Friday, June 12, 2026
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दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड जारी, कोहरा और धुंध का असर

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली और एनसीआर में सर्दी का सितम लगातार जारी है। रविवार को भी मौसम सर्द बना रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।

मौसम विभाग ने बताया है कि सुबह के समय हल्का कोहरा और धुंध छाई रहेगी, जिससे विजिबिलिटी प्रभावित होगी। हालांकि दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ रहेगा और धूप निकलने से ठंड का असर कुछ हद तक कम होगा। राहत की बात यह है कि 26 जनवरी को दिल्ली-एनसीआर में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है।

दिन चढ़ने के साथ साफ रहेगा आसमान

मौसम विभाग के अनुसार दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ रहेगा और हल्की ठंडी हवाओं का असर बना रहेगा। रविवार को दिन में धूप खिलने से दोपहर के समय थोड़ी गर्माहट महसूस होगी, लेकिन अधिकतम तापमान सामान्य से कम ही रहेगा और 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा।

शाम ढलते ही ठंडी हवाओं का असर फिर से बढ़ जाएगा, जिससे लोगों को एक बार फिर ठंड का एहसास होगा। न्यूनतम तापमान 6 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के कारण सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। खुले इलाकों में ठंड का असर ज्यादा देखने को मिलेगा।

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दिल्ली-एनसीआर में बारिश नहीं

मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक 26 जनवरी तक दिल्ली एनसीआर में बारिश की कोई संभावना नहीं है। पूरे दिन मौसम शुष्क बना रहेगा। ऐसे में गणतंत्र दिवस परेड और अन्य कार्यक्रमों की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर है।

पिछले दिनों हुई बारिश के बाद मौसम फिलहाल स्थिर बना हुआ है। हालांकि मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 27 जनवरी को एक बार फिर बारिश हो सकती है, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

कोहरा और धुंध का असर जारी

हालिया बारिश के बाद घने कोहरे में भले ही कमी आई हो, लेकिन सुबह और शाम के समय हल्का कोहरा और धुंध अभी भी बनी हुई है। खासकर सुबह 6 बजे से 10 बजे तक विजिबिलिटी प्रभावित रहने की आशंका है।

इसको देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने और स्पीड लिमिट का पालन करने की सलाह दी गई है। धुंध और कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

AQI में सुधार, लेकिन हवा अभी भी खराब

पिछले दिनों हुई बारिश के चलते दिल्ली-एनसीआर के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में कुछ सुधार जरूर दर्ज किया गया है, लेकिन हवा अभी भी पूरी तरह साफ नहीं मानी जा सकती। कई इलाकों में AQI का स्तर 200 से ऊपर दर्ज किया गया है।

कुछ क्षेत्रों में AQI 240 से 300 के बीच भी बना हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से हानिकारक श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार संवेदनशील लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को अभी भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता जरूरी

मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि खराब हवा के कारण मास्क का उपयोग जारी रखें। सुबह और शाम के समय बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने और ठंडी हवाओं से बचने की भी जरूरत है।

दिल्ली-एनसीआर में सर्दी, हल्का कोहरा और खराब हवा का यह मिश्रण फिलहाल लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी बदलाव की जानकारी समय-समय पर दी जाएगी।

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निचलौल–पुरैना मार्ग पर भीषण हादसा, एक की मौत से मचा कोहराम

आमने-सामने की टक्कर से दर्दनाक सड़क हादसा, महाराजगंज में युवक की मौके पर मौत, दूसरा गंभीर घायल

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद के घुघली थाना क्षेत्र अंतर्गत निचलौल–पुरैना मार्ग पर शनिवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पुरैना खंडीचौरा गांव के ताल के पास दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह महाराजगंज सड़क हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही की भयावह तस्वीर पेश करता है।
हादसे में मृतक की पहचान दीपांशु शर्मा (22 वर्ष), पुत्र वीरेंद्र शर्मा, निवासी बैकुंठपुर वार्ड नंबर-4 के रूप में हुई है। वहीं दूसरी बाइक पर सवार श्याम बचन (28 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की तत्परता से घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने उसे उच्च केंद्र रेफर कर दिया।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइकें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और सवार युवक सड़क पर दूर जा गिरे। आमने-सामने की टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही घुघली थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल भिजवाया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने दीपांशु शर्मा को मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही मृतक के घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और महाराजगंज सड़क हादसा के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि निचलौल–पुरैना मार्ग पर तेज रफ्तार और लापरवाही के चलते आए दिन दर्दनाक सड़क हादसा हो रहा है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने सड़क पर स्पीड कंट्रोल, चेतावनी बोर्ड और नियमित पुलिस गश्त की मांग की है।

अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक गंभीर घायल, हालत नाजुक


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।बलिया जनपद के फेफना थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। गांधी आश्रम के सामने अज्ञात वाहन की टक्कर से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को स्थानीय लोगों की तत्परता से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिंहपुर गांव निवासी आनंद कुमार सिंह (30 वर्ष), पुत्र परमात्मा सिंह, किसी निजी कार्य से फेफना आए हुए थे। देर रात कार्य समाप्त कर जब वह अपने घर लौट रहे थे, तभी राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर गांधी आश्रम के सामने तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
दुर्घटना की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। मानवता का परिचय देते हुए लोगों ने बिना समय गंवाए निजी वाहन से घायल युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत चिंताजनक बताई है और उसे निगरानी में रखा गया है।

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घटना की सूचना किसी राहगीर द्वारा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही फेफना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। बाद में पुलिस जिला अस्पताल पहुंचकर घायल युवक के परिजनों से बातचीत कर आवश्यक जानकारी जुटाई। पुलिस द्वारा अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर तेज रफ्तार वाहनों की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल युवक का इलाज जारी है और परिजन चिंतित हैं।

रेलिंग और लाइट के बिना चल रहा हाफिजपुर चट्टी पुल, प्रशासन मौन

रानीपुर ब्लॉक के हाफिजपुर चट्टी पुल बना हादसों की वजह, राहगीरों की बढ़ी परेशानी


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद मऊ के रानीपुर ब्लॉक के हाफिजपुर चट्टी पुल इन दिनों लगातार सड़क हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां बने दो पुलों की अव्यवस्थित बनावट और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण राहगीरों की जान जोखिम में पड़ गई है। एक पुल पुराना है जबकि दूसरा बाद में बनाया गया, लेकिन दोनों ही पुलों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है।
रानीपुर ब्लॉक के हाफिजपुर चट्टी पुल पर कई स्थानों पर सुरक्षा रेलिंग नहीं है। पुल की चौड़ाई भी काफी कम है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर रात के समय और बरसात के मौसम में यहां स्थिति और भी भयावह हो जाती है।

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संकेतक और प्रकाश व्यवस्था का अभाव
स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों का कहना है कि हाफिजपुर चट्टी पुल पर न तो चेतावनी संकेतक लगे हैं और न ही पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था है। अंधेरे में वाहन चालकों को पुल की सही दिशा का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। कई मामलों में लोग गंभीर रूप से घायल भी हो चुके हैं।
दोपहिया और पैदल यात्रियों पर सबसे ज्यादा खतरा
रानीपुर ब्लॉक के हाफिजपुर चट्टी पुल पर सबसे ज्यादा खतरा बाइक सवारों, साइकिल चालकों और पैदल चलने वालों को है। रेलिंग न होने के कारण हल्की सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

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स्थानीय लोगों की प्रशासन से मांग
ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि हाफिजपुर चट्टी पुल के दोनों ओर मजबूत रेलिंग लगाई जाए, पुल को चौड़ा किया जाए, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाए और स्पष्ट चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए जाएं। इससे दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी और आम जनता सुरक्षित रूप से आवागमन कर सकेगी।

अज्ञात ट्रक की टक्कर से गोरखपुर निवासी युवक की मौत

उग्रसेंस सेतु पर दर्दनाक हादसा: अज्ञात ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा, मौके पर मौत

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) देवरिया जनपद के बरहज थाना क्षेत्र अंतर्गत उग्रसेंस सेतु पर शनिवार की देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अज्ञात ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 7:30 बजे एक युवक बाइक से कपरवार से अपने घर की ओर जा रहा था। जैसे ही वह उग्रसेंस सेतु पर पहुंचा, तभी तेज रफ्तार में आ रहे एक अज्ञात ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही बरहज पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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मृतक की पहचान सुरेन्द्र विश्वकर्मा (45 वर्ष) पुत्र पन्नेलाल, निवासी गोला बाजार, थाना गोला, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुरेन्द्र विश्वकर्मा शनिवार की रात अपने निजी कार्य से कपरवार गए थे और लौटते समय यह हादसा हो गया।
पुलिस ने शव का पंचनामा कर महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
इस संबंध में थानाध्यक्ष दिनेश मौर्य ने बताया कि अज्ञात ट्रक की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हुई है। पुलिस आसपास के इलाकों और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है। जल्द ही ट्रक चालक की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने उग्रसेंस सेतु पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है।

जमीन विवाद में मारपीट, संत कबीर नगर में सियासी हलचल

संत कबीर नगर जमीन विवाद में युवक की पिटाई का आरोप, सत्तारूढ़ दल के विधायक पर गंभीर सवाल

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में जमीन विवाद को लेकर एक युवक के साथ कथित मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित के परिजनों ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ दल के विधायक की कथित शह पर उनके करीबी लोगों ने युवक को जबरन कार में बैठाया और ईंट भट्ठे पर ले जाकर बेरहमी से पिटाई की। आरोप यह भी है कि इस दौरान युवक का आपत्तिजनक वीडियो बनाया गया।
परिजनों के अनुसार, मारपीट के बाद युवक के बेहोश हो जाने पर आरोपी उसे हाईवे किनारे फेंककर फरार हो गए। राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों की निगरानी में युवक की हालत स्थिर बताई जा रही है।

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पीड़ित के भाई द्वारा दी गई तहरीर में कहा गया है कि युवक लंबे समय से संबंधित जनप्रतिनिधि के साथ रहकर काम करता था। आरोप है कि जमीन विवाद की जड़ लखनऊ में खरीदी गई एक जमीन है, जिसमें युवक का भी आर्थिक योगदान बताया जा रहा है। इसी लेन-देन और स्वामित्व को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव चल रहा था।
तहरीर के अनुसार, 20 जनवरी को युवक एक निमंत्रण कार्यक्रम से लौट रहा था, तभी कार सवार लोगों ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। इसके बाद उसे जबरन कार में बैठाकर ईंट भट्ठे पर ले जाया गया, जहां कथित रूप से पिटाई की गई। यह मामला संत कबीर नगर जमीन विवाद के रूप में अब चर्चा का विषय बन गया है।

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वहीं, विधायक पक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि विरोधी उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं और सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी।
इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छात्र-छात्राओं के लिए भरोसेमंद सूचना स्रोत बना DDU का यूट्यूब चैनल

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का आधिकारिक यूट्यूब चैनल बना प्रभावी डिजिटल संवाद का सशक्त मंच


गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का आधिकारिक यूट्यूब चैनल “DDU Gorakhpur University Official” आज विश्वविद्यालय और समाज के बीच एक प्रभावी डिजिटल संवाद मंच के रूप में स्थापित हो चुका है। यह चैनल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और सामाजिक गतिविधियों की प्रामाणिक और त्वरित जानकारी आम जनता तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
वर्ष 2020 में शुरू किए गए DDU Gorakhpur University Official YouTube Channel से अब तक 10.3 हजार से अधिक सब्सक्राइबर जुड़ चुके हैं। चैनल पर उपलब्ध 205 से अधिक वीडियो को 5 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है, जो इसकी लोकप्रियता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।

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इस आधिकारिक यूट्यूब चैनल के माध्यम से दीक्षांत समारोह, शैक्षणिक संगोष्ठियाँ, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, खेल प्रतियोगिताएँ, प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा सूचनाएँ, कैरियर गाइडेंस और विश्वविद्यालय के अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण (Live Streaming) और रिकॉर्डेड वीडियो नियमित रूप से साझा किए जाते हैं।
DDU Gorakhpur University Official चैनल विशेष रूप से उन छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है जो घर बैठे विश्वविद्यालय से जुड़ी सटीक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। यह पहल डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को भी मजबूती प्रदान करती है।

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विश्वविद्यालय का आदर्श वाक्य “आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः” इस डिजिटल माध्यम के जरिए सार्थक होता दिखाई देता है, जहाँ ज्ञान, सूचना और सकारात्मक विचार समाज के हर वर्ग तक पहुँच रहे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे DDU Gorakhpur University Official YouTube Channel को सब्सक्राइब कर विश्वसनीय और आधिकारिक जानकारी के लिए इसी मंच का उपयोग करें।
आधिकारिक यूट्यूब चैनल:
www.youtube.com/@ddugu-official

देवरिया में उत्तर प्रदेश दिवस 77वां स्थापना दिवस 2026 पर हुआ रंगारंग सांस्कृतिक प्रदर्शन

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा) उत्तर प्रदेश दिवस 77वां स्थापना दिवस 2026 के अवसर पर शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी), देवरिया परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रदर्शनी और जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टॉलों का शानदार प्रदर्शन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेशवासियों को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और विकासात्मक उपलब्धियों से अवगत कराना और शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाना था।

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कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम्य विकास राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, भाटपारानी विधायक सभाकुंवर, सांसद सलेमपुर प्रतिनिधि राम प्रकाश यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष भाजपा राजेश मिश्र और जिलाधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथियों ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई और उपस्थित लोगों का उत्साहवर्धन किया।
उत्तर प्रदेश दिवस 77वां स्थापना दिवस 2026 में राजकीय और निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इनमें नृत्य, संगीत और रंगारंग नाट्य प्रस्तुतियां शामिल थीं, जिन्हें दर्शकों ने उत्साहपूर्वक देखा और सराहा।

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मुख्य अतिथियों का संदेश
राज्यमंत्री श्रीमती विजय लक्ष्मी गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस 77वां स्थापना दिवस 2026 प्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और विकासात्मक उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा एवं रोजगार कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के हर वर्ग को लाभान्वित किया जा रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार, रोजगार के अवसर और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से अपने व्यवसाय और करियर में प्रगति करने के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

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जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने भी उत्तर प्रदेश दिवस 77वां स्थापना दिवस 2026 के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन जन-जन तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होते हैं। उन्होंने सभी विभागों से कहा कि वे भविष्य में ऐसे आयोजन लगातार करते रहें, ताकि प्रदेशवासियों को लाभकारी योजनाओं की प्रत्यक्ष जानकारी मिल सके।
प्रदर्शनी और स्टॉल्स का विवरण
उत्तर प्रदेश दिवस 77वां स्थापना दिवस 2026 के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा सूचना, जागरूकता और लाभप्रद स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल्स में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, रोजगार, कृषि, स्वरोजगार और डिजिटल प्रशिक्षण के कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। आमजन ने स्टॉल्स का अवलोकन कर योजनाओं के लाभ और पात्रता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

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पुरस्कार और सम्मान समारोह
उत्तर प्रदेश दिवस 77वां स्थापना दिवस 2026 में उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र, प्रशस्ति पत्र, चेक और अन्य लाभ वितरित किए गए। इससे लाभार्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला।
मुख्य अतिथियों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों से संवाद कर उनके सुझाव और अनुभव साझा किए। इस अवसर पर जिला स्तरीय अधिकारी, भाजपा मीडिया प्रभारी और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
राजनीति, शिक्षा और रोजगार पर प्रकाश
उत्तर प्रदेश दिवस 77वां स्थापना दिवस 2026 में मुख्य अतिथियों ने विशेष रूप से राजनीति, शिक्षा, रोजगार, करियर और सामाजिक कल्याण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के लिए नीतियां, स्वरोजगार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आमजन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर लागू किए जा रहे हैं।
राज्यमंत्री गौतम ने कहा कि सरकार युवाओं, महिलाओं और किसानों को रोजगार के अवसर देने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रही है। साथ ही उन्होंने प्रदेश में डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और स्वरोजगार प्रशिक्षण की दिशा में भी प्रयासों की जानकारी दी।

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सांस्कृतिक कार्यक्रम और रसिक दृष्टि
उत्तर प्रदेश दिवस 77वां स्थापना दिवस 2026 के अवसर पर विभिन्न विद्यालयों और युवा कलाकारों ने नाट्य, संगीत और नृत्य प्रस्तुत किए। यह कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का स्रोत बना बल्कि युवाओं और छात्रों में संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रभक्ति की भावना भी जागृत की।
कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सम्पूर्ण आयोजन की सराहना और सभी सहभागियों को धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

जननायक कर्पूरी ठाकुर जयंती पर युवाओं को मिला प्रेरणादायी संदेश

भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती: शाहजहांपुर में सामाजिक न्याय का संकल्प


शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)भारत रत्न से सम्मानित जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती शाहजहांपुर जनपद में श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक चेतना के साथ धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर जैतीपुर के मरेना ब्लॉक स्थित ज्ञानप्रभा फ्लोर मिल परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।

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कार्यक्रम की शुरुआत जननायक कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और सामाजिक न्याय के विचारों को विस्तार से याद किया।
पूर्व विधायक राजेश यादव ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर सामाजिक न्याय के सच्चे प्रहरी थे। उन्होंने पिछड़े, दलित, वंचित और शोषित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उनका जीवन आज भी समानता और अधिकार की लड़ाई लड़ने वालों के लिए मार्गदर्शक है।

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पूर्व प्रत्याशी ज्योत्स्ना कश्यप ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का जीवन सादगी, ईमानदारी और निस्वार्थ जनसेवा का आदर्श उदाहरण है। युवाओं को उनके विचारों से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए आगे आना चाहिए।
इस अवसर पर नगर अध्यक्ष रामकुमार भोजपाल, महासचिव रणजय यादव, कटरा विधानसभा अध्यक्ष प्रोफेसर जितेंद्र श्रीवास्तव, सविता समाज के जिला अध्यक्ष सर्वेश श्रीवास्तव, इंजीनियर चेतन श्रीवास्तव और एडवोकेट अजीत श्रीवास्तव ने भी अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर का संघर्ष, सिद्धांत और विचारधारा सदैव अमर रहेंगे।

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कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने सामाजिक समरसता, समान अवसर और संविधान में निहित मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम रहा, बल्कि सामाजिक चेतना को मजबूत करने का संदेश भी देता नजर आया।

60 वर्ष पर 3000 रुपये मासिक पेंशन, पंजीकरण अभियान शुरू

बुढ़ापे की सुरक्षा की गारंटी देने वाली सरकारी पहल

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और छोटे व्यापारियों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना और प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय विशेष पंजीकरण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को बुढ़ापे में 3000 रुपये मासिक पेंशन की सुनिश्चित सुविधा देना है।

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दो चरणों में होगा पंजीकरण अभियान
उप श्रम आयुक्त गोरखपुर क्षेत्र के अनुसार पंजीकरण दो चरणों में किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में यह अभियान 15 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक चलेगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 16 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक पंजीकरण किया जाएगा। इस दौरान पात्र श्रमिक और व्यापारी आसानी से योजना से जुड़ सकते हैं।
कौन ले सकता है लाभ
प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के वे असंगठित श्रमिक पात्र होंगे, जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है और जो आयकरदाता, ईपीएफ, ईएसआई या एनपीएस के सदस्य नहीं हैं। इसमें रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक, मनरेगा मजदूर, खेतिहर मजदूर, बीड़ी एवं चमड़ा उद्योग से जुड़े कामगार, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता शामिल हैं।
प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना के तहत 18 से 40 वर्ष आयु के वे छोटे व्यापारी पात्र हैं, जिनका वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से कम है। दुकान मालिक, खुदरा व्यापारी, वर्कशॉप संचालक, छोटे होटल-रेस्टोरेंट और कमीशन एजेंट इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

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55 से 200 रुपये अंशदान पर पेंशन
दोनों योजनाओं में आयु के अनुसार 55 से 200 रुपये मासिक अंशदान करने पर 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद 3000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी। लाभार्थी की मृत्यु की स्थिति में पत्नी या पति को 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान भी है।
ऐसे करें पंजीकरण
पंजीकरण जन सुविधा केंद्र (CSC) या सीधे https://maandhan.in पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और नामिनी विवरण अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति क्षेत्रीय उप श्रम आयुक्त कार्यालय, 2 पुलिस लाइन्स रोड, गोरखपुर से संपर्क कर सकते हैं।

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सरकार की यह पहल असंगठित श्रमिकों और छोटे व्यापारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा की मजबूत नींव रखती है और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

पी०एम० विश्वकर्मा प्रशिक्षण में लाभार्थियों को मिलेगा मार्केटिंग सपोर्ट

मऊ,(राष्ट्र की परम्परा)जनपद मऊ में प्रधानमंत्री मेधा विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लाभार्थियों को मार्केटिंग सपोर्ट, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ऑनबोर्डिंग और विपणन से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करना है। यह कार्यशाला राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सहादतपुरा, मऊ में दिनांक 29 जनवरी 2026 को प्रातः 11:30 बजे आयोजित की जाएगी।
प्रधानाचार्य, राजकीय आईटीआई मऊ ने बताया कि इस कार्यशाला का आयोजन एम०एस०एम०ई०-विकास कार्यालय, चांदपुर, वाराणसी द्वारा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पी०एम० विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को उनकी व्यावसायिक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है। इसमें लाभार्थियों को डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उत्पादों की बिक्री और विपणन के आधुनिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

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उन्होंने आगे बताया कि इस कार्यशाला में पी०एम० विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त सभी लाभार्थी पंजीकरण कार्ड के साथ भाग ले सकते हैं। यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी होगा जिन्होंने विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे किए हैं और अपने व्यवसाय को विस्तार देने की योजना बना रहे हैं।
कार्यशाला का उद्देश्य और महत्व
पी०एम० विश्वकर्मा लाभार्थी प्रशिक्षण 2026 का मुख्य उद्देश्य है लाभार्थियों को व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा में सशक्त बनाना। इसके तहत उन्हें निम्नलिखित क्षेत्रों में मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा:
मार्केटिंग सपोर्ट: उत्पादों और सेवाओं के लिए सही ग्राहक लक्षित करना और बाजार में अपनी पहचान बनाना।
ब्रांडिंग: व्यवसाय की पहचान और विशिष्टता के लिए रणनीति तैयार करना।

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ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे अमेज़न, फ्लिपकार्ट और अन्य ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर अपने उत्पादों को सूचीबद्ध करना।
विपणन रणनीतियाँ: बिक्री बढ़ाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की रणनीतियों का प्रशिक्षण।
प्रधानाचार्य ने कहा कि इस कार्यशाला में एम०एस०एम०ई० मंत्रालय के अनुभवी प्रशिक्षक और उद्योग विशेषज्ञ लाभार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों को प्रोफेशनल मार्केटिंग तकनीक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग, ग्राहक संबंध प्रबंधन और ऑनलाइन बिक्री के तरीके के बारे में गहन जानकारी दी जाएगी।
लाभार्थियों के लिए अवसर

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पी०एम० विश्वकर्मा लाभार्थी प्रशिक्षण 2026 से जुड़े लाभार्थियों के लिए यह कार्यशाला उनके व्यवसाय को एक नई दिशा देने का अवसर साबित होगी। इससे उन्हें अपने उत्पादों की विपणन रणनीति, ब्रांड पहचान और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर विस्तार के लिए महत्वपूर्ण उपकरण और जानकारी प्राप्त होगी।
प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों के व्यवसाय की सफलता के लिए व्यावसायिक मार्गदर्शन, ग्राहक संबंध प्रबंधन और मार्केटिंग टिप्स भी साझा किए जाएंगे। यह लाभार्थियों को अपने व्यवसाय को स्थायी और प्रतिस्पर्धात्मक रूप से सशक्त बनाने में मदद करेगा।
कार्यक्रम में भागीदारी कैसे करें
पी०एम० विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थी अपने पंजीकरण कार्ड के साथ इस कार्यशाला में उपस्थित होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम का आयोजन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सहादतपुरा, मऊ में सुबह 11:30 बजे से प्रारंभ होगा।
प्रधानाचार्य ने सभी लाभार्थियों से अनुरोध किया कि वे समय पर पहुंचे और सम्पूर्ण प्रशिक्षण से लाभ उठाएं, ताकि उनके व्यवसाय को नई ऊँचाइयों तक ले जाया जा सके।

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कार्यशाला के आयोजक और भागीदारी
इस कार्यक्रम का आयोजन एम०एस०एम०ई० मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रशिक्षक और विशेषज्ञ लाभार्थियों को व्यावसायिक और डिजिटल मार्केटिंग ज्ञान प्रदान करेंगे।
कार्यशाला के दौरान लाभार्थियों को व्यावसायिक उपकरणों का उपयोग, विपणन रणनीतियों, डिजिटल बिक्री प्लेटफॉर्म और ब्रांडिंग तकनीक पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे लाभार्थियों के व्यवसाय का दायरा बढ़ेगा और उन्हें नई व्यावसायिक चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी।

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प्रधानाचार्य ने आशा व्यक्त की कि इस कार्यशाला से पी०एम० विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने और डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से अधिक ग्राहक तक पहुँचने में मदद मिलेगी।

सोनवा मंदिर चोरी मामला: धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर उठे सवाल

🔴 सोनवा मंदिर से घड़ी-घंट चोरी, आस्था पर हमला; पुलिस जांच में जुटी

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)देवरिया जनपद के बरहज नगर में स्थित प्राचीन सोनवा मंदिर से शनिवार को दिनदहाड़े घड़ी-घंट चोरी होने की घटना सामने आई है। यह वारदात शनिवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे की बताई जा रही है, जिसने क्षेत्रीय श्रद्धालुओं में रोष और चिंता पैदा कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरहज नगरपालिका क्षेत्र के आज़ाद नगर दक्षिणी वार्ड में स्थित ऐतिहासिक सोनवा मंदिर से अज्ञात चोर मंदिर परिसर में लगे घड़ी-घंट को चुराकर फरार हो गए। घटना के समय मंदिर में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

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घटना की जानकारी मिलते ही साकेत विहारी मंगर शाह सोनवा मंदिर समिति के महामंत्री शिव सहाय बर्नवाल ने स्थानीय थाने में लिखित तहरीर देकर चोरी गए घड़ी-घंट की शीघ्र बरामदगी की मांग की है। उन्होंने कहा कि सोनवा मंदिर केवल पूजा-स्थल नहीं बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है, ऐसे में चोरी की यह घटना आस्था पर सीधा प्रहार है।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश की जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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घटना के बाद श्रद्धालुओं में गहरी नाराजगी है। स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पुलिस गश्त बढ़ाने और धार्मिक स्थलों की निगरानी के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
बरहज क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी मानी जा रही है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्द सोनवा मंदिर की घड़ी-घंट बरामद कर पाती है और चोरों को कानून के कटघरे में लाती है।

धार्मिक जगत में शोक, राम जानकी मठ के महंत श्री भगवान दास का देहावसान

राम जानकी मठ के महंत श्री भगवान दास का निधन, सिसोतार गांव में शोक की लहर

सिकंदरपुर / बलिया (राष्ट्र की परम्परा) बलिया जनपद के सिकंदरपुर क्षेत्र अंतर्गत सिसोतार गांव स्थित प्राचीन राम जानकी मठ के महंत श्री भगवान दास का शनिवार को निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे और बीते एक सप्ताह से अस्वस्थ चल रहे थे। इलाज के लिए उन्हें वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
महंत श्री भगवान दास के निधन की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सिसोतार गांव सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में श्रद्धालुओं और अनुयायियों में गहरा दुख देखा गया। वे न केवल एक प्रतिष्ठित संत थे, बल्कि अपने सरल स्वभाव, धार्मिक निष्ठा और समाजसेवी कार्यों के लिए व्यापक रूप से सम्मानित थे।
महंत श्री भगवान दास लंबे समय से राम जानकी मठ की सेवा में समर्पित थे। उनके सान्निध्य में मठ धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा। उनके मार्गदर्शन में नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठान, भंडारे, सत्संग और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे, जिनमें दूर-दराज से श्रद्धालु शामिल होते थे।

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उनके निधन से मठ परिवार, श्रद्धालुओं और क्षेत्रीय समाज को अपूरणीय क्षति पहुंची है। सूचना के बाद से ही बड़ी संख्या में अनुयायी और ग्रामीण मठ परिसर पहुंचने लगे हैं। लोग उनके पार्थिव शरीर के सिसोतार गांव पहुंचने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। देर रात तक पार्थिव शरीर के गांव लाए जाने की संभावना जताई गई है।
मठ समिति के सदस्यों के अनुसार, महंत श्री भगवान दास का अंतिम संस्कार रविवार को राम जानकी मठ परिसर में ही पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संतों, श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
क्षेत्र के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है और इसे आध्यात्मिक जगत के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।

श्रम योगी मानधन योजना का विशेष अभियान 15 मार्च तक

औरैया।(राष्ट्र की परम्परा)असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और छोटे व्यापारियों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी योजनाओं के अंतर्गत जनपद औरैया में विशेष पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी रीमा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PMSYM) एवं प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना (NPS-Traders) के तहत यह अभियान 15 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक राष्ट्रव्यापी स्तर पर संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों और व्यापारियों को पेंशन योजना से जोड़कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान करना है।

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प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना: असंगठित श्रमिकों के लिए सुरक्षा कवच
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र में कार्यरत उन श्रमिकों के लिए एक मजबूत सहारा है, जिनके पास वृद्धावस्था में आय का कोई सुनिश्चित साधन नहीं होता। इस योजना के अंतर्गत दैनिक मजदूर, राजमिस्त्री, रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, फेरीवाले, ई-रिक्शा, ऑटो और कार चालक, दुकानों व कारखानों में कार्यरत कर्मचारी (जो ईपीएफ और ईएसआईसी के सदस्य नहीं हैं), छोटे किसान, सब्जी विक्रेता, बढ़ई, लोहार, शटरिंग मजदूर, बैंड व डीजे संचालक, इलेक्ट्रिशियन, रोड लाइट वर्कर सहित विभिन्न प्रकार के कर्मकार पात्र हैं।
18 से 40 वर्ष के श्रमिक कर सकते हैं आवेदन
इस योजना का लाभ 18 से 40 वर्ष की आयु के असंगठित श्रमिक उठा सकते हैं। योजना के अंतर्गत श्रमिक को अपनी आयु के अनुसार 55 रुपये से 200 रुपये तक मासिक अंशदान जमा करना होता है। श्रमिक द्वारा जमा की गई समान राशि केंद्र सरकार द्वारा पेंशन खाते में योगदान के रूप में जोड़ी जाती है।

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योजना के अंतर्गत 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर पात्र श्रमिक को न्यूनतम 3000 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है, जिससे वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण की सुविधा
श्रम प्रवर्तन अधिकारी रीमा सिंह ने बताया कि इच्छुक श्रमिक www.maandhan.in वेबसाइट, अपने नजदीकी जन सुविधा केंद्र (CSC) अथवा श्रम विभाग कार्यालय, औरैया में जाकर अपना आवेदन ऑनलाइन करा सकते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया सरल और पारदर्शी है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना से दुकानदारों को राहत
प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना (NPS-Traders) छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण पेंशन योजना है। इस योजना के अंतर्गत वे सभी व्यापारी और दुकानदार पात्र हैं जिनका वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये या उससे कम है और जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच है।

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छोटे व्यापारियों को भी 3000 रुपये मासिक पेंशन
इस योजना में भी लाभार्थी द्वारा 55 से 200 रुपये तक मासिक अंशदान किया जाता है, जिसके बराबर राशि केंद्र सरकार द्वारा उनके पेंशन खाते में जमा की जाती है। 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद पात्र व्यापारी को न्यूनतम 3000 रुपये प्रतिमाह पेंशन का लाभ मिलता है।
पंजीकरण के लिए व्यापारी www.maandhan.in, जन सुविधा केंद्र अथवा श्रम विभाग, औरैया में संपर्क कर सकते हैं।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से अपील
श्रम विभाग औरैया ने असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिकों और छोटे व्यापारियों से अपील की है कि वे इस विशेष पंजीकरण अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। पेंशन कार्ड बनवाकर भविष्य को सुरक्षित करें और भारत सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ें।
किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए श्रमिक अपने नजदीकी श्रम कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

पुण्यतिथि: साहित्य,राजनीति व स्वतंत्रता संग्राम सेनानीयो तक

25 जनवरी को हुए निधन: इतिहास के पन्नों में अमर हुईं ये महान विभूतियाँ

25 जनवरी विशेष भारत और विश्व के इतिहास में 25 जनवरी केवल एक तारीख नहीं, बल्कि उन महान व्यक्तित्वों की स्मृति का दिन है, जिनके योगदान ने साहित्य, राजनीति, स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण को नई दिशा दी। 25 जनवरी को हुए निधन की यह सूची हमें न केवल अतीत से जोड़ती है, बल्कि यह भी सिखाती है कि विचार और कर्म कभी मरते नहीं।
यह लेख 25 जनवरी को हुए निधन, 25 जनवरी इतिहास, और महत्वपूर्ण निधन 25 जनवरी जैसे गूगल-सर्च योग्य कीवर्ड्स पर आधारित है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और तथ्यपरक जानकारी एक ही स्थान पर मिल सके।

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🔹 कृष्णा सोबती (निधन: 25 जनवरी 2019)
हिंदी साहित्य की निर्भीक आवाज़
कृष्णा सोबती हिंदी साहित्य की उन महान लेखिकाओं में से थीं, जिन्होंने भाषा को सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे संवेदना और साहस का माध्यम बनाया। ‘मित्रो मरजानी’, ‘डार से बिछुड़ी’ और ‘ज़िंदगीनामा’ जैसे उपन्यासों ने हिंदी कथा-भाषा को नई ताजगी दी।
25 जनवरी को हुआ उनका निधन साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति था। उन्हें साहित्य अकादमी और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

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🔹 विजयाराजे सिंधिया (निधन: 25 जनवरी 2001)
भारतीय राजनीति की आयरन लेडी
विजयाराजे सिंधिया भारतीय जनता पार्टी की संस्थापक नेताओं में गिनी जाती थीं। वे एक सशक्त वक्ता, जननेता और संगठनकर्ता थीं। आपातकाल के दौर में उनके संघर्ष को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है।
25 जनवरी को हुए निधन के साथ भारतीय राजनीति ने एक साहसी और निडर नेता को खो दिया।
🔹 जी. जी. स्वेल (निधन: 25 जनवरी 1999)
लोकतंत्र की गरिमा के रक्षक
जी. जी. स्वेल भारत की लोकसभा के उपाध्यक्ष रहे। वे संसदीय मर्यादाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के सशक्त समर्थक थे। उत्तर-पूर्व भारत से राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही।
25 जनवरी इतिहास में उनका नाम एक संतुलित और निष्पक्ष संसदीय नेता के रूप में दर्ज है।

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🔹 अनंता सिंह (निधन: 25 जनवरी 1969)
स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायक
अनंता सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन क्रांतिकारियों में थे, जिनका योगदान इतिहास की मुख्यधारा में कम चर्चा में रहा, लेकिन उनका बलिदान अतुलनीय था। उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध कई आंदोलनों में भाग लिया।
25 जनवरी को हुए निधन के साथ एक क्रांतिकारी युग का अंत हुआ।
🔹 नलिनी रंजन सरकार (निधन: 25 जनवरी 1953)
आर्थिक और शैक्षणिक विकास के शिल्पकार
नलिनी रंजन सरकार एक प्रतिष्ठित उद्योगपति, अर्थशास्त्री और सार्वजनिक नेता थे। वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे और भारत की औद्योगिक नीति को आकार देने में अहम भूमिका निभाई।
25 जनवरी को हुआ उनका निधन भारतीय आर्थिक इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था।

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🔹 विलियम वेडरबर्न (निधन: 25 जनवरी 1918)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विदेशी समर्थक
विलियम वेडरबर्न ब्रिटिश नागरिक होते हुए भी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रबल समर्थक थे। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने भारतीयों के अधिकारों की वकालत ब्रिटिश संसद तक की।
25 जनवरी इतिहास में उनका योगदान भारत-ब्रिटेन संबंधों के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है।
🔸 25 जनवरी को हुए निधन का ऐतिहासिक महत्व
25 जनवरी को हुए निधन हमें यह याद दिलाते हैं कि भारत का इतिहास केवल युद्धों और आंदोलनों से नहीं, बल्कि विचारों, साहित्य, लोकतंत्र और सामाजिक चेतना से भी बना है। यह दिन हमें उन विभूतियों को स्मरण करने का अवसर देता है, जिनकी विरासत आज भी जीवित है।