लखनऊ/संत कबीर नगर/ (राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश में मौसम का रुख एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। शनिवार को संत कबीर नगर और गोरखपुर सहित आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। कुछ क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के कारण लोगों को हल्की ठंडक का एहसास हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी जिले ग्रीन जोन में हैं। शनिवार को मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। रविवार से प्रदेश के कई जिलों में दोबारा मौसम सक्रिय होने की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में हल्की बूंदाबांदी के आसार
मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। संत कबीर नगर, गोरखपुर, महाराजगंज, बलरामपुर, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, हरदोई, अयोध्या, बहराइच और सिद्धार्थनगर के आसपास के इलाकों में हल्की बारिश के संकेत मिल रहे हैं।
इसके साथ ही इन जिलों में 15 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम में इस बदलाव का असर आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि कार्यों पर भी पड़ सकता
मौसम ने ली करवट: पूर्वांचल के कई जिलों में बदला मिजाज
फर्जी दुष्कर्म केस, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी: गोरखपुर गोलीकांड की अंदरूनी कहानी
जब कानून के रखवाले भी फंसे जाल में: अंशिका सिंह केस का बड़ा खुलासा
गोरखपुर गोलीकांड: अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा का हनीट्रैप नेटवर्क, 150 से ज्यादा शिकार, पुलिसकर्मी भी फंसे
गोरखपुर गोलीकांड: सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि सुनियोजित हनीट्रैप नेटवर्क की पूरी कहानी
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) सिंघड़िया इलाके में निजी अस्पताल के मैनेजर पर हुई फायरिंग की घटना अब एक साधारण आपराधिक वारदात नहीं रह गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा एक संगठित हनीट्रैप नेटवर्क, ब्लैकमेलिंग, फर्जी दुष्कर्म केस और रंगदारी के ऐसे मॉडल पर काम कर रही थी, जिसने बीते पांच वर्षों में करीब डेढ़ सौ लोगों को अपना शिकार बनाया।
इस पूरे मामले ने कानून व्यवस्था, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और फर्जी मुकदमों की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस नेटवर्क में आम नागरिक ही नहीं, बल्कि पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी भी फंस चुके थे।
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सोशल मीडिया से शुरू होता था हनीट्रैप का जाल
पुलिस के अनुसार अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेंजर ऐप्स के जरिए लोगों से दोस्ती करती थी। शुरुआत में बातचीत सामान्य रहती, लेकिन धीरे-धीरे वह वीडियो कॉल का सहारा लेती। इसी दौरान वह कॉल की रिकॉर्डिंग कर लेती थी।
बाद में यही रिकॉर्डिंग ब्लैकमेलिंग का हथियार बनती। पीड़ितों को दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट या छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती। डर और सामाजिक बदनामी के भय से कई लोग समझौते के नाम पर मोटी रकम देने को मजबूर हो जाते थे।
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2021 से शुरू हुआ उगाही का संगठित मॉडल
पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 में देवरिया निवासी राज विश्वकर्मा के खिलाफ दर्ज कराया गया मुकदमा इस नेटवर्क का पहला बड़ा मामला था। उस केस में दुष्कर्म, धमकी और पॉक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराएं लगाई गईं।
कुछ समय बाद सुलह के नाम पर लाखों रुपये की उगाही की गई। इसी मॉडल को अंशिका ने आगे भी अपनाया। जहां विरोध हुआ, वहां नए मुकदमे दर्ज कराने से वह पीछे नहीं हटी।
संतकबीरनगर से गोरखपुर तक फैला नेटवर्क
वर्ष 2023 में अंशिका संतकबीरनगर के खलीलाबाद क्षेत्र में किराए के मकान में रहने लगी। देर रात तक लड़कों के आने-जाने को लेकर जब मकान मालिक ने आपत्ति जताई तो उसने कमरा खाली करने के बदले दो लाख रुपये की मांग कर दी।
मकान मालिक द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगवाने पर वह वहां से चली गई, लेकिन जाते-जाते धमकी और दबाव बनाने की कोशिश भी की। इसी दौरान खलीलाबाद और आसपास के इलाकों में कई लोगों पर मारपीट, धमकी और दुष्कर्म के आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराए गए।
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फर्जी मुकदमे और सुलह के नाम पर लाखों की वसूली
संतकबीरनगर के डीघा बाईपास निवासी सूरज सिंह समेत पांच लोगों पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया। जब सुलह नहीं हुई तो दोबारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
खलीलाबाद निवासी प्रियांशु सिंह से भी फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की उगाही की गई। पुलिस का मानना है कि ऐसे कई मामले सामने आ सकते हैं, जिनकी अभी शिकायत तक नहीं की गई।
जब पुलिसकर्मी भी बने शिकार
इस केस का सबसे गंभीर और चिंताजनक पहलू यह है कि अंशिका के जाल में पुलिस विभाग के लोग भी फंसे। जांच में खुलासा हुआ है कि मैसेंजर ऐप के जरिए उसने अयोध्या में तैनात एक सीओ सहित करीब 15 पुलिसकर्मियों से संपर्क साधा।
वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर उन्हें दुष्कर्म के फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी गई और मोटी रकम वसूली गई। गीडा थाने के एक उपनिरीक्षक से भी इसी तरह उगाही की गई। एक मामले में तो थाने में करीब पांच घंटे पंचायत चली और अंत में कैश व सोने की चेन देकर मामला दबाया गया।
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रंगदारी में चली गोली, मामला पहुंचा हिंसा तक
गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र के सिंघड़िया चौराहे पर रंगदारी न मिलने पर अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा ने निजी अस्पताल के मैनेजर विशाल मिश्रा पर पिस्टल तान दी।
विशाल के पीछे हटने पर चली गोली उसके दोस्त अमिताभ को जा लगी। यह घटना इस पूरे नेटवर्क का सबसे हिंसक रूप बनकर सामने आई। विशाल मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने अंशिका और उसके साथी बंटी उर्फ आकाश वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस अंशिका सिंह के मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है। आशंका है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला फर्जी मुकदमों के दुरुपयोग, सोशल मीडिया से होने वाले अपराध और रंगदारी के नए स्वरूप को उजागर करता है। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं।
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समाज और सिस्टम के लिए बड़ा सबक
यह मामला सिर्फ एक आरोपी की कहानी नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे तकनीक, कानून के डर और सामाजिक बदनामी का इस्तेमाल कर संगठित अपराध खड़ा किया जा सकता है।
फर्जी केसों से जहां निर्दोष लोगों की जिंदगी तबाह होती है, वहीं असली पीड़ितों के मामलों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं। पुलिस और न्याय व्यवस्था के लिए यह केस एक बड़ी चुनौती और चेतावनी दोनों है।
महराजगंज: सात साल तक शादी का झांसा देकर शोषण, साथ रखने से किया इनकार
महिला की तहरीर पर दो भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद के श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां एक महिला ने एक युवक पर शादी का झांसा देकर करीब सात वर्षों तक शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि जब उसने विवाह के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी युवक ने उसे साथ रखने से साफ इनकार कर दिया।
महिला द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, आरोपी युवक ने शुरुआत में उससे प्रेम संबंध स्थापित किए और उसे जल्द शादी करने का भरोसा दिलाया। इसी भरोसे के आधार पर युवक ने लंबे समय तक महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि वर्षों तक चले इस रिश्ते में वह युवक की बातों पर भरोसा करती रही, लेकिन जब शादी की बात आई तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया।
शादी का भरोसा देकर बनाया शारीरिक संबंध
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि युवक ने उसे यह विश्वास दिलाया था कि वह जल्द ही उससे विवाह करेगा। इसी भरोसे में उसने सामाजिक और पारिवारिक मर्यादाओं की परवाह किए बिना उसके साथ संबंध बनाए। महिला का कहना है कि वह लगातार शादी की बात करती रही, लेकिन आरोपी हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर टालता रहा।
समय बीतने के साथ जब महिला ने विवाह को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया और दबाव बनाया, तो आरोपी युवक का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। पीड़िता के अनुसार, अब आरोपी उसे अपनाने से इनकार कर रहा है और किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
आरोपी का भाई भी धमकी देने का आरोप
महिला ने अपनी तहरीर में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी युवक का भाई भी इस पूरे मामले में उसका मानसिक उत्पीड़न कर रहा है। पीड़िता के अनुसार, आरोपी का भाई उसे गंदी-गंदी गालियां देता है और जान से मारने की धमकी भी दे चुका है। इन धमकियों के कारण महिला मानसिक रूप से काफी परेशान है और उसे अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।
पीड़िता का कहना है कि आरोपियों की ओर से लगातार मिल रही धमकियों से उसका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। वह भय के माहौल में जीने को मजबूर है और किसी अनहोनी की आशंका से डरी हुई है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला ने श्यामदेउरवां थाने में लिखित शिकायत दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने महम्मदा निवासी दो युवकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
श्यामदेउरवां थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि महिला की शिकायत मिलने के बाद तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है और पुलिस हर पहलू से इसकी जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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निष्पक्ष जांच का भरोसा
थानाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस किसी भी दबाव में आए बिना निष्पक्ष जांच करेगी। पीड़िता के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की पूरी पड़ताल की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा का आश्वासन भी दिया है और कहा है कि यदि उसे किसी प्रकार की धमकी या परेशानी होती है तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे।
इलाके में चर्चा का माहौल
इस घटना के सामने आने के बाद श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है। लोग इस मामले को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय मिलना बेहद जरूरी है, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।
ग्रामीणों का मानना है कि शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शोषण करने जैसी घटनाएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे मामलों में कानून की सख्ती जरूरी है, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी महिला की भावनाओं से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
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कानूनी कार्रवाई जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामला जांच के अधीन है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी देख रही है कि आरोपियों की ओर से पीड़िता को धमकाने या डराने की कोई और कोशिश तो नहीं की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि कानून के तहत पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
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मॉडिफाइड साइलेंसर पर पुलिस की सख्ती, बुलेट सीज
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के परतावल चौकी अंतर्गत गोरखपुर–महराजगंज मुख्य मार्ग पर उस समय हड़कंप मच गया, जब परतावल चौकी पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बुलेट मोटरसाइकिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए वाहन को सीज कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में खलबली मच गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परतावल चौकी पुलिस नियमित चेकिंग अभियान के तहत गोरखपुर–महराजगंज मार्ग पर वाहनों की सघन जांच कर रही थी। इसी दौरान अत्यधिक तेज आवाज कर रही एक बुलेट मोटरसाइकिल पुलिस की नजर में आई। संदेह होने पर पुलिस ने वाहन को तुरंत रुकवाया और जांच की, जिसमें बुलेट में अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर लगा पाया गया।
जांच के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई करते हुए बुलेट मोटरसाइकिल को सीज कर दिया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने और यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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इस संबंध में चौकी प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसर से अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण फैलता है, जिससे आमजन, बुजुर्गों, मरीजों और छात्रों को भारी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों के खिलाफ आगे भी अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
पुलिस की इस सख्ती से क्षेत्र में अवैध साइलेंसर लगाकर फर्राटा भरने वालों में दहशत का माहौल है, वहीं आम लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत करते हुए राहत की सांस ली है।
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गणतंत्र दिवस परेड में सोनबरसा की बेटी सुजाता का भरतनाट्यम
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बलिया जनपद के बैरिया क्षेत्र स्थित छोटे से गांव सोनबरसा की बेटी सुजाता सिंह इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति देकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। जैसे ही यह गौरवपूर्ण समाचार गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचा, लोगों में खुशी और गर्व की लहर दौड़ गई।
सोनबरसा गांव निवासी सत्येंद्र सिंह की पुत्री सुजाता सिंह बचपन से ही बहुप्रतिभाशाली रही हैं। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ भारतीय शास्त्रीय नृत्य को भी अपना लक्ष्य बनाया। सुजाता ने एमसीए (मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) की पढ़ाई पूरी करने के बाद भरतनाट्यम और मोहिनीअट्टम जैसे प्रतिष्ठित शास्त्रीय नृत्य रूपों में स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त की। यह आधुनिक तकनीकी शिक्षा और पारंपरिक भारतीय कला का दुर्लभ और प्रेरणादायक संगम है।
सुजाता सिंह देश के विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। वाराणसी में आयोजित कई सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी भाव-भंगिमा, अभिनय और पद संचालन को विशेष सराहना मिली। इसके साथ ही उन्होंने दक्षिण भारत के प्रतिष्ठित धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर भी प्रस्तुति दी है। केरल के कामाख्या ट्रस्ट मंदिर, गुरुवायूर मंदिर तथा आंध्र प्रदेश के चिदंबरम मंदिर में उनके नृत्य कार्यक्रमों को दर्शकों और विद्वानों ने खूब सराहा।
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अब 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर भरतनाट्यम की सामूहिक प्रस्तुति में शामिल होना सुजाता सिंह के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बलिया जनपद के लिए गर्व का विषय है। देश-विदेश से आए विशिष्ट अतिथियों और करोड़ों दर्शकों के सामने प्रस्तुति देना उनकी वर्षों की साधना, अनुशासन और समर्पण का प्रतिफल है।
गांव के लोगों और परिजनों का कहना है कि सुजाता ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। उनकी सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है। जब गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर सुजाता सिंह का भरतनाट्यम गूंजेगा, तब सोनबरसा ही नहीं, पूरा बलिया गर्व महसूस करेगा।
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दिव्यांश प्रभाकर का NDA में चयन, मऊ में खुशी की लहर
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद मऊ के रतनपुरा विकासखंड अंतर्गत बसारिकपुर ग्राम पंचायत निवासी दिव्यांश प्रभाकर का राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में सब लेफ्टिनेंट पद पर चयन होने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। इस उपलब्धि के बाद परिवार सहित गांव-क्षेत्र के लोग उत्साह में डूबे हुए हैं।
दिव्यांश प्रभाकर, अमर शहीद भगत सिंह इंटरमीडिएट कॉलेज, रसड़ा में अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता अमरजीत यादव के सुपुत्र हैं। उनकी माता श्रीमती पवित्रा यादव हैं। दिव्यांश की दोनों बड़ी बहनें स्मृति यादव और स्तुति यादव जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से जीव विज्ञान विषय में क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान की टॉपर रह चुकी हैं, जिन्हें उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
दिव्यांश प्रभाकर ने प्रारंभिक शिक्षा के बाद रसड़ा स्थित गुप्ता कोचिंग इंस्टिट्यूट से NDA की तैयारी शुरू की। कक्षा 6 में उनका चयन सैनिक स्कूल अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) में हुआ, जहां से उन्होंने वर्ष 2024 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। सैनिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्हें राष्ट्रीय रक्षा अकादमी परीक्षा की विशेष प्रशिक्षण सुविधा भी मिली।
वर्तमान में दिव्यांश दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी मैथ ऑनर्स के छात्र हैं। कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर उन्होंने NDA जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त की। उनके चयन से न केवल परिवार बल्कि पूरा जनपद स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
दिव्यांश प्रभाकर के सम्मान में आज 24 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे मुबारकपुर स्थित पेट्रोल पंप पर भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल होंगे।
ICC ODI Rankings: डेरिल मिशेल बने नंबर-1 बल्लेबाज, विराट कोहली पीछे
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। ICC ODI Rankings में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। न्यूजीलैंड के भरोसेमंद और फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज डेरिल मिशेल ने भारतीय स्टार विराट कोहली को पछाड़ते हुए वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है। भारत के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन मिशेल के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
भारत के खिलाफ सीरीज बनी करियर का अहम मोड़
डेरिल मिशेल ने भारत के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड को ऐतिहासिक जीत दिलाई। इस सीरीज में मिशेल ने दो शानदार शतक जमाए, जबकि तीसरे मुकाबले में वह शतक से मामूली अंतर से चूक गए।
तीन मैचों में उन्होंने कुल 352 रन बनाए और उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। उनकी बल्लेबाजी के दम पर न्यूजीलैंड ने भारत में पहली बार वनडे सीरीज 2-1 से जीतकर इतिहास रच दिया।
विराट कोहली का दमदार प्रदर्शन, फिर भी नुकसान
हालांकि विराट कोहली ने भी इस सीरीज में अपने क्लास का बेहतरीन प्रदर्शन किया। कोहली ने तीन मैचों में 240 रन बनाए। पहले वनडे में उन्होंने 93 रन की शानदार पारी खेली, जबकि निर्णायक मुकाबले में 108 गेंदों पर 124 रन बनाकर फैंस को अपने पुराने सुनहरे दौर की याद दिला दी।
इसके बावजूद टीम इंडिया सीरीज नहीं जीत सकी और रैंकिंग में विराट कोहली को एक स्थान नीचे खिसकना पड़ा।
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रेटिंग पॉइंट्स में बड़ा अंतर
आईसीसी की ताजा रैंकिंग के अनुसार डेरिल मिशेल के खाते में अब 845 रेटिंग पॉइंट्स हैं, जबकि विराट कोहली 795 पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि मिशेल इससे पहले भी कुछ समय के लिए नंबर-1 बने थे, लेकिन तब उनका यह ताज केवल तीन दिन तक ही रहा था। इस बार लंबे टी20 शेड्यूल के चलते उनके पास शीर्ष पर बने रहने का बेहतर मौका है।
अन्य बल्लेबाजों की स्थिति
वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के इब्राहिम जदरान तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं भारतीय कप्तान रोहित शर्मा चौथे नंबर पर खिसक गए हैं।
शुभमन गिल दो अर्धशतकों के बावजूद पांचवें स्थान पर बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स ने आखिरी वनडे में तेज शतक जड़ते हुए 16 स्थान की छलांग लगाई और टॉप-20 में एंट्री कर ली है।
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ऑलराउंडर्स रैंकिंग में भी बदलाव
ग्लेन फिलिप्स ने ऑलराउंडर्स की वनडे रैंकिंग में भी सुधार किया है और वह 14 स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त रूप से 31वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इस सूची में अफगानिस्तान के अजमतुल्लाह ओमरजई पहले नंबर पर बने हुए हैं।
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वंदे मातरम को राष्ट्रगान जैसा सम्मान देने की तैयारी
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। मोदी सरकार राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान सम्मान दिलाने के लिए एक औपचारिक प्रोटोकॉल तैयार करने की योजना बना रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा की गई है।
भारत के संविधान में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों को समान सम्मान दिया गया है, लेकिन व्यवहारिक और कानूनी प्रोटोकॉल के स्तर पर दोनों के बीच बड़ा अंतर है। वर्तमान व्यवस्था के तहत राष्ट्रगान के समय खड़ा होना अनिवार्य है और इसके अपमान पर राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत सजा का प्रावधान है। वहीं राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के लिए ऐसा कोई अनिवार्य या लिखित कानूनी नियम मौजूद नहीं है।
राष्ट्रीय गीत को लेकर किन नियमों पर चर्चा
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय की बैठक में वंदे मातरम के गायन से जुड़े नियमों और सम्मान की प्रक्रिया पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में यह बिंदु उठाए गए कि क्या राष्ट्रीय गीत के गायन के समय, स्थान और तरीके को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए जाने चाहिए। इसके साथ ही यह भी चर्चा हुई कि क्या वंदे मातरम के दौरान राष्ट्रगान की तरह खड़ा होना अनिवार्य किया जाए और क्या इसके अपमान पर जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए।
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राजनीतिक संदर्भ और विवाद
यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब मोदी सरकार वंदे मातरम को लेकर साल भर चलने वाला उत्सव मना रही है। वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति के चलते राष्ट्रीय गीत के महत्व को कम करने का आरोप लगाया है।
भाजपा का कहना है कि 1937 के कांग्रेस अधिवेशन में वंदे मातरम के कुछ छंदों को हटाने की नीति ने आगे चलकर देश के विभाजन की नींव रखी, जबकि कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज करते हुए इसे इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करना बताया है।
कानूनी स्थिति
पिछले कुछ वर्षों में अदालतों में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें मांग की गई है कि वंदे मातरम के लिए भी राष्ट्रगान जैसा ही कानूनी ढांचा तैयार किया जाए। हालांकि केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि राष्ट्रीय गीत के लिए अभी तक कोई दंडात्मक प्रावधान लागू नहीं किए गए हैं।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम स्वदेशी आंदोलन (1905–08) के दौरान स्वतंत्रता संग्राम का सबसे प्रभावशाली नारा बना था। सरकार अब इसे पुनः उसी ऐतिहासिक और गौरवशाली स्थान पर स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
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। Budget 2026 को लेकर अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। 1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद वित्त वर्ष 2026 का यूनियन बजट संसद में पेश किया जाएगा। इस बार बजट से शिक्षा क्षेत्र को लेकर बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा की गुणवत्ता, बुनियादी ढांचे और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है।