Wednesday, May 6, 2026
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जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब चुनाव: नामांकन जांच के बाद प्रत्याशियों की सूची जारी

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के वार्षिक निर्वाचन सत्र 2026-27 के तहत सोमवार 2 फरवरी 2026 को नामांकन पत्रों की जांच पूरी की गई। जांच के बाद विभिन्न पदों के लिए दाखिल किए गए नामांकन पत्र सही पाए गए, जिसके साथ ही चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है।
अध्यक्ष पद के लिए अतुल मुरारी तिवारी, ओंकार घर द्विवेदी, कुन्दन उपाध्याय, मनोज कुमार यादव और विजय कुमार जायसवाल मैदान में हैं।
महामंत्री पद के लिए आशीष भट्ट, हेमंत कुमार तिवारी, पंकज श्रीवास्तव, ब्रजेन्द्र कुमार सिंह और विनय कुमार सिंह के नामांकन वैध पाए गए।
कोषाध्यक्ष पद पर दुर्गेश यादव, संजय त्रिपाठी और सुशील कुमार चुनाव लड़ेंगे।
कार्यकारिणी पद के लिए अजित सिंह, जितेन्द्र कुमार, डा० मनोज कुमार मिश्र, नरसिंह प्रजापति, रजनीश कुमार त्रिपाठी, विकास कुमार पांडेय, विपिन कुमार पांडेय, विनोद प्रदीप अलेक्जेन्डर और विभव पाठक के नामांकन सही पाए गए।
उपाध्यक्ष पद के लिए धनेश कुमार निषाद, प्रिंस कुमार पांडेय और वेद प्रकाश पाठक प्रत्याशी हैं।
संयुक्त मंत्री पद पर हरेन्द्र धर दूबे और महेन्द्र कुमार गौड़ (गंवार) चुनावी मैदान में हैं।
पुस्तकालय मंत्री पद के लिए अरविन्द कुमार वर्मा और संजय कुमार के नामांकन वैध घोषित किए गए।
मुख्य चुनाव अधिकारी वागीश चन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि नामांकन जांच प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई है। आगामी चरणों में चुनाव प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी।

भागवत कथा का शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के सेमरियावां ब्लॉक के उमिला गांव में आयोजित भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कथा की शुरुआत भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें खलीलाबाद विधानसभा के पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे अपनी टीम के साथ शामिल हुए। उनकी मौजूदगी से श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया।
कलश यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास के रंग में डूबा रहा। हाथों में भगवा ध्वज और जुबां पर ‘जय श्री राम’ के जयघोष के साथ निकली यात्रा ने गांव और आसपास के इलाकों को अध्यात्ममय बना दिया। यात्रा की शोभा 151 कन्याओं ने बढ़ाई, जिन्होंने पूरे श्रद्धाभाव से माथे पर कलश रखकर पदयात्रा की और पवित्र जल भरा।
इस अवसर पर जय चौबे ने कन्याओं का अभिवादन किया और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र की सुख-समृद्धि और सामाजिक समरसता के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से गजेंद्र पाण्डेय, अरविंद पाण्डेय, चंदन पाण्डेय, बैजनाथ पाठक, अजय पाण्डेय, बब्बू पाण्डेय, मयंक सिंह, सुभाष तिवारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। यह कलश यात्रा उमिला गांव से शुरू होकर निर्धारित मार्ग से होते हुए कथा स्थल पर संपन्न हुई, जहां अब सात दिनों तक भागवत कथा की अमृत वर्षा होगी।

लंका दहन से लंका पर चढ़ाई तक: हनुमान जी का अद्वितीय पराक्रम

प्रस्तावना
हनुमान कथा केवल एक पौराणिक आख्यान नहीं, बल्कि भक्ति, पराक्रम, नीति और धर्म का जीवंत ग्रंथ है। हनुमान जी की शास्त्रोक्त कथा में उनका प्रत्येक चरण मानव जीवन को दिशा देने वाला है। एपिसोड–13 में हम उस महत्वपूर्ण क्षण पर पहुँचते हैं, जहाँ लंका से वापसी, श्रीराम से मिलन और लंका पर चढ़ाई की घटनाएँ एक-दूसरे से जुड़कर रामायण को निर्णायक मोड़ देती हैं। यह प्रसंग न केवल कथा को आगे बढ़ाता है, बल्कि पाठक के मन में साहस और विश्वास की नई ऊर्जा भर देता है।
लंका से वापसी: कर्तव्य पूर्ण होने का गर्व नहीं, विनम्रता का भाव
सीता माता से भेंट, उनका संदेश और लंका दहन—इन तीनों के बाद हनुमान जी का उद्देश्य पूर्ण हो चुका था। हनुमान कथा में यह प्रसंग विशेष इसलिए है क्योंकि अपार शक्ति और सफलता के बाद भी हनुमान जी के मन में अहंकार नहीं आता। वे जानते थे कि यह सब श्रीराम की कृपा से संभव हुआ है।
समुद्र लाँघते समय वे पुनः अपने भीतर वही संयम रखते हैं। यह हनुमान जी की शास्त्रोक्त कथा का मूल संदेश है—सफलता के बाद भी विनम्र रहना।
समुद्र पार करते समय देवताओं की स्तुति
जब हनुमान जी लंका से लौटते हैं, तब देवता उनके पराक्रम की प्रशंसा करते हैं। वायु देव, अग्नि देव और वरुण देव सभी उनके साहस से प्रसन्न होते हैं। लंका से वापसी का यह क्षण दर्शाता है कि धर्म के मार्ग पर चलने वाला अकेला नहीं होता, ईश्वर की शक्तियाँ स्वयं साथ देती हैं।
श्रीराम से मिलन: भक्ति और विश्वास का सर्वोच्च क्षण
हनुमान जी का श्रीराम से मिलन रामायण के सबसे भावुक प्रसंगों में से एक है। जैसे ही हनुमान जी सीता माता का समाचार सुनाते हैं, श्रीराम की आँखों में करुणा और आशा एक साथ छलक उठती है।
हनुमान जी द्वारा दी गई चूड़ामणि देखकर श्रीराम का हृदय भर आता है। यह हनुमान कथा का वह पल है जहाँ भक्ति और विश्वास का मिलन होता है। श्रीराम कहते हैं—
“हनुमान, तुमने जो कार्य किया है, उसे मैं कभी नहीं भूल सकता।”
यह वाक्य दर्शाता है कि सच्ची सेवा कभी निष्फल नहीं जाती।
वानर सेना में उत्साह और रणनीति का निर्माण
हनुमान जी की शास्त्रोक्त कथा में यह चरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। सीता माता के जीवित होने का समाचार सुनकर वानर सेना में नया जोश भर जाता है। सुग्रीव, अंगद, जामवंत सभी श्रीराम के साथ युद्ध की रणनीति बनाते हैं।
लंका पर चढ़ाई से पूर्व यह रणनीतिक तैयारी बताती है कि केवल शक्ति नहीं, बल्कि बुद्धि और संगठन भी विजय के लिए आवश्यक हैं।
लंका पर चढ़ाई: धर्म बनाम अधर्म का महासंघर्ष
जब वानर सेना लंका की ओर बढ़ती है, तब यह केवल एक नगर पर आक्रमण नहीं, बल्कि अधर्म पर धर्म की चढ़ाई है। लंका पर चढ़ाई का प्रसंग बताता है कि अन्याय कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः सत्य की विजय होती है।
हनुमान जी यहाँ भी अग्रिम पंक्ति में रहते हैं। उनकी उपस्थिति मात्र से वानर सेना का मनोबल कई गुना बढ़ जाता है। यह हनुमान कथा का वह चरण है जहाँ पराक्रम अपने चरम पर पहुँचता है।
रावण का भय और लंका का कंपन
लंका में जैसे ही वानर सेना की आहट पहुँचती है, रावण के मन में भय उत्पन्न होता है। उसने हनुमान जी के पराक्रम को पहले ही देख लिया था। हनुमान जी की शास्त्रोक्त कथा में यह संकेत मिलता है कि अधर्मी का हृदय पहले ही हार मान लेता है, भले ही बाहरी रूप से वह शक्तिशाली दिखे।
हनुमान जी का संदेश: शक्ति नहीं, भक्ति सर्वोपरि
लंका पर चढ़ाई के दौरान हनुमान जी बार-बार यही स्मरण कराते हैं कि यह युद्ध श्रीराम के लिए है, व्यक्तिगत प्रतिशोध के लिए नहीं। हनुमान कथा का यह संदेश आज के समाज में भी उतना ही प्रासंगिक है—जब उद्देश्य पवित्र हो, तब विजय निश्चित होती है।
शास्त्रोक्त दृष्टि से कथा का महत्व
वाल्मीकि रामायण और अन्य शास्त्रों में वर्णित यह प्रसंग बताता है कि हनुमान जी केवल बलवान नहीं, बल्कि महाज्ञानी और नीति के ज्ञाता भी हैं। हनुमान जी की शास्त्रोक्त कथा में उनका चरित्र आदर्श सेवक, सच्चे मित्र और निर्भीक योद्धा के रूप में उभरता है।
आधुनिक जीवन में हनुमान कथा की प्रासंगिकता
आज के समय में लंका से वापसी, श्रीराम से मिलन और लंका पर चढ़ाई हमें सिखाते हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और विश्वास बनाए रखना चाहिए।
हनुमान कथा हमें बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और ईश्वर पर विश्वास अटूट हो, तो असंभव भी संभव बन जाता है।
निष्कर्ष
एपिसोड–13 की यह हनुमान जी की शास्त्रोक्त कथा भक्ति, साहस और नीति का अद्भुत संगम है। लंका से वापसी विनम्रता सिखाती है, श्रीराम से मिलन विश्वास को मजबूत करता है और लंका पर चढ़ाई हमें धर्म के लिए संघर्ष करना सिखाती है।
यह कथा केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए है।

T20 World Cup 2026: भारत मैच के बहिष्कार के बाद पाकिस्तान पर मंडराया ग्रुप स्टेज से बाहर होने का खतरा

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T20 World Cup 2026: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान की टीम मुश्किल हालात में फंसती नजर आ रही है। ग्रुप स्टेज शुरू होने से पहले ही भारत के खिलाफ मैच न खेलने के फैसले ने पाकिस्तान की रणनीति, अंक तालिका और आगे की संभावनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब पाकिस्तान के लिए खतरा भारत से नहीं, बल्कि उन टीमों से है जिन्हें अक्सर हल्के में लिया जाता रहा है।

भारत के खिलाफ मैच से हटना बना बड़ी चुनौती

पाकिस्तान और भारत के बीच 15 फरवरी को मुकाबला होना था, लेकिन पाकिस्तान ने इस मैच का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। इसका सीधा असर ग्रुप पॉइंट्स टेबल पर पड़ेगा। इस मैच से पाकिस्तान को न तो अंक मिलेंगे और न ही नेट रन रेट (NRR) का कोई फायदा होगा।

टी20 वर्ल्ड कप जैसे छोटे टूर्नामेंट में शुरुआती मैचों में नेट रन रेट बेहद अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में भारत के खिलाफ मुकाबले से हटना पाकिस्तान को ग्रुप स्टेज में पहले ही नुकसान की स्थिति में डाल देता है।

नीदरलैंड्स और अमेरिका से असली खतरा

पाकिस्तान अपने ग्रुप स्टेज के पहले दो मुकाबले नीदरलैंड्स (7 फरवरी) और अमेरिका (10 फरवरी) के खिलाफ खेलेगा। कागज पर ये मैच आसान लग सकते हैं, लेकिन हालिया प्रदर्शन पाकिस्तान के लिए चेतावनी है।

पिछले टी20 वर्ल्ड कप में अमेरिका ने सुपर ओवर में पाकिस्तान को हराकर सबको चौंका दिया था। इसके अलावा हाल ही में अमेरिका ने इंडिया ए के खिलाफ वार्म-अप मैच में 200 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी ताकत भी दिखाई है।

नीदरलैंड्स की बात करें तो यह टीम भी बड़े उलटफेर करने के लिए जानी जाती है। 2022 टी20 वर्ल्ड कप में नीदरलैंड्स ने साउथ अफ्रीका को हराकर इतिहास रच दिया था। इससे पहले 2009 में उन्होंने इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को भी शिकस्त दी थी। ऐसे में पाकिस्तान के लिए ये दोनों मुकाबले “करो या मरो” जैसे हालात बना सकते हैं।

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पाकिस्तान की कमजोर कड़ियां

पाकिस्तान की सबसे बड़ी समस्या उसकी अनिश्चित बल्लेबाजी रही है। बड़े टूर्नामेंट में अक्सर कमजोर मानी जाने वाली टीमों के खिलाफ ही उसका खेल लड़खड़ा जाता है। वनडे वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान से मिली हार इसका ताजा उदाहरण है।

भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला भी टीम पर मानसिक दबाव बढ़ा सकता है, क्योंकि अब हर मैच जीतना लगभग अनिवार्य हो गया है।

नामीबिया भी आसान प्रतिद्वंदी नहीं

पाकिस्तान का आखिरी ग्रुप मुकाबला 18 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ होगा। अगर पहले दो मैचों में से एक में भी हार मिलती है, तो नामीबिया के खिलाफ मुकाबला जबरदस्त दबाव में खेलना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में एक छोटी सी चूक भी पाकिस्तान के वर्ल्ड कप सफर को खत्म कर सकती है।

क्या सिर्फ तीन मैच में खत्म होगा पाकिस्तान का सफर?

अगर पाकिस्तान नीदरलैंड्स या अमेरिका में से किसी एक से भी हार जाता है, तो सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें लगभग खत्म हो सकती हैं। ऐसे में साफ है कि इस बार पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा खतरा भारत नहीं, बल्कि ये उभरती हुई टीमें बनकर सामने आ रही हैं।

पाकिस्तान का टी20 वर्ल्ड कप 2026 ग्रुप स्टेज शेड्यूल

7 फरवरी 2026: पाकिस्तान vs नीदरलैंड्स
स्थान: कोलंबो, सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब

10 फरवरी 2026: पाकिस्तान vs अमेरिका
स्थान: कोलंबो, सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब

15 फरवरी 2026: पाकिस्तान vs भारत (पाकिस्तान मैच नहीं खेलेगा)
स्थान: कोलंबो, आर. प्रेमदासा स्टेडियम

18 फरवरी 2026: पाकिस्तान vs नामीबिया
स्थान: कोलंबो, सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब

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उत्तर भारत में डबल पश्चिमी विक्षोभ का असर, पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ी ठंड

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उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। इस समय लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। पहला पश्चिमी विक्षोभ पहले से ही असर दिखा रहा है, जिसके चलते ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। वहीं दूसरा पश्चिमी विक्षोभ 5 फरवरी की रात पहुंचने वाला है, जिसका प्रभाव 6 और 7 फरवरी को पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी के रूप में देखने को मिलेगा। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी क्षेत्रों पर पड़ा है, जहां ठंड और गलन तेजी से बढ़ गई है।

दिल्ली-एनसीआर में घना कोहरा, येलो अलर्ट जारी

दिल्ली समेत नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में मंगलवार सुबह से ही बेहद घना कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग ने आज मंगलवार (3 फरवरी) के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। सोमवार को दिनभर करीब 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी थी।
हालांकि, इस सप्ताह दिल्ली में बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन अगले सप्ताह की शुरुआत में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। अगले दो दिनों के दौरान दिल्ली-एनसीआर के न्यूनतम तापमान में गिरावट आने की संभावना जताई गई है।

कहां-कहां होगी बारिश और ओलावृष्टि

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों में पूर्वी राजस्थान, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। इससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में बिजली चमकने के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में कोहरे के साथ-साथ बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। राज्य के दोनों संभागों के 25 जिलों में आज बारिश की संभावना है। इस दौरान तेज झोंकेदार हवाएं भी चलेंगी और यह दौर अगले 24 घंटे तक जारी रह सकता है।

इसके बाद एक बार फिर कोहरे की सफेद चादर छाने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में पश्चिमी यूपी के कई जिलों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।

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ऑरेंज अलर्ट जारी

लखनऊ मौसम केंद्र के अनुसार मंगलवार को पश्चिमी यूपी के साथ-साथ पूर्वी यूपी के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। कुछ जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है, जिसको देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं 4 फरवरी को यूपी के दोनों संभागों में घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है।

इन जिलों में रहेगा कोहरा

गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, अंबेडकर नगर, बस्ती, संतकबीरनगर, महाराजगंज, बलरामपुर, उन्नाव, कानपुर, जालौन, औरया, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, मैनपुरी और कन्नौज में आज कोहरा छाया रहेगा।
वहीं मेरठ, बागपत, बिजनौर, मुरादाबाद, हापुड़, संभल, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच और श्रावस्ती में मौसम सामान्य रहने की संभावना है।

बिहार में भी घना कोहरा

बिहार के 19 जिलों में आज घना कोहरा छाया हुआ है। सोमवार को छपरा में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे, जहां दृश्यता घटकर महज 50 मीटर तक सिमट गई थी। पटना मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है। इस बीच आज कई इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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3 फरवरी का इतिहास: राजनीति, साहित्य और संगीत के अमर नाम

3 फ़रवरी को हुए निधन

✍️ महत्वपूर्ण इतिहास: 3 फ़रवरी को हुए निधन
3 फ़रवरी को हुए निधन भारतीय और विश्व इतिहास में एक विशेष स्थान रखते हैं। यह दिन राजनीति, साहित्य, संगीत और सामाजिक आंदोलनों से जुड़े उन महान व्यक्तित्वों की स्मृति से जुड़ा है, जिन्होंने अपने विचारों और कर्मों से समाज को नई दिशा दी। 3 फरवरी का इतिहास हमें यह याद दिलाता है कि समय भले ही आगे बढ़ जाए, लेकिन महान व्यक्तित्वों की विरासत कभी समाप्त नहीं होती।

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🕯️ चौधरी रहमत अली (निधन: 1951)
3 फ़रवरी को हुए निधन में चौधरी रहमत अली का नाम ऐतिहासिक महत्व रखता है। वे पाकिस्तान की अवधारणा को स्पष्ट रूप देने वाले पहले विचारकों में से एक थे। उन्होंने “Pakistan” शब्द को राजनीतिक पहचान दी। यद्यपि उनके विचार विवादित रहे, लेकिन दक्षिण एशिया के इतिहास में उनका स्थान अत्यंत प्रभावशाली है।
🕯️ सी. एन. अन्नादुराई (निधन: 1969)
3 फरवरी का इतिहास तमिलनाडु के महान नेता सी. एन. अन्नादुराई को श्रद्धांजलि देता है। वे द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख स्तंभ और तमिलनाडु के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री थे। सामाजिक न्याय, तर्कवाद और क्षेत्रीय अस्मिता को उन्होंने राजनीति के केंद्र में रखा। महत्वपूर्ण इतिहास निधन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
🕯️ महाकवि शंकर कुरुप (निधन: 1978)
मलयालम साहित्य के पहले ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता महाकवि शंकर कुरुप का नाम 3 फ़रवरी को हुए निधन की सूची में साहित्यिक गौरव का प्रतीक है। उनकी कविताओं में मानवता, प्रकृति और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है।

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🕯️ राधाकृष्ण (निधन: 1979)
हिंदी साहित्य के यशस्वी कहानीकार राधाकृष्ण ने सामाजिक यथार्थ को अपनी कहानियों का विषय बनाया। 3 फरवरी का इतिहास उन्हें एक ऐसे साहित्यकार के रूप में याद करता है, जिन्होंने आम आदमी के संघर्षों को शब्द दिए।
🕯️ मोहम्मद अलीमुद्दीन (निधन: 1983)
3 फ़रवरी को हुए निधन में मणिपुर के भूतपूर्व मुख्यमंत्री मोहम्मद अलीमुद्दीन का योगदान राजनीतिक स्थिरता और प्रशासनिक सुधारों के लिए जाना जाता है। पूर्वोत्तर भारत की राजनीति में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही।
🕯️ अल्ला रक्खा ख़ाँ (निधन: 2000)
तबला सम्राट उस्ताद अल्ला रक्खा ख़ाँ का नाम महत्वपूर्ण इतिहास निधन में संगीत की आत्मा के रूप में लिया जाता है। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई। पं. रवि शंकर के साथ उनकी जुगलबंदी आज भी संगीत प्रेमियों के लिए प्रेरणा है।

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🕯️ देवीदास ठाकुर (निधन: 2007)
असम के भूतपूर्व राज्यपाल देवीदास ठाकुर एक कुशल प्रशासक और अनुभवी राजनीतिज्ञ थे। 3 फरवरी का इतिहास उनके सार्वजनिक जीवन और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण को रेखांकित करता है।
🕯️ बलराम जाखड़ (निधन: 2016)
भारतीय राजनीति में बलराम जाखड़ एक मजबूत संसदीय आवाज थे। वे लोकसभा अध्यक्ष के पद पर भी रहे। 3 फ़रवरी को हुए निधन में उनका उल्लेख भारतीय लोकतंत्र की गरिमा से जुड़ा है।
🕯️ हुकुम सिंह (निधन: 2018)
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री हुकुम सिंह ने राज्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाई। प्रशासनिक अनुभव और स्पष्ट विचारधारा के कारण उनका नाम महत्वपूर्ण इतिहास निधन में सम्मानपूर्वक लिया जाता है।
📖 3 फरवरी का इतिहास क्यों है खास?
3 फ़रवरी को हुए निधन हमें यह समझाते हैं कि अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोग मिलकर एक राष्ट्र की पहचान बनाते हैं। राजनीति से लेकर साहित्य और संगीत तक, यह दिन विविध योगदानों की स्मृति है।

जानिए 3 फरवरी को जन्मे महान लोग और उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

3 फ़रवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: इतिहास, योगदान और प्रेरणादायक जीवन परिचय

🟦 प्रस्तावना
3 फरवरी को जन्मे व्यक्ति भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, सिनेमा, अर्थव्यवस्था, खेल और आध्यात्मिक चेतना के ऐसे स्तंभ हैं, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज और राष्ट्र को नई दिशा दी। 3 फरवरी का इतिहास केवल तारीख नहीं, बल्कि प्रेरणा, संघर्ष और उपलब्धियों की जीवंत गाथा है। इस लेख में हम 3 फरवरी जन्मे प्रसिद्ध लोग और उनके ऐतिहासिक योगदान को सरल, पठनीय और तथ्यपरक रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।
🟦 3 फ़रवरी को जन्मे प्रमुख व्यक्ति – विस्तृत इतिहास
🔹 राम सिंह (1816) – नामधारी संप्रदाय के संस्थापक
राम सिंह का जन्म 3 फरवरी 1816 को हुआ। वे नामधारी संप्रदाय के संस्थापक थे, जिसे कूका आंदोलन के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों, जाति भेद और विदेशी शासन के खिलाफ आध्यात्मिक आंदोलन खड़ा किया।
राम सिंह का योगदान 3 फरवरी का इतिहास में धार्मिक सुधार और सामाजिक चेतना के प्रतीक के रूप में दर्ज है। उनके अनुयायी आज भी सत्य, सादगी और अनुशासन के मार्ग पर चलते हैं।
🔹 सुहासिनी गांगुली (1909) – साहसी स्वतंत्रता सेनानी
3 फरवरी को जन्मे व्यक्ति में सुहासिनी गांगुली का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की बहादुर नायिकाओं में लिया जाता है। वे क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय रहीं और अंग्रेजी शासन के खिलाफ कई गुप्त अभियानों का हिस्सा बनीं।
उनका जीवन यह सिखाता है कि राष्ट्रसेवा के लिए साहस और संकल्प सबसे बड़ा हथियार है।

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🔹 पृथ्वीराज सिंह ओबरॉय (1929) – ओबेरॉय होटल समूह के स्तंभ
पृथ्वीराज सिंह ओबरॉय भारतीय हॉस्पिटैलिटी उद्योग का जाना-माना नाम हैं। ओबेरॉय होटल समूह को वैश्विक पहचान दिलाने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही।
3 फरवरी जन्मे प्रसिद्ध लोग की सूची में उनका नाम उद्यमिता, प्रबंधन और वैश्विक नेतृत्व का प्रतीक है।
🔹 वहीदा रहमान (1938) – भारतीय सिनेमा की गरिमामयी अभिनेत्री
3 फरवरी को जन्मे व्यक्ति में वहीदा रहमान भारतीय सिनेमा की शालीनता और अभिनय की मिसाल हैं। उन्होंने ‘गाइड’, ‘प्यासा’, ‘कागज़ के फूल’ जैसी कालजयी फ़िल्मों में अभिनय किया।
उनका करियर भारतीय फ़िल्म इतिहास में स्वर्णिम अध्याय है और वे आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।

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🔹 दीप्ति नवल (1952) – संवेदनशील अभिनय की पहचान
दीप्ति नवल का जन्म भी 3 फरवरी का इतिहास को विशेष बनाता है। उन्होंने समानांतर सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।
उनकी फ़िल्में आम जीवन, रिश्तों और भावनाओं को सहजता से दर्शाती हैं।
🔹 रीमा लागू (1958) – माँ के किरदार की अमर छवि
रीमा लागू भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में माँ के किरदार के लिए विशेष रूप से जानी जाती हैं।
3 फरवरी जन्मे प्रसिद्ध लोग में उनका नाम भावनात्मक अभिनय और पारिवारिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है।

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🔹 रघुराम राजन (1964) – RBI के 23वें गवर्नर
रघुराम राजन विश्व-प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रहे।
3 फरवरी का इतिहास आर्थिक सुधार, वैश्विक सोच और वित्तीय स्थिरता के संदर्भ में उनके योगदान के बिना अधूरा है।
🔹 राखी सावंत (1980) – मनोरंजन जगत की चर्चित हस्ती
राखी सावंत भारतीय मनोरंजन जगत की चर्चित शख्सियत हैं। अपने बेबाक अंदाज़ और विवादों के कारण वे हमेशा चर्चा में रहती हैं।
3 फरवरी को जन्मे व्यक्ति की सूची में उनका नाम पॉप कल्चर का प्रतीक है।
🔹 सिलंबरसन राजेन्द्र (1983) – तमिल सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता
सिलंबरसन राजेन्द्र, जिन्हें STR भी कहा जाता है, तमिल फ़िल्म उद्योग के प्रमुख सितारों में से एक हैं।
3 फरवरी जन्मे प्रसिद्ध लोग में वे युवा पीढ़ी के पसंदीदा कलाकार हैं।

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🔹 दुती चन्द (1996) – भारतीय एथलेटिक्स की शान
दुती चन्द भारत की तेज़तम धाविकाओं में शामिल हैं। वे 100 मीटर स्प्रिंट की राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी हैं।
3 फरवरी का इतिहास खेल जगत में उनके संघर्ष, साहस और उपलब्धियों से गौरवान्वित है।
🟦 3 फ़रवरी का ऐतिहासिक महत्व
3 फरवरी को जन्मे व्यक्ति भारत की विविधता, प्रतिभा और शक्ति का प्रतीक हैं। यह दिन हमें सिखाता है कि चाहे क्षेत्र कोई भी हो—धर्म, राजनीति, सिनेमा, अर्थव्यवस्था या खेल—समर्पण और मेहनत से इतिहास रचा जा सकता है।
🟦 निष्कर्ष – 3 फरवरी जन्मे प्रसिद्ध लोग केवल नाम नहीं, बल्कि प्रेरणा हैं। उनका जीवन हमें यह संदेश देता है कि परिस्थितियाँ कैसी भी हों, लक्ष्य के प्रति ईमानदारी और संघर्ष से असाधारण उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं।
3 फरवरी का इतिहास भारतीय समाज की बहुआयामी शक्ति को दर्शाता है।

आज का दिन बदलेगा इन मूलांक वालों की किस्मत

इन मूलांक वालों की परेशानियां होंगी कम, नई नौकरी और धन लाभ के बनेंगे प्रबल योग


अंक ज्योतिष के माध्यम से व्यक्ति अपने आज के दिन, करियर, नौकरी, व्यवसाय, धन, शिक्षा, प्रेम जीवन और राजनीतिक-सामाजिक प्रभाव को बेहतर ढंग से समझ सकता है।
दैनिक अंक ज्योतिष यह बताता है कि आज का दिन आपके मूलांक के अनुसार अनुकूल है या नहीं, और किन क्षेत्रों में सतर्कता या अवसर दोनों मौजूद हैं।
मूलांक कैसे निकालें
यदि आपकी जन्मतिथि 23 है तो 2+3 = 5 → मूलांक 5
यदि जन्मतिथि 11 है तो 1+1 = 2 → मूलांक 2
वहीं जन्म तिथि + जन्म माह + जन्म वर्ष का कुल योग भाग्यांक कहलाता है।
जैसे: 22-04-1996 → 2+2+0+4+1+9+9+6 = 33 → 3+3 = 6
अब जानते हैं आज का दैनिक मूलांक राशिफल, जिसमें नौकरी, पैसा, व्यापार, शिक्षा, प्रेम और पारिवारिक जीवन की विस्तृत जानकारी दी गई है।
🔢 मूलांक 1 (1, 10, 19, 28)
आज का दिन स्थिरता और प्रगति लेकर आएगा।
नौकरी में वरिष्ठों और पिता समान व्यक्तियों का सहयोग मिलेगा।
व्यवसाय में रुके हुए सौदे पूरे हो सकते हैं।
छात्रों को गुरुजनों से मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
धन के मामले में स्थिति संतुलित रहेगी।
प्रेम जीवन सामान्य लेकिन भरोसेमंद रहेगा।
शुभ अंक – 31
शुभ रंग – केसरिया
🔢 मूलांक 2 (2, 11, 20, 29)
आज नई शुरुआत का दिन है।
पुराना तनाव समाप्त होगा और मानसिक शांति मिलेगी।
नौकरी में बदलाव या नई नौकरी का संकेत है।
धन निवेश से लाभ होगा।
स्वास्थ्य में सुधार दिखेगा।
प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
शुभ अंक – 19
शुभ रंग – बैंगनी

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🔢 मूलांक 3 (3, 12, 21, 30)
व्यवसाय में बहस या मतभेद हो सकते हैं, धैर्य रखें।
नौकरी में विरोधी सक्रिय रहेंगे, लेकिन नुकसान नहीं होगा।
धन संचय में वृद्धि होगी।
राजनीति व प्रशासन से जुड़े लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
प्रेम जीवन में संवाद जरूरी है।
शुभ अंक – 21
शुभ रंग – नारंगी
🔢 मूलांक 4 (4, 13, 22, 31)
वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा।
करियर में बड़ा निर्णय भविष्य को बेहतर बनाएगा।
नौकरी में स्थायित्व मिलेगा।
व्यवसाय में नई योजना लाभ देगी।
प्रेम संबंध में मित्रों की भूमिका अहम रहेगी।
शुभ अंक – 6
शुभ रंग – हरा
🔢 मूलांक 5 (5, 14, 23)
संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा।
परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।
धन निवेश से अपेक्षा से अधिक लाभ होगा।
नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी संभव।
शिक्षा में सफलता के संकेत हैं।
शुभ अंक – 2
शुभ रंग – सफेद
🔢 मूलांक 6 (6, 15, 24)
दिन मिश्रित परिणाम देगा।
भावनाएं हावी रह सकती हैं, संयम जरूरी है।
नौकरी और व्यापार में आत्मविश्वास से काम लें।
स्वास्थ्य को लेकर सावधानी रखें।
प्रेम जीवन में समझदारी से रिश्ते मजबूत होंगे।
शुभ अंक – 19
शुभ रंग – बैंगनी

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🔢 मूलांक 7 (7, 16, 25)
आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा।
परीक्षा परिणाम अनुकूल रहेंगे।
व्यवसाय की योजनाएं सफल होंगी।
परिवार व समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।
धार्मिक कार्य में रुचि बढ़ेगी।
शुभ अंक – 12
शुभ रंग – सफेद
🔢 मूलांक 8 (8, 17, 26)
प्रेम जीवन के लिए दिन शानदार है।
निवेश करने के लिए समय अनुकूल है।
वाहन या संपत्ति खरीदने का योग बन रहा है।
व्यवसाय में विस्तार होगा।
भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी।
शुभ अंक – 21
शुभ रंग – नारंगी
🔢 मूलांक 9 (9, 18, 27)
स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें।
नौकरी में किसी पर अधिक भरोसा नुकसान दे सकता है।
व्यवसाय में रुके कार्य आगे बढ़ेंगे।
वैवाहिक जीवन में संवाद की कमी तनाव बढ़ा सकती है।
राजनीतिक क्षेत्र में संयम जरूरी है।
शुभ अंक – 19
शुभ रंग – बैंगनी
📌 निष्कर्ष– दैनिक अंक ज्योतिष आपको आज की रणनीति, जोखिम, और अवसर को समझने में मदद करता है। यदि आप अपने मूलांक के अनुसार कार्य करते हैं, तो सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

🔮 3 फरवरी 2026 का राशिफल: उच्च के मंगल और सिंह चंद्रमा से चमकेगा करियर, लीडरशिप और आत्मविश्वास


आज 3 फरवरी 2026 को ग्रहों की स्थिति बेहद शक्तिशाली बन रही है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल देव अपनी उच्च राशि मकर में विराजमान हैं, जो करियर, नौकरी, व्यवसाय और नेतृत्व क्षमता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संकेत दे रहे हैं। वहीं चंद्रमा सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास, साहस और निर्णय लेने की क्षमता में जबरदस्त वृद्धि होगी।
आज का दिन सिर्फ सोचने का नहीं, बल्कि रणनीति के साथ एक्शन लेने का है। जो लोग अनुशासन, मेहनत और सही प्लानिंग के साथ आगे बढ़ेंगे, उनके लिए सफलता के बंद दरवाजे खुल सकते हैं
आज प्रोफेशनल लाइफ और इमोशनल बैलेंस बनाए रखना सबसे बड़ा मंत्र रहेगा।
मेष राशि आज का राशिफल (Aries Horoscope Today)
आज आत्मविश्वास और ऊर्जा अपने चरम पर रहेगी। उच्च के मंगल आपको बड़े प्रोजेक्ट और जिम्मेदारियां संभालने की शक्ति देंगे। नौकरी और करियर में आपकी विजिबिलिटी बढ़ेगी, सीनियर्स प्रभावित होंगे।
ध्यान रखें, अति-उत्साह अहंकार में न बदल जाए।
धन: फिजूलखर्ची से बचें
प्रेम: जुनून रहेगा, विनम्रता जरूरी
स्वास्थ्य: अच्छा, ध्यान और प्राणायाम करें
लकी नंबर: 9 | लकी कलर: लाल
उपाय: सूर्य को जल और “ॐ भौमाय नमः” का जाप
वृषभ राशि आज का राशिफल (Taurus Horoscope Today)
आज का दिन स्थिरता और समझदारी का है। करियर में आपकी विश्वसनीयता मजबूत होगी। धीमी लेकिन स्थायी सफलता के संकेत हैं।
पुराने नजरिए से बाहर निकलने की जरूरत है।
धन: बचत और निवेश की योजना बनेगी
प्रेम: भरोसा और सुरक्षा बढ़ेगी
स्वास्थ्य: हल्की वॉक और योग लाभदायक
लकी नंबर: 6 | लकी कलर: हरा
उपाय: लक्ष्मी माता को सफेद फूल अर्पित करें
मिथुन राशि आज का राशिफल (Gemini Horoscope Today)
बुध के प्रभाव से आपकी कम्युनिकेशन स्किल शानदार रहेगी। मीटिंग, इंटरव्यू और डील्स में सफलता मिलेगी।
ओवरथिंकिंग से बचें।
धन: पुराने दस्तावेज और हिसाब देखें
प्रेम: बातचीत से रिश्ते सुधरेंगे
स्वास्थ्य: आंखों और स्क्रीन टाइम का ध्यान रखें
लकी नंबर: 5 | लकी कलर: पीला
उपाय: “ॐ बुधाय नमः” का 11 बार जाप
कर्क राशि आज का राशिफल (Cancer Horoscope Today)
आज भावनात्मक रूप से मजबूत रहेंगे। आर्थिक लाभ के योग हैं। आपकी संवेदनशीलता टीमवर्क में काम आएगी।
खुद पर शक न करें।
धन: स्थिर
प्रेम: भावनात्मक जुड़ाव गहरा होगा
स्वास्थ्य: तनाव से पाचन प्रभावित हो सकता है
लकी नंबर: 2 | लकी कलर: सफेद
उपाय: पीपल को दूध मिला जल अर्पित करें

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सिंह राशि आज का राशिफल (Leo Horoscope Today)
चंद्रमा आपकी राशि में है, जिससे आप पूरे दिन लाइमलाइट में रहेंगे। नेतृत्व और निर्णय क्षमता शानदार रहेगी।
अहंकार से दूरी बनाएं।
धन: स्टेबल
प्रेम: रोमांस रहेगा
स्वास्थ्य: गर्दन और कंधों को आराम दें
लकी नंबर: 1 | लकी कलर: सुनहरा
उपाय: सूर्य को अर्घ्य और गुप्त दान
कन्या राशि आज का राशिफल (Virgo Horoscope Today)
आज आपकी बुद्धिमत्ता और प्लानिंग काम आएगी। नौकरी और व्यवसाय में भरोसा बढ़ेगा।
परफेक्शन के चक्कर में खुद को न थकाएं।
धन: बजट संतुलित
प्रेम: छोटे जेस्चर रिश्ते मजबूत करेंगे
स्वास्थ्य: नींद पूरी करें
लकी नंबर: 5 | लकी कलर: हरा
उपाय: गौ सेवा करें
तुला राशि आज का राशिफल (Libra Horoscope Today)
आज रिश्तों और करियर में संतुलन बनेगा। कूटनीति से बड़े विवाद सुलझ सकते हैं।
निर्णय टालने से बचें।
धन: सजावट पर खर्च संभव
प्रेम: शांति और समझदारी
स्वास्थ्य: योग लाभ देगा
लकी नंबर: 6 | लकी कलर: गुलाबी
उपाय: “ॐ शुं शुक्राय नमः” का जाप
वृश्चिक राशि आज का राशिफल (Scorpio Horoscope Today)
मंगल का प्रभाव आपको निडर और रणनीतिक बनाएगा। प्रतियोगिता में बढ़त मिलेगी।
अत्यधिक इंटेंस होने से बचें।
धन: गुप्त निवेश सोच-समझकर
प्रेम: पैशन रहेगा
स्वास्थ्य: मेडिटेशन जरूरी
लकी नंबर: 9 | लकी कलर: मैरून
उपाय: हनुमान जी की पूजा करें
धनु राशि आज का राशिफल (Sagittarius Horoscope Today)
पुरानी समस्याओं का समाधान मिलेगा। करियर में अनुभव काम आएगा।
वाणी पर संयम रखें।
धन: निवेश की समीक्षा
प्रेम: व्यवहारिक सहयोग
स्वास्थ्य: गले और दांतों का ध्यान
लकी नंबर: 3 | लकी कलर: पीला
उपाय: पीली मिठाई दान करें
मकर राशि आज का राशिफल (Capricorn Horoscope Today)
आज आप पावरफुल फेज में हैं। करियर, राजनीति और व्यवसाय में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
काम का दबाव रिश्तों पर न डालें।
धन: स्टेटस बढ़ेगा
प्रेम: सुरक्षा का भाव
स्वास्थ्य: जोड़ों का ध्यान
लकी नंबर: 8 | लकी कलर: भूरा
उपाय: तिल के तेल का दीपक जलाएं
कुंभ राशि आज का राशिफल (Aquarius Horoscope Today)
नए विचार और इनोवेशन से फायदा होगा। रिसर्च और भविष्य की प्लानिंग मजबूत होगी।
भावनात्मक दूरी से बचें।
धन: रुका पैसा मिल सकता है
प्रेम: भावनात्मक गर्माहट जरूरी
स्वास्थ्य: पैरों और मानसिक थकान पर ध्यान
लकी नंबर: 8 | लकी कलर: नीला
उपाय: पीपल के नीचे दीपक जलाएं
मीन राशि आज का राशिफल (Pisces Horoscope Today)
आज अंतर्ज्ञान बहुत मजबूत रहेगा। कला, शिक्षा और सेवा क्षेत्र में सफलता मिलेगी।
दूसरों की नेगेटिविटी खुद पर न लें।
धन: नए स्रोत बनेंगे
प्रेम: भावनात्मक सुकून
स्वास्थ्य: पानी और ध्यान जरूरी
लकी नंबर: 7 | लकी कलर: समुद्री हरा
उपाय: पौधे को दूध मिला जल दें

जानिए क्यों यह दिन इतिहास में खास है

📜 3 फ़रवरी का महत्वपूर्ण इतिहास: विश्व और भारत की ऐतिहासिक घटनाएँ जिन्होंने बदली समय की दिशा
(3 February Important History in Hindi)


इतिहास केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि मानव सभ्यता की स्मृति है। 3 फ़रवरी का इतिहास विश्व और भारत दोनों के लिए कई निर्णायक घटनाओं का साक्षी रहा है। इस दिन युद्धों के परिणाम बदले, शिक्षा के नए केंद्र बने, तकनीकी क्रांतियाँ शुरू हुईं और राजनीति, विज्ञान, खेल व संस्कृति के क्षेत्र में ऐतिहासिक फैसले लिए गए।
यह लेख 3 फ़रवरी की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं को सरल, तथ्यपरक और खोज-अनुकूल भाषा में प्रस्तुत करता है, ताकि पाठक न केवल पढ़ें बल्कि समझें कि यह दिन क्यों महत्वपूर्ण है।
🔎 3 फ़रवरी का इतिहास क्यों महत्वपूर्ण है?
3 फ़रवरी वह दिन है जब

  • भारत में आधुनिक शिक्षा की नींव पड़ी
  • मराठा शक्ति अपने शिखर पर पहुँची
  • भारत ने रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाए
  • विश्व में विज्ञान, युद्ध और खेल के नए अध्याय लिखे गए
    🏛️ 3 फ़रवरी की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ
    ⚔️ 1503 – दीव की ऐतिहासिक लड़ाई
    3 फ़रवरी 1503 को दीव (वर्तमान दमन और दीव) में पुर्तग़ालियों और उस्मानी साम्राज्य के बीच भीषण संघर्ष हुआ। यह लड़ाई भारत के समुद्री व्यापार और अरब सागर पर नियंत्रण के लिए लड़ी गई थी। इस युद्ध ने यूरोपीय शक्तियों के भारत में स्थायी प्रवेश की नींव रखी।
    🛡️ 1760 – उदगीर का युद्ध
    मराठा सेनापति सदाशिव राव भाऊ के नेतृत्व में मराठों ने निज़ाम की सेना को पराजित किया। यह जीत मराठा साम्राज्य की सैन्य शक्ति और रणनीतिक श्रेष्ठता का प्रतीक बनी।
    🧀 1815 – दुनिया का पहला पनीर कारखाना
    स्विट्ज़रलैंड में विश्व का पहला औद्योगिक पनीर उत्पादन कारखाना स्थापित हुआ। यह खाद्य उद्योग के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम था।
    🎓 1916 – बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) की स्थापना
    महामना पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय भारत के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक बना। यह शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की सोच का प्रतीक है।
    🚆 1925 – भारत की पहली बिजली संचालित ट्रेन
    मुंबई से कुर्ला के बीच भारत की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन सेवा शुरू हुई, जिसने भारतीय रेलवे को आधुनिकता की ओर अग्रसर किया।
    ✈️ 1934 – हवाई पार्सल सेवा की शुरुआत
    पहली बार हवाई जहाजों से पार्सल भेजे गए। यह सेवा आगे चलकर लुफ्थांसा जैसी वैश्विक एयरलाइन कंपनी की पहचान बनी।
    🌏 1942 – जावा पर जापानी हवाई हमला
    द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान ने जावा पर पहला हवाई हमला किया, जिसने दक्षिण-पूर्व एशिया में युद्ध की दिशा बदल दी।
    ⚔️ 1945 – रूस का जापान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने का निर्णय
    सोवियत संघ ने जापान के खिलाफ युद्ध में उतरने की सहमति दी, जो द्वितीय विश्व युद्ध के अंत की बड़ी वजह बनी।
    🕉️ 1954 – इलाहाबाद कुम्भ मेला हादसा
    कुम्भ मेले के दौरान मची भगदड़ में 500 से अधिक श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई। यह भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक की दुखद घटना थी।
    🕊️ 1969 – सी. एन. अन्नादुरई का निधन
    तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख नेता सी. एन. अन्नादुरई का निधन हुआ।
    1970 – तलचर उर्वरक संयंत्र की आधारशिला
    भारत के पहले और दुनिया के सबसे बड़े कोयला आधारित उर्वरक संयंत्र की नींव तलचर (ओडिशा) में रखी गई।
    ❄️ 1972 – एशिया का पहला शीतकालीन ओलंपिक
    जापान के सप्पारो में एशिया का पहला विंटर ओलंपिक आयोजित हुआ।
    🚢 1988 – आईएनएस चक्र भारतीय नौसेना में शामिल
    भारत की पहली परमाणु पनडुब्बी INS Chakra नौसेना में शामिल हुई, जिससे भारत की सामरिक क्षमता बढ़ी।
    🌐 1999 – अंतरराष्ट्रीय और राजनीतिक घटनाएँ
  • जम्मू-कश्मीर में डेमोक्रेटिक जनता दल का पुनरुद्धार
  • दावोस में विश्व आर्थिक मंच की 29वीं वार्षिक बैठक संपन्न
    🤝 2003 – भारत-उज़बेकिस्तान आतंकवाद विरोधी सहयोग
    दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्यदल गठित किया।
    🇺🇸 2005 – दलीप सिंह सौंद को अमेरिकी संसद में सम्मान
    भारतीय मूल के पहले अमेरिकी सांसद को सम्मानित करने हेतु विधेयक पारित हुआ।
    🚢 2006 – मिस्र का जहाज़ अल सलाम-98 डूबा
    लाल सागर में हुए हादसे में सैकड़ों लोगों की जान गई।
    🛰️ 2007 – चीन का नेविगेशन सैटेलाइट लॉन्च
    चीन ने मल्टीपरपज सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित किया।
    🏅 2018 – भारत अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप विजेता
    भारत ने चौथी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा।
    📌 निष्कर्ष
    3 फ़रवरी का इतिहास हमें यह सिखाता है कि एक दिन में शिक्षा, युद्ध, विज्ञान, राजनीति और खेल जैसे अनेक क्षेत्रों में बदलाव संभव हैं। यह तिथि भारत और विश्व के ऐतिहासिक सफर की महत्वपूर्ण कड़ी है।

Breaking News: भारत-अमेरिका ट्रेड डील, ट्रंप ने घटाया भारत पर टैरिफ 25% से 18%

अमेरिका ने भारत को बड़ी राहत देते हुए टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के तुरंत बाद इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर साझा की। ट्रंप ने पीएम मोदी की खुलकर तारीफ करते हुए उन्हें अपना करीबी दोस्त और मजबूत नेता बताया।

डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच एक नई ट्रेड डील पर सहमति बनी है, जिसके तहत दोनों देश आपसी व्यापार में रुकावटें कम करेंगे। इस समझौते के बाद भारत पर लगने वाला अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है।

ट्रंप ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूस से तेल खरीद बंद करने और अमेरिका व वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदने पर सहमति जताई है। उनका कहना है कि इससे रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में मदद मिल सकती है, जिसमें हर हफ्ते हजारों लोगों की जान जा रही है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत अब ‘Buy American’ नीति के तहत अमेरिका से बड़े पैमाने पर खरीद करेगा। इसमें 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, कृषि, कोयला और अन्य उत्पाद शामिल होंगे।

ट्रंप के मुताबिक, भारत-अमेरिका संबंध आने वाले समय में और मजबूत होंगे और दोनों देश व्यापार, ऊर्जा और वैश्विक राजनीति में एक-दूसरे के भरोसेमंद साझेदार बनकर उभरेंगे।

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Air India के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर में फिर गंभीर तकनीकी खराबी, उड़ान से पहले टला बड़ा हादसा

Air India के बेड़े में शामिल बोइंग-787 ड्रीमलाइनर विमान एक बार फिर गंभीर तकनीकी खराबी के चलते सुर्खियों में है। इस बार मामला लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट AI132 का है, जहां टेक-ऑफ से ठीक पहले ऐसी गड़बड़ी सामने आई, जिसने विमानन सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह तकनीकी समस्या बिल्कुल उसी तरह की बताई जा रही है, जैसी कुछ समय पहले अहमदाबाद में क्रैश हुई AI-171 फ्लाइट में सामने आई थी।

उड़ान से पहले बड़ा खतरा टला

यह घटना 1 फरवरी 2026 की है। एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर जब बेंगलुरु के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था, तभी इंजन स्टार्ट प्रक्रिया के दौरान पायलटों ने एक गंभीर तकनीकी खामी महसूस की। Safety Matters Foundation के अनुसार, विमान के बाएं इंजन का फ्यूल कंट्रोल स्विच अपनी निर्धारित स्थिति में लॉक नहीं हो पा रहा था।

जब पायलटों ने स्विच को ‘RUN’ मोड पर सेट किया, तो वह अपने आप ‘CUTOFF’ की ओर खिसक गया। अगर यह स्थिति उड़ान के दौरान पैदा होती, तो बीच हवा में इंजन बंद होने जैसा बेहद खतरनाक हालात बन सकता था। संभावित जोखिम को देखते हुए फ्लाइट क्रू ने तुरंत उड़ान रद्द करने का फैसला लिया और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

अहमदाबाद प्लेन क्रैश से जुड़ता कनेक्शन

Safety Matters Foundation का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले अहमदाबाद में क्रैश हुई एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 में भी ठीक इसी तरह की समस्या सामने आई थी। उस मामले में भी फ्यूल कंट्रोल स्विच के ढीले होने और लॉक न हो पाने की शिकायत दर्ज की गई थी।

दोनों घटनाओं में समानता यह संकेत देती है कि समस्या केवल किसी एक विमान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के एक पुराने डिजाइन डिफेक्ट से जुड़ी हो सकती है।

FAA की 2018 की चेतावनी फिर आई सामने

इस पूरे मामले में एक अहम पहलू यह है कि अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) ने वर्ष 2018 में ही बोइंग 787 विमानों को लेकर चेतावनी जारी की थी। FAA ने अपनी एडवाइजरी में कहा था कि फ्यूल कंट्रोल स्विच में पर्याप्त फ्रिक्शन न होने के कारण वह अपने आप ‘CUTOFF’ पोजिशन में जा सकता है।

FAA के अनुसार, ऐसी स्थिति में In-flight Engine Shutdown का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है, जो यात्रियों और क्रू दोनों की जान के लिए बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है। अब AI132 और पहले AI-171 में सामने आई घटनाएं उसी चेतावनी को एक बार फिर सही साबित करती दिख रही हैं।

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एअर इंडिया का दावा और उठते सवाल

एअर इंडिया की ओर से कहा गया है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के निर्देशों के तहत उसने अपने पूरे बोइंग 787 ड्रीमलाइनर बेड़े की जांच पहले ही कर ली थी और सभी विमान सुरक्षित पाए गए थे।
लेकिन इस ताजा घटना के बाद बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जब सभी विमानों की जांच पूरी हो चुकी थी और उन्हें सुरक्षित बताया गया था, तो फिर फ्लाइट AI132 में वही गंभीर तकनीकी खराबी दोबारा कैसे सामने आई?

इस सवाल ने न सिर्फ एयरलाइन की आंतरिक जांच प्रक्रिया पर बल्कि बोइंग विमानों की डिजाइन और मेंटेनेंस व्यवस्था पर भी बहस तेज कर दी है।

DGCA को सौंपी गई रिपोर्ट, विमान ग्राउंडेड

घटना के बाद एअर इंडिया ने पूरी तकनीकी रिपोर्ट DGCA को सौंप दी है। संबंधित विमान, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-ANX है, को फिलहाल ग्राउंड कर दिया गया है। DGCA की निगरानी में इस विमान की गहन तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि खराबी की असली वजह क्या है और भविष्य में इस तरह के खतरे को कैसे टाला जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह की समस्याओं पर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह यात्रियों के भरोसे और विमानन सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।

विमानन सुरक्षा पर बढ़ती चिंता

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बोइंग 787 ड्रीमलाइनर पूरी तरह सुरक्षित हैं और क्या एयरलाइंस द्वारा की जा रही जांच पर्याप्त है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए अब DGCA और अन्य विमानन एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है कि वे केवल कागजी जांच तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त तकनीकी मूल्यांकन सुनिश्चित करें।

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उत्तर प्रदेश के 68,236 कर्मचारियों ने नहीं दिया संपत्ति विवरण, वेतन रोकने के आदेश लागू

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार के लाखों कर्मचारियों के लिए चल और अचल संपत्ति का विवरण देना अब सख्ती से अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में राज्यकर्मी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कुल 68,236 राज्यकर्मियों ने अब तक मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण अपलोड नहीं किया है। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने वेतन रोकने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

सरकार ने पहले ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए थे कि वे 31 जनवरी तक अपनी चल और अचल संपत्ति का वार्षिक विवरण ऑनलाइन दर्ज करें। इस संबंध में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे और सभी विभागों को समयसीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया था। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।

वेतन रोकने की कार्रवाई शुरू

राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन कर्मचारियों ने तय समयसीमा तक संपत्ति विवरण जमा नहीं किया है, उनका वेतन रोक दिया जाएगा। यह आदेश अब प्रभावी हो चुका है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। संपत्ति विवरण न देना सेवा नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

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तृतीय श्रेणी कर्मचारी सबसे ज्यादा डिफॉल्टर

विभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो डिफॉल्टर सूची में सबसे अधिक संख्या तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की है।

• 34,926 तृतीय श्रेणी कर्मचारी
• 22,624 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
• 7,204 द्वितीय श्रेणी कर्मचारी
• 2,628 प्रथम श्रेणी अधिकारी

इन आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इतने बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी को सरकार गंभीर प्रशासनिक समस्या मान रही है।

क्यों जरूरी है संपत्ति विवरण

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, संपत्ति का वार्षिक विवरण देना सेवा नियमों के तहत अनिवार्य है। इससे कर्मचारियों की आय और संपत्ति में पारदर्शिता बनी रहती है और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण में मदद मिलती है। सरकार का मानना है कि समय-समय पर संपत्ति विवरण से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि आय के स्रोत और संपत्ति में कोई असंगति न हो।

विभागीय कार्रवाई की चेतावनी

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सिर्फ वेतन रोकने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। जरूरत पड़ने पर विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। अब सरकार की सख्ती के बाद यह देखना अहम होगा कि कितने कर्मचारी जल्द से जल्द मानव संपदा पोर्टल पर अपना संपत्ति विवरण अपडेट करते हैं और कितनों के खिलाफ आगे की कार्रवाई होती है।

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जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, तिथि-नक्षत्र और चंद्रबल

🔱 आज का पंचांग 03 फरवरी 2026


आज का पंचांग 03 फरवरी 2026 हिन्दू धर्म, ज्योतिष और दैनिक जीवन के निर्णयों में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में किया गया कार्य सफलता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है, वहीं अशुभ काल से बचना जीवन में बाधाओं को कम करता है।
आइए जानते हैं मंगलवार, 03 फरवरी 2026 का विस्तृत पंचांग।

आज की तिथि एवं संवत विवरण
दिनांक: 03 फरवरी 2026
वार: मंगलवार
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
अमांत मास: माघ
पूर्णिमांत मास: फाल्गुन
ऋतु: शिशिर
अयन: उत्तरायण
🌓 तिथि का विवरण
कृष्ण पक्ष द्वितीया:
03 फरवरी 01:52 AM से 04 फरवरी 12:40 AM तक
कृष्ण पक्ष तृतीया:
04 फरवरी 12:40 AM से 05 फरवरी 12:09 AM तक
👉 द्वितीया तिथि शुभ मानी जाती है, विशेषकर धन, व्यापार और पारिवारिक कार्यों के लिए।
नक्षत्र का विवरण
मघा नक्षत्र:
02 फरवरी 10:47 PM से 03 फरवरी 10:10 PM तक
पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र:
03 फरवरी 10:10 PM से 04 फरवरी 10:12 PM तक
🔸 गण्डमूल नक्षत्र:मघा नक्षत्र गण्डमूल श्रेणी में आता है, अतः जन्म या विशेष कार्यों में सावधानी आवश्यक।
🧘‍♂️ योग का प्रभाव
शोभन योग:03 फरवरी 04:45 AM से 04 फरवरी 02:38 AM तक
अतिगण्ड योग:
04 फरवरी 02:38 AM से 05 फरवरी 01:04 AM तक
👉 शोभन योग में किया गया कार्य यश और सफलता प्रदान करता है।
🔔 करण विवरण
तैतिल करण: 01:52 AM – 01:12 PM
गर करण: 01:12 PM – 12:41 AM
वणिज करण: 12:41 AM – 12:20 PM (अगले दिन)
☀️ सूर्य और 🌙 चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: 07:09 AM
सूर्यास्त: 06:11 PM
चन्द्रोदय: 07:48 PM
चन्द्रास्त: 08:38 AM
सूर्य राशि: मकर
चंद्र राशि: सिंह (पूरा दिन-रात)
⚠️ आज के अशुभ काल
राहुकाल: 03:25 PM – 04:48 PM
यमगण्ड: 09:55 AM – 11:17 AM
कुलिक काल: 12:40 PM – 02:03 PM
दुर्मुहूर्त:
09:22 AM – 10:06 AM
11:22 PM – 12:14 AM
वर्ज्यम्:
06:11 AM – 07:47 AM
10:28 AM – 12:01 PM
🚫 इन समयों में नए कार्य, यात्रा या शुभ आयोजन से बचें।
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 05:33 AM – 06:21 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:18 PM – 01:02 PM
अमृत काल: 07:48 PM – 09:22 PM
🌼 विवाह, निवेश, पूजा-पाठ, नया कार्य प्रारंभ करने के लिए शुभ।
🕰️ दिन का चौघड़िया
रोग: 07:09 – 08:32
उद्बेग: 08:32 – 09:55
चर: 09:55 – 11:17
लाभ: 11:17 – 12:40
अमृत: 12:40 – 14:03
काल: 14:03 – 15:25
शुभ: 15:25 – 16:48
रोग: 16:48 – 18:11
🌙 रात का चौघड़िया
काल: 18:11 – 19:48
लाभ: 19:48 – 21:25
उद्बेग: 21:25 – 23:03
शुभ: 23:03 – 00:40
अमृत: 00:40 – 02:17
चर: 02:17 – 03:54
रोग: 03:54 – 05:32
काल: 05:32 – 07:09
🔮 चंद्रबल (राशि)
04 फरवरी 07:09 AM तक शुभ राशियां:
मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुंभ, मीन
🌟 ताराबल (नक्षत्र)
03 फरवरी 10:10 PM तक शुभ नक्षत्र:
भरणी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, रेवती
📌 आज का पंचांग क्यों है महत्वपूर्ण?
आज का पंचांग 03 फरवरी 2026 न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि दैनिक जीवन के फैसलों—जैसे व्यापार, निवेश, यात्रा, पूजा, व्रत और शुभारंभ—के लिए अत्यंत उपयोगी है। पंचांग देखकर कार्य करने से ग्रह-दोषों से बचाव होता है और सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।

सीमावर्ती थारू बहुल क्षेत्रों तक पहुंचेगी आधुनिक चिकित्सा, गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0 का शुभारंभ

लखीमपुर खीरी (राष्ट्र की परम्परा)। भारत–नेपाल सीमा से सटे सुदूर थारू बहुल एवं सीमावर्ती इलाकों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0 का शुभारंभ किया गया है। इस व्यापक अभियान के माध्यम से लगभग ढाई लाख से अधिक लोगों तक निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यात्रा का मुख्य उद्देश्य उन दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जहां आज भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच सीमित है। इस वर्ष के कार्यक्रम में केजीएमयू, एम्स, एसजीपीजीआई और बीएचयू सहित देशभर के 1000 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक, डॉक्टर एवं मेडिकल छात्र भाग ले रहे हैं। दुर्गम इलाकों में पोर्टेबल जांच मशीनों के माध्यम से त्वरित जांच एवं विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
अभियान के तहत 6 और 7 फरवरी को लगभग 300 ग्रामीण केंद्रों पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे, जबकि 8 फरवरी को संबंधित जिलों में विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन होगा। स्वास्थ्य मेले में निःशुल्क जांच, दवा वितरण और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श प्रदान किया जाएगा।
पिछले पांच वर्षों में इस अभियान के माध्यम से चार लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। इस वर्ष 2.5 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। शिविरों के दौरान स्वच्छता किट वितरण, स्वास्थ्य शिक्षा कार्यशालाएं, महिलाओं के लिए माहवारी स्वच्छता जागरूकता, दंत एवं नेत्र जांच, चश्मा वितरण तथा आधार और आयुष्मान कार्ड पंजीकरण की सुविधा भी दी जाएगी। साथ ही थारू समाज से जुड़े स्वास्थ्य अनुसंधान पर भी कार्य किया जाएगा।
अभियान में स्वयंसेवक पैदल यात्रा कर दूरस्थ गांवों तक दवा और चिकित्सा सेवाएं पहुंचाएंगे। मेडिकल छात्रों की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रेस वार्ता में एनएमओ लखीमपुर इकाई अध्यक्ष डॉ. रमा रमन मिश्रा, अवध प्रांत संगठन मंत्री डॉ. जय राम, डॉ. अश्वनी गुप्त, मनीष मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
लखीमपुर जिले में स्वास्थ्य शिविर 6 व 7 फरवरी को तथा विशाल स्वास्थ्य मेला 8 फरवरी को आयोजित किया जाएगा।