Monday, May 4, 2026
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सुल्तानपुर में पत्नी और प्रेमी पर पति की हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

सुल्तानपुर/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। लंभुआ कोतवाली थाना क्षेत्र के मदनपुर पनियार गांव में सोमवार को अमित सिंह की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप उनकी पत्नी शिल्पी और उसके कथित प्रेमी दीपक पर है। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पत्नी को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी दीपक की तलाश जारी है।

साथ काम करने के दौरान बढ़ी नजदीकियां

जानकारी के अनुसार, अमित सिंह ट्रक चालक थे और दीपक उनके साथ ही ट्रक चलाता था। इसी दौरान दीपक का घर आना-जाना लगा रहता था। आरोप है कि इसी बीच दीपक और शिल्पी के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो दोनों को समझाकर मामला शांत करा दिया गया था।

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सोते समय किया हमला

बताया जा रहा है कि रविवार रात दीपक अमित के घर आया था। देर रात जब अमित सो रहे थे, तभी उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर चोटों के कारण अमित की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस की कार्रवाई

एसपी सुल्तानपुर Charu Nigam ने बताया कि आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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Social Democratic Party of Germany ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक की उठाई मांग

जर्मनी में बच्चों पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर बहस तेज हो गई है। सत्तारूढ़ सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (SPD) के कुछ नेताओं ने अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ मिलकर 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

14 साल से कम उम्र के लिए पूर्ण प्रतिबंध का प्रस्ताव

SPD सांसदों द्वारा पेश प्रस्ताव में कहा गया है कि:

• 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पूरी तरह बंद किया जाए।
• 14 से 16 वर्ष के बच्चों के लिए अलग “यंग वर्जन” तैयार किया जाए।

इस यंग वर्जन में:

• एल्गोरिदम आधारित फीड नहीं होगी।
• निजी पसंद के अनुसार कंटेंट सुझाव (रिकमेंडेशन) नहीं दिए जाएंगे।
• अनंत स्क्रॉल और ऑटो-प्ले वीडियो जैसी सुविधाएं नहीं होंगी।

साथ ही 16 वर्ष से अधिक आयु के यूज़र्स के लिए एल्गोरिदम आधारित सुझावों को डिफॉल्ट रूप से बंद रखने का विकल्प देने की भी सिफारिश की गई है।

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कंज़रवेटिव पार्टी का भी समान प्रस्ताव

यह प्रस्ताव मर्ज़ की कंज़रवेटिव पार्टी के एक अन्य प्रस्ताव के बाद आया है, जिसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की गई है। इस पर पार्टी की बैठक में चर्चा होनी है।

गठबंधन में शामिल दलों के दबाव के चलते यह संभावना बढ़ गई है कि सरकार कड़े नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। हालांकि, जर्मनी की संघीय व्यवस्था के तहत मीडिया से जुड़े नियम राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर एक समान कानून के लिए सभी राज्यों की सहमति आवश्यक होगी।

ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण

पिछले वर्ष Australia 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने वाला दुनिया का पहला देश बना। इसके बाद यूरोप के कई देश भी इसी तरह के कदमों पर विचार कर रहे हैं।

जर्मनी सरकार ने भी बच्चों और युवाओं को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए एक विशेष आयोग गठित किया है, जिसकी रिपोर्ट इस वर्ष के अंत तक आने की संभावना है।

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Supreme Court of India की सख्त टिप्पणी, नफरत भड़काने वाले बयानों पर याचिका संशोधित करने के निर्देश

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। मंगलवार (17 फरवरी, 2026) को Supreme Court ने उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के कथित नफरत भड़काने वाले बयानों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि याचिका कुछ खास लोगों को निशाना बनाती प्रतीत होती है और इसे राजनीति से परे जाकर दाखिल किया जाना चाहिए।

“चुनिंदा लोगों को निशाना बनाना उचित नहीं”

अदालत ने टिप्पणी की कि यदि याचिकाकर्ता का उद्देश्य केवल कुछ नेताओं को ही लक्ष्य बनाना है और अन्य के बयानों को नजरअंदाज किया गया है, तो ऐसी याचिका की सुनवाई संभव नहीं है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal ने स्वीकार किया कि याचिका में कुछ विशेष नेताओं का नाम शामिल करना उचित नहीं था। उन्होंने दो सप्ताह के भीतर संशोधित याचिका दाखिल करने की बात कही।

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किन नेताओं का था उल्लेख

सामाजिक कार्यकर्ता रूप रेखा वर्मा समेत 12 लोगों की याचिका में Himanta Biswa Sarma के कथित मुस्लिम-विरोधी वीडियो के साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के कुछ नेताओं के बयानों का भी उल्लेख किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह भी समाज में भाईचारे और जिम्मेदार बयानबाजी की अपेक्षा करता है, लेकिन अदालत को राजनीतिक मंच में नहीं बदला जाना चाहिए।

हाईकोर्ट जाने का निर्देश

इससे पहले सोमवार को हिमंत बिस्वा सरमा के विवादित भाषण और वायरल वीडियो से संबंधित याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट ने सीधे सुनवाई से इनकार कर दिया था। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को संबंधित हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया।

मुख्य न्यायाधीश Surya Kant, जस्टिस Joymalya Bagchi और जस्टिस Vipul M Pancholi की पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट की शक्तियों को कमतर नहीं आंका जाना चाहिए। वहां सक्षम न्यायाधीश और अधिवक्ता मौजूद हैं।

पीठ ने यह भी कहा कि चुनाव के समय अदालत को राजनीतिक युद्धक्षेत्र नहीं बनाया जाना चाहिए और राजनीतिक दलों को आपसी सम्मान व आत्मसंयम के साथ चुनाव लड़ना चाहिए।

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कड़ी निगरानी में शुरू हुईं CBSE की बोर्ड परीक्षाएं

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। CBSE परीक्षा 2026 मंगलवार से जिले में शुरू हो गई। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं कड़ी निगरानी के बीच आयोजित की जा रही हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सुबह 10 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

जिले में पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें ब्लूमिंग बड्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जवाहर नवोदय विद्यालय जगदीशपुर गौरा, जीआर एकेडमी देवडाड़ और एसआर इंटरनेशनल एकेडमी नाथनगर शामिल हैं। इन केंद्रों पर कुल 4550 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें हाईस्कूल के 2707 और इंटरमीडिएट के 1843 छात्र शामिल हैं।

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परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक निर्धारित समय में कराई जा रही हैं। परीक्षार्थियों को आधा घंटा पहले केंद्र में प्रवेश दिया गया। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है और नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है।

ब्लूमिंग बड्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के ईडी डीसी पांडेय व प्रधानाचार्य शैलेश त्रिपाठी बताया कि परीक्षा की सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। केंद्रों पर डेस्क स्लिप लगा दी गई हैं और बोर्ड के निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।

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औरैया: त्योहारों से पहले प्रशासन अलर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)। आगामी धार्मिक और सांस्कृतिक पर्वों को शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय पीस कमेटी बैठक में प्रशासन, पुलिस और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में Holi, Eid al-Fitr, Ram Navami और रमजान जैसे प्रमुख पर्वों को सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।

संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और निगरानी

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी धार्मिक स्थलों और आयोजन स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया जाए। संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां विशेष निगरानी रखी जाए।

अधिकारियों को स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर पुराने विवादों की जानकारी लेने और समय रहते समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

नई परंपरा शुरू करने पर सख्ती

बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी धार्मिक आयोजन में नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं होगी। त्योहार पारंपरिक तरीके से ही मनाए जाएं।
यदि किसी क्षेत्र में नई परंपरा लागू करने का प्रयास हुआ तो प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा। नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कार्यों से बचें।

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जुलूस मार्ग और होलिका दहन स्थलों का सत्यापन

उप जिलाधिकारियों और थाना प्रभारियों को जुलूस मार्ग चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
होलिका दहन स्थलों की सूची तैयार कर उनके फोटोग्राफ साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखने को कहा गया, ताकि नए व अनधिकृत स्थानों पर आयोजन रोका जा सके।

नवरात्रि और रमजान पर विशेष व्यवस्था

मंदिरों और मस्जिदों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। नगर निकायों को प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए कि त्योहारों के दौरान अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधा और आपातकालीन ड्यूटी सुनिश्चित की जाए।

अतिक्रमण, यातायात और ध्वनि नियंत्रण

बाजारों में भीड़ को देखते हुए अवैध अतिक्रमण हटाने और दोबारा अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यातायात सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग योजना तैयार करने को कहा गया।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग में निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य किया गया, ताकि ध्वनि प्रदूषण से आमजन और परीक्षार्थियों को परेशानी न हो।

पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश

पुलिस अधिकारियों को क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने और अराजक तत्वों की पहचान कर पहले से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि त्योहारों को शांतिपूर्ण बनाने में जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। अफवाहों से बचने और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की गई।

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मऊ: राजस्व वसूली में ढिलाई पर प्रशासन सख्त, बकायेदारों की संपत्ति कुर्क करने के निर्देश

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मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद प्रशासन ने वित्तीय अनुशासन और राजस्व संग्रहण को मजबूत करने के उद्देश्य से कर करेत्तर राजस्व वसूली और अन्य राजस्व कार्यों की व्यापक समीक्षा की। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहन जांच करते हुए कई विभागों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। बैठक में राजस्व वसूली की प्रगति, सीएम डैशबोर्ड की स्थिति, लंबित वादों के निस्तारण और विभिन्न विभागों की कार्यशैली पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष के भीतर निर्धारित राजस्व लक्ष्य को हर हाल में पूर्ण किया जाए। उन्होंने राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जनवरी माह की राजस्व वसूली की स्थिति का आंकलन

बैठक में जनवरी माह के दौरान विभागवार राजस्व वसूली की समीक्षा की गई, जिसमें विभिन्न विभागों का प्रदर्शन मिश्रित पाया गया। समीक्षा के दौरान व्यापार कर विभाग ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 53.26 प्रतिशत वसूली दर्ज की, जो अपेक्षाकृत कमजोर रही। वहीं स्टैंप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 114.09 प्रतिशत वसूली हासिल की।

परिवहन विभाग ने 72.50 प्रतिशत, आबकारी विभाग ने 74 प्रतिशत, वन विभाग ने 160.44 प्रतिशत तथा खनन विभाग ने 46.20 प्रतिशत वसूली दर्ज की। इसके अलावा भू-राजस्व विभाग की वसूली 25.80 प्रतिशत पाई गई। विद्युत देय की वसूली 99.49 प्रतिशत, बैंक देय 103.6 प्रतिशत, चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य विभाग 101.33 प्रतिशत तथा स्थानीय निकायों की वसूली 102.66 प्रतिशत दर्ज की गई।

खनन और व्यापार कर विभागों की कमजोर प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

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बड़े बकायेदारों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

मुख्य देय और विविध देयों की समीक्षा के दौरान सभी तहसीलों में वसूली मानक के अनुरूप पाई गई, लेकिन शीर्ष दस बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही सामने आई। समीक्षा में पाया गया कि आठ बड़े बकायेदारों से पिछले माह कोई वसूली नहीं हो सकी।

इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित तहसीलदारों को निर्देश दिए कि बकायेदारों की संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर वसूली सुनिश्चित की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में अमीनवार औसत वसूली भी काफी कम पाई गई, जिस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

फैमिली कोर्ट आरसी वसूली में लापरवाही पर चेतावनी

बैठक में फैमिली कोर्ट से जारी आरसी वसूली की स्थिति भी समीक्षा के दायरे में रही। जिलाधिकारी ने पाया कि कई मामलों में अमीनों द्वारा वसूली में लापरवाही बरती जा रही है। इस पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि जिन अमीनों की वसूली शून्य है, उन्हें तत्काल चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि फैमिली कोर्ट के आदेश प्रायः घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के हित में जारी होते हैं। ऐसे मामलों में वसूली कर पीड़ित महिलाओं को संपत्ति उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

सीएम डैशबोर्ड पर विभागीय ग्रेडिंग का विश्लेषण

सीएम डैशबोर्ड के आधार पर विभिन्न विभागों के प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई। एमओयू मॉनिटरिंग में बी ग्रेड, आबकारी विभाग के राजस्व लक्ष्य में सी ग्रेड तथा मंडी आवक में बी ग्रेड दर्ज किया गया। गन्ना मूल्य भुगतान में डी ग्रेड मिलने पर जिलाधिकारी ने विशेष चिंता व्यक्त की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गन्ना किसानों को समय से भुगतान सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता है। धन की कमी के कारण भुगतान में हो रही देरी को दूर करने के लिए शासन से पत्राचार कर धन आवंटन कराने और किसानों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

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राजस्व संहिता के लंबित वादों पर नाराजगी

बैठक में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की विभिन्न धाराओं में लंबित वादों की स्थिति भी सामने आई। कुर्रा बटवारा (धारा 116) में सी ग्रेड, धारा 98 में बी ग्रेड, नामांतरण (धारा 34) में डी ग्रेड तथा पैमाइश (धारा 24) में बी ग्रेड दर्ज की गई।

जिलाधिकारी ने लंबित वादों के निस्तारण में देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी संबंधित पीठासीन अधिकारियों को समय सीमा के बाद लंबित मामलों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्य में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

धारा 98 के अंतर्गत सभी उप जिलाधिकारियों को दो दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत कर मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

नामांतरण मामलों में सुधार की आवश्यकता

नामांतरण (धारा 34) में डी ग्रेड मिलने को प्रशासनिक कार्यप्रणाली के लिए गंभीर माना गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय सीमा से अधिक लंबित नामांतरण मामलों का तत्काल समाधान किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांतरण प्रक्रिया में देरी से आम जनता को परेशानी होती है और प्रशासन की छवि प्रभावित होती है।

आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर

बैठक में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा में डी ग्रेड मिलने पर भी नाराजगी जताई गई। जिलाधिकारी ने कहा कि असंतोषजनक फीडबैक मिलने से जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो रही है।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। साथ ही शिकायतकर्ता से सीधे संवाद स्थापित कर फीडबैक लिया जाए और आवश्यक होने पर स्थलीय निरीक्षण भी किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि असंतोषजनक फीडबैक वाली शिकायतों का स्वयं अध्ययन करने के बाद ही पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज की जाए।

प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने पर जोर

बैठक में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व वसूली और वादों के निस्तारण में सुधार के लिए सभी अधिकारियों को सामूहिक रूप से कार्य करना होगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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सप्तश्रृंगी सोसाइटी दक्षिण गुजरात के लोगो के लिए बना आदर्श

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बारडोली/गुजरात(राष्ट्र की परम्परा)l बारडोली सरदार वल्लभभाई पटेल की कर्मभूमि पुण्य भूमि जो सुरत जिले में आईं हैं और बारडोली नगर आज पूरे जगत में सुप्रसिद्ध है ऐसा पुण्य नगर की एक सोसायटी में जहां पर करीब दोसो घर के परिवार सोसायटी में रहते हैं उस सोसाइटी का नाम है सप्तश्रृंगी जो एक देवी मां के नाम से यह सोसाइटी का नामकरण किया गया जिस समय यह सोसाइटी का निर्माण हुआ तब और वहां पर मुल सौराष्ट्र के निवासी और फिर समय चलते दक्षिण गुजरात के महुवा नगर में रहनेवाले मंदिर निर्माण के व्यवसाय से जुड़े बड़े कोन्ट्राकटर जयेश भाई हरगोविंद दास सोमपुरा जो विविध धार्मिक संगठन के पदाधिकारी भी है और दक्षिण गुजरात के जाने-माने समाज अग्रणी समाज सेवक यह सोसाइटी में अपने खुद के रहने के लिए एक मकान खरीदा और अपने परिवार के साथ रहने लगे जयेश भाई सोमपुरा एक सेवाभावी एक बड़ा व्यक्तित्व धराते है ऐसे व्यक्ति हैं इन्होंने अपनी मनुष्य जीव जीने की और शुभ आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए एक अलग ही अपनी पहचान छबी बनाई है और उसको कायम रहे और उनके वंशज भी उनके पास से उनके जीवन के सेवा कार्य से प्रसन्न होकर वोभी एक नेक सेवाभावी मनुष्य जीव आत्मा बने यह पृथ्वी लोक पर जिसके लिए जयेश भाई जाने जाते हैं जयेश भाई सोमपुरा जबसे अपने परिवार के साथ यह सोसाइटी में रहने आए इन्होंने पुरी सोसाइटी में रहने वाले सभी 200 से अधिक घर परिवारों को अपना परिवार समझने लगे और अपनी मानव धर्म की सर्वश्रेष्ठ सेवा परिवार के साथ समग्र सोसाइटी को दे रहे हैं वो सुबह पांच बजे जल्दी उठकर सोसाइटी में स्वच्छता अभियान खुद करते हैं और यह एक दो दिन से नहीं पिछले दश साल से अधिक समय से और उनकी महान सेवा को देखकर दुसरे लोग भी सोसाइटी में रहने वाले उनके साथ अपनी जिम्मेदारी अपना कर्तव्य है और हम सबको को अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्य का पालन करना है और धीरे-धीरे पुरी सोसाइटी में अधिक से अधिक लोग एक सेवाभावी जागृत नागरिक के साथ समझदार नागरिक भी आज बन रहे हैं यह सोसाइटी का और यह सोसाइटी में रहनेवाले लोगों का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण बारडोली तहसील में आई दुसरी सोसाइटी वाले जभी यहां पर आते हैं देखकर जाते हैं और यह सोसाइटी में से एक अच्छी सिख लेकर जाते हैं और अपने दिल दिमाग में पड़ी नेगेटिव बातें तरह तरह की निकाल कर वो लोग भी अपनी सोसाइटी में जागृत नागरिक समझदार नागरिक बनते नजर आ रहे हैं हमारे संवाददाता चंद्रकांत सी पूजारी ने यह सोसाइटी में रहनेवाले जयेश भाई हरगोविंद दास सोमपुरा जी से बातचीत की तब उन्होंने मानव धर्म सर्वश्रेष्ठ धर्म की सुंदर बातें बताई जो प्रेरणादायक है तब हमें दक्षिण गुजरात के दो महान व्यक्ति याद आ जाते हैं एक जुगताराम दवे कर्मभूमि वेडछी तहसील वालोड,और दुसरा बलुभाई देसाई बुहारी तहसील वालोड यह दो दक्षिण गुजरात के बड़े समाज सेवक रहे और बुहारी नगर के रहनेवाले और भारत के लोकप्रिय वड़ा प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम से कोलेज का निर्माण करनेवाले समाज सेवक श्री बलुभाई देसाई जिनको ज्यादातर लोग बलुकाका के नाम से जाने जाते थे उनकी एक महान बात याद आती है प्रेम महान पैसों नहीं
कर्तव्य महान व्यक्ति नही सुंदर बात छोटी दो टुक में कहीं बात और उस पर नेक कर्म करते करते महा पुरुष बन गए बलुकाका दक्षिण गुजरात में ।

मऊ: Rajesh Agrawal ने मृतक बीएलओ के परिवार को दी ₹15,000 की आर्थिक सहायता

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मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मधुबन तहसील क्षेत्र के मित्तूपुर ग्राम की बीएलओ आशा देवी का रविवार को असामयिक निधन हो गया। आगामी 7 मार्च को उनकी बड़ी पुत्री अंशु प्रिया की शादी तय थी, जबकि 21 फरवरी को सगाई होनी थी। अचानक आई इस दुखद घटना से खुशियों का माहौल मातम में बदल गया।

शोकसभा के बाद पहुंचे घर

सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी मधुबन Rajesh Agrawal ने तहसील में शोकसभा आयोजित की। इसके बाद वह राजस्व निरीक्षक और लेखपाल के साथ मृतका के निवास ग्राम कुंवरपुरवा पहुंचे।
उन्होंने दिवंगत आशा देवी की बेटियों अंशु प्रिया और सुप्रिया को ढांढस बंधाते हुए कहा कि तहसील प्रशासन इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है।

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दाह संस्कार हेतु ₹15,000 की सहायता

मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शैलेश मौर्य ने एसडीएम को बताया कि 7 मार्च को बड़ी बेटी की शादी है। यह सुनकर उपजिलाधिकारी ने शादी में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
साथ ही दाह संस्कार एवं अन्य धार्मिक कार्यों के लिए उन्होंने अपने स्तर से ₹15,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की।

ज्ञात हो कि मृतका के पति का भी दो वर्ष पूर्व निधन हो चुका है, जिससे परिवार पहले ही कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था।

त्वरित पहल की सराहना

मौके पर उपस्थित इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व स्टैंडिंग काउंसिल Ramesh Chandra ने तहसील प्रशासन की त्वरित पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ईश्वर के निर्णय को बदला नहीं जा सकता, लेकिन सहानुभूति और मानवता का यह कदम अधिकारी के संवेदनशील व्यक्तित्व को दर्शाता है।

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महराजगंज: मिर्च के तीखे तेवर से तपी रसोई, फरवरी में दामों ने तोड़ा रिकॉर्ड

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। फरवरी का महीना इस बार आम लोगों के लिए महंगाई का नया झटका लेकर आया है। हरी मिर्च, जो हर रसोई की जरूरत मानी जाती है, अचानक इतनी महंगी हो गई कि घरेलू बजट का संतुलन बिगड़ गया। बीते सप्ताह तक 20 रुपये पाव बिकने वाली मिर्च अब 35 रुपये पाव यानी करीब 140 रुपये किलो तक पहुंच गई है।

मंडियों में चर्चा का विषय बने दाम

सब्जी मंडियों में इन दिनों मिर्च के बढ़ते भाव चर्चा का विषय हैं। फुटकर बाजार में ग्राहक पहले दाम पूछ रहे हैं और फिर जरूरत के हिसाब से कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं।

दुकानदारों का कहना है कि थोक मंडी से ही माल महंगा आ रहा है, इसलिए खुदरा दाम बढ़ाना मजबूरी है।

शीतलहर और कम आवक बनी वजह

जिले में हरी मिर्च की आपूर्ति मुख्यतः Rampur, Barabanki और Varanasi जैसे जिलों से होती है। हाल में प्रदेश के कई हिस्सों में पड़ी शीतलहर से तैयार फसल को नुकसान पहुंचा, जिससे मंडियों में आवक कम हो गई।
कारोबारियों के मुताबिक आपूर्ति में कमी ही कीमतों में तेजी का मुख्य कारण है।

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शादी-विवाह के सीजन से बढ़ी मांग

इन दिनों लग्न का सीजन चल रहा है। कैटरिंग और बड़े आयोजनों में सब्जियों की खपत कई गुना बढ़ जाती है। कैटरिंग कारोबारियों का कहना है कि मांग अचानक बढ़ने और आवक घटने से बाजार में असंतुलन पैदा हुआ, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा।
सब्जी विक्रेता मोहनलाल के अनुसार, पांच फरवरी के बाद से थोक दरों में तेजी आई और उसके बाद फुटकर बाजार में भी दाम तेजी से ऊपर चढ़ गए।

रसोई का बिगड़ा गणित

हरी मिर्च भले ही कम मात्रा में इस्तेमाल होती हो, लेकिन हर सब्जी और सलाद का स्वाद इसी से निखरता है। गृहिणियों का कहना है कि पहले से ही आलू, टमाटर और अन्य सब्जियों के दाम ऊंचे हैं, ऐसे में मिर्च की महंगाई ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।

व्यापारियों का अनुमान है कि यदि मौसम अनुकूल रहा और बाहरी जिलों से आवक सामान्य हुई, तो कुछ दिनों में कीमतों में नरमी आ सकती है। फिलहाल, मिर्च का तीखापन बाजार से लेकर रसोई तक साफ महसूस किया जा रहा है।

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पुलिस की सख्ती से अपराध नियंत्रण की पहल, देवरिया में चला विशेष मॉर्निंग चेकिंग अभियान

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने विशेष मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान चलाया।

यह अभियान पुलिस अधीक्षक Sanjeev Suman के निर्देशन में मंगलवार सुबह 5 बजे से 8 बजे तक जिले के विभिन्न स्थानों पर संचालित किया गया।

14 स्थानों पर सघन जांच

अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने जिले के कुल 14 प्रमुख स्थानों पर सघन जांच की।

• 232 व्यक्तियों से पूछताछ कर पहचान सत्यापित की गई।
• 156 वाहनों की जांच कर यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराया गया।

इस दौरान तीन सवारी चलाने, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और मॉडिफाइड साइलेंसर लगे दोपहिया वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

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संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर

पुलिस ने अवैध हथियार, चोरी के वाहन और नशीले पदार्थों की तलाश में तलाशी अभियान भी चलाया। साथ ही मॉर्निंग वॉक के दौरान नागरिकों से संवाद कर मित्र पुलिसिंग की अवधारणा को बढ़ावा दिया गया।
अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर छोटे विवादों को सुलझाने और आमजन की समस्याएं सुनने का भी प्रयास किया।

नागरिकों ने की सराहना

नागरिकों ने पुलिस के इस अभियान को सुरक्षा की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि ऐसे अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे, ताकि अपराध नियंत्रण के साथ आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

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बलिया: Ghaghara River किनारे सफेद बालू का अवैध खनन तेज, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

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बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के घाघरा नदी किनारे स्थित दुहा बिहरा क्षेत्र में इन दिनों सफेद बालू का खनन तेज होने की चर्चा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-रात मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बड़े पैमाने पर बालू निकासी की जा रही है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही।

रात में जेसीबी, दिन में ट्रैक्टर-ट्रॉली

ग्रामीणों के अनुसार, तटवर्ती इलाकों में जेसीबी मशीनों से खुदाई की जा रही है। देर रात तक वाहनों की आवाजाही जारी रहती है, जिससे गांवों में शोर और धूल की समस्या बढ़ गई है।

लोगों का कहना है कि अनियंत्रित खनन से नदी की धारा प्रभावित हो सकती है और तटबंधों की मजबूती पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

बरसात में कटान का खतरा

स्थानीय किसानों को आशंका है कि बरसात के मौसम में कटान की स्थिति और गंभीर हो सकती है। इससे उपजाऊ जमीन नदी में समा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित बालू खनन से:

• नदी का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है
• जलस्तर में बदलाव आता है
• जैव विविधता को नुकसान पहुंचता है
• तट कटान की समस्या बढ़ती है

यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इसके दीर्घकालिक दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।

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बिना अनुमति खनन का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना वैध अनुमति के खनन किया जा रहा है। यदि अनुमति है भी, तो निर्धारित सीमा से अधिक बालू निकाली जा रही है। इससे राजस्व हानि के साथ-साथ पर्यावरणीय संकट गहरा सकता है।
खनन में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की तेज रफ्तार से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों और राहगीरों को जोखिम उठाना पड़ रहा है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया अस्पष्ट

जब प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका। सूत्रों के अनुसार, मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई गई है और जांच की बात कही जा रही है।

अब सवाल यह है कि प्रशासन कब तक मौन रहेगा और अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई कब होगी। क्षेत्रीय जनता ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाने की मांग की है।

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मऊ: जीवित पति को मृत दिखाकर पत्नी ले रही थी विधवा पेंशन, डीएम से शिकायत

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मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के थाना रामपुर क्षेत्र अंतर्गत लखनौर गांव के निवासी पवन साहू ने जिलाधिकारी से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। आरोप है कि उनकी पत्नी ने उन्हें मृत दर्शाकर विधवा पेंशन स्वीकृत करा ली।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित Pawan Sahu के अनुसार, उनका विवाह वर्ष 2014 में ममता से हुआ था। वर्ष 2017 से दोनों के बीच विवाद चल रहा है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

उन्होंने बताया कि न्यायालय के आदेश पर वह अपनी पत्नी को प्रतिमाह ₹5,000 भरण-पोषण भी दे रहे हैं। इसके बावजूद पत्नी द्वारा उन्हें मृत दिखाकर विधवा पेंशन लेने का आरोप लगाया गया है।

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प्रधानों की मिलीभगत का आरोप

पवन साहू का आरोप है कि उनकी पत्नी ममता ने दो ग्राम प्रधानों से मिलकर विधवा पेंशन पास करा ली।
उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई तो महिला कल्याण विभाग से संबंधित दस्तावेज गायब कर दिए गए और रिकॉर्ड “नॉट फाउंड” दिखा दिया गया। साथ ही, विवेचना के दौरान दोनों प्रधानों का नाम भी हटा दिया गया।

पहले भी की थी शिकायत

पीड़ित का कहना है कि उन्होंने इससे पहले भी जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया था। जनसुनवाई पोर्टल पर यह अपडेट दिखाया गया कि संबंधित धनराशि की रिकवरी हो चुकी है।
हालांकि, पवन साहू का आरोप है कि उनके नाम से बना कथित मृत्यु प्रमाण पत्र गायब कर दिया गया है।

आईजीआरएस पोर्टल पर भी की शिकायत

पवन साहू ने बताया कि इस कथित जालसाजी की जानकारी उन्हें वर्ष 2024 में हुई। इसके बाद उन्होंने विभिन्न स्तरों पर शिकायत की, जिसमें आईजीआरएस पोर्टल भी शामिल है।

उन्होंने मांग की है कि:

• महिला कल्याण विभाग की भूमिका की जांच हो
• फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में कानूनी कार्रवाई हो
• संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए

अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप की निष्पक्ष जांच कर क्या कार्रवाई करता है।

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फरेंदा के गोपलापुर में कागजों में रिबोर, जमीन पर सूखा इंडिया मार्का हैंडपंप

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के फरेंदा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गोपलापुर में सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। गांव के शिव मंदिर परिसर में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप, जिस पर हाल ही में रिबोर और मरम्मत के नाम पर भारी खर्च दर्शाया गया, आज भी पानी देने में असमर्थ है।

शिव मंदिर परिसर का मामला

यह मामला फरेंदा ब्लॉक के गोपलापुर गांव स्थित शिव मंदिर परिसर का है। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर में लगा हैंडपंप गांव की सार्वजनिक जरूरतों से जुड़ा है, जहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का आना-जाना रहता है।

लेकिन पानी न मिलने के कारण लोगों को दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप: कागजों में काम पूरा

ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि:

• रिबोर और मरम्मत कार्य कागजों में पूरा दिखाया गया।
• कई हैंडपंप वर्षों से खराब पड़े हैं, लेकिन अभिलेखों में दुरुस्त बताए गए।
• जिन हैंडपंपों की मरम्मत दर्शाई गई, वे भी सुचारु रूप से काम नहीं कर रहे।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह सरकारी धन की बंदरबांट का मामला है।

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शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं

ग्रामीणों के अनुसार, कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे गांव में आक्रोश व्याप्त है।

लोगों ने मांग की है कि:

• मामले की निष्पक्ष जांच हो
• फर्जी निकासी की वसूली की जाए
• दोषियों, विशेषकर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव, के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्चाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक शिकायत पहुंचाएंगे।

प्रशासन का बयान

खंड विकास अधिकारी Atul Kumar Dwivedi ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और इसकी गहन जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह है कि जांच के बाद वास्तविक स्थिति सामने आती है या यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों तक सीमित रह जाता है।

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251 कन्याओं की भव्य कलश यात्रा से गूंजा कम्हरिंया खुर्द, शुरू हुआ नौ दिवसीय हनुमंत महायज्ञ

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज के फरेंदा क्षेत्र अंतर्गत कम्हरिंया खुर्द गांव में सोमवार को आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। नौ दिवसीय हनुमंत महायज्ञ के शुभारंभ पर 251 कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर भव्य शोभायात्रा निकाली। गाजे-बाजे और ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी नारों के बीच पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।

गाजे-बाजे के साथ निकली कलश यात्रा

विधिवत पूजा-अर्चना के बाद यज्ञ स्थल से कलश यात्रा प्रारंभ हुई। यात्रा आंबेडकर तिराहा, मिल गेट और धानी ढाला होते हुए धानी नदी स्थित राप्ती घाट पहुंची।

रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर कलशधारी कन्याओं का स्वागत किया। घरों की छतों और दुकानों के सामने खड़े लोगों ने हाथ जोड़कर अभिनंदन किया। ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन की धुन से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

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राप्ती घाट पर वैदिक अनुष्ठान

राप्ती घाट पर यज्ञाचार्य Krishna Mohan Tiwari ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों में पवित्र जल भरवाया। मंत्रों की स्वर लहरियों और जयघोष से घाट का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

इसके बाद शोभायात्रा पुनः यज्ञ स्थल पहुंची, जहां वैदिक रीति से हनुमंत महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ।

अतिथियों ने किया उद्घाटन

मुख्य अतिथि पूर्व प्रमुख Ram Prakash Singh ने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आपसी भाईचारा मजबूत होता है।

विशिष्ट अतिथि पूर्व चेयरमैन एवं भाजपा नेता Rajesh Jaiswal ने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। सामूहिक सहभागिता से समाज में समरसता और सहयोग की भावना प्रबल होती है।

बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित

यज्ञ के यजमान सुनील पांडेय, ओंकार नाथ पांडेय सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की व्यवस्था में स्थानीय युवाओं की सक्रिय भूमिका रही।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत उपनिरीक्षक मनीष कुमार राम, अरुण कुमार तथा फरेंदा पुलिस बल मुस्तैद रहा।

नौ दिनों तक होंगे धार्मिक आयोजन

नौ दिवसीय हनुमंत महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन कथा, प्रवचन, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। समापन अवसर पर विशाल भंडारे का भी आयोजन प्रस्तावित है।
गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह और उल्लास का माहौल बना हुआ है।

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राम नाम संकीर्तन के समापन पर भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम

राम नाम संकीर्तन का भव्य समापन, ऊं नागेश्वर महादेव मंदिर में विशाल भंडारे में उमड़ा जनसैलाब


सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सलेमपुर क्षेत्र के ग्राम सभा मंगराईच स्थित ऊं नागेश्वर महादेव मंदिर परिसर में चल रहे राम नाम संकीर्तन का भजन-कीर्तन के साथ भव्य समापन संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन के अंतिम दिन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का ऐसा संगम देखने को मिला कि पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। समापन अवसर पर ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित विशाल भंडारे में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर आयोजित राम नाम संकीर्तन कई दिनों से चल रहा था, जिसमें प्रतिदिन भजन, कीर्तन और राम नाम जाप के माध्यम से भक्तों ने भगवान शिव और श्रीराम की आराधना की। समापन दिवस पर विशेष पूजा-अर्चना, हवन और धार्मिक अनुष्ठान आचार्य के सानिध्य में विधि-विधान से संपन्न हुए। वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

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कार्यक्रम में प्रमुख रूप से नितेश चौहान, शम्भु नाथ चौहान, राजकुमार चौहान, छोटेलाल चौहान, सत्य प्रकाश यादव, रामनक्षत्र चौरसिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान सभी ने एकजुट होकर धार्मिक परंपराओं का पालन किया और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। ग्रामीणों का कहना था कि इस प्रकार के आयोजन से न केवल धार्मिक आस्था मजबूत होती है, बल्कि आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता भी सुदृढ़ होती है।
भंडारे की व्यवस्था अत्यंत सुव्यवस्थित रही। श्रद्धालुओं के लिए बैठने, प्रसाद वितरण और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया। भंडारे को सफल बनाने में रमेश, चंदन, अमन, निकू, निखिल, मुनीब, छोटेलाल, बालेश्वर, सन्नी, साहिल, अभिनाश, अनीश, आलोक, अंगद, दिवांशु, अभिषेक, नीरज और अजय ने सक्रिय भूमिका निभाई। इन सभी युवाओं और ग्रामवासियों के सहयोग से भंडारा सुचारू रूप से संपन्न हुआ, जिसकी क्षेत्र में सराहना की जा रही है।

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इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रत्याशी अक्षय यादव भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। उन्होंने ग्रामवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी तरह के आयोजनों के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘राम-राम’ के जयघोष से गूंजता रहा। भक्तजन भक्ति रस में डूबे नजर आए और कई श्रद्धालुओं ने रात्रि जागरण कर भगवान शिव की आराधना की। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऊं नागेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र है और महाशिवरात्रि पर यहां आयोजित राम नाम संकीर्तन की परंपरा वर्षों से चली आ रही है।

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महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रतीक माना जाता है। इस दिन शिवभक्त उपवास, पूजा और भजन-कीर्तन के माध्यम से भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। ग्राम मंगराईच में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक सहभागिता और सेवा भाव का भी उत्कृष्ट उदाहरण बना। आयोजन के सफल समापन के साथ ही श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष और भी भव्य रूप से महाशिवरात्रि मनाने का संकल्प लिया।