Friday, June 12, 2026
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वेलकम इलाके में युवक की गोली मारकर हत्या, जांच जारी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में शुक्रवार देर रात एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दिल्ली पुलिस के अनुसार, रात 11:28 बजे वेलकम थाने को गोलीबारी की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची।

घटना मौजपुर स्थित ‘मिस्टर किंग लाउंज एंड कैफे’ में हुई। मौके पर पहुंचने पर पुलिस को एक युवक गंभीर हालत में मिला, जिसकी पहचान फैजान उर्फ फज्जी (24 वर्ष) के रूप में हुई है। वह वेलकम जेएमसी निवासी सहरोज आलम का पुत्र था।

घायल अवस्था में फैजान को तुरंत जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर फोरेंसिक टीम को बुलाया, जो मौके से साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

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दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस मामले में वेलकम थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1) और शस्त्र अधिनियम की धारा 25/27 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस ने कहा कि हत्या में शामिल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है और जांच जारी है।

पाकिस्तान: ISI एसेट नूर आलम महसूद के घर फिदायीन हमला

पाकिस्तान (राष्ट्र की परम्परा)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान शहर से एक बेहद चौंकाने वाली और हिंसक घटना सामने आई है। यहां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए काम करने वाले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के पूर्व आतंकी नूर आलम महसूद के घर पर शादी समारोह के दौरान बड़ा फिदायीन आत्मघाती हमला हुआ। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक इस हमले में नूर आलम महसूद समेत कुल 5 लोगों की मौत हो चुकी है।

यह आत्मघाती हमला उस समय हुआ जब नूर आलम महसूद के घर में शादी का कार्यक्रम चल रहा था। शादी समारोह की वीडियो रिकॉर्डिंग में यह भयावह हमला कैद हो गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक ओर नाच-गाना और जश्न का माहौल था, तभी अचानक तेज धमाके के साथ एक कमरे में विस्फोट हो गया। धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं

धमाके के तुरंत बाद सामने आई तस्वीरें और वीडियो बेहद दर्दनाक हैं। चारों तरफ क्षत-विक्षत शव बिखरे हुए दिखाई दे रहे हैं। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि शादी का पूरा माहौल पल भर में मातम में बदल गया। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक हमले में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर केवल 5 मौतों की पुष्टि की गई है।

टीटीपी से कब अलग हुआ था नूर आलम महसूद?

जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में नूर आलम महसूद ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से नाता तोड़ लिया था। उसने पाकिस्तानी सेना के ‘जर्ब-ए-अज़्ब’ ऑपरेशन का विरोध करते हुए टीटीपी छोड़ दी थी और इसके बाद वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में आ गया।

ISI के कहने पर नूर आलम महसूद ने डेरा इस्माइल खान क्षेत्र में अपने साथ टीटीपी छोड़ चुके आतंकियों की एक निजी सेना खड़ी की। इस समूह को पाकिस्तानी सेना और ISI ने “शांति कमेटी” का नाम दिया था। इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य टीटीपी के आतंकियों के खिलाफ लड़ाई लड़ना था। इसी वजह से पाकिस्तानी सेना और ISI इस गुट को “गुड तालिबान” भी कहती थी।

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आईएसआई का एसेट माना जाता था नूर आलम

नूर आलम महसूद के लड़ाके पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर टीटीपी के खिलाफ अभियानों में हिस्सा लेते थे। वह लंबे समय से डेरा इस्माइल खान में रह रहा था और सुरक्षा एजेंसियों का करीबी माना जाता था। यही कारण है कि उसके घर पर हुए इस फिदायीन हमले को सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल माना जा रहा है।

किसने करवाया हमला?फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है। हालांकि जिस तरह से नूर आलम महसूद टीटीपी के खिलाफ सक्रिय था, उसे देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि यह फिदायीन आत्मघाती हमला तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की ओर से करवाया गया हो। सुरक्षा एजेंसियां हमले की जांच में जुटी हुई हैं।

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भारत ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया, 2-0 से बढ़त

रायपुर (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड को दूसरे टी20 मुकाबले में 7 विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली है। रायपुर में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 208 रन बनाए थे, लेकिन टीम इंडिया ने मात्र 15.2 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर इतिहास रच दिया।

इस जीत के साथ भारत ने अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में 200 या उससे अधिक रन के लक्ष्य को सबसे तेज चेज करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के नाम था।

कप्तान सूर्यकुमार यादव की दमदार वापसी

भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए यह मुकाबला बेहद खास रहा। 24 पारियों के बाद उन्होंने शानदार अर्धशतक लगाया। सूर्यकुमार ने 37 गेंदों में नाबाद 82 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। इससे पहले उनका आखिरी टी20 अर्धशतक अक्टूबर 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ आया था।

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ईशान किशन की तूफानी पारी

भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। संजू सैमसन सिर्फ 6 रन बना सके, जबकि अभिषेक शर्मा खाता भी नहीं खोल पाए। इसके बाद ईशान किशन ने मैच का रुख पलट दिया।

ईशान किशन ने 32 गेंदों में 76 रन ठोके, उनका स्ट्राइक रेट 237.50 रहा। यह उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर की सातवीं और न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली फिफ्टी रही।

शिवम दुबे का ताबड़तोड़ योगदान

मध्यक्रम में शिवम दुबे ने भी कमाल किया। उन्होंने 18 गेंदों में 36 रन बनाकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और जीत को आसान बना दिया।

न्यूजीलैंड के गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आए। जकारी फाउल्क्स ने 3 ओवर में 67 रन लुटाए, जो मैच का सबसे महंगा स्पेल रहा।

भारतीय टीम ने 28 गेंद शेष रहते मुकाबला जीत लिया, जिससे यह जीत और भी ऐतिहासिक बन गई। अब टीम इंडिया की नजर सीरीज पर कब्जा जमाने पर है।

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बसंत पंचमी पर प्रयागराज माघ मेले में 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया स्नान

प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में शुक्रवार को बसंत पंचमी के पावन स्नान पर्व पर आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ा। प्रयागराज मेला प्राधिकरण के अनुसार, बसंत पंचमी के अवसर पर करीब 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। गुरुवार रात 12 बजे से ही संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं का आगमन और स्नान का सिलसिला लगातार जारी रहा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए संगम स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि बसंत पंचमी के पावन अवसर पर तीर्थराज प्रयाग में त्रिवेणी संगम में स्नान करने वाले सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई। उन्होंने मां गंगा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की।

मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि माघ मेला 2026 में अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान कर चुके हैं। बसंत पंचमी माघ मेले का चौथा प्रमुख स्नान पर्व है, जिसमें कल्पवासियों के साथ-साथ देशभर से आए संत, महंत और धर्माचार्यों ने भी संगम में डुबकी लगाई।

इस अवसर पर पूर्वाम्नाय श्री गोवर्धनमठ पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती अपने शिष्यों के साथ त्रिवेणी तट पहुंचे। उन्होंने प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान से पैदल चलकर संगम नोज तक पहुंचकर सादगीपूर्ण ढंग से मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की पावन धारा में स्नान किया।
मेला प्रशासन के अनुसार, दंडी स्वामी, रामानंदी, रामानुजाचारी संतों के साथ-साथ किन्नर अखाड़े के सदस्यों ने भी पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ संगम में स्नान किया। मेला क्षेत्र के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब देखने को मिला।

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श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारू आवागमन के लिए मेला क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कंट्रोल रूम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है और 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरे सक्रिय हैं। उत्तर मध्य रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए 22 मेला विशेष ट्रेनों का संचालन किया।

तीर्थ पुरोहित राजेंद्र मिश्रा ने बताया कि प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम के कारण बसंत पंचमी स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन पीले वस्त्र धारण करने और पीली वस्तुओं के दान का विधान है।
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि माघ मेला 800 हेक्टेयर क्षेत्र में सात सेक्टरों में आयोजित किया गया है। मेला क्षेत्र में 25 हजार से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3500 से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं।

पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के तहत 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए 42 अस्थायी पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है, जहां लगभग एक लाख वाहन खड़े किए जा सकते हैं। माघ मेला क्षेत्र में कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है।

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भारत में पहली सभा में शेख हसीना का यूनुस पर हमला

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। भारत में 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद अपनी पहली सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस पर तीखा और अभूतपूर्व हमला बोला। उन्होंने यूनुस पर अवैध, हिंसक और विदेशी हितों से प्रेरित शासन चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बांग्लादेश को आतंक के युग में धकेल दिया गया है।

दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में आयोजित कार्यक्रम को शेख हसीना ने ऑडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने बांग्लादेश में जारी राजनीतिक हालात को देश की संप्रभुता और संविधान के लिए अस्तित्व की लड़ाई करार दिया। साथ ही अपने समर्थकों से “विदेशी हितैषी कठपुतली शासन” के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने का आह्वान किया।

‘बांग्लादेश में लोकतंत्र बचाओ’ कार्यक्रम

‘बांग्लादेश में लोकतंत्र बचाओ’ शीर्षक से आयोजित इस कार्यक्रम में शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के कई पूर्व मंत्री, वरिष्ठ नेता और बांग्लादेशी प्रवासी समुदाय के सदस्य मौजूद रहे। हालांकि शेख हसीना स्वयं कार्यक्रम में शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं थीं, लेकिन उनका रिकॉर्डेड भाषण खचाखच भरे सभागार में प्रसारित किया गया।

इस दौरान शेख हसीना ने मुहम्मद यूनुस पर तीखे शब्दों में हमला करते हुए उन्हें “हत्यारा फासीवादी”, “सूदखोर”, “मनी लॉन्डरर” और “सत्ता-लोभी गद्दार” बताया। उनके इन बयानों के दौरान सभागार में मौजूद समर्थकों ने तालियों और नारों के साथ समर्थन जताया।

‘बांग्लादेश आज जेल और मौत की घाटी बन गया’

अपने संबोधन की शुरुआत शेख हसीना ने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम और अपने पिता, राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान की विरासत को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश आज एक खाई के किनारे खड़ा है और देश तेजी से विनाश की ओर बढ़ रहा है।

शेख हसीना ने कहा, “आज बांग्लादेश एक जेल, फांसीगाह और मौत की घाटी में तब्दील हो चुका है।” उन्होंने आरोप लगाया कि चरमपंथी ताकतों और विदेशी हितों ने मिलकर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।

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पद से हटाए जाने को बताया साजिश

पूर्व प्रधानमंत्री ने दावा किया कि 5 अगस्त 2024 को उन्हें एक सुनियोजित साजिश के तहत जबरन सत्ता से हटाया गया। उन्होंने कहा कि उनके हटते ही बांग्लादेश में अराजकता फैल गई और देश आतंक के युग में प्रवेश कर गया।
शेख हसीना ने कहा कि आज लोकतंत्र निर्वासन में है, मानवाधिकारों को कुचल दिया गया है और प्रेस की स्वतंत्रता लगभग समाप्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शासन के दौरान महिलाओं और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा को बेरोकटोक फलने-फूलने दिया जा रहा है।

यूनुस सरकार पर गंभीर आरोप

शेख हसीना ने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली व्यवस्था पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार अवैध तरीके से सत्ता पर काबिज है और लोकतांत्रिक मूल्यों को पूरी तरह से नष्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि यह शासन विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहा है, जिससे बांग्लादेश की संप्रभुता खतरे में पड़ गई है।
उन्होंने दावा किया कि देश में भय का माहौल बना दिया गया है, राजनीतिक विरोध को दबाया जा रहा है और असहमति की आवाजों को कुचला जा रहा है।

समर्थकों से संघर्ष का आह्वान

अपने भाषण के अंत में शेख हसीना ने अपने समर्थकों से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए खड़े होने की अपील की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को बचाने के लिए निर्णायक संघर्ष जरूरी है और विदेशी हितों से संचालित शासन को उखाड़ फेंकना समय की मांग है।
उन्होंने भरोसा जताया कि बांग्लादेश की जनता लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए फिर से उठ खड़ी होगी और देश को अंधकार से बाहर निकालेगी।

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शनि देव न्याय कथा: अहंकार के पतन और सत्य की विजय की कहानी

📖 शास्त्रोक्त शनि देव कथा – एपिसोड 11
शास्त्रों में कहा गया है कि शनि देव न दंडदाता मात्र हैं, न ही कृपाहीन, वे तो कर्म के सूक्ष्म लेखाकार हैं।जिस अहंकारी राजा का पतन आरंभ हुआ था, एपिसोड–11 में उसी कथा का निर्णायक मोड़ आता है, जहाँ मनुष्य को यह बोध होता है कि सिंहासन से बड़ा सत्य होता है और शक्ति से बड़ा न्याय।
राजा विक्रमसेन अपने राज्य में न्यायप्रिय कहलाते थे, किंतु भीतर ही भीतर उनके मन में यह भाव पनप चुका था कि उनकी बुद्धि ही सर्वोच्च है। उन्होंने कई बार यह कहा—
“यदि शनि देव स्वयं भी सामने आ जाएं, तो मैं अपने विवेक से निर्णय दूँगा।”
यही वाक्य उनके पतन का बीज बना।
शनि देव का सूक्ष्म आगमन
एक अमावस्या की रात्रि, जब आकाश में बादल छाए थे और वायु में विचित्र स्थिरता थी, उसी समय शनि देव ने एक साधारण वृद्ध ब्राह्मण का रूप धारण किया और राजा के दरबार में प्रवेश किया।
वृद्ध ने न्याय की याचना की—
“राजन, मेरे पुत्र को बिना अपराध दंडित किया गया है।”
राजा ने बिना पूरी सुनवाई के निर्णय सुना दिया।
यहीं से शनि देव कथा एपिसोड 11 में कर्म-फल का वास्तविक खेल आरंभ होता है।
अहंकार बनाम शास्त्र
वृद्ध ब्राह्मण ने शास्त्रों का हवाला दिया, पर राजा ने कहा—
“शास्त्र परिस्थितियों के अनुसार बदलते हैं।”
यह सुनते ही शनि देव के नेत्रों में क्षणिक करुणा झलकी।
शास्त्र कहते हैं—
जो शास्त्र को नकारता है, वह स्वयं को नकारता है।
उसी क्षण राजा के राज्य में विपत्ति आरंभ हो गई।
फसलें सूखने लगीं, कोष खाली होने लगा और प्रजा असंतुष्ट हो गई।
यह सब शास्त्रोक्त शनि देव कथा में वर्णित कर्म सिद्धांत का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
समय का पहिया और शनि की परीक्षा
राजा ने ज्योतिषियों को बुलाया।
सभी ने एक स्वर में कहा—
“राजन, आप पर शनि की वक्र दृष्टि है।”
राजा क्रोधित हो उठा—
“मैं किसी ग्रह से नहीं डरता!”
यही वाक्य शनि देव कथा एपिसोड 11 का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है।
क्योंकि शनि से डर नहीं, शनि से सीखने की आवश्यकता होती है।
सत्य का उद्घाटन
अगली अमावस्या को वही वृद्ध ब्राह्मण पुनः आया।
इस बार उसने अपना वास्तविक स्वरूप प्रकट किया।
दरबार में सन्नाटा छा गया।
नीलवर्ण, विशाल नेत्र, हाथ में दंड—
साक्षात शनि देव।
राजा कांप उठा, मुकुट भूमि पर गिर पड़ा।
शनि देव ने कहा—
“राजन, मैं तुम्हें दंड देने नहीं आया था,
मैं तुम्हें यह दिखाने आया था कि
न्याय बिना विनय के अंधा हो जाता है।”
पश्चाताप और मुक्ति
राजा ने चरणों में गिरकर क्षमा मांगी।
उन्होंने स्वीकार किया कि अहंकार ने उन्हें अंधा कर दिया था।
शास्त्र कहते हैं—
पश्चाताप ही शनि की सबसे बड़ी पूजा है।
शनि देव ने राज्य को पुनः समृद्ध किया,
पर एक शर्त के साथ—
“हर निर्णय से पहले शास्त्र और करुणा दोनों को साथ रखना।”
🔔 आज के समय में प्रासंगिकता
यह शास्त्रोक्त शनि देव कथा एपिसोड 11 आज के समाज को स्पष्ट संदेश देती है—

  • पद अस्थायी है
  • शक्ति क्षणभंगुर है
  • केवल कर्म ही स्थायी है
    आज जब न्याय, सत्ता और अहंकार बार-बार टकराते हैं, तब शनि महाराज की कथा हमें आत्ममंथन करना सिखाती है।
    🕉️ शनि देव से क्या सीखें?
  • कर्म से भागा नहीं जा सकता
  • अहंकार सबसे बड़ा शत्रु है
  • न्याय में करुणा आवश्यक है
  • शास्त्र मार्गदर्शक हैं, बाधा नहीं

24 जनवरी का इतिहास: महत्वपूर्ण घटनाएँ, महान व्यक्तियों का जन्म और ऐतिहासिक निधन

🟡 परिचय- 24 जनवरी का इतिहास विश्व और भारत दोनों के लिए अनेक ऐतिहासिक, राजनीतिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक घटनाओं से भरा हुआ है। इस दिन जहाँ एक ओर 24 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ दुनिया की दिशा बदलने वाली साबित हुईं, वहीं कई महान व्यक्तियों का जन्म और कुछ विभूतियों का निधन भी इसी तारीख से जुड़ा है।
यह लेख 24 जनवरी का इतिहास को सरल, तथ्यपरक और पाठक-अनुकूल भाषा में प्रस्तुत करता है, ताकि पाठक एक ही स्थान पर इस दिन से जुड़ी हर अहम जानकारी प्राप्त कर सकें।
🔶 24 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ

24 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ इतिहास के विभिन्न कालखंडों में फैली हुई हैं, जिनका प्रभाव आज भी महसूस किया जाता है।
2011 में रूस की राजधानी मॉस्को के डोनोडिडोवो हवाई अड्डे पर हुए आत्मघाती बम विस्फोट ने पूरी दुनिया को हिला दिया। इस आतंकी हमले में 35 लोगों की मौत और लगभग 180 लोग घायल हुए।
2010 में भारत में वर्ष 2008 के लिए 56वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों की घोषणा की गई। फ़िल्म अंतहीन को सर्वश्रेष्ठ फीचर फ़िल्म चुना गया। प्रियंका चोपड़ा को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और उपेंद्र लिमये को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। रॉक ऑन को सर्वश्रेष्ठ हिन्दी फ़िल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।
2008 में उत्तर प्रदेश में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सैनिटेशन पॉलिसी टास्क फोर्स का गठन किया गया। इसी वर्ष पूर्व थलसेना अध्यक्ष जनरल जे.जे. सिंह को अरुणाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
2007 में भारत और रूस के बीच एटमी रिएक्टर निर्माण को लेकर ऐतिहासिक समझौता हुआ, जिसने भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को मजबूती दी।
2005 में आंध्र प्रदेश के चर्चित विधायक परिताला रवि की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसी वर्ष भूटान नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भारत पहुँचे।
2003 में उत्तर और दक्षिण कोरिया परमाणु संकट के शांतिपूर्ण समाधान पर सहमत हुए। इसी दिन भारत और फ्रांस के बीच प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर हुए।
2002 में भारतीय संचार उपग्रह इनसेट-3सी को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया गया।
1950 में भारत के राष्ट्रगान के रूप में जन गण मन को आधिकारिक मान्यता मिली और डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति बने।
1857 में कलकत्ता विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, जिसने भारतीय उच्च शिक्षा की नींव को मजबूत किया।


🔶 24 जनवरी को जन्मे महान व्यक्ति

24 जनवरी को जन्मे व्यक्ति भारत के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक जीवन में अमिट छाप छोड़ने वाले रहे हैं।
1945 में प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता-निर्देशक सुभाष घई का जन्म हुआ, जिन्होंने भारतीय सिनेमा को कई कालजयी फ़िल्में दीं।
1932 में एस. के. सिंह का जन्म हुआ, जो अरुणाचल प्रदेश और राजस्थान के राज्यपाल रहे।
1924 में समाजवादी नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर का जन्म हुआ, जिन्हें सामाजिक न्याय की राजनीति का मजबूत स्तंभ माना जाता है।
1914 में आज़ाद हिन्द फ़ौज के अधिकारी शाह नवाज़ ख़ान का जन्म हुआ।
1877 में महान क्रांतिकारी पुलिन बिहारी दास का जन्म हुआ, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
1826 में ज्ञानेन्द्र मोहन टैगोर का जन्म हुआ, जो भारत के पहले बैरिस्टर बने।
🔶 24 जनवरी को हुए ऐतिहासिक निधन

24 जनवरी को हुए निधन भारतीय इतिहास की कई अपूरणीय क्षतियों से जुड़े हैं।
2011 में भारत रत्न से सम्मानित शास्त्रीय गायक पंडित भीमसेन जोशी का निधन हुआ।
1966 में भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक डॉ. होमी जहांगीर भाभा का असामयिक निधन विमान दुर्घटना में हुआ।
1958 में प्रसिद्ध साहित्यकार चन्द्रबली पाण्डेय का निधन हुआ।
1955 में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल का निधन हुआ, जो द्वितीय विश्व युद्ध के प्रमुख नायक थे।
🔷 24 जनवरी का इतिहास क्यों है खास
24 जनवरी का इतिहास हमें यह समझने का अवसर देता है कि कैसे एक ही तारीख पर विज्ञान, राजनीति, कला और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी घटनाएँ घटित हुईं। यह दिन प्रेरणा, चेतावनी और उपलब्धियों का संगम है।

अंक ज्योतिष के अनुसार आज कैसा रहेगा आपका दिन

जानें सभी मूलांक का भविष्यफल आज का मूलांक राशिफल, अंक ज्योतिष भविष्यफल, Numerology Today Horoscope, मूलांक 1 से 9

ज्योतिषशास्त्र की तरह अंक ज्योतिष भी व्यक्ति के भविष्य, स्वभाव, सोच और निर्णय क्षमता को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। अंक ज्योतिष में व्यक्ति की जन्म तिथि के आधार पर उसका मूलांक तय किया जाता है। यही मूलांक बताता है कि आज का दिन आपके लिए किस तरह के अवसर, चुनौतियां और संकेत लेकर आया है।
अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1 से 31 तारीख के बीच हुआ है, तो उन अंकों को जोड़कर एक इकाई अंक बनाया जाता है। उदाहरण के तौर पर 8, 17 और 29 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 8 माना जाता है।
आइए जानते हैं Numerology Horoscope 24 January 2026 के अनुसार सभी मूलांक 1 से 9 का विस्तृत दैनिक भविष्यफल।

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मूलांक 1 (Numerology Horoscope 24 January 2026)
आज का दिन आपके लिए प्रगति और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और आपकी बातों को गंभीरता से लिया जाएगा। नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी। जल्दबाज़ी में कोई फैसला लेने से बचें, वरना नुकसान हो सकता है। परिवार से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें।
शाम तक कोई शुभ समाचार मिलने के संकेत हैं।
मूलांक 2
आज भावनाओं में बहने से बचना जरूरी है। रिश्तों में यदि कोई गलतफहमी चल रही है, तो बातचीत से समाधान निकल सकता है। कार्यस्थल पर धैर्य रखें, क्योंकि जल्द परिणाम चाहने से तनाव बढ़ सकता है। परिवार और करीबी लोगों का सहयोग मानसिक शांति देगा।
दिन के अंत में मन हल्का और संतुष्ट रहेगा।
मूलांक 3
Numerology Horoscope 24 January 2026 के अनुसार आज आपकी बुद्धिमत्ता और सलाह दूसरों के काम आएगी। ऑफिस या घर में लोग आपसे मार्गदर्शन मांग सकते हैं। पढ़ाई, योजना बनाने और सीखने से जुड़े कार्यों के लिए दिन अनुकूल है। धन खर्च करते समय संतुलन रखें।
आत्मविश्वास ऊंचा रहेगा और दिन सकारात्मक रहेगा।
मूलांक 4
आज का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। कामकाज में रुकावटें आएंगी, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। धैर्य और मेहनत से स्थिति आपके पक्ष में हो जाएगी। नए विचारों पर काम शुरू किया जा सकता है।
सेहत को लेकर लापरवाही न करें।

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मूलांक 5
आज भागदौड़ और व्यस्तता अधिक रहेगी। फोन कॉल, मैसेज और मीटिंग्स में समय जाएगा। नए लोगों से संपर्क बनेंगे, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगे। खर्च पर नियंत्रण रखें।
शाम तक कोई लंबित कार्य पूरा होने से राहत मिलेगी।
मूलांक 6
आज का दिन रिश्तों और परिवार के नाम रहेगा। किसी करीबी से बातचीत मन को सुकून देगी। कामकाज में स्थिरता बनी रहेगी और दबाव कम महसूस होगा। खर्च बढ़ सकता है, लेकिन अधिकतर जरूरी चीज़ों पर होगा।
खुद के लिए भी थोड़ा समय निकालना फायदेमंद रहेगा।
मूलांक 7
आज मन शांत और अंतर्मुखी रहेगा। अकेले बैठकर भविष्य की योजना बनाने का मन करेगा। काम में एकाग्रता से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। बहुत ज्यादा लोगों की राय लेने से बचें।
हल्की थकान संभव है, आराम जरूर करें।
मूलांक 8
Numerology Horoscope 24 January 2026 के अनुसार आज मेहनत और जिम्मेदारी का दिन है। कार्य का दबाव रहेगा, लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत लाभकारी सिद्ध होगी। पैसों से जुड़ा कोई पुराना मामला सुलझ सकता है।
धैर्य और संयम बनाए रखें।
मूलांक 9
आज का दिन कर्म और ऊर्जा से भरा रहेगा। काम की शुरुआत करने के लिए दिन अच्छा है। गुस्से पर नियंत्रण रखें, वरना छोटी बात बड़ा विवाद बन सकती है। फैसले सोच-समझकर लें।
शाम तक मन संतुष्ट और आत्मविश्वास से भरा रहेगा।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी अंक ज्योतिष पर आधारित सामान्य गणनाओं पर निर्भर है। हम इसकी पूर्ण सत्यता या सटीकता का दावा नहीं करते। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

शुभ समय और अशुभ काल की संपूर्ण जानकारी

पंचांग 24 जनवरी 2026: शनिवार का संपूर्ण हिन्दू पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया और ग्रह स्थिति
📌 पंचांग 24 जनवरी 2026 | Today Hindu Panchang
शनिवार, 24 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक, ज्योतिषीय और दैनिक कार्यों की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि आज प्रभावी रहेगी। चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में संचार करेगा, जिससे भावनात्मक संतुलन और आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा।
आज का पंचांग उन लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी है जो शुभ कार्य, यात्रा, पूजा-पाठ, व्यापारिक निर्णय या नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं।
🗓️ तिथि एवं संवत विवरण
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
मास: माघ
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि:
षष्ठी – 24 जनवरी 01:46 AM से 25 जनवरी 12:40 AM तक
सप्तमी – 25 जनवरी 12:40 AM के बाद
🌙 नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र:
उत्तरभाद्रपदा – 02:15 PM तक
रेवती – उसके बाद
योग:
शिव योग – 02:01 PM तक
सिद्ध योग – उसके बाद
करण:
कौलव – 01:16 PM तक
तैतिल – 12:40 AM तक
गर – इसके बाद
🌞 सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 7:13 AM
सूर्यास्त: 6:04 PM
चंद्रोदय: 10:31 AM
चंद्रास्त: 11:20 PM
⚠️ अशुभ काल (आज का राहुकाल)
राहुकाल: 09:56 AM – 11:17 AM
यम गण्ड: 02:00 PM – 03:21 PM
कुलिक काल: 07:13 AM – 08:34 AM
दुर्मुहूर्त: 08:40 AM – 09:23 AM
वर्ज्यम्: 01:55 AM – 03:28 AM
👉 इन समयों में शुभ कार्यों से बचना उत्तम माना जाता है।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 12:17 PM – 01:00 PM
अमृत काल: 09:30 AM – 11:05 AM
ब्रह्म मुहूर्त: 05:36 AM – 06:24 AM
🕉️ चौघड़िया मुहूर्त
दिन का चौघड़िया
शुभ: 08:34 AM – 09:56 AM
लाभ: 02:00 PM – 03:21 PM
अमृत: 03:21 PM – 04:43 PM
रात का चौघड़िया
शुभ: 09:21 PM – 11:00 PM
अमृत: 11:00 PM – 12:38 AM
🌌 ग्रह एवं राशि स्थिति
सूर्य राशि: मकर
चंद्र राशि: मीन (पूरा दिन-रात)
वैदिक ऋतु: शिशिर
अयन: उत्तरायण
🔮 चंद्रबल और ताराबल
चंद्रबल (राशि):
वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और मीन
ताराबल (नक्षत्र):
अश्विनी, कृत्तिका, पुनर्वसु, मघा, चित्रा, ज्येष्ठा, मूल, श्रवण, रेवती सहित अन्य शुभ नक्षत्र
⚠️ गण्डमूल नक्षत्र
रेवती नक्षत्र: 02:15 PM से प्रारंभ
👉 इस दौरान जन्मे जातकों के लिए शांति-पूजन की सलाह दी जाती है।
📿 आज का व्रत-त्योहार
षष्ठी तिथि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार षष्ठी तिथि संतान सुख, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए उत्तम मानी जाती है।
🔔 निष्कर्ष
पंचांग 24 जनवरी 2026 धार्मिक, ज्योतिषीय और दैनिक जीवन के निर्णयों के लिए अत्यंत उपयोगी है। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता की संभावना बढ़ाते हैं, वहीं राहुकाल जैसे अशुभ समय में संयम आवश्यक है।

ब्लैक आउट मॉकड्रिल के तहत दमकल कर्मियों ने दिखाया आपातकालीन स्थिति में बचाव का अद्भुत कौशल

आगरा(राष्ट्र की परम्परा)जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के मार्गदर्शन में, आगरा जनपद में एक प्रभावी ब्लैक आउट मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल का उद्देश्य लोगों को आपातकालीन स्थितियों में बचाव और आत्मरक्षा के उपायों के बारे में जागरूक करना था। पुलिस लाइन में आयोजित इस अभ्यास में नागरिक सुरक्षा, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के कर्मियों ने मिलकर भाग लिया।मॉकड्रिल के दौरान एक धमाके के कारण आग लगने का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिससे 14 लोग प्रभावित हुए। दमकल कर्मियों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए भवन की पहली मंजिल में फंसे दो व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने दो गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक चिकित्सा दी गई।अपर जिलाधिकारी (नगर) यमुनाधर चौहान ने बताया कि इस मॉकड्रिल में 100 से अधिक सिविल डिफेन्स वार्डन और 20 दमकल कर्मचारी, दो फायर बिग्रेड वाहनों के साथ उपस्थित थे। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग के 8 कर्मियों ने भी अपनी सेवाएं दीं। मॉकड्रिल के दौरान एक टीम कंट्रोल रूम में और दूसरी टीम मॉकड्रिल स्थल पर कार्यरत रही, जिसमें प्रत्येक टीम में चार स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल थे।मॉकड्रिल के समापन पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सभी भागीदारों की सराहना की और उनके प्रयासों को बधाई दी। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में सभी विभागों के सहयोग और समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया।

डीएम ने किया कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण, गुणवत्ता में लापरवाही पर जताई नाराजगी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने विकास खंड घुघली अंतर्गत निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, मेदनीपुर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय के मुख्य भवन, डोरमेट्री तथा मल्टी पर्पज हॉल का गहन अवलोकन किया।
निरीक्षण के समय निर्माण में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता प्रथमदृष्टया संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने तत्काल उन्हें बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही परिसर में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए झट-पट पोर्टल पर शीघ्र आवेदन करने तथा कार्यदाई संस्था सीएनडीएस से समन्वय स्थापित कर कार्य को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
डोरमेट्री का निर्माण कार्य प्रारंभ न होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के लिए सख्त निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त विद्यालय परिसर में पीएसबी बोर्ड को स्पष्ट, आकर्षक एवं बड़े आकार में लगाए जाने का भी निर्देश दिया गया।
उल्लेखनीय है कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, मेदिनीपुर का निर्माण लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, जो जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग की अब तक की सबसे बड़ी परियोजना मानी जा रही है।
इसके उपरान्त उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, घुघली का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा कक्षों, रसोई, स्मार्ट क्लास रूम, हॉस्टल सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा निर्देश दिए कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बालिकाओं के सर्वांगीण विकास हेतु सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण, मीना मंच जैसे कार्यक्रमों का प्रभावी एवं सफल संचालन सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऋद्धि पांडेय सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहें।

इमलियां में 251 कलशों की भव्य शोभायात्रा, गूंजा हर-हर महादेव

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद महराजगंज के सदर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा इमलियां में आयोजित श्री श्री विष्णु-महादेव महायज्ञ के शुभारंभ पर शुक्रवार को भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। यज्ञ के प्रथम दिन 251 कलशों की भव्य शोभायात्रा गाजे-बाजे, शंखनाद और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयघोष के साथ निकाली गई, जिससे पूरा क्षेत्र शिव-विष्णु भक्ति में सराबोर हो गया।

सुबह से ही यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पारंपरिक वेश-भूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर पवित्र जल से भरे कलश धारण कर शोभायात्रा में भाग लिया। कलश यात्रा ग्राम पंचायत इमलियां से प्रारंभ होकर दरौली, शिकारपुर, भीसवा और कोदइला मार्ग से होते हुए पुनः यज्ञ स्थल पर पहुंची। मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों द्वारा पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया और जलपान की व्यवस्था भी की गई।

शोभायात्रा के दौरान ढोल-नगाड़े, भजन-कीर्तन और जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग—सभी श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शोभायात्रा में शामिल हुए। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बने।

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इस अवसर पर अजय पटेल, नाथू प्रधान पति, नरेश, मिथिलेश, अनिल पांडेय, वरुण पटेल, शिवम शुक्ला, त्रिलोकी, शनि सहित अनेक गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी रही। आयोजन की व्यवस्थाओं को सफल बनाने में आयोजक मंडल और ग्रामीणों का सहयोग सराहनीय रहा।

कलश यात्रा के दौरान अनिल पांडेय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए विष्णु-महायज्ञ के धार्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं।

कलश यात्रा के समापन के बाद विधिवत मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ विष्णु-महादेव महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। यज्ञ स्थल पर हवन, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान जारी हैं। आयोजन को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है तथा आगामी दिनों में दूर-दराज से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

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दिव्यांगजन के पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं से अनुदान प्रस्ताव आमंत्रित

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में दिव्यांगजन के सर्वांगीण पुनर्वासन के उद्देश्य से “दिव्यांगजन के सर्वांगीण पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को सहायता” योजनान्तर्गत अनुदान के लिए आवेदन-पत्र आमंत्रित किए गए हैं।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी रवीश चंद्र ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में परिभाषित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं (मानसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रुग्ण दिव्यांगजन को छोड़कर) के लिए कुल सात परियोजनाओं/कार्यक्रमों के संचालन हेतु सहायता अनुदान के प्रस्ताव मांगे गए हैं।
उन्होंने बताया कि इनमें अर्ली इंटरवेंशन सेंटर, डे केयर सेंटर/प्री-प्राइमरी स्कूल, प्राइमरी स्तर के विशेष विद्यालयों का संचालन, जूनियर हाईस्कूल स्तर तक के विशेष विद्यालयों का संचालन, हाईस्कूल स्तर तक के विशेष विद्यालयों का संचालन, कौशल विकास (न्यूनतम 02 एवं अधिकतम 04 ट्रेड) तथा पाठ्य सामग्री विकास एवं पुस्तकालयों का संचालन शामिल है।
पात्रता के संबंध में उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के अंतर्गत पंजीकृत एवं संबंधित क्षेत्र में अनुभव रखने वाली संस्थाएं ही आवेदन कर सकती हैं। योजना से संबंधित दिशा-निर्देश एवं आवेदन पत्र का प्रारूप विभागीय वेबसाइट http://uphwd.gov.in से प्राप्त किया जा सकता है।
पूर्ण प्रस्ताव कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, संत कबीर नगर में 30 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। प्राप्त प्रस्तावों को जिलाधिकारी की संस्तुति के उपरांत 05 फरवरी 2026 तक निदेशालय को प्रेषित किया जाएगा।
अधिक जानकारी के लिए इच्छुक संस्थाएं कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, संत कबीर नगर से संपर्क कर सकती हैं। निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होगा।

आज का राशिफल: करियर, धन और स्वास्थ्य का भविष्यफल

24 जनवरी 2026 का राशिफल: जानें 12 राशियों पर ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव, किसे लाभ और किसे रहना होगा सतर्क

ज्योतिष पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुल 12 राशियां होती हैं और ग्रह-नक्षत्रों की चाल से व्यक्ति के जीवन में प्रतिदिन बदलाव आते हैं। 24 जनवरी 2026, शनिवार का दिन कई राशियों के लिए लाभकारी रहेगा तो कुछ राशियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। आइए जानते हैं ज्योतिष पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत आज का विस्तृत राशिफल।

🔹 मेष राशि (Aries)
आज का दिन लाभकारी रहेगा। आत्मविश्वास और विश्वास के साथ कार्य पूरे होंगे। कार्यक्षेत्र में स्थिरता रहेगी। अजनबियों पर जल्द भरोसा न करें। पारिवारिक माहौल सौहार्दपूर्ण रहेगा। महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात से पुराने मतभेद दूर हो सकते हैं।
🔹 वृषभ राशि (Taurus)
भावनाओं पर नियंत्रण बनाए रखें। व्यापार में मनचाहे परिणाम मिल सकते हैं। पेशेवर निर्णय स्पष्ट और मजबूत रहेंगे। धैर्य और समझदारी से लिए गए फैसले आपको सफलता दिलाएंगे। उद्योग और व्यापार के लिए दिन अनुकूल है।
🔹 मिथुन राशि (Gemini)
महत्वाकांक्षाओं को मजबूती मिलेगी। करियर और व्यवसाय में तरक्की के संकेत हैं। लाभ की स्थिति स्थिर रहेगी। नए अवसरों का पूरा लाभ उठाएंगे। निजी जीवन भी संतुलित रहेगा।

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🔹 कर्क राशि (Cancer)
ऑफिस और बिजनेस में सावधानी बरतें। विरोधी सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए विवादों से दूरी बनाए रखें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। मानसिक तनाव से बचने के लिए शांत रहें।
🔹 सिंह राशि (Leo)
वर्कप्लेस पर संयम रखें। किसी भी तरह के झगड़े से बचें। आर्थिक मामलों में आंख मूंदकर भरोसा न करें। सिंगल लोगों को विवाह प्रस्ताव मिल सकते हैं। दांपत्य जीवन में साथी का सहयोग जरूरी है।
🔹 कन्या राशि (Virgo)
जल्दबाजी और लापरवाही से बचें। आत्मविश्वास में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है। व्यापार में नए लाभ के अवसर मिलेंगे। अधिकारियों से प्रशंसा मिलेगी। पारिवारिक मतभेद और मानसिक तनाव संभव है।
🔹 तुला राशि (Libra)
भावनाओं में बहकर निर्णय न लें। करियर में प्रतिस्पर्धा से दूरी रखें। मानसिक तनाव हो सकता है। ध्यान और प्राणायाम लाभकारी रहेगा। धैर्य से काम लें।

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🔹 वृश्चिक राशि (Scorpio)
ऑफिस में अधिकारियों की प्रशंसा मिलेगी। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। संतान पक्ष से थोड़ी चिंता हो सकती है। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। निजी जीवन में संयम जरूरी है।
🔹 धनु राशि (Sagittarius)
ऊर्जा और उत्साह के साथ काम करेंगे। बिजनेस में नए अवसर मिल सकते हैं। सकारात्मक सोच बनाए रखें। जीवनसाथी के साथ मतभेद संभव हैं, संवाद से समाधान करें।
🔹 मकर राशि (Capricorn)
धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। ऑफिस और बिजनेस का माहौल अनुकूल रहेगा। प्रमोशन या उन्नति के योग बन रहे हैं। नई योजनाओं पर फोकस करें। भविष्य की प्लानिंग लाभ देगी।

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🔹 कुम्भ राशि (Aquarius)
नए विचार और नई ऊर्जा मिलेगी। अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
🔹 मीन राशि (Pisces)
समय अनुकूल है लेकिन निवेश में सावधानी रखें। बिना जांचे-परखे पैसा न लगाएं। पुराने निवेश की समीक्षा करें। संयम और समझदारी से लिए गए फैसले लाभ देंगे।

प्रभा सेवा समिति के संस्थानों में वसंत पंचमी हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रभा सेवा समिति द्वारा संचालित ब्लूमिंग बड्स स्कूल की मेन ब्रांच एवं इंडस्ट्रियल एरिया ब्रांच में वसंत पंचमी का पर्व हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना हुई और विद्यालय परिसर वसंतोत्सव के रंगों में सजा नजर आया।
पूजन-अर्चन के दौरान मंत्रोच्चार, भक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शिक्षक-शिक्षिकाएं पीले गणवेश में उपस्थित रहीं, वहीं फूलों, पतंगों और पीत परिधानों से सजा परिसर वसंत ऋतु के उल्लास को दर्शाता रहा।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि नवप्रवेश के लिए आयोजित प्रथम प्रवेश परीक्षा में 250 बच्चों ने प्रतिभाग किया, जिसका परिणाम 24 जनवरी को घोषित किया जाएगा।
प्रभा सेवा समिति की प्रबंध निर्देशिका पुष्पा चतुर्वेदी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन कर विद्यालय परिवार के लिए आशीर्वाद मांगा। उन्होंने कहा कि वसंत पंचमी ज्ञान, बुद्धि, संगीत और कला की आराधना का पर्व है, जो जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और नई ऊर्जा का संदेश देता है।
प्रधानाचार्य शैलेश त्रिपाठी ने बताया कि विद्यालय समाज के सभी वर्गों के शैक्षणिक और चारित्रिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कुशल प्रबंधन, समर्पित शिक्षकों और आधुनिक संसाधनों के बल पर विद्यालय ने वर्ष 2024-25 में बस्ती मंडल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जिला वरीयता सूची के शीर्ष 10 में से 6 छात्र विद्यालय से रहे, जो शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित बच्चों को भी उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।


कार्यक्रम का संचालन प्रयाग नारायण शुक्ला, अमित राय, रीमा शुक्ला और ओमप्रकाश मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में कोऑर्डिनेटर विजय कुमार राय, एग्जीक्यूटिव हेड दिनेश चंद पांडे, प्रधानाचार्य वसुंधरा मिश्रा, कंगारू किड्स कोऑर्डिनेटर रिया मेहता, राजेश कुमार पांडे, अनूप विश्वकर्मा, प्रयाग नारायण शुक्ला, डॉ. मीना सिंह, बाल गोविंद राय, मुस्कान, मिथिलेश पांडे, रीता यादव, रीमा शुक्ला, विंध्यवासिनी, प्रशांत पांडे, हेमंत तिवारी, सुशील त्रिपाठी सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।