Wednesday, May 6, 2026
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बजट में मोदी सरकार ने रखा सभी वर्ग का ख्याल

बजट से भाजपाई खुश,मिठाई खिला जाहिर की खुशी

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।केन्द्र सरकार द्वारा सभी वर्गों के हित मे बजट पेश करने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिला पंचायत परिसर में एक-दूसरे को मिठाई खिला खुशी व्यक्त किया।
इस दौरान पूर्व जिलाउपाध्यक्ष भाजपा अजय उपाध्याय ने कहा कि एनडीए सरकार को है आम आदमी का खयाल है।बजट 2026-27 केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि हर भारतीय के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम है। सरकार ने रोजमर्रा की जरूरतों को सस्ता कर आम आदमी की जेब को बड़ी राहत दी है।एक कर्तव्यनिष्ठ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कर्तव्य भवन से बना और कर्तव्य पथ पर चलने के संकल्प को साकार करता बजट 2026 में देश के भविष्य के प्रति सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पूर्व जिलाध्यक्ष भाजयुमो दुर्गेश पाण्डेय ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास के संकल्प को सिद्धि तक ले जाने वाला यह बजट वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को रेखांकित करता है।यह बजट गरीब, किसान, महिला, युवा सहित समाज के हर वर्ग के कल्याण के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करता हूं तथा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं उनकी पूरी टीम को हृदय से धन्यवाद देता हूं।
इस दौरान अम्बिकेश पाण्डेय,पुनीत सिंह,अजय दूबे वत्स,रजनीश तिवारी,नवीन तिवारी,रत्नेश्वर गर्ग आदि रहें।

धूमधाम व श्रद्धा के साथ मनाई गई संत शिरोमणि रविदास महराज की जयंती

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। नौतनवां ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत निपनिया में रविवार को संत शिरोमणि रविदास महराज की जयंती बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली और पूरे गांव में धार्मिक एवं सकारात्मक वातावरण बना रहा।
जयंती के अवसर पर ग्रामीणों ने केक काटकर संत रविदास महराज को नमन किया तथा उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान संत रविदास महराज के विचारों और उनके द्वारा दिए गए सामाजिक संदेशों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास महाराज ने अपने जीवन और उपदेशों के माध्यम से समाज को समानता, भाईचारा और मानवता का मार्ग दिखाया। वे सामाजिक कुरीतियों के प्रबल विरोधी थे और उन्होंने जाति- पाति से ऊपर उठकर मानव धर्म को सर्वोपरि बताया।
वक्ताओं ने संत रविदास महराज के प्रसिद्ध कथन मन चंगा तो कठौती में गंगा का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति बाहरी आडंबर में नहीं, बल्कि मन की शुद्धता और अच्छे कर्मों में निहित है। उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम में विकास भारती, केदार भारती, मंजू देवी, इंद्रावती देवी, खुशी गौतम, खुशबू गौतम, सलोनी, किरण, इंदु, शशिकला, राजकुमारी, कुसमावती, प्रिंस, सत्य, आर्यन, शिवानी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही। सभी ने सामूहिक रूप से संत रविदास महराज के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में आपसी सद्भाव, प्रेम और भाई-चारे को बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में लोगों ने एक-दूसरे को जयंती की शुभकामनाएं दीं। आयोजन को लेकर पूरे गांव में उत्साह, उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना रहा।

संत रविदास ने जात पात का खंडन कर दिखाया आत्मज्ञान का मार्ग – डॉ धर्मेन्द्र पांडेय

कांग्रेसियों ने मनाई संत रविदास की जयंती

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। मध्य काल के प्रमुख भारतीय संत,कवि रविदास जी की जयंती ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय पर उनके चित्र पर माल्यार्पण के साथ गोष्ठी का आयोजन कर धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान सम्बोधित करते हुए कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि संत रविदास जी ने जात पात का खंडन कर लोगों को आत्मज्ञान का मार्ग दिखाया।उनके विचारों का आशय यही था कि ईश्वर की भक्ति बड़े भाग्य से प्राप्त होता है।अभिमान रहित व्यक्ति ही जीवन में सफल रहता है।दलित नेता रजनीश प्रसाद ने कहा कि संत रविदास ने हमेशा कर्म को ही प्रधान माना,उन्होंने मानव समाज के व्यापक हित की कामना सदैव किया। ब्लॉक अध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने कहा कि संत रविदास के विचारों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। वह अपने पूरे जीवन मे दिखावा को महत्व नहीं दिए। परमानंद प्रसाद ने कहा कि वह दलित समाज के प्रमुख गुरु थे,उन्होंने सबको सदमार्ग पर चलने का सलाह दिया। गोष्ठी को लालसाहब यादव, श्यामबदन तिवारी, मनोज पांडेय,सुनील तिवारी, अच्छेलाल राजभर, राज पटवा,जाबिर खान,चंदन कुमार, अखिलेश मिश्र, मोहन प्रसाद,विजयलाल, अवधेश यादव, अवधेश पांडेय ,राकेश यादव आदि ने सम्बोधित किया।

बरठा चौराहा स्थित राष्ट्रीय समानता दल कार्यालय में मनाई गई संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)बरठा चौराहा स्थित राष्ट्रीय समानता दल के कार्यालय पर आज दिनांक 1 फरवरी 2026, रविवार को संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष संजय दीप कुशवाहा ने कहा कि संत रविदास का दर्शन शोषणकारी व्यवस्था और साम्राज्य के विरुद्ध एक वैचारिक विद्रोह है। उन्होंने कहा कि संत रविदास का “बेगमपुरा” का सपना वास्तव में समानता, न्याय और गरिमा पर आधारित संविधानिक भारत की परिकल्पना है। संत रविदास ने जन्म आधारित ऊँच-नीच की व्यवस्था को खारिज करते हुए क्षमता और श्रम आधारित समाज की कल्पना प्रस्तुत की।
चंद्रिका पासवान ने कहा कि संत रविदास का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि अन्यायपूर्ण सामाजिक व्यवस्था के खिलाफ था।
छेदी गोसाई ने अपने वक्तव्य में कहा कि संत रविदास मानव गरिमा के प्रबल पक्षधर थे और उन्होंने मजदूर के पसीने में भगवान को खोजने का संदेश दिया।
गुड्डू कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान समय में बहुजन समाज के लिए संत रविदास का विद्रोही विचार और सामाजिक संदेश अत्यंत प्रासंगिक है।
अलाउद्दीन अंसारी ने संत रविदास को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शोषण को वैध ठहराने वाली मान्यताओं और ग्रंथों को नकारने का साहसिक संदेश दिया।
कार्यक्रम में अभय कुमार, विमलेश कुमार, सीताराम, जय नारायण कुशवाहा, उमेश कुशवाहा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मलेशिया की सेगी यूनिवर्सिटी संग गोरखपुर विश्वविद्यालय का पाँच वर्षीय एमओयू, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मिलेगी नई दिशा

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गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए मलेशिया की प्रतिष्ठित सेगी यूनिवर्सिटी (SEGi University) के साथ पाँच वर्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता भारत और मलेशिया के बीच शैक्षणिक सहयोग, संयुक्त अनुसंधान और सीमा-पार अकादमिक पहलों को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा।

विश्वविद्यालय वैश्विक शैक्षणिक सहभागिता और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक एकीकरण की दिशा में निरंतर अग्रसर है। इस सहयोग के माध्यम से भारत की समृद्ध बौद्धिक परंपरा को वैश्विक ज्ञान परिदृश्य से जोड़ने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।

एमओयू के तहत छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। विज्ञान, मानविकी और विधि जैसे विषयों में संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा, साथ ही विशेषीकृत शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का विकास किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों, सेमिनारों और कार्यशालाओं के आयोजन के साथ-साथ स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और शोधार्थियों के अकादमिक मार्गदर्शन को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त सेगी यूनिवर्सिटी, मलेशिया में गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए अकादमिक एवं अनुसंधान सहयोग मंच के रूप में कार्य करेगी और संयुक्त ऑनलाइन व ब्लेंडेड लर्निंग कार्यक्रमों की संभावनाओं को भी विकसित किया जाएगा।

यह एमओयू 1 फरवरी 2026 को क्यूएस समिट, गोवा के अवसर पर गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। समझौते में बौद्धिक संपदा अधिकार, संयुक्त प्रकाशन, गोपनीयता और संचालन तंत्र से जुड़े स्पष्ट प्रावधान शामिल हैं, जिससे पारदर्शिता और पारस्परिक लाभ सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि सेगी यूनिवर्सिटी के साथ यह साझेदारी विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सहयोग विद्यार्थियों और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव, वैश्विक शोध नेटवर्क तथा नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता के नए अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान को सशक्त करेगी और मूल्य-आधारित व सामाजिक रूप से प्रासंगिक शिक्षा को बढ़ावा देगी।

यह अंतरराष्ट्रीय एमओयू गोरखपुर विश्वविद्यालय की अग्रसर, नवोन्मेषी और वैश्विक दृष्टिकोण वाली अकादमिक नीति का स्पष्ट उदाहरण है, जो अनुसंधान, नवाचार, ज्ञान-विनिमय और सांस्कृतिक संवाद को प्रोत्साहित करते हुए विश्वविद्यालय को वैश्विक उच्च शिक्षा मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाएगा।

सरयू नदी में मिला अपहृत 9 वर्षीय बालक का शव, हत्या की आशंका

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बलिया(राष्ट्र की परम्परा) सहतवार थाना क्षेत्र के सिंगही गांव से बीते 25 जनवरी की शाम रहस्यमय ढंग से लापता हुए 9 वर्षीय युवक का शव रविवार को सरयू नदी से बरामद होने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बालक का शव धीरा छपरा टीएस-64 के सामने नदी में उतराता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस और परिजनों ने शव की शिनाख्त चंदन के इकलौते पुत्र अभिषेक के रूप में की।
परिजनों के अनुसार, अभिषेक घर से डेरे पर जाने के लिए निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो उसके चाचा गणेश ने उसी रात सहतवार थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से पुलिस और परिजन अपने-अपने स्तर से बालक की तलाश कर रहे थे।
रविवार को नदी में शव मिलने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। दादा नंद बिहारी, दादी शांति, पिता चंदन और मां आशा का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का आरोप है कि बालक की हत्या कर शव नदी में फेंका गया है। बहनें नेहा, कोमल और पलक भाई की मौत से बेसुध सी हो गई हैं।थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि मामले में पहले से अपहरण का मुकदमा दर्ज है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी है।

बजट 2026: पूर्वी उत्तर प्रदेश में निवेश और विकास की उम्मीद, लेकिन आयकर राहत नहीं, मध्यम वर्ग निराश

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त्वरित टिप्पणी: नवनीत मिश्र

भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया, जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और अवसर छिपे हैं। हालांकि, आयकर स्लैब में किसी तरह के बदलाव न होने से आम करदाताओं की उम्मीदों को झटका लगा। बजट पेश होने के तुरंत बाद शेयर बाजार में सेंसेक्स करीब 1500 अंकों और निफ्टी 600 अंकों से अधिक टूट गया, जिससे निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई।
बजट में बुनियादी ढांचे पर जोर दिया गया है। सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और डंकुनी (पश्चिम बंगाल) से सूरत तक एक फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। पूर्वांचल के लिए यह खास महत्व रखता है, क्योंकि इन कॉरिडोर से लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और मिर्जापुर जैसे शहरों को कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा। इससे माल व मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में निवेश और रोजगार दोनों बढ़ने की संभावना है।
शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सरकार ने घोषणा की है कि देश के प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास बनाया जाएगा। पूर्वांचल के लगभग 30 जिलों में यह कदम महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देगा। इसके अलावा लॉजिस्टिक हब के पास पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिससे गोरखपुर और वाराणसी जैसे शहरों में उच्च शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण के अवसर बढ़ेंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में पूर्वांचल के लिए राहत की खबर यह है कि कैंसर और अन्य गंभीर रोगों की दवाओं पर शुल्क में छूट दी गई है। अगले पांच वर्षों में बायोफार्मा शक्ति कार्यक्रम के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है, जिससे पूर्वांचल में फार्मास्यूटिकल उद्योग और अनुसंधान केंद्र स्थापित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
राजकोषीय मोर्चे पर सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। घाटे की भरपाई के लिए सरकार 11.7 लाख करोड़ रुपये की उधारी जुटाएगी। कर्ज-जीडीपी अनुपात 55.6 प्रतिशत प्रस्तावित है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के उद्योग और व्यापार जगत ने बजट पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने कहा कि पूंजीगत व्यय में 10-12 प्रतिशत वृद्धि और सेवाक्षेत्र पर ध्यान सकारात्मक है। हालांकि एमएसएमई और छोटे कारोबारियों को आयकर में राहत न मिलने से निराशा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्वांचल में बुनियादी ढांचा, लॉजिस्टिक हब, रेलवे और स्वास्थ्य परियोजनाओं से अगले 2-3 वर्षों में रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे। वहीं कर राहत न होने से मध्यम वर्ग और निवेशक वर्ग की संतुष्टि कम रही।
कुल मिलाकर, बजट 2026-27 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए विकास और निवेश की संभावनाएं स्पष्ट हैं, लेकिन कर नीति में कोई बदलाव न होने से आम जनता और निवेशक वर्ग असंतुष्ट नजर आ रहे हैं।

वाको इंडिया इंटरनेशनल किकबॉक्सिंग कप में तिरंगा लहराने उतरेंगे डीडीयू के सनी सिंह

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गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के एम.ए. समाजशास्त्र द्वितीय सेमेस्टर के छात्र और गौरी मंगलपुर खोराबार निवासी अंतरराष्ट्रीय किकबॉक्सर सनी सिंह एक बार फिर वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने को तैयार हैं। सनी सिंह 4 से 8 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 5वें वाको (WAKO) इंडिया इंटरनेशनल किकबॉक्सिंग कप में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। वर्ष 2026 के पहले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट को लेकर खेल प्रेमियों के साथ-साथ विश्वविद्यालय परिवार में भी खासा उत्साह है।

कम समय में सनी सिंह ने किकबॉक्सिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। ‘मेडलिस्ट बॉय’ के नाम से मशहूर सनी वर्ष 2023 से 2025 तक लगातार तीन बार नेशनल मेडलिस्ट रहे हैं। इसके साथ ही 4वें वाको इंडिया इंटरनेशनल किकबॉक्सिंग कप 2024 में उन्होंने रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। विश्व मंच पर भी उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है—उज्बेकिस्तान वर्ल्ड कप 2024 में 5वीं रैंक और सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में 9वीं रैंक हासिल कर उन्होंने देश और विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया।

गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने सनी सिंह को विश्वविद्यालय का अनमोल हीरा बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का कार्यभार संभालते समय ही सनी ने अपना पहला नेशनल मेडल जीता था और उसी दौरान उनसे पहली मुलाकात हुई थी। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी टूर्नामेंट में भी सनी न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे प्रदेश के लिए पदक जीतेंगे।

सनी की उपलब्धियों से विश्वविद्यालय प्रशासन में खुशी की लहर है। DSW प्रो. अनुभूति दुबे, प्रो. अनुराग द्विवेदी, मनीष पांडे, प्रो. सुभी धूसिया, प्रो. संगीता पांडे, प्रो. दीपेंद्र मोहन, प्रो. अंजू, प्रो. राजवीर, प्रो. चहल और क्रीड़ा विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विमलेश ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए आगामी चुनौती के लिए हौसला बढ़ाया।

वर्तमान में सनी सिंह SISA स्पोर्ट्स एकेडमी, वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तारामंडल में कड़ी मेहनत के साथ अभ्यास कर रहे हैं। कोच गुलशेर सिंह शेरगिल (डी.टी.ए सचिव) के मार्गदर्शन में उनकी तैयारी जारी है। कोच के अनुसार सनी की तैयारी विश्व स्तरीय है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पदक जीतकर देश का मस्तक ऊंचा करेंगे।

सनी सिंह के इस सफर को मजबूती देने में प्रायोजकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिनमें ऐशप्रा (Aisshpara), SISA स्पोर्ट्स एकेडमी एवं Eden कैफे, मरियन फाउंडेशन और गुडडे स्वीट्स एंड बेकर्स शामिल हैं। विश्वविद्यालय परिवार और शहरवासियों को भरोसा है कि सनी सिंह दिल्ली के रिंग में अपने दमदार किक्स और पंच के बल पर पदक जीतकर एक बार फिर देश का नाम रोशन करेंगे।

मगहर महोत्सव में “गंगा अवतरण” नृत्य-नाटिका ने बांधा समां

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संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। मगहर महोत्सव में शनिवार रात नव अंशिका फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाटिका “गंगा अवतरण” का प्रभावशाली मंचन किया गया। सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक जागरूकता पर आधारित इस प्रस्तुति को दर्शकों के साथ-साथ उपस्थित अधिकारियों की भी सराहना मिली।
नृत्य-नाटिका का मंचन फाउंडेशन की अध्यक्षा नीशू त्यागी के नेतृत्व में हुआ। इसकी परिकल्पना नीशू त्यागी ने की, जबकि नृत्य निर्देशन की जिम्मेदारी अंशिका त्यागी ने निभाई। प्रस्तुति के माध्यम से सामाजिक मूल्यों और संदेशों को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में शामिल कलाकारों ने अनुशासित नृत्य और सशक्त अभिनय से विषयवस्तु को जीवंत किया। मंच पर अंशिका त्यागी, अभय कुमार, अरुण सोनकर, शची द्विवेदी, दिव्या सोनकर, दिशा गुप्ता, सोनाली गोंड, आदित्य सिन्हा, दबीर सिद्दीकी, अभिनव त्यागी और कृष्णा शामिल रहे।
महोत्सव के चौथे दिन की शाम लोक नृत्यों को समर्पित रही। लखनऊ से आई विजय लक्ष्मी और उनकी टीम ने विविध लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
टीम के कलाकारों कृष्णा, आदित्य, दिशा, शची, अभय और विजय लक्ष्मी ने मंच पर भारतीय संस्कृति की समृद्ध लोक परंपराओं का प्रभावी प्रदर्शन किया।

जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई संत रविदास जयंती

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संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में संत रविदास जयंती का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इसी क्रम में विकास खण्ड सेमरियावा अंतर्गत टेमा रहमत गांव में संत रविदास जयंती के अवसर पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने संत रविदास के जीवन, उनके विचारों और समाज सुधार में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया, जो आज के समय में समाज को नई दिशा देने वाला है।
वक्ताओं ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं से संत रविदास की शिक्षाओं को अपने आचरण में अपनाने की अपील की और कहा कि उनके विचार सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने में मार्गदर्शक हैं।
कार्यक्रम में समाजसेवी महेंद्र चौरसिया, धीरेन्द्र सिंह, ग्राम प्रधान लालू यादव, मन्नी, अब्दुल अजीम और चंद्रिका यादव ने अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास के आदर्शों को व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्चा सम्मान

पाकिस्तान की बड़ी जीत, उस्मान तारिक के एक्शन पर उठा विवाद

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खेल (राष्ट्र की परम्परा)। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले खेली जा रही अहम टी20 सीरीज में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया पर पूरी तरह दबदबा बना लिया है। तीन मैचों की सीरीज के दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को 90 रनों के बड़े अंतर से हराकर 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। हालांकि इस शानदार जीत के बाद चर्चा का विषय पाकिस्तान की गेंदबाजी से ज्यादा उस्मान तारिक का गेंदबाजी एक्शन बन गया है।
गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया के सामने 199 रनों का लक्ष्य रखा। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम महज 108 रनों पर सिमट गई और एकतरफा मुकाबले में करारी हार का सामना करना पड़ा।

ऑस्ट्रेलिया की खराब शुरुआत

ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान मिचेल मार्श 18 रन बनाकर 22 के स्कोर पर आउट हो गए। इसके बाद अगली ही गेंद पर ट्रेविस हेड भी बोल्ड हो गए। हेड जैसे खतरनाक बल्लेबाज सिर्फ 4 रन ही बना सके। शुरुआती झटकों से ऑस्ट्रेलियाई टीम दबाव में आ गई।
टीम का पांचवां विकेट 54 रनों के स्कोर पर गिर गया। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें कैमरून ग्रीन पर टिकी थीं, जो अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे और तेजी से रन बना रहे थे।

कैमरून ग्रीन के आउट होते ही बढ़ा विवाद

11वें ओवर में उस्मान तारिक की गेंद पर कैमरून ग्रीन कैच आउट हो गए। ग्रीन ने 19 गेंदों में 35 रनों की पारी खेली थी। उस्मान तारिक की ओवर की पांचवीं गेंद पर ग्रीन ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन शादाब खान ने आसान कैच लपक लिया।

आउट होने के बाद कैमरून ग्रीन पवेलियन लौटते समय काफी नाराज दिखे। उन्होंने इशारों में उस्मान तारिक के गेंदबाजी एक्शन पर सवाल उठाए। डगआउट में पहुंचने के बाद भी ग्रीन ने अपने साथी खिलाड़ियों से कहा कि उस्मान तारिक काफी नीचे हाथ करके गेंदबाजी कर रहे हैं।

ये भी पढ़े – कृषि बजट 2026: किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

कैमरून ग्रीन की प्रतिक्रिया का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई क्रिकेट फैंस और यूजर्स उस्मान तारिक के एक्शन को लेकर सवाल उठा रहे हैं और कुछ लोग इसे ‘चकिंग’ यानी अवैध गेंदबाजी तक बता रहे हैं।

PSL में भी उठ चुके हैं सवाल

यह पहली बार नहीं है जब उस्मान तारिक के गेंदबाजी एक्शन पर सवाल उठे हों। इससे पहले पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के 9वें और 10वें संस्करण में भी उनके एक्शन को संदिग्ध बताया गया था। हालांकि दोनों मौकों पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने आधिकारिक परीक्षण कराए थे, जिसके बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी।

पाकिस्तान की इस बड़ी जीत ने जहां टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले आत्मविश्वास दिया है, वहीं उस्मान तारिक का गेंदबाजी एक्शन आने वाले समय में एक नया विवाद खड़ा कर सकता है।

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कृषि बजट 2026: किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि बजट 2026 में किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया है। बजट भाषण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल अनाज उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती से जुड़े सभी क्षेत्रों को सशक्त बनाना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि खेती में उत्पादों की विविधता बढ़ाकर किसानों को अधिक कमाई के अवसर दिए जाएंगे। डेयरी, मुर्गी पालन, बागवानी और विशेष फसलों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति पर सरकार काम कर रही है। उनका मानना है कि इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

खेती में विविधता पर जोर

निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगर खेती पारंपरिक तरीकों के साथ नए क्षेत्रों को अपनाए, तो इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। इसी सोच के तहत कृषि बजट 2026 में खेती से जुड़े विभिन्न सेक्टरों को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। सरकार चाहती है कि किसान केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि खेती से जुड़े अन्य व्यवसायों में भी भागीदारी करें।

डेयरी और मुर्गी पालन पर बड़ा फोकस

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि डेयरी और मुर्गी पालन सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं। इन क्षेत्रों से लाखों किसान और छोटे परिवार जुड़े हुए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि किसान दूध, अंडे और उनसे जुड़े उत्पादों के जरिए स्थायी और नियमित आमदनी कमा सकें। इसके लिए बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच बढ़ाने की बात कही गई है।

नारियल क्षेत्र के लिए विशेष पहल

वित्त मंत्री ने बताया कि नारियल उत्पादन में भारत विश्व में अग्रणी है। देश में लगभग 3 करोड़ लोग सीधे या परोक्ष रूप से नारियल की खेती और उससे जुड़े कार्यों पर निर्भर हैं। इसे ध्यान में रखते हुए कृषि बजट 2026 में नारियल क्षेत्र के लिए खास प्रस्ताव रखे गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में नई सुविधाएं स्थापित करेगी, जिससे किसानों को बेहतर समर्थन मिलेगा। साथ ही नारियल के मूल्यवर्धन पर भी जोर दिया जाएगा, जिसमें नारियल तेल, रेशा और अन्य उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे गुणवत्ता और बिक्री दोनों में सुधार की उम्मीद है।

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काजू और कोको को मिलेगा बढ़ावा

कृषि बजट 2026 में काजू और कोको को भी खास स्थान दिया गया है। सरकार का फोकस इन उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने पर है। काजू और कोको से जुड़े उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए किसानों और उद्यमियों को सहायता प्रदान की जाएगी।

चंदन और नॉर्थ ईस्ट राज्यों पर ध्यान

वित्त मंत्री ने बताया कि चंदन की खेती को फिर से प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा नॉर्थ ईस्ट राज्यों के लिए भी कृषि बजट 2026 में विशेष योजनाएं रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बादाम और मूंगफली जैसी फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे स्थानीय किसानों को नए अवसर मिल सकें।
कुल मिलाकर, कृषि बजट 2026 में सरकार ने खेती को बहुआयामी रूप देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई अहम कदमों का ऐलान किया है।

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बजट 2026: रेल से स्वास्थ्य तक बड़े ऐलान, विपक्ष का तीखा विरोध

बजट 2026: इंफ्रास्ट्रक्चर, रेल, स्वास्थ्य और महिलाओं पर फोकस—पक्ष-विपक्ष आमने-सामने


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में लगातार नौवीं बार आम बजट पेश किया। बजट 2026 में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, रेल, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया। हालांकि इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, वहीं 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर कानून लागू होने और आईटीआर फाइलिंग को सरल बनाने की घोषणा की गई। सरकार जहां इसे “विकासोन्मुखी और दीर्घकालिक” बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे “फर्जी और आम जनता से कटा हुआ” करार दिया है।
नीचे बजट 2026 की प्रमुख घोषणाएं, सेक्टर-वाइज असर और पक्ष-विपक्ष की प्रतिक्रियाओं के साथ विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत है।

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इंफ्रास्ट्रक्चर पर ऐतिहासिक निवेश
सरकार ने देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। सड़क, रेल, लॉजिस्टिक्स, जलमार्ग और शहरी परिवहन को इस निवेश से गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि यह खर्च रोजगार सृजन, निजी निवेश को प्रोत्साहन और क्षेत्रीय असमानताओं को कम करेगा।
हाई-स्पीड रेल: 7 नए कॉरिडोर
बजट 2026 में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है:
मुंबई–पुणे
पुणे–हैदराबाद
चेन्नई–हैदराबाद
बेंगलुरु–चेन्नई
बेंगलुरु–दिल्ली
दिल्ली–वाराणसी
वाराणसी–सिलीगुड़ी
इन कॉरिडोर से बड़े औद्योगिक और शहरी क्लस्टर्स के बीच यात्रा समय घटेगा और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

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नॉर्थ ईस्ट में 4000 इलेक्ट्रिक बसें
ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देते हुए सरकार ने नॉर्थ ईस्ट में 4000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का फैसला किया है। इससे प्रदूषण कम होगा, ईंधन आयात पर निर्भरता घटेगी और स्थानीय रोजगार पैदा होंगे। ई-बस डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस नेटवर्क पर भी निवेश किया जाएगा।
टेक्सटाइल, रेशम-जूट और राष्ट्रीय फाइबर योजना
देश में मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। साथ ही रेशम और जूट के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी, जिससे किसानों, बुनकरों और MSME सेक्टर को लाभ मिलेगा। वैल्यू-एडिशन, निर्यात और आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर रहेगा।

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जलमार्ग और केमिकल पार्क
अगले 5 साल में 20 नए जलमार्ग विकसित किए जाएंगे।
देश में 3 नए केमिकल पार्क स्थापित होंगे, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य: आयुर्वेदिक एम्स, मेडिकल सेंटर और सस्ती दवाएं
बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी राहत दी गई:
3 आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना
5 नए रीजनल मेडिकल सेंटर
कैंसर समेत गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती
कैंसर की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी शून्य
बुजुर्गों के लिए 1.5 लाख नए केयर/सेवा केंद्र
सरकार का कहना है कि इससे इलाज की लागत घटेगी और दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी।

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बायो-फार्मा और सेमीकंडक्टर पर बड़ा दांव
बायो-फार्मा सेक्टर के लिए 5 साल में 10,000 करोड़ रुपये
सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए 40,000 करोड़ रुपये
इन निवेशों का उद्देश्य भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत बनाना और आत्मनिर्भर भारत को गति देना है।
शिक्षा और स्किल: क्रिएट लैब और छात्रावास
15,000 स्कूलों और 5,000 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएट/क्रिएट लैब

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हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल
इससे डिजिटल स्किल, क्रिएटिव इकोनॉमी और महिला शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं के लिए नई योजनाएं
लखपति दीदी के बाद सरकार ने नई ‘बी-सिमट’ योजना का ऐलान किया है। इसके तहत महिलाओं को कारोबार के लिए कम ब्याज पर बैंक लोन मिलेगा। महिला उद्यमिता, स्वयं सहायता समूह और स्टार्टअप्स को इससे सहारा मिलने की उम्मीद है।
बौद्ध सर्किट और पर्यटन
सरकार 6 राज्यों में बौद्ध सर्किट विकसित करेगी। इससे धार्मिक पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

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आयकर और आईटीआर
इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
1 अप्रैल 2026 से नया आयकर कानून लागू
आईटीआर फाइलिंग अब 31 जुलाई तक
कर प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाया जाएगा
सरकार का कहना है कि सरल नियमों से टैक्स कंप्लायंस बढ़ेगा।
आत्मनिर्भर भारत
आत्मनिर्भर भारत के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। घरेलू उत्पादन, MSME और इनोवेशन पर फोकस रहेगा।

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विपक्ष की प्रतिक्रिया: तीखा हमला
कांग्रेस ने बजट को “फर्जी बजट” बताया। पार्टी ने आरोप लगाया कि घोषणाओं का जमीनी असर नहीं होगा और शेयर बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि “यह बजट आम लोगों के लिए नहीं, सिर्फ 5% लोगों के लिए है। महंगाई, बेरोजगारी और किसानों पर ठोस राहत नहीं दिखती।”
सरकार का पक्ष: विकास और स्थिरता
सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बजट 2026 दीर्घकालिक विकास, रोजगार और निवेश के लिए रोडमैप है। इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और टेक्नोलॉजी में संतुलित निवेश से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
निष्कर्ष
बजट 2026 में टैक्स राहत न होने से मध्यम वर्ग निराश दिख सकता है, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर, रेल, स्वास्थ्य, महिलाओं और हाई-टेक सेक्टर पर बड़े निवेश से अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक बढ़त मिलने की संभावना है। अब असली परीक्षा इन घोषणाओं के क्रियान्वयन की होगी—यहीं से तय होगा कि यह बजट जमीन पर कितना असरदार साबित होता है।

SIR पर अखिलेश यादव का आरोप, वोटर लिस्ट में साजिश का दावा

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने न्यायालय, निर्वाचन आयोग और मीडिया से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि गांवों में फार्म-7 के दुरुपयोग के जरिए विपक्षी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटने की साजिश चल रही है।

अखिलेश यादव ने मीडिया के माध्यम से कहा कि SIR के तहत गांवों में पहले से छपे फार्म-7 भेजे जा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल कर कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे के नाम पर आपत्ति दर्ज कर सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि ये फार्म कौन भेज रहा है और शिकायतकर्ता कौन हैं, इसकी कोई पारदर्शिता नहीं है। उनका आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षर कराकर योजनाबद्ध तरीके से वोट काटे जा रहे हैं।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्ति दर्ज की जा रही है, उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी जा रही। सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है।

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PDA समाज और अल्पसंख्यकों पर असर

अखिलेश यादव के मुताबिक इस कथित साजिश का सबसे ज्यादा असर PDA समाज पर पड़ रहा है, खासकर अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि बड़े पैमाने पर इन्हीं वर्गों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।

मीडिया से खास अपील

सपा प्रमुख ने सभी न्यूज चैनलों, अखबारों, स्थानीय यूट्यूबर और लोकल न्यूज़ कर्मियों से इस पूरे मामले की जांच कर “महा-घोटाले” का पर्दाफाश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर ईमानदारी से इस मुद्दे को उजागर करेंगे, उन्हें समाजवादी पार्टी देश और प्रदेश के सामने लाएगी।

अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता को वास्तविक दर्शकों और पाठकों तक पहुंचाना लोकतंत्र की रक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

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Donald Trump का बड़ा बयान: भारत ईरान नहीं, वेनेजुएला से खरीदेगा तेल

वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने शनिवार को भारत की तेल आयात नीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत अब ईरान से तेल खरीदने के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। ट्रंप ने यह बयान फ्लोरिडा जाते समय अपने आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया।
Donald Trump ने कहा, “हम पहले ही वह डील कर चुके हैं। कॉन्सेप्ट ऑफ डील हो चुकी है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘कॉन्सेप्ट ऑफ डील’ का अर्थ है कि किसी भी समझौते को अंतिम रूप देने से पहले दोनों पक्षों के बीच उसके मूल ढांचे और प्रारंभिक सहमति तय हो जाती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि इस व्यवस्था में अन्य देशों के लिए भी दरवाजे खुले हैं। ट्रंप ने कहा कि यदि चीन वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए अमेरिका के साथ डील करना चाहता है, तो उसका स्वागत है। उनके इस बयान को वैश्विक ऊर्जा बाजार में अमेरिका की रणनीतिक भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है।

इससे पहले यह जानकारी सामने आई थी कि अमेरिका ने भारत सरकार को संकेत दिया है कि वह जल्द ही वेनेजुएला से तेल की खरीद दोबारा शुरू कर सकता है, जिससे रूस से तेल आयात की जगह ली जा सके। इस बारे में तीन सूत्रों ने रॉयटर्स को जानकारी दी थी।

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अमेरिका का यह कदम रूस को मिलने वाले तेल राजस्व को सीमित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। रूस इस राजस्व का उपयोग यूक्रेन युद्ध में कर रहा है। गौरतलब है कि मार्च पिछले वर्ष Donald Trump ने वेनेजुएला से तेल खरीदने वाले देशों पर, जिनमें भारत भी शामिल था, 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था।

Donald Trump इससे पहले भी वेनेजुएला से जुड़े मामलों में अमेरिका के नेतृत्व वाली पहल की सराहना कर चुके हैं। ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि वेनेजुएला की स्थिति में नेतृत्व सकारात्मक दिशा में काम कर रहा है और जल्द ही वहां से तेल निर्यात दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। ट्रंप के अनुसार, यह पूरी व्यवस्था वाशिंगटन के समर्थन से तैयार की गई है।

उन्होंने यह भी कहा था कि दुनिया के कई देश आने वाले समय में वेनेजुएला से तेल खरीदना शुरू करेंगे और इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिका की अहम भूमिका होगी। ट्रंप ने कहा, “हम दुनिया के देशों को आमंत्रित कर रहे हैं। वे तेल लेना शुरू करने जा रहे हैं और हम इस योजना का नेतृत्व करेंगे।”

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