Saturday, March 14, 2026
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होली से पहले यूपी शिक्षकों को बड़ा तोहफा: इन कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। रंगों के पर्व होली से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। योगी सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि फरवरी माह का वेतन 2 मार्च से पहले ही जारी कर दिया जाए। इस फैसले से प्रदेश के करीब 6 लाख सरकारी शिक्षकों में त्योहार से पहले खुशी की लहर दौड़ गई है।

सरकार का यह निर्णय होली (4 मार्च) को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि शिक्षक और कर्मचारी बिना किसी आर्थिक परेशानी के त्योहार मना सकें। शिक्षा विभाग के इस कदम के बाद अन्य विभाग भी इसी तर्ज पर वेतन जारी करने की तैयारी में जुट गए हैं।

होली पर अतिरिक्त बसों का संचालन, कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि

होली के अवसर पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 28 फरवरी से 9 मार्च तक अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया है। खासतौर पर दिल्ली, गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश रूट पर अतिरिक्त बसों और कर्मचारियों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाएगी।

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इसके अलावा उत्कृष्ट कर्मचारियों को 3,600 से 4,500 रुपये तक प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई है। वहीं, डिपो और क्षेत्रीय कार्यशालाओं में लगातार 10 दिन ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को 2,100 रुपये और 9 दिन ड्यूटी करने वालों को 1,800 रुपये एकमुश्त दिए जाएंगे।

ब्रज में होली की धूम, लट्ठमार होली आकर्षण का केंद्र

देशभर में 4 मार्च को होली मनाई जाएगी, लेकिन ब्रज क्षेत्र में रंगों का उत्सव पहले ही शुरू हो चुका है। मथुरा, वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गोकुल, महावन और बलदेव में राधा-कृष्ण की भक्ति और रंग-गुलाल की अनोखी छटा देखने को मिल रही है।

बरसाना और नंदगांव की प्रसिद्ध लट्ठमार होली श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। फाल्गुन शुक्ल नवमी को बरसाना और दशमी को नंदगांव में हुरियारे परंपरागत अंदाज में होली खेलते हैं।

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26 फ़रवरी को निधन: इतिहास के पन्नों में दर्ज महान हस्तियां

26 फ़रवरी को निधन: इतिहास में आज के दिन खोए कई महान व्यक्तित्व


26 फ़रवरी को निधन की घटनाएं भारतीय इतिहास, साहित्य, राजनीति, संगीत और स्वतंत्रता संग्राम से गहराई से जुड़ी हुई हैं।26 फ़रवरी को निधन हुए इन महान लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी।आइए जानते हैं कि 26 फ़रवरी को निधन के रूप में इतिहास किन-किन महान हस्तियों को याद करता है।यह दिन भारतीय और विश्व इतिहास में विशेष महत्व रखता है क्योंकि 26 फ़रवरी को निधन हुए इन व्यक्तित्वों ने समाज को नई दिशा दी।

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🎵 पंकज उधास (2024)
प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक पंकज उधास का 26 फ़रवरी 2024 को निधन हुआ। वे हिंदी सिनेमा और भारतीय पॉप संगीत में अपनी मखमली आवाज़ के लिए जाने जाते थे।
उनकी मशहूर ग़ज़लें जैसे “चिट्ठी आई है” आज भी श्रोताओं के दिलों में बसी हैं।
पंकज उधास के निधन से भारतीय संगीत जगत को गहरी क्षति हुई।
🏛️ शंकरराव चव्हाण (2004)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकरराव चव्हाण का 26 फ़रवरी 2004 को निधन हुआ।
वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
उनका राजनीतिक जीवन सादगी और प्रशासनिक दक्षता के लिए याद किया जाता है।

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🇮🇳 विनायक दामोदर सावरकर (1966)
प्रख्यात राष्ट्रवादी और स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर का 26 फ़रवरी 1966 को निधन हुआ।
उन्होंने ‘हिंदुत्व’ की अवधारणा को वैचारिक रूप दिया और अंडमान की सेल्युलर जेल में कठोर कारावास झेला।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।
👩‍⚕️ आनंदीबाई गोपालराव जोशी (1887)
भारत की प्रथम महिला डॉक्टर आनंदीबाई गोपालराव जोशी का 26 फ़रवरी 1887 को निधन हुआ।
उन्होंने सामाजिक बाधाओं को तोड़ते हुए अमेरिका से चिकित्सा की पढ़ाई पूरी की।
महिला शिक्षा और सशक्तिकरण के इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।

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📚 नर्मद (1886)
गुजराती भाषा के युग प्रवर्तक माने जाने वाले नर्मद (नर्मदाशंकर दवे) का 26 फ़रवरी 1886 को निधन हुआ।
उन्होंने आधुनिक गुजराती साहित्य की नींव रखी और समाज सुधार पर लेखन किया।
उनकी रचनाएं आज भी साहित्य जगत में प्रेरणा स्रोत हैं।
👑 बहादुर शाह प्रथम (1712)
दिल्ली के सातवें मुग़ल बादशाह बहादुर शाह प्रथम का 26 फ़रवरी 1712 को निधन हुआ।
उन्होंने औरंगज़ेब के बाद सत्ता संभाली और साम्राज्य को स्थिर रखने का प्रयास किया।
उनके शासनकाल में मुग़ल सत्ता कई चुनौतियों से जूझ रही थी।
26 फ़रवरी को निधन: क्यों याद रखें यह दिन?
26 फ़रवरी इतिहास में केवल एक तारीख नहीं, बल्कि प्रेरणा और स्मरण का दिन है।
संगीत से राजनीति, स्वतंत्रता संग्राम से चिकित्सा और साहित्य तक —
26 फ़रवरी को निधन हुए इन महान व्यक्तित्वों ने भारतीय समाज को नई दिशा दी।
इतिहास हमें सिखाता है कि महान लोग भले ही शरीर से विदा हो जाएं, लेकिन उनके विचार और योगदान सदैव जीवित रहते हैं।

26 फरवरी इतिहास: जानिए आज के दिन जन्मी महान भारतीय हस्तियां

26 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति भारतीय इतिहास, साहित्य, न्यायपालिका, राजनीति और खेल जगत में अपनी अमिट छाप छोड़ चुके हैं। 26 फरवरी जन्मदिन वाले इन महान हस्तियों ने देश और समाज को नई दिशा दी। आइए जानते हैं 26 फरवरी इतिहास में दर्ज उन प्रमुख नामों के बारे में, जिनका जन्म आज के दिन हुआ।

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🏅 बजरंग पुनिया (जन्म: 26 फ़रवरी 1994)
26 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति में खेल जगत का बड़ा नाम बजरंग पुनिया है। हरियाणा के झज्जर में जन्मे बजरंग पुनिया ने फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाया।
उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीते और ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया।
26 फरवरी जन्मदिन वाले बजरंग पुनिया युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
🏛️ संजय धोत्रे (जन्म: 26 फ़रवरी 1959)
26 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति में संजय धोत्रे का नाम प्रमुख है। वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता हैं और महाराष्ट्र के अकोला से सांसद रह चुके हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी निभाई। 26 फरवरी इतिहास में उनका नाम सक्रिय राजनीति और जनसेवा के लिए दर्ज है।

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✍️ मृणाल पाण्डे (जन्म: 26 फ़रवरी 1946)
प्रख्यात पत्रकार एवं साहित्यकार मृणाल पाण्डे भी 26 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति में शामिल हैं।
उन्होंने हिंदी पत्रकारिता और साहित्य को नई दिशा दी। वे कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं की संपादक रहीं और महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर मुखर लेखन किया।
26 फरवरी जन्मदिन के अवसर पर उनका योगदान विशेष रूप से स्मरणीय है।
⚖️ कैलाश नाथ वांचू (जन्म: 26 फ़रवरी 1903)
26 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति में कैलाश नाथ वांचू का नाम भारतीय न्यायपालिका में सम्मान के साथ लिया जाता है।
वे भारत के दसवें मुख्य न्यायाधीश रहे। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण संवैधानिक फैसले दिए गए, जिनसे न्याय व्यवस्था को मजबूती मिली।

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🇮🇳 गोपाल स्वरूप पाठक (जन्म: 26 फ़रवरी 1896)
गोपाल स्वरूप पाठक 26 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर आसीन रहे।
वे भारत के भूतपूर्व उपराष्ट्रपति थे और विधि तथा प्रशासनिक क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
26 फरवरी इतिहास में उनका नाम उच्च संवैधानिक गरिमा के साथ दर्ज है।
📚 लीला मजूमदार (जन्म: 26 फ़रवरी 1908)
बांग्ला साहित्य की प्रतिष्ठित लेखिका लीला मजूमदार भी 26 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति में शामिल हैं।
उन्होंने बाल साहित्य और कथा लेखन में विशिष्ट पहचान बनाई।
उनकी रचनाएँ आज भी पाठकों के बीच लोकप्रिय हैं।

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🏛️ प्रकाश मेहरोत्रा (जन्म: 26 फ़रवरी 1925)
प्रकाश मेहरोत्रा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े वरिष्ठ राजनीतिज्ञ थे।
उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक और राजनीतिक पदों पर रहकर देश की सेवा की।
26 फरवरी जन्मदिन के रूप में उनका योगदान राजनीतिक इतिहास का हिस्सा है।
📜 बेनेगल नरसिंह राव (जन्म: 26 फ़रवरी 1887)
बेनेगल नरसिंह राव एक प्रतिष्ठित प्रशासनिक अधिकारी, विधिवेत्ता और राजनयिक थे।
भारतीय संविधान निर्माण प्रक्रिया में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
26 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति के रूप में उनका नाम भारतीय प्रशासनिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
26 फरवरी इतिहास: प्रेरणा का दिन
26 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रहे हैं। 26 फरवरी जन्मदिन हमें याद दिलाता है कि एक दिन में जन्मे लोग भी अलग-अलग क्षेत्रों में महानता हासिल कर सकते हैं।
26 फरवरी इतिहास में दर्ज ये नाम आज भी युवाओं और समाज के लिए प्रेरणा हैं।

26 फ़रवरी का इतिहास: दुनिया भर में घटीं बड़ी घटनाएँ, जानिए क्यों खास है यह दिन

26 फ़रवरी का इतिहास: महत्वपूर्ण घटनाएँ


26 फ़रवरी का इतिहास विश्व राजनीति, खेल, कूटनीति और विज्ञान के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। इस दिन घटी घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों, खेल जगत और भारत की राजनीति पर गहरा प्रभाव डाला। आइए विस्तार से जानते हैं 26 फ़रवरी का इतिहास।
1994 – उत्तर कोरिया ने परमाणु संयंत्र खोले
North Korea ने 26 फ़रवरी 1994 को अपने परमाणु संयंत्रों को अंतर्राष्ट्रीय निरीक्षण के लिए खोलने पर सहमति जताई। यह कदम वैश्विक परमाणु अप्रसार प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया। इस निर्णय ने एशियाई क्षेत्र में सुरक्षा संतुलन पर व्यापक प्रभाव डाला।
1995 – अमेरिका और चीन के बीच कॉपीराइट समझौता
United States और China के बीच 26 फ़रवरी 1995 को कॉपीराइट मुद्दों पर एक अहम समझौता हुआ। इस समझौते का उद्देश्य बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा को मजबूत करना था, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिली।

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1999 – लॉरिन हिल का ग्रैमी रिकॉर्ड
Lauryn Hill ने 26 फ़रवरी 1999 को पाँच ग्रैमी अवॉर्ड जीतकर नया इतिहास रचा। एक ही रात में पाँच पुरस्कार जीतना उस समय रैप और आरएंडबी संगीत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि थी। इससे महिला कलाकारों की वैश्विक पहचान और मजबूत हुई।
2001 – सर डॉन ब्रैडमैन का निधन
Don Bradman, जिन्हें क्रिकेट का महानतम बल्लेबाज माना जाता है, का 26 फ़रवरी 2001 को निधन हो गया। उनका 99.94 का औसत आज भी विश्व रिकॉर्ड है। क्रिकेट इतिहास में उनका नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज है।
2002 – हामिद करज़ई की भारत यात्रा
Hamid Karzai 26 फ़रवरी 2002 को दो दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचे। इस यात्रा ने भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूती प्रदान की और पुनर्निर्माण सहयोग पर चर्चा हुई।

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2004 – मकदूनिया के राष्ट्रपति की विमान दुर्घटना में मृत्यु
Boris Trajkovski की 26 फ़रवरी 2004 को एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। यह घटना बाल्कन क्षेत्र की राजनीति के लिए बड़ा झटका साबित हुई।
2006 – ईरान-रूस परमाणु समझौता
Iran और Russia के बीच 26 फ़रवरी 2006 को परमाणु परिशोधन को लेकर समझौता हुआ। यह समझौता अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक महत्वपूर्ण कदम था।
2007 – नेपाल में शाही संपत्ति का राष्ट्रीयकरण
Nepal सरकार ने 26 फ़रवरी 2007 को तत्कालीन नरेश की संपत्ति के राष्ट्रीयकरण की घोषणा की। यह कदम नेपाल में राजशाही के अंत और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती की दिशा में अहम माना गया।

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2008 – रेल बजट और मिसाइल परीक्षण
Lalu Prasad Yadav ने 26 फ़रवरी 2008 को वर्ष 2008-09 का रेल बजट संसद में पेश किया।
इसी दिन भारत ने समुद्र के भीतर से परमाणु अस्त्र ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जिससे देश की सामरिक शक्ति में वृद्धि हुई।
साथ ही, नेपाल में संविधान सभा चुनाव के लिए माओवादी नेता Prachanda ने अपना नामांकन दाखिल किया।
2009 – न्यायपालिका में अहम बदलाव
Allahabad High Court के मुख्य न्यायाधीश हेमंत लक्ष्मण गोखले का 26 फ़रवरी 2009 को स्थानांतरण कर Madras High Court का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। यह न्यायिक प्रशासन में महत्वपूर्ण परिवर्तन था।
26 फ़रवरी का इतिहास कई निर्णायक घटनाओं से भरा हुआ है। परमाणु कूटनीति से लेकर खेल, संगीत, राजनीति और न्यायपालिका तक—इस दिन ने विश्व और भारत के इतिहास में गहरी छाप छोड़ी है।
इतिहास के पन्नों में दर्ज 26 फ़रवरी का इतिहास हमें यह याद दिलाता है कि एक दिन भी दुनिया की दिशा बदल सकता है।

मऊ के बचौना गांव में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता की अलख

मऊ। (राष्ट्र की परम्परा)बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत 100 दिवसीय अभियान मऊ के अंतर्गत दिनांक 25 फरवरी 2026 को ग्राम सभा बचौना में व्यापक जागरूकता एवं शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, बच्चों एवं ग्रामवासियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और सभी को इस सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण स्तर पर सामाजिक परिवर्तन की ठोस नींव रखना भी रहा। उपस्थित जनसमुदाय को बाल विवाह न करने और न होने देने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। इससे मातृ मृत्यु दर, कुपोषण, शिक्षा से वंचित होना और घरेलू हिंसा जैसी समस्याएं बढ़ती हैं।
विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि बाल विवाह मुक्त भारत 100 दिवसीय अभियान मऊ का मुख्य उद्देश्य समाज को यह समझाना है कि बाल विवाह केवल एक पारिवारिक निर्णय नहीं, बल्कि कानूनन अपराध और सामाजिक विकास में बाधा है।
ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के महत्व पर भी जागरूक किया गया।
सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि पात्र लाभार्थी इनका लाभ उठा सकें। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य)
स्पॉन्सरशिप योजना
निराश्रित महिला पेंशन योजना
वन स्टॉप सेंटर
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098
अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग प्रदान करना है, ताकि परिवार आर्थिक या सामाजिक दबाव में आकर बाल विवाह जैसा कदम न उठाएं।
बाल विवाह मुक्त भारत 100 दिवसीय अभियान मऊ के तहत इन योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी से बढ़ेगी सुरक्षा
कार्यक्रम में महिलाओं और किशोरियों को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त की जा सके।
181 (महिला हेल्पलाइन)
1090 (महिला पावर लाइन)
1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन)
112 (आपातकालीन सेवा)
1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन)
अधिकारियों ने बताया कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत संबंधित हेल्पलाइन पर जानकारी दें, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पोस्टर अभियान से जन-जागरूकता
कार्यक्रम के अंतर्गत पंचायत भवन, प्राथमिक विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र पर विभागीय योजनाओं और बाल विवाह निषेध संबंधी पोस्टर लगाए गए। इसका उद्देश्य यह है कि ग्रामीणों को निरंतर जागरूक किया जा सके और अभियान का संदेश हर घर तक पहुंचे।
बाल विवाह मुक्त भारत 100 दिवसीय अभियान मऊ के तहत यह पोस्टर अभियान गांव-गांव में चलाया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण टीम की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन से जिला मिशन समन्वयक श्रीमती अर्चना राय, जेंडर स्पेशलिस्ट श्रीमती राखी राय एवं श्रीमती तृप्ति राय, एमटीएस शाहबाज अली, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहन तथा सम्मानित ग्रामवासी उपस्थित रहे।
इन सभी ने मिलकर ग्रामीणों को समझाया कि बाल विवाह के खिलाफ सामाजिक जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। सामूहिक भागीदारी से ही इस कुरीति को समाप्त किया जा सकता है।
सामूहिक शपथ से मजबूत हुआ संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने यह शपथ ली कि वे न तो बाल विवाह करेंगे और न ही अपने आसपास होने देंगे। साथ ही, यदि कहीं ऐसी सूचना मिलती है तो संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएंगे।
बाल विवाह मुक्त भारत 100 दिवसीय अभियान मऊ के तहत यह शपथ कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सामाजिक बदलाव की ओर बढ़ता मऊ
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार आयोजित हो रहे ऐसे कार्यक्रमों से यह स्पष्ट है कि प्रशासन और विभाग बाल विवाह उन्मूलन को लेकर गंभीर हैं। जागरूकता, सरकारी योजनाओं का लाभ और सामूहिक संकल्प—इन तीन स्तंभों के आधार पर मऊ जनपद बाल विवाह मुक्त समाज की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर इस मुहिम में भागीदारी निभाएं, तो आने वाले समय में बाल विवाह मुक्त भारत 100 दिवसीय अभियान मऊ एक सफल जनआंदोलन के

देवरिया में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, 116 वाहनों का ई-चालान

देवरिया। (राष्ट्र की परम्परा)सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से बुधवार को देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान 2026 के तहत शहर में व्यापक अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में यह विशेष कार्रवाई की गई, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए।
अभियान के दौरान कुल 116 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 10 वाहनों को सीज करने की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
संयुक्त टीम ने चलाया विशेष चेकिंग अभियान
इस विशेष कार्रवाई में यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में यातायात पुलिस टीम, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) तथा सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (ARM) की संयुक्त टीम शामिल रही।
टीम ने शहर के कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा वाहनों की गहन जांच की। जिन ई-रिक्शा चालकों के पास वैध कागजात पाए गए, उनके वाहनों पर विधिवत नंबरिंग कराई गई। वहीं, बिना वैध दस्तावेजों या नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के तहत कार्रवाई की गई।
देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान 2026 के तहत यह सुनिश्चित किया गया कि सभी सार्वजनिक परिवहन वाहन नियमानुसार संचालित हों।
इन स्थानों पर हुई सख्ती
अभियान के दौरान गोरखपुर रोड, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड और बस स्टैंड जैसे व्यस्त क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी गई। इन स्थानों पर अक्सर सड़क किनारे वाहन खड़ा कर सवारी भरने की शिकायतें मिलती रही हैं, जिससे जाम और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
पुलिस टीम ने सड़क पर गाड़ी खड़ी कर यात्रियों को बैठाने वाले ऑटो चालकों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई की। इसके साथ ही बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, तीन सवारी बैठाने और स्टंट करने वाले युवकों पर भी सख्त कार्रवाई की गई।
देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान 2026 के तहत यह संदेश दिया गया कि नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी हालत में छूट नहीं मिलेगी।
ई-चालान और सीज की बड़ी कार्रवाई
अभियान के दौरान कुल 116 वाहनों का ई-चालान किया गया। ई-चालान प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी और डिजिटल कार्रवाई सुनिश्चित की गई, जिससे चालकों को मौके पर ही जानकारी मिल सके।
इसके अतिरिक्त 10 वाहनों को गंभीर नियम उल्लंघन के चलते सीज किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान 2026 के अंतर्गत डिजिटल प्रवर्तन प्रणाली को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
दुर्घटना रोकथाम पर प्रशासन का फोकस
देवरिया जिले में बीते महीनों में सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने यातायात नियमों के पालन को प्राथमिकता दी है। अभियान का मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था में सुधार और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए हैं कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की जाए, ताकि सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़े और लापरवाह चालक सुधरें।
ई-रिक्शा संचालन में पारदर्शिता
कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा वाहनों की विशेष जांच की गई। वैध पंजीकरण और दस्तावेज वाले वाहनों को क्रमवार नंबरिंग कर व्यवस्थित संचालन की दिशा में कदम बढ़ाया गया।
अधिकारियों का मानना है कि इससे अवैध संचालन पर रोक लगेगी और शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान 2026 का यह पहलू शहरी ट्रैफिक प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नियम पालन का संदेश
इस कार्रवाई के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि—
यातायात नियमों का पालन हर हाल में अनिवार्य है।
सड़क सुरक्षा में लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
नियम तोड़ने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई तय है।
पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता पैदा करना भी है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
यातायात विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान 2026 लगातार चलाया जाएगा। स्कूल, कॉलेज और व्यस्त बाजार क्षेत्रों के आसपास भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
डिजिटल ई-चालान प्रणाली को और सुदृढ़ करने, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी बढ़ाने और सड़क सुरक्षा अभियान चलाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें तथा सड़क पर अनुशासन बनाए रखें।

BPSC Civil Judge Recruitment 2026: 33वीं बिहार सिविल जज भर्ती में 173 पद, 18 मार्च तक करें आवेदन

पटना (राष्ट्र की परम्परा रोजगार डेस्क)अगर आपने कानून (LLB) की पढ़ाई पूरी कर ली है और न्यायिक सेवा में करियर बनाने का सपना देख रहे हैं, तो BPSC Civil Judge Recruitment 2026 आपके लिए सुनहरा अवसर है। Bihar Public Service Commission (BPSC) ने 33वीं बिहार सिविल जज (PCS-J) परीक्षा 2026 के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 173 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
33वीं बिहार सिविल जज भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
यह भर्ती उन युवाओं के लिए एक प्रतिष्ठित अवसर है, जो न्यायपालिका में शामिल होकर समाज में न्याय और पारदर्शिता स्थापित करना चाहते हैं।

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महत्वपूर्ण तिथियां
ऑनलाइन आवेदन शुरू: 25 फरवरी 2026
आवेदन की अंतिम तिथि: 18 मार्च 2026
शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 18 मार्च 2026
प्रारंभिक परीक्षा तिथि: जल्द घोषित होगी
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।
BPSC Civil Judge Vacancy 2026: कुल पदों का विवरण
BPSC Civil Judge Recruitment 2026 के अंतर्गत कुल 173 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। श्रेणीवार विवरण इस प्रकार है:
अनारक्षित (General/UR): 69 पद
अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC): 36 पद
अनुसूचित जाति (SC): 28 पद
पिछड़ा वर्ग (BC): 21 पद
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 17 पद
अनुसूचित जनजाति (ST): 02 पद
कुल पद: 173
इस प्रकार 33वीं बिहार सिविल जज भर्ती 2026 विभिन्न वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए समान अवसर प्रदान करती है।

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शैक्षणिक योग्यता
BPSC Civil Judge Recruitment 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास निम्न योग्यता होनी चाहिए:
किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से LLB (बैचलर ऑफ लॉ) की डिग्री अनिवार्य।
न्यूनतम 3 वर्ष का अधिवक्ता (Advocate) के रूप में अनुभव।
कानून की पढ़ाई पूरी कर चुके और अधिवक्ता के रूप में कार्य कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह शानदार मौका है।
आयु सीमा
न्यूनतम आयु: 22 वर्ष
अधिकतम आयु: 35 वर्ष
आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। आयु की गणना आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के आधार पर की जाएगी।
चयन प्रक्रिया
BPSC PCS-J 2026 चयन प्रक्रिया तीन चरणों में आयोजित की जाएगी:
प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam)
मुख्य परीक्षा (Mains Exam)
साक्षात्कार (Interview)
प्रारंभिक परीक्षा वस्तुनिष्ठ (Objective Type) होगी। इसमें सफल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। मुख्य परीक्षा लिखित होगी, जिसमें विधि विषयों की गहन समझ का परीक्षण किया जाएगा। अंत में इंटरव्यू के माध्यम से उम्मीदवार की व्यक्तित्व, विधिक ज्ञान और निर्णय क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा।

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आवेदन प्रक्रिया: ऐसे करें अप्लाई
BPSC Civil Judge Recruitment 2026 के लिए आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं।
“New Registration” पर क्लिक कर पंजीकरण करें।
रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें।
“33rd Civil Judge Notification” लिंक पर क्लिक करें।
मांगी गई सभी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें।
आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।
ध्यान रखें कि आवेदन में दी गई जानकारी सही और प्रमाणित होनी चाहिए, अन्यथा आवेदन रद्द किया जा सकता है।
आवेदन शुल्क
आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। सटीक शुल्क की जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में उपलब्ध है। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम (नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड) से किया जाएगा।
क्यों खास है BPSC Civil Judge Recruitment 2026?
न्यायिक सेवा में प्रतिष्ठित करियर
आकर्षक वेतनमान और भत्ते
सामाजिक सम्मान और स्थिर सरकारी नौकरी
न्याय व्यवस्था में सीधे योगदान का अवसर
BPSC Civil Judge Recruitment 2026 न केवल एक सरकारी नौकरी है, बल्कि यह समाज में न्याय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी है। बिहार न्यायिक सेवा में चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण के बाद विभिन्न जिलों में पदस्थापित किया जाएगा।

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वेतनमान और सुविधाएं
चयनित सिविल जज को राज्य सरकार के नियमानुसार वेतन और अन्य भत्ते प्रदान किए जाएंगे। इसमें मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाएं शामिल होंगी। न्यायिक सेवा में करियर न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है, बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा भी देता है।
परीक्षा की तैयारी कैसे करें?
संविधान, भारतीय दंड संहिता (IPC), सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) पर मजबूत पकड़ बनाएं।
पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें।
नियमित मॉक टेस्ट दें।
समय प्रबंधन का अभ्यास करें।
जो अभ्यर्थी गंभीरता से तैयारी करेंगे, उनके लिए 33वीं बिहार सिविल जज भर्ती 2026 सफलता का मार्ग खोल सकती है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर BPSC Civil Judge Recruitment 2026 कानून की पढ़ाई कर चुके युवाओं के लिए एक बेहतरीन सरकारी अवसर है। 173 पदों पर निकली यह भर्ती बिहार न्यायिक सेवा में प्रवेश का सुनहरा मौका प्रदान करती है। आवेदन की अंतिम तिथि 18 मार्च 2026 है, इसलिए इच्छुक उम्मीदवार समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
अगर आप न्यायपालिका में करियर बनाना चाहते हैं, तो BPSC Civil Judge Vacancy 2026 को बिल्कुल भी न छोड़ें। यह अवसर आपके सपनों को नई दिशा दे सकता है।

होली और ईद से पहले कुशीनगर में प्रशासन सख्त, बॉर्डर एरिया में बढ़ाई गई सुरक्षा

कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा)आगामी होलिका दहन, होली और ईद-उल-फितर को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता मंडलायुक्त अनिल ढींगरा और डीआईजी एस चनपा ने की।
बैठक में प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कुशीनगर त्योहार सुरक्षा व्यवस्था 2026 को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य, विद्युत, पेयजल और यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
संवेदनशील स्थलों का संयुक्त निरीक्षण अनिवार्य
मंडलायुक्त ने सभी उपजिलाधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों और थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित होलिका दहन स्थलों और ईदगाहों का संयुक्त रूप से निरीक्षण करें। इसके साथ ही विभिन्न समुदायों के धर्मगुरुओं और सम्मानित नागरिकों के साथ समन्वय बैठकें कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की जाए।
प्रशासन का मानना है कि कुशीनगर त्योहार सुरक्षा व्यवस्था 2026 के तहत समय रहते संवाद स्थापित करने से किसी भी संभावित विवाद को पहले ही रोका जा सकता है।
बॉर्डर एरिया में विशेष सतर्कता
कुशीनगर की सीमावर्ती स्थिति को ध्यान में रखते हुए मंडलायुक्त ने इसे अति संवेदनशील बताया। उन्होंने गौ-तस्करी और कच्ची शराब की अवैध बिक्री पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए।
चिन्हित सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, चेक पोस्ट सक्रिय रखने और बैरियर लगाकर सघन चेकिंग अभियान चलाने के आदेश दिए गए। डीआरवी वाहनों को संवेदनशील स्थलों पर तैनात रखने और अधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने के निर्देश दिए गए।
अवैध शराब पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
त्योहारों के दौरान अवैध शराब और एक्सपायरी डेट की मदिरा की बिक्री रोकने के लिए आबकारी विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। सभी एसडीएम, सीओ और एसएचओ को निर्देशित किया गया कि वे मदिरा की दुकानों का स्टॉक सत्यापन कर रजिस्टर से मिलान करें।
साथ ही, सभी लाइसेंसी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में रखने और कच्ची शराब की भट्ठियों को तत्काल नष्ट करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कुशीनगर त्योहार सुरक्षा व्यवस्था 2026 के तहत यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन और उपद्रव पर रोक
त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन को अनुमति नहीं देने की बात कही गई। आवश्यकतानुसार चालान की कार्रवाई और आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों के विरुद्ध जिलाबदर की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।
पिछले पांच वर्षों के रिकॉर्ड की समीक्षा कर उपद्रव की आशंका वाले व्यक्तियों को आवश्यक धाराओं में पाबंद करने का निर्देश दिया गया। एलआईयू अधिकारियों को भी सक्रिय रहकर खुफिया सूचनाएं जुटाने के आदेश दिए गए।
कंट्रोल रूम और स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट मोड पर
जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया कि त्योहारों के मद्देनजर एक संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए, जिसमें सभी संबंधित विभागों की ड्यूटी सुनिश्चित हो।
स्वास्थ्य विभाग को एमओआईसी स्तर के अधिकारी की तैनाती, पीएचसी और सीएचसी में डॉक्टरों व स्टाफ की उपलब्धता, पर्याप्त दवाएं और बेड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस सेवाएं भी अलर्ट मोड पर रहेंगी।
यह कदम कुशीनगर त्योहार सुरक्षा व्यवस्था 2026 को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नगर निकाय और विद्युत विभाग को विशेष जिम्मेदारी
नगर निकायों को ईदगाहों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई तथा पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
विद्युत विभाग को लटकते तारों और जर्जर खंभों की जांच कर तत्काल मरम्मत कराने को कहा गया, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
युवाओं और बिना नंबर प्लेट वाहनों पर निगरानी
बैठक में यह भी तय हुआ कि नई उम्र के युवकों, बिना नंबर प्लेट के वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। हालांकि, मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
जुलूसों की पूर्व जांच, डीजे को निर्धारित डेसीबल सीमा में ही बजाने और सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अधिकारियों और कर्मचारियों को भी मर्यादित आचरण बनाए रखने और किसी प्रकार की रील या वीडियो पोस्ट न करने की हिदायत दी गई।
प्रशासन का भरोसा: शांतिपूर्ण होंगे त्योहार
बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में की गई तैयारियों की जानकारी दी। बताया गया कि सभी थानों में पीस कमेटी की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और बॉर्डर एरिया में चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि मंडलायुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराया जाएगा।
प्रशासन का दावा है कि कुशीनगर त्योहार सुरक्षा व्यवस्था 2026 के तहत बहु-स्तरीय रणनीति अपनाई गई है, जिससे जिले में कानून-व्यवस्था बनी रहे और भाईचारे का संदेश मजबूत हो।

पत्नी की हत्या के प्रयास का सनसनीखेज खुलासा, फरार पति गिरफ्तार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस ने पत्नी की हत्या के प्रयास के सनसनीखेज मामले में फरार चल रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। लगभग एक वर्ष से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा आरोपी आखिरकार पुलिस की सक्रियता और सर्विलांस की मदद से दबोच लिया गया।
पुलिस के अनुसार 10 फरवरी 2025 को थाना बृजमनगंज क्षेत्र के दर्शन कराने के बहाने अभियुक्त दिनेश प्रजापति पुत्र लाल बहादुर निवासी तलही थाना पुरंदरपुर जनपद महराजगंज अपनी पत्नी अनीता को सुनसान जंगल क्षेत्र में ले गया। वहां उसने जान से मारने की नीयत से चाकू से गला काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया और मौके से फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा अपराध संख्या 167/25 धारा 109 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया और घायल महिला को तत्काल अस्पताल भेजकर उपचार शुरू कराया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश और खोजबीन जारी रखी।
जांच के दौरान पता चला कि घटना के बाद आरोपी लगातार स्थान बदलते हुए मुंबई में छिपकर रह रहा था तथा गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपने मोबाइल नंबर बदल रहा था। पुलिस टीम ने सर्विलांस, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने रणनीतिक कार्रवाई करते हुए 25 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 12 बजे आरोपी को रेलवे स्टेशन फरेंदा के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछ-ताछ की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस गिरफ्तारी से पुलिस ने गंभीर अपराध में फरार चल रहे आरोपी को पकड़ कर पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।

बलिया में होली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, दूध और खोया के नमूने जांच को भेजे


त्योहार पर मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान, व्यापारियों को सख्त निर्देश

बलिया (राष्ट्र कि परम्परा)

होली पर्व को देखते हुए खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मंगलवार को जनपद में विशेष जांच अभियान चलाया। यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनउ तथा सहायक आयुक्त Azamgarh निर्देश पर की गई। त्योहारों के दौरान मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आया।सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. वेद प्रकाश मिश्र के निर्देशन एवं मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री हरिंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया। अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री राकेश ने 25 फरवरी 2026 को हनुमान मंदिर क्षेत्र से गाय के दूध का एक नमूना तथा खोया का एक नमूना संग्रहित किया। इसके अतिरिक्त जनाड़ी चट्टी स्थित एक मिष्ठान विक्रेता की दुकान से भी नमूने लेकर उन्हें जांच हेतु अधिकृत खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया।
टीम ने निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य पदार्थों को ढककर रखने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही निर्माण और बिक्री करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान कृत्रिम रंगों और मिलावटी सामग्री से बनी मिठाइयों की बिक्री पर विशेष नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से अत्यधिक गहरे और चटकीले रंग की मिठाइयों की जांच की जा रही है, क्योंकि इनमें कृत्रिम रंगों के अधिक उपयोग की संभावना रहती है।सहायक आयुक्त खाद्य ने आमजन से अपील की है कि वे प्रतिष्ठित दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें और अत्यधिक चमकीले या अस्वाभाविक रंग वाली मिठाइयों से परहेज करें। यदि किसी को मिलावट की आशंका हो तो तत्काल विभाग को सूचित करें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को निर्देशित किया है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में नियमित साफ-सफाई रखें, खाद्य लाइसेंस का नवीनीकरण समय से कराएं तथा गुणवत्ता मानकों का पूर्ण पालन करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निर्देशों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, ताकि होली के अवसर पर आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।

252 जोड़े बंधेंगे परिणय सूत्र में


राजकीय पॉलिटेक्निक ग्राउंड में भव्य आयोजन, प्रशासन ने तेज की तैयारियां
बलिया(राष्ट्र कि परम्परा)
जनपद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 26 फरवरी को प्रातः 10 बजे भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम राजकीय पॉलिटेक्निक ग्राउंड में संपन्न होगा, जहां जिले के विभिन्न विकास खंडों से चयनित कुल 252 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधेंगे। आयोजन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ पारदर्शिता के साथ प्रदान किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी कर ली जाएं, ताकि समारोह गरिमामय और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु की उपस्थिति प्रस्तावित है। आयोजन स्थल पर बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, सुरक्षा एवं चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त बारातियों एवं परिजनों के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें सामाजिक और आर्थिक संबल मिलता है। जिला प्रशासन ने आमजन से कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है।

जननायक शिब्बन लाल सक्सेना: महराजगंज की मिट्टी में गूंजता स्वर्णिम इतिहास

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। स्वतंत्रता संग्राम की तपती भट्ठी में तपकर निकले जननायक शिब्बन लाल सक्सेना का नाम आज भी महराजगंज की धरती पर गर्व और सम्मान के साथ लिया जाता है। वे केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि किसानों-मजदूरों की आवाज और जनपद की राजनीतिक चेतना के सशक्त स्तंभ रहे।

स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका

शिब्बन लाल सक्सेना ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विशेष रूप से Quit India Movement के दौरान उन्होंने कई बार जेल यात्राएं कीं। अंग्रेजी हुकूमत के दमन के बावजूद वे अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। उनके ओजस्वी भाषणों ने युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाई और जनभागीदारी को मजबूत किया।

संसद से जनपद तक विकास की आवाज

स्वतंत्रता के बाद उन्होंने जनसेवा को अपना जीवन लक्ष्य बनाया। संसद में पहुंचकर सड़क, सिंचाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत मुद्दों को मजबूती से उठाया। महराजगंज को अलग जनपद के रूप में पहचान दिलाने की सोच और उसके पक्ष में जनमत तैयार करने में भी उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है।

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शिक्षा और जागरूकता पर विशेष जोर

वे शिक्षा को समाज परिवर्तन का आधार मानते थे। विद्यालयों और महाविद्यालयों की स्थापना एवं विस्तार में उनका महत्वपूर्ण सहयोग रहा। उनका विश्वास था कि शिक्षित समाज ही आत्मनिर्भर राष्ट्र की नींव रख सकता है।

सादगी और जनसरोकारों के प्रतीक

शिब्बन लाल सक्सेना सादगीपूर्ण जीवन, उच्च आदर्शों और जनसमस्याओं के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। आमजन से सीधा संवाद और निरंतर संघर्ष उनकी पहचान रहा। यही कारण है कि वे नेता से अधिक “जननायक” के रूप में प्रतिष्ठित हुए।

आज भी महराजगंज जब विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है, तब उनका जीवन संदेश देता है कि त्याग, ईमानदारी और जनसेवा ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है।

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Voter ID बनवाने से पहले पढ़ें जरूरी दिशा-निर्देश, नहीं तो अटक सकता है आवेदन

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत नए मतदाताओं का पंजीकरण जारी है। इस बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश Navdeep Rinwa ने फॉर्म-6 भरने को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि छोटी-सी गलती भी मतदाता पहचान पत्र (EPIC) जारी होने में बाधा बन सकती है।

घोषणा पत्र भरना अनिवार्य

फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र पूरा भरना जरूरी है। अधूरा आवेदन लंबित या निरस्त हो सकता है।

ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

आवेदन https://voters.eci.gov.in पोर्टल या ECINET ऐप के माध्यम से किया जा सकता है। ऑफलाइन फॉर्म बीएलओ को भी दिया जा सकता है। मोबाइल नंबर दर्ज करना बेहद जरूरी है, जिससे ओटीपी के जरिए आवेदन ट्रैक और e-EPIC डाउनलोड किया जा सके।

फोटो अपलोड में रखें सावधानी

• रंगीन एवं JPEG प्रारूप
• अधिकतम 2 MB
• पासपोर्ट साइज (4.5×3.5 सेमी)
• चेहरे का 75% हिस्सा स्पष्ट
• हल्की पृष्ठभूमि, बिना छाया या चमक
गलत फोटो से भविष्य में पहचान संबंधी समस्या हो सकती है।

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नाम और पता दोनों भाषाओं में

आवेदक अपना और संबंधी का नाम हिंदी व अंग्रेजी दोनों में सही वर्तनी के साथ भरें। पूरा पता, पिनकोड और लैंडमार्क अवश्य दर्ज करें।

निवास प्रमाण की स्वप्रमाणित प्रति

बिजली/पानी बिल, आधार, बैंक पासबुक, पासपोर्ट, भूमि अभिलेख या किरायानामा जैसे स्पष्ट दस्तावेज संलग्न करें।

संशोधन के लिए फॉर्म-8

यदि पहले से बने पहचान पत्र में त्रुटि है तो फॉर्म-8 के माध्यम से संशोधन कराएं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि आवेदन करते समय लापरवाही न बरतें। सही जानकारी के साथ आवेदन कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाएं।

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महराजगंज में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का भव्य आयोजन, मेधावी छात्र-छात्राएं सम्मानित

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। विकासखंड बृजमनगंज में भारतीय संस्कृति के संवर्धन और विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के प्रसार हेतु भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। यह परीक्षा Shantikunj Haridwar द्वारा संचालित की गई, जिसका संचालन ब्लॉक समन्वयक उमाशंकर यादव के निर्देशन में संपन्न हुआ।

परीक्षा का आयोजन Dr Bhimrao Ambedkar Shishu Sadan Banjaraha Sonbarsa में किया गया, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रप्रेम से जोड़ना रहा।

मेधावियों को मेडल व प्रमाण-पत्र

परीक्षा के उपरांत विद्यालय में भव्य पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित हुआ। मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल, प्रमाण-पत्र और आकर्षक पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अभिभावकों, शिक्षकों और क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

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व्यक्तित्व निर्माण पर जोर

ब्लॉक समन्वयक ने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास का माध्यम है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। पूरे आयोजन में अनुशासन और सांस्कृतिक वातावरण का समन्वय देखने को मिला।
क्षेत्रवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने वाला प्रेरणादायक प्रयास बताया।

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26 फरवरी राशिफल में जानें करियर, धन और स्वास्थ्य की सटीक भविष्यवाणी

26 फरवरी राशिफल: गुरुवार का विस्तृत भविष्यफल


26 फरवरी के दिन गुरुवार है। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को श्री नारायण की आराधना करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 26 फरवरी राशिफल कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत दे रहा है, जबकि कुछ राशि वालों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। आइए पढ़ते हैं 26 फरवरी राशिफल में मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का विस्तृत हाल।

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मेष राशि
26 फरवरी राशिफल के अनुसार विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं, जो लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं। व्यापार में अच्छा लाभ मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नया कार्यभार मिल सकता है। मेहनत रंग लाएगी।
वृषभ राशि
आज करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। वरिष्ठों से प्रशंसा प्राप्त होगी। आय बढ़ाने के लिए पूरे समर्पण से कार्य करें। प्रमोशन के योग बन रहे हैं।
मिथुन राशि
आर्थिक दृष्टि से दिन अनुकूल रहेगा। व्यवसाय की शुरुआत में थोड़ी रुकावट आ सकती है, लेकिन दिन ढलते-ढलते परिस्थितियां सुधरेंगी। जिम्मेदारियां सोच-समझकर लें।

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कर्क राशि
करियर में कुछ असफलताओं का सामना करना पड़ सकता है। योजनाएं अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं देंगी। धैर्य और सावधानी बरतें।
सिंह राशि
दफ्तर में खुद को साबित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। वाणी पर संयम रखें। व्यापारियों को स्टाफ संबंधी परेशानी हो सकती है।
कन्या राशि
कारोबारियों को सतर्क रहने की जरूरत है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। आत्मविश्वास में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है। जीवनसाथी के साथ समय बिताना संबंध मजबूत करेगा।
तुला राशि
वित्तीय स्थिति सामान्य से थोड़ी कमजोर रह सकती है। सहकर्मियों से सावधान रहें। ऑफिस में सोच-समझकर बोलें।

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वृश्चिक राशि
धन लाभ के अच्छे संकेत हैं। नई स्किल सीखने और निवेश करने के लिए दिन अनुकूल है। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं।
धनु राशि
दिन की शुरुआत संघर्षपूर्ण रहेगी। काम का दबाव अधिक रहेगा। नौकरी बदलने का विचार मन में आ सकता है। व्यापारी कार्यक्षेत्र में बदलाव सोच सकते हैं।
मकर राशि
मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। समस्याएं अस्थायी हैं। सकारात्मक सोच बनाए रखें।
कुंभ राशि
उत्पादकता सामान्य से कम रह सकती है। अप्रत्याशित अड़चनें आ सकती हैं। योजनाओं में देरी संभव है। धैर्य बनाए रखें।

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मीन राशि
व्यवसाय में खर्चों पर नियंत्रण रखें। जीवनसाथी से विवाद से बचें। घूमने-फिरने का कार्यक्रम बन सकता है।
निष्कर्ष
26 फरवरी राशिफल संकेत दे रहा है कि यह दिन कुछ राशियों के लिए सफलता और उन्नति लेकर आएगा, जबकि कुछ को संयम और सावधानी की आवश्यकता है। गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा कर सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है।
Disclaimer: इस 26 फरवरी राशिफल में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसकी पूर्ण सत्यता का दावा नहीं किया जाता। विस्तृत सलाह के लिए विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।