Friday, June 12, 2026
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गोलीबारी का वीडियो वायरल, ग्रामीणों में दहशत

🔷 देवरिया में दिनदहाड़े राइफल से फायरिंग, वीडियो वायरल, इलाके में फैली दहशत


गौरी बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बाकी (फुलवरिया टोला) की सनसनीखेज घटना

देवरिया (राष्ट्र परम्परा डेस्क)जनपद के गौरी बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा बाकी (फुलवरिया टोला) में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जमीन विवाद को लेकर दिनदहाड़े राइफल से कई राउंड फायरिंग की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
बताया जा रहा है कि यह मामला लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद से जुड़ा हुआ है, जो अचानक हिंसक रूप ले बैठा। दिन के उजाले में हुई इस गोलीबारी ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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🔶 जमीन विवाद बना हिंसा की वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा बाकी निवासी वीरेंद्र यादव ने लगभग दो वर्ष पूर्व विवादित भूमि की विधिवत रजिस्ट्री कराई थी। इसके बाद उन्होंने उक्त भूमि पर पक्की दीवार का निर्माण भी कराया था। इसी को लेकर गांव के ही अशोक पांडेय और विनोद पांडेय से विवाद चल रहा था।
ग्रामीणों का आरोप है कि इसी विवाद के चलते अशोक पांडेय और विनोद पांडेय अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और राइफल से ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
🔶 कई राउंड फायरिंग, जान बचाकर भागे लोग
दिनदहाड़े हुई इस गोलीबारी से गांव में हड़कंप मच गया। गोलियों की आवाज सुनकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोग घरों में दुबक गए तो कुछ खेतों की ओर भागते नजर आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फायरिंग के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन अगर थोड़ी भी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

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🔶 फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना के दौरान किसी ग्रामीण ने अपने मोबाइल से फायरिंग का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह खुलेआम हथियार लहराए जा रहे हैं और गोलियां चलाई जा रही हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि दिनदहाड़े राइफल लेकर फायरिंग करने वालों पर अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
🔶 112 पर दी गई सूचना, पुलिस पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर दी गई थी। हालांकि, पुलिस के मौके पर पहुंचने को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि
दिनदहाड़े गोलीबारी जैसी गंभीर घटना यह दर्शाती है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं। यदि समय रहते पुलिस की सक्रियता रहती, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।

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🔶 गांव में दहशत, लोग सहमे
घटना के बाद से ग्राम सभा बाकी और आसपास के इलाकों में डर का माहौल बना हुआ है। लोग अपने बच्चों को बाहर भेजने से कतरा रहे हैं और शाम होते ही सन्नाटा पसर जा रहा है।
ग्रामीणों की मांग है कि

जमीन विवाद का निष्पक्ष समाधान कराया जाए

आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो ,अवैध हथियार बरामद किए जाएं

गांव में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
🔶 प्रशासन के लिए चेतावनी
यह घटना केवल एक जमीन विवाद नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है। अगर समय रहते ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में हालात और बिगड़ सकते हैं।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर पुलिस प्रशासन दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करेगा, ताकि आम लोगों का कानून पर भरोसा बना रहे।

यूक्रेन के कीव-खार्किव पर रूसी हमला, 13 लोग घायल

रूस और यूक्रेन के बीच जंग लगभग चार वर्षों से जारी है और अब तक संघर्षविराम को लेकर किसी भी तरह की सहमति नहीं बन सकी है। दोनों देश एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। इसी बीच यूक्रेन के दो सबसे बड़े शहर एक बार फिर रूसी हमलों की चपेट में आ गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन ताजा हमलों में कुल 13 लोग घायल हुए हैं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार (24 जनवरी) की सुबह रूस ने यूक्रेन के दो प्रमुख शहरों पर हमला किया। राजधानी कीव में दो लोग घायल हुए हैं, जबकि उत्तर-पूर्वी शहर खार्किव में 11 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। हमलों के बाद दोनों शहरों में दहशत का माहौल है और आपातकालीन सेवाएं अलर्ट पर हैं।

कीव में ड्रोन और मिसाइलों से हमला

कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि राजधानी में घायल हुए दोनों लोगों की हालत गंभीर है और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने कहा कि राजधानी को दो हिस्सों में बांटने वाली नीप्रो नदी के दोनों किनारों पर स्थित दो जिलों में हमले किए गए।

मेयर क्लिट्स्को ने टेलीग्राम पर लिखा,
“कीव पर दुश्मन का भारी हमला हो रहा है।”

यूक्रेन की वायुसेना ने भी पुष्टि की कि कीव पर हुए हमले में ड्रोन और मिसाइल दोनों का इस्तेमाल किया गया। राजधानी के सैन्य प्रशासन प्रमुख तैमूर तकाचेंको के अनुसार कम से कम तीन जिलों में ड्रोन हमले हुए, जिनकी वजह से कम से कम दो स्थानों पर आग लग गई।

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बिजली और हीटिंग व्यवस्था प्रभावित

कीव में नए साल के बाद से यह बड़े पैमाने पर रात भर किया गया दूसरा हमला बताया जा रहा है। इन हमलों की वजह से सैकड़ों आवासीय इमारतों में बिजली और हीटिंग व्यवस्था ठप हो गई है। आपातकालीन कर्मी लगातार राहत और बहाली के काम में जुटे हुए हैं।

हमले के समय राजधानी में तापमान माइनस 13 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था, जिससे हालात और ज्यादा कठिन हो गए। ठंड के बीच बिजली और हीटिंग सेवाओं के बाधित होने से आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

खार्किव पर भी रूसी ड्रोन हमला

कीव के अलावा यूक्रेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर खार्किव भी रूसी हमले की चपेट में आया है। रूस की सीमा से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित खार्किव अक्सर रूसी हमलों का निशाना बनता रहा है।

खार्किव के मेयर इगोर तेरेखोव ने बताया कि रूसी ड्रोन ने शहर के कई जिलों को निशाना बनाया, जिसमें 11 लोग घायल हो गए। उन्होंने टेलीग्राम पर जानकारी दी कि ड्रोन हमले विस्थापित लोगों के लिए बने एक छात्रावास, एक अस्पताल और एक प्रसूति अस्पताल पर किए गए।
इन हमलों के बाद शहर में आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया है और घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

वार्ता के बीच तेज हुए हमले

ये ताजा रूसी हमले ऐसे समय में हुए हैं जब यूक्रेन, रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका के वार्ताकार संयुक्त अरब अमीरात में लगभग चार साल से जारी युद्ध के समाधान की दिशा में बातचीत कर रहे हैं। हालांकि वार्ता के बावजूद जमीनी स्तर पर हमले थमते नजर नहीं आ रहे हैं।

लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमले यह संकेत दे रहे हैं कि संघर्षविराम की राह अभी भी बेहद कठिन बनी हुई है। दोनों पक्षों के बीच अविश्वास और सैन्य दबाव की स्थिति बरकरार है।

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आम नागरिकों पर बढ़ता संकट

कीव और खार्किव जैसे बड़े शहरों पर हमलों से आम नागरिकों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। ठंड के मौसम में बिजली, पानी और हीटिंग सेवाओं का बाधित होना मानवीय संकट को और गंभीर बना रहा है। अस्पतालों और राहत केंद्रों पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

यूक्रेन प्रशासन का कहना है कि हमलों से निपटने के लिए सुरक्षा और आपात व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है, लेकिन लगातार जारी हमलों ने हालात को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

चार साल बाद भी जंग जारी

करीब चार साल बीत जाने के बाद भी रूस-यूक्रेन युद्ध थमता नजर नहीं आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रयासों और कूटनीतिक बातचीत के बावजूद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष जारी है। कीव और खार्किव पर हुए ताजा हमले इस बात का संकेत हैं कि आने वाले दिनों में हालात और भी तनावपूर्ण हो सकते हैं।

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कनाडा-चीन नजदीकी पर ट्रंप की चेतावनी, रिश्तों में तनाव

वाशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। इस बार उनके निशाने पर अमेरिका का करीबी सहयोगी देश कनाडा रहा। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कनाडा अमेरिका समर्थित सुरक्षा योजनाओं से दूरी बनाकर चीन के करीब जाता है, तो चीन उसे एक साल के भीतर निगल जाएगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में पहले से ही तनाव देखने को मिल रहा है।

यह टिप्पणी कनाडा द्वारा अमेरिका के प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट का विरोध किए जाने के बाद सामने आई है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि कनाडा ग्रीनलैंड के ऊपर गोल्डन डोम बनाए जाने का विरोध कर रहा है, जबकि यह परियोजना कनाडा की सुरक्षा के लिए भी अहम है। ट्रंप के मुताबिक यह मिसाइल डिफेंस सिस्टम केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तरी अमेरिका की सुरक्षा को मजबूत करता है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि कनाडा सुरक्षा सहयोग को नजरअंदाज कर चीन के साथ व्यापार को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि चीन कनाडा को पहले ही साल में खत्म कर देगा। ट्रंप का यह बयान अमेरिका की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें वह चीन के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को सीधे तौर पर चुनौती देता रहा है।

अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में बढ़ता तनाव

डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका और कनाडा के संबंधों में तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। हाल ही में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने वैश्विक राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि दुनिया अब बड़े देशों की प्रतिस्पर्धा के दौर में प्रवेश कर चुकी है और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था कमजोर होती जा रही है।

मार्क कार्नी के इस बयान को अमेरिका की टैरिफ नीति और दबाव की राजनीति के खिलाफ एक अप्रत्यक्ष संदेश के रूप में देखा गया। उन्होंने यह संकेत दिया कि मौजूदा वैश्विक हालात में छोटे और मध्यम देशों को अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार करना पड़ रहा है।

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मार्क कार्नी पर ट्रंप का सीधा हमला

डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में दिए अपने भाषण के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर भी सीधा हमला बोला। ट्रंप ने कहा कि कनाडा को अमेरिका का आभारी होना चाहिए, क्योंकि अमेरिका उसे सुरक्षा समेत कई सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध कराता है। ट्रंप के मुताबिक अमेरिका की वजह से ही कनाडा सुरक्षित है और उसे यह बात नहीं भूलनी चाहिए।

ट्रंप ने यह भी इशारा किया कि अमेरिका लंबे समय से कनाडा की सुरक्षा का भार उठाता आया है, जबकि कनाडा अब वैकल्पिक साझेदारों की तलाश में चीन की ओर झुकता नजर आ रहा है। उनके इस बयान को अमेरिका की सुरक्षा नीति और सहयोगी देशों से अपेक्षाओं के रूप में देखा जा रहा है।

कनाडा और चीन के बीच बढ़ती नजदीकियां

इस पूरे विवाद के बीच कनाडा और चीन के बीच बढ़ती नजदीकियां अमेरिका को और ज्यादा परेशान कर रही हैं। 17 जनवरी को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने चीन के साथ एक नए व्यापार समझौते की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत कनाडा को करीब 7 अरब डॉलर के नए निर्यात बाजार मिलने की बात कही गई है।

कनाडा सरकार का कहना है कि मौजूदा अनिश्चित वैश्विक माहौल में वह अपने व्यापारिक साझेदारों में विविधता लाना चाहता है और चीन इसमें एक अहम भूमिका निभा सकता है। सरकार के मुताबिक किसी एक देश पर निर्भरता कम करना कनाडा की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति का हिस्सा है।

इस समझौते के तहत कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगने वाले 100 फीसदी टैरिफ में कटौती पर सहमति जताई है। वहीं बदले में चीन ने कनाडा के कृषि उत्पादों, विशेष रूप से कैनोला बीज पर लगने वाले टैरिफ को 84 फीसदी से घटाकर करीब 15 फीसदी करने का फैसला किया है। इसके अलावा चीन से कनाडा आने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या पर भी एक सीमा तय की गई है।

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मार्क कार्नी के बयान से अमेरिका की बढ़ी चिंता

कनाडा-चीन व्यापार समझौते के बाद प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का एक और बयान अमेरिका के लिए चिंता का कारण बन गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में चीन, अमेरिका की तुलना में अधिक भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार बनकर उभरा है। इस बयान ने वॉशिंगटन में असहजता बढ़ा दी है।

फिलहाल कनाडा को अमेरिकी टैरिफ का भी सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका ने धातुओं पर 50 फीसदी और गैर-अमेरिकी कारों पर 25 फीसदी तक का शुल्क लगाया हुआ है। इन टैरिफ नीतियों को लेकर भी दोनों देशों के बीच असहमति बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बढ़ती अनिश्चितता

डोनाल्ड ट्रंप के बयान और कनाडा-चीन नजदीकियों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। एक तरफ अमेरिका अपने सहयोगियों से सुरक्षा सहयोग की अपेक्षा कर रहा है, तो दूसरी ओर कनाडा जैसे देश बदलते वैश्विक हालात में अपने आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते दिख रहे हैं।

गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट, चीन के साथ बढ़ता व्यापार और टैरिफ विवाद — ये सभी मुद्दे अमेरिका और कनाडा के रिश्तों को नई दिशा में ले जा रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि दोनों देश इन मतभेदों को कैसे सुलझाते हैं और वैश्विक मंच पर उनकी रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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बांग्लादेश चुनाव से पहले जमात-ए-इस्लामी से अमेरिका का बढ़ता संपर्क

बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता छोड़ने और देश छोड़कर जाने के करीब डेढ़ साल बाद अब देश में आम चुनाव का समय आ गया है। फरवरी में प्रस्तावित इन चुनावों से पहले सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। सबसे अहम बदलाव यह है कि शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिससे इस्लामवादी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के लिए राजनीतिक जमीन तैयार होती दिख रही है।

अवामी लीग पर प्रतिबंध के बाद जमात-ए-इस्लामी के अब तक के सबसे बड़े प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है। इसी बीच अमेरिका की भूमिका भी चर्चा में आ गई है। अमेरिका ने बांग्लादेश की सबसे बड़ी इस्लामवादी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के साथ अपने संपर्क और संवाद को बढ़ा दिया है, जिसे क्षेत्रीय राजनीति में एक बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राजनयिकों ने संकेत दिए हैं कि वे जमात-ए-इस्लामी के साथ काम करने को तैयार हैं। यह वही पार्टी है जिस पर बांग्लादेश में कई बार प्रतिबंध लगाया जा चुका है। शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान भी जमात-ए-इस्लामी पर सख्त कार्रवाई की गई थी और पार्टी को राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेल दिया गया था।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 1 दिसंबर को ढाका में महिला पत्रकारों के साथ हुई एक बंद कमरे की बैठक में एक अमेरिकी राजनयिक ने कहा कि बांग्लादेश अब इस्लामिक दिशा में शिफ्ट हो चुका है। उन्होंने अनुमान जताया कि 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव में जमात-ए-इस्लामी अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। ऑडियो रिकॉर्डिंग के अनुसार अमेरिकी राजनयिक ने कहा, “हम चाहते हैं कि वे हमारे मित्र बनें।” उन्होंने पत्रकारों से यह भी पूछा कि क्या वे जमात की छात्र शाखा के सदस्यों को अपने कार्यक्रमों में आमंत्रित करने को तैयार होंगी।

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शरिया कानून को लेकर उठ रही चिंताओं पर भी अमेरिकी राजनयिक ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस आशंका को कमतर आंकते हुए कहा कि अगर जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश में शरिया कानून लागू करती है, तो अमेरिका अगले ही दिन उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा। इस बयान को राजनीतिक दबाव की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास की प्रवक्ता मोनिका शाई ने इस पूरे मामले पर सफाई दी है। उन्होंने वॉशिंगटन पोस्ट से कहा कि यह बातचीत एक “रूटीन और ऑफ-द-रिकॉर्ड चर्चा” थी, जिसमें कई राजनीतिक दलों पर बातचीत हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी एक पार्टी का समर्थन नहीं करता और वह उसी सरकार के साथ काम करेगा जिसे बांग्लादेश की जनता लोकतांत्रिक तरीके से चुनेगी।

जमात-ए-इस्लामी का इतिहास बांग्लादेश में काफी विवादित रहा है। इस पार्टी की स्थापना 1941 में इस्लामी विचारक सैयद अबुल आला मौदूदी ने की थी। जमात-ए-इस्लामी ने बांग्लादेश की पाकिस्तान से आजादी का विरोध किया था। 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर पाकिस्तानी सेना का साथ देने और आजादी समर्थक हजारों नागरिकों की हत्या में शामिल होने के आरोप लगे थे।

2009 में सत्ता में लौटने के बाद शेख हसीना ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण के तहत जमात के नेताओं पर युद्ध अपराधों के मुकदमे चलवाए। इसके बाद पार्टी पर प्रतिबंध लगा दिया गया, जिससे जमात लंबे समय तक राजनीतिक रूप से कमजोर स्थिति में रही।

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हालांकि, 2024 में छात्र आंदोलन के बाद राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया। शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद जमात-ए-इस्लामी पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया। इसके बाद पार्टी ने खुद को दोबारा संगठित किया और एक प्रभावशाली राजनीतिक ताकत के रूप में उभरने की कोशिश की। शफीकुर रहमान, मिया गोलाम परवर और सैयद अब्दुल्ला मोहम्मद ताहेर के नेतृत्व में पार्टी ने अपना जनाधार मजबूत किया है।

जमात-ए-इस्लामी पारंपरिक रूप से शरिया आधारित शासन और महिलाओं के कामकाजी समय को सीमित करने जैसी नीतियों की वकालत करती रही है। हालांकि, हाल के वर्षों में पार्टी ने अपनी छवि को नरम दिखाने और भ्रष्टाचार विरोधी मुद्दों पर जोर देने की कोशिश की है। पार्टी ने हाल ही में नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के साथ गठबंधन किया है, जो छात्र आंदोलन से उभरी थी, हालांकि इस गठबंधन को लेकर NCP के भीतर भी असहमति देखने को मिली है।

जमात-ए-इस्लामी से अमेरिका के बढ़ते संपर्क को भारत के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है। भारत ने 2019 में कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी को गैरकानूनी संगठन घोषित किया था और 2024 में इस प्रतिबंध को आगे बढ़ाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जमात बांग्लादेश में सत्ता में आती है, तो भारत-बांग्लादेश संबंधों पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।

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इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के थॉमस कीन ने अल-जजीरा से बातचीत में कहा कि जमात के सत्ता में आने से भारत-बांग्लादेश रिश्तों को फिर से पटरी पर लाना और भी कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि घरेलू राजनीति के कारण जमात और भारत की बीजेपी सरकार के बीच तालमेल बनना मुश्किल होगा।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि अमेरिका का जमात-ए-इस्लामी के प्रति झुकाव भारत-अमेरिका संबंधों में भी तनाव बढ़ा सकता है। पहले से ही अमेरिकी टैरिफ, भारत-पाकिस्तान तनाव और रूस से तेल खरीद जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के रिश्ते दबाव में हैं।

12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव को बांग्लादेश के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच होगा। जमात ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर वह BNP के साथ मिलकर सरकार बनाने को भी तैयार है।

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27 जनवरी तक बंद रहेंगे बैंक

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। देशभर के बैंक शनिवार 24 जनवरी से 27 जनवरी तक लगातार चार दिनों तक बंद रहेंगे, जिससे आम लोगों को बैंक से जुड़े कई कार्यों में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। 24 जनवरी को चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे, जबकि 25 जनवरी को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इसके बाद 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय अवकाश है और 27 जनवरी को देशव्यापी बैंक हड़ताल के चलते बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। लगातार अवकाश और हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं से जुड़े नकद लेनदेन, चेक क्लियरेंस, पासबुक अपडेट जैसे कार्य नहीं हो सकेंगे। हालांकि, ग्राहकों को राहत देते हुए एटीएम और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं इस दौरान सामान्य रूप से चालू रहेंगी। बैंक अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि आवश्यक बैंकिंग कार्य समय रहते निपटा लें।

चार्जशीट लगाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में दरोगा निलंबित, प्राथमिकी दर्ज

बलिया(राष्ट्र की परम्परा) बांसडीहरो विवेचना में चार्जशीट लगाने के लिए वादी से रिश्वत लेने का आरोप बांसडीहरोड थाने में तैनात उपनिरीक्षक रमाशंकर यादव पर लगा है। दरोगा के खिलाफ प्रथम दृष्टया दोष की पुष्टि होने पर एसपी ओमवीर सिंह के आदेश पर थानाध्यक्ष की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

आरोप है कि उपनिरीक्षक रमाशंकर यादव ने एक प्राथमिकी में आरोप पत्र प्रस्तुत करने के लिए अलग-अलग समय में अपने बैंक खाते में अलग-अलग समय पर मंगवाई। इस दौरान उसने वादी से मुकदमे में लगी धाराओं को बनाए रखने का आश्वासन दिया था। जबकि इसी मुकदमे में आरोपी ने उच्चाधिकारियों से घटना में गलत ढंग से मुकदमा दर्ज करने की शिकायत की। मामले में उच्चाधिकारियों

वादी की शिकायत पर मामले की जांच में दोषी मिलने पर हुई कार्रवाई

मुकदमे में धाराओं को हटाने के बाद कथित तौर पर कुछ पैसे लौटाए

के हस्तक्षेप किया तो मामला गंभीर हो गया।

दरोगा ने वादी से पैसे भी ले लिए और मुकदमे में धाराओं को हटाने के वाद कथित तौर पर कुछ पैसे लौटाए।

लेकिन वादी ने उच्चाधिकारियों से उपनिरीक्षक पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया। खाते में पैसे भेजने की डिटेल व बातचीत की रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की। मामले में जांच के बाद पुलिस अधीक्षक के आदेश पर उपनिरीक्षक रमाशंकर यादव को निलंबित कर दिया गया।

शिकायतकर्ता द्वारा तहरीर न दिए जाने पर थानाध्यक्ष बांसडीहरोड वंश बहादुर सिंह ने स्वयं थाने पर उपनिरीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा किया

न्यायालय के आदेश पर पांच के खिलाफ प्राथमिकी

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के केवरा में जमीन की पैमाइश के बाद राजस्व विभाग की ओर से लगाए गए पत्थरों को उखाड़ने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में एसीजेएम प्रथम ने मुकदमे का आदेश दिया। बांसडीह पुलिस ने एक ही परिवार के अशोक कुमार सिंह सहित पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।मामला क्षेत्र के ग्राम केवरा का है। सुरहिया निवासी चंपा देवी ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था कि उन्होंने 2017 में केवरा में जमीन खरीदी थी। जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए एसडीएम बांसडीह ने आदेश जारी किया था। इसके अनुपालन में राजस्व टीम ने पत्थर नसब कर सीमांकन किया था। आरोप है कि मुकदमा दर्ज किया।थानाध्यक्ष ने कहा कि विभागीय
विपक्षियों ने पत्थरों को उखाड़ दिया। पीड़िता के अनुसार, आठ नवंबर को जब अशोक कुमार सिंह, अजीत व अन्य सहयोगियों ने पत्थरों को उखाड़ना शुरू किया तो विरोध करने पर पीड़िता और उसके पति को पीटने की धमकी दी गई। पीड़िता ने अदालत में वाद दायर किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने संबंधित थाने को तत्काल एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। पुलिस ने अशोक कुमार सिंह, अजीत, शैल कुमारी, रूबी और शिव कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बांसडीह के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। विवेचना की जा रही है। कार्रवाई के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है।

भारत पर 50% टैरिफ घटा सकता है अमेरिका, बेसेंट के संकेत

नई दिल्ली/वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि ट्रंप प्रशासन भारत पर लगाए गए कुल 50 प्रतिशत टैरिफ में से आधे यानी 25 प्रतिशत को वापस लेने पर विचार कर सकता है। इसका प्रमुख कारण उन्होंने भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद में आई तेज गिरावट को बताया है।

अमेरिकी न्यूज आउटलेट पॉलिटिको को दिए गए एक इंटरव्यू में स्कॉट बेसेंट ने कहा कि रूस से तेल आयात कम करने के लिए भारत द्वारा उठाए गए कदमों से भारतीय उत्पादों पर लगाए गए कम से कम 25 प्रतिशत टैरिफ में राहत देने की परिस्थितियां बन गई हैं।

उन्होंने बताया कि अमेरिका ने भारत पर दो चरणों में टैरिफ लगाए थे। पहला 25 प्रतिशत टैरिफ दोनों देशों के बीच कथित व्यापार असंतुलन को लेकर लगाया गया था। इसके बाद रूस से कच्चे तेल की लगातार खरीद को लेकर अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ सजा के रूप में लगाया था। यह फैसला उस समय लिया गया था, जब अमेरिका रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपना रहा था।

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रूस से तेल खरीद को लेकर स्कॉट बेसेंट ने कहा कि भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत टैरिफ बेहद प्रभावी साबित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद लगभग समाप्त हो गई है। हालांकि टैरिफ अभी भी लागू हैं, लेकिन अब उन्हें हटाने का रास्ता निकल सकता है।

यूरोपीय संघ के रुख पर बोलते हुए अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि EU ने भारत पर टैरिफ इसलिए नहीं लगाए, क्योंकि वह भारत के साथ एक बड़ा व्यापार समझौता करना चाहता है। साथ ही उन्होंने यूरोप की आलोचना करते हुए कहा कि वह भारत से रिफाइन्ड ऊर्जा उत्पाद खरीद रहा है, जो उनके अनुसार एक गलत नीति है।

स्कॉट बेसेंट ने यह भी दावा किया कि दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक भारत अब रूस से कच्चे तेल की खरीद लगभग बंद कर चुका है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रूस से तेल खरीद बढ़ाई थी, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने धीरे-धीरे अपनी खरीद कम कर दी और अब यह लगभग समाप्त हो चुकी है।
इस बयान के बाद भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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कृषि यंत्रों के लिए ई-लॉटरी संपन्न, 8 किसानों को मिलेगा अनुदान का लाभ

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत शनिवार को जनपद देवरिया में कृषि यंत्रों के लिए ई-लॉटरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। इस ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों पर अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिससे खेती को अधिक उन्नत और लाभकारी बनाया जा सके।देवरिया कृषि यंत्र ई-लॉटरी का आयोजन जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जनपद स्तरीय समिति की मौजूदगी में गांधी सभागार, विकास भवन में किया गया। ई-लॉटरी में प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन और इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू योजनाओं के तहत आवेदन प्राप्त हुए थे। कुल 18 किसानों ने ई-लॉटरी में भाग लिया, जिनमें से 8 किसानों का चयन किया गया।चयनित किसानों को रोटावेटर, लेजर लैंड लेवलर, सुपर सीडर, कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना तथा ऑयल मिल विद फिल्टर प्रेस जैसे अत्याधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ मिलेगा। चयनित लाभार्थियों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से आवश्यक जानकारी और बिल अपलोड करने की अंतिम तिथि सूचित कर दी गई है।

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उप कृषि निदेशक ने जानकारी दी कि चयनित किसानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कृषि यंत्र क्रय कर पोर्टल पर बिल, यंत्र के साथ फोटो, लेजर कटिंग नंबर, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी, जाति प्रमाण पत्र, शपथ पत्र एवं बैंक स्टेटमेंट अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त संबंधित दस्तावेजों की हार्ड कॉपी कृषि विभाग कार्यालय में जमा करनी होगी।ई-लॉटरी कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक सुभाष मौर्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

सेमरा घुसरी में घर में चोरी, सोते परिवार के बीच गहने उड़ाए

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सभा सेमरा घुसरी में बीती रात एक घर में चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने उस समय वारदात को अंजाम दिया, जब पूरा परिवार घर के अंदर सो रहा था। सुबह घटना की जानकारी होते ही इलाके में हड़कंप मच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा सेमरा घुसरी निवासी मकसूदन यादव अपने परिवार के साथ रात में घर के एक कमरे में सो रहे थे, जबकि उनकी मां घर के एक अन्य कमरे में सोई हुई थीं। सुबह नित्य क्रिया के लिए जब मकसूदन यादव की मां घर से बाहर बने शौचालय गईं और वापस लौट रही थीं, तभी उन्होंने घर के पास बिखरा हुआ सामान देखा।

घर के पास बिखरा सामान देखकर उन्होंने शोर मचाया। शोर सुनकर मकसूदन यादव मौके पर पहुंचे और घर के अंदर जाकर देखा तो कमरे में रखा बक्सा टूटा हुआ था। बक्से में रखा सारा सामान गायब था, जिससे चोरी की पुष्टि हुई।

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मकसूदन यादव ने बताया कि इसी कमरे में उनकी बहन के गहने रखे हुए थे। उनकी बहन सलेमपुर में किराए के मकान में रहकर अपने बच्चों की पढ़ाई करवा रही हैं। सुरक्षा के दृष्टिगत उन्होंने अपने गहने अपनी मां के पास घर में रख दिए थे, जिन्हें चोरों ने निशाना बनाकर चोरी कर लिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है। प्रभारी निरीक्षक सलेमपुर मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस द्वारा आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और चोरी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग रात्रि सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।

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न्याय या निलंबन? देवरिया में जूनियर इंजीनियरों का बड़ा आंदोलन

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन, शाखा देवरिया द्वारा शनिवार को अवर अभियंता (जेई) अविनाश कुमार गौतम के निलंबन के विरोध में अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में दिनभर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। संगठन के सदस्यों ने इसे मनमाना निर्णय बताते हुए तत्काल बहाली और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
विरोध सभा की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष राम प्रवेश ने की, जबकि संचालन जनपद सचिव इंजीनियर अमर प्रसाद ने किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय अध्यक्ष इंजीनियर अवधेश कुमार, सचिव इंजीनियर शशांक चौबे, इंजीनियर अमित सिंह, हर्ष यादव, इंजीनियर सोनू, इंजीनियर राजा प्रसाद, इंजीनियर मनीष गुप्ता, इंजीनियर राजनाथ यादव सहित बड़ी संख्या में जूनियर इंजीनियर उपस्थित रहे।
क्या है पूरा मामला?
संगठन के अनुसार, फरियावडीह विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत एक अज्ञात व्यक्ति 11 केवी लाइन के पोल ट्रांसफार्मर पर चढ़ गया, जिसके दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद अधीक्षण अभियंता, देवरिया द्वारा अवर अभियंता अविनाश कुमार गौतम को निलंबित कर दिया गया।
क्षेत्रीय अध्यक्ष इंजीनियर अवधेश कुमार ने आरोप लगाया कि बिना निष्पक्ष जांच के निलंबन की कार्रवाई की गई और वास्तविक तथ्यों को दरकिनार करते हुए जेई को “बलि का बकरा” बनाया गया। उन्होंने इसे अत्यंत निंदनीय बताते हुए कहा कि संगठन इस अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहेगा।
मुख्य अभियंता का आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान मुख्य अभियंता, गोरखपुर क्षेत्र द्वितीय मौके पर पहुंचे और उपस्थित सदस्यों से वार्ता की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सोमवार तक प्रकरण की समीक्षा कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद संगठन ने सोमवार तक के लिए विरोध प्रदर्शन स्थगित करने का निर्णय लिया।
हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार से आंदोलन पुनः शुरू किया जाएगा।
कर्मचारियों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
जूनियर इंजीनियर संगठन का कहना है कि महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता आवश्यक है। बिना स्पष्ट जांच और जिम्मेदारी तय किए किसी अधिकारी को निलंबित करना कर्मचारियों का मनोबल गिराता है। संगठन ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
देवरिया में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने विद्युत विभाग के भीतर चल रहे असंतोष को उजागर कर दिया है। अब सभी की निगाहें सोमवार की कार्रवाई पर टिकी हैं।

बरठा चौराहा पर कर्पूरी ठाकुर जयंती, विचार गोष्ठी आयोजित

बरठा चौराहा/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। शनिवार को बरठा चौराहा पर राष्ट्रीय समानता दल, सीपीआई सहित अन्य संगठनों के तत्वावधान में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर “वंचित समाज की आवाज—बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा एवं जननायक कर्पूरी ठाकुर” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष संजय दीप कुशवाहा ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर सामाजिक न्याय की जीवित विचारधारा थे और वंचित समाज के अधिकारों के सजग प्रहरी रहे। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान में अधिकारों को लिखा, बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा ने सड़क से सदन तक संघर्ष किया और कर्पूरी ठाकुर ने सत्ता में आकर इन अधिकारों को लागू किया। उन्होंने पिछड़े वर्गों, महिलाओं और गरीब सवर्ण समाज को आरक्षण देकर सामाजिक न्याय को मजबूती प्रदान की।

राष्ट्रीय समानता दल के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव अगमस्वरूप कुशवाहा ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने वंचित समाज के बच्चों की शिक्षा में भागीदारी बढ़ाने के लिए अंग्रेजी की अनिवार्यता समाप्त की, जिससे गरीब और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिला।

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सीपीआई (एमएल) नेता शिवाजी राय ने अपने संबोधन में कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर ने भूमि बंदोबस्त और सिंचाई संसाधनों को मजबूत कर किसानों की उन्नति का मार्ग प्रशस्त किया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया।

खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश सचिव विनोद सिंह ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर अन्याय के विरुद्ध एक जीवंत संघर्ष थे। उन्होंने शोषित और पीड़ित वर्ग के हक और अधिकार के लिए जीवन भर संघर्ष किया और समाज में समानता की स्थापना के लिए निरंतर प्रयासरत रहे।

भाकपा जिला सचिव अरविन्द कुशवाहा ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर ने समाज के दबे-कुचले लोगों को उबारने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने मजदूरों, नौजवानों, किसानों और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई को हमेशा प्राथमिकता दी।

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समान शिक्षा आंदोलन के नेता डॉ. चतुरानंदन ने कर्पूरी ठाकुर को समान शिक्षा और मातृभाषा में शिक्षा का समर्थक बताया। प्रदेश सचिव (रासद) अनिल कुमार शर्मा एवं जिला पंचायत सदस्य कलेक्टर शर्मा ने बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा को अन्याय के खिलाफ बगावत का प्रतीक बताया।
राष्ट्रीय समानता दल के जिलाध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जैसे महापुरुष समाज की सशक्त आवाज थे, जिनकी विचारधारा आज भी प्रासंगिक है।

कार्यक्रम का संचालन शैलेश कुमार मोनू (संयोजक, विद्यार्थी युवजन सभा) ने किया। अतिथियों का स्वागत अभय कुमार एवं विमलेश कुमार ने किया। कार्यक्रम में शेषमणि, राजाराम कुशवाहा, हरेराम शर्मा, रामशकल, लेफ्टिनेंट सुरेश कुशवाहा, सोनू शर्मा, मालती देवी, तुलसी देवी सहित सैकड़ों लोगों की उपस्थिति रही।

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योगी नाथ इंटर कॉलेज में दिव्यांग मतदाता जागरूकता कार्यक्रम

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के योगी नाथ इंटर कॉलेज, जमुई में दिव्यांग मतदाता पंजीकरण एवं जागरूकता अभियान के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सर्व सेवा संस्थान, नवरतनपुर, नवानगर द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी, बलिया के निर्देशानुसार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थित दिव्यांगजनों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नाम या अन्य विवरणों में त्रुटि सुधार, पते में संशोधन तथा नए मतदाता के रूप में पंजीकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है और दिव्यांग मतदाताओं की भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक समावेशी बनाती है।

इस अवसर पर निर्वाचन आयोग द्वारा दिव्यांग मतदाताओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुगम और सुलभ मतदान सुविधाओं पर भी प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं, जिससे वे बिना किसी असुविधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने “सशक्त दिव्यांग – सशक्त लोकतंत्र” का संदेश देते हुए कहा कि हर नागरिक का एक-एक मत लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों और दिव्यांगजनों से अपील की कि वे न केवल स्वयं मतदान करें, बल्कि अपने आसपास के अन्य दिव्यांग नागरिकों को भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने और मतदान के लिए प्रेरित करें।

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विद्यालय परिसर में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझा। प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे समाज में मतदाता जागरूकता फैलाने और अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने में सहयोग करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने यह संकल्प दोहराया कि दिव्यांग मतदाताओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। स्थानीय स्तर पर इस पहल को मतदाता जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस अवसर पर ममता प्रजापति सिंधराज, रिमांशु कुशवाहा, अरविन्द्र, प्रिंस सहित डी.एड विशेष शिक्षा (श्रवण बाधिता एवं बौद्धिक अक्षमता) के छात्र उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।

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25 जनवरी को विशेष बूथ दिवस, मतदाता जागरूकता अभियान हुआ तेज

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में लोकतंत्र को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 25 जनवरी को विशेष बूथ दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रशासन की ओर से मतदाता जागरूकता अभियान को तेज कर दिया गया है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रह जाए। जिला प्रशासन ने सभी अर्ह नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मताधिकार को सुनिश्चित करने के लिए इस विशेष अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं।

प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि विशेष बूथ दिवस का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। इसके लिए जनपद स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें सभी संबंधित विभागों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

इस विशेष अभियान में सभी राजनीतिक दलों के सम्मानित प्रतिनिधि, पत्रकार बंधु, बूथ लेवल एजेंट (BLA), समाजसेवी संगठन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि सामूहिक प्रयास से ही अधिक से अधिक नागरिकों तक इस अभियान की जानकारी पहुंचाई जा सकती है।

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विशेष रूप से सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO), खंड विकास अधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नवानगर, पन्दह और मनियर क्षेत्रों में विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर संपर्क कर लोगों को बूथ तक पहुंचने के लिए प्रेरित करें।

प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे इस विशेष बूथ दिवस के माध्यम से अपना नाम दर्ज करा सकें। इसके साथ ही मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरणों में किसी भी प्रकार की त्रुटि को सुधारने का भी अवसर प्रदान किया जा रहा है।

इस अभियान में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के नए मतदाताओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। युवाओं से अपील की गई है कि वे लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए फॉर्म-6 भरें और आवश्यक घोषणा पत्र के साथ समय पर जमा करें, ताकि आगामी चुनावों में वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

विशेष बूथ दिवस के अवसर पर सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) उपस्थित रहेंगे। BLO नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने तथा अन्य त्रुटियों को सुधारने में सहयोग करेंगे। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे आवश्यक दस्तावेज जैसे आयु प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र साथ लेकर आएं, जिससे प्रक्रिया को सरल और शीघ्र पूरा किया जा सके।

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प्रशासन ने यह भी कहा है कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाना केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। लोकतंत्र की मजबूती हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। प्रत्येक वोट की अपनी अहमियत होती है और यही लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है।

इसलिए जनपद के सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्वयं बूथ पर पहुंचें और अपने परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों तथा समाज के अन्य लोगों को भी मतदाता बनने के लिए प्रेरित करें। प्रशासन का मानना है कि एक जागरूक और जिम्मेदार मतदाता ही मजबूत लोकतंत्र की नींव रखता है।

विशेष बूथ दिवस के सफल आयोजन के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस अभियान के माध्यम से जनपद में मतदाता सूची अधिक समृद्ध और सटीक बनेगी तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नई मजबूती मिलेगी।

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गणतंत्र दिवस परेड, परेड पूर्वाभ्यास निरीक्षण, एसपी संजीव सुमन, देवरिया पुलिस, गणतंत्र दिवस तैयारी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। आगामी गणतंत्र दिवस समारोह को गरिमापूर्ण, अनुशासित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से देवरिया पुलिस द्वारा की जा रही तैयारियों का जायजा लेते हुए पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने गणतंत्र दिवस परेड के पूर्वाभ्यास का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परेड की हर बारीकी को ध्यानपूर्वक देखा और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली परेड की तैयारियों के तहत कराए जा रहे इस पूर्वाभ्यास में पुलिस बल की अनुशासनात्मक क्षमता, तालमेल, प्रस्तुति और समन्वय को परखा गया। पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने परेड का निरीक्षण करते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर आयोजित होने वाला हर कार्यक्रम अनुशासन, सम्मान और गरिमा का प्रतीक होना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान परेड में भाग ले रहे पुलिस कर्मियों द्वारा ड्रिल, कदमताल और अन्य औपचारिक गतिविधियों का अभ्यास कराया गया। पुलिस अधीक्षक ने परेड की चाल, अनुशासन, तालमेल और सामूहिक प्रस्तुति पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पुलिसकर्मी एक समान लय और अनुशासन के साथ परेड में भाग लें, जिससे परेड की प्रस्तुति प्रभावशाली और सटीक हो।

पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने परेड में शामिल सभी दस्तों की तैयारियों का विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने परेड के दौरान वर्दी की साफ-सफाई, कदमों की एकरूपता और आदेशों के पालन को बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर पुलिस बल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और ऐसे अवसरों पर पुलिस की कार्यशैली जनता के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करती है।

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निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कर्मियों को अनुशासन और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि परेड केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह पुलिस बल के प्रशिक्षण, अनुशासन और संगठनात्मक क्षमता को दर्शाती है। इसलिए प्रत्येक पुलिसकर्मी को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ इसमें भाग लेना चाहिए।

गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी पुलिस अधीक्षक के निरीक्षण का अहम हिस्सा रही। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से सुरक्षा से जुड़ी तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए और सभी संबंधित अधिकारी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

परेड के पूर्वाभ्यास के दौरान पुलिस अधीक्षक ने समन्वय और तालमेल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि परेड में शामिल सभी इकाइयां आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, जिससे कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि परेड की सफलता टीमवर्क और अनुशासन पर निर्भर करती है।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम है, बल्कि यह देश के संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। ऐसे में इस दिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने परेड की प्रस्तुति को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूर्वाभ्यास के दौरान सामने आने वाली कमियों को समय रहते दूर किया जाए, ताकि मुख्य समारोह के दिन कोई समस्या न हो।

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पुलिस अधीक्षक ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि परेड स्थल पर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने परेड अभ्यास में शामिल सभी पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और अनुशासन ही किसी भी परेड को सफल बनाता है।

अंत में पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गणतंत्र दिवस समारोह को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और गरिमामय ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि देवरिया पुलिस अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करेगी।

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प्रेम बाँटने से बढ़ता है

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जिस गुण से आजीविका का निर्वाह
होता हो और जिसकी सभी एक स्वर
से प्रशंसा करते हों, स्वीकार करते हों,
वह निश्चित ही एक सद्गुण ही होगा।

उस गुण को हमें अपने स्वयं के
व सभी के विकास के लिये हर
समय बचाना भी और बढ़ावा भी
देना ही सर्वथा उचित होता है।

अगर हम कोई ऐसी वस्तु या गुण
प्राप्त करना चाहते हैं जो हमारे पास
अभी तक नहीं है तो हमें खुद उसके
लायक़ कार्य भी करना होता है।

जीवन के छोटे छोटे कदम, छोटे
छोटे विचार व छोटे छोटे कार्य जो
उचित दिशा में लिये या किये जाते हैं
वह बड़ा प्रतिफल देने वाले होते हैं।

हम न हर एक को ख़ुश रख सकते हैं
और न ही जीवन का यह उद्देश्य ही है
पर यह आवश्यक है और यह ध्येय
भी हो कि किसी को दुःखी न करें।

यह निश्चित है कि जब पूरा साहस
किया जाता है तब ताक़त बढ़ती है,
एक साथ ख़ुशी होने से परिवार,
एवं समाज की एकता बढ़ती है।

प्रेम आपस में बाँटने से ही बढ़ता है
और रिश्ते दुरुस्त रहते हैं, जब एक
दूसरे की हृदय से परवाह की जाती है
आदित्य जीवन की गति ही न्यारी है।

  • डॉ. कर्नल
    आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
    लखनऊ