संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने जनपद के विभिन्न विकासखंडों के 105 उच्च प्राथमिक विद्यालयों (कंपोजिट) में साफ-सफाई कार्य हेतु एक-एक सफाई कर्मियों को संबद्ध किया है।
जिलाधिकारी द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण में कई विद्यालयों के प्रांगण और शौचालयों में सफाई की कमी पाई गई थी। इसे गंभीरता से लेते हुए 105 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है।
साथ ही जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य ही सफाई कर्मियों की उपस्थिति प्रमाणित करें, जिसके बाद ही वेतन आहरण किया जाएगा। यह कदम विद्यालयों में स्वच्छता बनाए रखने और छात्रों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सफाई कर्मियों की तैनाती
Economic Survey 2026: रामायण की सीख, चीन के हैनान मॉडल का जिक्र
यूनियन बजट से पहले केंद्र सरकार की ओर से संसद में Economic Survey 2026 पेश किया गया। इस आर्थिक सर्वेक्षण में भारत की विकास रणनीति को समझाने के लिए प्राचीन महाकाव्य रामायण के एक प्रसंग का उदाहरण दिया गया है। सर्वे में यह बताया गया है कि भारत किस तरह अपने विरोधियों से भी सीख लेकर आगे बढ़ सकता है। साथ ही, यह भी साफ किया गया है कि यह प्रक्रिया आत्मनिर्भरता और स्वायत्तता से समझौता किए बिना संभव है।

रामायण के युद्ध कांड से क्या सीख बताई गई?
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में रामायण के युद्ध कांड से जुड़ी सीख का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, कठिन परिस्थितियों में भी रणनीति, धैर्य और सीखने की क्षमता सबसे अहम होती है।
सर्वे का मानना है कि आज की जटिल वैश्विक अर्थव्यवस्था में यह संदेश बेहद प्रासंगिक है। तेज होते वैश्विक तनाव और अस्थिर वित्तीय हालात के बीच भारत इस सोच को अपनी अंतरराष्ट्रीय रणनीति के रूप में अपना सकता है।
चीन ने हैनान को बनाया फ्री ट्रेड हब
इकोनॉमिक सर्वे में चीन के हैनान फ्री ट्रेड पोर्ट का भी जिक्र किया गया है। चीन ने पूरे हैनान द्वीप को एक विशेष आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया है।
2025 के अंत तक यहां पूरी तरह सीमा शुल्क व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके चलते यह इलाका कम टैरिफ वाला जोन बन चुका है।

हैनान का कस्टम सिस्टम क्यों है खास?
हैनान का कस्टम सिस्टम चीन के बाकी हिस्सों से अलग रखा गया है। यहां आयात पर बेहद कम शुल्क लिया जाता है।
इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर पर्याप्त वैल्यू एडिशन के बाद तैयार किए गए उत्पादों को बिना किसी अतिरिक्त टैक्स के पूरे चीन में बेचा जा सकता है। इससे निवेशकों और व्यापारियों को बड़ा फायदा मिल रहा है।
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भारत के लिए क्या संकेत देता है हैनान मॉडल?
वहीं, इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि भारत को हैनान फ्री ट्रेड पोर्ट को सिर्फ एक चुनौती के रूप में नहीं देखना चाहिए।
यह एक बड़े और धीरे-धीरे होने वाले बदलाव का संकेत है। आने वाले समय में यह एशिया के व्यापार मार्गों, लॉजिस्टिक्स सिस्टम और निवेश फैसलों को प्रभावित कर सकता है।
खासतौर पर उत्तरी हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में इसका असर देखने को मिल सकता है।
वैश्विक हालात को लेकर बढ़ती चिंता
इसके अलावा, सर्वे यह भी बताता है कि ये सभी बदलाव एक मुश्किल वैश्विक माहौल में हो रहे हैं। हालांकि दुनिया की अर्थव्यवस्था ने 2025 के झटकों को उम्मीद से बेहतर संभाल लिया था।
लेकिन अब हालात पहले जैसे सामान्य नहीं रहे हैं। अलग-अलग देशों की अर्थव्यवस्थाओं, बाजारों और राजनीतिक सिस्टम में आगे चलकर मध्यम से गंभीर स्तर की परेशानियों की आशंका बढ़ गई है।
आगे क्या हो सकता है?
आर्थिक सर्वे के अनुसार आने वाले समय में स्थिरता से ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में भारत के लिए जरूरी होगा कि वह अपनी नीतियों को लचीला और दूरदर्शी बनाए।
रामायण की सीख और वैश्विक उदाहरणों को ध्यान में रखते हुए भारत अपनी आर्थिक रणनीति को और मजबूत कर सकता है।
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अमेरिका ने पाकिस्तान को फिर दिया झटका, ट्रंप प्रशासन ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका ने एक बार फिर पाकिस्तान को बड़ा कूटनीतिक झटका दिया है। ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार 29 जनवरी 2026 को सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए पाकिस्तान जाने की योजना बना रहे अमेरिकी नागरिकों से अपने यात्रा प्लान पर दोबारा विचार करने की अपील की है। पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) ने अपनी ताज़ा ट्रैवल एडवाइजरी में कहा है कि अपराध, आतंकवाद और अपहरण के बढ़ते खतरे के कारण पाकिस्तान की यात्रा जोखिमभरी हो सकती है।
पाकिस्तान को लेवल-3 हाई रिस्क जोन में रखा
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने पाकिस्तान को लेवल-3 ट्रैवल एडवाइजरी में रखा है, जो हाई रिस्क जोन को दर्शाता है। इस श्रेणी में ऐसे देशों को शामिल किया जाता है, जहां बिना किसी चेतावनी के आतंकवादी हमले हो सकते हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, आतंकियों के संभावित टारगेट में—
• ट्रांसपोर्टेशन हब
• होटल, बाजार और शॉपिंग मॉल
• सेना और सुरक्षा ठिकाने
• एयरपोर्ट और ट्रेन
• स्कूल, अस्पताल
• पूजा स्थल और पर्यटन स्थल
• सरकारी इमारतें
शामिल हैं।
लेवल-4 इलाकों में यात्रा न करने की चेतावनी
एडवाइजरी में खैबर पख्तूनख्वा के कुछ हिस्सों और अन्य संवेदनशील इलाकों को लेवल-4 में रखा गया है, जिसका अर्थ है— यहां यात्रा बिल्कुल न करें।
अमेरिकी नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि इन क्षेत्रों में हत्या और अपहरण की घटनाएं आम हैं, खासकर सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों के खिलाफ।
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बलूचिस्तान और पूर्व FATA से दूर रहने की सलाह
अमेरिकी एडवाइजरी के अनुसार,
“आतंकवाद और अपहरण के खतरे के कारण अमेरिकी नागरिक बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की यात्रा न करें, जिसमें पूर्व का फेडरली एडमिनिस्टर्ड ट्राइबल एरिया (FATA) भी शामिल है।”
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि आतंकवादी हमले केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कराची और इस्लामाबाद जैसे बड़े शहरों में भी हो चुके हैं। यह चेतावनी पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिकों पर भी लागू होगी।
विरोध या सोशल मीडिया पोस्ट पर हो सकती है गिरफ्तारी
अमेरिकी विदेश विभाग ने यह भी आगाह किया कि पाकिस्तान में बिना परमिट विरोध या प्रदर्शन करना कानूनन प्रतिबंधित है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि—
• किसी विरोध के पास मौजूद होने पर भी सुरक्षा एजेंसियां कार्रवाई कर सकती हैं
• विरोध में शामिल होने पर अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया जा चुका है
• सोशल मीडिया पर पाकिस्तान सरकार, सेना या अधिकारियों की आलोचना करने पर भी हिरासत संभव है
ट्रंप ने एक महीने में पाकिस्तान को दूसरा झटका
इससे पहले इसी महीने ट्रंप प्रशासन ने 21 जनवरी से 75 देशों के आवेदकों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया सस्पेंड करने का ऐलान किया था। इसका असर दक्षिण एशिया के देशों पर भी पड़ा, जिनमें पाकिस्तान और बांग्लादेश शामिल हैं।
अमेरिकी वीजा पर रोक को लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि यह सस्पेंशन अस्थायी होगा और जल्द ही प्रक्रिया सामान्य हो सकती है, हालांकि तब तक आवेदनों का बैकलॉग बढ़ने की आशंका है।
30 जनवरी तक बढ़ी राशन वितरण की तिथि, पात्र लाभार्थियों को मिली राहत
आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों के लिए राहत की खबर है। तकनीकी कारणों से जिन लाभार्थियों को समय से खाद्यान्न नहीं मिल सका था, उनके लिए अब अतिरिक्त अवसर दिया गया है। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से राशन वितरण की अंतिम तिथि 28 जनवरी से बढ़ाकर 30 जनवरी 2026 कर दी गई है।
खाद्य एवं रसद विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है, ताकि कोई भी पात्र कार्डधारक राशन से वंचित न रहे। जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार तकनीकी समस्या के चलते कई लाभार्थी खाद्यान्न प्राप्त नहीं कर पाए थे, जिसे ध्यान में रखते हुए समय-सीमा बढ़ाई गई है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत अन्त्योदय राशन कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किलोग्राम निःशुल्क खाद्यान्न दिया जाएगा। इसमें 14 किलोग्राम गेहूं, 11 किलोग्राम चावल और 10 किलोग्राम बाजरा शामिल है।
वहीं पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों को प्रति यूनिट 5 किलोग्राम खाद्यान्न मिलेगा, जिसमें 2 किलोग्राम गेहूं, 1 किलोग्राम चावल और 2 किलोग्राम बाजरा शामिल है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पोर्टेबिलिटी सुविधा के तहत लाभार्थी किसी भी उचित दर की दुकान से 30 जनवरी 2026 तक राशन प्राप्त कर सकते हैं। सभी कार्डधारकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि के भीतर खाद्यान्न अवश्य प्राप्त कर लें।
भारत और मेवाड़ को दिशा देने वाले महान व्यक्तित्वों के ऐतिहासिक निधन
30 जनवरी का इतिहास
30 जनवरी का इतिहास भारतीय और विश्व इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि के रूप में दर्ज है। यह दिन न केवल शोक का प्रतीक है, बल्कि उन महान व्यक्तित्वों की स्मृति का भी अवसर है जिन्होंने अपने विचारों, संघर्षों और योगदान से समाज, राष्ट्र और संस्कृति को नई दिशा दी। 30 जनवरी को हुए निधन भारत के राजनीतिक, साहित्यिक, सैन्य और सामाजिक इतिहास में अमिट छाप छोड़ते हैं।
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महात्मा गांधी (30 जनवरी 1948)
महात्मा गांधी का निधन भारतीय इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक है। राष्ट्रपिता गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर भारत को स्वतंत्रता दिलाई। उनका जीवन मानवता, शांति और नैतिक साहस का प्रतीक है। 30 जनवरी को उनका बलिदान आज भी पूरे विश्व को अहिंसा का संदेश देता है।
राणा संग्राम सिंह (30 जनवरी 1530)
मेवाड़ के महान योद्धा राणा संग्राम सिंह, जिन्हें इतिहास में राणा सांगा के नाम से जाना जाता है, भारतीय स्वाभिमान और शौर्य के प्रतीक थे। उन्होंने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष कर राजपूताना की आन-बान-शान को अक्षुण्ण रखा। 30 जनवरी का इतिहास राणा सांगा की वीरगाथा के बिना अधूरा है।
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माखनलाल चतुर्वेदी (30 जनवरी 1968)
हिन्दी साहित्य के स्तंभ माखनलाल चतुर्वेदी एक महान कवि, लेखक और स्वतंत्रता सेनानी थे। उनकी रचनाओं में राष्ट्रभक्ति, मानवता और संवेदना का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। उनका साहित्य आज भी युवाओं को प्रेरित करता है।
के. वी. कृष्ण राव (30 जनवरी 2016)
पूर्व भारतीय थल सेना प्रमुख के. वी. कृष्ण राव ने भारतीय सेना को आधुनिक और संगठित स्वरूप देने में अहम भूमिका निभाई। उनका सैन्य योगदान भारत की रक्षा नीति के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।
नाथूराम प्रेमी (30 जनवरी 1960)
प्रसिद्ध लेखक, कवि, भाषाविद और संपादक नाथूराम प्रेमी हिन्दी भाषा और साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तित्व थे। उन्होंने साहित्य को सामाजिक चेतना से जोड़ने का कार्य किया।
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जे. सी. कुमारप्पा (30 जनवरी 1960)
गांधीवादी अर्थशास्त्री जे. सी. कुमारप्पा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूत किया। उनके विचार आज भी सतत विकास की दिशा में प्रासंगिक हैं।
🔶 निष्कर्ष
30 जनवरी को हुए ऐतिहासिक निधन हमें यह याद दिलाते हैं कि महान व्यक्तित्व भले ही शरीर से विदा हो जाएं, लेकिन उनके विचार और योगदान सदैव जीवित रहते हैं। 30 जनवरी का इतिहास त्याग, साहस, विचार और प्रेरणा का संगम है।
30 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध लोग: प्रेरणा, विचार और परिवर्तन की कहानी
✨ महत्वपूर्ण इतिहास | 30 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व
30 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व भारतीय और विश्व इतिहास में विशेष स्थान रखते हैं। यह दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि साहित्य, कला, कृषि, पर्यावरण संरक्षण, सिनेमा और राजनीति में असाधारण योगदान देने वाली विभूतियों का प्रतीक है।
30 जनवरी जन्म इतिहास हमें यह समझने का अवसर देता है कि किस प्रकार अलग-अलग क्षेत्रों में जन्मे व्यक्तियों ने समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में अपनी अमिट छाप छोड़ी।
आज हम 30 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध लोग और उनके योगदान को विस्तार से जानेंगे, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
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✍️ जयशंकर प्रसाद (जन्म: 30 जनवरी 1890)
30 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व में जयशंकर प्रसाद का नाम हिंदी साहित्य के स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज है। वे छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों में से एक थे।
उनकी कालजयी कृति ‘कामायनी’ न केवल एक महाकाव्य है, बल्कि दर्शन, मनोविज्ञान और मानव चेतना का गहन विश्लेषण भी प्रस्तुत करती है।
‘चन्द्रगुप्त’, ‘स्कंदगुप्त’ और ‘ध्रुवस्वामिनी’ जैसे नाटक भारतीय इतिहास और राष्ट्रबोध को सशक्त करते हैं।
जयशंकर प्रसाद का योगदान 30 जनवरी जन्म इतिहास को साहित्यिक गरिमा प्रदान करता है।
🌾 सी. सुब्रह्मण्यम (जन्म: 30 जनवरी 1910)
भारत में हरित क्रांति के पिता कहे जाने वाले सी. सुब्रह्मण्यम का जन्म भी 30 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व की सूची को गौरवान्वित करता है।
उन्होंने कृषि मंत्री के रूप में आधुनिक बीज तकनीक, सिंचाई व्यवस्था और खाद उपयोग को बढ़ावा दिया।
उनकी नीतियों के कारण भारत खाद्यान्न संकट से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा।
30 जनवरी का इतिहास भारतीय कृषि परिवर्तन का साक्षी है।
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🎨 अमृता शेरगिल (जन्म: 30 जनवरी 1913)
30 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध लोग में अमृता शेरगिल भारतीय आधुनिक चित्रकला की सबसे प्रभावशाली कलाकार मानी जाती हैं।
उन्होंने भारतीय ग्रामीण जीवन, स्त्री संवेदनाओं और सामाजिक यथार्थ को चित्रों के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाई।
उनकी पेंटिंग्स आज भी राष्ट्रीय धरोहर मानी जाती हैं।
30 जनवरी जन्म इतिहास कला और सौंदर्यबोध का प्रतीक बन जाता है।
🌿 कैलास सांखला (जन्म: 30 जनवरी 1925)
प्रसिद्ध प्रकृतिवादी और संरक्षणवादी कैलास सांखला भी 30 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व में शामिल हैं।
वे भारत के पहले प्रोजेक्ट टाइगर डायरेक्टर रहे।
रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनका योगदान 30 जनवरी का इतिहास को विशेष बनाता है।
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🌍 ओलोफ़ पाल्मे (जन्म: 30 जनवरी 1927)
स्वीडन के प्रधानमंत्री रहे ओलोफ़ पाल्मे एक प्रखर लोकतांत्रिक नेता थे।
वे वैश्विक शांति, मानवाधिकार और सामाजिक न्याय के प्रबल समर्थक रहे।
उनका नाम 30 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान के साथ लिया जाता है।
🎬 रमेश देव (जन्म: 30 जनवरी 1929)
भारतीय सिनेमा के सशक्त चरित्र अभिनेता रमेश देव ने सैकड़ों फिल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाईं।
उनकी सादगी और अभिनय शैली ने उन्हें दर्शकों के दिलों में विशेष स्थान दिलाया।
30 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध लोग में उनका योगदान सिनेमा जगत को समृद्ध करता है।
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🏛️ प्रकाश जावड़ेकर (जन्म: 30 जनवरी 1951)
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर आधुनिक राजनीति के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।
शिक्षा, पर्यावरण और सूचना-प्रसारण मंत्रालय में उनके कार्यकाल को उल्लेखनीय माना जाता है।
वे 30 जनवरी जन्म इतिहास में समकालीन राजनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं।
📌 निष्कर्ष
30 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व विविध क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं।
साहित्य से लेकर राजनीति, कला से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक, इन विभूतियों ने मानव सभ्यता को दिशा दी।
30 जनवरी का इतिहास हमें प्रेरणा देता है कि समर्पण, विचार और कर्म से समाज में स्थायी परिवर्तन संभव है।
30 जनवरी का इतिहास: विश्व और भारत के लिए निर्णायक दिन
30 जनवरी का इतिहास केवल तारीखों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह वह दर्पण है जिसमें मानव सभ्यता के संघर्ष, बलिदान, सत्ता परिवर्तन, युद्ध, शांति और सामाजिक बदलाव स्पष्ट दिखाई देते हैं।
30 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के राजनीतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक विकास की कहानी कहती हैं।
भारत में यह दिन महात्मा गांधी के बलिदान के कारण शहादत और आत्मचिंतन का प्रतीक बन गया है, वहीं विश्व इतिहास में यह दिन साम्राज्यों के पतन, युद्धों के अंत और नए राष्ट्रों के उदय का साक्षी रहा है।
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प्राचीन और मध्यकालीन घटनाएँ (1522–1790)
1522 में ल्यूबेक और डेनमार्क के बीच युद्ध ने यूरोप की समुद्री राजनीति को नया मोड़ दिया। यह संघर्ष उत्तरी यूरोप में शक्ति संतुलन की लड़ाई का हिस्सा था।
1641 में पुर्तग़ाल ने मलक्का की खाड़ी और मलाया डचों को सौंप दी, जिससे एशिया में यूरोपीय व्यापारिक शक्तियों की दिशा बदल गई।
1648 में स्पेन और हॉलैंड के बीच शांति समझौता हुआ, जिसने लंबे समय तक चले युद्धों का अंत किया और आधुनिक राष्ट्र-राज्य प्रणाली को मजबूती दी।
1649 का वर्ष विश्व इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है, जब इंग्लैंड के सम्राट चार्ल्स प्रथम को फांसी दी गई। यह घटना राजशाही के खिलाफ जनतांत्रिक चेतना का प्रतीक बनी।
1788 में ब्रिटिश राजवंश के दावेदार चार्ल्स एडवर्ड स्टुअर्ट का रोम में निधन हुआ, जिससे ब्रिटिश सत्ता संघर्ष का एक अध्याय समाप्त हुआ।
1790 में लाइफबोट के रूप में बनी पहली नाव का परीक्षण टायन नदी में किया गया, जिसने समुद्री सुरक्षा को नई दिशा दी।
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औपनिवेशिक और राष्ट्रवादी दौर (1902–1933)
1902 में ब्रिटेन और जापान के बीच आंग्ल-जापानी संधि पर हस्ताक्षर हुए। यह एशिया में साम्राज्यवादी राजनीति का बड़ा संकेत था।
1903 में भारत में लॉर्ड कर्ज़न द्वारा इंपीरियल लाइब्रेरी का उद्घाटन हुआ, जो आज राष्ट्रीय पुस्तकालय के रूप में प्रसिद्ध है।
1911 में कैनेडियन नेवल सर्विस का नाम बदलकर रॉयल कैनेडियन नेवी किया गया।
1913 में हाउस ऑफ लॉर्ड्स द्वारा आयरिश होम रूल बिल को खारिज किया जाना आयरलैंड के स्वतंत्रता संघर्ष का निर्णायक मोड़ बना।
1933 में एडॉल्फ हिटलर का जर्मनी का चांसलर बनना, दुनिया को द्वितीय विश्व युद्ध की ओर ले जाने वाली सबसे भयावह घटना साबित हुआ।
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युद्ध, शांति और बलिदान (1943–1957)
1943 में स्टालिनग्राड के पास जर्मन सेना की हार, द्वितीय विश्व युद्ध में निर्णायक मोड़ बनी।
30 जनवरी 1948 का दिन भारतीय इतिहास में महात्मा गांधी की हत्या के कारण अमर हो गया। यह दिन आज शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।
1949 में रात्रि एयर मेल सेवा की शुरुआत हुई, जिसने संचार व्यवस्था को आधुनिक बनाया।
1957 में राष्ट्र संघ द्वारा दक्षिण अफ्रीका से नस्लभेदी नीति पर पुनर्विचार की अपील, मानवाधिकार आंदोलन की महत्वपूर्ण कड़ी बनी।
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सत्ता परिवर्तन और वैश्विक राजनीति (1964–1989)
1964 में दक्षिण वियतनाम में सैन्य तख्तापलट, शीत युद्ध की राजनीति का परिणाम था।
1971 और 1974 में इंडियन एयरलाइंस के फोकर फ्रेंडशिप विमान का अपहरण, भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए चेतावनी साबित हुआ।
1972 में पाकिस्तान का राष्ट्रमंडल से अलग होना, उसकी अंतरराष्ट्रीय नीति में बदलाव का संकेत था।
1979 में रोडेशिया का नया संविधान, अश्वेतों को सत्ता में भागीदारी का अधिकार देने वाला ऐतिहासिक कदम था।
1989 में अमेरिका द्वारा काबुल स्थित दूतावास बंद किया जाना, अफगान संकट की गंभीरता दर्शाता है।
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आधुनिक दौर की महत्वपूर्ण घटनाएँ (1991–2010)
1991 में इराकी सेना द्वारा सऊदी सीमा के पास हमला, खाड़ी युद्ध की भयावहता को उजागर करता है।
1997 में महात्मा गांधी की अस्थियों का संगम में विसर्जन, राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़ा ऐतिहासिक क्षण था।
2001 में गुजरात भूकंप, आधुनिक भारत की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक रहा।
2007 में टाटा समूह द्वारा कोरस ग्रुप का अधिग्रहण, भारतीय उद्योग के वैश्विक विस्तार का प्रतीक बना।
2008 में तेलगी स्टांप घोटाले में सजा, न्यायिक इतिहास की बड़ी घटना रही।
2010 में रोजर फेडरर, सेरेना विलियम्स और लिएंडर पेस की ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत, खेल इतिहास में दर्ज हुई।
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30 जनवरी का महत्व आज भी क्यों प्रासंगिक है?
30 जनवरी का इतिहास हमें सत्ता, अहंकार और हिंसा के परिणामों की याद दिलाता है।
महात्मा गांधी का बलिदान आज भी सत्य, अहिंसा और मानवता का मार्ग दिखाता है।
यह दिन हमें बताता है कि इतिहास केवल बीता हुआ समय नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला मार्गदर्शक है।
निष्कर्ष
30 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ विश्व इतिहास की रीढ़ हैं।
यह दिन संघर्ष, बलिदान, चेतावनी और प्रेरणा—सभी का संगम है।
इतिहास को जानना केवल ज्ञान नहीं, बल्कि समाज को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी है।
आज आपका मूलांक क्या कहता है भविष्य के बारे में
🔶 आज का मूलांक राशिफल: अंक ज्योतिष से जानिए पैसा, नौकरी, व्यवसाय, करियर और प्रेम जीवन का भविष्य
अंक ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति की जन्म तिथि उसके स्वभाव, निर्णय क्षमता, सफलता और जीवन की दिशा को प्रभावित करती है। आज का मूलांक राशिफल आपके रुपये-पैसे, नौकरी, व्यापार, शिक्षा, करियर, राजनीति और प्रेम जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण संकेत देता है। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक का विस्तृत भविष्यफल और उपाय।
🔴 मूलांक 1 राशिफल (Mulank 1 Today)
जन्म तिथि: 1, 10, 19, 28
स्वामी ग्रह: सूर्य देव
आज मूलांक 1 वालों के लिए आत्मविश्वास से भरा दिन है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत अब रंग लाने लगी है। नौकरी में पदोन्नति, सम्मान या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यवसायियों को नए कॉन्ट्रैक्ट और सरकारी क्षेत्र से लाभ मिलने के योग हैं।
राजनीति से जुड़े लोगों की छवि मजबूत होगी। प्रेम जीवन में अहंकार से बचें।
उपाय: लाल रंग के फूल शिवलिंग पर अर्पित करें।
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🌙 मूलांक 2 राशिफल (Mulank 2 Today)
जन्म तिथि: 2, 11, 20, 29
स्वामी ग्रह: चंद्र देव
आज किया गया सही निर्णय भविष्य में बड़ा लाभ देगा। व्यवसाय और निवेश में स्थिरता आएगी। नौकरीपेशा लोगों को सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता बढ़ेगी।
प्रेम संबंधों में भावनात्मक जुड़ाव गहरा होगा।
उपाय: पीपल के वृक्ष पर दूध अर्पित करें।
🟡 मूलांक 3 राशिफल (Mulank 3 Today)
जन्म तिथि: 3, 12, 21, 30
स्वामी ग्रह: बृहस्पति
आज आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। शिक्षा, प्रशासन, राजनीति और सलाहकार क्षेत्र में सफलता मिलेगी।
घर के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद आपके निर्णयों को सही दिशा देगा। प्रेम जीवन में स्थिरता रहेगी।
उपाय: गुरुजनों और शिक्षकों का सम्मान करें।
🌪️ मूलांक 4 राशिफल (Mulank 4 Today)
जन्म तिथि: 4, 13, 22, 31
स्वामी ग्रह: राहु
आज अचानक कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं। नौकरी में बदलाव या स्थानांतरण के संकेत हैं। व्यापार में जोखिम से बचें। राजनीति में विरोधी सक्रिय रहेंगे।
धैर्य और रणनीति से काम लेंगे तो नुकसान नहीं होगा।
उपाय: ससुराल पक्ष से संबंध मधुर रखें।
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🟢 मूलांक 5 राशिफल (Mulank 5 Today)
जन्म तिथि: 5, 14, 23
स्वामी ग्रह: बुध
आज कार्यभार अधिक रहेगा, लेकिन मैनेजमेंट स्किल्स आपको आगे बढ़ाएंगी। मीडिया, मार्केटिंग, लेखन और टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए अच्छा दिन है।
प्रेम जीवन में संवाद की कमी तनाव दे सकती है।
उपाय: मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाएं।
💗 मूलांक 6 राशिफल (Mulank 6 Today)
जन्म तिथि: 6, 15, 24
स्वामी ग्रह: शुक्र
व्यवसाय में उतार-चढ़ाव के बावजूद जीवनसाथी का सहयोग संबल देगा। कला, फैशन, फिल्म और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को लाभ होगा।
प्रेम संबंधों में मिठास बढ़ेगी।
उपाय: दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
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🔮 मूलांक 7 राशिफल (Mulank 7 Today)
जन्म तिथि: 7, 16, 25
स्वामी ग्रह: केतु
आज कार्यस्थल पर प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। आपके काम से कुछ लोग असहज महसूस करेंगे। गोपनीयता बनाए रखें।
शोध, अध्यात्म और तकनीकी क्षेत्र में सफलता के योग हैं।
उपाय: केसर का तिलक लगाएं।
⚫ मूलांक 8 राशिफल (Mulank 8 Today)
जन्म तिथि: 8, 17, 26
स्वामी ग्रह: शनि
लंबे समय से अटके कार्यों में गति आएगी। नौकरी और व्यवसाय में स्थायित्व मिलेगा। राजनीति में मेहनत का फल मिलने का समय है।
धैर्य ही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
उपाय: काली उड़द दाल का दान करें।
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🔥 मूलांक 9 राशिफल (Mulank 9 Today)
जन्म तिथि: 9, 18, 27
स्वामी ग्रह: मंगल
मित्रों के माध्यम से शुभ समाचार मिलेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग हैं। व्यवसाय में नई साझेदारी बन सकती है।
प्रेम जीवन में उत्साह और ऊर्जा बनी रहेगी।
उपाय: हनुमान जी को बूंदी का प्रसाद अर्पित करें।
📌 निष्कर्ष – आज का मूलांक राशिफल जीवन के हर क्षेत्र में मार्गदर्शन देता है। सही उपाय और सकारात्मक सोच से आप चुनौतियों को अवसर में बदल सकते हैं। अंक ज्योतिष आपके निर्णयों को सशक्त बनाने का माध्यम है।
आज का पंचांग 30 जनवरी 2026: प्रदोष व्रत, राहुकाल और शुभ मुहूर्त जानिए
30 जनवरी 2026 का पंचांग: शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, तिथि, नक्षत्र और व्रत की सम्पूर्ण जानकारी
📜 30 जनवरी 2026 का पंचांग – विस्तृत विवरण
30 जनवरी 2026 का पंचांग भारतीय वैदिक परंपरा के अनुसार दैनिक जीवन, धार्मिक अनुष्ठानों, व्रत, विवाह, व्यापार, यात्रा और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज का दिन माघ शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि से प्रारंभ होकर त्रयोदशी में प्रवेश करता है।
पंचांग तिथि एवं संवत विवरण
तिथि – माघ शुक्ल पक्ष द्वादशी (11:09 AM तक)
उपरांत त्रयोदशी
वार – शुक्रवार
विक्रम संवत – 2082 (कालयुक्त)
शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
चंद्र मास – माघ (अमांत एवं पूर्णिमांत)
30 जनवरी 2026 का पंचांग धार्मिक दृष्टि से विशेष है क्योंकि आज प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा।
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🌟 नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र – आद्रा (03:27 AM तक), बाद में पुनर्वसु
योग – वैधृति (04:58 PM तक), फिर विष्कुम्भ
करण –
बालव (11:09 AM तक)
कौलव (09:47 PM तक)
तैतिल (रात्रि)
नक्षत्र और योग का प्रभाव आज के पंचांग 30 जनवरी 2026 को विशेष बनाता है।
☀️ सूर्य एवं चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय – 7:11 AM
सूर्यास्त – 6:08 PM
चन्द्रोदय – 3:27 PM
चन्द्रास्त – 5:45 AM (31 जनवरी)
सूर्य राशि – मकर
चंद्र राशि – मिथुन (पूरा दिन व रात)
⏳ शुभ मुहूर्त (Auspicious Time)
30 जनवरी 2026 का पंचांग शुभ कार्यों के लिए निम्न समय बताता है:
अभिजीत मुहूर्त – 12:18 PM से 01:01 PM
अमृत काल – 06:18 PM से 07:46 PM
ब्रह्म मुहूर्त – 05:35 AM से 06:23 AM
इन समयों में पूजा, निवेश, नया कार्य आरंभ करना अत्यंत शुभ माना गया है।
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⚠️ अशुभ काल (Inauspicious Time)
राहुकाल – 11:17 AM से 12:40 PM
यमगण्ड – 03:24 PM से 04:46 PM
दुर्मुहूर्त –
09:22 AM – 10:06 AM
01:01 PM – 01:45 PM
30 जनवरी 2026 के पंचांग के अनुसार इन समयों में शुभ कार्यों से बचना चाहिए।
🕉️ व्रत और त्योहार
प्रदोष व्रत
विश्वकर्मा जयंती
प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
🧭 दिन और रात का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
चर – 07:11 AM – 08:33 AM
लाभ – 08:33 AM – 09:55 AM
अमृत – 09:55 AM – 11:17 AM
काल – 11:17 AM – 12:40 PM
शुभ – 12:40 PM – 02:02 PM
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रात का चौघड़िया
लाभ – 09:24 PM – 11:02 PM
अमृत – 02:17 AM – 03:55 AM
30 जनवरी 2026 का पंचांग चौघड़िया के अनुसार यात्रा और व्यापार में मार्गदर्शन देता है।
🌙 चंद्रबल और ताराबल
चंद्रबल (31 जनवरी सुबह तक)
मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
ताराबल – आज अधिकांश नक्षत्रों के लिए अनुकूल
🔍 ज्योतिषीय दृष्टि से 30 जनवरी 2026 का महत्व
मिथुन राशि में चंद्रमा संवाद, व्यापार और शिक्षा के लिए अनुकूल
शुक्रवार होने से सौंदर्य, कला और धन से जुड़े कार्य सफल
प्रदोष व्रत से मानसिक शांति और रोग निवारण
इस प्रकार 30 जनवरी 2026 का पंचांग धार्मिक, ज्योतिषीय और व्यावहारिक—तीनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
📌 निष्कर्ष
यदि आप पूजा-पाठ, व्रत, यात्रा, व्यापार, विवाह या नया कार्य शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो 30 जनवरी 2026 का पंचांग आपके लिए सम्पूर्ण मार्गदर्शक है।
सही मुहूर्त और अशुभ काल की जानकारी जीवन को सफल बनाती है।
संत कबीर की धरती पर ‘माया का प्रकोप’
भव्यता के पीछे का सच: मगहर महोत्सव में स्थानीय कलाकारों के साथ अन्याय
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। संत कबीर की निर्वास्थली मगहर में चल रहे कबीर मगहर महोत्सव को इस वर्ष पहले से अधिक भव्य स्वरूप देने के लिए सरकारी स्तर पर अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन इसी बीच स्थानीय कलाकारों के पारिश्रमिक में भारी कटौती का मामला सामने आना कई सवाल खड़े कर रहा है। प्रसिद्ध भजन गायक गोरखनाथ मिश्र ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस मुद्दे को सार्वजनिक करते हुए आयोजन समिति और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
श्री मिश्र के अनुसार वर्ष 2025 के कबीर मगहर महोत्सव में उन्होंने आयोजन समिति के आमंत्रण पर अपनी टीम के साथ प्रस्तुति दी थी। उस समय उन्हें अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया था और 20 हजार रुपए का पारिश्रमिक प्रदान किया गया था। यह सम्मान और पारिश्रमिक उनके लिए केवल आर्थिक नहीं, बल्कि कला के प्रति सम्मान का प्रतीक था।
लेकिन इस वर्ष 2026 में आयोजित हो रहे मगहर महोत्सव के लिए उन्हें पहले मात्र 2100 रुपए भुगतान की बात कही गई। बाद में यह राशि बढ़ाकर 5100 रुपए किए जाने की सूचना दी गई। श्री मिश्र के वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि उनकी टीम में म्यूजीशियन कलाकार और कई सहयोगी कलाकार शामिल रहते हैं, जिनका न्यूनतम पारिश्रमिक ही लगभग 12 हजार रुपए बैठता है। ऐसे में 5100 रुपए में कार्यक्रम करना न तो संभव है और न ही कलाकारों के आत्मसम्मान के अनुरूप।
उन्होंने अपने पोस्ट में बताया है कि इस विषय में जिलाधिकारी से बातचीत करने पर यह कहा गया कि धन की उपलब्धता सीमित है, इसलिए पूर्व वर्ष की तरह भुगतान संभव नहीं है। वहीं धनघटा और मेंहदावल क्षेत्र के विधायकों द्वारा उनका नाम कार्यक्रम में शामिल कराने के प्रयास भी किए गए। परंतु वे भी असफल रहे और आयोजन समिति की हठधर्मिता के चलते उन्हें महोत्सव में प्रस्तुति देने से वंचित होना पड़ रहा है।
यह मामला केवल एक कलाकार तक सीमित नहीं है, बल्कि मगहर महोत्सव जैसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन में स्थानीय प्रतिभाओं के साथ हो रहे व्यवहार को उजागर करता है। सवाल यह है कि जब मंच भव्य बनाए जा रहे हैं, बाहरी आयोजनों पर खर्च हो रहा है, तो स्थानीय कलाकारों के मेहनताना में कटौती क्यों?
संत कबीरदास ने सदियों पहले चेताया था “माया महा ठगनी हम जानी”। आज उन्हीं संत कबीर की धरती पर यह पंक्ति फिर जीवंत होती दिख रही है, जहां भव्यता के आवरण में कलाकारों का श्रम, सम्मान और आत्मसम्मान ठगा जा रहा है। मगहर महोत्सव में उभरा यह विवाद संस्कृति के नाम पर हो रहे अन्याय की ओर इशारा करता है।
लंबे समय से अनुपस्थित कर्मचारी को अंतिम चेतावनी
आगरा (राष्ट्र की परम्परा)।बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी कार्यालय, आगरा ने लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रही एक महिला कर्मचारी को अंतिम चेतावनी जारी की है। कार्यालय के अनुसार, रीना यादव, पुत्री स्वर्गीय महेश चंद यादव, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी कार्यालय, आगरा में अनुसेवक के पद पर नियुक्त हैं।रीना यादव की नियुक्ति 15 अक्टूबर 2012 को हुई थी, लेकिन वह 1 नवंबर 2015 से बिना किसी पूर्व सूचना या वैध कारण के लगातार अनुपस्थित चल रही हैं। विभाग द्वारा कई बार संपर्क और नोटिस भेजे जाने के बावजूद न तो कोई स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ और न ही कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई गई।विभागीय स्तर पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई, जिसमें लगाए गए सभी आरोप जांच में प्रमाणित पाए गए। इसके बाद सेवा से पृथक करने का नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन संबंधित कर्मचारी की ओर से कोई उत्तर नहीं दिया गया।बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित कर्मचारी तत्काल अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं होती हैं, तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। यह नोटिस अंतिम अवसर के रूप में जारी किया गया है।प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि सरकारी सेवाओं में अनुशासन सर्वोपरि है और लंबे समय तक बिना सूचना के अनुपस्थित रहना सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन है। विभाग ने संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह प्रकरण सरकारी कार्यालयों में कार्य संस्कृति और जवाबदेही के महत्व को रेखांकित करता है।टैग: आगरा, चकबंदी विभाग, अनुशासनात्मक कार्रवाई, सरकारी कर्मचारी
विकास की सौगात: पंडित अलगू राय शास्त्री के नाम पर बस स्टेशन, करोड़ों की परियोजनाओं का लोकार्पण
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और संविधान सभा के सदस्य स्वर्गीय पंडित अलगू राय शास्त्री की जयंती पर मऊ जिले को महत्वपूर्ण विकास सौगात मिली। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ बस डिपो का नामकरण जनभावनाओं के अनुरूप पंडित अलगू राय शास्त्री बस स्टेशन के रूप में किया और कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
कार्यक्रम के दौरान बस स्टेशन परिसर में लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक अतिथि गृह का शिलान्यास किया गया। इसके साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित अलगू राय शास्त्री की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया तथा परिसर में विकसित मिनी पार्क के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि पंडित अलगू राय शास्त्री बस स्टेशन अब केवल यातायात का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति, इतिहास और जनसेवा का प्रतीक बनेगा। उन्होंने भावुक क्षणों में बताया कि उनके जीवन के लगभग दस वर्ष इस बस स्टेशन से जुड़े रहे हैं, जिससे उनका इस स्थान से गहरा आत्मीय संबंध है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल नामकरण या भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण और सुव्यवस्थित सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना है। इसी सोच के तहत बस स्टेशन का कायाकल्प किया गया है, जो मऊ जिले के समग्र विकास को नई दिशा देगा।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने इस पहल को ऐतिहासिक और जनभावनाओं से जुड़ा कदम बताया।
गन्ने के साथ दलहन खेती को बढ़ावा, किसानों को मुफ्त उर्द-मूंग बीज मिनीकिट
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निःशुल्क दलहन बीज मिनीकिट योजना 2025-26 संचालित कर रही है। योजना के तहत गन्ने के साथ दलहनी फसलों की अंतःफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को उर्द और मूंग के निःशुल्क बीज मिनीकिट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जनपद के उप कृषि निदेशक अतिंद्र सिंह ने बताया कि योजना का लाभ वही किसान ले सकते हैं जो कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकृत हैं। पात्र किसान पोर्टल के माध्यम से बीज मिनीकिट की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।
योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 8 किलोग्राम तथा प्रति हेक्टेयर 20 किलोग्राम उर्द एवं मूंग बीज मिनीकिट दिए जा रहे हैं। बुकिंग प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद चयनित लाभार्थियों को POS मशीन के माध्यम से पूरी तरह निःशुल्क बीज वितरित किए जाएंगे।
यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए लाभकारी है जो गन्ने की खेती के साथ अतिरिक्त आय के लिए दलहनी फसलों को अपनाना चाहते हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे 31 जनवरी 2026 से पहले
agridarshan.up.gov.in पर पंजीकरण एवं बुकिंग प्रक्रिया पूरी कर लें।
यह योजना न केवल किसानों की लागत घटाने में सहायक होगी, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और उत्पादन सुधार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बंदियों की सुविधाओं और विधिक सहायता का गहन निरीक्षण
कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)l जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के सचिव प्रभात सिंह ने गुरुवार को जिला कारागार देवरिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य कुशीनगर जनपद के निरुद्ध बंदियों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और उन्हें दी जा रही विधिक सहायता का मूल्यांकन करना था।
निरीक्षण में सामने आया कि कारागार में कुशीनगर से कुल 844 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 88 सिद्धदोषी (85 पुरुष, 3 महिला), 743 विचाराधीन (680 पुरुष, 25 महिला, 37 अल्पवयस्क) और अन्य 13 बंदी (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत 4 पुरुष, 7 सिविल बंदी, 2 विदेशी नागरिक) शामिल हैं। महिला बंदियों के साथ 3 छोटे बच्चे भी जेल में रह रहे हैं।
सचिव ने कारागार के बैरक, पाकशाला, चिकित्सालय, महिला बैरक और लीगल एड क्लिनिक का निरीक्षण किया। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और विधिक सहायता का बारीकी से मूल्यांकन किया गया। जेल अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि सभी व्यवस्थाएं जेल मैनुअल के अनुसार सुनिश्चित की जाएं।
सचिव ने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं पूछीं, लेकिन किसी ने गंभीर शिकायत नहीं की। उन्होंने बताया कि जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं, वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर के माध्यम से निःशुल्क सरकारी अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। विचाराधीन बंदियों के मामलों की समीक्षा करते हुए रिहाई योग्य बंदियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कराई गई। लीगल एड क्लिनिक के पीएलवी को निर्देश दिए गए कि वे बंदियों के प्रार्थना-पत्र समय से प्राधिकरण को भेजें, ताकि कोई भी बंदी न्याय से वंचित न रहे।
एसआईआर के तहत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों संग डीएम की अहम बैठक, मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने पर विशेष जोर
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध एवं पारदर्शी बनाए जाने के उद्देश्य से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य मतदाता सूची पुनरीक्षण की अब तक की प्रगति से राजनीतिक दलों को अवगत कराना तथा इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि एसआईआर के अंतर्गत मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, अपात्र अथवा मृत मतदाताओं के नाम हटाने तथा विवरणों में सुधार की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है। उन्होंने फॉर्म–06, फॉर्म–07 एवं फॉर्म–08 से संबंधित आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि 28 अक्टूबर से अब तक कुल 43,755 फॉर्म–06 प्राप्त हुए हैं, जिनमें 43,517 ऑनलाइन एवं 238 ऑफलाइन आवेदन शामिल हैं। इसी प्रकार नाम विलोपन के लिए कुल 1,482 फॉर्म–07 प्राप्त हुए हैं, जिनमें केवल एक आवेदन ऑनलाइन दर्ज हुआ है। वहीं संशोधन के लिए कुल 10,975 फॉर्म–08 भरे गए हैं, जिनमें 10,840 ऑनलाइन तथा 135 ऑफलाइन हैं।उन्होंने कहा कि ऑनलाइन आवेदनों की अधिक संख्या यह दर्शाती है कि मतदाता डिजिटल माध्यमों के प्रति जागरूक हो रहे हैं, जो निर्वाचन प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने नो- मैपिंग मतदाताओं, दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई, सत्यापन और निस्तारण की निर्धारित समयसीमा की जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने एसआईआर प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित बताते हुए जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। जिलाधिकारी ने 31 जनवरी एवं 05 फरवरी को आयोजित होने वाले विशेष अभियान की जानकारी देते हुए सभी राजनीतिक दलों से अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं को जोड़ने में सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन तिथियों पर बीएलओ और सुपरवाइज़र पूरे समय तैनात रहेंगे तथा किसी भी पात्र नागरिक को मतदाता सूची में नामांकन से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
इस दौरान बैठक में सहायक निर्वाचन अधिकारी नंद प्रकाश मौर्य, सपा जिला सचिव शमशुल हुदा, बसपा उपाध्यक्ष तबाकर हुसैन, कांग्रेस जिला महासचिव अफजल अब्बासी, भाजपा नगर अध्यक्ष आकाश श्रीवास्तव, जिला महामंत्री गोविंद जायसवाल सहित भाजपा युवा मोर्चा एवं अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।
