Friday, June 12, 2026
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साधना के शाक्त, वैष्णव और शैव स्तरों की समान पारमार्थिक महत्ता पर जोर

आनंद मार्ग का प्रथम संभागीय त्रिदिवसीय सेमिनार शुरू

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। आनंद मार्ग प्रचारक संघ गोरखपुर द्वारा आयोजित प्रथम संभागीय त्रिदिवसीय सेमिनार का शुभारंभ शुक्रवार को दक्षिणी बेतिया हाता स्थित आयोजन स्थल पर हुआ। मुख्य प्रशिक्षक आचार्य सिद्ध विद्यानंद अवधूत ने आनंद मार्ग के प्रवर्तक आनंदमूर्ति की प्रतिकृति पर माल्यार्पण कर सेमिनार का उद्घाटन किया।
उद्घाटन सत्र में “साधना” विषय पर बोलते हुए आचार्य सिद्ध विद्यानंद अवधूत ने कहा कि आनंद मार्ग की साधना पद्धति के तीन प्रमुख स्तर—शाक्त, वैष्णव और शैव—का पारमार्थिक मूल्य समान है। किसी एक स्तर को अलग करके आनंद मार्ग को पूर्ण रूप से नहीं समझा जा सकता।
उन्होंने बताया कि साधक की यात्रा शाक्त साधना से आरंभ होकर शैव भाव की ओर अग्रसर होती है। प्रत्याहार योग के माध्यम से साधक की आंतरिक उन्नति होती है और वह जगत सेवा की दिशा में प्रवृत्त होता है। वैष्णव स्तर में निःस्वार्थ भक्ति का विकास होता है, जबकि शैव स्तर ज्ञानस्वरूप अवस्था का प्रतीक है। शाक्त स्तर में ज्ञान और कर्म की प्रधानता, वैष्णव स्तर में कर्म और भक्ति तथा शैव स्तर में पूर्णतः ज्ञान भाव निहित है।
प्रत्याहार साधना के चार स्तर—यतमान, व्यतिरेक, एकेन्द्रिय और वशीकार—का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वशीकार अवस्था में साधक पूर्णतः परमात्मा की शरण में होता है। इस अवस्था में मन आत्मा के नियंत्रण में आ जाता है, जिससे साधक 50 मूल वृत्तियों पर नियंत्रण प्राप्त करता है।
आचार्य ने मत और पथ के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि मत देश, काल और परिस्थितियों के अनुसार बदलते रहते हैं, जबकि पथ एक ही होता है। अनेक मत हो सकते हैं, लेकिन परमगति का मार्ग एकमात्र है—परमपुरुष से मिलन। उन्होंने ब्रह्मचक्र के माध्यम से आनंद मार्ग को वह त्रिज्या बताया, जो सभी जीवों को केंद्र स्थित पुरुषोत्तम से जोड़ती है।
सेमिनार में आचार्य मेघदीपानंद अवधूत, आचार्य धीरजानंद अवधूत, पुण्यजीतानंद अवधूत, आचार्य अधिष्ठानंद अवधूत, आचार्य जगदात्मानंद, आचार्य राघवानंद अवधूत, आचार्य वल्लभानंद अवधूत, आचार्य सिद्धानंद अवधूत, अवधुतिका आनंद प्रसन्ना, आनंद आदिति, आनंद वेदीता आचार्या सहित विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों अनुयायी उपस्थित रहे।

आरटीआई अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर सूचना आयुक्त का सख्त संदेश

जन सूचना अधिकारियों को 30 दिन में सूचना देने के निर्देश, भ्रामक जानकारी पर रोक

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। राज्य सूचना आयुक्त राकेश कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जन सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के प्रभावी अनुपालन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवेदकों द्वारा मांगी गई सूचनाएं हर हाल में 30 दिवस के भीतर उपलब्ध कराई जाएं और अधिनियम में निहित नागरिक अधिकारों का पूर्ण सम्मान हो।
सूचना आयुक्त ने जोर देते हुए कहा कि यदि मांगी गई सूचना नियमसंगत है, तो उसे बिना किसी टालमटोल के उपलब्ध कराना जन सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सूचना अधिकारी जनता की सेवा के लिए होते हैं और आवेदक अधिनियम के तहत प्रमुख पक्ष होता है।
बैठक में निर्देश दिए गए कि सूचना प्रदान करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न हों, ताकि आवेदक के आशय की पुष्टि हो सके। आधी-अधूरी या भ्रामक सूचना किसी भी स्थिति में न दी जाए। साथ ही प्रत्येक जन सूचना अधिकारी को अपने कार्यालय में एक रजिस्टर रखने के निर्देश दिए गए, जिसमें आवेदन की प्राप्ति और निस्तारण का विवरण तिथि-वार दर्ज किया जाए। यदि कोई आवेदन संबंधित विभाग से संबद्ध न हो, तो उसे 5 दिन के भीतर संबंधित विभाग को प्रेषित किया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चन्द्रेश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रामानुज कन्नौजिया, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी (न्यायिक) मेंहदावल रविकान्त चौबे, जिला विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, डीसी मनरेगा प्रभात द्विवेदी, उप कृषि निदेशक डा. राकेश कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा, भूमि संरक्षण अधिकारी दीपचन्द्र, जिला कृषि अधिकारी डा. सर्वेश कुमार यादव, एआर कोऑपरेटिव आनन्द मिश्र, जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चन्द्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी सत्येन्द्र सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रवीशचन्द्र, बाट-माप अधिकारी वी.पी. वर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित सभी जन सूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय परिसर में धूमधाम से हुआ सरस्वती पूजन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में बसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती पूजन का श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग में वाक् देवी सरस्वती का पारंपरिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन संपन्न हुआ।
पूजन कार्य संस्कृत विभाग से ज्योतिष एवं कर्मकांड में डिप्लोमा प्राप्त आचार्य अंकित कुमार शुक्ल द्वारा संपन्न कराया गया। विभाग की ओर से प्रो. दिग्विजय नाथ यजमान के रूप में उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने मुख्य यजमान की भूमिका निभाते हुए विधिवत पूजन एवं हवन संपन्न कराया।
इस अवसर पर विभागीय गतिविधियों में सक्रिय योगदान देने वाले विद्यार्थियों को कुलपति द्वारा पुरस्कृत किया गया। साथ ही चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों को वस्त्र वितरण भी किया गया।
विभागाध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी ने वाक् देवी की पूजन परंपरा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्राचीन इतिहास विभाग में सरस्वती पूजन की परंपरा विगत 46 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। उन्होंने इसे भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण अंग बताया।
प्रो. राजवन्त राव ने कहा कि बसंत पंचमी ज्ञान, ऋतु परिवर्तन एवं कृषि सत्र से जुड़ा पर्व है। उन्होंने कहा कि वाक् देवी सरस्वती ज्ञान, प्रकृति और सृजन का सुंदर समन्वय स्थापित करती हैं।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने वाक् देवी की वंदना करते हुए विभाग, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों से सृजनशील बनने का आह्वान किया तथा विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई रंगोली, सजावट एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. पद्मजा सिंह ने किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा शिव तांडव नृत्य, भजन एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
इसके अतिरिक्त जंतु विज्ञान विभाग एवं अलकनंदा छात्रावास में भी कुलपति प्रो. पूनम टंडन की उपस्थिति में सरस्वती पूजन का विधिवत आयोजन किया गया।

ब्लैकआउट मॉक ड्रिल, जनता का पूर्ण सहयोग

सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सरकार के निर्देशानुसार शुक्रवार संध्या 6:00 बजे से 6:15 बजे तक सिकंदरपुर बस स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। लोगों ने अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद कर प्रशासनिक निर्देशों का पूर्ण पालन किया।
ट्रैफिक इंस्पेक्टर रुद्र प्रताप मल और चौकी प्रभारी अश्वनी कुमार मिश्रा ने लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को पूर्व सूचना दी और सहयोग की अपील की। ड्रिल के दौरान बस स्टेशन, बाजार और मोहल्लों में अधिकांश स्थानों पर अंधकार देखा गया, जिससे नागरिकों की तत्परता और प्रशासन के समन्वय का सकारात्मक असर स्पष्ट हुआ।
स्थानीय नागरिकों ने इस अभ्यास को आपात स्थितियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला बताया। प्रशासन ने भी जनता के सहयोग की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के अभ्यास से किसी भी संभावित आपदा का प्रभावी प्रबंधन संभव होता है।
कुल मिलाकर, सिकंदरपुर में आयोजित यह ब्लैकआउट मॉक ड्रिल शांतिपूर्ण और सफल रही।

ABVP देवरिया का पराक्रम दिवस पर सशक्त आयोजन

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर ABVP देवरिया ने आयोजित की “नारी शक्ति एवं पराक्रम” संगोष्ठी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) देवरिया नगर इकाई द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती एवं पराक्रम दिवस के अवसर पर दीनानाथ महिला महाविद्यालय में “नारी शक्ति एवं पराक्रम” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवतियों में राष्ट्रभक्ति, साहस और नेतृत्व भावना का विकास करना रहा।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में संत विनोबा पीजी कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गोरक्ष प्रांत के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. विवेक मिश्रा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।

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डॉ. विवेक मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद आज़ाद हिन्द फौज का सशस्त्र संघर्ष ब्रिटिश हुकूमत को भारत की स्वतंत्रता पर निर्णय लेने के लिए बाध्य करने वाला सिद्ध हुआ। आज़ाद हिन्द सरकार के गठन से स्वराज और राष्ट्रवाद की नई चेतना का संचार हुआ। “जय हिन्द” और “दिल्ली चलो” जैसे नारों ने स्वतंत्रता सेनानियों में अदम्य उत्साह भरा।
उन्होंने नारी शक्ति एवं पराक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नेताजी द्वारा गठित रानी झांसी रेजिमेंट विश्व की पहली महिला सशस्त्र टुकड़ी थी, जिसने यह सिद्ध किया कि भारतीय नारी केवल अहिंसक आंदोलनों तक सीमित नहीं, बल्कि युद्ध के मैदान में भी अग्रिम पंक्ति में खड़ी हो सकती है। आज स्त्री शक्ति राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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नगर अध्यक्ष डॉ. मंतोष मौर्य ने कहा कि “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” का नारा नेताजी के राष्ट्र के प्रति समर्पण और त्याग का प्रतीक है। जिला संयोजक अमित मणि ने कहा कि ABVP अपने कार्यक्रमों के माध्यम से सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद जैसे राष्ट्रनायकों के विचार युवाओं तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
कार्यक्रम का संचालन नगर सह मंत्री अमन त्रिपाठी ने किया। संगोष्ठी में महाविद्यालय की छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। इसके अतिरिक्त, सुभाष चौक स्थित नेताजी की प्रतिमा पर ABVP कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर प्रांत कार्यकारिणी सदस्य डॉ. सुधीर कुमार, विभाग संगठन मंत्री प्रशांत मणि, जिला संगठन मंत्री सात्विक श्रीवास्तव, डॉ. पुनित सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कूड़ा कलेक्शन में लापरवाही पर सख्ती, सचिवों से जवाब तलब

बंद डोर-टू-डोर कलेक्शन तुरंत शुरू कराने के निर्देश, वेतन रोकने की चेतावनी



गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उपनिदेशक (पंचायत), गोरखपुर मंडल हिमांशु शेखर ठाकुर ने पंचायत स्तर के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी स्तर पर ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शुक्रवार सुबह 11:30 बजे आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक में विकासखंड बांसगांव, बड़हलगंज, बेलघाट, भरोहिया, भटहट, ब्रह्मपुर, कैंपियरगंज, चरगांव और गगहा के एडीओ पंचायत, ग्राम पंचायत सचिव और खंड प्रेरकों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की वास्तविक स्थिति की समीक्षा था।
समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि अधिकांश सचिव अपने क्लस्टर की केवल एक ग्राम पंचायत में ही कूड़ा संग्रहण व्यवस्था चला रहे हैं, जबकि दूसरी पंचायत में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू नहीं किया गया है। वहीं करीब 40 सचिव ऐसे पाए गए जो दोनों ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से यह कार्य करवा रहे हैं। इसके विपरीत लगभग 15 सचिवों द्वारा शुरू किया गया कूड़ा कलेक्शन कार्य बीच में ही बंद कर दिया गया।

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इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए उपनिदेशक (पंचायत) ने निर्देश दिए कि अगले मंगलवार तक सभी सचिव अपने क्लस्टर की दोनों ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन अनिवार्य रूप से शुरू कराएं। उन्होंने साफ कहा कि आदेशों की अवहेलना करने वाले सचिवों का जनवरी माह का वेतन रोक दिया जाएगा।

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बैठक में आरआरसी सेंटर की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। निर्देश दिए गए कि वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन को सक्रिय किया जाए, जिससे ग्राम पंचायतें स्वच्छता के साथ-साथ आत्मनिर्भर आय सृजन की दिशा में आगे बढ़ सकें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ भारत अभियान को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सतत और जिम्मेदार व्यवस्था के रूप में लागू किया जाएगा।

सलेमपुर ग्रामीण में बिजली विभाग का विशेष कैंप, 56 से वसूली, 62 कनेक्शन कटे

सलेमपुर (राष्ट्र की परम्परा)। सलेमपुर ग्रामीण क्षेत्र में बकाया बिजली बिल वसूली और विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से बिजली विभाग द्वारा विशेष वसूली कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में छूट योजना का लाभ लेते हुए 56 उपभोक्ताओं ने अपना बकाया बिल जमा किया, जबकि भुगतान न करने वाले 62 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन विच्छेदित कर दिए गए।

विभागीय जानकारी के अनुसार यह अभियान महाराजपुर टीजी-2 (आशुतोष) और नरौली भीखम क्षेत्र में चलाया गया। अभियान का संचालन खुखुंदू सबस्टेशन के अंतर्गत जेई सोनू प्रसाद के नेतृत्व में किया गया। इसके साथ ही छपरा प्रयाग टीजी-2 (जगदीश यादव) और पिवकोल क्षेत्र में भी बकाया वसूली एवं कार्रवाई की गई, जिसकी जिम्मेदारी जेई उपेन्द्र कुमार ने संभाली।

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बिजली विभाग के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे समय से बिजली बिल का भुगतान करें और शासन द्वारा चलाई जा रही छूट योजना का लाभ उठाएं, जिससे कनेक्शन कटने जैसी कार्रवाई से बचा जा सके। विभाग ने स्पष्ट किया कि बकाया बिलों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि राजस्व की वसूली के साथ विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।

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बाल विवाह मुक्त भारत: देवरिया पुलिस लाइन में शपथ कार्यक्रम

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद देवरिया में मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन देवरिया के प्रेक्षागृह में एक महत्वपूर्ण बैठक एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पाण्डेय ने की।

बैठक के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई होने के साथ-साथ कानूनन अपराध भी है, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को प्रभावित करता है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया कि किसी भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति 5.0 का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देना है। बाल विवाह मुक्त भारत का लक्ष्य तभी पूरा हो सकता है जब पुलिस, प्रशासन और समाज मिलकर सतत प्रयास करें।

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बैठक के उपरांत उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई। शपथ के दौरान यह संकल्प लिया गया कि बाल विवाह की किसी भी घटना की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों को दी जाएगी तथा समाज में जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

इस कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस विभाग की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया गया, ताकि जनपद में बाल विवाह जैसी कुरीति को जड़ से समाप्त किया जा सके।

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अवैध खनन व ओवरलोडिंग पर सख्त डीएम, चेकिंग तेज

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में अवैध खनन और खनिजों के ओवरलोड परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय कार्यबल की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अवैध खनन, ओवरलोडिंग, फर्जी नंबर प्लेट और जांच से बचने के लिए अपनाए जा रहे नए तरीकों पर गंभीर चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि भरौली गोलंबर से प्रतिदिन लगभग 800 से अधिक ट्रक गुजरते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में खनिज लदे वाहन शामिल हैं।

बैठक में यह भी सामने आया कि कई वाहन चालक चेकिंग से बचने के लिए नंबर प्लेट पर ग्रीस या मिट्टी लगा देते हैं या नंबर प्लेट बदल देते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए चेक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को प्रत्येक ट्रक की नंबर प्लेट की गहन जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित कर्मियों का वेतन रोकने सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। आरटीओ अरुण कुमार राय को ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और पूरे प्रकरण की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। साथ ही मांझी घाट से प्रतिदिन गुजरने वाले लगभग 60 वाहनों की सघन निगरानी के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि मिट्टी या अन्य खनिज के खनन के लिए वैध पट्टा और अनुमति पत्र अनिवार्य है। बिना अनुमति खनन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वाहन सीज किए जाएंगे।

सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने एनएच-922 मार्ग पर दुर्घटना संभावित स्थान पर चार छोटे ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए। संबंधित विभाग को पांच दिनों के भीतर ब्रेकर निर्माण कार्य पूरा कर उन्हें सफेद रंग से पेंट कराने का आदेश दिया गया, ताकि वाहन चालकों को दूर से ही संकेत मिल सके।

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बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध खनन न केवल राजस्व की हानि करता है, बल्कि पर्यावरण और सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। सभी विभाग आपसी समन्वय से नियमित जांच अभियान चलाएं और प्रतिदिन कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, एडीएम अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन, अपर पुलिस अधीक्षक कृपा शंकर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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जी.एम. एकेडमी में श्रद्धा व उल्लास के साथ सरस्वती पूजा

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान जी.एम. एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सलेमपुर में विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती का पूजन समारोह श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत संस्कृत आचार्य पं. शुभम् मिश्र द्वारा मंत्रोच्चार, स्वस्तिवाचन एवं प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी द्वारा दीप प्रज्वलन और विधिवत पूजन-अर्चन से हुई। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने माँ सरस्वती से ज्ञान, विद्या एवं सद्बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।

सरस्वती पूजा के अवसर पर विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, भजन तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर भक्ति गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी। नन्हे-मुन्ने बच्चों की प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट और “भारत माता की जय” के नारों से वातावरण गूंज उठा।

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प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि माँ सरस्वती की आराधना हमें ज्ञान, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। साथ ही उन्होंने आगामी गणतंत्र दिवस पर विद्यालय में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी “नोवा विस्टा” में सभी अभिभावकों और छात्रों को आमंत्रित किया।

विशेष रूप से कक्षा 10वीं एवं 12वीं के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने हवन में आहुति देकर कार्यक्रम को और भी पावन बनाया। पूजा के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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देवरिया: अवैध प्रेम संबंध बना हत्या की वजह, तीन आरोपी गिरफ्तार

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद देवरिया के थाना मदनपुर क्षेत्र में मिले अज्ञात शव के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। हत्या के इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए मफलर, मोबाइल फोन और सीएनजी ऑटो बरामद किया है। हत्या की वजह अवैध प्रेम संबंध सामने आई है।

पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर हरिराम यादव के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई।

बताया गया कि 13 जनवरी 2026 को थाना मदनपुर क्षेत्र के ग्राम पकड़ी तिवारी में सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। जांच के दौरान मृतक की पहचान प्रमोद यादव निवासी गौरा, बरहज के रूप में हुई। इस संबंध में थाना मदनपुर में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

जांच में पुलिस को पता चला कि प्रमोद यादव की हत्या रामेश्वर विश्वकर्मा, सोनू पासवान और गोलू राजभर ने मिलकर की थी। पूछताछ में मुख्य आरोपी रामेश्वर ने बताया कि मृतक का उसकी पत्नी से अवैध प्रेम संबंध था, जिससे वह काफी नाराज था। कई बार समझाने के बावजूद जब बात नहीं बनी, तो उसने हत्या की साजिश रच डाली।

ये भी पढ़ें – CRPF में चयनित बेटे का गांव में ऐतिहासिक स्वागत

12 जनवरी को आरोपियों ने प्रमोद यादव को शराब पिलाई और फिर सुनसान स्थान पर ले जाकर मफलर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को सड़क किनारे फेंककर सभी आरोपी फरार हो गए थे।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

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CRPF में चयनित बेटे का गांव में ऐतिहासिक स्वागत

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। फरेंदा क्षेत्र के ग्राम पिपरा मौनी में उस समय गर्व और देशभक्ति का माहौल देखने को मिला, जब गांव के लाल वीरेंद्र कुमार गुप्ता CRPF की ट्रेनिंग पूरी कर पहली बार अपने गांव पहुंचे। उनके आगमन पर गांव की सड़कें ढोल-नगाड़ों की गूंज और देशभक्ति के जयघोष से गूंज उठीं। ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर और नाच-गान के साथ जवान का ऐतिहासिक स्वागत किया।

साधारण परिवार से निकलकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) जैसे प्रतिष्ठित बल में चयनित होकर लौटे वीरेंद्र कुमार गुप्ता के सम्मान में पूरा गांव उमड़ पड़ा। सड़क से लेकर उनके घर तक उत्सव जैसा माहौल रहा। स्वागत कार्यक्रम में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शैलेश कुमार, मनोज शर्मा, राम दवन गुप्ता, नीरज गुप्ता, धन्नजय यादव, गोविंद वरुण, मनोज, रमजान अली, दुर्गा दिन वरुण सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि उनके पिता कमलेश गुप्ता पेशे से सफाईकर्मी हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर सीआरपीएफ में चयन पाकर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है।

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ग्रामीणों ने कहा कि वीरेंद्र कुमार गुप्ता आज गांव के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि मजबूत इरादों और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। गांववासियों ने जवान के उज्ज्वल भविष्य और देशसेवा में सफलता की कामना की।

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को यूजीसी से ऑनलाइन व ओडीएल मोड में यूजी-पीजी की स्वीकृति

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से ऑनलाइन लर्निंग और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड में स्नातक एवं स्नातकोत्तर कार्यक्रम संचालित करने की स्वीकृति प्राप्त हुई है। ‘श्रेणी-I’ विश्वविद्यालय के रूप में दी गई यह मान्यता विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता और मजबूत डिजिटल अवसंरचना में यूजीसी के भरोसे को दर्शाती है।
इस स्वीकृति के बाद विश्वविद्यालय पूर्व से संचालित पाठ्यक्रमों के साथ-साथ ऑनलाइन और ओडीएल मोड में नए स्नातकोत्तर कार्यक्रम भी प्रारंभ कर सकेगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा को अधिक लचीला, तकनीक-समर्थित और विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है।

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ऑनलाइन और ओडीएल मोड कार्यरत पेशेवरों, दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों, महिलाओं और उन शिक्षार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होंगे, जो समय या स्थान की बाधाओं के कारण नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं हो पाते। ऑनलाइन लर्निंग में इंटरएक्टिव डिजिटल कंटेंट, लाइव व रिकॉर्डेड लेक्चर और ऑनलाइन मूल्यांकन की सुविधा मिलेगी, जबकि ओडीएल मोड स्व-अध्ययन सामग्री और लचीले पाठ्यक्रम ढांचे पर आधारित रहेगा।

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स्वीकृत स्नातक कार्यक्रमों में बीए, बीबीए और बीकॉम शामिल हैं। वहीं स्नातकोत्तर स्तर पर एमबीए, एमकॉम, एमए (अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, शिक्षा, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान) और एमएससी (गणित) कार्यक्रमों की अनुमति दी गई है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में इन मोड के अंतर्गत विश्वविद्यालय में 396 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह स्वीकृति विश्वविद्यालय की अकादमिक परिपक्वता और डिजिटल तत्परता का प्रमाण है। ऑनलाइन और ओडीएल कार्यक्रम शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाएंगे तथा भविष्य में उद्योग और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप और अधिक कौशल-आधारित व नवाचारी कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

एससी/एसटी एक्ट और यूजीसी नियमों को लेकर बढ़ा असंतोष

आरक्षण, यूजीसी नियम और एससी/एसटी एक्ट को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, शंकराचार्य अपमान का आरोप

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।आरक्षण व्यवस्था, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियम, एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग तथा मौनी अमावस्या के दिन आदि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी और संतों के साथ हुए कथित अपमानजनक व्यवहार के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी देवरिया के माध्यम से सौंपा गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि इन सभी विषयों पर राष्ट्रपति स्तर से स्वतः संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ज्ञापनकर्ताओं ने कहा कि देश शिक्षा, प्रतिभा और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन जाति आधारित राजनीति और नीतियाँ समाज को विभाजित करने का कार्य कर रही हैं।

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आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक न्याय है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुँच पा रहा है। मांग की गई कि सभी वर्गों के आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों का व्यापक सर्वे कर समान आधार पर आरक्षण का लाभ दिया जाए, जिससे सामाजिक समरसता बनी रहे।
यूजीसी के नए नियमों पर आपत्ति
ज्ञापनकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 13 जनवरी 2026 को लागू किए गए यूजीसी के नए नियम शिक्षा संस्थानों में जातिगत विभाजन को बढ़ावा देंगे। उनका कहना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता और निष्पक्षता प्रभावित होगी। इस नियम को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।

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एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग का मुद्दा
ज्ञापन में एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई गई। कहा गया कि कई मामलों में इसका प्रयोग राजनीतिक दबाव और व्यक्तिगत द्वेष के लिए किया जा रहा है, जिससे कानून की मूल भावना प्रभावित हो रही है। इस पर प्रभावी नियंत्रण और पारदर्शी जांच प्रणाली लागू करने की मांग की गई।

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मौनी अमावस्या की घटना पर रोष
ज्ञापन में मौनी अमावस्या के दिन आदि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी और अन्य संतों के साथ शिखा अपमान और अपराधियों जैसा व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया। इसे सनातन परंपरा और संत समाज का अपमान बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
यह ज्ञापन समाजसेवी राहुल मिश्रा और अभय प्रताप शुक्ल के नेतृत्व में सौंपा गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।

छोटे व्यापारियों के लिए वरदान बनी पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड योजना

पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड का शुभारंभ, संत कबीर नगर के लाभार्थियों को मिले स्वीकृति पत्र


संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड योजना का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक लाख से अधिक लाभार्थियों को ऋण वितरण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसी क्रम में संत कबीर नगर जनपद के नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में भी लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।

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नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उद्बोधन का सजीव प्रसारण देखा और सुना गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पीएम स्वनिधि योजना को छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी दुकानदारों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत पहल बताया।
कार्यक्रम में पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र नगर पालिका परिषद अध्यक्ष जगत जायसवाल, अपर उप जिलाधिकारी एवं परियोजना अधिकारी डूडा सुधीर कुमार तथा अधिशासी अधिकारी अवधेश कुमार भारती द्वारा प्रदान किए गए।

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30 हजार रुपये तक की क्रेडिट लिमिट
कार्यक्रम का संचालन शहर कार्यक्रम प्रबंधक ज्ञानेन्द्र नाथ शुक्ला ने किया। उन्होंने बताया कि पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लाभार्थियों को अधिकतम 30,000 रुपये तक की क्रेडिट लिमिट मिलेगी, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकेंगे।
तीन चरणों में मिलेगा ऋण लाभ
पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को पहले चरण में 15,000 रुपये, दूसरे चरण में 25,000 रुपये और तीसरे चरण में 50,000 रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। समय पर ऋण चुकाने पर आगे की राशि पाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
लाभार्थियों को नगर पालिका परिषद खलीलाबाद कार्यालय में उपस्थित होकर ऑनलाइन आवेदन करने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में नगर निकाय और डूडा कार्यालय के कर्मचारी भी मौजूद रहे।