Sunday, February 8, 2026
HomeNewsbeatबजट 2026: पूर्वी उत्तर प्रदेश में निवेश और विकास की उम्मीद, लेकिन...

बजट 2026: पूर्वी उत्तर प्रदेश में निवेश और विकास की उम्मीद, लेकिन आयकर राहत नहीं, मध्यम वर्ग निराश

त्वरित टिप्पणी: नवनीत मिश्र

भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया, जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और अवसर छिपे हैं। हालांकि, आयकर स्लैब में किसी तरह के बदलाव न होने से आम करदाताओं की उम्मीदों को झटका लगा। बजट पेश होने के तुरंत बाद शेयर बाजार में सेंसेक्स करीब 1500 अंकों और निफ्टी 600 अंकों से अधिक टूट गया, जिससे निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई।
बजट में बुनियादी ढांचे पर जोर दिया गया है। सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और डंकुनी (पश्चिम बंगाल) से सूरत तक एक फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। पूर्वांचल के लिए यह खास महत्व रखता है, क्योंकि इन कॉरिडोर से लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और मिर्जापुर जैसे शहरों को कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा। इससे माल व मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में निवेश और रोजगार दोनों बढ़ने की संभावना है।
शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सरकार ने घोषणा की है कि देश के प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास बनाया जाएगा। पूर्वांचल के लगभग 30 जिलों में यह कदम महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देगा। इसके अलावा लॉजिस्टिक हब के पास पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिससे गोरखपुर और वाराणसी जैसे शहरों में उच्च शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण के अवसर बढ़ेंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में पूर्वांचल के लिए राहत की खबर यह है कि कैंसर और अन्य गंभीर रोगों की दवाओं पर शुल्क में छूट दी गई है। अगले पांच वर्षों में बायोफार्मा शक्ति कार्यक्रम के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है, जिससे पूर्वांचल में फार्मास्यूटिकल उद्योग और अनुसंधान केंद्र स्थापित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
राजकोषीय मोर्चे पर सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। घाटे की भरपाई के लिए सरकार 11.7 लाख करोड़ रुपये की उधारी जुटाएगी। कर्ज-जीडीपी अनुपात 55.6 प्रतिशत प्रस्तावित है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के उद्योग और व्यापार जगत ने बजट पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने कहा कि पूंजीगत व्यय में 10-12 प्रतिशत वृद्धि और सेवाक्षेत्र पर ध्यान सकारात्मक है। हालांकि एमएसएमई और छोटे कारोबारियों को आयकर में राहत न मिलने से निराशा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्वांचल में बुनियादी ढांचा, लॉजिस्टिक हब, रेलवे और स्वास्थ्य परियोजनाओं से अगले 2-3 वर्षों में रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे। वहीं कर राहत न होने से मध्यम वर्ग और निवेशक वर्ग की संतुष्टि कम रही।
कुल मिलाकर, बजट 2026-27 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए विकास और निवेश की संभावनाएं स्पष्ट हैं, लेकिन कर नीति में कोई बदलाव न होने से आम जनता और निवेशक वर्ग असंतुष्ट नजर आ रहे हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments