सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र के मुसैला एवं बरठा चौराहे पर अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह की प्राकृतिक संपदा और जंगल भूमि को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान में क्षेत्र की बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर हस्ताक्षर किए और अपना समर्थन दर्ज कराया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा प्रभारी एवं जिला उपाध्यक्ष दीनदयाल यादव ने कहा कि देश में वन क्षेत्र लगातार कम होता जा रहा है। यदि प्राकृतिक संसाधनों और जंगलों को निजी कंपनियों को सौंपने की प्रक्रिया नहीं रोकी गई, तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
जिला उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि निकोबार द्वीपसमूह में लगभग 921 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले जंगल और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध भूमि को सौंपे जाने से वहां रहने वाली जनजातियों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के चलते बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की आशंका है, जो पर्यावरण और जनहित दोनों के लिए उचित नहीं है।
ब्लॉक अध्यक्ष मनीष रजक ने बताया कि यह हस्ताक्षर अभियान 15 जून तक लगातार चलाया जाएगा। वहीं सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र के नेता दीनदयाल प्रसाद ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार पर्यावरण संरक्षण के बजाय प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को बढ़ावा दे रही है।
युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव गोविन्द मिश्र ने कहा कि सरकार की नीतियां युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण और जनहित के मुद्दों पर जागरूक रहने की अपील की।
अभियान में डॉ. रमेश कुशवाहा, इस्लाम खान, रोहित यादव, विनोद तिवारी, विनय मिश्र, सिकंदर यादव, अवधेश यादव, रामप्रभाव पाल सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
