ्यास और समर्पण का ही परिणाम है कि उन्होंने SGFI की जिला, मंडल एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक के साथ प्रथम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया।
उल्लेखनीय है कि SGFI राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता का आयोजन 22 से 23 जनवरी तक पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में किया जाएगा, जहाँ पीयूष उत्तर प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे।
पीयूष की इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्रधानाचार्य कृष्ण नंद सिंह, समस्त विद्यालय परिवार, जिला योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन मऊ के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार द्विवेदी, उपाध्यक्ष शैलेंद्र मिश्रा सहित सभी पदाधिकारियों एवं खेल प्रेमियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए पीयूष को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।

एटीएम चालू कराने के नाम पर खाताधारक से 32,456 रुपये की ठगी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोपागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा मुंगमास में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। एटीएम ब्लॉक होने की समस्या का फायदा उठाकर ठगों ने एक खाताधारक के बैंक खाते से 32 हजार 456 रुपये उड़ा लिए। पीड़ित की सतर्कता से समय रहते बैंक और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई, जिससे मामले की जांच शुरू हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा मुंगमास निवासी अविनाश राय का इंडसइंड बैंक में खाता है। किसी तकनीकी कारण से उनका एटीएम कार्ड ब्लॉक हो गया था। 17 जनवरी की सुबह लगभग 10 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को बैंक का कर्मचारी बताते हुए एटीएम चालू कराने का भरोसा दिलाया।

ये भी पढ़ें – Gwalior Child Murder Case: बेटे की हत्या करने वाली मां को उम्रकैद, अदालत का सख्त फैसला

ठग ने एटीएम अनब्लॉक करने के नाम पर खाते में धनराशि जमा करने को कहा। झांसे में आकर पीड़ित ने तीन चरणों में कुल 46 हजार 454 रुपये अपने खाते में जमा कर दिए, लेकिन इसके बावजूद एटीएम चालू नहीं हुआ। कुछ देर बाद उसी नंबर से दोबारा फोन आया और एटीएम से संबंधित गोपनीय जानकारी मांगी गई।
जैसे ही पीड़ित ने एटीएम कार्ड की डिटेल साझा की, उनके खाते से 32 हजार 456 रुपये की निकासी हो गई। खाते से पैसे निकलने का संदेश मिलते ही पीड़ित के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत बैंक शाखा को सूचना दी और साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस व बैंक स्तर से मामले की जांच की जा रही है।

ये भी पढ़ें –शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का यूपी सरकार को कानूनी नोटिस, 24 घंटे में पत्र वापस नहीं लिया तो अवमानना की चेतावनी

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक के माध्यम से बैंक, एटीएम, ओटीपी या केवाईसी से जुड़ी जानकारी साझा न करें। थोड़ी सी लापरवाही भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।

अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष की अध्यक्षता में आगरा-अलीगढ़ मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा, टीकाकरण में सुधार के सख्त निर्देश

आगरा(राष्ट्र की परम्परा)अलीगढ़ स्वास्थ्य समीक्षा बैठक के अंतर्गत उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, आईएएस, की अध्यक्षता में आगरा एवं अलीगढ़ मंडल की चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डॉ. पिंकी जोवल, आईएएस, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं, योजनाओं और कार्यक्रमों की स्थिति की समीक्षा की।समीक्षा में खसरा और टीकाकरण कार्यक्रम को प्रमुखता से लिया गया, जिसमें दोनों मंडलों में कुल 1174 खसरे के मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई। डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि अधिकांश जनपदों में वर्ष की अंतिम तिमाही में सुधार हुआ है, किंतु फिरोजाबाद जनपद में टीकाकरण की स्थिति अभी भी चिंताजनक है। 60 से 70 प्रतिशत प्रभावित बच्चों का टीकाकरण न होना गंभीर लापरवाही माना गया, जिस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एएनएम स्तर तक व्यक्तिगत मॉनिटरिंग और समयबद्ध पहचान व इलाज के निर्देश दिए गए।अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने विशेष रूप से विकसित चेकलिस्ट और डैशबोर्ड के आधार पर समीक्षा करते हुए टीकाकरण में 10 दिन और समग्र स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 1 माह की सख्त समय-सीमा तय की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुपालन न होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।बैठक में अस्पतालों में सिटीजन चार्टर, सुझाव पेटिका, स्वच्छ पेयजल, अलग-अलग शौचालय, आईसीयू, इमरजेंसी वार्ड, एक्सरे, अग्निशमन सुरक्षा, मानव संसाधनों के रेशनलाइजेशन और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया गया। राज्य स्तरीय निरीक्षण रिपोर्ट में अधिकांश लाभार्थियों द्वारा सेवाओं पर संतोष जताया गया, लेकिन जहां कमियां पाई गईं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

नगरीय विकास व जल निगम की योजनाओं की डीएम ने की समीक्षा, अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश

नगरीय विकास व जल निगम की योजनाओं की डीएम ने की समीक्षा, अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देशबलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जिले में नगरीय विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला नगरीय विकास अभिकरण, नगर विकास विभाग एवं जल निगम (नगरीय) के अंतर्गत संचालित योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए। समीक्षा के दौरान नगर पालिका बैरिया में वर्ष 2023-24 के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों के अब तक अधूरे पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य तत्काल पूर्ण कराए जाएं। जिन स्थानों पर भूमि की उपलब्धता नहीं हो पा रही है, उसके संबंध में स्पष्ट एवं लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। नगर पंचायत बेल्थरारोड में जलापूर्ति योजना के अंतर्गत चिन्हित स्थल पर बाढ़ का पानी जमा होने के कारण कार्य प्रारंभ न होने की जानकारी पर जिलाधिकारी ने तत्काल पानी निकलवाकर कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के अंतर्गत नगर पंचायत नगरा में सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य अधूरा पाए जाने पर उसे शीघ्र पूरा कराने को कहा गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना के तहत सीवरेज एवं जल निकासी के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई, जिन्हें समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं पेयजल योजना के अंतर्गत नगर पंचायत चितबड़ागांव, नगरा एवं मनियर में अधूरे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने पर जोर दिया गया।
नगरीय झील, तालाब एवं पोखरा संरक्षण योजना के अंतर्गत नगर पंचायत चितबड़ागांव, सहतवार, बांसडीह, नगरा एवं रतसर कला में चल रहे अधूरे कार्यों को भी जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्र की वंदना योजना के अंतर्गत सिकंदरपुर, बैरिया एवं बलिया नगर में लंबित कार्यों को पूर्ण कराने को कहा गया। मुख्यमंत्री वैश्विक नगरीय योजना एवं आकांक्षी नगर योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की भी समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उनकी प्रगति तेज करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही कान्हा गौशाला एवं अस्थायी गौशालाओं में समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पिछले तीन वर्षों में प्राप्त, व्यय एवं शेष धनराशि का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए तथा अवस्थापना निधि के अंतर्गत नए प्रस्ताव तैयार करने को कहा। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन, नगर पालिका ईओ सुभाष चंद्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सड़क सुरक्षा को लेकर देवरिया यातायात पुलिस का बड़ा एक्शन

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद देवरिया में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस देवरिया द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में 21 जनवरी 2026 को यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में शहर के प्रमुख मार्गों पर यह अभियान संचालित किया गया।
अभियान के दौरान गोरखपुर रोड, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड, बस स्टैंड सहित अन्य व्यस्त स्थानों पर सघन वाहन चेकिंग की गई। सड़क पर अवैध रूप से वाहन खड़ा कर सवारी भरने वाले ऑटो, बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले, तीन सवारी बैठाने वाले तथा स्टंट करने वाले चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की गई। इसके अलावा सोनूघाट एवं सलेमपुर रोड पर सड़क किनारे खड़े ट्रकों का भी चालान किया गया।
यातायात पुलिस देवरिया द्वारा चलाए गए इस अभियान में कुल 148 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 06 वाहनों को सीज किया गया। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से न केवल यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित होता है, बल्कि आमजन में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता भी बढ़ती है।
यातायात विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें और सड़क सुरक्षा में सहयोग दें, जिससे दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

14 हजार आवेदनों में से 1365 का चयन, इसी माह पूरी होगी भर्ती

जिले में 1365 आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती इसी माह पूरी, चयन प्रक्रिया होगी पूरी तरह पारदर्शी


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद बलिया में आंगनवाड़ी सहायिकाओं की बहुप्रतीक्षित भर्ती प्रक्रिया को इसी माह हर हाल में पूरा करने के निर्देश प्रशासन ने दे दिए हैं। कुल 1365 आंगनवाड़ी सहायिका पदों पर भर्ती के लिए लगभग 14 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित रखने पर विशेष जोर दिया है।
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने स्पष्ट कहा कि चयन केवल शैक्षिक योग्यता से तैयार मेरिट सूची के आधार पर होगा। किसी भी प्रकार की सिफारिश, दबाव या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ये भी पढ़ें – स्वर्गीय कल्पनाथ सिंह की पुण्यतिथि पर सेवा और श्रद्धा, मंदिर व दरगाह परिसर में हुआ प्रसाद वितरण

खुली बैठक में होगा चयन, एलईडी पर दिखेगी पूरी प्रक्रिया
भर्ती प्रक्रिया खुली बैठक के माध्यम से कराई जाएगी। चयन के दौरान पूरी प्रक्रिया एलईडी स्क्रीन पर लाइव प्रदर्शित की जाएगी, ताकि अभ्यर्थियों और आमजन को पूर्ण विश्वास रहे। साथ ही संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी, जिससे भविष्य में किसी भी शिकायत की जांच संभव हो सके।
पंचायतवार आवेदन व्यवस्थित, प्रतिदिन दो विकास खंड
सभी विकास खंडों से प्राप्त आवेदनों को चार दिनों में पंचायतवार व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद प्रतिदिन दो विकास खंडों के अभ्यर्थियों को बुलाकर आवेदन जांच और मेरिट के अनुसार चयन किया जाएगा। अभ्यर्थियों को समय से सूचना देने के साथ बैठक स्थल पर बैठने, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

ये भी पढ़ें – NIRF 2026 की तैयारी में गोरखपुर विश्वविद्यालय ने कसी कमर, शोध-शिक्षण से सुशासन तक व्यापक फोकस

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर शिकायत या गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। यह भर्ती महिला सशक्तिकरण और बाल विकास से जुड़ी होने के कारण इसकी निष्पक्षता सर्वोपरि है। बैठक में जिला विकास अधिकारी आनंद प्रकाश, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कानूनी प्रक्रिया से गोद लेने की सुविधा अब कुशीनगर में उपलब्ध

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप एवं जिलाधिकारी के निर्देशों के तहत जनपद कुशीनगर में विशेष दत्तक ग्रहण इकाई का विधिवत शुभारम्भ किया गया। यह इकाई संयुक्त जिला चिकित्सालय के भूतल पर स्थापित की गई है, जिसका उद्घाटन 21 जनवरी 2026 को अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रेम कुमार राय द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी ध्रुव चन्द्र त्रिपाठी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिलीप कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।
उद्घाटन के दौरान पहले से प्राप्त एक शिशु का विधिवत प्रवेश कराते हुए अपर जिलाधिकारी द्वारा उसका नामकरण भी किया गया, जो इस इकाई की कार्यशीलता का प्रतीक बना। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि विशेष दत्तक ग्रहण इकाई कुशीनगर के प्रारम्भ होने से अब जिले के नागरिकों को कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्चा गोद लेने में काफी सुविधा मिलेगी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने इसे जनपद के लिए एक सराहनीय पहल बताते हुए कर्मचारियों को बच्चों की सुरक्षा, देखभाल एवं भावनात्मक संरक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, सदस्यगण, बाल कल्याण अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक सहित महिला कल्याण विभाग के समस्त कार्मिक उपस्थित रहे। यह इकाई निस्संतान दंपतियों के लिए आशा की नई किरण साबित होगी।

टीकाकरण में शिथिलता बर्दास्त नहीं – जिलाधिकारी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनस्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने जानकारी दी कि कुष्ठ रोग उन्मूलन के उद्देश्य से 30 जनवरी 2026 से 13 फरवरी 2026 तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत 14 दिवसीय कुष्ठ पखवाड़े में व्यापक आईईसी गतिविधियां आयोजित होंगी।

ये भी पढ़ें – India-Pakistan War Claim: ट्रंप बोले– मैंने भारत-पाक युद्ध रोका, भारत ने फिर किया खारिज

संस्थागत प्रसवों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने महिला चिकित्सालय नगर में दिसंबर माह की कम प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित एमओआईसी को सुधार के निर्देश दिए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि सभी गर्भवती महिलाओं की फीडिंग ई-कवच पोर्टल पर एएनएम द्वारा अनिवार्य रूप से की जानी है।
राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 तक 40300 का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके सापेक्ष 38177 टीकाकरण कर 94.73 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे और इसके लिए जनजागरूकता को और मजबूत किया जाए।

ये भी पढ़ें – अवैध खनन पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक जेसीबी जब्त

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत अंत्योदय कार्ड धारकों एवं 70 वर्ष से अधिक आयु के पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता से जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा 102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाओं की फिटनेस, उपकरणों की उपलब्धता और त्वरित सेवाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में ओपीडी, आईपीडी, एफआरयू, आरबीएसके, क्षय रोग, कुष्ठ उन्मूलन, परिवार कल्याण, जननी सुरक्षा योजना, जन्म-मृत्यु पंजीकरण सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।