Wednesday, May 6, 2026
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त्रिवेणी तट पर सजी लोक-संस्कृति की महफिल, ‘चलो मन गंगा-यमुना तीर’ में उमड़ा भक्तिरस

प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र एवं संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘चलो मन गंगा–यमुना तीर’ कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को त्रिवेणी तट लोकगायन, लोकनृत्य और भक्तिरस की अनुपम छटा से सराबोर रहा। विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत अंकिता चतुर्वेदी की सुमधुर गायन प्रस्तुति से हुई। उन्होंने “सब तीर्थ का राजा जग में पावन प्रयागराज है”, “मेरे भोले नाथ जी”, “मेरे नाम से पहले सियाराम लिख देना”, “मृगनयनी को यार”, “नवल रसिया” तथा सूफी रचना “दमा दम मस्त कलंदर” प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इसके बाद मीना खन्ना एवं उनके दल ने लोकनृत्य (फोकस वर्ड):चलो मन गंगा–यमुना तीर(टैग):प्रयागराज, त्रिवेणी तट, लोकगायन, लोकनृत्य, संस्कार भारती, उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, भारतीय लोकसंस्कृति, सांस्कृतिक कार्यक्रम

की रंगारंग प्रस्तुतियाँ दीं। “हरि भरी धरती मा लहर लेहरवा मोरा” पर कजरी नृत्य, “बारे भाग्य से आए श्रीराम” और “प्रयाग में उतारे ढेड़िया” गीतों पर ढेड़िया लोकनृत्य, “परम प्रेममय राधिका, कृष्ण परम उल्लास” पर आधारित रासलीला तथा महिषासुर वध पर आधारित लोकनृत्य ने दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं।
महाराष्ट्र से आए विशाल गेंदले एवं उनके साथी कलाकारों ने वाद्य यंत्र बैंड की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। राग हंसध्वनि और राग यमन की शास्त्रीय जुगलबंदी के साथ भजन “ओम जय जगदीश हरे”, “श्रीराम चंद्र कृपालु भजमन”, “रघुपति राघव राजा राम” और “अच्युतम् केशवम्” की प्रस्तुति ने श्रोताओं को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में जवाबी बिरहा का आयोजन हुआ, जिसमें दिलीप कुमार यादव, संतोष चंचल, गोविन्द पाल, अर्चना, यशपाल, सत्यप्रकाश पटेल, ममता पटेल एवं यज्ञ नारायण ने बिरहा के माध्यम से लोकजीवन की संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के समापन पर उपनिदेशक डॉक्टर आदित्य श्रीवास्तव, उपनिदेशक (कार्यक्रम) डॉक्टर मुकेश उपाध्याय, विभव मिश्रा एवं संस्कार भारती के महामंत्री द्वारा कलाकारों को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।

रासेयो से मिलता है सामाजिक स्वतंत्रता और सह-अस्तित्व का संस्कार: कैप्टन मंजू सिंह

अंबेडकरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। गांधी स्मारक इंटर कॉलेज, राजेसुलतानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) की दो इकाइयों द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय विशेष शिविर के समापन सत्र को संबोधित करते हुए हिमालयन वुड बैजधारी कैप्टन मंजू सिंह ने स्वयंसेविकाओं में नई ऊर्जा का संचार किया।
उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र कल-कारखानों या अस्त्र-शस्त्रों से नहीं, बल्कि वहां के नागरिकों के कर्तव्यबोध, सत्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण से महान बनता है। इसके लिए राजनीतिक स्वतंत्रता से पहले सामाजिक स्वतंत्रता और सह-अस्तित्व की भावना का विकास आवश्यक है, जो रासेयो जैसे मंच के माध्यम से प्राप्त होती है।
उल्लेखनीय है कि 27 जनवरी से 2 फरवरी तक उक्त विशेष शिविर का आयोजन गांधी स्मारक संस्कृत पाठशाला में किया गया। शिविर के अंतिम दिन वृहद समापन सत्र आयोजित हुआ, जिसे राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के मंडलीय अध्यक्ष डॉ. उदयराज मिश्र, पूर्व कार्यक्रमाधिकारी राजेश मिश्र, श्याम केतु सिंह, सुधीर शुक्ल, अमरनाथ पांडेय, नीतू सिंह, सुनील कुमार, डॉ. संतोष सिंह तथा राष्ट्रपति स्काउट मलखान सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। साथ ही मतदाता जागरूकता विषय पर संक्षिप्त संगोष्ठी आयोजित कर उपस्थित मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करते हुए शपथ दिलाई गई।

निर्माण श्रमिकों को मिले योजनाओं के स्वीकृति पत्र, 17.97 लाख की सहायता वितरित

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। नगर पंचायत रामकोला कार्यालय में सोमवार को श्रम विभाग अंतर्गत उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं के तहत निर्माण श्रमिकों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रामकोला विधायक विनय प्रकाश गोंड ने लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए।
विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिकों का पंजीकरण आवश्यक है, जो सहज जनसेवा केंद्र अथवा विभागीय पोर्टल के माध्यम से कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों को मातृत्व शिशु सहायता, शिक्षा प्रोत्साहन, कन्या विवाह सहायता तथा अटल आवासीय विद्यालय में निःशुल्क शिक्षा जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि श्रमिकों को बालक के जन्म पर 20 हजार रुपये और बालिका के जन्म पर 25 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। पुत्री के विवाह पर 65 हजार रुपये का अनुदान, श्रमिक की सामान्य मृत्यु पर 2.25 लाख रुपये तथा दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5.25 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है। विधायक ने श्रमिकों से अटल आवासीय विद्यालय योजना में अधिक से अधिक आवेदन करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान कन्या विवाह योजना के पांच लाभार्थियों को 3.05 लाख रुपये, मातृत्व शिशु बालिका मदद योजना के 21 लाभार्थियों को 8.17 लाख रुपये तथा मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना के पांच लाभार्थियों को 6.75 लाख रुपये सहित कुल 17.97 लाख रुपये की सहायता राशि के स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सतीश चौधरी, सभासद आलोक गुप्ता, श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।

कौशल विकास और सतत प्रशिक्षण- सफलता की गारंटी

बिछुआ (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में प्राचार्य डॉ. आर. पी. यादव के मार्गदर्शन में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं इन्नोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर के अंतर्गत एनआईआईटी फाउंडेशन द्वारा इंफोसिस फाउंडेशन पहल के तहत सतत मॉडल पर फोकस ग्रुप चर्चा का सफल आयोजन किया गया।
चर्चा के दौरान कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी ने बताया कि यह प्रशिक्षण स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एनआईआईटी छिंदवाड़ा से मोहित सूर्यवंशी, प्रज्ञा माल्या एवं दीपेश डेहरिया ने सक्रिय भूमिका निभाई।
महाविद्यालय परिवार से डॉ. पूजा तिवारी, मनीष पटेल, डॉ. मनीषा आमटे, डॉ. कीर्ति डेहरिया, अजीत गौतम, डॉ. अनिल अहिरवार एवं डॉ. मनिता कौर विरदी उपस्थित रहीं। चर्चा में कुल 47 विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के विचारों को समझना तथा महाविद्यालय में प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट की सशक्त संस्कृति का निर्माण करना रहा। सत्र अत्यंत संवादात्मक और ज्ञानवर्धक रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने कौशल विकास, रोजगार-योग्यता और करियर तैयारी के प्रति गहरी रुचि एवं उत्साह प्रदर्शित किया।
इस प्रकार की पहलें विद्यार्थियों को करियर के लिए तैयार करने के साथ-साथ सतत प्रशिक्षण मॉडल को सुदृढ़ बनाती हैं और बेहतर प्लेसमेंट परिणाम सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होती हैं। कार्यक्रम का सफल आयोजन कॉलेज प्रशासन एवं कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के सहयोग से संपन्न हुआ।

प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएँ विषयक सात दिवसीय कार्यशाला 3 फरवरी से

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर तथा दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएँ विषय पर सात दिवसीय कार्यशाला एवं राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ 3 फरवरी 2026, मंगलवार को पूर्वाह्न 11:00 बजे किया जाएगा।
उद्घाटन सत्र का आयोजन दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग में होगा। राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत मुख्य अतिथि एवं विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रोफेसर विपुला दुबे (सेवानिवृत्त), पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग, दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय उपस्थित रहेंगी। वे प्राचीन भारतीय अभिलेखों और मुद्राओं की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्ता पर व्याख्यान देंगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. राजवंत राव, प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग द्वारा की जाएगी। कार्यशाला के संयोजक प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी, विभागाध्यक्ष, प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग हैं, जबकि सह संयोजक के रूप में डॉ. यशवंत सिंह राठौर, उप निदेशक, राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर एवं संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश की भूमिका रहेगी।
आयोजकों के अनुसार प्रथम दिवस के अतिरिक्त शेष दिवसों में 4 से 9 फरवरी 2026 तक कार्यशाला के सत्र यशोधरा सभागार, राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में अपराह्न 12:30 बजे से आयोजित किए जाएंगे। कार्यशाला के दौरान अभिलेख शास्त्र, मुद्राशास्त्र, प्राचीन लिपियाँ, सिक्कों का अध्ययन एवं संरक्षण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजनाओं में ग्राम सभा की निर्णायक भूमिका स्पष्ट

भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण और मुख्यमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के चयन को लेकर शासन स्तर से बड़ा और स्पष्ट संदेश सामने आया है। ग्राम विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी पत्र में साफ किया गया है कि दोनों योजनाओं में लाभार्थियों की पात्रता सूची का अंतिम अनुमोदन ग्राम सभा के माध्यम से ही किया जाएगा।ग्राम प्रधान संगठन, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पाण्डेय द्वारा उठाए गए बिंदुओं के संदर्भ में शासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण पूर्णतः भारत सरकार द्वारा संचालित योजना है। इसमें लाभार्थियों के चयन से लेकर आवास आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार संपन्न होती है।शासन के अनुसार, सर्वेक्षण के बाद पात्र पाए गए परिवारों की प्राथमिकता सूची को जनपद स्तर पर गठित जिला स्तरीय समिति से अनुमोदित कराया जाता है। इसके बाद इस सूची का ग्राम सभा की खुली बैठक में अनुमोदन अनिवार्य रूप से कराया जाता है, जिससे पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।इसी प्रकार मुख्यमंत्री आवास योजना–ग्रामीण, जो राज्य सरकार द्वारा संचालित है, उसमें भी लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से निर्धारित है। इस योजना में भी पात्र परिवारों की प्राथमिकता सूची की जांच जनपद स्तरीय समिति द्वारा की जाती है और अंततः ग्राम सभा में प्रस्तुत कर अनुमोदित कराई जाती है।शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों योजनाओं में पात्रता सूची के अंतिम अनुमोदन में ग्राम सभा की भूमिका पहले से ही निर्धारित और सुरक्षित है। इसलिए इस विषय में किसी भी प्रकार की भ्रांति या संशय की कोई आवश्यकता नहीं है।अंत में शासन ने संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध और निष्पक्ष कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर आवास का लाभ मिल सके और योजनाओं का उद्देश्य पूर्ण

पीपा पुल से सरयू में गिरे साइकिल सवार की तलाश जारी

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के बरहज थाना क्षेत्र के परसिया देवार गांव के एक व्यक्ति के पीपा पुल पार करते समय साइकिल सहित सरयू नदी में गिर जाने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कर दी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई सफलता नहीं मिली।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम परसिया देवार निवासी धरमू प्रसाद पुत्र स्व. हरिराम प्रसाद सोमवार को साइकिल से बरहज बाजार पीएम सम्मान निधि का फॉर्म भरवाने आए थे। शाम को घर लौटते समय पीपा पुल पर संतुलन बिगड़ने से वह नदी में गिर गए।

घटना के समय पुल पर मौजूद लोगों ने शोर मचाकर बचाने की कोशिश की और तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर खोज अभियान चलाया।

कक्षा 6 और 9 में प्रवेश के लिए 15 फरवरी तक आवेदन का मौका

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)l श्रमिक परिवारों एवं कोविड महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों के शैक्षिक भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत अटल आवासीय विद्यालय योजना के अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी औरैया रीमा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के पात्र बच्चों तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत आने वाले बच्चों से कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं।
यह प्रवेश प्रक्रिया अटल आवासीय विद्यालय, ग्राम रामपुर नरूआ, बिल्हौर, जनपद कानपुर नगर में संचालित आवासीय विद्यालय के लिए की जा रही है, जहां विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
कौन होंगे पात्र अभ्यर्थी
श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक, जिन्होंने 30 नवंबर 2025 तक न्यूनतम तीन वर्ष की सदस्यता पूर्ण कर ली हो, उनके प्रति परिवार अधिकतम दो बच्चे इस योजना के लिए पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ हुए वे बच्चे, जिनका पंजीकरण महिला एवं बाल विकास विभाग में है अथवा जो मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत पात्र हैं, वे भी इस प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।
इस योजना का उद्देश्य समाज के वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ना तथा उनके बौद्धिक और शारीरिक विकास को सुनिश्चित करना है।
आयु सीमा का निर्धारण
अटल आवासीय विद्यालय में प्रवेश के लिए आयु सीमा निर्धारित की गई है, जो सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू होगी।
कक्षा 6 में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी का जन्म 01 मई 2014 से पहले और 31 जुलाई 2016 के बाद नहीं होना चाहिए।
कक्षा 9 में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का जन्म 01 मई 2011 से पहले और 31 जुलाई 2013 के बाद नहीं होना चाहिए।
निर्धारित तिथियां आयु गणना में सम्मिलित होंगी।
शैक्षिक योग्यता
शैक्षिक योग्यता के संबंध में बताया गया कि—
कक्षा 6 में प्रवेश हेतु अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय से कक्षा 5 उत्तीर्ण होना आवश्यक है या वह वर्तमान शैक्षिक सत्र में कक्षा 5 में अध्ययनरत हो।
कक्षा 9 में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का कक्षा 8 उत्तीर्ण होना या वर्तमान सत्र में कक्षा 8 में अध्ययनरत होना अनिवार्य है।
आवेदन प्रक्रिया और फॉर्म उपलब्धता
अटल आवासीय विद्यालय योजना के अंतर्गत आवेदन पत्र का प्रारूप विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इसके साथ ही आवेदन पत्र निःशुल्क रूप से निम्न स्थानों से किसी भी कार्य दिवस में प्राप्त किए जा सकते हैं—
कार्यालय श्रम प्रवर्तन अधिकारी, ब्लॉक परिसर, औरैया
कार्यालय जिला प्रोबेशन अधिकारी, विकास भवन, औरैया
आवेदन पत्र पूर्ण रूप से भरकर सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ जमा करना अनिवार्य होगा।
आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि
पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के पात्र बच्चों के लिए आवेदन पत्र 15 फरवरी 2026 को सायं 05:00 बजे तक कार्यालय श्रम प्रवर्तन अधिकारी, ब्लॉक परिसर औरैया में ऑफलाइन अथवा ऑनलाइन माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।
वहीं कोविड काल में निराश्रित हुए बच्चों तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत पात्र बच्चों के आवेदन पत्र कार्यालय जिला प्रोबेशन अधिकारी, विकास भवन औरैया में जमा किए जाएंगे।
सम्पर्क एवं सहायता
किसी भी प्रकार की जानकारी, मार्गदर्शन अथवा सहायता के लिए अभ्यर्थी अथवा उनके अभिभावक निम्न दूरभाष नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं—
8077325001, 9651403969, 8433471197, 8218435463
शिक्षा के माध्यम से भविष्य निर्माण
अटल आवासीय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य श्रमिक वर्ग और कठिन परिस्थितियों से गुजर चुके बच्चों को समान अवसर प्रदान करना है। इस विद्यालय में आधुनिक शैक्षणिक वातावरण, अनुशासित दिनचर्या और सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
श्रम विभाग और जिला प्रशासन ने पात्र अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और समय से आवेदन कर अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखें।

किसान हित में सख्ती, जमीनी स्तर पर पहुंचे डीएम

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)l शासन की मंशा के अनुरूप किसानों की भूमि को एकीकृत रूप से प्रदर्शित करने और उन्हें सरकारी योजनाओं, सब्सिडी एवं लाभकारी कार्यक्रमों से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे किसान पंजीकरण अभियान की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने विकास खंड अछल्दा के ग्राम नगला धुन्धे का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों से सीधे संवाद कर किसान पंजीकरण एवं फार्मर रजिस्ट्री की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित ग्राम के लेखपाल द्वारा पंजीकरण प्रक्रिया में अपेक्षित रुचि नहीं ली जा रही है तथा अधिकांश कार्य सहायक के भरोसे छोड़ा गया है। इस लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।
डीएम डॉ. त्रिपाठी ने मौके पर उपस्थित नायब तहसीलदार बिधूना को निर्देशित किया कि संबंधित लेखपाल धीरेंद्र सिंह के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाए तथा उसका अंकन सेवा अभिलेखों में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसान पंजीकरण शासन की प्राथमिकता में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि पंजीकरण पूर्ण होने के बाद उन्हें फसल बीमा, किसान सम्मान निधि, खाद-बीज सब्सिडी एवं अन्य योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। उन्होंने राजस्व कर्मियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव जाकर किसानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराया जाए।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार अछल्दा, संबंधित लेखपाल, राजस्व कर्मी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि किसान हितों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

22 फरवरी को लगेगा विधिक साक्षरता एवं मेगा सेवा शिविर

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया के तत्वावधान में आगामी 22 फरवरी 2026 को जनपद में वृहद विधिक साक्षरता एवं सेवा मेगा शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सी.डी.) श्रीमती शैलजा मिश्रा ने दी।
इस संबंध में सोमवार को राजकीय इंटर कॉलेज, देवरिया के परिसर में आयोजित जनपद स्तरीय करियर मेला के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम माननीय जनपद न्यायाधीश देवरिया श्री धनेन्द्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं आम नागरिकों ने भाग लिया।
करियर मेला में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
विधिक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/सिविल जज (सी.डी.) देवरिया शैलजा मिश्रा ने उपस्थित जनमानस को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करने, सही मार्गदर्शन अपनाने और कठिन परिस्थितियों में कानूनी सहायता लेने के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि विधिक साक्षरता का उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग बनाना भी है, ताकि वे किसी भी प्रकार के शोषण या अन्याय के विरुद्ध आवाज उठा सकें।
22 फरवरी को लगेगा विधिक साक्षरता एवं सेवा मेगा शिविर
श्रीमती शैलजा मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर 22.02.2026 को वृहद विधिक साक्षरता एवं सेवा शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस शिविर के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर आम जनता को प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस मेगा शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और मुफ्त कानूनी सहायता को पहुंचाना है। शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
इन योजनाओं का मिलेगा लाभ
वृहद विधिक साक्षरता एवं सेवा शिविर में आम जनमानस को अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रदान किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से—
वृद्धा पेंशन योजना
विधवा पेंशन योजना
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
कन्या सुमंगला योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना
श्रमिक पेंशन योजना
विश्वकर्मा सम्मान योजना
किसानों से संबंधित योजनाएं
दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाएं
इसके अतिरिक्त अन्य विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र लोगों को दिलाया जाएगा।
अधिक से अधिक लाभार्थियों को जोड़ने के निर्देश
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि इस मेगा शिविर को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा कि वे अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों का चयन कर उन्हें शिविर में लाभान्वित करें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी विभागों को समय रहते सूचना दी जाएगी, ताकि व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार हो सके और कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में होगी जागरूकता
उन्होंने कहा कि विधिक साक्षरता शिविर ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक आम नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इन शिविरों के माध्यम से न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाता है, बल्कि जरूरतमंदों को निःशुल्क कानूनी सहायता, परामर्श और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाता है।
पैरा-लीगल वालंटियर्स को दिए गए निर्देश
माननीय जनपद न्यायाधीश देवरिया के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया के सभी पैरा-लीगल वालंटियर्स को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें आम जनता को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने, पात्र व्यक्तियों को लाभ दिलाने तथा कानूनी अधिकारों के प्रति सशक्त बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
न्याय तक पहुंच को मजबूत करने की पहल
वृहद विधिक साक्षरता एवं सेवा शिविर न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को सरकारी योजनाओं के साथ-साथ कानूनी संरक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की कि वे 22 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले इस मेगा शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत भव्य आयोजन

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जनपद देवरिया में सोमवार को भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन ओम मैरेज हॉल, मेन रोड तरकुलवा (हीरो एजेंसी के निकट) में संपन्न हुआ, जहां कुल 97 जोड़ों का विधि-विधान के साथ विवाह कराया गया। इनमें 83 हिंदू एवं 14 मुस्लिम जोड़े शामिल रहे, जो सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक बने।
कार्यक्रम का आयोजन समाज कल्याण विभाग द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित रहे। विवाह स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और सभी नवदंपतियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।
कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही रहे मुख्य अतिथि
इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही (कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग) रहे। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। यह योजना न केवल बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग प्रदान करती है, बल्कि समाज में समानता और सम्मान की भावना को भी मजबूत करती है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, भाजपा महामंत्री रविन्द्र कौशल, राजू भारती, श्रीनिवास मणि त्रिपाठी, मंडल अध्यक्ष दुष्यंत राव, ब्लॉक प्रमुख तरकुलवा रामआशीष गुप्ता, गन्ना विकास समिति चेयरमैन अवधेश सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष हेतिमपुर वीरेंद्र यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष तरकुलवा जनार्दन कुशवाहा, पूर्व क्षेत्रीय मंत्री जितेंद्र प्रताप राव, समाजसेवी संजय सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं संबंधित खंड विकास अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने नवदंपतियों को शुभाशीष देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और सफल वैवाहिक जीवन की कामना की।
एक जोड़े पर एक लाख रुपये खर्च का प्रावधान
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े पर कुल एक लाख रुपये व्यय किए जाते हैं। इस राशि में से:
60,000 रुपये सीधे कन्या के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं,
25,000 रुपये की उपहार सामग्री नवविवाहित जोड़ों को प्रदान की जाती है,
तथा 15,000 रुपये विवाह आयोजन की व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों पर विवाह का आर्थिक बोझ कम करना और बेटियों को सम्मानजनक विदाई देना है।
अगला सामूहिक विवाह 04 फरवरी को
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने यह भी बताया कि जनपद देवरिया में अगला सामूहिक विवाह कार्यक्रम 04 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन प्रिंस पैलेस, कोटवा चौराहा, कसया रोड, देवरिया में होगा, जिसमें कुल 95 जोड़ों का विवाह प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि इसमें: विकास खंड भटनी के 26 जोड़े, रामपुर कारखाना के 54 जोड़े, नगर पंचायत रामपुर कारखाना के 09 जोड़े तथा बरियारपुर के 06 जोड़े शामिल होंगे।
गरीब परिवारों को मिल रहा सामाजिक और आर्थिक सहयोग
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना समाज कल्याण विभाग की एक प्रभावी योजना है, जिसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सामाजिक और आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इस योजना से न केवल दहेज जैसी सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लग रहा है, बल्कि सामूहिकता और सादगी के साथ विवाह को बढ़ावा भी मिल रहा है।
इस कार्यक्रम में शामिल परिवारों ने सरकार और समाज कल्याण विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके जीवन की एक बड़ी चिंता को दूर कर दिया है। नवविवाहित जोड़ों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ झलक रहा था।
सामाजिक समरसता का उदाहरण बना आयोजन
हिंदू और मुस्लिम समुदाय के जोड़ों का एक साथ विवाह सम्पन्न होना इस बात का प्रमाण है कि यह योजना सामाजिक एकता और भाईचारे को भी सशक्त कर रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रदेश में सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत कदम बनकर उभरी है।

राजकीय जिला पुस्तकालय के सुंदरीकरण और डिजिटल विस्तार की तैयारी

मऊ(राष्ट्र की परम्परा)l जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में राजकीय जिला पुस्तकालय समिति की महत्वपूर्ण बैठक जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में जिले में संचालित राजकीय जिला पुस्तकालय की वर्तमान स्थिति, सुविधाओं के विस्तार, पुस्तक संग्रह की वृद्धि तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद ने जानकारी दी कि जनपद में राजकीय जिला पुस्तकालय की स्थापना वर्ष 2012 में की गई थी। वर्तमान में पुस्तकालय से जुड़े सदस्यों की संख्या 430 है, जबकि पुस्तकालय में कुल 2181 पुस्तकें उपलब्ध हैं। इन पुस्तकों में प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान, साहित्य, इतिहास, भूगोल, विज्ञान एवं अन्य विषयों से संबंधित पुस्तकें शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद के वे छात्र जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, वे मात्र ₹150 वार्षिक शुल्क जमा कर राजकीय जिला पुस्तकालय की सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं। यह शुल्क अत्यंत न्यूनतम है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी अध्ययन का समान अवसर मिल सके।
पुस्तकालय के सुंदरीकरण और आधुनिकीकरण पर जोर
बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि राजकीय जिला पुस्तकालय का सुंदरीकरण एवं आधुनिकीकरण कराया जाए। इसके अंतर्गत पुस्तकालय भवन का नवीनीकरण, बाउंड्री वॉल का निर्माण, फर्नीचर की व्यवस्था, पठन कक्ष का विस्तार तथा आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने पर चर्चा की गई।
इसके अलावा पुस्तकालय में संदर्भ ग्रंथों, नवीन प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों, राष्ट्रीय व स्थानीय पत्र-पत्रिकाओं की संख्या बढ़ाने तथा ई-लाइब्रेरी और डिजिटल संसाधनों को विकसित करने का सुझाव दिया गया। अधिकारियों का कहना था कि डिजिटल युग को देखते हुए छात्रों को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने कहा कि राजकीय जिला पुस्तकालय जिले के छात्रों के भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने पुस्तकालय के सुंदरीकरण और सुविधाओं के विस्तार को लेकर पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि शीघ्र ही पुस्तकालय में बाउंड्री वॉल का निर्माण, नई प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों की खरीद, साहित्यिक पुस्तकों का विस्तार तथा पठन-पाठन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिलेगा बढ़ावा
राजकीय जिला पुस्तकालय को प्रतियोगी छात्रों के लिए एक अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर भी बैठक में सहमति बनी। पुस्तकालय में शांत वातावरण, पर्याप्त रोशनी, बैठने की सुविधा और संदर्भ सामग्री उपलब्ध होने से छात्रों को निजी कोचिंग पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।
अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में यूपीएससी, पीसीएस, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, पुलिस भर्ती, शिक्षक पात्रता परीक्षा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी अद्यतन पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही साहित्य प्रेमियों के लिए हिंदी एवं अन्य भाषाओं की पुस्तकों का संग्रह भी बढ़ाया जाएगा।
सदस्यों ने दिए सुझाव
बैठक में उपस्थित समिति के सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे। नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल ने पुस्तकालय को नगर के विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने की बात कही। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष उपाध्याय ने स्कूल स्तर से छात्रों को पुस्तकालय से जोड़ने पर बल दिया।
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य दिवाकर राय शर्मा, चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, संजय पांडे और अमृता राव ने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान और संस्कारों का केंद्र होना चाहिए। इसके लिए नियमित गतिविधियां, वाचन कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जानी चाहिए।
शिक्षा और संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
राजकीय जिला पुस्तकालय के सुदृढ़ीकरण से न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि जिले में पठन-पाठन और साहित्यिक संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। पुस्तकालय को ज्ञान का केंद्र बनाकर युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का यह प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने सभी सदस्यों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और शीघ्र प्रस्तावों को धरातल पर उतारने का भरोसा दिलाया।

वेटलैंड संरक्षण को लेकर छात्रों में दिखा जबरदस्त उत्साह

कुशीनगर, (राष्ट्र की परम्परा)
वर्ल्ड वेटलैंड डे के अवसर पर जनपद कुशीनगर के मनीताल खोटही क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वन विभाग, पर्यावरण विभाग एवं नमामि गंगे अभियान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं पर्यावरण प्रेमियों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को मनीताल वेटलैंड क्षेत्र का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रजातियों के विदेशी पक्षियों को नजदीक से देखा, जिससे उनमें उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली। विशेषज्ञों द्वारा छात्रों को वेटलैंड के महत्व, जैव विविधता और पक्षी संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
जागरूकता कार्यक्रम को और रोचक बनाने के लिए चित्रकला एवं संभाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा और वेटलैंड के महत्व जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही छात्रों को मियां बाकी पद्धति से किए गए पौधारोपण क्षेत्र का भी भ्रमण कराया गया, जिसे पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से उपयोगी बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह पद्धति कम संसाधनों में अधिक हरियाली विकसित करने में सहायक है।
यूएनपीजी कॉलेज पडरौना के डॉ. आनंद ओझा ने कहा कि वेटलैंड पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। क्षेत्रीय वनाधिकारी कसया जयंत कुमार राणा ने समाज की सहभागिता को आवश्यक बताया। डीपीओ जिला गंगा समिति नम्रता भट्ट ने कहा कि नमामि गंगे अभियान के तहत वेटलैंड संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान रामदेव प्रसाद, प्रधानाध्यापक भोला कुशवाहा, वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

2026–27 में मनरेगा से बदलेगी ग्रामीण तस्वीर: 70 लाख मानव दिवस, 295.60 करोड़ का श्रम बजट तैयार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। ग्रामीण रोजगार सृजन को नई मजबूती देने की दिशा में जनपद महराजगंज ने बड़ा कदम बढ़ाया है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में मनरेगा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026–27 के श्रम बजट को लेकर कार्यदायी संस्थाओं, समस्त खंड विकास अधिकारियों एवं ब्लॉक प्रमुखों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की कार्ययोजना और लेबर बजट पर विस्तार से मंथन हुआ।
जिलाधिकारी ने वीसी के माध्यम से सभी विकासखंडों के ब्लॉक प्रमुखों व अधिकारियों से संवाद करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि श्रम बजट की कार्ययोजना का अनुमोदन क्षेत्र पंचायत की बैठक में अनिवार्य रूप से कराया जाए। सभी ब्लॉक प्रमुखों ने यह पुष्टि की कि उनके-अपने विकासखंडों की कार्ययोजना मनरेगा अधिनियम, नियमावली एवं शासन के दिशा- निर्देशों के अनुरूप, जमीनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है और ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत से अनुमोदन के बाद ही जनपद स्तर पर भेजी गई है।
बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद से मनरेगा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026–27 में अनुमानित 70,38,217 मानव दिवस सृजन एवं 29560.52 लाख रुपये (लगभग 295.60 करोड़ रुपये) का श्रम बजट शासन को प्रेषित किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ को निर्देशित किया कि कार्ययोजनाएं ग्राम स्तर पर वास्तविक जरूरतों के अनुसार ही तैयार की जाएं। साथ ही मनरेगा कार्यों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से संपादित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने नियमित पर्यवेक्षण के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी।
इसके अलावा मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत सक्रिय श्रमिकों की ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में उपायुक्त श्रम रोजगार ने बताया कि जनपद में लगभग 2.86 लाख पंजीकृत श्रमिक हैं, जिनमें से 1.51 लाख श्रमिकों की ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है। शेष श्रमिकों की प्रक्रिया तेजी से पूरी कराई जा रही है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, उपायुक्त श्रम रोजगार गौरवेंद्र सिंह, परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।

22 फरवरी को मेगा विधिक शिविर, तैयारियों को लेकर मंथनविधिक सहायता से लेकर जनकल्याणकारी योजनाओं तक—एक ही स्थान पर मिलेगा लाभ

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जनसामान्य को त्वरित विधिक सहायता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 22 फरवरी रविवार को आयोजित होने वाले मेगा/बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर की तैयारियों को लेकर सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दीवानी न्यायालय, बलिया के तत्वावधान में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के सचिव संजय कुमार गोंड ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने शिविर को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रस्तावित मेगा शिविर से पूर्व लघु एवं सूक्ष्म विधिक साक्षरता और जागरूकता शिविरों का आयोजन कर अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाई जाए। साथ ही व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लोगों को यह बताया जाए कि शिविर में विभिन्न योजनाओं से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
अध्यक्षता कर रहे सचिव गोंड ने कहा कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों को सीधा लाभ पहुंचाना है। विशेष रूप से वृद्धजन, विधवाएं, दिव्यांगजन, श्रमिक तथा किसान वर्ग को ध्यान में रखते हुए विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिविर में आने वाले लाभार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन, आवेदन प्रक्रिया में सहायता तथा समस्याओं के समाधान की सुविधा दी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि मेगा शिविर के दौरान वृद्धा पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना, दिव्यांग पेंशन, सामूहिक विवाह योजना, कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, श्रमिक पेंशन योजना, विश्वकर्मा सम्मान योजना तथा किसानों से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी एवं सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और अन्य विभागीय सेवाओं से भी लोगों को लाभान्वित किया जाएगा।
बैठक में तहसीलदार सदर अतुल हर्ष, नायब तहसीलदार बांसडीह विशाल साह, नायब तहसीलदार सिकंदरपुर दुर्गेश प्रसाद गोंड, नायब तहसीलदार बैरिया अनिल कुमार यादव, सूचना अधिकारी ऋषभ देव त्रिपाठी, जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेन्द्र पौत्स्यायन, जिला कार्यक्रम अधिकारी के प्रतिनिधि अमरनाथ चौरसिया तथा विनोद सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में सभी अधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि बेहतर समन्वय, समयबद्ध तैयारी और प्रभावी प्रचार-प्रसार के माध्यम से इस मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर को जनहित में सफल बनाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।