Friday, June 12, 2026
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मौसम ने ली करवट: पूर्वांचल के कई जिलों में बदला मिजाज

लखनऊ/संत कबीर नगर/ (राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश में मौसम का रुख एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। शनिवार को संत कबीर नगर और गोरखपुर सहित आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। कुछ क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के कारण लोगों को हल्की ठंडक का एहसास हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी जिले ग्रीन जोन में हैं। शनिवार को मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। रविवार से प्रदेश के कई जिलों में दोबारा मौसम सक्रिय होने की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में हल्की बूंदाबांदी के आसार
मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। संत कबीर नगर, गोरखपुर, महाराजगंज, बलरामपुर, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, हरदोई, अयोध्या, बहराइच और सिद्धार्थनगर के आसपास के इलाकों में हल्की बारिश के संकेत मिल रहे हैं।
इसके साथ ही इन जिलों में 15 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम में इस बदलाव का असर आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि कार्यों पर भी पड़ सकता

फर्जी दुष्कर्म केस, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी: गोरखपुर गोलीकांड की अंदरूनी कहानी

जब कानून के रखवाले भी फंसे जाल में: अंशिका सिंह केस का बड़ा खुलासा

गोरखपुर गोलीकांड: अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा का हनीट्रैप नेटवर्क, 150 से ज्यादा शिकार, पुलिसकर्मी भी फंसे


गोरखपुर गोलीकांड: सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि सुनियोजित हनीट्रैप नेटवर्क की पूरी कहानी


गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) सिंघड़िया इलाके में निजी अस्पताल के मैनेजर पर हुई फायरिंग की घटना अब एक साधारण आपराधिक वारदात नहीं रह गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा एक संगठित हनीट्रैप नेटवर्क, ब्लैकमेलिंग, फर्जी दुष्कर्म केस और रंगदारी के ऐसे मॉडल पर काम कर रही थी, जिसने बीते पांच वर्षों में करीब डेढ़ सौ लोगों को अपना शिकार बनाया।
इस पूरे मामले ने कानून व्यवस्था, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और फर्जी मुकदमों की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस नेटवर्क में आम नागरिक ही नहीं, बल्कि पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी भी फंस चुके थे।

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सोशल मीडिया से शुरू होता था हनीट्रैप का जाल
पुलिस के अनुसार अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेंजर ऐप्स के जरिए लोगों से दोस्ती करती थी। शुरुआत में बातचीत सामान्य रहती, लेकिन धीरे-धीरे वह वीडियो कॉल का सहारा लेती। इसी दौरान वह कॉल की रिकॉर्डिंग कर लेती थी।
बाद में यही रिकॉर्डिंग ब्लैकमेलिंग का हथियार बनती। पीड़ितों को दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट या छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती। डर और सामाजिक बदनामी के भय से कई लोग समझौते के नाम पर मोटी रकम देने को मजबूर हो जाते थे।

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2021 से शुरू हुआ उगाही का संगठित मॉडल
पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 में देवरिया निवासी राज विश्वकर्मा के खिलाफ दर्ज कराया गया मुकदमा इस नेटवर्क का पहला बड़ा मामला था। उस केस में दुष्कर्म, धमकी और पॉक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराएं लगाई गईं।
कुछ समय बाद सुलह के नाम पर लाखों रुपये की उगाही की गई। इसी मॉडल को अंशिका ने आगे भी अपनाया। जहां विरोध हुआ, वहां नए मुकदमे दर्ज कराने से वह पीछे नहीं हटी।
संतकबीरनगर से गोरखपुर तक फैला नेटवर्क
वर्ष 2023 में अंशिका संतकबीरनगर के खलीलाबाद क्षेत्र में किराए के मकान में रहने लगी। देर रात तक लड़कों के आने-जाने को लेकर जब मकान मालिक ने आपत्ति जताई तो उसने कमरा खाली करने के बदले दो लाख रुपये की मांग कर दी।
मकान मालिक द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगवाने पर वह वहां से चली गई, लेकिन जाते-जाते धमकी और दबाव बनाने की कोशिश भी की। इसी दौरान खलीलाबाद और आसपास के इलाकों में कई लोगों पर मारपीट, धमकी और दुष्कर्म के आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराए गए।

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फर्जी मुकदमे और सुलह के नाम पर लाखों की वसूली
संतकबीरनगर के डीघा बाईपास निवासी सूरज सिंह समेत पांच लोगों पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया। जब सुलह नहीं हुई तो दोबारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
खलीलाबाद निवासी प्रियांशु सिंह से भी फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की उगाही की गई। पुलिस का मानना है कि ऐसे कई मामले सामने आ सकते हैं, जिनकी अभी शिकायत तक नहीं की गई।
जब पुलिसकर्मी भी बने शिकार
इस केस का सबसे गंभीर और चिंताजनक पहलू यह है कि अंशिका के जाल में पुलिस विभाग के लोग भी फंसे। जांच में खुलासा हुआ है कि मैसेंजर ऐप के जरिए उसने अयोध्या में तैनात एक सीओ सहित करीब 15 पुलिसकर्मियों से संपर्क साधा।
वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर उन्हें दुष्कर्म के फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी गई और मोटी रकम वसूली गई। गीडा थाने के एक उपनिरीक्षक से भी इसी तरह उगाही की गई। एक मामले में तो थाने में करीब पांच घंटे पंचायत चली और अंत में कैश व सोने की चेन देकर मामला दबाया गया।

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रंगदारी में चली गोली, मामला पहुंचा हिंसा तक
गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र के सिंघड़िया चौराहे पर रंगदारी न मिलने पर अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा ने निजी अस्पताल के मैनेजर विशाल मिश्रा पर पिस्टल तान दी।
विशाल के पीछे हटने पर चली गोली उसके दोस्त अमिताभ को जा लगी। यह घटना इस पूरे नेटवर्क का सबसे हिंसक रूप बनकर सामने आई। विशाल मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने अंशिका और उसके साथी बंटी उर्फ आकाश वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस अंशिका सिंह के मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है। आशंका है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला फर्जी मुकदमों के दुरुपयोग, सोशल मीडिया से होने वाले अपराध और रंगदारी के नए स्वरूप को उजागर करता है। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं।

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समाज और सिस्टम के लिए बड़ा सबक
यह मामला सिर्फ एक आरोपी की कहानी नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे तकनीक, कानून के डर और सामाजिक बदनामी का इस्तेमाल कर संगठित अपराध खड़ा किया जा सकता है।
फर्जी केसों से जहां निर्दोष लोगों की जिंदगी तबाह होती है, वहीं असली पीड़ितों के मामलों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं। पुलिस और न्याय व्यवस्था के लिए यह केस एक बड़ी चुनौती और चेतावनी दोनों है।

महराजगंज: सात साल तक शादी का झांसा देकर शोषण, साथ रखने से किया इनकार

महिला की तहरीर पर दो भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद के श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां एक महिला ने एक युवक पर शादी का झांसा देकर करीब सात वर्षों तक शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि जब उसने विवाह के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी युवक ने उसे साथ रखने से साफ इनकार कर दिया।

महिला द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, आरोपी युवक ने शुरुआत में उससे प्रेम संबंध स्थापित किए और उसे जल्द शादी करने का भरोसा दिलाया। इसी भरोसे के आधार पर युवक ने लंबे समय तक महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि वर्षों तक चले इस रिश्ते में वह युवक की बातों पर भरोसा करती रही, लेकिन जब शादी की बात आई तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया।

शादी का भरोसा देकर बनाया शारीरिक संबंध

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि युवक ने उसे यह विश्वास दिलाया था कि वह जल्द ही उससे विवाह करेगा। इसी भरोसे में उसने सामाजिक और पारिवारिक मर्यादाओं की परवाह किए बिना उसके साथ संबंध बनाए। महिला का कहना है कि वह लगातार शादी की बात करती रही, लेकिन आरोपी हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर टालता रहा।

समय बीतने के साथ जब महिला ने विवाह को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया और दबाव बनाया, तो आरोपी युवक का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। पीड़िता के अनुसार, अब आरोपी उसे अपनाने से इनकार कर रहा है और किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।

आरोपी का भाई भी धमकी देने का आरोप

महिला ने अपनी तहरीर में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी युवक का भाई भी इस पूरे मामले में उसका मानसिक उत्पीड़न कर रहा है। पीड़िता के अनुसार, आरोपी का भाई उसे गंदी-गंदी गालियां देता है और जान से मारने की धमकी भी दे चुका है। इन धमकियों के कारण महिला मानसिक रूप से काफी परेशान है और उसे अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।
पीड़िता का कहना है कि आरोपियों की ओर से लगातार मिल रही धमकियों से उसका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। वह भय के माहौल में जीने को मजबूर है और किसी अनहोनी की आशंका से डरी हुई है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला ने श्यामदेउरवां थाने में लिखित शिकायत दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने महम्मदा निवासी दो युवकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

श्यामदेउरवां थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि महिला की शिकायत मिलने के बाद तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है और पुलिस हर पहलू से इसकी जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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निष्पक्ष जांच का भरोसा

थानाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस किसी भी दबाव में आए बिना निष्पक्ष जांच करेगी। पीड़िता के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की पूरी पड़ताल की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा का आश्वासन भी दिया है और कहा है कि यदि उसे किसी प्रकार की धमकी या परेशानी होती है तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे।

इलाके में चर्चा का माहौल

इस घटना के सामने आने के बाद श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है। लोग इस मामले को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय मिलना बेहद जरूरी है, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।

ग्रामीणों का मानना है कि शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शोषण करने जैसी घटनाएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे मामलों में कानून की सख्ती जरूरी है, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी महिला की भावनाओं से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।

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कानूनी कार्रवाई जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामला जांच के अधीन है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी देख रही है कि आरोपियों की ओर से पीड़िता को धमकाने या डराने की कोई और कोशिश तो नहीं की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि कानून के तहत पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

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मॉडिफाइड साइलेंसर पर पुलिस की सख्ती, बुलेट सीज

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के परतावल चौकी अंतर्गत गोरखपुर–महराजगंज मुख्य मार्ग पर उस समय हड़कंप मच गया, जब परतावल चौकी पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बुलेट मोटरसाइकिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए वाहन को सीज कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में खलबली मच गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, परतावल चौकी पुलिस नियमित चेकिंग अभियान के तहत गोरखपुर–महराजगंज मार्ग पर वाहनों की सघन जांच कर रही थी। इसी दौरान अत्यधिक तेज आवाज कर रही एक बुलेट मोटरसाइकिल पुलिस की नजर में आई। संदेह होने पर पुलिस ने वाहन को तुरंत रुकवाया और जांच की, जिसमें बुलेट में अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर लगा पाया गया।

जांच के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई करते हुए बुलेट मोटरसाइकिल को सीज कर दिया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने और यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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इस संबंध में चौकी प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसर से अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण फैलता है, जिससे आमजन, बुजुर्गों, मरीजों और छात्रों को भारी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों के खिलाफ आगे भी अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है।

पुलिस की इस सख्ती से क्षेत्र में अवैध साइलेंसर लगाकर फर्राटा भरने वालों में दहशत का माहौल है, वहीं आम लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत करते हुए राहत की सांस ली है।

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गणतंत्र दिवस परेड में सोनबरसा की बेटी सुजाता का भरतनाट्यम

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बलिया जनपद के बैरिया क्षेत्र स्थित छोटे से गांव सोनबरसा की बेटी सुजाता सिंह इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति देकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। जैसे ही यह गौरवपूर्ण समाचार गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचा, लोगों में खुशी और गर्व की लहर दौड़ गई।

सोनबरसा गांव निवासी सत्येंद्र सिंह की पुत्री सुजाता सिंह बचपन से ही बहुप्रतिभाशाली रही हैं। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ भारतीय शास्त्रीय नृत्य को भी अपना लक्ष्य बनाया। सुजाता ने एमसीए (मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) की पढ़ाई पूरी करने के बाद भरतनाट्यम और मोहिनीअट्टम जैसे प्रतिष्ठित शास्त्रीय नृत्य रूपों में स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त की। यह आधुनिक तकनीकी शिक्षा और पारंपरिक भारतीय कला का दुर्लभ और प्रेरणादायक संगम है।

सुजाता सिंह देश के विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। वाराणसी में आयोजित कई सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी भाव-भंगिमा, अभिनय और पद संचालन को विशेष सराहना मिली। इसके साथ ही उन्होंने दक्षिण भारत के प्रतिष्ठित धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर भी प्रस्तुति दी है। केरल के कामाख्या ट्रस्ट मंदिर, गुरुवायूर मंदिर तथा आंध्र प्रदेश के चिदंबरम मंदिर में उनके नृत्य कार्यक्रमों को दर्शकों और विद्वानों ने खूब सराहा।

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अब 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर भरतनाट्यम की सामूहिक प्रस्तुति में शामिल होना सुजाता सिंह के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बलिया जनपद के लिए गर्व का विषय है। देश-विदेश से आए विशिष्ट अतिथियों और करोड़ों दर्शकों के सामने प्रस्तुति देना उनकी वर्षों की साधना, अनुशासन और समर्पण का प्रतिफल है।

गांव के लोगों और परिजनों का कहना है कि सुजाता ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। उनकी सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है। जब गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर सुजाता सिंह का भरतनाट्यम गूंजेगा, तब सोनबरसा ही नहीं, पूरा बलिया गर्व महसूस करेगा।

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दिव्यांश प्रभाकर का NDA में चयन, मऊ में खुशी की लहर

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद मऊ के रतनपुरा विकासखंड अंतर्गत बसारिकपुर ग्राम पंचायत निवासी दिव्यांश प्रभाकर का राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में सब लेफ्टिनेंट पद पर चयन होने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। इस उपलब्धि के बाद परिवार सहित गांव-क्षेत्र के लोग उत्साह में डूबे हुए हैं।

दिव्यांश प्रभाकर, अमर शहीद भगत सिंह इंटरमीडिएट कॉलेज, रसड़ा में अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता अमरजीत यादव के सुपुत्र हैं। उनकी माता श्रीमती पवित्रा यादव हैं। दिव्यांश की दोनों बड़ी बहनें स्मृति यादव और स्तुति यादव जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से जीव विज्ञान विषय में क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान की टॉपर रह चुकी हैं, जिन्हें उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

दिव्यांश प्रभाकर ने प्रारंभिक शिक्षा के बाद रसड़ा स्थित गुप्ता कोचिंग इंस्टिट्यूट से NDA की तैयारी शुरू की। कक्षा 6 में उनका चयन सैनिक स्कूल अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) में हुआ, जहां से उन्होंने वर्ष 2024 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। सैनिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्हें राष्ट्रीय रक्षा अकादमी परीक्षा की विशेष प्रशिक्षण सुविधा भी मिली।

वर्तमान में दिव्यांश दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी मैथ ऑनर्स के छात्र हैं। कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर उन्होंने NDA जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त की। उनके चयन से न केवल परिवार बल्कि पूरा जनपद स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
दिव्यांश प्रभाकर के सम्मान में आज 24 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे मुबारकपुर स्थित पेट्रोल पंप पर भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल होंगे।

दिन के उजाले में जलती स्ट्रीट लाइटें, ब्लॉक प्रशासन बेपरवाह

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जहाँ एक ओर सरकार बिजली की बचत को लेकर जनता को जागरूक करने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर बरहज विकासखंड परिसर में अधिकारियों की लापरवाही खुलकर सामने आ रही है। विकासखंड प्रांगण में लगे विद्युत पोलों पर दिन के उजाले में भी स्ट्रीट लाइटें जलती रहीं, जिससे सरकारी बिजली की खुलेआम बर्बादी हो रही है।

सरकार द्वारा नगरों से लेकर ग्राम पंचायतों तक आमजन की सुविधा और सुरक्षा के लिए स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई हैं, ताकि रात के समय अंधेरे से कोई परेशानी न हो। इसी क्रम में बरहज विकासखंड परिसर में भी स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गई हैं, जिससे रात में पूरा क्षेत्र रोशनी से जगमगाता है।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि यही स्ट्रीट लाइटें दिन में भी जलती पाई गईं, जिससे संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से न केवल सरकारी धन की बर्बादी हो रही है, बल्कि ग्राम सभाओं, विकासखंडों और आसपास के गांवों में हजारों यूनिट बिजली प्रतिदिन व्यर्थ जा रही है। इसके बावजूद बिजली विभाग और ब्लॉक प्रशासन इस समस्या को लेकर उदासीन बना हुआ है।

लोगों ने मांग की है कि दिन में जलने वाली स्ट्रीट लाइटों को बंद कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और बिजली की बचत को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि सरकार की ऊर्जा संरक्षण नीति का सही पालन हो सके।

नेताजी जयंती पर गोरखपुर में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा) देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को गोरखपुर के महंत दिग्विजय नाथ पार्क में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों का अभ्यास कराया गया।

कार्यक्रम का संयुक्त रूप से निरीक्षण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर, जिलाधिकारी गोरखपुर, महापौर गोरखपुर एवं नगर आयुक्त द्वारा किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक आपदा की स्थिति उत्पन्न कर राहत एवं बचाव कार्यों की वास्तविक परिस्थितियों में समीक्षा की गई।

इस अभ्यास में पुलिस विभाग, नगर निगम, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस सहित अन्य संबंधित विभागों ने आपसी समन्वय के साथ अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। मौके पर ट्रैफिक नियंत्रण, घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता, अग्निशमन व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन एवं संचार प्रणाली की प्रभावशीलता का बारीकी से परीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। वहीं जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। महापौर एवं नगर आयुक्त ने नगर निगम से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए कहा कि आपदा की स्थिति में नगर की मूलभूत सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए पूर्व तैयारी अत्यंत आवश्यक है।

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अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल से वास्तविक आपात स्थिति में प्रशासन की प्रतिक्रिया अधिक प्रभावी, समयबद्ध और संगठित होती है, जिससे जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने मॉक ड्रिल में शामिल सभी विभागों, कर्मचारियों एवं स्वयंसेवकों के कार्य की सराहना की।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

दिशाहीन कर्म और अधूरा धर्म, समाज के लिए बड़ी चुनौती

कैलाश सिंह 

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आज का समाज तेज़ी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन दिशा के प्रश्न पर वह गंभीर संकट से गुजर रहा है। विकास, सफलता और उपलब्धियों की अंधी दौड़ में मनुष्य निरंतर कर्म तो कर रहा है, पर यह सोचने का समय नहीं निकाल पा रहा कि उसके कर्म किस दिशा में जा रहे हैं। यही कारण है कि कहा गया है—धर्म के बिना कर्म दिशाहीन हो जाता है और कर्म के बिना धर्म केवल शब्दों में सिमटकर अधूरा रह जाता है।

 

 

वर्तमान समय में हर ओर कर्म की सक्रियता दिखाई देती है। योजनाएं बन रही हैं, फैसले लिए जा रहे हैं और बड़े-बड़े निर्माण कार्य हो रहे हैं। लेकिन जब इन कर्मों में धर्म—अर्थात सत्य, नैतिकता, करुणा और न्याय—का अभाव होता है, तब वही कर्म समाज के लिए विनाशकारी सिद्ध होते हैं। भ्रष्टाचार, शोषण, हिंसा और सामाजिक विघटन ऐसे ही दिशाहीन कर्मों के प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। धर्मविहीन कर्म समाज को आगे नहीं बढ़ाता, बल्कि उसे भीतर से खोखला कर देता है।

 

 

दूसरी ओर, धर्म का केवल उपदेशों, कर्मकांडों और प्रतीकों तक सीमित रह जाना भी उतना ही खतरनाक है। यदि धर्म व्यवहारिक जीवन में न उतरे और केवल प्रवचनों या नारों तक सिमट जाए, तो वह निष्प्रभावी हो जाता है। सच्चा धर्म वही है, जो कर्म के रूप में दिखाई दे—गरीब की सहायता में, अन्याय के विरोध में, सत्य के पक्ष में खड़े होने में और मानवता की रक्षा में।

 

 

इतिहास गवाह है कि जब-जब धर्म और कर्म का संतुलन बना है, तब समाज ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। महापुरुषों और समाज सुधारकों ने धर्म को जीवन का आधार बनाया और कर्म को उसका माध्यम। उन्होंने केवल उपदेश नहीं दिए, बल्कि अपने आचरण और कर्मों से धर्म को जीवंत किया। यही कारण है कि वे आज भी समाज के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।

 

 

आज की सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि धर्म और कर्म को अलग-अलग नहीं, बल्कि एक-दूसरे का पूरक मानकर अपनाया जाए। कर्म को धर्म का अनुशासन मिले और धर्म को कर्म का व्यवहारिक रूप। तभी व्यक्ति का जीवन संतुलित होगा, समाज न्यायपूर्ण बनेगा और राष्ट्र सशक्त होगा।

 

 

निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि धर्म के बिना कर्म अंधी शक्ति है और कर्म के बिना धर्म खोखली भावना। दोनों का समन्वय ही सच्ची प्रगति, स्थायी शांति और सामाजिक समरसता की गारंटी है। यही संदेश आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता और सबसे बड़ी सच्चाई है।

ईरान की ट्रंप को चेतावनी: हमला हुआ तो होगी पूर्ण जंग

https://rkpnewsup.com/high-command-strict-on-bihar-congress-discord-rahul-gandhi-gave-message/येतेहरान (राष्ट्र की परम्परा)। ईरान ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर तेहरान पर किसी भी तरह का हमला किया गया तो उसे ईरान अपने खिलाफ “पूर्ण युद्ध” मानेगा। ईरान ने साफ किया है कि ऐसी स्थिति में वह हमले का बेहद सख्त और निर्णायक जवाब देगा। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी युद्धपोतों का एक बड़ा बेड़ा हिंसा से जूझ रहे मध्य पूर्वी देश की ओर रवाना किया जा रहा है।

 

रॉयटर्स से बातचीत में एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार अमेरिका से लगातार मिल रही सैन्य धमकियों का हरसंभव तरीके से जवाब देगी। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि हमला चाहे सीमित हो, व्यापक हो या किसी अन्य नाम से किया जाए, ईरान उसे पूर्ण युद्ध ही मानेगा।

 

 

हमले को पूरी जंग मानेंगे: ईरान

 

 

ईरानी अधिकारी ने कहा,

“इस बार किसी भी तरह के हमले को हम अपने खिलाफ पूरी जंग समझेंगे और उसे निपटाने के लिए सबसे कड़ा जवाब देंगे।”

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन और तीन विध्वंसक युद्धपोत, जो टॉमहॉक मिसाइलों से लैस हैं, मध्य पूर्व की ओर भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिकी वायुसेना ने भी एक दर्जन एफ-15ई लड़ाकू विमान क्षेत्र में तैनात किए हैं।

 

 

 

हाई अलर्ट पर तेहरान

 

 

ईरानी अधिकारी ने कहा कि तेहरान इस समय हाई अलर्ट पर है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ईरान की जवाबी कार्रवाई किस तरह की होगी। उन्होंने इतना जरूर कहा कि ईरान की सैन्य ताकत किसी भी सबसे खराब स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

 

उन्होंने कहा,

“जो देश लगातार अमेरिकी सैन्य दबाव में रहता है, उसके पास यही विकल्प होता है कि वह अपने पास मौजूद हर संसाधन का इस्तेमाल कर हमले का जवाब दे और संतुलन बहाल करे।”

 

 

ईरान में हिंसक प्रदर्शनों का असर

 

 

नए साल की शुरुआत से ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने देश को झकझोर कर रख दिया है। कार्यकर्ताओं के अनुसार इन प्रदर्शनों में अब तक 5,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब डोनाल्ड ट्रंप दावोस दौरे से अमेरिका लौटे हैं। इससे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है।

बिहार कांग्रेस कलह पर हाईकमान सख्त, राहुल गांधी ने दिया संदेश

  • नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कलह को थामने के लिए पार्टी हाईकमान हरकत में आ गया है। शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर अहम बैठक हुई, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे। यह बैठक पटना स्थित कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित दही-चूड़ा भोज में पार्टी विधायकों की गैरहाजिरी के बाद बुलाई गई।

सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि बिहार में कांग्रेस के पास बड़ा राजनीतिक अवसर है और सभी नेताओं को एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राजनीतिक स्पेस को बढ़ाने की जरूरत है और पार्टी को नकारात्मक राजनीति से दूर रहना चाहिए। जल्द ही बिहार के लिए एक कोऑर्डिनेशन कमिटी गठित की जाएगी।

 

बिहार में बड़ा मौका: राहुल गांधी

 

 

राहुल गांधी ने साफ कहा कि बिहार कांग्रेस के नेताओं को जमीन पर उतरकर मेहनत करनी होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी उनकी जरूरत होगी, वे वहां मौजूद रहेंगे। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि सामाजिक समीकरणों को साधते हुए अगड़ा वर्ग को भी साथ लेकर चलना जरूरी है।

 

आरजेडी से अलग राह की मांग

 

 

बैठक में मौजूद निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि अगर कांग्रेस को बिहार में सत्ता में आना है, तो उसे आरजेडी से अलग होकर अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनानी होगी। इस बयान ने सियासी हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

 

 

 

 

संगठन और विधायकों में दूरी?

 

 

कांग्रेस के दही-चूड़ा भोज में छह विधायकों की अनुपस्थिति के बाद एनडीए नेताओं ने कांग्रेस विधायकों के टूटने के दावे किए थे। हालांकि बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी में कोई टूट नहीं है।

 

 

 

 

 

बैठक में तारिक अनवर, रंजीता रंजन और मदन मोहन झा ने संगठनात्मक जवाबदेही, कानून-व्यवस्था और नशे जैसे मुद्दों पर चिंता जताई। राहुल गांधी ने नेताओं से साफ कहा कि केवल पद से नहीं, बल्कि जमीन पर काम करने से ही पार्टी मजबूत होगी।

Budget 2026: शिक्षा सेक्टर को मिल सकता है बड़ा फंड, AI पर फोकस

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। Budget 2026 को लेकर अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। 1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद वित्त वर्ष 2026 का यूनियन बजट संसद में पेश किया जाएगा। इस बार बजट से शिक्षा क्षेत्र को लेकर बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा की गुणवत्ता, बुनियादी ढांचे और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है।

माना जा रहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बजट में शिक्षा सेक्टर के लिए अतिरिक्त फंड का ऐलान कर सकती हैं, जिससे देश के टैलेंट बेस को मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा में सुधार के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी विकास में लगातार निवेश जरूरी है।

विशेषज्ञों की राय

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन शिशिर जयपुरिया ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पर्याप्त बजट आवंटन बेहद जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट को शिक्षा सुधार की सबसे अहम कड़ी बताया।

 

स्किल और AI पर फोकस की उम्मीद

शिशिर जयपुरिया को उम्मीद है कि बजट 2026 में वोकेशनल और स्किल-बेस्ड एजुकेशन के लिए नेशनल प्रोग्राम को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है, जिससे ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्र पीछे न रहें।

ICC ODI Rankings: डेरिल मिशेल बने नंबर-1 बल्लेबाज, विराट कोहली पीछे

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। ICC ODI Rankings में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। न्यूजीलैंड के भरोसेमंद और फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज डेरिल मिशेल ने भारतीय स्टार विराट कोहली को पछाड़ते हुए वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है। भारत के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन मिशेल के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

भारत के खिलाफ सीरीज बनी करियर का अहम मोड़

डेरिल मिशेल ने भारत के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड को ऐतिहासिक जीत दिलाई। इस सीरीज में मिशेल ने दो शानदार शतक जमाए, जबकि तीसरे मुकाबले में वह शतक से मामूली अंतर से चूक गए।

तीन मैचों में उन्होंने कुल 352 रन बनाए और उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। उनकी बल्लेबाजी के दम पर न्यूजीलैंड ने भारत में पहली बार वनडे सीरीज 2-1 से जीतकर इतिहास रच दिया।

विराट कोहली का दमदार प्रदर्शन, फिर भी नुकसान

हालांकि विराट कोहली ने भी इस सीरीज में अपने क्लास का बेहतरीन प्रदर्शन किया। कोहली ने तीन मैचों में 240 रन बनाए। पहले वनडे में उन्होंने 93 रन की शानदार पारी खेली, जबकि निर्णायक मुकाबले में 108 गेंदों पर 124 रन बनाकर फैंस को अपने पुराने सुनहरे दौर की याद दिला दी।

इसके बावजूद टीम इंडिया सीरीज नहीं जीत सकी और रैंकिंग में विराट कोहली को एक स्थान नीचे खिसकना पड़ा।

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रेटिंग पॉइंट्स में बड़ा अंतर

आईसीसी की ताजा रैंकिंग के अनुसार डेरिल मिशेल के खाते में अब 845 रेटिंग पॉइंट्स हैं, जबकि विराट कोहली 795 पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

गौर करने वाली बात यह है कि मिशेल इससे पहले भी कुछ समय के लिए नंबर-1 बने थे, लेकिन तब उनका यह ताज केवल तीन दिन तक ही रहा था। इस बार लंबे टी20 शेड्यूल के चलते उनके पास शीर्ष पर बने रहने का बेहतर मौका है।

अन्य बल्लेबाजों की स्थिति

वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के इब्राहिम जदरान तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं भारतीय कप्तान रोहित शर्मा चौथे नंबर पर खिसक गए हैं।

शुभमन गिल दो अर्धशतकों के बावजूद पांचवें स्थान पर बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स ने आखिरी वनडे में तेज शतक जड़ते हुए 16 स्थान की छलांग लगाई और टॉप-20 में एंट्री कर ली है।

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ऑलराउंडर्स रैंकिंग में भी बदलाव

ग्लेन फिलिप्स ने ऑलराउंडर्स की वनडे रैंकिंग में भी सुधार किया है और वह 14 स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त रूप से 31वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इस सूची में अफगानिस्तान के अजमतुल्लाह ओमरजई पहले नंबर पर बने हुए हैं।

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गणतंत्र दिवस से पहले पंजाब में आतंकी साजिश नाकाम, 2.5 किलो RDX बरामद

होशियारपुर/पंजाब (राष्ट्र की परम्परा)। गणतंत्र दिवस से पहले पंजाब पुलिस ने बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए पाकिस्तान की आईएसआई समर्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े एक खतरनाक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार आतंकियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 2.5 किलो आरडीएक्स से भरा आईईडी और दो पिस्तौल बरामद की हैं।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आतंकियों की पहचान दिलजोत सिंह, हरमन सिंह उर्फ हैरी, अजय उर्फ महिरा और अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श कंडोला के रूप में हुई है। ये सभी एसबीएस नगर जिले के राहों क्षेत्र के निवासी हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये आतंकी गणतंत्र दिवस के दौरान बड़े हमले की साजिश रच रहे थे।

अमेरिका से मिल रहे थे निर्देश, ISI दे रही थी विस्फोटक

डीजीपी ने बताया कि यह आतंकी मॉड्यूल अमेरिका में बैठे BKI हैंडलरों द्वारा संचालित किया जा रहा था। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की मदद से आतंकियों को विस्फोटक सामग्री और हथियार मुहैया कराए गए थे। बरामद आईईडी का इस्तेमाल सार्वजनिक स्थानों या गणतंत्र दिवस समारोहों को निशाना बनाने के लिए किया जाना था।

संयुक्त ऑपरेशन में मिली सफलता

इस पूरे ऑपरेशन को होशियारपुर पुलिस और सीआई जालंधर की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। खुफिया इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए चारों आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। होशियारपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संदीप मलिक ने बताया कि बरामद आईईडी बेहद शक्तिशाली है और इससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता था।

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पंजाब की शांति भंग करने की थी साजिश

जांच में यह भी सामने आया है कि यह आतंकी मॉड्यूल पंजाब में टारगेटेड किलिंग और अशांति फैलाने की तैयारी में था। पुलिस चारों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य आतंकियों की तलाश जारी है।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जांच में आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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वंदे मातरम को राष्ट्रगान जैसा सम्मान देने की तैयारी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। मोदी सरकार राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान सम्मान दिलाने के लिए एक औपचारिक प्रोटोकॉल तैयार करने की योजना बना रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा की गई है।

भारत के संविधान में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों को समान सम्मान दिया गया है, लेकिन व्यवहारिक और कानूनी प्रोटोकॉल के स्तर पर दोनों के बीच बड़ा अंतर है। वर्तमान व्यवस्था के तहत राष्ट्रगान के समय खड़ा होना अनिवार्य है और इसके अपमान पर राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत सजा का प्रावधान है। वहीं राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के लिए ऐसा कोई अनिवार्य या लिखित कानूनी नियम मौजूद नहीं है।

राष्ट्रीय गीत को लेकर किन नियमों पर चर्चा

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय की बैठक में वंदे मातरम के गायन से जुड़े नियमों और सम्मान की प्रक्रिया पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में यह बिंदु उठाए गए कि क्या राष्ट्रीय गीत के गायन के समय, स्थान और तरीके को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए जाने चाहिए। इसके साथ ही यह भी चर्चा हुई कि क्या वंदे मातरम के दौरान राष्ट्रगान की तरह खड़ा होना अनिवार्य किया जाए और क्या इसके अपमान पर जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए।

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राजनीतिक संदर्भ और विवाद

यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब मोदी सरकार वंदे मातरम को लेकर साल भर चलने वाला उत्सव मना रही है। वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति के चलते राष्ट्रीय गीत के महत्व को कम करने का आरोप लगाया है।

भाजपा का कहना है कि 1937 के कांग्रेस अधिवेशन में वंदे मातरम के कुछ छंदों को हटाने की नीति ने आगे चलकर देश के विभाजन की नींव रखी, जबकि कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज करते हुए इसे इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करना बताया है।

कानूनी स्थिति

पिछले कुछ वर्षों में अदालतों में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें मांग की गई है कि वंदे मातरम के लिए भी राष्ट्रगान जैसा ही कानूनी ढांचा तैयार किया जाए। हालांकि केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि राष्ट्रीय गीत के लिए अभी तक कोई दंडात्मक प्रावधान लागू नहीं किए गए हैं।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम स्वदेशी आंदोलन (1905–08) के दौरान स्वतंत्रता संग्राम का सबसे प्रभावशाली नारा बना था। सरकार अब इसे पुनः उसी ऐतिहासिक और गौरवशाली स्थान पर स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

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