Thursday, June 11, 2026
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तेज रफ्तार बनी काल: बैरिया में NH-31 पर फिर मासूम की गई जान

🔴 बैरिया में NH-31 पर दर्दनाक हादसा: पिकअप की टक्कर से 12 वर्षीय बालक की मौत, जाम के बाद हालात सामान्य

बलिया (राष्ट्र की परम्परा) बलिया जनपद के बैरिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को NH-31 पर दर्दनाक हादसा हो गया। तेज रफ्तार पिकअप वाहन की टक्कर से 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर जाम की स्थिति बन गई, जिसे बाद में प्रशासन ने सामान्य कराया।
मृतक की पहचान अंशु राम (12 वर्ष) पुत्र विजय शंकर राम, निवासी बैरिया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अंशु खेत में काम करने के बाद शाम के समय घर लौट रहा था। इसी दौरान मठ योगेन्द्र गिरी के पास तेज रफ्तार पिकअप ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बालक सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।

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🚨 अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल बालक को उठाया और अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही बैरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

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🚧 NH-31 पर लगा जाम, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
घटना की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। NH-31 पर जाम लगाकर लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराज़गी जताई। ग्रामीणों का कहना था कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहन रोज़ हादसों का कारण बन रहे हैं, लेकिन सड़क सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाया गया और यातायात सामान्य हो सका।

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😔 गांव में पसरा मातम
NH-31 पर दर्दनाक हादसा के बाद पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर, संकेतक और सख्त निगरानी की व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।

India-EU FTA: ट्रंप पड़े अलग-थलग, भारत बना नया ग्लोबल ट्रेड हब

EU के बाद ब्राजील और कनाडा भी करेंगे भारत से बड़ी डील

India-EU FTA: दुनिया की आर्थिक और व्यापारिक राजनीति इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों, ऊंचे टैरिफ और अनिश्चित व्यापार रुख ने कई देशों को वैकल्पिक आर्थिक साझेदारों की तलाश के लिए मजबूर कर दिया है। इसी वैश्विक बदलाव के केंद्र में अब भारत एक मजबूत, भरोसेमंद और दीर्घकालिक आर्थिक साझेदार के रूप में उभर कर सामने आया है।
यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका के कई देश अब पारंपरिक वेस्ट-सेंट्रिक मॉडल से हटकर पश्चिम-पूर्व आर्थिक धुरी की ओर बढ़ रहे हैं, जहां भारत को रणनीतिक संतुलन और स्थिर विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

ब्रिटेन का रुख बदला, चीन और भारत पर नजर

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर का प्रस्तावित चीन दौरा इसी बदलते वैश्विक समीकरण का संकेत है। पिछले आठ वर्षों में यह किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की पहली चीन यात्रा होगी। इस दौरान स्टारमर राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग से मुलाकात करेंगे।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन अब अमेरिका को एक अनिश्चित व्यापारिक साझेदार मान रहा है और अपनी आर्थिक निर्भरता कम करना चाहता है। वर्तमान में चीन ब्रिटेन का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और 2025 के मध्य तक दोनों देशों के बीच व्यापार 100 अरब पाउंड के आंकड़े को पार कर चुका है।

कनाडा की रणनीति बदली, भारत बना प्राथमिक साझेदार

अमेरिका का करीबी सहयोगी रहा कनाडा भी अब अपनी विदेश और व्यापार नीति में बड़ा बदलाव कर रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी मार्च के पहले सप्ताह में भारत दौरे पर आ सकते हैं।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी और उसे 51वां अमेरिकी राज्य कहकर विवाद खड़ा किया था। कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद ने साफ कहा है कि कनाडा अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेगा और अगले 10 वर्षों में अमेरिका के बाहर अपने निर्यात को दोगुना करेगा। इसी रणनीति के तहत भारत को प्रमुख साझेदार बनाया गया है।

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ब्राज़ील और ग्लोबल साउथ में भारत की बढ़ती भूमिका

ग्लोबल साउथ के देशों में भी भारत की अहमियत तेजी से बढ़ रही है। ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा फरवरी में भारत दौरे पर आ रहे हैं। वे एक बड़े कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ भारतीय उद्योगपतियों से बातचीत करेंगे। यह साफ संकेत है कि उभरती अर्थव्यवस्थाएं भारत को केवल बाजार नहीं, बल्कि रणनीतिक आर्थिक साझेदार मान रही हैं।

India-EU FTA बना गेमचेंजर

26 जनवरी 2026 को हुए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) ने वैश्विक व्यापार की दिशा ही बदल दी है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” बताया है।

यह समझौता दुनिया की लगभग 25% ग्लोबल GDP और करीब दो अरब लोगों को जोड़ता है। इसके तहत EU भारत को भेजे जाने वाले 97% उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा, जबकि भारत भी चरणबद्ध तरीके से 93% यूरोपीय उत्पादों पर टैरिफ हटाएगा। इससे भारतीय टेक्सटाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग और IT सेक्टर को बड़ा फायदा होगा।

अमेरिका की चिंता और भारत की स्पष्ट नीति

इन नए वैश्विक गठबंधनों से अमेरिका असहज नजर आ रहा है, लेकिन भारत ने अपनी नीति स्पष्ट कर दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के शब्दों में, “कोई भी देश यह उम्मीद नहीं कर सकता कि वह भारत के वैश्विक रिश्तों पर वीटो लगाए।” यही स्पष्ट और आत्मनिर्भर नीति आज भारत को वैश्विक आर्थिक बदलाव का केंद्र बना रही है।

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कला, साहित्य और संगीत की अमर स्मृतियां

28 जनवरी का इतिहास: साहित्य, सिनेमा और संगीत जगत की महान विभूतियों का निधन


महत्वपूर्ण इतिहास निधन | 28 जनवरी
इतिहास केवल तिथियों का क्रम नहीं, बल्कि उन महान व्यक्तित्वों की स्मृति है जिन्होंने अपने कर्म, कृतित्व और विचारों से समाज को दिशा दी। 28 जनवरी का इतिहास कई ऐसी विभूतियों के निधन से जुड़ा है, जिनका योगदान साहित्य, सिनेमा, संगीत, राजनीति और पुरातत्त्व के क्षेत्र में अमिट है।
यह लेख 28 जनवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन को श्रद्धांजलि स्वरूप प्रस्तुत करता है, ताकि नई पीढ़ी इन महान व्यक्तित्वों के योगदान से परिचित हो सके।

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भारती मुखर्जी (निधन: 28 जनवरी 2017)
भारती मुखर्जी भारतीय मूल की विश्वप्रसिद्ध लेखिका थीं, जिन्होंने अमेरिकी साहित्य में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनका लेखन प्रवासी भारतीयों की पहचान, संघर्ष और आत्मबोध को दर्शाता है।
उनके प्रसिद्ध उपन्यास Jasmine, Wife और Desirable Daughters अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहे गए। 28 जनवरी का इतिहास साहित्य जगत में उनके अविस्मरणीय योगदान के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है।
सोहराब मोदी (निधन: 28 जनवरी 1984)
सोहराब मोदी भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम युग के स्तंभ थे। वे अभिनेता, निर्माता और निर्देशक—तीनों रूपों में चर्चित रहे।
उन्होंने ऐतिहासिक और सामाजिक विषयों पर आधारित सशक्त फिल्में बनाईं, जिनमें पुकार, सिकंदर और झांसी की रानी प्रमुख हैं। 28 जनवरी को हुए निधन में सोहराब मोदी का नाम भारतीय फिल्म इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।

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विलियम बटलर यीट्स (निधन: 28 जनवरी 1939)
विलियम बटलर यीट्स आयरलैंड के महान कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता थे। उनकी कविताओं में आध्यात्मिकता, राष्ट्रवाद और मानवीय भावनाओं की गहरी अभिव्यक्ति मिलती है।
उनकी रचनाएं आज भी विश्व साहित्य का अभिन्न हिस्सा हैं। 28 जनवरी का इतिहास अंतरराष्ट्रीय साहित्य में उनके योगदान को स्मरण करता है।
ओ. पी. नैय्यर (निधन: 28 जनवरी 2007)
ओ. पी. नैय्यर हिंदी फिल्म संगीत के ऐसे जादूगर थे, जिन्होंने पारंपरिक धुनों को आधुनिक रंग दिया।
आर-पार, काग़ज़ के फूल और सीआईडी जैसी फिल्मों के गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं। 28 जनवरी को हुए निधन में उनका जाना भारतीय संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जाता है।

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देवकान्त बरुआ (निधन: 28 जनवरी 1996)
देवकान्त बरुआ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे और इंदिरा गांधी के निकट सहयोगियों में गिने जाते थे।
राजनीतिक जीवन में उनका योगदान संगठनात्मक मजबूती और अनुशासन के लिए जाना जाता है। 28 जनवरी का इतिहास भारतीय राजनीति में उनके प्रभाव को रेखांकित करता है।
हंसमुख धीरजलाल सांकलिया (निधन: 28 जनवरी 1989)
प्रो. हंसमुख धीरजलाल सांकलिया भारत के अग्रणी पुरातत्त्वविदों में शामिल थे।
भारतीय प्रागैतिहासिक अध्ययन में उनका शोध आज भी संदर्भ ग्रंथ माना जाता है। 28 जनवरी को हुए निधन में उनका स्थान विज्ञान और इतिहास के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
28 जनवरी का ऐतिहासिक महत्व
28 जनवरी का इतिहास यह दर्शाता है कि इस दिन केवल महान व्यक्तियों का निधन ही नहीं हुआ, बल्कि उनके विचार, रचनाएं और योगदान आज भी जीवित हैं।
ऐसे ऐतिहासिक निधन हमें स्मरण कराते हैं कि समाज का विकास इन्हीं महापुरुषों की नींव पर खड़ा है।
निष्कर्ष
28 जनवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन भारतीय और वैश्विक इतिहास के ऐसे अध्याय हैं, जो हमें प्रेरणा देते हैं। साहित्य, सिनेमा, संगीत और राजनीति—हर क्षेत्र में इन विभूतियों ने अमिट छाप छोड़ी है।
इनका स्मरण करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।

कटहल नाला का आधुनिक स्वरूप: 18.07 करोड़ की परियोजना का भूमि पूजन

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l शहर के बीचों-बीच बहने वाला ऐतिहासिक कटहल नाला अब आधुनिक स्वरूप में विकसित होगा। मंगलवार को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने 18.07 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित कटहल नाला विकास एवं सौंदर्यीकरण परियोजना का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया।
परियोजना के तहत नाले को “जूही चौपाटी” के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे शहर की सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन दोनों को मजबूती मिलेगी। मंत्री ने बताया कि कटहल नाला केवल जल निकासी का माध्यम नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक धरोहर भी है। यह नाला एशिया के प्रसिद्ध सुरहा ताल से जुड़ा है और बाढ़ के समय अतिरिक्त पानी निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
लगभग 5 किलोमीटर लंबा यह नाला शहर के घनी आबादी वाले हिस्सों से होकर गुजरता है। वर्षों से गंदगी और अतिक्रमण के कारण इसकी स्थिति खराब हो गई थी। मंत्री ने कहा कि विकास की शुरुआत वहीं से होगी, जहां सबसे अधिक गंदगी है।
परियोजना के अंतर्गत प्रबंधापुर पुल से रामपुर महावल बैराज तक लगभग 2 किलोमीटर क्षेत्र में कार्य होंगे। नाले के दोनों किनारों पर बोल्डर पिचिंग और जियो-सेल मेम्ब्रेन सिस्टम लगाया जाएगा। इसके अलावा सरफेस पार्किंग, लैंडस्केपिंग, हॉर्टिकल्चर, आकर्षक फसाद निर्माण, सुरक्षा बैरियर, सोलर लाइटिंग और मायावकी फॉरेस्ट विकसित किया जाएगा। यह क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण और आमजन के घूमने-फिरने का नया केंद्र बनेगा।
कार्य को यूपी जल निगम (नगरीय) की इकाई कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस), आजमगढ़ द्वारा कराया जाएगा। परियोजना के पूरा होने से शहर में जलभराव की समस्या में राहत मिलेगी और बरसात के दौरान जल निकासी बेहतर होगी।
मंत्री ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि नाले के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 19 करोड़ रुपये और सफाई कार्य हेतु सिंचाई विभाग द्वारा 2 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। भूमि पूजन कार्यक्रम में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, पूर्व मंत्री नारद राय सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। यह परियोजना बलिया शहर को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

28 जनवरी से जुड़ा स्वर्णिम इतिहास

🔶 महत्वपूर्ण इतिहास जन्म
28 जनवरी को जन्मे व्यक्ति भारतीय और विश्व इतिहास में विशेष स्थान रखते हैं। यह तिथि स्वतंत्रता संग्राम, राजनीति, साहित्य, विज्ञान, संगीत, खेल और रक्षा क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ने वाले महान व्यक्तित्वों की जन्मतिथि रही है। 28 जनवरी का इतिहास हमें यह बताता है कि एक ही दिन में जन्मे लोग कैसे अलग-अलग क्षेत्रों में असाधारण योगदान देकर समाज और राष्ट्र को दिशा दे सकते हैं।

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🔹 लाला लाजपत राय (1865)
28 जनवरी को जन्मे महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय को “पंजाब केसरी” कहा जाता है। वे भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के अग्रणी नेता थे। स्वदेशी आंदोलन, साइमन कमीशन विरोध और राष्ट्रवादी चेतना को जन-जन तक पहुंचाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है। 28 जनवरी को जन्मे व्यक्ति जब देशभक्ति की बात करते हैं, तो लाला लाजपत राय का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता है।
🔹 के.एम. करियप्पा (1899)
फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा भारत के प्रथम भारतीय कमांडर-इन-चीफ थे। 28 जनवरी को जन्मे इस महान सैन्य अधिकारी ने भारतीय सेना को एक नई पहचान दी। वे अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के प्रतीक माने जाते हैं। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है।

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🔹 के.एस. करियप्पा (1909)
भारतीय सेना के प्रथम भारतीय सेनाध्यक्ष के.एस. करियप्पा का जन्म भी 28 जनवरी को हुआ। उन्होंने आज़ादी के बाद भारतीय सेना के पुनर्गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 28 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तियों में उनका योगदान रक्षा इतिहास में मील का पत्थर है।
🔹 राजा रमन्ना (1925)
भारत के परमाणु कार्यक्रम को गति देने वाले राजा रमन्ना 28 जनवरी को जन्मे थे। पोखरण परमाणु परीक्षण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। विज्ञान और राष्ट्र सुरक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान भारत को वैश्विक शक्ति बनाने की दिशा में निर्णायक रहा।

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🔹 विद्यानिवास मिश्र (1926)
विद्यानिवास मिश्र हिन्दी साहित्य के प्रमुख स्तंभ थे। वे संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान, आलोचक और भाषाविद थे। 28 जनवरी को जन्मे इस साहित्यकार ने भारतीय भाषाओं को बौद्धिक ऊंचाई दी।
🔹 पंडित जसराज (1930)
भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने वाले पंडित जसराज 28 जनवरी को जन्मे। मेवाती घराने के इस महान गायक ने संगीत को साधना का रूप दिया। 28 जनवरी को जन्मे व्यक्ति जब कला की बात करते हैं, तो पंडित जसराज का नाम श्रद्धा से लिया जाता है।
🔹 सुमन कल्याणपुर (1937)
सुमधुर आवाज़ की धनी सुमन कल्याणपुर हिन्दी सिनेमा की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका थीं। 28 जनवरी को जन्मी इस गायिका ने हजारों गीतों के माध्यम से भारतीय संगीत को समृद्ध किया।

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🔹 प्रतापसिंह राणे (1939)
गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री प्रतापसिंह राणे 28 जनवरी को जन्मे। उन्होंने गोवा की राजनीति में स्थिरता और विकास को प्राथमिकता दी। वे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में शामिल हैं।
🔹 भगवत दयाल शर्मा (1918)
हरियाणा के प्रथम मुख्यमंत्री भगवत दयाल शर्मा भी 28 जनवरी को जन्मे। उन्होंने प्रशासनिक और सामाजिक सुधारों में अहम भूमिका निभाई तथा उड़ीसा और मध्य प्रदेश के राज्यपाल भी रहे।
🔹 राजेन्द्र शाह (1913)
प्रसिद्ध गुजराती साहित्यकार राजेन्द्र शाह को साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 28 जनवरी को जन्मे इस लेखक ने गुजराती साहित्य को नई ऊंचाइयां दीं।

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🔹 बसवराज बोम्मई (1960)
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई 28 जनवरी को जन्मे। वे प्रशासनिक दक्षता और विकास योजनाओं के लिए जाने जाते हैं। आधुनिक राजनीति में उनका योगदान उल्लेखनीय है।
🔹 शेफाली वर्मा (2004)
भारतीय महिला क्रिकेट की चमकती सितारा शेफाली वर्मा 28 जनवरी को जन्मी हैं। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिकॉर्ड बनाने वाली शेफाली नई पीढ़ी की प्रेरणा हैं।
🔹 निकोलस सरकोज़ी (1955)
फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोज़ी भी 28 जनवरी को जन्मे। उन्होंने यूरोपीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभाव छोड़ा।

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🔶 निष्कर्ष
28 जनवरी को जन्मे महान व्यक्ति यह सिद्ध करते हैं कि प्रतिभा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होती। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संगीत, विज्ञान, राजनीति और खेल तक, इस दिन जन्मे लोगों ने इतिहास रचा है। 28 जनवरी का इतिहास आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और राष्ट्रनिर्माण का संदेश देता है।

28 जनवरी की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ

इतिहास केवल बीते समय की घटनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य को दिशा देने वाला दर्पण होता है। 28 जनवरी का इतिहास विश्व और भारत दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इस दिन राजनीति, विज्ञान, साहित्य, सैन्य, खेल और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़ी अनेक ऐतिहासिक घटनाएँ घटित हुईं, जिन्होंने वैश्विक परिदृश्य को नई दिशा दी।

28 जनवरी का इतिहास: कालक्रम अनुसार

प्रमुख घटनाएँ
मुग़ल काल और औपनिवेशिक युग
1556 में मुग़ल साम्राज्य के संस्थापक हुमायूँ की मृत्यु हुई। उनके निधन के बाद अकबर के शासन का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिसने भारत के इतिहास को एक नई दिशा दी।
1813 में इंग्लैंड में प्रसिद्ध उपन्यास प्राइड एंड प्रेजुडिस का प्रथम प्रकाशन हुआ। यह कृति आज भी विश्व साहित्य की अमूल्य धरोहर मानी जाती है।

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1835 में कलकत्ता मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई, जो एशिया का पहला आधुनिक मेडिकल कॉलेज था। इससे भारत में आधुनिक चिकित्सा शिक्षा की नींव पड़ी।
वैश्विक राजनीति और साम्राज्यवादी निर्णय
1860 में ब्रिटेन ने निकारागुआ को मास्क्विटो तट औपचारिक रूप से वापस सौंपा। यह उपनिवेशवाद के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटना थी।
1878 में अमेरिका का पहला दैनिक समाचारपत्र येल डेली न्यूज़ प्रकाशित हुआ, जिसने पत्रकारिता के इतिहास में नई शुरुआत की।
इसी वर्ष न्यू हेवन (अमेरिका) में पहला टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित हुआ, जिसने संचार क्रांति की नींव रखी।

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वास्तुकला, स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण
1887 में पेरिस में एफिल टॉवर के निर्माण की शुरुआत हुई। आज यह फ्रांस की पहचान और विश्व धरोहर है।
1909 में क्यूबा पर से अमेरिका का नियंत्रण समाप्त हुआ। इसी दिन भारत के पहले सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा का जन्म हुआ, जिन्होंने भारतीय सेना को नई पहचान दी।
युद्ध, संघर्ष और राजनीतिक विचारधाराएँ
1932 में जापानी सेना ने शंघाई पर कब्ज़ा किया, जो द्वितीय विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि की अहम घटना थी।
1933 में चौधरी रहमत अली ने मुस्लिम बहुल राज्यों के संघ के लिए ‘पाकिस्तान’ नाम का सुझाव दिया, जिसने उपमहाद्वीप की राजनीति को निर्णायक रूप से प्रभावित किया।
1935 में आइसलैंड गर्भपात को कानूनी मान्यता देने वाला दुनिया का पहला देश बना।

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द्वितीय विश्व युद्ध और उसके प्रभाव
1942 में जर्मन सेना ने लीबिया के बेंगाजी पर कब्ज़ा किया।
1943 में एडोल्फ हिटलर ने जर्मनी के सभी युवकों को अनिवार्य सैन्य भर्ती का आदेश दिया।
1945 में बर्मा रोड से पहली बार अमेरिकी ट्रकों का काफिला गुज़रा, जो मित्र राष्ट्रों के लिए रणनीतिक रूप से अहम था।
स्वतंत्र भारत की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
1950 में न्यायमूर्ति हीरालाल जे. कानिया ने भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाला।
1961 में बेंगलुरु में एचएमटी घड़ियों की पहली फैक्ट्री की आधारशिला रखी गई, जिसने भारत को घड़ी उद्योग में आत्मनिर्भर बनाया।
अंतरिक्ष, विज्ञान और तकनीक
1962 में अमेरिका का अंतरिक्ष यान चंद्रमा तक पहुँचने में असफल रहा।
1986 में अमेरिकी अंतरिक्ष शटल चैलेंजर उड़ान भरने के 73 सेकंड बाद विस्फोट का शिकार हो गया। इस हादसे में सातों अंतरिक्ष यात्रियों की मृत्यु हो गई, जिसने अंतरिक्ष कार्यक्रमों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े किए।
आधुनिक राजनीति और न्यायिक फैसले
1992 में अल्जीरिया में तीन दशक से सत्ता में रही नेशनल लिबरेशन फ्रंट ने इस्तीफा दिया।
1998 में राजीव गांधी हत्याकांड के 26 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया गया।
1999 में भारत में संरक्षित भ्रूण से मेमने का जन्म हुआ, जो जैव प्रौद्योगिकी में बड़ी उपलब्धि थी।
खेल, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ
2000 में भारत ने अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में श्रीलंका को हराकर खिताब जीता।
2002 में झारखंड के गुमला जिले में नक्सली हमले में 11 लोगों की मौत हुई और पाकिस्तान में पत्रकार डेनियल पर्ल का अपहरण हुआ।
2005 में पुर्तगाल की सुप्रीम कोर्ट ने अबू सलेम के प्रत्यर्पण को मंज़ूरी दी।

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हालिया वैश्विक घटनाएँ
2006 में एमेली माउरेस्मो ने ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस का महिला एकल खिताब जीता।
2010 में बांग्लादेश में शेख मुजीबुर रहमान की हत्या के दोषियों को फांसी दी गई।
2013 में जॉन केरी अमेरिका के विदेश मंत्री बने।
निष्कर्ष – 28 जनवरी का इतिहास हमें यह सिखाता है कि समय के साथ मानव सभ्यता ने संघर्ष, नवाचार और परिवर्तन के माध्यम से निरंतर प्रगति की है। यह दिन राजनीति, विज्ञान, साहित्य और खेल—हर क्षेत्र में यादगार उपलब्धियों का साक्षी रहा है।

आज का मूलांक भविष्यफल: कौन सा मूलांक देगा धन और सफलता?

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🔮 आज का मूलांक भविष्यफल 2026
धन, नौकरी, व्यवसाय, करियर, शिक्षा, प्रेम और पारिवारिक जीवन पर विस्तृत अंक ज्योतिष विश्लेषण
अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म तिथि से निकलने वाला मूलांक व्यक्ति के स्वभाव, भाग्य, करियर और जीवन की दिशा तय करता है। आज का मूलांक भविष्यफल आपको बताएगा कि धन, नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, प्रेम, राजनीति और पारिवारिक जीवन में आज का दिन आपके लिए कैसा रहने वाला है। साथ ही प्रत्येक मूलांक के लिए शास्त्रोक्त उपाय भी दिए गए हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि हो सके।

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🔴 मूलांक 1 (1, 10, 19, 28)
सूर्य देव द्वारा शासित मूलांक 1 आज आत्मविकास की दिशा में बड़ा कदम उठा सकता है। समय प्रबंधन, खान-पान और सोच में बदलाव से आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी।
धन व करियर – नौकरी में नेतृत्व की भूमिका मिल सकती है। सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन शुभ है।
व्यवसाय – नई योजना पर काम शुरू करने का सही समय।
शिक्षा – प्रतियोगी छात्रों को सफलता के संकेत।
प्रेम – रिश्तों में स्पष्टता आएगी।
उपाय – लाल फूल शिवलिंग पर अर्पित करें।
मूलांक 2 (2, 11, 20, 29)
चंद्र देव के प्रभाव वाले जातक आज भावनात्मक संतुलन के साथ निर्णय लेंगे।
नौकरी – अधिकारी आपके व्यवहार से प्रभावित होंगे।
धन – आय के नए स्रोत बन सकते हैं।
व्यवसाय – साझेदारी में लाभ।
प्रेम – भावनात्मक जुड़ाव गहरा होगा।
उपाय – शिवलिंग पर दूध से अभिषेक करें।

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🟡 मूलांक 3 (3, 12, 21, 30)
बृहस्पति का प्रभाव आज मार्गदर्शन और सफलता दोनों देगा।
व्यवसाय – अटके काम गति पकड़ेंगे।
नौकरी – प्रमोशन या प्रशंसा संभव।
शिक्षा – उच्च शिक्षा में लाभ।
परिवार – रिश्तेदारों से खुशी।
उपाय – बेसन के लड्डू बांटें।
🔵 मूलांक 4 (4, 13, 22, 31)
राहु के प्रभाव से आज पारिवारिक जिम्मेदारियां प्राथमिक रहेंगी।
करियर – अस्थायी रुकावट संभव।
धन – खर्च बढ़ सकता है।
प्रेम – धैर्य आवश्यक।
राजनीति – पर्दे के पीछे की राजनीति से बचें।
उपाय – खराब बिजली उपकरण घर से हटाएं।

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🟢 मूलांक 5 (5, 14, 23)
बुध का प्रभाव संवाद को मजबूत बनाएगा।
नौकरी – मीडिया, आईटी, मार्केटिंग में लाभ।
व्यवसाय – सौदे सफल होंगे।
प्रेम – खुली बातचीत से रिश्ते मजबूत।
मानसिक स्थिति – तनाव में कमी।
उपाय – शराब सेवन से बचें।
🌸 मूलांक 6 (6, 15, 24)
शुक्र देव आज रिश्तों में मिठास घोलेंगे।
धन – खर्च परिवार पर होगा लेकिन संतोष देगा।
नौकरी – क्रिएटिव फील्ड में लाभ।
प्रेम – रोमांटिक समय।
शिक्षा – कला और डिजाइन छात्रों के लिए शुभ।
उपाय – दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

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🔮 मूलांक 7 (7, 16, 25)
केतु का प्रभाव आज सतर्कता की मांग करता है।
धन – लेन-देन में सावधानी।
व्यवसाय – दस्तावेज जांचें।
करियर – रिसर्च और आध्यात्मिक कार्यों में सफलता।
प्रेम – दूरी महसूस हो सकती है।
उपाय – केले का दान करें।
मूलांक 8 (8, 17, 26)
शनि देव आज परीक्षा लेंगे।
नौकरी – धैर्य रखें, मेहनत रंग लाएगी।
व्यवसाय – नए व्यक्ति पर भरोसा न करें।
राजनीति – बयानबाजी से बचें।
प्रेम – गलतफहमी संभव।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें।

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🔥 मूलांक 9 (9, 18, 27)
मंगल देव का प्रभाव साहस और सफलता देगा।
धन व व्यवसाय – नई डील फाइनल।
परिवार – विवाह प्रस्ताव की संभावना।
नौकरी – ऊर्जा से भरपूर दिन।
प्रेम – रिश्तों में उत्साह।
उपाय – सौंफ और छुआरे का दान करें।

पंचांग: जानें शुभ-अशुभ समय और राहुकाल

🕉️ पंचांग 28 जनवरी 2026: आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र, तिथि और चंद्र राशि

आज का पंचांग , 28 जनवरी 2026, बुधवार
हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत, पूजा, विवाह, गृह प्रवेश, यात्रा या व्यापारिक निर्णय से पहले दैनिक पंचांग देखना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।
आज हम आपको 28 जनवरी 2026 का संपूर्ण हिंदू पंचांग विस्तार से बता रहे हैं, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, अशुभ काल, चंद्र राशि और ग्रह स्थिति की पूरी जानकारी शामिल है।

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🌙 आज की तिथि और पक्ष
तिथि: माघ शुक्ल पक्ष दशमी
दशमी तिथि समाप्त: शाम 04:36 बजे
इसके बाद शुक्ल एकादशी प्रारंभ
चंद्र मास: माघ
पूर्णिमांत मास: माघ
अमांत मास: माघ
आज का नक्षत्र
नक्षत्र: कृत्तिका
कृत्तिका समाप्त: सुबह 09:26 बजे
इसके बाद रोहिणी नक्षत्र
रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव: कृषि, निवेश, व्यापार और स्थायी कार्यों के लिए श्रेष्ठ

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🔱 आज का योग
ब्रह्म योग: रात 11:53 बजे तक
इसके बाद इंद्र योग
ब्रह्म योग में धार्मिक अनुष्ठान, पूजा और मंत्र जाप अत्यंत शुभ माने जाते हैं।
🔄 आज का करण
गर करण: शाम 04:36 बजे तक
वणिज करण: रात 03:17 बजे तक
इसके बाद विष्टि (भद्रा) करण
☀️ सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्य राशि: मकर
चंद्र राशि: वृषभ (पूरा दिन व रात)
चंद्रमा का वृषभ में गोचर: सुख, स्थिरता और आर्थिक मामलों के लिए अनुकूल
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: सुबह 07:12 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:07 बजे
🌕 चंद्रोदय और चंद्रास्त
चंद्रोदय: दोपहर 01:22 बजे
चंद्रास्त: तड़के 03:38 बजे (29 जनवरी)
अशुभ काल (आज क्या न करें)
राहुकाल: दोपहर 12:39 से 02:01 बजे
यमगण्ड: सुबह 08:34 से 09:56 बजे
कुलिक काल: 11:17 से 12:39 बजे
दुर्मुहूर्त: 12:17 से 01:01 बजे
वर्ज्यम्: रात 12:09 से 01:37 बजे
इस समयावधि में शुभ कार्य, नया आरंभ, निवेश और यात्रा से बचें।
शुभ मुहूर्त (आज क्या करें)
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:35 से 06:23 बजे
अमृत काल:
सुबह 07:12 से 08:42 बजे
सुबह 05:01 से 06:30 बजे
सर्वार्थ सिद्धि योग:
09:26 AM से 29 जनवरी 07:11 AM तक
सर्वार्थ सिद्धि योग में किया गया कार्य सफलता देता है।

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🕉️ आनंदादि योग
सिद्धि योग: सुबह 09:26 बजे तक
सिद्धि योग में किए गए कार्यों में सफलता के योग बनते हैं।
🪔 दिन का चौघड़िया
लाभ: 07:12 – 08:34
अमृत: 08:34 – 09:56
शुभ: 11:17 – 12:39
लाभ: 16:45 – 18:07
🌌 चंद्रबल (आज किन राशियों के लिए शुभ)
आज चंद्र बल इन राशियों के लिए शुभ रहेगा:
वृषभ
कर्क
सिंह
वृश्चिक
धनु
मीन
📜 संवत और ऋतु
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
अयन: उत्तरायण
ऋतु: शिशिर
📌 आज के दिन विशेष उपाय
भगवान गणेश और श्री विष्णु की पूजा करें
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप लाभकारी
गाय को हरा चारा और गुड़ खिलाएं
वाणी और क्रोध पर संयम रखें
📢 निष्कर्ष
28 जनवरी 2026 का पंचांग धार्मिक, आध्यात्मिक और दैनिक निर्णयों के लिए अत्यंत उपयोगी है। आज का दिन रोहिणी नक्षत्र, ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के कारण विशेष फलदायी है। यदि आप शुभ कार्य करना चाहते हैं, तो शुभ मुहूर्त का पालन अवश्य करें और राहुकाल से बचें।

शीघ्रता हार गई, धैर्य जीत गया: गणेश जी की अमर कथा

गणेश जी की शास्त्रोक्त कथा — धैर्य बनाम शीघ्रता
जहाँ बुद्धि, विवेक और संयम से मिलता है सच्चा विजय-पथ


भूमिका
सनातन परंपरा में भगवान श्रीगणेश केवल विघ्नहर्ता ही नहीं, बल्कि धैर्य, विवेक और सूक्ष्म बुद्धि के प्रतीक हैं। शास्त्रों में वर्णित उनकी कथाएँ जीवन के हर क्षेत्र में मार्गदर्शन देती हैं। एपिसोड 11 की यह शास्त्रोक्त कथा हमें सिखाती है कि शीघ्रता नहीं, धैर्य ही स्थायी सफलता की कुंजी है। यह कथा आज के तेज़-रफ़्तार युग में उतनी ही प्रासंगिक है जितनी प्राचीन काल में थी।

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📖 शास्त्रोक्त कथा: धैर्य बनाम शीघ्रता
एक समय की बात है। कैलास पर्वत पर देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती के बीच यह प्रश्न उठा कि ज्ञान, शक्ति और विवेक में श्रेष्ठ कौन है—गणेश या कार्तिकेय? दोनों ही दिव्य गुणों से संपन्न थे। समाधान हेतु एक प्रतियोगिता तय हुई।
प्रतियोगिता का नियम
माता पार्वती ने कहा—जो पुत्र सम्पूर्ण ब्रह्मांड की परिक्रमा करके पहले लौटेगा, वही श्रेष्ठ माना जाएगा।
कार्तिकेय ने इसे शारीरिक शक्ति और वेग की परीक्षा समझा। वे अपने वाहन मोर पर सवार होकर क्षणभर में आकाश की ओर उड़ चले। उनके मन में केवल एक लक्ष्य था—शीघ्रता।
भगवान गणेश स्थिर खड़े रहे। वे जानते थे कि ब्रह्मांड केवल भौतिक विस्तार नहीं, बल्कि चेतना और सत्य का प्रतीक है। उन्होंने माता-पिता—महादेव और पार्वती—की तीन बार परिक्रमा की और विनम्रतापूर्वक कहा—
“माता-पिता ही मेरा ब्रह्मांड हैं।”
माता पार्वती और महादेव मुस्कुराए। निर्णय स्पष्ट था। धैर्य, विवेक और बुद्धि से भरा यह उत्तर प्रतियोगिता का विजेता बना।

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🧠 कथा का शास्त्रीय भावार्थ
यह कथा केवल एक प्रसंग नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन है।
शीघ्रता अक्सर अधीरता को जन्म देती है।
धैर्य विचार, विवेक और सही निर्णय का मार्ग खोलता है।
गणेश जी की शास्त्रोक्त कथा बताती है कि सही अर्थ को समझना, नियमों से अधिक महत्वपूर्ण होता है।
🔍 धैर्य बनाम शीघ्रता: जीवन के संदर्भ में
आज का मनुष्य परिणाम तुरंत चाहता है—कैरियर, धन, प्रसिद्धि। परंतु गणेश जी की कथा हमें चेताती है कि जल्दबाज़ी कई बार लक्ष्य से दूर ले जाती है।
धैर्य हमें
गहराई से सोचने की शक्ति देता है,
गलतियों से बचाता है,
और दीर्घकालिक सफलता दिलाता है।
शीघ्रता तब उपयोगी है, जब उसके साथ विवेक हो। बिना विवेक के शीघ्रता—जोखिम बन जाती है।

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🕉️ शास्त्रों में गणेश जी का संदेश
पुराणों में गणेश जी को प्रथम पूज्य कहा गया है, क्योंकि वे हर कार्य से पहले बुद्धि और विवेक का स्मरण कराते हैं। यह कथा बताती है कि—
नियमों का पालन आवश्यक है,
पर अर्थ की समझ सर्वोपरि है।
गणेश जी ने नियम नहीं तोड़ा, बल्कि उसका उच्चतम अर्थ प्रकट किया।
🌼 सामाजिक और आध्यात्मिक प्रभाव
यह कथा बच्चों को संयम, युवाओं को रणनीति, और बड़ों को विवेक सिखाती है। सामाजिक जीवन में भी यह संदेश उतना ही सशक्त है—
जल्दबाज़ निर्णय रिश्तों को तोड़ते हैं।
धैर्यपूर्ण संवाद रिश्तों को जोड़ता है।

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📚 आज के युग में प्रासंगिकता
डिजिटल युग में जहाँ सब कुछ “फास्ट” है, वहाँ गणेश जी की शास्त्रोक्त कथा हमें स्लो सोच, डीप समझ की याद दिलाती है।
सफलता केवल पहले पहुँचने में नहीं, सही पहुँचने में है।
🪔 निष्कर्ष
एपिसोड 11: धैर्य बनाम शीघ्रता हमें सिखाता है कि
जो धैर्य रखता है, वही सच्चा विजेता बनता है।
भगवान गणेश का मार्ग—बुद्धि, विवेक और संयम—आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरक है।

राशिफल: किस राशि की चमकेगी किस्मत, कौन रहे सतर्क

🔱 28 जनवरी 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक जानें आज का पूरा दिन कैसा रहेगा

ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार कुछ राशियों के लिए आज का दिन लाभ, उन्नति और सफलता लेकर आया है, जबकि कुछ राशि वालों को धैर्य और सतर्कता बरतनी होगी।
आज का दिन धन, नौकरी, व्यवसाय, प्रेम, शिक्षा, राजनीति और पारिवारिक जीवन के लिहाज से क्या संकेत देता है, आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक का विस्तृत राशिफल।

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मेष राशि राशिफल 28 जनवरी 2026
आज आपका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को पहचान मिलेगी।
धन के मामले में दिन संतुलित है, अनावश्यक खर्च से बचें।
नौकरीपेशा लोगों को सीनियर का सहयोग मिलेगा।
व्यवसाय में नए कॉन्ट्रैक्ट के संकेत हैं।
प्रेम जीवन में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा।
राजनीति से जुड़े लोगों को जनसमर्थन मिल सकता है।
स्वास्थ्य के लिए सुबह की वॉक लाभकारी रहेगी।

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वृषभ राशि राशिफल 28 जनवरी 2026
आज मानसिक शांति बनाए रखना जरूरी है।
धन आगमन के योग हैं, लेकिन इन्वेस्टमेंट से बचें।
नौकरी में स्थान परिवर्तन के संकेत मिल सकते हैं।
व्यापार में लाभ होगा, लेकिन कागजी काम सावधानी से करें।
प्रेम संबंधों में संवाद की कमी परेशानी दे सकती है।
छात्रों के लिए पढ़ाई में फोकस जरूरी है।
स्वास्थ्य के लिए हेल्दी डाइट अपनाएं।
मिथुन राशि राशिफल 28 जनवरी 2026
बुध ग्रह की कृपा से आज कम्युनिकेशन स्ट्रॉन्ग रहेगा।
नौकरी में इंटरव्यू या मीटिंग सफल हो सकती है।
व्यवसाय में डिजिटल माध्यम से लाभ होगा।
धन खर्च सोच-समझकर करें।
प्रेम जीवन रोमांटिक रहेगा।
राजनीतिक क्षेत्र में बयानबाजी से बचें।
नींद पूरी न होने से थकान महसूस हो सकती है।

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कर्क राशि राशिफल 28 जनवरी 2026
आज दिन मिले-जुले परिणाम देगा।
धन संबंधी मामलों में उतार-चढ़ाव संभव है।
नौकरी में आपकी मेहनत रंग लाएगी।
व्यवसाय में पुराने क्लाइंट से फायदा होगा।
पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।
प्रेम जीवन में धैर्य रखें।
सेहत को नजरअंदाज न करें।
सिंह राशि राशिफल 28 जनवरी 2026
आज आर्थिक दृष्टि से दिन शुभ है।
नौकरी में प्रमोशन या प्रशंसा मिल सकती है।
व्यवसाय में सरकारी लाभ के योग हैं।
राजनीति में प्रभाव बढ़ेगा।
मां की सेहत पर ध्यान दें।
प्रेम जीवन में अहंकार से बचें।
नियमित एक्सरसाइज जरूरी है।
कन्या राशि राशिफल 28 जनवरी 2026
आज आर्थिक अवसर आपके करीब हैं।
नौकरी में बॉस की सलाह फायदेमंद रहेगी।
व्यवसाय में विस्तार की योजना बनेगी।
छात्रों के लिए दिन अनुकूल है।
प्रेम जीवन में स्थिरता आएगी।
स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार लें।
तुला राशि राशिफल 28 जनवरी 2026
आज आप चुनौतियों को समझदारी से पार करेंगे।
धन संबंधी फैसले सोच-समझकर लें।
नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
व्यवसाय में पार्टनरशिप लाभ देगी।
प्रेम जीवन में भरोसा मजबूत होगा।
राजनीति में रणनीति बदलनी पड़ सकती है।

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वृश्चिक राशि राशिफल 28 जनवरी 2026
आज आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी।
नौकरी में भावनाओं को काम से दूर रखें।
व्यवसाय में बड़ा निर्णय टालना बेहतर होगा।
प्रेम जीवन में शाम रोमांटिक रहेगी।
स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन थकान संभव है।
धनु राशि राशिफल 28 जनवरी 2026
आज शरीर और मन में संतुलन रहेगा।
नौकरी में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
व्यवसाय में नए अवसर मिल सकते हैं।
प्रेम जीवन में भावनाएं साझा करें।
योग और ध्यान से तनाव दूर होगा।
मकर राशि राशिफल 28 जनवरी 2026
आज वरिष्ठ अधिकारियों के साथ काम करने का मौका मिलेगा।
नौकरी में स्थिरता आएगी।
व्यवसाय में मुनाफा बढ़ेगा।
धन स्थिति मजबूत होगी।
प्रेम जीवन में समय की कमी महसूस होगी।
वर्क-लाइफ बैलेंस जरूरी है।

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कुंभ राशि राशिफल 28 जनवरी 2026
आज काम का दबाव रहेगा।
नौकरी में मेहनत का फल मिलेगा।
व्यवसाय में नई डील संभव है।
धन खर्च नियंत्रित रखें।
स्वास्थ्य के लिए पानी अधिक पिएं।
प्रेम जीवन में संतुलन जरूरी है।
मीन राशि राशिफल 28 जनवरी 2026
आज ब्रह्मांड आपके पक्ष में है।
करियर में नए विचार सफल होंगे।
नौकरी में प्रोडक्टिव दिन रहेगा।
व्यवसाय में क्रिएटिव सोच लाभ देगी।
प्रेम जीवन में भावनात्मक गहराई बढ़ेगी।
हल्का तनाव संभव है, ध्यान करें।

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🔔 डिस्क्लेमर– यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

नोवा विस्टा 2026: विज्ञान प्रदर्शनी का ऐतिहासिक आयोजन

जीएम एकेडमी में गणतंत्र दिवस के साथ जनपद की सबसे बड़ी विज्ञान प्रदर्शनी

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जी. एम. एकेडमी, सलेमपुर द्वारा आयोजित वार्षिक विज्ञान प्रदर्शनी “NOVA VISTA 2026 : A Creation Fest” विज्ञान, तकनीक, नवाचार एवं संस्कृति का भव्य संगम बनकर सामने आई। यह विशाल आयोजन 26 जनवरी 2026 को प्रातः 10 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक विद्यालय परिसर में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ झंडारोहण के साथ हुआ, जिसके पश्चात विद्यालय परिसर भारत माता की जय के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। आयोजन में नगर पंचायत सलेमपुर के गणमान्य व्यक्तियों, आसपास के विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
विद्यालय के चेयरमैन डॉ. एस. पी. मिश्रा, प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी एवं डायरेक्टर डॉ. सम्भावना मिश्रा की उपस्थिति में अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया तथा स्मृति-चिह्न भेंट किए गए।
जी एम एकेडमी में 200 से अधिक क्रियात्मक प्रोजेक्ट्स, बना जिला स्तरीय रिकॉर्ड
विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा लगभग 200 से अधिक विज्ञान, कंप्यूटर एवं नवाचार आधारित क्रियात्मक प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए गए। इतनी बड़ी संख्या में उच्चस्तरीय प्रोजेक्ट्स के कारण यह प्रदर्शनी जनपद स्तर पर अपने आप में एक रिकॉर्ड मानी जा रही है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दिशा श्रीवास्तव, एसडीएम, सलेमपुर रहीं।
विशिष्ट अतिथियों में अलका सिंह, तहसीलदार, सलेमपुर सहित वैज्ञानिक डॉ. मृदुल शुक्ला, डॉ. संतोष शुक्ला, डॉ. मान्धाता सिंह, डॉ. कमलेश मीणा, डॉ. अश्वनी कुमार पाण्डेय उपस्थित रहे।
झंडारोहण के पश्चात आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देशभक्ति एवं लोकसंस्कृति की प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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प्रदर्शनी के दौरान प्राइमरी वर्ग के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने विज्ञान, गणित, अंग्रेज़ी, पर्यावरण एवं प्रकृति से जुड़े रचनात्मक और शिक्षाप्रद मॉडल प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए तहसीलदार अलका सिंह ने कहा कि इतनी कम उम्र में वैज्ञानिक सोच और प्रस्तुति अत्यंत प्रशंसनीय है।
कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट्स के माध्यम से प्रभावशाली प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि दिशा श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, विषय की समझ और नवाचार भावना की विशेष प्रशंसा की।
प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण कंप्यूटर साइंस एवं आधुनिक विज्ञान से जुड़े प्रोजेक्ट्स रहे, जिनमें Artificial Intelligence (AI), स्मार्ट टेक्नोलॉजी, डिजिटल इनोवेशन और भविष्य की वैज्ञानिक अवधारणाओं पर आधारित मॉडल्स दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने।
हिंदी, संस्कृत, वाणिज्य, कला, सामाजिक विज्ञान एवं सामान्य ज्ञान के मॉडलों ने भी दर्शकों को बार-बार सराहने पर विवश किया।
प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों द्वारा चाय, कॉफी, आइसक्रीम, मुरमुरे के स्टॉल लगाए गए, वहीं विद्यालय प्रबंधन की ओर से आगंतुकों के लिए जलजीरा एवं स्वास्थ्यवर्धक भीगे चने की व्यवस्था की गई।
नोवा विस्टा 2026 केवल एक विज्ञान प्रदर्शनी नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता और वैज्ञानिक सोच का जीवंत उदाहरण बनी। आयोजन ने सलेमपुर को शैक्षणिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाई और आने वाले वर्षों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।

जिले के लाल ओंकार पाण्डेय को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का “संस्कृत महामना अवार्ड”

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लार/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के लार विकासखंड के पटखौली निवासी ओंकार पाण्डेय (ओंकार शास्त्री) को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी ने वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित “संस्कृत महामना अवार्ड” प्रदान किया। यह सम्मान उन्हें संस्कृत भाषा में उत्कृष्ट निबंध लेखन के लिए गणतंत्र दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति अजीत कुमार चतुर्वेदी द्वारा दिया गया।
ओंकार पाण्डेय, पटखौली ग्राम निवासी श्री शेषनाथ पाण्डेय के सुपुत्र हैं और वर्तमान में एसवडीवी के विद्यार्थी हैं। “महामना अवार्ड” संस्कृत साहित्य एवं सृजनात्मक लेखन में विशिष्ट उपलब्धि के लिए दिया जाने वाला अत्यंत प्रतिष्ठित सम्मान है।
उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गुरुजनों एवं संस्थान में हर्ष का वातावरण है और सम्पूर्ण देवरिया जनपद में भी गौरव की अनुभूति हो रही है। उनके संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं नवाचारपूर्ण लेखन के प्रति समर्पण ने युवा पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाया है।
स्वामी देवानंद संस्कृत महाविद्यालय मठ लार के शिक्षक आचार्य अजनाभ पाण्डेय, भाजपा नेता अरुण पांडेय, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र पांडेय, वशिष्ठ मोदनवाल, चंद्रभान पांडेय, राकेश पांडेय, सुमन्त पांडेय, सुधीर पांडेय, डॉ. रमाशंकर पटेल, धनजी पांडेय, धीरज पांडेय, मार्कण्डेय पांडेय, पीयूष पांडेय आदि ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया।

त्रिदेव धाम तृतीय स्थापना दिवस महोत्सव बना आस्था का महाकुंभ, भजनों में झूमे हजारों श्रद्धालु

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के ऐतिहासिक ढेकुलिया घाट स्थित बाबा देहलूदास की पावन भूमि त्रिदेव धाम का तृतीय स्थापना दिवस महोत्सव एक भव्य आध्यात्मिक महापर्व के रूप में संपन्न हुआ। राजस्थान के खाटू श्याम झुंझुनू और सालासर से तीन वर्ष पूर्व लाई गई अखंड ज्योति की स्थापना से आरंभ हुई यह आध्यात्मिक यात्रा आज पूरे जनपद की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।
तृतीय स्थापना महोत्सव के अवसर पर त्रिदेव धाम भक्ति के महाकुंभ में परिवर्तित नजर आया। भजनों की अमृत वर्षा में डूबे हजारों श्याम भक्त श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूमते दिखाई दिए।
स्थापना दिवस का शुभारंभ प्रातःकाल महा रुद्राभिषेक से हुआ, जिसमें महादेव का विधि-विधान से अभिषेक कर विश्व कल्याण की मंगल कामना की गई। दोपहर सत्र में मंदिर प्रांगण में 108 से अधिक नन्ही कन्याओं का पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं में साक्षात देवी का स्वरूप मानकर श्रद्धा पूर्वक आशीर्वाद प्राप्त किया।
संध्या होते ही श्रृंगार और भव्य सजावट से त्रिदेव धाम की आभा अलौकिक हो उठी। बाबा देहलूदास का पावन चौखट दरबार, प्राचीन शिवालय और मां जगदंबा मंदिर रंग-बिरंगे फूलों और दूधिया रोशनी से भव्य रूप से सजे रहे। बाबा श्याम, रानी सती दादी मां और सालासर बालाजी का दिव्य श्रृंगार इतना मनोहारी था कि दर्शन मात्र से ही भक्त भाव-विभोर हो उठे।

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भजन संध्या में वाराणसी से आए प्रख्यात भजन गायक पुनीत कृष्ण जी “पागल” ने माता-पिता की महिमा, शिव और श्याम भजनों से श्रोताओं को भावुक कर दिया। मां की महिमा पर प्रस्तुत भजन — “तेरे जीवन में खुशियां तमाम आएगी, ले जा मां की दुआ तेरे काम आएगी” — ने पूरे पंडाल को भावनाओं से भर दिया। वहीं कानपुर के कुमार मुकेश तरंग एवं त्रिदेव धाम सेवा परिवार के गायकों ने “किस्मत वालों को मिलता है श्याम तेरा दरबार”, “मेरे सपने में आते हैं खाटू के बाबा श्याम” जैसे भजनों से भक्ति की अविरल धारा बहाई।
भजन संध्या के उपरांत प्रभु को छप्पन भोग अर्पित कर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने अत्यंत अनुशासन एवं श्रद्धा भाव से प्रसाद ग्रहण किया। त्रिदेव धाम सेवा परिवार एवं मंदिर समिति श्री बाबा देहलूदास मंदिर ने आयोजन में सहयोग देने वाले समस्त भक्तों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भव्य आयोजन श्रद्धालुओं के निस्वार्थ प्रेम और समर्पण का परिणाम है।

UGC कानून के विरोध में गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों का जोरदार धरना-प्रदर्शन

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छात्र हितों के खिलाफ बताया नया कानून, सरकार से वापस लेने की मांग

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नए UGC कानून के विरोध में मंगलवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करते नजर आए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कानून को छात्र विरोधी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। इस दौरान “UGC कानून वापस लो”, “छात्र विरोधी कानून नहीं चलेगा” और “सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए गए।
धरने पर बैठे छात्रों का कहना था कि नया UGC कानून देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करेगा और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर सीधा हमला है। छात्रों के अनुसार इस कानून के लागू होने से विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ जाएगा, जिससे शैक्षणिक स्वतंत्रता समाप्त हो जाएगी और शिक्षा का तेजी से निजीकरण होगा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि नए UGC कानून के तहत शिक्षा को बाजार की वस्तु बनाया जा रहा है। इससे फीस में बढ़ोतरी होगी और गरीब, मध्यम वर्ग तथा ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना और भी कठिन हो जाएगा। छात्रों का कहना है कि यह कानून शिक्षा के समान अधिकार के मूल सिद्धांत के खिलाफ है।
धरने में शामिल एक छात्र ने कहा,
“यह कानून पूरी तरह से छात्र विरोधी है। अगर इसे लागू किया गया तो शिक्षा महंगी हो जाएगी और गरीब छात्रों के सपने टूट जाएंगे। हम इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे।”
वहीं एक अन्य छात्र ने कहा,
“UGC कानून के जरिए विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म की जा रही है। सरकार सीधे विश्वविद्यालयों के प्रशासन और अकादमिक फैसलों में हस्तक्षेप करना चाहती है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।”
छात्रों ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों की पहचान उनकी स्वायत्तता से होती है, लेकिन नया कानून उस स्वायत्तता को समाप्त कर देगा। इससे शोध, पाठ्यक्रम निर्माण और नियुक्तियों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा नुकसान छात्रों और शिक्षकों दोनों को होगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नायब तहसीलदार भागीरथी सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से छात्रों ने मांग की कि UGC बिल को सरकार तत्काल वापस ले और छात्र, शिक्षक एवं विश्वविद्यालय हितों के खिलाफ किसी भी कानून को लागू न किया जाए। छात्रों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में शांति व्यवस्था बनी रही। किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई और छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की गई।
छात्र नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ गोरखपुर विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरत पड़ी तो इसे प्रदेश और देश स्तर तक ले जाया जाएगा। छात्रों ने एकजुट होकर कहा कि वे अपने अधिकारों और शिक्षा के भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

44.28 करोड़ के विकास प्रस्तावों पर जिला पंचायत बोर्ड बैठक में सहमति

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला पंचायत सभागार में मंगलवार को आयोजित जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में जनपद के विकास कार्यों के लिए 44 करोड़ 28 लाख 36 हजार रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव ने की।
बैठक में क्षेत्रीय सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद, मेंहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी, धनघटा विधायक गणेश चौहान मौजूद रहे। इसके साथ ही मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक के दौरान जिला पंचायत के माध्यम से कराए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्तावों को लेकर सदस्यों ने अपने सुझाव रखे।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य शैलेन्द्र यादव, गौहर अली खान, राहुल यादव बादल, मोहम्मद अहमद समेत अन्य सदस्य भी बैठक में उपस्थित रहे। अधिकारियों को प्रस्तावों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।