Monday, May 4, 2026
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🗓️ 17 फरवरी 2026 पंचांग: अमावस्या तिथि, राहुकाल, शुभ-अशुभ मुहूर्त, चौघड़िया और चंद्रबल की पूरी जानकारी

17 फरवरी 2026, मंगलवार का पंचांग हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। आज फाल्गुन कृष्ण पक्ष अमावस्या है और भौमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन दान-पुण्य, पितृ तर्पण और आत्मचिंतन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं आज का पंचांग 17 फरवरी 2026 की पूरी और विस्तृत जानकारी।

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📌 आज का पंचांग 17 फरवरी 2026 (Aaj Ka Panchang)
तिथि:कृष्ण पक्ष अमावस्या – शाम 05:30 बजे तक
शुक्ल पक्ष प्रतिपदा – इसके बाद
नक्षत्र:धनिष्ठा – रात 09:16 बजे तक
शतभिषा – इसके बाद
योग:परिघ – रात 12:28 AM तक
शिव योग – उसके बाद
करण:नाग – शाम 05:31 बजे तक
किस्तुघ्न – सुबह 05:18 AM तक
बव – उसके बाद
वार: मंगलवार

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🌞 सूर्य और 🌙 चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:01 AM
सूर्यास्त: 06:19 PM
चन्द्रोदय: 06:49 AM
चन्द्रास्त: 06:21 PM
सूर्य राशि: कुंभ
चंद्र राशि:09:05 AM तक मकर, इसके बाद कुंभ
⚠️ आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: 03:30 PM – 04:55 PM
यमगण्ड: 09:51 AM – 11:16 AM
कुलिक काल: 12:40 PM – 02:05 PM
दुर्मुहूर्त: 09:17 AM – 10:02 AM
11:24 PM – 12:15 AM
वर्ज्यम्: 04:28 AM – 06:04 AM

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आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 05:24 AM – 06:12 AM
अमृत काल: 10:39 AM – 12:17 PM
अभिजीत मुहूर्त: 12:18 PM – 01:03 PM
दिन और रात का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
लाभ – 11:16 AM – 12:40 PM
अमृत – 12:40 PM – 02:05 PM
शुभ – 03:30 PM – 04:55 PM
रात का चौघड़िया
शुभ – 11:05 PM – 12:40 AM
अमृत – 12:40 AM – 02:15 AM

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🌙 चंद्रबल और ताराबल
चंद्रबल (09:05 AM तक)
मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन
चंद्रबल (इसके बाद)
मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुंभ
ताराबल (09:16 PM तक)
भरणी, रोहिणी, आद्रा, पुनर्वसु, हस्त, स्वाति, श्रवण, शतभिषा, रेवती सहित
🪔 आज का विशेष महत्व
आज भौमवती अमावस्या होने के कारण पितृ तर्पण, दान-पुण्य, जप-तप और मानसिक साधना के लिए दिन शुभ माना जाता है। अमावस्या पर जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या तिल का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति मानी जाती है।

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⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)
यह पंचांग सामान्य धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार के प्रमाणित या व्यक्तिगत भविष्यवाणी का दावा नहीं करते। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले योग्य विशेषज्ञ या पंडित से परामर्श अवश्य लें।

🔴 17 फरवरी मंगलवार का राशिफल 2026: हनुमान कृपा से किन राशियों को लाभ, किन्हें बरतनी होगी सावधानी?

🕉️ मंगलवार का दिन, बजरंगबली की पूजा और ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव
17 फरवरी मंगलवार का राशिफल ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर तैयार किया गया है। मंगलवार को हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पूजा करने से भय, रोग, नकारात्मक ऊर्जा और कष्ट दूर होते हैं।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 17 फरवरी 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत दे रहा है, जबकि कुछ राशि वालों को संयम और सावधानी बरतने की जरूरत है।

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मेष राशि
आज नई ऊर्जा और आत्मविश्वास महसूस करेंगे। हल्की एक्सरसाइज या कार्डियो लाभदायक रहेगा।
धन: आय बढ़ाने के नए विकल्प सोचें
करियर: हाल की सफलता से आगे की रणनीति बनाएं
परिवार: साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा
यात्रा: नजदीकी यात्रा संभव
प्रॉपर्टी: दीर्घकालीन योजना शुभ
वृषभ राशि
परिवार के साथ रचनात्मक समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी।
सेहत: संतुलित आहार और पर्याप्त पानी जरूरी
धन: निवेश से पहले दोबारा योजना बनाएं
करियर: समस्याओं का समाधान समझदारी से
प्रॉपर्टी: सोच-समझकर फैसला लें

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मिथुन राशि
दिन सामान्य से बेहतर रहेगा, लेकिन आर्थिक मामलों में सतर्क रहें।
धन: बजट पर नियंत्रण रखें
करियर: टीमवर्क से लाभ
स्वास्थ्य: हल्की एक्सरसाइज लाभकारी
यात्रा: सुंदर स्थान पर जाने का योग
प्रॉपर्टी: बाजार के रुझान देखें
कर्क राशि
आज ऊर्जा बनाए रखने के लिए खान-पान पर ध्यान दें।
करियर: लक्ष्य स्पष्ट करें
धन: वित्तीय योजना में सुधार
परिवार: भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा
यात्रा: ऐतिहासिक या धार्मिक स्थल
प्रॉपर्टी: सुधार या बदलाव से लाभ

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सिंह राशि
थकान और मानसिक बेचैनी महसूस हो सकती है।
सेहत: योग और ध्यान करें
धन: खर्चों पर नियंत्रण
करियर: नए तरीकों से सफलता
परिवार: मन की बात साझा करें
प्रॉपर्टी: धैर्य से निर्णय लें
कन्या राशि
परिवार के साथ संवाद बढ़ाने की आवश्यकता है।
सेहत: प्रकृति के बीच समय बिताएं
धन: नए निवेश अवसर मिल सकते हैं
करियर: नई स्किल सीखना फायदेमंद
प्रॉपर्टी: जल्दबाजी न करें

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तुला राशि
तनाव बढ़ सकता है, सेहत को प्राथमिकता दें।
सेहत: आउटडोर एक्टिविटी करें
धन: वित्तीय योजना दोबारा जांचें
करियर: टीमवर्क से सफलता
यात्रा: नई जगह जाने का योग
प्रॉपर्टी: समझदारी से निवेश
वृश्चिक राशि
अधूरे काम पूरे होंगे, आत्मविश्वास बढ़ेगा।
परिवार: रिश्ते मजबूत होंगे
सेहत: मेडिटेशन करें
धन: फालतू खर्च से बचें
यात्रा: योजना बदल सकती है
प्रॉपर्टी: पूरी जानकारी लेकर फैसला लें
धनु राशि
नई संभावनाएं और अवसर सामने आएंगे।
सेहत: वॉक और एक्सरसाइज करें
धन: निवेश के नए मौके
करियर: नई योजना बनाएं
परिवार: खुशहाल समय
प्रॉपर्टी: सौदे लाभकारी

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मकर राशि
काम में धैर्य और समझदारी जरूरी है।
धन: बचत योजना बनाएं
सेहत: गहरी सांस और हल्की एक्सरसाइज
परिवार: समय बिताने से सुकून
यात्रा: तैयारी जरूरी
प्रॉपर्टी: सोच-समझकर निर्णय
कुंभ राशि
आज सहयोग से सफलता मिलेगी।
सेहत: हल्की एक्सरसाइज
धन: योजनाओं की समीक्षा
करियर: मिलकर काम करने से लाभ
परिवार: बाहर घूमने का अवसर
प्रॉपर्टी: घर में सुधार शुभ
मीन राशि
धीमी लेकिन स्थिर प्रगति का दिन है।
सेहत: योग और वॉक करें
धन: खर्चों पर नियंत्रण
करियर: साझेदारी से लाभ
परिवार: साथ समय बिताएं
प्रॉपर्टी: धीरे-धीरे प्रगति
⚠️ डिस्क्लेमर– यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार के पूर्ण या प्रमाणित दावे नहीं करते। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित क्षेत्र के योग्य विशेषज्ञ या सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

खसरा-रूबेला उन्मूलन अभियान: 27 फरवरी तक चलेगा टीकाकरण

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद में बच्चों को खतरनाक संक्रामक बीमारियों से बचाने के उद्देश्य से मीजल्स-रूबेला (एमआर) टीकाकरण अभियान की शुरुआत कर दी गई है। सोमवार को नगर क्षेत्र स्थित गुरु गोविन्द सिंह प्राथमिक विद्यालय से इस विशेष अभियान का विधिवत शुभारम्भ किया गया। इस अभियान का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अनिल कुमार गुप्ता और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव ने फीता काटकर किया। अभियान के पहले दिन विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों का टीकाकरण कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह अभियान 27 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान जिले के कुल 3039 विद्यालयों और मदरसों में अध्ययनरत 5 से 10 वर्ष आयुवर्ग के लगभग 2.29 लाख बच्चों को एमआर वैक्सीन दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को जनपद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है और इसके सफल संचालन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारी
सीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि खसरा और रूबेला दोनों ही गंभीर संक्रामक रोग हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण कर बच्चों को इन रोगों से सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय में विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसी भी बच्चे को टीकाकरण से वंचित न रहना पड़े।
उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) को प्रतिदिन 100 से 125 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें विद्यालय प्रबंधन के सहयोग से नियमित रूप से कार्य करेंगी।
सीएमओ ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से एमआर टीका लगवाएं और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है।
स्कूलों में पहले से दी जाएगी सूचना
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.के. सिन्हा ने बताया कि टीकाकरण अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें विद्यालयों में टीकाकरण से एक दिन पहले सूचना देंगी, जिससे विद्यालय प्रशासन और अभिभावक पहले से तैयार रह सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों को खाली पेट टीका नहीं लगाया जाएगा। यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी बच्चों को मिड-डे मील अथवा लंच के बाद ही वैक्सीन दी जाएगी, ताकि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने बताया कि एमआर टीकाकरण अभियान केवल व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य समाज को भी खसरा और रूबेला जैसी बीमारियों से मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि यदि अधिकतम बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा तो इन बीमारियों के प्रसार को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।
खसरा और रूबेला के लक्षण और खतरे
विशेषज्ञों के अनुसार खसरा एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जो बच्चों में तेजी से फैलती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, बहती नाक, आंखों का लाल होना तथा चेहरे और शरीर पर लाल चकत्ते उभरना शामिल है। वहीं रूबेला गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है और इससे नवजात शिशुओं में जन्मजात विकृतियां होने का खतरा रहता है।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर टीकाकरण ही इन दोनों बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। इसी उद्देश्य से सरकार लगातार टीकाकरण अभियान चला रही है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगी निगरानी
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान की पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के लिए डिजिटल व्यवस्था भी लागू की है। टीकाकरण अभियान की दैनिक रिपोर्टिंग डिजिटल पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक विद्यालय और प्रत्येक बच्चे तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचे तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही की तुरंत पहचान हो सके।
स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग का संयुक्त प्रयास
यह अभियान स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के संयुक्त समन्वय से संचालित किया जा रहा है। विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति, टीकाकरण की व्यवस्था तथा अभिभावकों को जागरूक करने के लिए दोनों विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी से अभियान को सफल बनाने में काफी सहायता मिलेगी।
सामाजिक संस्थाओं का भी मिल रहा सहयोग
अभियान के सफल संचालन में कई सहयोगी संस्थाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस कार्यक्रम में यूनिसेफ तथा जेएसआई सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे और उन्होंने जनजागरूकता एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया। इन संस्थाओं द्वारा समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर अभिभावकों को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जनसहभागिता से बनेगा अभियान सफल
अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान की सफलता जनसहभागिता पर निर्भर करती है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समिति, शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का टीकाकरण सुनिश्चित कर ही खसरा-रूबेला मुक्त समाज का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
जिले को रोगमुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
देवरिया जिले में चलाया जा रहा यह अभियान बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अभियान निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सफल रहा तो जिले में खसरा और रूबेला जैसी बीमारियों के मामलों में भारी कमी आएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि टीकाकरण पूरी तरह निःशुल्क है और इसे सरकारी विद्यालयों, मदरसों तथा चयनित केंद्रों पर लगाया जाएगा। विभाग ने यह भी बताया कि किसी भी बच्चे के छूट जाने पर उसे बाद में भी टीकाकरण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय 22 फरवरी को देगा अनुसंधान उत्कृष्टता पुरस्कार

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। विश्वविद्यालय में अनुसंधान को नई दिशा और प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 22 फरवरी 2026 को अपराह्न 3 बजे बायोटेक्नोलॉजी विभाग में अनुसंधान उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर वर्ष 2025 के शोध प्रकाशनों और उपलब्धियों के आधार पर कुल 114 शोधकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा।

यह पहल कुलपति प्रो. पूनम टंडन के मार्गदर्शन में शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले अंतरराष्ट्रीय शोध प्रकाशनों को बढ़ावा देना है। चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से स्कोपस और वेब ऑफ साइंस में सूचीबद्ध जर्नल्स में प्रकाशित शोधपत्रों तथा उनकी क्वारटाइल रैंकिंग (Q1 से Q4) पर आधारित है। साथ ही पेटेंट (प्रकाशित या स्वीकृत), प्रकाशित पुस्तकें और स्वीकृत/संचालित शोध परियोजनाओं को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया है।

पुरस्कार पांच श्रेणियों—प्लेटिनम, डायमंड, गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज—में प्रदान किए जाएंगे। Q1 जर्नल में प्रकाशित शोध के लिए 11,000 रुपये, Q2 के लिए 7,000 रुपये, Q3 के लिए 5,000 रुपये तथा Q4 के लिए 3,000 रुपये प्रति प्रकाशन की नकद राशि दी जाएगी। यह राशि केवल प्रथम अथवा संबंधित लेखक को दी जाएगी, जिनकी संबद्धता विश्वविद्यालय से होगी। ब्रॉन्ज श्रेणी में Q1 से Q4 जर्नल्स में सह-लेखन के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त संकाय सदस्यों की समग्र शोध उपलब्धियों के आधार पर “उत्कृष्ट शोधकर्ता पुरस्कार” भी दिया जाएगा, जिसमें 21,000 रुपये की नकद राशि और विशेष मान्यता प्रमाण पत्र शामिल है।

शोध एवं विकास प्रकोष्ठ द्वारा 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक की शोध उपलब्धियों के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं, जिनकी विशेषज्ञ समिति द्वारा जांच पूरी कर ली गई है।

गौरतलब है कि इस पुरस्कार की शुरुआत पिछले वर्ष विश्वविद्यालय की हीरक जयंती के अवसर पर की गई थी। पिछले वर्ष विभिन्न विभागों के 66 शोधकर्ताओं को सम्मानित किया गया था, जिसमें भौतिकी विभाग के शोधकर्ताओं की संख्या सर्वाधिक रही थी।

कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान उसके शोधकर्ताओं से होती है। यह पहल शोध वातावरण को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इससे विश्वविद्यालय की वैश्विक छवि एवं रैंकिंग में निरंतर सुधार की संभावना है।

देवरिया के बनकटाशिव (सल्लहपुर) में आयोजित श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के दूसरे दिन भक्ति की अविरल धारा बही।

​भक्ति के रंग में रंगा बनकटाशिव, वेद मंत्रों और भजनों की गूँज से मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु

​देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बनकटाशिव, सल्लहपुर में आयोजित श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं विग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन (16 फरवरी) भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। यज्ञ मंडप की अहर्निश परिक्रमा और चतुर्वेद पाठ की ऋचाओं ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

​आज के कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ:

👉​यज्ञ विधान: यज्ञाचार्य रंगनाथ तिवारी एवं 27 विद्वान आचार्यों के सानिध्य में मुख्य यजमान डॉ. नन्द किशोर तिवारी ने विधि-विधान से पूजन संपन्न किया।
👉​श्रीमद्भागवत कथा: अयोध्या की पूज्या लक्ष्मीप्रिया जी ने ‘आत्मदेव ब्राह्मण’ के प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रोता भाव-विभोर हो गए।

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👉​भजन संध्या: भागलपुर के प्रसिद्ध गायक राजीव सिंह ने “जब राम सहारा है” और “तुझसे अरज भोले नाथ हमारी” जैसे भजनों से पांडाल में समां बांध दिया।

​अतिथियों का सम्मान

​इस धार्मिक अनुष्ठान में जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश चन्द्र तिवारी एवं नगर पंचायत अध्यक्ष (पथरदेवा) क्रान्ति सिंह ने बतौर अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम के आयोजक प्रभात कुमार राय ने सभी आगंतुक संतों, अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए क्षेत्रवासियों को धन्यवाद दिया।

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शाहजहाँपुर में हत्या कांड का खुलासा, पांच नामजद आरोपी दबोचे

शाहजहाँपुर (राष्ट्र की परम्परा)। थाना गढ़िया रंगीन पुलिस ने हत्या के एक मामले में वांछित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर अहम सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। संबंधित मुकदमा अपराध संख्या 17/2026, धारा 103(1)/115(2)/351(3)/126(2)/191(1)/191(2)/191(3)/190 बीएनएस में नामजद आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई थीं।

16 फरवरी 2026 को प्रभारी निरीक्षक हरकेश सिंह के नेतृत्व में पहली टीम को सूचना मिली कि दो आरोपी ग्राम पृथ्वीपुर क्षेत्र में मौजूद हैं और फरार होने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सुबह लगभग 09:55 बजे ग्राम पृथ्वीपुर तिराहा से आगे दबिश देकर संजीत (28 वर्ष) पुत्र अवधेश सिंह तथा अवधेश (60 वर्ष) पुत्र स्व. चन्द्रपाल सिंह, निवासी ग्राम खमरिया, थाना गढ़िया रंगीन को गिरफ्तार कर लिया।

इसी क्रम में दूसरी टीम को सूचना मिली कि तीन अन्य आरोपी गंगा एक्सप्रेस-वे की सर्विस लाइन पर ग्राम कुबेर गौटिया जाने वाले अंडरपास के पास मौजूद हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुबह 11:33 बजे विपिन (20 वर्ष) पुत्र अवधेश, नरेश (50 वर्ष) पुत्र चन्द्रपाल और प्रदीप (27 वर्ष) पुत्र अवधेश को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और उन्हें न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक हरकेश सिंह, उपनिरीक्षक रमेश चन्द्र तोमर, डालचन्द्र, विवेक कुमार, हेड कांस्टेबल मिर्जा जुबैर बेग, राशिद तथा कांस्टेबल धर्वेन्द्र कुमार और विश्वेन्द्र कुमार की भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में सतत विकास पर शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान में “सतत विकास लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नवाचारपूर्ण समाधान” विषय पर शॉर्ट टर्म कोर्स का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. डी. कर चौधरी शामिल हुए।
मुख्य अतिथि डॉ. चौधरी ने सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में ड्रोसोफिला (फलमक्खी) के वैज्ञानिक उपयोग को प्रभावी बताते हुए इसे “सिंड्रेला ऑफ जेनेटिक्स” कहा। उन्होंने कहा कि जैविक अनुसंधान में यह मॉडल जीव व्यापक संभावनाएं प्रदान करता है।
अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. अजय सिंह ने सतत जलीय कृषि प्रणाली के माध्यम से सतत विकास लक्ष्य-14 हासिल करने के उपाय बताए। दूसरे सत्र में उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी के प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवेश कुमार सहगल ने सतत विकास लक्ष्य-3 और 11 के संदर्भ में मच्छरों की संरचना और रोग प्रतिरोध क्षमता पर आधारित शोध की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
मुख्य समन्वयक डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने कोर्स की प्रस्तावना प्रस्तुत की, जबकि सह-समन्वयक डॉ. सुशील कुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई। निदेशक एमएमटीसी प्रो. चंद्रशेखर ने पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता रेखांकित की और विभागाध्यक्ष प्रो. रविकांत उपाध्याय ने शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में 100 से अधिक शिक्षक-प्रतिभागियों ने भाग लिया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने किया।

मतदाता सूची पुनरीक्षण की डीएम ने की समीक्षा, 47.10 प्रतिशत सुनवाई पूरी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे निर्वाचक नामावली के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में नो-मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों से जुड़े नोटिसों की सुनवाई और डाटा अपलोडिंग की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
समीक्षा में बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नो-मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से संबंधित नोटिसों की सुनवाई का कार्य 21 जनवरी 2026 से सहायक एवं अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। अब तक जनपद में कुल 47.10 प्रतिशत नोटिसों की सुनवाई पूर्ण की जा चुकी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी ईआरओ और एईआरओ को निर्देश दिए कि वे कार्य का नियमित पर्यवेक्षण करें और निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह समयबद्ध अभियान है, इसलिए सभी अधिकारी आवंटित बूथों पर जाकर शत-प्रतिशत सुनवाई करते हुए डाटा अपलोड कराएं।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी बीएलओ को संबंधित भागों की नो-मैपिंग और तार्किक विसंगतियों से जुड़ी मतदाताओं की सूची उपलब्ध करा दी जाए। साथ ही यह स्पष्ट किया जाए कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित निर्वाचक नामावली में शामिल मतदाताओं को किसी प्रकार का नोटिस जारी नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी श्री कुमार ने कहा कि एसआईआर अभियान में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत नोटिस वितरण, सुनवाई और डाटा अपलोडिंग सुनिश्चित की जाए।
बैठक में संबंधित उप जिलाधिकारी, तहसीलदार तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।

देवरिया में यूजीसी प्रावधानों पर महापंचायत, सरकार के खिलाफ तीखे तेवर

समान संघर्ष समिति के मंच से नीतियों पर सवाल; अलंकार अग्निहोत्री ने 2029 में चुनावी मैदान में उतरने की जताई मंशा

शिक्षा नीति और सामाजिक संतुलन पर महापंचायत की दो टूक

गौरव कुशवाहा की कलम से

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)यूजीसी एक्ट के प्रस्तावित नए प्रावधानों को लेकर देवरिया महापंचायत यूजीसी प्रावधान चर्चा के केंद्र में आ गई है। सोमवार को जिले में स्वर्ण समाज के लोगों ने समान संघर्ष समिति के बैनर तले भव्य महापंचायत आयोजित कर केंद्र सरकार की शिक्षा और सामाजिक नीतियों पर तीखे सवाल उठाए। वक्ताओं ने कहा कि हालिया नीतिगत फैसलों से समाज के एक बड़े वर्ग में असंतोष बढ़ा है और सरकार को संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए।
महापंचायत में शामिल वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यूजीसी प्रावधान विरोध देवरिया केवल शिक्षा से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर सामाजिक संतुलन, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और अकादमिक स्वतंत्रता पर भी पड़ता है। इसी वजह से यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है।

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अलंकार अग्निहोत्री का तीखा बयान, 2029 चुनाव की घोषणा
मुख्य अतिथि और पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अपने संबोधन में यूजीसी से जुड़े बदलावों, एससी–एसटी एक्ट और दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े एक प्रकरण का उल्लेख करते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि नीति-निर्माण में सभी वर्गों की भागीदारी और पारदर्शी संवाद जरूरी है।
अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में “वेस्ट इंडिया कंपनी जैसी सरकार” चल रही है, जिससे जनाधार कमजोर हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वर्ष 2029 के आम चुनाव में नरेंद्र मोदी मैदान में उतरते हैं तो वे उनके खिलाफ चुनाव लड़ने पर विचार करेंगे। इस बयान को सभा में मौजूद लोगों का समर्थन मिला और इसे लोकतांत्रिक अधिकार बताया गया।

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शिक्षा नीति, सामाजिक संतुलन और संवाद की मांग
महापंचायत में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि देवरिया महापंचायत यूजीसी प्रावधान का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि रचनात्मक संवाद है। उनका कहना था कि विश्वविद्यालयों में नियुक्ति, प्रमोशन, रिसर्च फंडिंग और अकादमिक ढांचे से जुड़े बदलावों पर सभी हितधारकों—शिक्षक, छात्र, अभिभावक और समाज—से राय ली जानी चाहिए।
वक्ताओं के अनुसार, यूजीसी प्रावधान विरोध देवरिया इसलिए भी जरूरी हो गया है क्योंकि शिक्षा नीति का सीधा असर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के छात्रों पर पड़ता है। यदि नीतियां जमीनी हकीकत से कटकर बनेंगी तो असमानता और बढ़ेगी।
आयोजन, नेतृत्व और बड़ी भागीदारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता वयोवृद्ध के.पी. त्रिपाठी ने की, जबकि संचालन रवि मिश्रा ‘छोटे’ ने किया। सवर्ण आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश पाण्डेय सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधि, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
सभा में यह भी कहा गया कि देवरिया महापंचायत यूजीसी प्रावधान आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी और आवश्यकता पड़ी तो राज्य स्तर पर आंदोलन तेज किया जाएगा। आयोजकों ने यह स्पष्ट किया कि आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चलेगा।

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सरकार से मांगें और आगे की रणनीति
समापन के दौरान आयोजकों ने केंद्र सरकार से मांग की कि:
विवादित यूजीसी प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाए।
नीति बनाने से पहले व्यापक सामाजिक संवाद हो।
विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और अकादमिक स्वतंत्रता सुरक्षित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो यूजीसी प्रावधान विरोध देवरिया राष्ट्रीय स्तर पर भी गूंज सकता है।

हत्या मामले का आरोपी चाकू सहित गिरफ्तार

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संजीव सुमन के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों की धरपकड़ अभियान के अंतर्गत थाना रामपुर कारखाना पुलिस ने हत्या के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से अवैध चाकू भी बरामद किया है, जिससे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक आनन्द कुमार पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम लगातार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में थाना रामपुर कारखाना में दर्ज मुकदमा संख्या 165/2025 के तहत हत्या और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में आरोपी की तलाश की जा रही थी।पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी पंकज यादव ग्राम बैकुण्ठपुर का निवासी है और वह क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम बरईपुर मंगलराव बंधा के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक नाजायज चाकू बरामद किया गया।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक आनन्द कुमार के साथ कांस्टेबल इन्द्रजीत वर्मा और कांस्टेबल अनमोल सरोज की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार कार्रवाई की जाएगी।पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है और आम जनता में विश्वास बढ़ा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

डिजिटल और पेपरलेस होगी जनगणना 2027, तैयारियां तेज

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को गति दे दी है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सटीक और पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न कराने की रणनीति तय की गई।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना 2027 स्वतंत्रता के बाद देश की आठवीं जनगणना होगी और इसे इस बार पूरी तरह डिजिटल एवं पेपरलेस स्वरूप में कराया जाएगा। नागरिकों को मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं अपना विवरण दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए अधिकृत ऐप डाउनलोड कर आवश्यक जानकारियां भरनी होंगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आमजन को डिजिटल प्रक्रिया और स्वप्रविष्टि (Self Enumeration) के बारे में व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि जनगणना कार्य के लिए सुपरवाइजर और इन्वेस्टिगेटर (गणनाकर्मी) नियुक्त किए जाएंगे। मास्टर ट्रेनर द्वारा इनका प्रशिक्षण चरणबद्ध ढंग से कराया जाएगा। प्रशिक्षण की शुरुआत सुपरवाइजर स्तर से होगी, ताकि वे अपने अधीनस्थ गणनाकर्मियों को प्रभावी मार्गदर्शन दे सकें। जिलाधिकारी ने समयबद्ध प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनगणना कार्य में शिक्षक, लेखपाल और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, हालांकि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नियमित शासकीय कार्य प्रभावित न हों। जिलाधिकारी ने कहा कि यह राष्ट्रीय महत्व का दायित्व है, इसलिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति में मुख्य विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहेंगे। समिति के सदस्यों के नाम शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, एडीएम अनिल कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने विश्वास जताया कि जनगणना 2027 को तकनीकी रूप से मजबूत, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएंगी।

सपा कार्यकर्ताओ ने जिलाधिकारी को सौपा ज्ञापन

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
सोमवार को समाजवादी पार्टी बरहज के पूर्व प्रत्याशी मुरली मनोहर जायसवाल के नेतृत्व में जनहित के मामलों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप सार्थक हस्तक्षेप की माँग कीया गया जो इस प्रकार से है।
मोहन सिंह सेतु का निर्माण कार्य एक दशक से चल रहा है जो अभी तक अधूरा है शीघ्र पूरा कराए जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित हो तथा
सोनुघाट-बरहज मार्ग जो बरहज तहसील को जनपद मुख्यालय से जोड़ने वाला एक बड़ी आबादी के आवागमन का मुख्य मार्ग है अत्यंत जर्जर हो चुका है, जनहित में उक्त सड़क का निर्माण अति आवश्यक है।इस सड़क के बनवाए जाने हेतु अत्यावश्यक कार्यवाही सुनिश्चित हो।
मार्च -अप्रैल के महीने में किसानों के रबी की फसल तैयार होकर कटिंग की स्थिति में आ जायेगी,खून पसीना एक कर किसान अपनी फसलों में अपने परिवार व बच्चों का भविष्य देखता है, लेकिन हर वर्ष सैकड़ों एकड़ फैसले आगजनी की शिकार हो जाती है जिसे दृष्टिगत रखते हुए जनहित में बरहज तहसील में फायर सर्विस स्टेशन की स्थापना हेतु अविलम्ब आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।
एस आई आर के पश्चात लोगों को बड़े पैमाने पर नोटिस मिली है नोटिस को समय -सीमा के भीतर निस्तारण हेतु जो निस्तारण काउन्टर बनाए गए हैं वे अपर्याप्त है ऐसी स्थिति में लोग मतदाता के अधिकार से वंचित न हों काउन्टर की संख्या का बढ़ाया जाना जनहित में आवश्यक व अपरिहार्य है।
वर्षों से देवरहवा बाबा ,बाबा राघव दास की तप व साधना स्थली बरहज की आवाम की चिरप्रतीक्षित माँग बरहज में बस स्टैंड के निर्माण की दिशा में ठोस व आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित हो।
किसान देश -प्रदेश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख अंग है छोटे -बड़े किसान अपनी फसलों को मंडी के अभाव में अपनी गाढ़ी कमाई को औने-पौने दाम पर विचौलियों को बेचने पर मजबूर होता है। बरहज ऐतिहासिक व्यापारिक केंद्र रहा है अंग्रेजी हुकूमत में भी यह नगर अपने व्यापारिक गतिविधियों को लेकर विश्व विख्यात रहा है लेकिन मंडी के अभाव में छोटे -बड़े किसान सब्जी व अन्न के उत्पादन का उचित मूल्य पाने में असफल -निराश रहता है जिसे दृष्टिगत रखते हुए बरहज में मंडी की अवस्थापना अपरिहार्य एवं आवश्यक है,आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित हो।
बरहज तकनीकी शिक्षा केन्द्र के मामले अत्यंत पिछड़ा क्षेत्र जिसे बड़ी तादात में युवा चाहकर भी तकनीकी शिक्षा से वंचित रहने को अभिशप्त है और मजदूर बनने को मजबूर है युवाओं के सपनों को पंख देने के लिए तकनीकी शिक्षा केंद्रों की अवस्थापना हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित हो।
जिलाधिकारी ने अपने स्तर के मामले को शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधिक अधिकारियों को निर्देश दिया शेष बिंदुओं को अग्रेत्तर कार्यवाही के लिए महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भेजकर समस्याओं के निदान हेतु आश्वासन दिया।

देवरिया में समाजसेवी पर जानलेवा हमला, फर्जी डिग्री वाले अस्पतालों की शिकायत के बाद बवाल

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में कथित रूप से फर्जी डिग्री के सहारे संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक समाजसेवी पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।

शिकायत के बाद हमला

थाना भलुअनी क्षेत्र के तेनुआ चौबे निवासी समाजसेवी दिग्विजय चौबे का आरोप है कि उन्होंने जिले के कुछ निजी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों की डिग्रियों को लेकर शासन और सीएमओ कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने जिन अस्पतालों का नाम लिया है, उनमें गौरव हॉस्पिटल, गायत्री हॉस्पिटल और जलपा हॉस्पिटल शामिल हैं। आरोप है कि शिकायत के चलते रंजिशन 15 फरवरी 2026 को उन पर हमला किया गया।

रास्ता रोककर मारपीट का आरोप

पीड़ित के अनुसार, वह परिवार के साथ सोमनाथ मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। सिविल लाइन क्षेत्र स्थित एक मिष्ठान भंडार के पास उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई।
आरोप है कि सरौरा चौराहे के पास 15–20 लोगों ने उनकी कार (UP 32 LN 5165) को रोक लिया, वाहन से खींचकर मारपीट की, नगदी छीन ली और कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। उनकी पत्नी के साथ अभद्रता का भी आरोप लगाया गया है।

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पुलिस पर भी सवाल

घटना के बाद परिवार रुद्रपुर कोतवाली पहुंचा। दिग्विजय चौबे का आरोप है कि वहां भी उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला और उलटे उन्हें ही एक अन्य मामले में फंसाने की धमकी दी गई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

बताया जा रहा है कि 22 जनवरी को सीएमओ कार्यालय ने संबंधित शिकायत पर संज्ञान लेने की बात कही थी। ऐसे में अब जांच की प्रगति और शिकायतकर्ता की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

शासन से सुरक्षा की मांग

समाजसेवी ने उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजकर सुरक्षा की मांग की है और आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी।

समाचार लिखे जाने तक पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका था। प्रशासन का कहना है कि यदि तहरीर दी गई है तो मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

अब आगे क्या?

पूरा मामला गंभीर आरोपों से जुड़ा है—एक ओर फर्जी डिग्री के सहारे अस्पताल संचालन का दावा, दूसरी ओर शिकायतकर्ता पर हमले का आरोप। अब नजर जिला प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और आरोपों की सच्चाई क्या सामने आती है।

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लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष योजना के तहत लंबित मामलों के जल्द निस्तारण के निर्देश

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से संचालित उत्तर प्रदेश लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना के तहत प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन ने पीड़ितों को क्षतिपूर्ति प्रदान करने से संबंधित मामलों पर विस्तृत चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
यह बैठक उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। बैठक में कुल 29 प्रकरणों पर चर्चा की गई, जिनमें से 10 मामलों को स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि 9 मामलों को अस्वीकृत किया गया। इसके अलावा 19 मामलों को लंबित रखते हुए आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मामलों की बारीकी से हुई जांच
बैठक के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा योजना के तहत प्राप्त सभी प्रकरणों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। प्रत्येक मामले की परिस्थितियों और पात्रता मानकों की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पीड़ितों की स्थिति, उपलब्ध साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि केवल पात्र पीड़ितों को ही योजना का लाभ मिले और किसी भी स्तर पर पारदर्शिता से समझौता न किया जाए। समीक्षा के दौरान कई मामलों में दस्तावेजों और जांच रिपोर्टों का गहन अध्ययन किया गया।
9 मामलों को किया गया अस्वीकृत
बैठक में समीक्षा के बाद कुल 9 मामलों को अस्वीकृत किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 6 मामलों में संबंधित व्यक्तियों को न्यायालय से दोषमुक्त घोषित कर दिया गया था, जिसके कारण वे योजना के तहत क्षतिपूर्ति के पात्र नहीं पाए गए।
इसके अतिरिक्त 3 मामलों में पात्रता मानकों की पूर्ति नहीं होने के कारण आवेदन अस्वीकार कर दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ केवल उन्हीं पीड़ितों को दिया जाएगा जो निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं।
10 मामलों को दी गई स्वीकृति
बैठक में समीक्षा के दौरान 10 मामलों को स्वीकृति प्रदान की गई। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत मामलों में क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
प्रशासन का मानना है कि आर्थिक सहायता से पीड़ित महिलाओं और बच्चों को मानसिक और सामाजिक रूप से मजबूत होने में मदद मिलती है। यह योजना पीड़ितों के पुनर्वास और उनके जीवन को सामान्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
19 लंबित मामलों के जल्द निस्तारण के निर्देश
बैठक में 19 मामलों को लंबित रखा गया, जिनमें कुछ आवश्यक औपचारिकताएं और दस्तावेजी प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों में आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाए।
उन्होंने कहा कि लंबित मामलों में देरी से पीड़ितों को नुकसान होता है, इसलिए समयबद्ध तरीके से प्रक्रिया पूरी करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने लंबित मामलों की समीक्षा के लिए जल्द ही पुनः बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।
योजना का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को न्याय दिलाना
उत्तर प्रदेश लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना का मुख्य उद्देश्य अपराध से प्रभावित महिलाओं और बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत गंभीर अपराधों के पीड़ितों को सहायता राशि प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने जीवन को पुनः व्यवस्थित कर सकें।
यह योजना महिलाओं और बच्चों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने में भी मदद करती है। प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रशासन ने पारदर्शिता और संवेदनशीलता पर दिया जोर
बैठक के दौरान अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। जिलाधिकारी ने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी मामलों की जांच निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पीड़ितों को योजना से जुड़ी जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लिया हिस्सा
बैठक में संयुक्त निदेशक अभियोजन, जिला महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, पुलिस विभाग के अधिकारी और जिला प्रोबेशन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वय बनाकर कार्य करने पर जोर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के बेहतर संचालन के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है। इससे मामलों का शीघ्र निस्तारण संभव हो पाता है और पीड़ितों को समय पर सहायता मिलती है।
पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
प्रशासन द्वारा आयोजित यह बैठक महिलाओं और बच्चों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि योजना के माध्यम से पीड़ितों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र पीड़ित योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

देवरिया में मिशन शक्ति अभियान के तहत कॉलेज और मंदिर परिसरों में जागरूकता कार्यक्रम

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनपद में चलाए जा रहे देवरिया मिशन शक्ति फेज 5.0 अभियान के तहत पुलिस प्रशासन ने व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में जिले के सभी थानों की मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाकर महिलाओं और छात्राओं को सरकारी योजनाओं, सुरक्षा उपायों और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी।
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने विद्यालयों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं और बालिकाओं से सीधे संवाद किया तथा उन्हें सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। पुलिस द्वारा पम्पलेट वितरित कर महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक किया गया।
कॉलेजों में छात्राओं को दी गई सुरक्षा और सहायता सेवाओं की जानकारी
मिशन शक्ति फेज 5.0 अभियान के अंतर्गत थाना लार की मिशन शक्ति टीम ने विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान पुलिस टीम ने मठ वार्ड कॉलेज पहुंचकर छात्राओं और महिलाओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को बताया कि किसी भी आपात स्थिति में वे तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकती हैं। इसके लिए डायल 112, महिला हेल्पलाइन 181, वुमेन पावर लाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, वन स्टॉप सेंटर सेवा 181, स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन 102, एंबुलेंस सेवा 108 और साइबर हेल्पलाइन 1930 जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं।
पुलिस टीम ने छात्राओं को यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या साइबर अपराध की स्थिति में बिना डर के शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारियों ने छात्राओं को आत्मविश्वास बढ़ाने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर चलाया गया जागरूकता अभियान
अभियान के तहत थाना रूद्रपुर की मिशन शक्ति टीम ने दुग्धेश्वरनाथ मंदिर परिसर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यहां आने वाली महिलाओं और बालिकाओं को पुलिस कर्मियों ने सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
पुलिस टीम ने महिलाओं को बताया कि शासन द्वारा संचालित योजनाएं उनके सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए बनाई गई हैं। महिलाओं को समझाया गया कि यदि वे किसी प्रकार की समस्या का सामना करती हैं तो तुरंत हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग कर सकती हैं।
धार्मिक स्थलों पर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं तक सुरक्षा संदेश पहुंचाना था, क्योंकि ऐसे स्थानों पर बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाएं पहुंचती हैं।
एंटी रोमियो टीमों ने सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ाई निगरानी
देवरिया मिशन शक्ति फेज 5.0 अभियान के तहत जिले के सभी थानों की एंटी रोमियो टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी अभियान चलाया। टीमों ने बाजार, स्कूल, कॉलेज और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं से संवाद कर उन्हें सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।
पुलिस टीमों ने महिलाओं को बताया कि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि या छेड़छाड़ की घटना की तुरंत सूचना पुलिस को दें। अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने पर जोर
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना भी है।
पुलिस ने महिलाओं को सरकारी योजनाओं जैसे महिला सहायता सेवाएं, कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सेवाएं और साइबर सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि महिलाएं यदि जागरूक होंगी तो वे किसी भी प्रकार की समस्या का सामना मजबूती से कर सकेंगी।
साइबर अपराध से बचाव की दी गई विशेष जानकारी
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने महिलाओं और छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए महिलाओं को सोशल मीडिया और ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्क रहना चाहिए।
पुलिस ने साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होता है तो तुरंत इस नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकता है। इसके अलावा महिलाओं को व्यक्तिगत जानकारी और बैंक विवरण किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करने की सलाह दी गई।
पुलिस प्रशासन का महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस
देवरिया पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मिशन शक्ति फेज 5.0 अभियान के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिक लक्ष्य है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान के तहत लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़े।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि महिलाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें आत्मरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिले में नियमित रूप से मिशन शक्ति अभियान संचालित किया जा रहा है।
समाज में सकारात्मक संदेश देने का प्रयास
मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से पुलिस प्रशासन समाज में सकारात्मक संदेश देने का प्रयास कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है।
अभियान के दौरान महिलाओं ने पुलिस की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूकता मिलती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
निरंतर जारी रहेगा जागरूकता अभियान
देवरिया पुलिस प्रशासन ने बताया कि मिशन शक्ति फेज 5.0 अभियान को आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा सेवाओं और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले की हर महिला और बालिका को सुरक्षा, सम्मान और सहायता का भरोसा मिले और वे किसी भी समस्या का सामना बिना डर के कर सकें।