Monday, May 4, 2026
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फागुन–चैत की बज उठी शहनाई: वसंत, होली और आम्रकुंज की अमराई का काव्य उत्सव

भारतीय ऋतुओं में वसंत ऋतु केवल मौसम नहीं, बल्कि जीवन में नवचेतना का उत्सव है। फागुन–चैत के आते ही खेत-खलिहान, बाग-बगीचे, वन-उपवन और जन-मन—सब उल्लास से भर उठते हैं। इसी अनुभूति को शब्दों में ढालती यह कविता फागुन चैत की बाज उठी शहनाई प्रकृति, होली और मानवीय संवेदना का सुंदर संगम प्रस्तुत करती है।

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विद्यावाचस्पति डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

विद्यावाचस्पति डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

फागुन–चैत की बज उठी शहनाई

कविता
लखपेड़ा बाग आमों की है बौराई,
वसन्त ऋतु आम्रकुंज की अमराई,
बौरों की भीनी भीनी ख़ुशबू महके,
फागुन, चैत की बज उठी शहनाई।
पतझड़ बीत गया है शिशिर का,
मधुमास की बेला चमेली महकी,
होली के गीत और राग रंग बरसें,
वन उपवन कोयलिया हैं चहकें।
नीम,पीपल, वटवृक्ष,गूलर, महुआ,
पेड़ों में नव नूतन किसलय कोमल,
गुलाबास, गुलखैरा, गुलाब खिल रहे,
नींबू,नारंगी रंग रंगीले अनार फल रहे।
होलिकादहन, फगुवा गायन वादन,
ढोल, मंजीरा, झाँझ और ढप थापें,
युवक, युवतियाँ, बच्चे बूढ़े सब नाचें,
होली के रंग गुलाल अबीर लगा खेलें।
आदित्य बसन्त ऋतु सुहानी आई,
खिल उठी आम्रकुंज की अमराई,
मन मयूर उमंगित हो नृत्य कर रहा,
हृदय में अनुभूति हो रही तरुणाई।
विद्यावाचस्पति डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
विश्लेषण और महत्व

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यह रचना फागुन चैत की बज उठी शहनाई के भाव से वसंत का स्वागत करती है। आमों की बौर, कोयल की कूक, होली का फगुआ, ढोल-मंजीरे की थाप—सब मिलकर ग्रामीण भारत की जीवंत तस्वीर रचते हैं। कविता में प्रकृति के साथ समाज, संस्कृति और उत्सव का समन्वय पाठक को सीधे अनुभूति से जोड़ता है।

ICC T20 World Cup: भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया, PCB चीफ पर उठे सवाल

ICC T20 World Cup: भारत ने श्रीलंका के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 27वें मुकाबले में पाकिस्तान को 61 रनों से करारी शिकस्त दी। यह हार सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रही, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट प्रशासन में भी हलचल की खबरें सामने आई हैं।

ईशान किशन की तूफानी पारी

भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 175 रन बनाए।
ईशान किशन ने 40 गेंदों पर 77 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 3 छक्के शामिल रहे।
जवाब में पाकिस्तान की टीम 18 ओवर में 114 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 61 रन से बड़ी जीत दर्ज की।

खतरे में PCB चीफ की कुर्सी?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में इस हार के बाद मोहसिन नकवी की कुर्सी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
कहा जा रहा है कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर टीम की तैयारी और बोर्ड की कार्यप्रणाली से नाराज हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संदेश भेजकर पीसीबी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

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पहले से चल रहा था विवाद

बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने शुरुआत में भारत के साथ मैच खेलने से इनकार किया था, लेकिन ICC के दबाव के बाद वह खेलने को तैयार हुआ। इसी बीच मोहसिन नकवी का एक बयान भी चर्चा में आया था, जिसमें उन्होंने आर्मी चीफ का नाम लेते हुए कहा था कि वे भारत या ICC की “धमकियों” से नहीं डरते।

अब भारत से मिली करारी हार के बाद पाकिस्तान में क्रिकेट प्रशासन और नेतृत्व को लेकर बहस तेज हो गई है।

राजनीतिक और खेल जगत में हलचल

इस हार की गूंज पाकिस्तान के खेल और राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गई है। हालांकि इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक पीसीबी नेतृत्व पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

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भारत ने संदिग्ध ईरानी तेल टैंकरों को रोका, समुद्री निगरानी कड़ी

भारत ने इस महीने अपने समुद्री क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के चलते ईरान से जुड़े तीन तेल टैंकरों को जब्त किया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यह कार्रवाई अवैध तेल व्यापार पर रोक लगाने और प्रतिबंधों से बचने के प्रयासों को विफल करने के उद्देश्य से की गई।

किन जहाजों को रोका गया?

सूत्रों के मुताबिक जिन तीन जहाजों को रोका गया, उनके नाम हैं:

• Stellar Ruby (स्टेलर रूबी)
• Asphalt Star (एस्फाल्ट स्टार)
• Al Jafzia (अल जफ्जिया)

बताया गया है कि ये जहाज पहचान छिपाने के लिए बार-बार अपना नाम और विवरण बदलते थे, ताकि तटीय एजेंसियों की निगरानी से बच सकें। इनके मालिक विदेश में स्थित बताए गए हैं।

कार्रवाई कहां और कैसे हुई?

भारतीय अधिकारियों ने 6 फरवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इन जहाजों को रोके जाने की जानकारी दी थी, जिसे बाद में हटा लिया गया।

सूत्रों के अनुसार, मुंबई से लगभग 100 नॉटिकल मील पश्चिम में संदिग्ध गतिविधि का पता चलने के बाद इन टैंकरों को रोका गया और जांच के लिए मुंबई लाया गया।

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भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसके समुद्री क्षेत्र का उपयोग शिप-टू-शिप ट्रांसफर के जरिए तेल की वास्तविक उत्पत्ति छिपाने के लिए न हो। यह तरीका अक्सर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने और कार्गो की ट्रैकिंग को जटिल बनाने के लिए अपनाया जाता है।

ईरानी कंपनी ने क्या कहा?

National Iranian Oil Company ने बयान जारी कर कहा है कि जब्त किए गए इन तीनों जहाजों का उसकी कंपनी से कोई संबंध नहीं है।
शिपिंग डेटा प्रदाता कंपनी LSEG के अनुसार, तीन में से दो टैंकर पहले ईरान से जुड़े रहे हैं।

• Al Jafzia ने 2025 में ईरान से जिबूती तक फ्यूल ऑयल पहुंचाया था।
• Stellar Ruby पर ईरान का झंडा लगा हुआ बताया गया है।
• Asphalt Star मुख्य रूप से चीन के समुद्री मार्गों पर संचालित होती रही है।

अमेरिका और प्रतिबंधों का कनेक्शन

Office of Foreign Assets Control (OFAC), जो अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के तहत काम करता है, ने पिछले वर्ष तीन जहाजों — Global Peace, Chill 1 और Glory Star 1 — पर प्रतिबंध लगाए थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इनके अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) नंबर उन जहाजों से मेल खाते हैं जिन्हें हाल ही में भारत ने जब्त किया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका के संबंधों में मजबूती देखी जा रही है। हाल ही में वाशिंगटन ने भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क 50% से घटाकर 18% करने की घोषणा की थी।

समुद्री निगरानी और सख्त

जब्ती के बाद भारतीय तटरक्षक बल ने निगरानी और सख्त कर दी है।
अब लगभग 55 जहाज और 10 से 12 विमान भारतीय समुद्री क्षेत्र में चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं।

इस कदम को भारत की समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध व्यवस्था के पालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

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U.S. Department of Justice की फाइलों से हलचल, Jeffrey Epstein कनेक्शन के बाद DP World प्रमुख का इस्तीफा

अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DOJ) द्वारा यौन अपराध के दोषी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े लगभग 30 लाख दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर हलचल मच गई है। इन दस्तावेजों में कई प्रभावशाली हस्तियों के नाम सामने आए हैं। इसी क्रम में दुबई स्थित ग्लोबल पोर्ट ऑपरेटर DP World के प्रमुख का नाम भी चर्चा में आया है।

सुल्तान अहमद बिन सुलायम का इस्तीफा

DP World के चेयरमैन और सीईओ Sultan Ahmed bin Sulayem ने बढ़ते दबाव के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार हाल ही में जारी फाइलों से संकेत मिला कि अमीराती कारोबारी और एपस्टीन के बीच लगभग एक दशक में सैकड़ों ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था। हालांकि, किसी भी दस्तावेज में प्रत्यक्ष अवैध गतिविधि में शामिल होने का ठोस प्रमाण नहीं बताया गया है।
कंपनी ने 13 फरवरी 2026 को उनके इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

कंपनी में नए नियुक्ति

DP World ने घोषणा की कि Essa Kazim को नया चेयरमैन और Yuvraj Narayan को नया सीईओ नियुक्त किया गया है।
घोषणा के बाद कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से सुलायम की तस्वीर भी हटा दी गई।

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वैश्विक सहयोगियों का दबाव

दुबई के स्वामित्व वाली यह लॉजिस्टिक्स कंपनी छह महाद्वीपों में पोर्ट टर्मिनलों का संचालन करती है और वैश्विक व्यापार अवसंरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रिटेन की डेवलपमेंट फाइनेंस एजेंसी और कनाडा के बड़े पेंशन फंड La Caisse ने कंपनी में नए निवेश पर रोक लगाने की घोषणा की है।

साथ ही, प्रिंस ऑफ वेल्स के The Earthshot Prize (जिसे DP World से फंडिंग मिली थी) को भी यूके चैरिटी कमीशन के समक्ष रिपोर्ट किए जाने की खबरें हैं।

क्या है पूरा मामला?

DOJ द्वारा सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों में नाम आना किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक दोष सिद्धि नहीं माना जाता। फिर भी, वैश्विक स्तर पर कंपनियों और संस्थानों पर पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर दबाव बढ़ गया है।

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि बड़े कारोबारी और राजनीतिक नेटवर्क की जांच में पारदर्शिता कितनी आवश्यक है।

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जंगल में छिपी शराब फैक्ट्री पर पुलिस का प्रहार, फरार आरोपियों की तलाश तेज

जंगल में चल रही थी मौत की फैक्ट्री: बलुअहिया नर्सरी में पुलिस का धावा, 4 कुंतल लहन नष्ट, 10 लीटर कच्ची शराब बरामद


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद महराजगंज में अवैध कच्ची शराब के खिलाफ चल रहे सघन अभियान के तहत थाना चौक पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। जंगल क्षेत्र स्थित बलुअहिया नर्सरी में चल रही अवैध शराब की “मौत की फैक्ट्री” पर पुलिस ने अचानक दबिश देकर न केवल साजिश को नाकाम किया, बल्कि मौके से 4 कुंतल लहन नष्ट कर 10 लीटर कच्ची शराब बरामद की। इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में खलबली मच गई है।

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जनपद में यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीणा के निर्देशन में संचालित विशेष अभियान के तहत की गई। अभियान का उद्देश्य जहरीली शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह लगाम लगाना है, ताकि जनहानि की आशंका को समय रहते रोका जा सके।
जंगल में छिपकर चल रहा था अवैध कारोबार
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बलुअहिया नर्सरी के घने जंगल में कच्ची शराब तैयार की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना चौक पुलिस ने रणनीति के तहत टीम गठित की और मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही आरोपी जंगल का लाभ उठाकर फरार हो गए। अंधेरे और घने पेड़ों के कारण तत्काल गिरफ्तारी संभव नहीं हो सकी, लेकिन पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया।

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मौके से भारी मात्रा में लहन नष्ट
छापेमारी के दौरान पुलिस को शराब बनाने के लिए तैयार लगभग 4 कुंतल अवैध लहन मिला। नियमों के अनुसार मौके पर ही लहन को विधिवत नष्ट कराया गया, ताकि दोबारा उसका उपयोग न हो सके। इसके साथ ही 10 लीटर कच्ची शराब भी बरामद की गई, जिसे कब्जे में लेकर आवश्यक साक्ष्य तैयार किए गए।
आबकारी अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई
पुलिस ने बरामदगी के आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अवैध शराब से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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कानून-व्यवस्था रही सामान्य
कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रही। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया और अवैध शराब के खिलाफ सख्ती की मांग की।
आमजन से सहयोग की अपील
थाना चौक पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध शराब का निर्माण, भंडारण या बिक्री होती दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। समय पर मिली जानकारी से न केवल अवैध कारोबार पर रोक लगेगी, बल्कि कई जिंदगियों को बचाया जा सकेगा।

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अभियान होगा तेज
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जनपद में अवैध शराब के विरुद्ध अभियान आने वाले दिनों में और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा। जंगल क्षेत्रों, नर्सरियों और सुनसान इलाकों में लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की “मौत की फैक्ट्री” दोबारा पनप न सके।

दिल्ली-NCR में तेज धूप के बाद 18 फरवरी को बारिश-आंधी का येलो अलर्ट

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मौसम (राष्ट्र की परम्परा)। दिल्ली और उसके आसपास के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बीते 24 घंटों के दौरान असामान्य तेज धूप और गर्मी दर्ज की गई है। यह तापमान इस मौसम के लिए इतना ऊँचा रहा कि इसे सीज़न का सबसे गर्म दिन भी कहा गया है।

हालाँकि मौसम जल्द ही बदलने वाला है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 फरवरी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

आज की गर्मी का रिकॉर्ड

दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटों में तापमान काफी अधिक दर्ज हुआ है, जिससे शहर के कई हिस्सों में धूप और उमस का अनुभव हुआ। गुरुग्राम जैसे इलाकों में तापमान लगभग 30 °C से ऊपर पहुँच गया, जो इस मौसम के लिए असामान्य है।

मौसम का यह गर्म ढंग मुख्यतः आसमान साफ रहने और हवादार गतिविधि कम होने के कारण है, जिससे सूरज की गर्म किरणें सीधा इलाकों तक पहुंच रही हैं।

18 फरवरी को अब मौसम में बदलाव

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार 18 फरवरी से मौसम बदलने लगेगा और दिल्ली-एनसीआर पर बारिश, काले बादल और आंधी-तूफान का असर दिखेगा।

🌧️ बारिश की संभावना:
दिन में कहीं-कहीं झमाझम बारिश या छींटे पड़ सकते हैं।

🌬️ तेज़ हवाएं:
आंधी-तूफान के दौरान हवाएं लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तक पहुँच सकती हैं।

बिजली गिरने का खतरा:
काले बादलों के साथ बिजली चमकने की संभावना भी जताई गई है।

इस मौसम चेतावनी के कारण दिन के समय भी कुछ-कहीं अंधेरा छा सकता है और मौसम सामान्य से अधिक बदल सकता है।

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🟡 येलो अलर्ट क्या है?
येलो अलर्ट का अर्थ है कि मौसम में बदलाव के संकेत हैं और लोगों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की आवश्यकता है। यह अलर्ट भारी नुकसान की पुष्टि नहीं करता, लेकिन सतर्क रहने की सलाह देता है ताकि अचानक मौसम बदलने से कोई जोखिम न हो।

बारिश के बाद का तापमान

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार—

• 18 फरवरी के बाद: बारिश के असर से तापमान में गिरावट आएगी।
• 19-20 फरवरी: तापमान थोड़ा और नीचे आ सकता है।
• 21-22 फरवरी: फिर से तेज धूप के साथ तापमान 30 °C तक बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का एहसास दोबारा होगा।
इस प्रकार पहले मौसम में गर्मी का दबदबा रहेगा, उसके बाद बारिश से थोड़ी राहत मिलेगी और फिर सूर्य की धूप से गर्म मौसम लौट सकता है।

सतर्क रहें

मौसम विभाग ने येलो अलर्ट के कारण लोगों से अपील की है कि—

• बारिश और आंधी-तूफान के दौरान खुली जगह पर न रहें।

• पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास न खड़े रहें।

• तेज हवाओं में सुरक्षित स्थान चुनें और वाहन चलाते समय सावधान रहें।

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चार लेन रेल ओवरब्रिज से खत्म हुआ रुनकता–रोहता का जाम

मार्ग पर यातायात हुआ आसान, आगरा को मिली बड़ी सौगात


आगरा (राष्ट्र की परम्परा)।आगरा जनपद की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। रुनकता से रोहता मार्ग को जोड़ने वाला चार लेन रेल ओवरब्रिज अब पूरी तरह तैयार होकर यातायात के लिए खोल दिया गया है। इस ओवरब्रिज के चालू होने से वर्षों पुरानी रेल फाटक जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है और क्षेत्रीय लोगों को बड़ी राहत मिली है।
सोमवार को इस परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया गया, जिसमें अधिकारियों ने पुल की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पुल पर यातायात सामान्य और सुचारू रूप से संचालित पाया गया।

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🚦 रेल क्रॉसिंग जाम से स्थायी राहत
रुनकता–रोहता मार्ग पर स्थित रेल सम्पार संख्या 11-सी लंबे समय से जाम का कारण बनी हुई थी। रेल फाटक बंद होने पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों और स्कूली वाहनों को भारी परेशानी होती थी।
चार लेन रेल ओवरब्रिज के निर्माण से अब वाहनों को बिना रुके आवागमन की सुविधा मिल रही है, जिससे समय, ईंधन और दुर्घटनाओं—तीनों में कमी आएगी।
🏗️ दो चरणों में पूरा हुआ निर्माण
इस महत्वपूर्ण परियोजना को उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा दो चरणों में पूरा किया गया।
पहले चरण में दो लेन पुल का निर्माण दिसंबर 2023 में पूरा हुआ था। इसके बाद दूसरे चरण में अतिरिक्त दो लेन का कार्य अक्टूबर 2025 में पूर्ण हुआ। अब कुल चार लेन वाला यह ओवरब्रिज क्षेत्र की यातायात क्षमता को कई गुना बढ़ा रहा है।

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🌱 पर्यावरणीय मानकों का रखा गया ध्यान
परियोजना क्षेत्र में कुछ वृक्षों की कटान आवश्यक होने के कारण निर्माण से पहले सभी आवश्यक पर्यावरणीय अनुमतियां ली गईं। अनुमति मिलने के बाद कार्य को तेज गति से पूरा किया गया।
निर्माण के दौरान पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वैकल्पिक वृक्षारोपण और संरक्षण योजना भी लागू की गई।
📈 क्षेत्रीय विकास को मिलेगी रफ्तार
चार लेन रेल ओवरब्रिज से रुनकता और रोहता ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय व्यापार, परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना आगरा के आर्थिक और सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी।

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🛡️ यातायात सुरक्षा और गुणवत्ता पर जोर
निरीक्षण के दौरान पुल पर यातायात संकेतक, सुरक्षा बैरियर और सड़क चिह्नों की भी जांच की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पुल की संरचनात्मक मजबूती और दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए नियमित तकनीकी निरीक्षण और रखरखाव किया जाए।

17 फरवरी का इतिहास: स्मृतियों में अमर व्यक्तित्व

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17 फ़रवरी को हुए प्रमुख निधन ,इतिहास के पन्नों में दर्ज महान व्यक्तित्व

17 फ़रवरी को हुए निधन भारतीय और वैश्विक इतिहास में विशेष महत्व रखते हैं। इस दिन राजनीति, स्वतंत्रता संग्राम, दर्शन, साहित्य, विज्ञान और प्रशासन से जुड़े कई ऐसे महान व्यक्तित्वों का निधन हुआ,।

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🕯️ 17 फ़रवरी को हुए प्रमुख निधन – विस्तृत जानकारी
🔹 चिमनभाई पटेल (1994)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री रहे चिमनभाई पटेल को प्रशासनिक कुशलता और विकास कार्यों के लिए जाना जाता है। उन्होंने राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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🔹 रानी गाइदिनल्यू (1993)
नागा स्वतंत्रता संग्राम की प्रतीक रहीं रानी गाइदिनल्यू ने कम उम्र में ही ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया। वे नारी शक्ति और आदिवासी चेतना की अमिट पहचान हैं।
🔹 वासुदेव बलवंत फड़के (1883)
भारत के प्रारंभिक क्रांतिकारियों में शामिल फड़के जी ने सशस्त्र आंदोलन के माध्यम से ब्रिटिश शासन को चुनौती दी।

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🔹 जेम्स ब्रेड टेलर (1943)
भारतीय रिज़र्व बैंक के प्रथम उप-गवर्नर के रूप में उन्होंने भारत की मौद्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान दिया।
🔹 पेरीन बेन (1958)
पहले क्रांतिकारी रहीं और बाद में महात्मा गांधी की अनुयायी बनीं पेरीन बेन ने सामाजिक सुधार और अहिंसक आंदोलन को आगे बढ़ाया।
🔹 कैलाश नाथ काटजू (1968)
प्रख्यात राजनीतिज्ञ और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे काटजू जी ने प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया।

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🔹 जिद्दू कृष्णमूर्ति (1986)
विश्व प्रसिद्ध दार्शनिक जे. कृष्णमूर्ति ने मानव चेतना, आत्मबोध और स्वतंत्र सोच पर गहन विचार प्रस्तुत किए।
🔹 कर्पूरी ठाकुर (1988)
जननायक कर्पूरी ठाकुर सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के उत्थान के प्रतीक माने जाते हैं।
🔹 पंडित सीताराम चतुर्वेदी (2005)
हिंदी साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
🔹 वेद प्रकाश शर्मा (2017)
हिंदी के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले उपन्यासकारों में शामिल वेद प्रकाश शर्मा ने लोकप्रिय साहित्य को नई पहचान दी।

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🔹 जोस लोपेज़ पोरेटील्लो (2004)
मेक्सिको के राष्ट्रपति रहे पोरेटील्लो अंतरराष्ट्रीय राजनीति में प्रभावशाली व्यक्तित्व थे।
🔹 लैरी टेस्लर (2020)
कट-कॉपी-पेस्ट जैसी सुविधाओं के जनक माने जाने वाले लैरी टेस्लर ने कंप्यूटर इंटरफेस को सरल बनाया।
🔹 सतीश शर्मा (2021)
कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे सतीश शर्मा राजनीति में सौम्य और संतुलित छवि के लिए जाने जाते थे।

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🔹 संजय राजाराम (2021)
हरित क्रांति को वैश्विक स्तर पर मजबूती देने वाले कृषि वैज्ञानिक संजय राजाराम को विश्व भर में सम्मान मिला।
⚠️ अस्वीकरण
हम किसी भी प्रकार का 100 प्रतिशत प्रमाणित दावा नहीं करते। यह जानकारी गहन छानबीन के बाद तैयार की गई है, फिर भी किसी प्रकार की त्रुटि के लिए हम जिम्मेदार नहीं होंगे।

आगरा में विद्यार्थियों को मिला इंजीनियरिंग और उद्योग जगत का व्यावहारिक ज्ञान


विज्ञान लोकप्रियकरण कार्यक्रम से 120 छात्रों को मिला करियर-ओरिएंटेड अनुभव


आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से विज्ञान लोकप्रियकरण एवं संचार कार्यक्रम के तहत आगरा में एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण एवं वैज्ञानिक व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के निर्देशन और जिला विज्ञान क्लब आगरा के तत्वावधान में, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 9 से 12 तक के मेधावी विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग संस्थान और औद्योगिक इकाइयों का प्रत्यक्ष भ्रमण कराया गया, ताकि वे सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी अर्जित कर सकें।

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15 विद्यालयों के 120 विद्यार्थियों ने किया प्रतिभाग
जनपद के 15 विद्यालयों से आए लगभग 120 विद्यार्थियों ने इस शैक्षणिक भ्रमण में भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ एम.डी. जैन इंटर कॉलेज, हरीपर्वत के प्रधानाचार्य जी.एल. जैन और जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक डॉ. निखिल जैन ने हरी झंडी दिखाकर किया। उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक डॉ. निखिल जैन ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, उन्हें आधुनिक विज्ञान, इंजीनियरिंग और उद्योग से जोड़ना तथा करियर चयन को लेकर स्पष्टता देना है।
इंजीनियरिंग व बायोटेक्नोलॉजी में करियर विकल्पों की जानकारी
भ्रमण के पहले चरण में विद्यार्थियों को राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी की उच्च स्तरीय प्रयोगशालाओं का अवलोकन कराया गया। यहां विशेषज्ञ शिक्षिकाएं डॉ. मोनिका सिंह और डॉ. आशीष खरे ने इंजीनियरिंग और बायोटेक्नोलॉजी के विभिन्न क्षेत्रों—जैसे मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस, बायोटेक रिसर्च—की विस्तृत जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने समझाया कि नई-नई तकनीकी शाखाओं में रोज़गार और शोध के व्यापक अवसर हैं और विद्यार्थी अपनी रुचि व योग्यता के अनुसार इन क्षेत्रों में प्रवेश कैसे प्राप्त कर सकते हैं। प्रश्न-उत्तर सत्र में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह सत्र अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।

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फुटवियर उद्योग में उत्पादन प्रक्रिया का लाइव अनुभव
भ्रमण के दूसरे चरण में विद्यार्थियों को डाबर फुटवियर इंडस्ट्रीज, सिकंदरा ले जाया गया। यहां उन्होंने जूते-चप्पल निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया—कच्चे माल के चयन, डिजाइन, मशीन-आधारित निर्माण, गुणवत्ता परीक्षण और पैकेजिंग—को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
उद्योग विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक मशीनरी और उत्पादन प्रबंधन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उत्पाद कैसे तैयार किए जाते हैं और बाजार तक पहुंचते हैं। इस अनुभव ने विद्यार्थियों को औद्योगिक तकनीक और मैनेजमेंट स्किल्स की वास्तविक समझ दी।

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वैज्ञानिक सोच और करियर स्पष्टता को मिली मजबूती
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में तकनीकी जागरूकता, वैज्ञानिक सोच और करियर के प्रति स्पष्टता साफ दिखाई दी। शिक्षकों ने कहा कि ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों को किताबों से आगे बढ़कर रीयल-वर्ल्ड एक्सपीरियंस देते हैं।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान किए गए। साथ ही फीडबैक फॉर्म के माध्यम से छात्रों के सुझाव लिए गए, ताकि भविष्य के कार्यक्रम और अधिक प्रभावी बनाए जा सकें।
शिक्षकों व अधिकारियों का रहा अहम योगदान
कार्यक्रम की सफलता में अरविंद मल्लप्पा बंगारी, प्रतिभा सिंह और चंद्रशेखर के निर्देशन के साथ-साथ विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों—अर्चना यादव, अंजली, अंजली शर्मा, वंदना मैसी, अदीबा खान, अमित जैन और योगेंद्र पाल सिंह—की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन और समन्वय सुनिश्चित किया।
भविष्य की योजना: और वैज्ञानिक भ्रमण व कार्यशालाएं
जिला विज्ञान क्लब के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में भी वैज्ञानिक भ्रमण, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लक्ष्य है विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से सक्षम बनाना और उनमें नवाचार की भावना विकसित करना।
यह पहल आगरा के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ठोस कदम साबित हुई है।

लंका से वापसी: भक्ति, बुद्धि और विजय

हनुमान जी की लंका से अयोध्या वापसी की पौराणिक शास्त्रोक्त कथा


रामायण की अमर गाथा में यह प्रसंग अत्यंत भावनात्मक और निर्णायक है, जब हनुमान माता सीता का संदेश लेकर लंका से लौटते हैं और श्रीराम को उनके जीवन का सबसे बड़ा संबल देते हैं। परंपराओं के अनुसार हनुमान जी की लंका वापसी से अयोध्या तक की दिव्य यात्रा, उनके पराक्रम, भक्ति और संदेश-वाहक स्वरूप को उजागर करता है।
लंका से प्रस्थान — कर्तव्य, करुणा और विजय का संकल्प
माता सीता को आश्वस्त कर, उनके शिरोमणि को सुरक्षित हृदय में धारण कर, हनुमान जी लंका से प्रस्थान करते हैं। यह केवल भौगोलिक वापसी नहीं, बल्कि धर्म, सत्य और आशा की विजय यात्रा है। शास्त्र कहते हैं—हनुमान जी का प्रत्येक कदम प्रभु-कार्य से आलोकित था। लंका का आकाश साक्षी बना उस क्षण का, जब वायुपुत्र ने समुद्र-सी छाती पर उछलते हुए विजय का शंखनाद किया।

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इस वापसी में हनुमान जी का मन स्थिर था—न क्रोध, न अहंकार—केवल दास्य-भाव। यही भाव उन्हें देवताओं में भी अद्वितीय बनाता है। रास्ते में समुद्र, पर्वत और दिशाएं मानो प्रणाम कर रही थीं। यह कथा बताती है कि जब उद्देश्य पवित्र हो, तो मार्ग स्वयं सरल हो जाता है।
सागर-लांघन का पुनः स्मरण — शक्ति का संयमित प्रयोग
लंका से लौटते समय हनुमान जी पुनः समुद्र पार करते हैं। शास्त्रोक्त विवरणों में यह संकेत मिलता है कि शक्ति का वास्तविक सौंदर्य संयम में है। जहाँ पहले सागर-लांघन में परीक्षा थी, वहीं लौटते समय आश्वासन। देवताओं का मौन आशीर्वाद, दिशाओं की अनुकूलता—सब कुछ प्रभु-कार्य की सिद्धि का संकेत देता है।

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यहाँ हनुमान जी की लंका वापसी कथा हमें सिखाती है कि सफल मिशन के बाद भी विनम्रता बनी रहे—यही महानता है।
किष्किंधा में समाचार — आशा का दीप प्रज्वलित
हनुमान जी किष्किंधा पहुँचकर वानर-सेना को माता सीता के जीवित होने का शुभ समाचार देते हैं। यह समाचार युद्ध से पहले मनोबल का सर्वोच्च शिखर था। शास्त्र कहते हैं—संदेश का समय और भाव, दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
वानर-सेना में उत्साह की लहर दौड़ती है। हर हृदय में एक ही नाम—राम। यह क्षण रामायण की धुरी है, जहाँ कथा युद्ध से पहले विश्वास की नींव रखती है।

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श्रीराम से मिलन — संदेश, शिरोमणि और आँसू
हनुमान जी श्रीराम के चरणों में नतमस्तक होकर माता सीता का संदेश सुनाते हैं और शिरोमणि अर्पित करते हैं। शास्त्रों में वर्णित है कि शिरोमणि को देखते ही श्रीराम के नेत्र सजल हो उठते हैं—यह आँसू पराजय के नहीं, मिलन की आशा के हैं।
यह प्रसंग हनुमान जी की लंका वापसी कथा का भावनात्मक शिखर है। यहाँ भक्ति बोलती है, शब्द मौन हो जाते हैं। श्रीराम का आशीर्वाद—“तुमने जो किया, वह त्रिलोकी में अनुपम है”—हनुमान जी के दास्य-भाव को और प्रखर करता है।

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रणनीति का सूत्रपात — युद्ध से पूर्व धर्म-नीति
हनुमान जी लंका की स्थिति, रावण की शक्ति, दुर्गों और रक्षा-व्यवस्था का शास्त्रोक्त विवरण देते हैं। यह सूचना युद्ध-रणनीति का आधार बनती है। यहाँ कथा बताती है कि भक्ति और बुद्धि साथ-साथ चलें, तभी विजय सुनिश्चित होती है।
अयोध्या का अंतःसंबंध — भविष्य का संकेत
यद्यपि इस चरण में श्रीराम वनवास में हैं, पर शास्त्र संकेत देते हैं कि अयोध्या का स्मरण आशा का दीप है। हनुमान जी की वापसी, माता सीता का संदेश—सब मिलकर उस भविष्य का संकेत देते हैं, जहाँ धर्मराज्य की पुनर्स्थापना होगी।
हनुमान जी की लंका वापसी कथा यहाँ केवल वर्तमान नहीं, भविष्य का वचन बन जाती है।
भक्ति-दर्शन — क्यों अमर है यह प्रसंग?
कर्तव्यनिष्ठा: हनुमान जी का प्रत्येक कर्म प्रभु-आज्ञा से प्रेरित।
विनम्र पराक्रम: शक्ति होते हुए भी अहंकार शून्य।
संदेश-वाहक की महिमा: एक शुभ संदेश युद्ध की दिशा बदल देता है।
धर्म-रणनीति: सत्य और नीति की विजय।

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समकालीन अर्थ — आज के पाठक के लिए संदेश
आज के जीवन में भी हनुमान जी की लंका वापसी कथा हमें सिखाती है
संकट के बाद संयम रखें।
सफलता को सेवा में बदलें।
सही सूचना, सही समय पर दें।
नेतृत्व का आधार विनम्रता हो।
निष्कर्ष
यह एपिसोड 15 रामायण का वह प्रकाशस्तंभ है, जहाँ अंधकार के बीच आशा प्रज्वलित होती है। हनुमान जी की लंका वापसी कथा भक्ति, नीति और पराक्रम का अद्भुत संगम है—जो युगों-युगों तक प्रेरणा देता रहेगा।

इतिहास में आज का दिन: 17 फरवरी का गौरव

📌 इतिहास के पन्नों में 17 फ़रवरी : जानिए इस दिन जन्मे महान व्यक्तित्वों का योगदान


भारतीय और विश्व इतिहास में 17 फरवरी का दिन कई महान हस्तियों के जन्म से जुड़ा हुआ है। साहित्य, सिनेमा, राजनीति और स्वतंत्रता संग्राम जैसे विविध क्षेत्रों में इन व्यक्तियों ने अमिट छाप छोड़ी। आइए जानते हैं 17 फरवरी को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्तियों के जीवन, संघर्ष और योगदान के बारे में विस्तार से।

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🎬 सदा मोहम्मद सैयद (जन्म: 17 फ़रवरी 1984)
सदा दक्षिण भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री रही हैं। उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और हिंदी फिल्मों में काम किया।
‘जय हो’, ‘अनुरागम’, ‘अंजली’ जैसी फिल्मों से उन्होंने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। अभिनय के साथ-साथ उनकी सादगी और स्क्रीन प्रेज़ेंस की खूब सराहना हुई।
🏛️ के. चन्द्रशेखर राव (जन्म: 17 फ़रवरी 1954)
के. चन्द्रशेखर राव, जिन्हें केसीआर के नाम से जाना जाता है, तेलंगाना राज्य आंदोलन के प्रमुख नेता रहे।
वे भारत के 29वें राज्य तेलंगाना के पहले मुख्यमंत्री बने। राज्य गठन में उनका योगदान भारतीय राजनीति में ऐतिहासिक माना जाता है।

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🎥 रवि टंडन (जन्म: 17 फ़रवरी 1935)
रवि टंडन हिंदी सिनेमा के जाने-माने निर्देशक थे।
उन्होंने ‘खेल-खेल में’, ‘अनहोनी’, ‘अगर तुम ना होते’ जैसी सफल फिल्मों का निर्देशन किया।
उनकी फ़िल्मों में पारिवारिक भावनाएं और सशक्त कहानी प्रमुख रही।
📖 जीवनानन्द दास (जन्म: 17 फ़रवरी 1899)
जीवनानन्द दास बांग्ला साहित्य के स्तंभ माने जाते हैं।
उनकी कविताओं में प्रकृति, मानवीय संवेदना और आधुनिक चेतना का अनूठा समन्वय मिलता है।
वे रवीन्द्रनाथ टैगोर के बाद सबसे प्रभावशाली बांग्ला कवियों में गिने जाते हैं।

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बुधु भगत (जन्म: 17 फ़रवरी 1792)
बुधु भगत झारखंड क्षेत्र के महान आदिवासी क्रांतिकारी थे।
उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध ‘लरका विद्रोह’ का नेतृत्व किया।
उनका संघर्ष आदिवासी स्वाभिमान और स्वतंत्रता की प्रेरणा बना।

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✍️ पूर्णसिंह (जन्म: 17 फ़रवरी 1881)
पूर्णसिंह हिंदी साहित्य के विशिष्ट निबंधकार थे।
उनकी रचनाओं में भारतीय दर्शन, आध्यात्म और मानवीय मूल्यों की गहन झलक मिलती है।
वे सरल भाषा में गूढ़ विचार प्रस्तुत करने के लिए प्रसिद्ध रहे।

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आपका मूलांक आज क्या संकेत दे रहा है

🔮 आज का मूलांक राशिफल 2026: मूलांक 1 से 9 तक का विस्तृत अंक ज्योतिष विश्लेषण

📅 मूलांक 1 का आज का भविष्यफल
(जन्म तिथि – 1, 10, 19, 28)
मूलांक 1 का प्रतिनिधित्व सूर्य देव करते हैं। आज पारिवारिक मामलों में आपकी सलाह सभी को पसंद आए, यह आवश्यक नहीं है। पिता के साथ किसी विषय पर मतभेद की स्थिति बन सकती है, ऐसे में संयम और सम्मान से संवाद करें। अहंकार से दूरी बनाए रखना आज आपके लिए सबसे बड़ा कवच होगा।
उपाय: सूर्यदेव को लाल फूल या लाल वस्त्र अर्पित करें।

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🌙 मूलांक 2 का आज का भविष्यफल
(जन्म तिथि – 2, 11, 20, 29)
चंद्र देव द्वारा शासित मूलांक 2 के जातकों को आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचना चाहिए। आर्थिक मामलों में अस्थिरता महसूस हो सकती है। माता के स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता आवश्यक है।
उपाय: सफेद वस्तुओं का दान करें।
📿 मूलांक 3 का आज का भविष्यफल
(जन्म तिथि – 3, 12, 21, 30)
बृहस्पति देव के प्रभाव से आज मूलांक 3 वालों की आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। पुराने अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों की सलाह आपके लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
उपाय: पूर्वजों की परंपराओं का सम्मान करें।

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मूलांक 4 का आज का भविष्यफल
(जन्म तिथि – 4, 13, 22, 31)
राहु देव के प्रभाव में आज आप भविष्य से जुड़ी योजनाओं पर परिवार के साथ चर्चा करेंगे। प्रॉपर्टी से संबंधित अटका हुआ कार्य पूरा होने की संभावना है, जिससे मानसिक राहत मिलेगी।
उपाय: बाहर जाते समय सिर ढककर रखें।

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🧠 मूलांक 5 का आज का भविष्यफल
(जन्म तिथि – 5, 14, 23)
बुध देव के प्रभाव में आज कार्यक्षेत्र में वाद-विवाद से दूरी बनाना ही समझदारी होगी। भाई-बहनों के साथ हल्की नोक-झोंक संभव है, लेकिन बातचीत से स्थिति संभल जाएगी।
उपाय: मंदिर में कपूर जलाएं।
💖 मूलांक 6 का आज का भविष्यफल
(जन्म तिथि – 6, 15, 24)
शुक्र देव द्वारा शासित मूलांक 6 के जातकों को आज नए बदलावों को अपनाने में थोड़ी परेशानी हो सकती है। धैर्य रखें, क्योंकि धीरे-धीरे सफलता आपके पक्ष में आती दिखाई देगी।
उपाय: श्री लक्ष्मी नारायण का पाठ करें।

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🔱 मूलांक 7 का आज का भविष्यफल
(जन्म तिथि – 7, 16, 25)
केतु देव के प्रभाव से आज आपको अपनी व्यावसायिक समस्याओं का समाधान खुद के दृष्टिकोण में बदलाव लाकर ही मिलेगा। परिस्थितियों को देखने का नजरिया बदलिए, तनाव अपने-आप कम होगा।
उपाय: काले तिल का दान करें।
⚖️ मूलांक 8 का आज का भविष्यफल
(जन्म तिथि – 8, 17, 26)
शनि देव के प्रभाव से रुका हुआ धन आज वापस मिल सकता है। आर्थिक स्थिरता और मानसिक संतोष मिलेगा। स्वभाव में लचीलापन आएगा, जो आगे चलकर लाभ देगा।
उपाय: चौमुखी दीपक में सरसों के तेल का दीप जलाएं।

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🔥 मूलांक 9 का आज का भविष्यफल
(जन्म तिथि – 9, 18, 27)
मंगल देव के प्रभाव में आज जरूरी काम दिन के पहले भाग में निपटा लें। दोपहर बाद किसी के हस्तक्षेप से कार्यों में बाधा आ सकती है। संयम और रणनीति से काम लें।
उपाय: हनुमान जी को बूंदी का प्रसाद अर्पित करें।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
यह जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार के प्रमाणित या निश्चित परिणाम का दावा नहीं करते। किसी भी निर्णय से पहले योग्य विशेषज्ञ या सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: 18 फरवरी से शुरू, राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से होगी सख्त निगरानी


लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खबर है। यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार भी अत्याधुनिक निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित इन परीक्षाओं के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गई है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने जानकारी दी कि नकल पर प्रभावी नियंत्रण, समयबद्ध संचालन और त्वरित निर्णय के उद्देश्य से राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम को शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के शिविर कार्यालय, 18 पार्क रोड, लखनऊ में स्थापित किया गया है। यह कंट्रोल रूम पूरी परीक्षा अवधि के दौरान ऑनलाइन मॉनिटरिंग, जिलों से सीधा समन्वय और दैनिक समीक्षा का केंद्र रहेगा।

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17 फरवरी को होगा कंट्रोल रूम का उद्घाटन
राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का औपचारिक उद्घाटन 17 फरवरी 2026 को अपराह्न 3 बजे माध्यमिक शिक्षा विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन के साथ ही निगरानी तंत्र सक्रिय हो जाएगा, जिससे परीक्षा से जुड़े हर पहलू पर रियल-टाइम नजर रखी जा सकेगी।
जिले-जिले पर रहेगी पैनी नजर
परीक्षा अवधि के दौरान कंट्रोल रूम से सभी जनपदों की गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति, अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि की सूचना तत्काल साझा कर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और तनावमुक्त वातावरण में संपन्न हों।
छात्रों और अभिभावकों के लिए अहम संदेश
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। छात्रों से अपील है कि वे समय से पहले केंद्र पर पहुंचें, प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र साथ रखें तथा अफवाहों से बचें। अभिभावकों से भी सहयोग की अपेक्षा की गई है ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।

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क्यों खास है यूपी बोर्ड परीक्षा 2026
पहली बार पूरी परीक्षा अवधि में केंद्रीकृत ऑनलाइन मॉनिटरिंग
जिलों से त्वरित सूचना आदान-प्रदान की व्यवस्था
नकल पर रोक के लिए रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम
छात्रों के हित में पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था

आज का इतिहास: 17 फरवरी की अनसुनी और चर्चित घटनाएँ

17 फरवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ

17 फरवरी का दिन विश्व और भारतीय इतिहास में कई निर्णायक घटनाओं का साक्षी रहा है। राजनीति, युद्ध, विज्ञान, साहित्य, खेल और सामाजिक आंदोलनों से जुड़ी इन घटनाओं ने इतिहास की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई। आइए जानते हैं 17 फरवरी की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ विस्तार से।

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🏛️ प्राचीन व मध्यकालीन इतिहास
1370 – रुडाउ की लड़ाई में जर्मन सेना ने लिथुआनिया को पराजित किया।
1670 – छत्रपति शिवाजी महाराज ने मुग़लों से सिंहगढ़ क़िले को जीतकर मराठा शक्ति का विस्तार किया।
1698 – मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब ने जिंजी के क़िले पर अधिकार किया।

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⚔️ आधुनिक इतिहास व युद्ध
1813 – प्रसिया ने फ़्रांस के विरुद्ध युद्ध की घोषणा की।
1864 – अमेरिकी गृहयुद्ध में एच.एल. हनली पनडुब्बी ने पहली बार किसी युद्धपोत को नष्ट किया।
1944 – द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एनीवेटोक का युद्ध शुरू हुआ, जिसमें अमेरिकी सेना विजयी रही।
1945 – रॉकेट वैज्ञानिक वर्नर वॉन ब्राउन को जर्मनी का वी-2 केंद्र खाली करना पड़ा।

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🚢 विज्ञान, तकनीक और अवसंरचना
1867 – स्वेज़ नहर से पहला जहाज़ गुज़रा।
1878 – सैन फ्रांसिस्को में पहला टेलीफोन एक्सचेंज शुरू हुआ।
1959 – वेनगार्ड-2, पहला मौसम उपग्रह, अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया।
1996 – शतरंज ग्रैंडमास्टर गैरी कास्परोव ने सुपरकंप्यूटर ‘डीप ब्लू’ को हराया।

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🎭 साहित्य, संस्कृति और खेल
1882 – सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर पहला टेस्ट मैच खेला गया।
1927 – ‘रणदुंदुभी’ नाटक का मुंबई में मंचन हुआ; दीनानाथ मंगेशकर ने अभिनय किया।
2008 – तमिल फ़िल्म चारुथिवीरन को बर्लिन अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव में विशेष सम्मान मिला।
🇮🇳 भारतीय स्वतंत्रता व राजनीति
1915 – महात्मा गांधी ने पहली बार शांतिनिकेतन का दौरा किया।
1931 – लॉर्ड इरविन ने गांधी जी का वायसराय निवास में स्वागत किया।
1997 – नवाज़ शरीफ़ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने।
🌍 अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ
1933 – अमेरिका की साप्ताहिक पत्रिका न्यूजवीक का प्रकाशन शुरू हुआ।
2000 – यूनेस्को ने 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस घोषित किया।
2008 – कोसोवो ने सर्बिया से स्वतंत्रता की घोषणा की।
2014 – सोमाया जिबार्ती सऊदी अरब की पहली महिला मुख्य संपादक बनीं।
⚠️ आतंकवाद व समकालीन घटनाएँ
2002 – जम्मू-कश्मीर और नेपाल में आतंकी व माओवादी हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए।
2016 – तुर्की की राजधानी अंकारा में कार बम धमाके में 28 लोगों की मौत हुई।
⚖️ अस्वीकरण (Disclaimer)
हम 17 फरवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं के संबंध में 100% प्रमाणित दावा नहीं करते। सामग्री गहन शोध पर आधारित है, फिर भी किसी प्रकार की त्रुटि के लिए हम उत्तरदायी नहीं होंगे।

चेक बाउंस केस में अभिनेता राजपाल यादव को अंतरिम जमानत, 18 मार्च को अगली सुनवाई

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)मनोरंजन जगत से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। राजपाल यादव चेक बाउंस केस में अदालत ने अभिनेता Rajpal Yadav को अंतरिम जमानत दे दी है। इस फैसले के साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट शर्त लगाई है कि अभिनेता को अपना पासपोर्ट सरेंडर करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को निर्धारित की गई है।
अदालती सूत्रों के अनुसार, राजपाल यादव चेक बाउंस केस में दलीलों पर विचार करते हुए कोर्ट ने यह राहत दी है। जमानत अंतरिम है, यानी सुनवाई पूरी होने तक लागू रहेगी। पासपोर्ट सरेंडर की शर्त का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभिनेता न्यायिक प्रक्रिया के दौरान देश से बाहर न जा सकें और जांच/सुनवाई में सहयोग बना रहे।

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क्या है पूरा मामला
यह मामला कथित चेक बाउंस से जुड़ा है, जिसमें भुगतान से संबंधित दायित्वों के उल्लंघन का आरोप है। कानून के तहत ऐसे मामलों में चेक अनादृत होने पर शिकायतकर्ता अदालत का रुख करता है। राजपाल यादव चेक बाउंस केस में भी शिकायत के आधार पर कार्यवाही आगे बढ़ी, जिस पर अब कोर्ट ने अंतरिम जमानत का आदेश दिया है।

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अदालत का आदेश और शर्तें
अभिनेता को अंतरिम जमानत प्रदान की गई।
पासपोर्ट तत्काल सरेंडर करने का निर्देश।
18 मार्च को अगली सुनवाई तय
कानूनी जानकारों के मुताबिक, पासपोर्ट जमा करने जैसी शर्तें आमतौर पर तब लगाई जाती हैं, जब कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आरोपी न्यायिक प्रक्रिया से दूर न हो।
फिल्मी करियर पर असर?
फिलहाल इस आदेश का फिल्मी प्रोजेक्ट्स पर सीधा असर नहीं दिखता, लेकिन राजपाल यादव चेक बाउंस केस की आगे की सुनवाई और अंतिम फैसला अहम रहेगा। इंडस्ट्री में अभिनेता अपनी कॉमिक टाइमिंग और दमदार भूमिकाओं के लिए पहचाने जाते हैं, ऐसे में कानूनी प्रक्रिया के बीच उनकी पेशेवर गतिविधियों पर सबकी नजर रहेगी।

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आगे क्या?
18 मार्च की सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें रखी जाएंगी। कोर्ट साक्ष्यों, भुगतान स्थिति और कानूनी पहलुओं की समीक्षा के बाद अगला आदेश दे सकती है। तब तक अंतरिम जमानत की शर्तें लागू रहेंगी।