Tuesday, May 5, 2026
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औरैया DLSA में Assistant Legal Aid Defense Counsel भर्ती शुरू

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) औरैया द्वारा विधिक सहायता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, औरैया की ओर से जनहित में एक सूचना जारी करते हुए Assistant Legal Aid Defense Counsel के रिक्त पद पर संविदा आधारित नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

यह भर्ती प्रक्रिया माननीय उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के पत्रांक संख्या-287, दिनांक 26 जनवरी 2024 के क्रम में की जा रही है। इसके अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, औरैया में Assistant Legal Aid Defense Counsel के एक पद पर दो वर्ष की अवधि के लिए नियुक्ति की जाएगी।

विधिक सहायता व्यवस्था को मजबूत करने की पहल

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी सूचना के अनुसार, यह नियुक्ति विधिक सहायता तंत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। इस पहल का मुख्य लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय एवं जरूरतमंद वर्ग को प्रभावी और नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है।

Assistant Legal Aid Defense Counsel के माध्यम से ऐसे अभियुक्तों को न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग मिलेगा, जो निजी अधिवक्ता की सेवाएं लेने में असमर्थ हैं। यह व्यवस्था न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Assistant Legal Aid Defense Counsel पद का विवरण
जारी विज्ञप्ति के अनुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण औरैया में Assistant Legal Aid Defense Counsel का कुल 01 पद रिक्त है। चयनित अभ्यर्थी की नियुक्ति प्रारंभिक रूप से दो वर्षों की संविदा अवधि के लिए की जाएगी, जिसे निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ाया जा सकता है।

इस पद पर नियुक्त अधिवक्ता को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से आपराधिक मामलों में जरूरतमंद अभियुक्तों को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान करनी होगी। इसके साथ ही न्यायालयों में प्रभावी पैरवी, केस डायरी का अध्ययन, बहस की तैयारी तथा अन्य विधिक दायित्वों का निर्वहन करना भी इस पद की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा।

योग्यता एवं पात्रता शर्तें

Assistant Legal Aid Defense Counsel भर्ती औरैया के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, अनुभव एवं अन्य पात्रता शर्तों का विस्तृत विवरण आवेदन पत्र के निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराया गया है। अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित सभी मानकों को पूर्ण करते हों।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि आवेदन करने से पूर्व अभ्यर्थी सभी दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन कर लें, जिससे किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके।

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आवेदन की अंतिम तिथि और प्रक्रिया

Assistant Legal Aid Defense Counsel भर्ती औरैया के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 16 फरवरी 2026, सायं 05:00 बजे निर्धारित की गई है। निर्धारित तिथि और समय के बाद प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों पर किसी भी प्रकार का विचार नहीं किया जाएगा।

इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र भरकर आवश्यक अभिलेखों की स्वप्रमाणित छायाप्रति संलग्न करते हुए निम्नलिखित तरीकों से आवेदन कर सकते हैं—

• आवेदन पत्र स्वयं उपस्थित होकर
कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद न्यायालय, औरैया में जमा किया जा सकता है।

• अथवा आवेदन पत्र रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से निर्धारित तिथि तक भेजा जा सकता है।

आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त करें विस्तृत जानकारी

Assistant Legal Aid Defense Counsel भर्ती औरैया से संबंधित पात्रता शर्तें, आवेदन पत्र का प्रारूप एवं अन्य विस्तृत जानकारी निम्नलिखित आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध है—

• माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद की वेबसाइट

• उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ की वेबसाइट

• जनपद न्यायाधीश, औरैया की आधिकारिक वेबसाइट

अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना से सावधान रहें।

सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर

कानूनी जानकारों का मानना है कि Assistant Legal Aid Defense Counsel जैसे पदों पर योग्य अधिवक्ताओं की नियुक्ति से न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से उन लोगों को समय पर और प्रभावी कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी, जो आर्थिक कारणों से न्याय से वंचित रह जाते हैं।

यह भर्ती प्रक्रिया न केवल युवा अधिवक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक सशक्त माध्यम है।

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मंडलायुक्त निरीक्षण से पहले गोरखपुर कलेक्ट्रेट में सख्ती

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रस्तावित 6 फरवरी को मंडलायुक्त के निरीक्षण से पहले गोरखपुर कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन ने पर्यटन भवन स्थित कलेक्ट्रेट के सभी विभागों में संचालित फाइलों की व्यापक और सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है। खासतौर पर कर्मचारियों से जुड़ी जीपीएफ (जनरल प्रोविडेंट फंड) और एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) से संबंधित लंबित और अद्यतन न की गई फाइलों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जा रहा है।

इस पूरे अभियान की निगरानी जिलाधिकारी दीपक मीणा स्वयं कर रहे हैं। डीएम ने वीडियो कॉल के माध्यम से अधिकारियों से नियमित फीडबैक लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जीपीएफ और एनपीएस जैसी संवेदनशील फाइलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी की सेवा पुस्तिका, जीपीएफ खाते की प्रविष्टियां और एनपीएस से जुड़े दस्तावेज पूर्ण, अद्यतन और ऑनलाइन सत्यापित होने चाहिए।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया विभागवार निरीक्षण

डीएम के निर्देशों के अनुपालन में वरिष्ठ अधिकारियों ने पर्यटन भवन और कलेक्ट्रेट परिसर के विभिन्न अनुभागों का विधिवत निरीक्षण किया। इस दौरान एडीएम प्रशासन सहदेव मिश्रा, एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा और सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव ने एक-एक विभाग की फाइलों का क्रमवार मुआयना किया। निरीक्षण का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक स्थिति का आकलन कर कमियों को समय रहते दूर करना रहा।

निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि पुरानी सेवा शर्तों के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के जीपीएफ खाते नियमित रूप से अपडेट हों, जबकि नई नियुक्तियों के मामलों में एनपीएस फाइलें पूरी हों और पोर्टल पर सही तरीके से अपलोड की गई हों। जिन विभागों में तकनीकी त्रुटियां, दस्तावेजों की कमी या लंबे समय से लंबित प्रविष्टियां पाई गईं, वहां संबंधित लिपिकों और अनुभाग प्रभारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। साथ ही समय-सीमा में सुधार न होने पर जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी भी दी गई।

सभी प्रमुख अनुभागों की फाइलें खंगाली गईं

कलेक्ट्रेट के सभी विभागों की फाइलों को विभागवार चिन्हित कर सूचीबद्ध किया गया है, ताकि निरीक्षण के समय हर अनुभाग की स्थिति स्पष्ट रहे। जिलाधिकारी कार्यालय में प्रशासनिक आदेश, जनशिकायत, कानून-व्यवस्था और वीआईपी प्रोटोकॉल से जुड़ी फाइलों की समीक्षा की गई। एडीएम प्रशासन अनुभाग में स्थापना, जीपीएफ–एनपीएस समन्वय और विभागीय जांच से संबंधित फाइलों का परीक्षण हुआ।

एडीएम वित्त एवं राजस्व के अंतर्गत बजट, कोषागार और राजस्व वसूली की फाइलें देखी गईं। एडीएम सिटी कार्यालय में नगर क्षेत्र प्रशासन, अतिक्रमण और शहरी कानून-व्यवस्था से जुड़ी फाइलों का निरीक्षण किया गया। मुख्य राजस्व अधिकारी कार्यालय में नामांतरण, खतौनी, सीमांकन और राजस्व वाद निस्तारण की फाइलें जांची गईं, जबकि सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में मजिस्ट्रियल आदेश, शस्त्र लाइसेंस और जनसुनवाई से जुड़ी फाइलों की स्थिति परखी गई।

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कोषागार, स्थापना और अन्य शाखाओं की विशेष जांच

जिला कोषागार कार्यालय में वेतन, पेंशन, जीपीएफ लेखा और एनपीएस अंशदान की फाइलों की विशेष जांच की गई। स्थापना अनुभाग में कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाएं, नियुक्ति, पदोन्नति, स्थानांतरण और अवकाश से संबंधित फाइलें देखी गईं। लेखा अनुभाग में बिल, वाउचर और ऑडिट आपत्तियों की समीक्षा की गई, जबकि कानून अनुभाग में शासकीय वाद और पैरवी रिपोर्ट की फाइलें खंगाली गईं।

इसके अलावा आपदा प्रबंधन विभाग की राहत और मुआवजा फाइलें, चुनाव शाखा की मतदाता सूची और निर्वाचन से जुड़ी फाइलें, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की योजनाओं की फाइलें, सूचना एवं जनसंपर्क अनुभाग की प्रेस विज्ञप्ति और मीडिया समन्वय से जुड़ी फाइलें, नजारत अनुभाग, रिकॉर्ड रूम, आईटी/ई-ऑफिस अनुभाग और पर्यटन भवन प्रशासन अनुभाग की फाइलों का भी क्रमवार निरीक्षण किया गया।

डीएम के सख्त निर्देश

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जीपीएफ और एनपीएस से संबंधित फाइलों को अलग से टैग किया जाए, सभी फाइलें इंडेक्स के साथ क्रमबद्ध हों और लंबित मामलों की अलग पेंडेंसी शीट तैयार रखी जाए। साथ ही, प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट नोडल अधिकारियों के माध्यम से जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि यह अभियान कर्मचारियों के हित और प्रशासनिक पारदर्शिता दोनों के लिए आवश्यक है। मंडलायुक्त के निरीक्षण से पहले 100 प्रतिशत तैयारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि कलेक्ट्रेट की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जो अन्य जिलों के लिए उदाहरण बने।

इस सख्त और सुनियोजित कार्रवाई से कर्मचारियों में भी भरोसा बढ़ा है। कर्मचारियों का कहना है कि जीपीएफ और एनपीएस फाइलों के दुरुस्त होने से भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। कुल मिलाकर, गोरखपुर जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह पहल केवल निरीक्षण की तैयारी नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था सुधार की ठोस कोशिश है।

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ब्राह्मण हित कार्य के लिए पं. अजीत कुमार पाण्डेय सम्मानित

घोसी/मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। घोसी स्थित जेपी उद्यान में स्वर्गीय जेपी मिश्र की 71वीं जन्म जयंती एवं द्वितीय पुण्यतिथि को पितृ पर्व के रूप में श्रद्धा, सम्मान और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाज, संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों पर आधारित एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य (हरिनाम पीठ, अयोध्या धाम) रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में मनोजकांत सह (सह प्रचार प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) मौजूद रहे। इस दौरान श्रवण कुमार सम्मान भी प्रदान किया गया।

पितृ सत्ता और पुत्र धर्म पर गहन विचार

मुख्य अतिथि जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य ने पितृ सत्ता और पुत्र धर्म पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि पिता की आत्मा ही पुत्र के रूप में आती है और इस सत्य को आज के समय में समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज लोग पिता की संपत्ति और वसीयत तो लेना चाहते हैं, लेकिन उनके संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों को अपनाने से कतराते हैं। माता-पिता का सम्मान केवल संपत्ति या सत्ता के लिए नहीं, बल्कि उनके त्याग और आदर्शों के लिए होना चाहिए।

उन्होंने रामचरितमानस के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कर्तव्य और मर्यादा के महत्व को रेखांकित किया। स्वर्गीय जेपी मिश्र के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने घोसी नगर पंचायत अध्यक्ष रहते हुए अपने व्यापार और सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज की सेवा की और लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि किसी के चेहरे पर खुशी लाना ही सच्चा धर्म है और जिस दिन कोई पुत्र अपने पिता की पुण्यतिथि को पर्व के रूप में मनाने लगे, उस दिन समझना चाहिए कि भारत अपने मूल वैभव की ओर बढ़ रहा है।

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भारतीय संस्कृति में पितृ ऋण सर्वोपरि

जेपी फाउंडेशन के संस्थापक एवं स्वर्गीय जयप्रकाश मिश्र के पुत्र शैलेन्द्र मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में पितृ ऋण सर्वोपरि माना गया है और परिवार ही समाज की पहली पाठशाला होता है। उन्होंने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय जेपी मिश्र ने जीवनभर सादगी, परिश्रम और समाज सेवा को अपना धर्म माना। पितृ पर्व के रूप में जयंती और पुण्यतिथि मनाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को माता-पिता के सम्मान, कर्तव्यबोध और भारतीय संस्कारों से जोड़ना है।

पं. अजीत कुमार पाण्डेय को मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान बीएसएस परशुराम सेना (ब्राह्मण स्वयंसेवक संघ) के प्रदेश अध्यक्ष पं. अजीत कुमार पाण्डेय को ब्राह्मण हित में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें जेपी फाउंडेशन के संस्थापक स्वर्गीय जयप्रकाश मिश्र के पुत्र शैलेन्द्र मिश्र द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्त करते हुए पं. अजीत कुमार पाण्डेय ने कहा कि संगठन ब्राह्मण समाज के अधिकार, सम्मान और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा और समाज को एकजुट करने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।

काव्य संग्रह का विमोचन

इस अवसर पर स्वर्गीय जेपी मिश्र की पुत्री एवं प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. अलका प्रकाश के काव्य संग्रह “आलंग्य है प्रेम” का विमोचन भी किया गया। उन्होंने कहा कि यह संग्रह प्रेम, संवेदना और मानवीय मूल्यों की अभिव्यक्ति है, जिसकी प्रेरणा उन्हें अपने पिता से मिले संस्कारों और जीवन दृष्टि से प्राप्त हुई। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पितृ पर्व के रूप में जयंती और पुण्यतिथि मनाना केवल पारिवारिक स्मरण नहीं, बल्कि समाज को संस्कारों से जोड़ने का सार्थक प्रयास है।

गणमान्य लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम में पूर्व विधायक उमेश चंद पाण्डेय, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता आनंद दुबे, पतंजलि के पूर्वांचल प्रभारी बृज मोहन, सुनील गुप्त, फागू सिंह, ब्राह्मण विकास परिषद के अध्यक्ष ऋषिकेश पाण्डेय, समाजसेवी विजय शंकर त्रिपाठी, किसान नेता देवप्रकाश राय, वरिष्ठ अधिवक्ता कालिकदत्त पाण्डेय एडवोकेट, सतीश कुमार पाण्डेय एडवोकेट, उमाशंकर उपाध्याय एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन श्रद्धांजलि, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संदेश के साथ हुआ।

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ANTF और लार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, अंतरराज्यीय गांजा नेटवर्क पर प्रहार

मक्का की बोरियों में छिपाकर ले जाया जा रहा था करोड़ों का गांजा, लार पुलिस व ANTF की सटीक घेराबंदी में बड़ा खुलासा


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद देवरिया में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चल रहे सघन अभियान के तहत पुलिस को एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। थाना लार पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) गोरखपुर की संयुक्त टीम ने मक्का की बोरियों में छिपाकर ले जाए जा रहे 328.73 किलोग्राम गांजा को बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 64 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और एक कंटेनर को भी जब्त किया गया है।
यह बड़ी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवरिया श्री संजीव सुमन के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अभियान का संचालन अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार के पर्यवेक्षण में हुआ।
मुखबिर की सूचना से खुला राज
संयुक्त टीम को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि एक कंटेनर में मक्का की बोरियों के बीच भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल रणनीति बनाई और बजाज ऑटो चोरडीहा, लार क्षेत्र के पास संदिग्ध कंटेनर की घेराबंदी कर दी। कंटेनर को रोके जाने के बाद नियमानुसार तलाशी ली गई, जिसमें मक्का की बोरियों के भीतर पैकेट में छिपा गांजा बरामद हुआ।

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दो अभियुक्त गिरफ्तार, अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका
मौके से गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अमरजीत मुखिया (निवासी दरभंगा, बिहार) और शैलेश गौड़ उर्फ गोलू (निवासी देवरिया) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि यह मामला अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। पुलिस को आशंका है कि इसके तार बिहार, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से जुड़े संगठित गिरोह तक फैले हो सकते हैं।
एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज
थाना लार पर मु0अ0सं0 35/2026 के तहत धारा 8/20/29/60 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। दोनों अभियुक्तों के खिलाफ विधिक कार्रवाई जारी है और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जांच तेज कर दी गई है।
कंटेनर जब्त, तस्करी के नए तरीके बेनकाब
पुलिस ने गांजे के साथ कंटेनर संख्या HR38Z5407 को भी जब्त कर लिया है। मक्का की बोरियों में गांजा छिपाने का तरीका यह दर्शाता है कि तस्कर लगातार नए-नए हथकंडे अपनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता और तकनीकी निगरानी ने इस साजिश को नाकाम कर दिया।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक थाना लार संतोष कुमार सिंह, ANTF गोरखपुर के थाना प्रभारी उ0नि0 रमेश राम, उ0नि0 रामअवतार यादव सहित कई हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल रहे। टीमवर्क, त्वरित निर्णय और समन्वय के चलते यह कार्रवाई सफल रही।
एसपी देवरिया का सख्त संदेश
एसपी देवरिया श्री संजीव सुमन ने स्पष्ट कहा कि जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तस्करी में शामिल पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
देवरिया पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की यह कार्रवाई न केवल करोड़ों की बरामदगी है, बल्कि मादक पदार्थ तस्करों के लिए कड़ा संदेश भी है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और बड़े खुलासों की संभावना है।

प्राथमिक विद्यालय रामपुरचित में महिला सशक्तिकरण पर विशेष कार्यक्रम

मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत महिलाओं और बालिकाओं को किया गया जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति फेज 5.0 अभियान के अंतर्गत थाना चितबड़ागांव क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रामपुरचित में एक प्रभावी महिला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकार, सुरक्षा उपाय और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन जी सकें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना चितबड़ागांव के उप निरीक्षक अतुल कुमार एवं महिला कांस्टेबल सुषमा ने बताया कि मिशन शक्ति फेज 5.0 का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को जागरूक बनाकर उन्हें हर स्तर पर सशक्त करना है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल और सामाजिक परिवेश में महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या अन्याय के विरुद्ध निर्भीक होकर आवाज उठा सकें।

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इस दौरान बालिकाओं को गुड टच–बैड टच, साइबर सुरक्षा, घरेलू हिंसा, छेड़खानी, बाल विवाह और ऑनलाइन फ्रॉड जैसे संवेदनशील विषयों पर सरल भाषा में जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं बिना डर के पुलिस और संबंधित सेवाओं से सहायता प्राप्त कर सकती हैं। यह संदेश विशेष रूप से बालिकाओं में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना विकसित करने पर केंद्रित रहा।
महिलाओं के स्वावलंबन को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई, जिनमें महिला हेल्पलाइन, स्वरोजगार योजनाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, बाल संरक्षण योजनाएं और कौशल विकास कार्यक्रम शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने अपनी समस्याएं खुलकर साझा कीं, जिनके त्वरित समाधान का आश्वासन पुलिस टीम द्वारा दिया गया।
कार्यक्रम में महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई—
1090 वूमेन पावर लाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 108 एंबुलेंस सेवा, 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 102 स्वास्थ्य सेवा और 112 पुलिस आपातकालीन सेवा।
इन नंबरों के माध्यम से महिलाएं और बालिकाएं किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
कार्यक्रम के अंत में महिलाओं और बालिकाओं ने ऐसे महिला जागरूकता कार्यक्रमों को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी मिशन शक्ति फेज 5.0 जैसे अभियानों को निरंतर जारी रखने की मांग की। इस पहल से क्षेत्र में महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिली है।

लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पारित, हंगामे में बिना भाषण आगे बढ़े पीएम मोदी; राज्यसभा में गरमाई सियासत

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)संसद के निचले सदन लोकसभा ने गुरुवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया। विपक्षी दलों की लगातार नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई, जिसके बाद लोकसभा को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा। शोर-शराबे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ध्वनि मत कराने का निर्णय लिया और प्रस्ताव पारित हो गया। इस प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निचले सदन में अपेक्षित संबोधन नहीं हो सका।
प्रधानमंत्री से बुधवार को धन्यवाद प्रस्ताव पर उत्तर देने की उम्मीद थी, लेकिन विपक्षी व्यवधान के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। अब प्रधानमंत्री मोदी के राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने की संभावना जताई जा रही है, जिस पर राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हैं।

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राज्यसभा में तीखी बहस, विपक्ष ने उठाए सवाल
गुरुवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि “दूसरे सदन” में विपक्ष के नेताओं को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा। खरगे ने कहा कि विपक्ष सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाना चाहता है, लेकिन सत्ता पक्ष को इससे असहजता हो रही है।
इस पर राज्यसभा के नेता और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जवाब देते हुए कहा कि लोकसभा की कार्यवाही पर राज्यसभा में चर्चा नहीं की जा सकती। नड्डा ने स्पष्ट किया कि सरकार सभी मुद्दों पर संवाद के लिए तैयार है, लेकिन सदन की मर्यादा और नियमों का पालन जरूरी है।
राहुल गांधी को बोलने न देने का आरोप
राज्यसभा में बहस के दौरान विपक्ष ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को कथित तौर पर बोलने से रोके जाने का मुद्दा उठाया। कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। इस संदर्भ में 2020 के चीन गतिरोध से जुड़े पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का भी उल्लेख किया गया, जिसे लेकर विपक्ष सरकार से जवाब चाहता है।
भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार चर्चा से नहीं भागती, बल्कि नियमों के तहत ही सदन चलाया जाना चाहिए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक ने संसद के माहौल को और गर्म कर दिया।
आगे क्या?
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, राज्यसभा में प्रधानमंत्री का संभावित संबोधन आने वाले दिनों की संसदीय दिशा तय कर सकता है। विपक्ष जहां जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का जोर विकास और नीति निरंतरता पर है। संसद के दोनों सदनों में जारी यह टकराव आने वाले सत्रों में भी बहस का केंद्र बना रह सकता है।

गंदी बस, नाराज यात्री और बाल श्रम: परिवहन निगम पर सवाल

मिठौरा में रोडवेज बस का औचक निरीक्षण: गंदगी देख भड़के अधिकारी, यात्रियों को सड़क पर उतारा गया


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।जिले के उपनगर मिठौरा में बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की एक रोडवेज बस का औचक निरीक्षण उस समय सुर्खियों में आ गया, जब बस के भीतर फैली गंदगी और अव्यवस्था देखकर अधिकारी भड़क उठे। बस के फर्श, सीटों और गलियारों में कचरा, बदबू और जमी मैल ने यात्रियों की परेशानी को उजागर कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने तत्काल बस को सेवा से अस्थायी रूप से हटाने का आदेश दिया और सभी यात्रियों को मिठौरा चौराहे पर उतार दिया गया।
यात्रियों को अचानक सड़क पर उतारे जाने से असुविधा और नाराजगी देखने को मिली। कई यात्रियों ने बताया कि रोडवेज बसों की सफाई व्यवस्था लंबे समय से बदहाल है और शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होती। इस औचक निरीक्षण ने परिवहन निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नाबालिग बच्चों से कराई गई सफाई, बाल श्रम कानून का उल्लंघन
निरीक्षण के बाद सफाई के दौरान एक और चौंकाने वाला दृश्य सामने आया, जब नाबालिग बच्चों को बस की सफाई करते देखा गया। यह न केवल अमानवीय है, बल्कि बाल श्रम निषेध कानून का सीधा उल्लंघन भी है। मौके पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। लोगों का कहना है कि विभागीय लापरवाही का खामियाजा यात्रियों के साथ-साथ मासूम बच्चों को भी भुगतना पड़ रहा है।

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यात्रियों का दर्द: नियमित सफाई केवल कागजों तक
यात्रियों ने बताया कि रोडवेज बसों में नियमित सफाई का दावा सिर्फ फाइलों में सिमटकर रह गया है। गंदी सीटें, दुर्गंध और टूट-फूट के बीच यात्रा करना मजबूरी बन चुका है। यदि समय रहते नियमित निरीक्षण और सफाई होती, तो मिठौरा जैसी शर्मनाक स्थिति पैदा न होती।
अधिकारियों का बयान और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद परिवहन निगम के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में किसी भी परिस्थिति में नाबालिग बच्चों से कोई कार्य नहीं कराया जाएगा। वहीं, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि रोडवेज बसों की नियमित स्वच्छता जांच अनिवार्य की जाए और बाल श्रम के मामलों में जिम्मेदारों पर कानूनी कार्रवाई हो।
मिठौरा की यह घटना सरकारी सेवाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती है। यह प्रशासन के लिए चेतावनी है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो जनता का भरोसा डगमगा सकता है।

सीडीओ ओजस्वी राज का निर्देश: स्कूलों की व्यावसायिक शिक्षा लैब अब नहीं रहेंगी शोपीस

व्यावसायिक शिक्षा को नई धार: सीडीओ ओजस्वी राज के सख्त निर्देश, स्कूलों में लैब संचालन अनिवार्य


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद बलिया में व्यावसायिक शिक्षा को रोजगारपरक और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ओजस्वी राज ने बुधवार को माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यावसायिक शिक्षा लैब किसी भी स्थिति में केवल औपचारिकता न बनें, बल्कि उनका नियमित और प्रभावी संचालन अनिवार्य हो।
सीडीओ ने दो टूक कहा कि लैब में सामग्री रखकर ताला बंद करना या उसे स्टोर रूम के रूप में इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं होगा। व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को वास्तविक कौशल देना है, ताकि वे पढ़ाई के साथ रोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।

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इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सुविधा पर विशेष जोर
बैठक में सभी चयनित विद्यालयों में लैब के भीतर वॉल पैनलिंग का कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रत्येक व्यावसायिक शिक्षा लैब में वाई-फाई सुविधा अनिवार्य करने को कहा गया, जिससे छात्र डिजिटल कंटेंट और ऑनलाइन संसाधनों से जुड़ सकें।
सीडीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली कनेक्शन, पावर स्विच बोर्ड, पेयजल और बैठने के लिए आरामदायक फर्नीचर जैसी मूलभूत सुविधाओं में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
1.20 करोड़ की सामग्री, 25 फरवरी तक आपूर्ति
सीडीओ ओजस्वी राज ने जानकारी दी कि व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगभग 1.20 करोड़ रुपये की शिक्षण सामग्री 25 फरवरी 2026 तक विद्यालयों में पहुंचा दी जाएगी। इस सामग्री में आईटी, डेटा एंट्री और रिटेल सर्विस से जुड़े आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षण संसाधन शामिल होंगे, जिससे छात्रों को सीधा रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण मिल सके।

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स्थानीय सहयोग से होगा रखरखाव
बैठक में यह भी तय हुआ कि आवश्यकता पड़ने पर ग्राम पंचायतों और विकास खंड स्तर से लैब के रखरखाव और सुविधाओं के विस्तार में सहयोग लिया जाएगा।
अंत में सीडीओ ने प्रधानाचार्यों से अपेक्षा जताई कि वे व्यावसायिक शिक्षा को मिशन मोड में अपनाएं और छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

डीएम ने किया कलेक्ट्रेट का सघन निरीक्षण

लंबित पत्रावलियों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कलेक्ट्रेट स्थित विभिन्न कार्यालयों, पटलों एवं कक्षों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जय प्रकाश तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह उपस्थित रहे।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने न्याय सहायक कक्ष, आयुध लिपिक कक्ष, खनन अनुभाग, प्रशासनिक अधिकारी कक्ष, आपदा नियंत्रण कक्ष, शिकायत कक्ष, नजारत, आंग्ल अभिलेखागार, राजस्व सहायक कक्ष, जिला कंट्रोल रूम, कॉल सेंटर, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कक्ष, भूलेख अनुभाग एवं राजस्व अभिलेखागार सहित अन्य कार्यालयों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित पटलों पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों से उनके दायित्वों एवं कार्यप्रणाली की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पटल पर कोई भी पत्रावली लंबित न रहे तथा सभी प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका सहित आवश्यक अभिलेखों की भी जांच की तथा कलेक्ट्रेट परिसर एवं कार्यालयों में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न पटलों से कुछ पत्रावलियों को यादृच्छिक रूप से मंगाकर उन पर की गई कार्यवाही, निस्तारण की अवधि एवं पंजिका में अंकन की गहन जांच की। विशेष रूप से शिकायती मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण पर जोर देते हुए संबंधित पटल सहायकों को आवश्यक निर्देश दिए।

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राजस्व अभिलेखागार के निरीक्षण के समय जिलाधिकारी ने बड़ी फोटोस्टेट मशीन, कंप्यूटर एवं सफाई के लिए वैक्यूम क्लीनर की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही बंदोबस्त अभिलेखों की बाइंडिंग कराने को भी कहा। उन्होंने आपदा की स्थिति में फायर डिस्टिंग्विशर के संचालन संबंधी जानकारी का भी परीक्षण किया तथा कलेक्ट्रेट के सभी कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी योगेश चौधरी, बद्री प्रसाद श्रीवास्तव, ओएसडी राकेश कुमार, ईडीएम राकेश सिंह सहित कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

लोकसभा-राज्यसभा टकराव से अटका कामकाज

संसद गतिरोध पर आमने-सामने खरगे और नड्डा, लोकसभा-राज्यसभा विवाद से ठप हुई कार्यवाही


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बजट सत्र के दौरान संसद गतिरोध एक बार फिर केंद्र में आ गया है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बीच लोकसभा की कार्यवाही पर चर्चा को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। खरगे ने कहा कि संसद का अर्थ केवल लोकसभा नहीं, बल्कि लोकसभा और राज्यसभा—दोनों सदन हैं। ऐसे में जब लोकसभा में विपक्ष के नेता देशहित के मुद्दों पर बोलना चाहते हैं और उन्हें अवसर नहीं दिया जाता, तो संसद गतिरोध के हालात बनते हैं और सदन चलाना कठिन हो जाता है।

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राज्यसभा में नियमों का हवाला, नड्डा का पलटवार
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि लोकसभा की कार्यवाही पर राज्यसभा में चर्चा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को चर्चा करानी है तो अपनी पार्टी के सदस्यों से लोकसभा में चर्चा कराने को कहें। नड्डा ने यह भी जोड़ा कि राज्यसभा में चर्चा सुव्यवस्थित ढंग से चल रही है और इसे बाधित न किया जाए। इस तर्क-वितर्क के बीच संसद गतिरोध की तस्वीर और गहरी होती दिखी।

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लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही स्थगित
उधर, लोकसभा में पिछले कुछ दिनों से जारी संसद गतिरोध गुरुवार सुबह भी बना रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होने के एक मिनट के भीतर ही शोर-शराबे के चलते दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार की घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस तरह विपक्षी सदस्य सत्तापक्ष के वेल तक पहुंचे, वह सदन की मर्यादा के प्रतिकूल है।

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अध्यक्ष ओम बिरला की सख्त टिप्पणी
अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदन की मर्यादा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मर्यादा भंग होने पर अध्यक्ष के लिए कार्यवाही चलाना उचित नहीं होता। उन्होंने सभी सदस्यों से शालीनता और नियमों के अनुरूप व्यवहार करने की अपील की। इसके बावजूद हंगामा जारी रहा, जिससे संसद गतिरोध के कारण विधायी कार्य प्रभावित हुआ।

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राजनीतिक संदेश और आगे की राह
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह टकराव केवल प्रक्रिया का नहीं, बल्कि संवाद के अभाव का संकेत है। यदि दोनों सदनों में समन्वय और संवाद नहीं बढ़ा, तो संसद गतिरोध का असर महत्वपूर्ण विधायी एजेंडे पर पड़ सकता है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि सरकार और विपक्ष, दोनों मिलकर सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने की दिशा में कदम उठाएं।

सुप्रभात तो एक बहाना है: आस्था, धैर्य और जीवन दर्शन पर प्रेरक कविता


लेखक: डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र, ‘आदित्य’

लेखक



सुप्रभात तो एक बहाना है
जब सूर्य की कृपा होती है, सूर्य की
किरणें प्रकाश देती हैं, भगवान की
कृपा से ही उसके दर्शन हो सकते हैं
और संसार सागर से पार लगाते हैं।
वैसे ही सन्तों की वाणी से सत्कर्म
का मार्ग प्रशस्त होता है और जहाँ
प्रेम की भाषा होती है वहीँ पर सुखी
परिवार होने की अनुभूति होती है।
कहा गया है कि अच्छे और सच्चे
इंसान के साथ निभा लेना हमेशा
बेहतर होता है बजाय इसके कि
ग़लत इंसान से बहस की जाये।
इस स्थिति में व्यर्थ की बहस न कर
सार्थक चुप्पी हमेशा अच्छी होती है,
धैर्य व शान्ति वह सद्गुण होते हैं जो
परिरिस्थिति पर नियंत्रण कर सकते है।
जैसे ख़ुशी का एहसास दुःख
के एहसास के बाद ही होता है,
आँखो की सुंदरता आंसुओं के
निकलने के बाद बढ़ जाती है।
वैसे ही प्रभु की कृपा भी ऐसे ही
दुःख -सुख व आँसू व नेत्रों की
ख़ूबसूरती जैसी ही है जो बिना तप
व त्याग किए नहीं मिल सकती है।
जैसे सफलता पाने का रहस्य संघर्ष
में छिपा होता है, वैसे ही ईश्वर की
प्राप्ति भी आस्था व विश्वास के
साथ जप-तप करने पर ही निर्भर है।
आदित्य ‘सुप्रभात’तो एक बहाना है,
सुबह सुबह आप को सुप्रभात कहना
स्वयं को ख़ुशी देता है और आप भी
ख़ुश रहें ये शुभ कामना भी देता है।
के लिए संरचित की गई है।

खुफिया इनपुट पर एक्शन: पलक्कड़ में अवैध विस्फोटक बरामद

केरल के पलक्कड़ में अवैध विस्फोटकों की बड़ी खेप बरामद, पिकअप वैन से 100 से अधिक जिलेटिन स्टिक जब्त

त्रिवेंद्रम (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)केरल के पलक्कड़ जिले में पुलिस ने बड़ी और बेहद संवेदनशील कार्रवाई करते हुए अवैध विस्फोटकों की बड़ी खेप बरामद की है। यह कार्रवाई पलक्कड़ मेडिकल कॉलेज के पास बुधवार देर रात की गई, जब खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध पिकअप वैन को रोका। तलाशी में वैन से 100 से अधिक जिलेटिन स्टिक के डिब्बे और 20 से ज्यादा डेटोनेटर बरामद किए गए। विस्फोटक इस तरह छिपाकर ले जाए जा रहे थे कि पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।
पलक्कड़ टाउन साउथ पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें पहले से सूचना मिली थी कि राज्य में अवैध विस्फोटक तस्करी के जरिए एक बड़ी खेप लाई जा रही है। इसी इनपुट पर देर रात वाहनों की सघन चेकिंग शुरू की गई। इसी दौरान एक पिकअप वैन को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर वैन को घेर लिया और नियंत्रित तरीके से रोककर तलाशी ली।

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तलाशी के दौरान सामने आया कि वैन में जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर बड़ी मात्रा में मौजूद हैं, जिन्हें बेहद शातिर तरीके से छुपाया गया था। पुलिस ने मौके से चालक को हिरासत में लिया, जिसकी पहचान सेंथिल के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि विस्फोटक तमिलनाडु के कोयंबटूर से लोड किए गए थे और उन्हें त्रिशूर की एक खदान तक पहुंचाया जाना था।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इन विस्फोटकों का इस्तेमाल काले पत्थर की खदानों में किए जाने वाले कार्यों के लिए गुप्त रूप से किया जाना था। हालांकि, बिना वैध दस्तावेज और सुरक्षा मानकों के इस तरह विस्फोटक ले जाना कानूनन गंभीर अपराध है। इससे पहले भी राज्य में अवैध विस्फोटक बरामदगी के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें सार्वजनिक सुरक्षा को बड़ा खतरा पाया गया।

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अधिकारियों ने बताया कि चालक के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, विस्फोटक किन-किन स्थानों तक पहुंचाए जाने थे और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। पुलिस अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी इनपुट जुटा रही है।
पुलिस ने साफ किया है कि अवैध विस्फोटक तस्करी के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई को राज्य की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

महिला हेल्प डेस्क से लेकर मालखाना तक, हर व्यवस्था पर रही अफसरों की नजर

घुघली थाना पहुंची अफसरों की पैनी नजर: अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने किया वार्षिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को परखा


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बुधवार को थाना घुघली का वार्षिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने की समग्र कार्यप्रणाली, अभिलेखों की स्थिति, सुरक्षा इंतजामों और पुलिसकर्मियों की सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य थाना स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और आमजन के प्रति संवेदनशील पुलिसिंग को मजबूत करना रहा।
अपर पुलिस अधीक्षक ने सबसे पहले थाना परिसर का भ्रमण कर शस्त्रागार का अवलोकन किया। यहां हथियारों की सफाई, रख-रखाव और संबंधित रजिस्टरों की गहन जांच की गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शस्त्रों की नियमित जांच और अभिलेखों का अद्यतन रहना अनिवार्य है। इसके बाद थाना कार्यालय और मालखाना का निरीक्षण करते हुए जब्तशुदा सामान की सुरक्षा, सीलिंग प्रक्रिया और रिकॉर्ड के रख-रखाव की समीक्षा की गई।

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निरीक्षण के क्रम में हवालात की स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मानवाधिकारों का पालन पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। महिला हेल्प डेस्क और मिशन शक्ति केंद्र की कार्यप्रणाली का परीक्षण करते हुए उन्होंने महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके साथ ही सीसीटीएनएस सिस्टम की कार्यक्षमता, थाने में रखे जाने वाले सभी आवश्यक रजिस्टर, फाइलें, केस डायरी और अभिलेखों की भी जांच की गई। पुलिसकर्मियों की मेस और बैरक की स्थिति का निरीक्षण कर स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

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निरीक्षण उपरांत अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने थाना स्टाफ के साथ बैठक कर अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध पर अंकुश लगाना नहीं, बल्कि जनता का विश्वास अर्जित करना भी है। आमजन के साथ शालीन व्यवहार, समयबद्ध कार्रवाई और निष्पक्ष जांच ही प्रभावी पुलिसिंग की पहचान है।
इस अवसर पर थाना प्रभारी कुंवर गौरव सिंह सहित थाना घुघली के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण से पुलिसकर्मियों में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

22 जगहों पर चेकिंग, आमजन ने सराही देवरिया पुलिस की पहल

देवरिया पुलिस का बड़ा एक्शन: मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान से अपराधियों में हड़कंप


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद देवरिया में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण तथा आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने के उद्देश्य से देवरिया पुलिस ने बुधवार को विशेष मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान चलाया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ संचालित किया गया। सुबह 05 बजे से 08 बजे तक चले इस अभियान ने अपराधियों में हड़कंप मचा दिया और नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत किया।

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अभियान के दौरान थाना प्रभारी, थानाध्यक्ष और पुलिस बल ने पार्कों, प्रमुख चौराहों, आवासीय इलाकों और मॉर्निंग वॉक स्थलों पर गश्त की। इस दौरान आम नागरिकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और त्वरित समाधान का भरोसा दिया गया। मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान का फोकस केवल जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मित्र पुलिसिंग और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना भी प्रमुख उद्देश्य रहा।

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मित्र पुलिसिंग से बढ़ा भरोसा
देवरिया पुलिस ने मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों से संवाद कर मित्र पुलिसिंग की अवधारणा को मजबूत किया। छोटे-मोटे आपसी विवादों को मौके पर ही सामुदायिक स्तर पर सुलझाने का प्रयास किया गया, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता और गहरा हुआ। नागरिकों ने पुलिस की सक्रियता और संवेदनशील रवैये की सराहना की।

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संदिग्धों और वाहनों पर सख्त नजर
अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और विधिविरुद्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी गई। वाहन दस्तावेजों की जांच, पूछताछ और तलाशी के साथ यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई। तीन सवारी वाले दोपहिया वाहन, मॉडिफाइड साइलेंसर, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना, चोरी की गाड़ियों की पहचान और अवैध गतिविधियों की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया गया। मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के तहत अवैध असलहा और मादक पदार्थों की तस्करी पर भी सख्ती दिखाई गई।

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22 स्थानों पर चेकिंग, सैकड़ों की जांच
जनपद देवरिया में कुल 22 प्रमुख स्थानों पर चेकिंग की गई। इस दौरान 452 व्यक्तियों और 234 वाहनों की जांच हुई। नियम उल्लंघन पर 03 वाहनों का चालान किया गया। यह आंकड़े बताते हैं कि मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि ठोस और परिणामोन्मुखी कार्रवाई है।
आगे भी जारी रहेंगे अभियान
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी लक्ष्य के साथ ऐसे अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे, ताकि अपराधियों में भय और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे। देवरिया पुलिस मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान को जिले में कानून-व्यवस्था सुधार की एक प्रभावी पहल माना जा रहा है।

5 फ़रवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: इतिहास, योगदान और उपलब्धियाँ

🟢 भूमिका
इतिहास के पन्नों में कुछ तिथियाँ विशेष महत्व रखती हैं, और 5 फ़रवरी उनमें से एक है। इस दिन राजनीति, साहित्य, खेल, सिनेमा और आध्यात्मिक जगत से जुड़े कई ऐसे महान व्यक्तित्वों का जन्म हुआ, जिन्होंने अपने कर्म, विचार और प्रतिभा से समाज को दिशा दी।
5 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति न केवल अपने क्षेत्र में अग्रणी रहे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बने। यह लेख 5 फरवरी का इतिहास जन्म विषय पर केंद्रित है, जिसमें हम उन प्रसिद्ध लोगों के जीवन और योगदान को सरल एवं तथ्यात्मक रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।

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🟣 5 फ़रवरी को जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व
🔹 गुरु हर राय (जन्म: 1630)
सिख धर्म के सातवें गुरु गुरु हर राय का जन्म पंजाब के कीरतपुर साहिब में हुआ। वे करुणा, सेवा और शांति के प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने सिख समाज में पर्यावरण संरक्षण, औषधीय ज्ञान और मानवता की भावना को मजबूत किया।
5 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति सूची में गुरु हर राय का नाम आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
🔹 ज़ेबुन्निसा (जन्म: 1639)
मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब की पुत्री ज़ेबुन्निसा एक विदुषी, कवयित्री और फारसी साहित्य की बड़ी हस्ती थीं। उन्होंने “मख़फ़ी” उपनाम से कई रचनाएँ लिखीं।
5 फरवरी का इतिहास जन्म ज़ेबुन्निसा के बिना अधूरा माना जाता है।
🔹 जानकी वल्लभ शास्त्री (जन्म: 1916)
प्रसिद्ध हिंदी कवि जानकी वल्लभ शास्त्री छायावादी काव्यधारा के सशक्त स्तंभ थे। उनकी रचनाओं में दर्शन, सौंदर्य और राष्ट्रप्रेम की झलक मिलती है।
वे 5 फ़रवरी को जन्मे प्रसिद्ध लोग में साहित्य जगत का गौरव हैं।

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🔹 शंख घोष (जन्म: 1932)
बांग्ला साहित्य के महान कवि, आलोचक और शिक्षाविद शंख घोष ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित रहे। उनकी कविताएँ सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं से भरपूर हैं।
5 फरवरी जन्मदिन विशेष में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
🔹 होरेन सिंह बे (जन्म: 1970)
असम से आने वाले वरिष्ठ राजनीतिज्ञ होरेन सिंह बे सामाजिक न्याय और जनकल्याण से जुड़े रहे हैं। पूर्वोत्तर भारत की राजनीति में उनकी विशेष पहचान है।
🔹 प्रेम सिंह तमांग (जन्म: 1968)
प्रेम सिंह तमांग, जिन्हें पी.एस. गोले के नाम से जाना जाता है, सिक्किम के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने राज्य में पारदर्शी शासन और सामाजिक सुधारों को प्राथमिकता दी।
5 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति सूची में वे आधुनिक राजनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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🔹 अभिषेक बच्चन (जन्म: 1976)
भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता अभिषेक बच्चन ने अभिनय के साथ-साथ सामाजिक अभियानों में भी योगदान दिया। ‘गुरु’, ‘युवा’ और ‘बन्टी और बबली’ जैसी फिल्मों में उनका अभिनय सराहा गया।
5 फरवरी को जन्मे प्रसिद्ध लोग में वे युवा पीढ़ी की पहचान हैं।
🔹 भुवनेश्वर कुमार (जन्म: 1990)
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार स्विंग गेंदबाज़ी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई हैं।
5 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति में वे खेल जगत का गौरव हैं।

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🔵 5 फ़रवरी का ऐतिहासिक महत्व
5 फरवरी का इतिहास जन्म हमें यह बताता है कि एक ही दिन पर जन्मे लोग कितने विविध क्षेत्रों में समाज को दिशा दे सकते हैं। कोई आध्यात्मिक गुरु बना, कोई कवि, कोई खिलाड़ी तो कोई राजनेता। यही विविधता इस दिन को खास बनाती है।

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🟤 निष्कर्ष
5 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति केवल नाम नहीं हैं, बल्कि वे विचार, संघर्ष और सफलता की जीवंत मिसाल हैं।
5 फरवरी को जन्मे प्रसिद्ध लोग हमें यह सिखाते हैं कि समर्पण और कर्म से इतिहास रचा जा सकता है।
यह लेख 5 फरवरी जन्मदिन विशेष के रूप में पाठकों को जानकारी के साथ प्रेरणा भी देता है।