Friday, March 13, 2026
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श्रीराम यज्ञ में उमड़ा जनसैलाब, लक्ष्मीपुर जरलहियां में गूंजे जयकारे

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। विधानसभा पनियरा क्षेत्र के ग्राम सभा लक्ष्मीपुर जरलहियां में आयोजित भव्य श्रीराम यज्ञ एवं विविध मांगलिक कार्यक्रमों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन की सुगंध और भक्ति गीतों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे गांव में आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त रहा।

कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी की सक्रिय नेत्री सुमन ओझा ने सहभागिता कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की। यज्ञ स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

अपने संबोधन में सुमन ओझा ने कहा कि श्रीराम यज्ञ जैसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और आपसी भाईचारे को सुदृढ़ बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक परंपराएं हमारी पहचान हैं, जिन्हें संजोकर रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और समाज सेवा के कार्यों में आगे आएं। साथ ही क्षेत्र के विकास और सामाजिक समरसता बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। ग्रामीणों ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया। ग्राम सभा लक्ष्मीपुर जरलहियां में संपन्न यह श्रीराम यज्ञ आस्था, एकजुटता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बनकर उभरा।

अधिकारी भी सुरक्षित नहीं! श्रुति शर्मा बनीं साइबर ठगी का शिकार

देवरिया की SDM श्रुति शर्मा साइबर ठगी की शिकार, मोबाइल हैक कर मांगे गए पैसे

देवरिया में बड़ा साइबर फ्रॉड, SDM का मोबाइल हुआ हैक


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) जिले की तेज-तर्रार उपजिलाधिकारी श्रुति शर्मा साइबर अपराधियों का निशाना बन गईं। जानकारी के अनुसार, शनिवार को उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया गया। हैकर्स ने उनके नाम और पद का दुरुपयोग करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों, परिचितों और रिश्तेदारों को मैसेज भेजकर तत्काल पैसे की मांग की।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोगों ने भरोसे में आकर ऑनलाइन रकम ट्रांसफर भी कर दी। जैसे ही श्रुति शर्मा साइबर ठगी की जानकारी उपजिलाधिकारी को मिली, उन्होंने तत्काल साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई और स्वयं देवरिया साइबर सेल कार्यालय पहुंचकर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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अधिकारी के नाम पर पैसे मांगने का प्रयास
साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए इमरजेंसी का हवाला देकर रकम ट्रांसफर करने को कहा। मैसेज की भाषा और प्रोफाइल देखकर कई लोग भ्रमित हो गए। यह मामला दर्शाता है कि अब साइबर अपराधी प्रशासनिक अधिकारियों को भी निशाना बना रहे हैं।
श्रुति शर्मा साइबर ठगी प्रकरण ने जिले में हड़कंप मचा दिया है। प्रशासनिक हलकों में भी इस घटना को लेकर गंभीर चर्चा है।

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साइबर सेल में शिकायत, जांच शुरू
उपजिलाधिकारी ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित नंबर और ट्रांजैक्शन डिटेल्स उपलब्ध कराईं। पुलिस ने आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, जिन खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है और संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
बढ़ते साइबर अपराध पर सवाल
देवरिया में श्रुति शर्मा साइबर ठगी की घटना ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम नागरिकों से लेकर उच्च अधिकारी तक इस तरह के अपराध का शिकार हो रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज या पैसे की मांग की पुष्टि बिना जांच किए न करें।

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क्या सावधानियां बरतें?
किसी भी इमरजेंसी फंड ट्रांसफर से पहले फोन पर पुष्टि करें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें,मोबाइल में टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें,साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930,हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
देवरिया में श्रुति शर्मा साइबर ठगी मामले की जांच तेज कर दी गई है। साइबर सेल ने संदिग्ध नंबरों की लोकेशन ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन लोगों ने पैसा ट्रांसफर किया था, उनकी ट्रांजैक्शन डिटेल्स जुटाई जा रही हैं। बैंक खातों को अस्थायी रूप से होल्ड कराने का प्रयास जारी है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अधिकारी के नाम से पैसे मांगने वाले मैसेज की तुरंत पुष्टि करें। इस घटना के बाद जिले में साइबर जागरूकता अभियान चलाने की भी तैयारी की जा रही है।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर छात्रों की वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)Iराष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर उच्च प्राथमिक विद्यालय सोहनाग के प्रांगण में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने स्मार्ट विलेज, भूकम्प अलार्म, ग्रीन हाउस, जलचक्र, हाइड्रोलिक ब्रिज, रॉकेट लॉन्चर तथा ज्वालामुखी सहित विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों का प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी रामप्यारे राम ने कहा कि वर्तमान समय में मानव जीवन के लिए विज्ञान अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडल सराहनीय हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास होता है और उनकी रचनात्मक क्षमता निखरती है।

कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि इस विद्यालय के छात्र शैक्षिक कार्यक्रमों और गतिविधियों में जनपद स्तर पर अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं। प्रधानाध्यापक जयकिशुन ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक एवं शैक्षिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी भविष्य में उनके लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

इस अवसर पर चंदन गुप्ता, उग्रसेन सिंह, सुधीर मिश्र, अमीर चंद चौहान, राजीव मिश्र, सत्येन्द्र सिंह, बृजेश द्विवेदी, सुधाकर मिश्र, प्रमोद पांडेय, सुनीता यादव, रुद्र नारायण, दिलीप गोंड, जितेंद्र यादव, धीरेन्द्र द्विवेदी, रविप्रकाश, रणविजय सिंह, रंजना, रवि प्रताप, अमित सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

कलेक्ट्रेट परिसर में भावुक पल, दिवंगत पेंशनर्स की स्मृति में दो मिनट मौन

देवरिया शोक सभा: 44 पेंशनर्स को भावभीनी श्रद्धांजलि

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) शोक सभा का आयोजन शनिवार, 28 फरवरी 2026 को अपराह्न कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेंशनर्स भवन, देवरिया में किया गया। इस अवसर पर जनपद के दिवंगत 44 पेंशनर्स को सामूहिक रूप से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभा में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और पेंशनर्स ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा उनके परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।

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देवरिया शोक सभा का वातावरण अत्यंत शांत, भावुक और श्रद्धामय रहा। उपस्थित लोगों ने दिवंगत पेंशनर्स के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने-अपने विभागों में लंबे समय तक निष्ठापूर्वक सेवा देकर समाज और प्रशासन को मजबूत आधार प्रदान किया।
पदाधिकारियों की उपस्थिति और संवेदनात्मक संबोधन
देवरिया शोक सभा में उ.प्र. पेंशनर्स कल्याण संस्था, जनपद देवरिया के अध्यक्ष श्रीराम त्रिपाठी, मंत्री लालसा यादव, कोषाध्यक्ष शिवदत पाठक विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही सहायक कोषाधिकारी देवरिया नन्दलाल चौरसिया, वरिष्ठ सहायक जितेन्द्र कुमार तथा वरिष्ठ पेंशनर राजेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
सभा में श्रीपति तिवारी, हर्षचन्द सिंह, रामरक्षा यादव, विजय बहादुर, जीउत प्रसाद सहित अनेक गणमान्य पेंशनर्स मौजूद रहे। पुलिस पेंशनर्स संघ के मंत्री छेदी प्रसाद यादव, शिवप्रसाद एवं उपेन्द्र कुमार पाण्डेय की उपस्थिति रही।
सभी वक्ताओं ने कहा कि देवरिया शोक सभा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक भावनात्मक दायित्व है, जिसके माध्यम से दिवंगत साथियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट की जाती है।

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दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने खड़े होकर दो मिनट का मौन रखा। इस मौन के माध्यम से दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। देवरिया शोक सभा में यह संकल्प भी लिया गया कि संस्था भविष्य में भी पेंशनर्स के हितों की रक्षा और उनके परिवारों के सहयोग के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
मौन के पश्चात ईश्वर से प्रार्थना की गई कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति दें।
समाज के प्रति पेंशनर्स का योगदान
देवरिया शोक सभा में वक्ताओं ने कहा कि पेंशनर्स केवल सेवानिवृत्त कर्मचारी नहीं होते, बल्कि अनुभव और मार्गदर्शन के स्रोत होते हैं। उन्होंने वर्षों तक प्रशासन, शिक्षा, पुलिस, राजस्व और अन्य विभागों में सेवा देकर समाज को दिशा दी।
आज जब वे हमारे बीच नहीं हैं, तो उनकी स्मृतियाँ, उनके कार्य और उनके आदर्श हमें प्रेरित करते रहेंगे। देवरिया शोक सभा के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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संगठन की सामाजिक प्रतिबद्धता
उ.प्र. पेंशनर्स कल्याण संस्था ने स्पष्ट किया कि देवरिया शोक सभा जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन न केवल अपने दिवंगत साथियों को याद करता है, बल्कि उनके परिवारों के प्रति भी संवेदनशील रहता है। संस्था भविष्य में भी पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने के लिए प्रयासरत रहेगी।
सभा के अंत में सभी ने दिवंगत आत्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
सामाजिक एकता का संदेश
देवरिया शोक सभा ने यह सिद्ध किया कि समाज में आपसी संवेदना और सम्मान की परंपरा आज भी जीवित है। जब 44 दिवंगत पेंशनर्स को सामूहिक श्रद्धांजलि दी गई, तो यह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक एकता और मानवीय मूल्यों का प्रतीक बन गया।
ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं कि सेवा और समर्पण का सम्मान कभी समाप्त नहीं होता।

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देवरिया शोक सभा के माध्यम से जनपद के 44 दिवंगत पेंशनर्स को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी स्मृतियों को सम्मान दिया गया। दो मिनट मौन रखकर की गई प्रार्थना ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया।
यह आयोजन न केवल दिवंगत आत्माओं के प्रति सम्मान था, बल्कि समाज को यह संदेश भी था कि जिन्होंने अपना जीवन सेवा में समर्पित किया, उनका सम्मान सदैव किया जाएगा।

नवाचार और वैज्ञानिक सोच का संगम: प्रभा पब्लिक स्कूल में सजी विज्ञान प्रदर्शनी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मधुबन तहसील क्षेत्र के जजौली स्थित प्रभा पब्लिक स्कूल में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन उत्साह और रचनात्मकता के माहौल में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्राधिकारी अंजनी कुमार पाण्डेय ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया।
उद्घाटन के बाद उन्होंने छात्रों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों का अवलोकन किया और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। प्रदर्शनी में राष्ट्रीय आपदा चेतावनी प्रणाली, मानव श्वसन तंत्र, रक्त शोधन प्रणाली, ऊर्जा दक्ष शहर, स्मार्ट कृषि प्रणाली, बांध का कार्यशील मॉडल, अपशिष्ट पदार्थों से विद्युत उत्पादन, जल चक्र, स्मार्ट सिटी और वायु प्रदूषण नियंत्रक जैसे विषयों पर आधारित मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट्स के माध्यम से विज्ञान के व्यावहारिक पक्ष को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में अंजनी कुमार पाण्डेय ने कहा कि इस प्रकार की विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करती है और उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करती है। उन्होंने प्रयोगात्मक शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि विज्ञान और तकनीक की समझ ही भविष्य के भारत को मजबूत आधार देगी।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे वातावरण उत्सवमय हो गया। विद्यालय के प्रबंधक विनय जायसवाल और प्रधानाचार्य अजय कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य लोग, अभिभावक और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

दफ्तर में सालगिरह का ‘डांस-बार’, महंगे तोहफों का शौक; क्या शिक्षक की गाढ़ी कमाई से उड़ती थी शराब?

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जिस बेसिक शिक्षा कार्यालय में एक ईमानदार शिक्षक ने फांसी लगाकर अपनी पीड़ा समेटी, उसी दफ्तर में कभी शाही जश्न गूंजते थे। निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के रॉयल स्टाइल के किस्से अब विभागीय गलियारों में जुबान पर चढ़ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में उनकी ‘मैरिज एनिवर्सरी’ पर सरकारी कार्यालय देर रात तक पार्टी हॉल में तब्दील रहा। सवाल यह नहीं कि पार्टी हुई, सवाल यह है कि इस दावत का बिल किसकी जेब से निकला?

सरकारी दफ्तर, निजी महफिल, और ‘वसूली’ का हिसाब-किताब

बताया जाता है कि इस ‘प्राइवेट सेलिब्रेशन’ में दफ्तर के कुछ ‘चहेते’ बाबुओं के अलावा बाहर से भी कई रसूखदार शामिल हुए। लजीज व्यंजनों की महक और देर रात तक चले इस इवेंट ने यह सवाल जरूर छोड़ दिया कि आखिर एक सरकारी कार्यालय में निजी आयोजन की अनुमति किसने दी? और क्या यह वही ‘सिंडिकेट’ नहीं था, जो शिक्षकों की गाढ़ी कमाई से पैदा हुआ था?

गिफ्ट कल्चर’ का भूत: महंगे तोहफों का शगल

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। जिले के रसूखदार और प्रशासनिक हलकों में एक और चर्चा जोरों पर है – महंगे तोहफों का शौक। सूत्र बताते हैं कि निलंबित बीएसए को विभिन्न कार्यक्रमों और इवेंट्स में लग्जरी गिफ्ट्स भेंट करने का चलन काफी समय से था। ये तोहफे इतने कीमती होते थे कि आम शिक्षक की एक महीने की तनख्वाह भी उनके सामने फीकी पड़ जाती। अब पूछा जा रहा है कि क्या ये ‘शगल’ भी उसी वसूली मनी से चलता था, जिसकी भेंट शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह चढ़ गए?

खास इंतजाम और ‘करीबी बाबुओं’ की एंट्री

चर्चाओं का दायरा और भी आगे बढ़ता है। कहा जा रहा है कि इन पार्टियों में ‘खास इंतजाम’ भी किए जाते थे। हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन दबी जुबान यह भी कहा जा रहा है कि अगर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होती है, तो कई ‘करीबी बाबुओं’ के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। वे बाबू, जो इस सिंडिकेट की रीढ़ थे, और जिन्होंने शायद इस ‘जश्न’ को अंजाम दिया।

सवाल वही: सिर्फ निलंबन या सलाखों की सजा?

अब जब शालिनी श्रीवास्तव निलंबित हो चुकी हैं, तो ये सारे किस्से-कहानियां एक नई रोशनी में देखी जा रही हैं। क्या यह सिर्फ अफवाहें हैं, या फिर इस भ्रष्टाचार के अंधेरे में छिपे और भी कई राज हैं? देवरिया की जनता अब सिर्फ निलंबन से संतुष्ट नहीं होने वाली। उसे देखना है कि क्या इस ‘शाही ठाठ-बाट’ का हिसाब देने की घड़ी भी आएगी? क्या उन ‘महंगे तोहफों’ और ‘दफ्तर की दावतों’ के पीछे का पैसा वाकई शिक्षकों की जेब से निकला था?

एक बात तो तय है – यह सिर्फ एक निलंबन का मामला नहीं रह गया है। यह उस तंत्र के खिलाफ जंग है, जिसने एक शिक्षक को मौत के घाट उतार दिया। और अगर इस तंत्र की जड़ें नहीं खोदी गईं, तो शायद अगली ‘सालगिरह’ किसी और दफ्तर में मनाई जाएगी, किसी और शिक्षक की गाढ़ी कमाई पर।

शाह फहद बने लेफ्टिनेंट, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा टीम में मिली जिम्मेदारी

जिले में खुशी की लहर

मऊ (राष्ट्र की परम्परा) जनपद के मोहल्ला नवापुरा पूरब निवासी इम्तियाज अहमद के पुत्र शाह फहद ने मात्र 25 वर्ष की आयु में लेफ्टिनेंट बनकर जिले का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया है। उनकी कड़ी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर उन्हें देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा टीम में नियुक्ति का गौरव प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे मऊ जिले के लिए गर्व का विषय है।
शाह फहद ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अल-फलाह मिल्ली स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद बहादुरगंज (गाजीपुर) की खान कोचिंग से मार्गदर्शन लेकर रीवा स्थित सैनिक स्कूल में प्रवेश लिया। वर्ष 2011 से 2018 तक अध्ययन करते हुए उन्होंने इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया और प्रतिष्ठित एनडीए परीक्षा में सफलता हासिल की। आगे चलकर उन्होंने इंडियन नेवल अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा दिल्ली से बीटेक और कोच्चि (केरल) से एमटेक की डिग्री हासिल की।
उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर शैक्षिक और सामाजिक हलकों में खुशी की लहर है। टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया उत्तर प्रदेश के सचिव मौलाना मंसूर आलम असरी सहित कई गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। शाह फहद की यह उपलब्धि मऊ के युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई है।

1 मार्च को जन्मे महान व्यक्तित्व: भारतीय राजनीति, खेल और साहित्य के चमकते सितारे

1 मार्च को जन्मे महान व्यक्तित्व
1 मार्च को जन्मे महान व्यक्तित्वों ने भारत और विश्व स्तर पर राजनीति, खेल, साहित्य और समाजसेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 1 मार्च को जन्मे प्रसिद्ध लोग आज भी अपनी उपलब्धियों से प्रेरणा देते हैं। आइए जानते हैं 1 मार्च को जन्मे महान व्यक्तित्वों के बारे में विस्तार से।


🥊 मैरी कॉम (जन्म: 1983)
भारत की दिग्गज महिला मुक्केबाज़ मैरी कॉम छह बार की विश्व चैंपियन रह चुकी हैं। उन्होंने ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। 1 मार्च को जन्मे महान व्यक्तित्वों में उनका नाम सबसे प्रेरणादायक है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने संघर्ष कर विश्व स्तर पर पहचान बनाई।


🏏 सलिल अंकोला (जन्म: 1968)
सलिल अंकोला भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी हैं। क्रिकेट के बाद उन्होंने टीवी और फिल्म जगत में भी अपनी पहचान बनाई। 1 मार्च को जन्मे प्रसिद्ध लोगों में वे खेल और मनोरंजन दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहे।

🏋️‍♀️ कुंजारानी देवी
भारतीय महिला भारोत्तोलक कुंजारानी देवी ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अनेक पदक जीते। वे भारत की अग्रणी महिला खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। 1 मार्च जन्मदिन इतिहास में उनका नाम गौरव से लिया जाता है।

🏃‍♀️ मान कौर (1916–2021)
मान कौर विश्व की सबसे उम्रदराज धाविकाओं में से एक थीं। 100 वर्ष की आयु में भी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते। 1 मार्च को जन्मे महान व्यक्तित्वों में वे जज्बे की मिसाल हैं।

🏛️ नितीश कुमार (जन्म: 1951)
बिहार के प्रमुख नेता नितीश कुमार कई बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। सुशासन और विकास की नीतियों के कारण वे 1 मार्च को जन्मे प्रसिद्ध लोगों में विशेष स्थान रखते हैं।

🏛️ एम.के. स्टालिन (जन्म: 1953)
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्रविड़ राजनीति के प्रमुख चेहरा हैं। उन्होंने राज्य में सामाजिक कल्याण योजनाओं को आगे बढ़ाया। 1 मार्च को जन्मे महान व्यक्तित्वों में उनका नाम राजनीतिक नेतृत्व के लिए जाना जाता है।

🏛️ बुद्धदेव भट्टाचार्य (1944–2024)
पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने राज्य की औद्योगिक नीतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1 मार्च जन्मदिन इतिहास में उनका नाम राजनीतिक नेतृत्व के लिए याद किया जाता है।
अन्य प्रमुख व्यक्तित्व (1 मार्च को जन्मे)
शरद कुमार (1992) – पैरालंपिक पदक विजेता।
चरणजीत सिंह चन्नी (1963) – पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री।
निरंजन ज्योति (1967) – भारतीय जनता पार्टी की नेता।
गणेशी लाल (1941) – वरिष्ठ राजनेता।
अतीन बंद्योपाध्याय (1934) – प्रसिद्ध बंगाली साहित्यकार।
करतार सिंह दुग्गल (1917) – बहुभाषी साहित्यकार।
1 मार्च को जन्मे महान व्यक्तित्वों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। 1 मार्च को जन्मे प्रसिद्ध लोग आज भी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। 1 मार्च जन्मदिन इतिहास हमें यह सिखाता है कि प्रतिभा और परिश्रम से किसी भी क्षेत्र में सफलता पाई जा सकती है।

चकबंदी से जुड़ी समस्याओं के समाधान को जन चौपाल आयोजित

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील खलीलाबाद के ग्राम परजूडीह तथा तहसील मेहदावल के ग्राम बेलौली में चकबंदी संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु जन चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उप संचालक चकबंदी/अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चन्द्रेश कुमार सिंह ने ग्राम परजूडीह में तथा बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी विनय कुमार सिंह ने ग्राम बेलौली में उपस्थित होकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
ग्राम परजूडीह में जानकारी दी गई कि पुराने गाटा नंबरों के तरमीम का कार्य पूर्ण हो चुका है और अब पड़ताल कार्य कराया जाना है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पड़ताल कार्य शीघ्र पूर्ण कर प्रगति सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने चकबंदी प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कराने की मांग रखी। साथ ही ग्राम में वरासत और नामांतरण के अविवादित प्रकरणों का कैम्प लगाकर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम बेलौली में कृषकों ने बताया कि स्वत्व एवं विभाजन से जुड़े कई मुकदमे चकबंदी अधिकारी मेहदावल के न्यायालय में लंबे समय से लंबित हैं। निर्देश दिया गया कि इन मुकदमों का शीघ्र निस्तारण कर चकबंदी कार्य को गति दी जाए। कुछ गाटा नंबरों की गलत कीमत निर्धारण की शिकायत पर स्थल निरीक्षण कर नियमानुसार दुरुस्ती कराने के बाद ही अग्रिम कार्य बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु ग्राम में सार्वजनिक स्थान पर चकबंदी अदालत लगाई जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक पैरवी के लिए परेशान न होना पड़े।
बताया गया कि चकबंदी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न ग्रामों में नियमित रूप से जन चौपाल आयोजित किए जाएंगे।

थाना समाधान दिवस में शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के थाना कोतवाली खलीलाबाद परिसर में आयोजित थाना समाधान दिवस में जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने संयुक्त रूप से फरियादियों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि थाना समाधान दिवस में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और आवश्यक होने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। जिन मामलों का समाधान उच्चाधिकारी स्तर पर होना है, उन पर समय से आख्या लगाकर संबंधित अधिकारी को प्रेषित किया जाए, ताकि शिकायतों का उचित समाधान सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी खलीलाबाद अरुण कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अमित कुमार तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सिकंदरपुर में ट्रेलर की टक्कर से महिला गंभीर घायल

सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)

सिकंदरपुर क्षेत्र में बालू लदे ट्रेलर की टक्कर से एक 40 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला की पहचान तारा देवी पत्नी बिरनायक राम, निवासी ग्राम बरहूंचा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तारा देवी अपने रिश्तेदार ग्राम नेमा का टोला में एक निधन कार्यक्रम में शामिल होकर अपने गांव वापस लौट रही थीं। बाइक उनका बेटा रोहित चला रहा था।घटना जमुई गांव के पास तुरहा बस्ती के समीप उस समय हुई जब सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तारा देवी सड़क पर गिर पड़ीं और उनके कमर तथा सिर में गंभीर चोटें आ गईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया गया।चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है। परिजनों के अनुसार महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है।क्षेत्र में बालू लदे ट्रकों और ट्रेलरों के लगातार आवागमन से ग्रामीणों में आक्रोश है। सड़क संकरी होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। थाना अध्यक्ष सिकंदरपुर मूलचंद चौरेसिया ने बताया कि अभी तक महिला पक्ष की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस ट्रेलर की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।

सिसोटार के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, दो युवक गंभीर घायल


बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

सिसोटार गांव के सामने शुक्रवार को तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। आमने-सामने हुई दो बाइकों की जोरदार भिड़ंत में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दोनों के पैर टूट गए, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर तक आवागमन प्रभावित रहा।
सिसोटार गांव निवासी 29 वर्षीय अखिलेश प्रजापति किसी कार्य से बाइक द्वारा सिकंदरपुर की ओर जा रहे थे। वहीं सुखपुरा गांव निवासी 40 वर्षीय बृजेश कुमार अपनी मोटरसाइकिल से मनियर की तरफ जा रहे थे। जैसे ही दोनों वाहन सिसोटार गांव के सामने पहुंचे, तेज रफ्तार के कारण आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिर पड़े और दर्द से तड़पते रहे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।दुर्घटना के बाद कुछ समय तक मार्ग पर यातायात बाधित रहा। स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्र में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर सख्ती करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

थाना श्यामदेउरवां में समाधान दिवस: डीएम–एसपी ने सुनीं फरियादें, मौके पर फोन कर परखी शिकायत की सच्चाई

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जन समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के उद्देश्य से आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना ने थाना श्यामदेउरवां में स्वयं उपस्थित होकर फरियादियों की शिकायतें सुनीं। अधिकारियों की मौजूदगी से फरियादियों में भरोसा दिखा और कई मामलों में मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सुनवाई के दौरान डीएम ने ग्राम नटवा जंगल निवासी कैलाश साहनी की पूर्व शिकायत की स्थिति स्वयं मोबाइल फोन से काल कर जानी। शिकायतकर्ता ने बताया कि भूमि की पैमाइश हो चुकी है और वह निस्तारण से संतुष्ट हैं। इस पर डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर शिकायत का समाधान समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक दौड़-भाग न करनी पड़े।
समाधान दिवस में विमला पत्नी श्रवण सेमरा चन्दौली, परशुराम बसडीला उर्फ अमवा, सत्यनारायण, रविन्द्रा देवी पंचदेंउरी, उदयभान तिवारी लखिमा, अमरनाथ बड़हरा बरईपार और सुनील कुमार कन्नोजिया बसहिया बुजुर्ग सहित कई ग्रामीणों ने भूमि, राजस्व, पारिवारिक और अन्य स्थानीय समस्याएं रखीं। संबंधित विभागों को प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
डीएम ने आगामी होली पर्व को सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने की अपील करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया। पुलिस अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहने और संवेदनशील स्थानों पर सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
थाना समाधान दिवस में थानाध्यक्ष, राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारी, शिकायतकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। प्रशासन ने दोहराया कि जनता की समस्याओं के समाधान में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Mission Shakti Phase 5.0 Deoria: एसपी संजीव सुमन के निर्देशन में जागरूकता अभियान

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से Mission Shakti Phase 5.0 Deoria के अंतर्गत जनपद में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में जिले के सभी थानों की मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीमों ने सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और शिक्षण संस्थानों के आसपास पहुंचकर महिलाओं और किशोरियों को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।
Mission Shakti Phase 5.0 Deoria अभियान के तहत न केवल पंपलेट वितरित किए गए, बल्कि महिलाओं को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों और शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।
बरहज बाजार में विशेष जागरूकता कार्यक्रम
थाना बरहज की मिशन शक्ति टीम ने ग्राम बरहज बाजार में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा, कानूनी अधिकार और त्वरित सहायता के लिए उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी गई।
टीम ने डायल-112, हेल्पलाइन-181, वुमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, सीएम हेल्पलाइन-1076, वन स्टॉप सेंटर-181, स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन-102, एंबुलेंस सेवा-108 और साइबर हेल्पलाइन-1930 जैसे महत्वपूर्ण नंबरों की उपयोगिता समझाई।
Mission Shakti Phase 5.0 Deoria के अंतर्गत अधिकारियों ने बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध या आपात स्थिति में महिलाएं इन नंबरों पर तुरंत संपर्क कर सकती हैं।
भाटपाररानी कस्बे में भी चला अभियान
इसी क्रम में थाना भाटपाररानी की मिशन शक्ति टीम ने पीएनबी क्षेत्र, कस्बा भाटपाररानी में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। यहां उपस्थित महिलाओं और किशोरियों को शासन की योजनाओं और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई।
Mission Shakti Phase 5.0 Deoria के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बताया गया कि वुमेन पावर लाइन-1090 पर शिकायत दर्ज कराने से पहचान गोपनीय रखी जाती है। वहीं चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित सहायता प्रदान करती है।
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन-1930 पर दें।
सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर पहुंचीं टीमें
Mission Shakti Phase 5.0 Deoria को प्रभावी बनाने के लिए जिले के सभी थानों की एंटी रोमियो और मिशन शक्ति टीमों ने अपने-अपने क्षेत्र में सक्रियता दिखाई। बाजारों, पार्कों, बस स्टैंड, मंदिरों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जाकर महिलाओं को पंपलेट वितरित किए गए।
अभियान का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा करना भी रहा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
Mission Shakti Phase 5.0 Deoria अभियान के दौरान यह संदेश दिया गया कि महिला सशक्तिकरण केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और कानूनी जागरूकता से भी जुड़ा है।
पुलिस अधिकारियों ने समझाया कि वन स्टॉप सेंटर-181 के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा, कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता मिलती है। वहीं सीएम हेल्पलाइन-1076 के जरिए शिकायतों की निगरानी उच्च स्तर पर की जाती है।
अभियान में यह भी बताया गया कि स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन-102 और एंबुलेंस सेवा-108 आपात चिकित्सा स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराती हैं।
सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की पहल
Mission Shakti Phase 5.0 Deoria के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाए। एंटी रोमियो टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस विभाग का मानना है कि जागरूकता ही अपराध रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है। जब महिलाएं अपने अधिकारों और उपलब्ध संसाधनों के प्रति सजग होंगी, तो वे किसी भी प्रकार की उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर सकेंगी।
समाज की भागीदारी भी जरूरी
Mission Shakti Phase 5.0 Deoria अभियान के दौरान नागरिकों से भी अपील की गई कि वे महिला सुरक्षा के प्रति सजग रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
अभियान में यह भी रेखांकित किया गया कि परिवार और समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। बेटियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, डिजिटल सुरक्षा और कानूनी जानकारी देना समय की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
Mission Shakti Phase 5.0 Deoria के तहत चलाया गया यह व्यापक जागरूकता अभियान महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले भर में आयोजित कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया है कि प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर प्रतिबद्ध है।
पंपलेट वितरण, हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी और योजनाओं के प्रचार-प्रसार के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने की पहल सराहनीय है। आने वाले समय में भी ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे, जिससे समाज में सुरक्षित और सशक्त वातावरण का निर्माण हो सके।

Auraiya Samadhan Diwas 2026: थाना दिबियापुर में डीएम-एसपी ने सुनीं जनसमस्याएं

औरैया, (राष्ट्र की परम्परा)
जनता की शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष समाधान के उद्देश्य से आयोजित Auraiya Samadhan Diwas 2026 के तहत थाना दिबियापुर में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जनसमस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने फरियादियों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतों का संज्ञान लिया तथा संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
सभी पक्षों की मौजूदगी में निष्पक्ष समाधान पर बल
Auraiya Samadhan Diwas 2026 के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि थाना दिवस में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न होकर वास्तविक और स्थायी समाधान की दिशा में होना चाहिए। उन्होंने राजस्व और पुलिस टीम को आपसी समन्वय के साथ स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि मौके की स्थिति स्पष्ट हो सके और विवाद की जड़ तक पहुंचकर समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिकायतों का निपटारा सभी पक्षों की उपस्थिति में, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया जाए, जिससे भविष्य में दोबारा विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
भूमि विवाद और अवैध कब्जे की शिकायतें प्रमुख
Auraiya Samadhan Diwas 2026 में प्राप्त शिकायतों में भूमि विवाद और अवैध कब्जे से जुड़े प्रकरण प्रमुख रहे। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित थाना प्रभारी और लेखपाल को निर्देशित किया कि प्रत्येक मामले में मौके पर जाकर जांच की जाए और नियमानुसार रिपोर्ट प्रस्तुत कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों का परीक्षण, सीमांकन और दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए। साथ ही शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की प्रगति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने कहा कि जिन मामलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने की संभावना हो, वहां पुलिस की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विवादों के समाधान में संवेदनशीलता और कानूनी प्रक्रिया दोनों का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
संयुक्त टीम को दिए स्पष्ट निर्देश
Auraiya Samadhan Diwas 2026 के दौरान अधिकारियों ने हल्का इंचार्ज और लेखपाल को निर्देशित किया कि हर शिकायत की स्थलीय जांच अनिवार्य रूप से की जाए। केवल कागजी कार्रवाई के आधार पर निस्तारण स्वीकार्य नहीं होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि उसका वास्तविक समाधान करना है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध जवाबदेही तय की जाएगी।
थाना परिसर का निरीक्षण, निर्माण कार्यों की समीक्षा
शिकायतों की सुनवाई के उपरांत जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने थाना दिबियापुर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह जानकारी दी गई कि थाना परिसर के पीछे स्थित तालाब का पानी वर्षा ऋतु में परिसर में प्रवेश कर जाता है, जिससे कार्य में बाधा और असुविधा उत्पन्न होती है।
इस पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार सदर प्रकाश चौधरी को निर्देशित किया कि संबंधित तालाब की जांच कर आवश्यक राजस्व एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाए, ताकि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।
निष्प्रयोज्य भवनों के निस्तारण के निर्देश
निरीक्षण के दौरान थाना परिसर में स्थित निष्प्रयोज्य भवनों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने थानाध्यक्ष को निर्देश दिए कि ऐसे भवनों का नियमानुसार निस्तारण किया जाए, जिससे परिसर सुव्यवस्थित और सुरक्षित बने।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक परिसरों में स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखना भी सुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जनता के बीच विश्वास बढ़ाने का प्रयास
Auraiya Samadhan Diwas 2026 के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि जनता की समस्याएं प्राथमिकता पर हैं। समाधान दिवस जैसे कार्यक्रमों से लोगों को सीधे अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर मिलता है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होती हैं।
स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि प्राप्त शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान होगा।
समयबद्ध निस्तारण पर प्रशासन सख्त
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण की समयसीमा तय की जाए और उसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए।
पुलिस अधीक्षक ने भी स्पष्ट किया कि किसी भी विवाद को लंबित रखने से तनाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए संयुक्त टीम सक्रियता से कार्य करे।
समाधान दिवस की उपयोगिता
Auraiya Samadhan Diwas 2026 यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग जनता की समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं। संयुक्त निरीक्षण, मौके पर जांच और दोनों पक्षों की संतुष्टि को प्राथमिकता देना इस पहल की विशेषता है।
कार्यक्रम के दौरान तहसीलदार सदर प्रकाश चौधरी, थानाध्यक्ष, लेखपाल और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
Auraiya Samadhan Diwas 2026 के तहत थाना दिबियापुर में आयोजित कार्यक्रम में भूमि विवाद, अवैध कब्जे और अन्य जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन ने स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। संयुक्त स्थलीय निरीक्षण, पारदर्शिता और समयबद्ध निस्तारण पर दिया गया जोर यह संकेत देता है कि जिला प्रशासन सुशासन और जनविश्वास को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय है।