Sunday, May 3, 2026
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पूर्वांचल में 140 उद्यमों को सहयोग देगी जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल, सात जिलों में नया कोहोर्ट शुरू


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वांचल के उद्यमियों के लिए बड़ी पहल करते हुए जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल ने वर्ष 2026–27 में 140 उद्यमों को इन्क्यूबेशन सहयोग देने की घोषणा की है। बरपार स्थित बरगद सभागार में आयोजित रणनीतिक बैठक में सात जिलों के उद्यम कोर और उद्यम मित्रों ने नए कोहोर्ट की रूपरेखा, चयन प्रक्रिया और मोबिलाइजेशन रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
इन्क्यूबेशन निदेशक विश्वास पांडेय ने बताया कि जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि चयनित उद्यमों को संरचित मार्गदर्शन, बाजार से जोड़ना, वित्तीय साक्षरता और विस्तार रणनीति के साथ मजबूत बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 140 उद्यमों को सहयोग बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

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सात जिलों से आमंत्रित होंगे आवेदन
देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, बलिया और मऊ जिलों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। चयन के दौरान उद्यम की प्रतिबद्धता, विस्तार की संभावना और रोजगार सृजन क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी।
डिजिटल सीओई मैनेजर अभिषेक भारद्वाज और उद्यम कोर दुर्गेश सिंह ने बताया कि जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, एनआरएलएम, खादी ग्रामोद्योग, डूडा और आरसेटी जैसी संस्थाओं के सहयोग से जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल की पहुंच लगातार बढ़ रही है। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के स्टार्टअप को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

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280 से अधिक उद्यमों को मिल चुका है सहयोग
मैनेजर इंपैक्ट डॉ. खुशबू शर्मा के अनुसार, अब तक जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल 280 से अधिक उद्यमों को इन्क्यूबेशन सहायता दे चुका है। इन उद्यमों के माध्यम से लगभग 98.5 करोड़ रुपये का सामूहिक राजस्व उत्पन्न हुआ है।
साथ ही 5.07 करोड़ रुपये की फंडिंग सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे 2,601 से अधिक रोजगार सृजित हुए और 8,310 से अधिक किसान लाभान्वित हुए। इन उपलब्धियों के आधार पर इस वर्ष 140 उद्यमों को सहयोग का लक्ष्य और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की गई है।
मोबिलाइजेशन में सामने आईं चुनौतियां
बैठक में प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी, दस्तावेजी प्रक्रिया को लेकर भ्रम और डिजिटल प्लेटफॉर्म की सीमित समझ को प्रमुख चुनौतियों के रूप में चिन्हित किया गया।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर परामर्श बैठकें, जागरूकता अभियान और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से इन बाधाओं को दूर करने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि मोबिलाइजेशन की गति और गुणवत्ता बनी रही तो 140 उद्यमों को सहयोग का लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सकेगा।

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इन सेक्टर के उद्यमी कर सकते हैं आवेदन
इन्क्यूबेशन निदेशक विश्वास पांडेय ने बताया कि निम्न क्षेत्रों के उद्यमी आवेदन कर सकते हैं:कृषि एवं कृषि-प्रसंस्करण,हस्तकला एवं स्थानीय शिल्प,कपड़ा एवं फैशन,सेवा क्षेत्र,डिजिटल स्टार्टअप,एफएमसीजी
नवाचार आधारित उद्यम।
जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल का उद्देश्य पूर्वांचल में रोजगार आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि 140 उद्यमों को सहयोग देने की यह पहल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है।
आइय जानते हैं क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
पूर्वांचल में युवाओं के बीच स्टार्टअप और स्वरोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल द्वारा 140 उद्यमों को सहयोग देने का निर्णय न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि ग्रामीण उद्यमियों को भी राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में सहायक होगा।
यह पहल रोजगार, राजस्व और कृषि-आधारित उद्यमों के विस्तार में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

असंसदीय शब्द पर बवाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जताया खेद

मध्य प्रदेश विधानसभा में विवाद: कैलाश विजयवर्गीय के असंसदीय शब्द पर हंगामा, मोहन यादव ने मांगी माफी



भोपाल (राष्ट्र की परम्परा)मध्य प्रदेश विधानसभा विवाद उस समय गहरा गया जब संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष के नेता उमंग सिंघर के लिए असंसदीय शब्द का प्रयोग कर दिया। इस घटना के बाद सदन में तीखा हंगामा हुआ और विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की मांग कर दी। बढ़ते विवाद को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यवाही स्थगित कर दी। बाद में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सदन में खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगी।
विवाद की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान हुई। चर्चा में भाग लेते हुए उमंग सिंघर ने सिंगरौली में सरकार और अदानी समूह के बीच हुए कथित समझौते का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिजली खरीद के नाम पर कंपनी को 25 वर्षों में लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान करने की तैयारी कर रही है।
इस आरोप पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और कहा कि सदन में अनुपस्थित व्यक्ति का नाम नहीं लिया जाना चाहिए। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने सिंघर पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। इसी दौरान विजयवर्गीय ने एक असंसदीय शब्द का प्रयोग किया, जिससे मध्य प्रदेश विधानसभा विवाद और बढ़ गया।

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कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की। सदन में शोर-शराबा बढ़ता देख अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा की गौरवशाली परंपरा रही है, लेकिन आज की स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गुस्सा दोनों पक्षों से आया, जो चिंता का विषय है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जाने-अनजाने में कुछ शब्द निकल गए, जिसके लिए वे सदन से माफी मांगते हैं। उन्होंने संसदीय मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उमंग सिंघर ने मुख्यमंत्री की भावनाओं का सम्मान करते हुए कहा कि यदि उनकी ओर से भी कुछ अनुचित हुआ है तो वे भी खेद व्यक्त करते हैं।
कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपने 37 वर्षों के राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि वे अपने व्यवहार से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को संसदीय मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं उमंग को प्यार करता हूं… आज जो हुआ उससे मैं दुखी हूं।”

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यह मध्य प्रदेश विधानसभा विवाद प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिंगरौली अदानी समझौता और बिजली खरीद समझौता जैसे मुद्दे आगामी सत्रों में भी उठ सकते हैं। विपक्ष इस मामले को जनहित से जोड़कर बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है, जबकि सरकार इसे तथ्यात्मक आधार पर स्पष्ट करने की बात कह रही है।
राजनीतिक मर्यादा और सदन की गरिमा को लेकर यह घटना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोकतंत्र में स्वस्थ बहस आवश्यक है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियां लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या राजनीतिक दल संसदीय परंपराओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सिंगरौली अदानी समझौता और बिजली खरीद समझौता पर सरकार क्या स्पष्टीकरण देती है और विपक्ष किस रणनीति के साथ आगे बढ़ता है।

15 अप्रैल को जारी होगी देवरिया पंचायत की अंतिम निर्वाचक नामावली

देवरिया त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावली वृहद पुनरीक्षण 2026: अंतिम प्रकाशन 15 अप्रैल को


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावली वृहद पुनरीक्षण 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने संशोधित सार्वजनिक सूचना जारी कर दी है। देवरिया पंचायत मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 के तहत जनपद में दावे-आपत्तियों के निस्तारण से लेकर अंतिम प्रकाशन तक की समय सारिणी तय कर दी गई है। यह कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार लागू किया जा रहा है।
जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) देवरिया द्वारा जारी सूचना के अनुसार, देवरिया त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावली वृहद पुनरीक्षण 2026 का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है, ताकि आगामी पंचायत चुनाव निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सकें।
पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रमुख तिथियां

हस्तलिखित पाण्डुलिपियों की तैयारी एवं डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन अवधि: 07 जनवरी 2026 से 16 मार्च 2026 तक ,पूरक सूचियों का कम्प्यूटरीकरण एवं मूल सूची में समावेशन अवधि: 21 फरवरी 2026 से 16 मार्च 2026 तक,मतदान केंद्रों का कमांकन, मैपिंग, SVN आवंटन व सूची डाउनलोडिंग
अवधि: 17 मार्च 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक ,निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन ,तिथि: 15 अप्रैल 2026 ,इस पूरी प्रक्रिया के दौरान देवरिया पंचायत मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि देवरिया त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावली वृहद पुनरीक्षण 2026 की जानकारी जनसामान्य तक पहुंचाने के लिए: समाचार पत्रों व अन्य सम्बन्धित माध्यम के साथ संबंधित कार्यालयों के सूचना पट्ट पर कार्यक्रम चस्पा किया जाएगा।
ग्राम पंचायतों में डुग्गी पिटवाकर सूचना दी जाएगी
जनप्रतिनिधियों एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को प्रति उपलब्ध कराई जाएगी।सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कार्यक्रम का व्यापक प्रचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
सार्वजनिक अवकाश में भी खुले रहेंगे कार्यालय
निर्देशों के अनुसार, देवरिया पंचायत मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 के दौरान पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे। इससे मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मतदाताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पुनरीक्षण?
देवरिया त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावली वृहद पुनरीक्षण 2026 के माध्यम से: नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे।मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे।डुप्लीकेट प्रविष्टियों का निस्तारण होगा।
मतदान केंद्रों का पुनर्गठन और मैपिंग की जाएगी
यह प्रक्रिया पंचायत चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सही और अद्यतन मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आधारशिला है।
प्रशासन की अपील
जिला निर्वाचन कार्यालय ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि में अपने नाम की जांच करें और यदि कोई त्रुटि हो तो समय रहते दावा या आपत्ति दर्ज कराएं। देवरिया पंचायत मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 में सक्रिय भागीदारी से ही सशक्त स्थानीय लोकतंत्र सुनिश्चित किया जा सकता है।

राहुल गांधी सुल्तानपुर अदालत पेशी: अमित शाह मानहानि केस में अगली सुनवाई 9 मार्च को

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)राहुल गांधी सुल्तानपुर अदालत पेशी और अमित शाह मानहानि केस को लेकर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज रही। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 2018 में दर्ज मानहानि मामले की सुनवाई के लिए सुल्तानपुर की अदालत में पेश हुए। यह मामला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है।
सुबह राहुल गांधी लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे सीधे सुल्तानपुर जिला अदालत के लिए रवाना हुए। अदालत में पेशी के दौरान उनका बयान दर्ज किया गया। अब इस अमित शाह मानहानि केस में अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी, जिसमें राहुल गांधी को अपने बचाव में सबूत पेश करने होंगे।

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क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2018 का है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने एक जनसभा में कथित रूप से भाजपा और उसके शीर्ष नेतृत्व पर टिप्पणी की थी। इसी बयान को लेकर स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने सुल्तानपुर में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। इसी आधार पर अदालत में अमित शाह मानहानि केस दायर हुआ।

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वारंट, जमानत और बयान
दिसंबर 2023 में अदालत में अनुपस्थित रहने पर राहुल गांधी के खिलाफ वारंट जारी किया गया था। इसके बाद फरवरी 2024 में उन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण किया। विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25,000 रुपये की दो जमानत राशियों पर जमानत दे दी।
26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि यह मामला राजनीतिक साजिश के तहत दर्ज कराया गया है। उनका कहना था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।
अब ताजा राहुल गांधी सुल्तानपुर अदालत पेशी में अदालत ने 9 मार्च की तारीख तय की है, जिस दिन बचाव पक्ष अपने साक्ष्य प्रस्तुत करेगा।
कांग्रेस का आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रिया
सुनवाई से पहले कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी अदालत के आदेश का सम्मान करते हुए पेश हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक दबाव बनाने के लिए विपक्षी नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज करा रही है।
वहीं कांग्रेस का कहना है कि न्यायपालिका पर उन्हें पूरा भरोसा है और राहुल गांधी कानून की प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा नेताओं का कहना है कि यह मामला व्यक्तिगत मानहानि से जुड़ा है और अदालत में तथ्यों के आधार पर निर्णय होगा।

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कानूनी प्रक्रिया क्या कहती है?
मानहानि के मामलों में अदालत पहले शिकायत और साक्ष्यों की जांच करती है। यदि आरोप prima facie सही प्रतीत होते हैं, तो आरोपी को समन जारी किया जाता है। इसके बाद बयान, जिरह और साक्ष्य के आधार पर अंतिम फैसला सुनाया जाता है।
इस अमित शाह मानहानि केस में अभी साक्ष्य और बहस की प्रक्रिया जारी है। अदालत के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेज और बयान अंतिम निर्णय में अहम भूमिका निभाएंगे।
क्यों अहम है यह मामला?
राहुल गांधी वर्तमान में लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं।मामला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़ा है।2018 से लंबित यह केस अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है।राजनीतिक दृष्टि से यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राष्ट्रीय स्तर के दो प्रमुख नेताओं से संबंधित है। आगामी सुनवाई में प्रस्तुत साक्ष्य इस केस की दिशा तय करेंगे।

सच देखो, सच सुनो, सच बोलो: सकारात्मक सोच और सादा जीवन का संदेश

आज के दौर में जब भ्रम, दिखावा और नकारात्मकता तेजी से बढ़ रही है, तब “सच देखो सच सुनो सच बोलो” का संदेश हमें जीवन की वास्तविक दिशा दिखाता है। यह प्रेरक कविता मानव जीवन, ईश्वर की रचना और सकारात्मक सोच की शक्ति को उजागर करती है।

✍️ सच देखो सच सुनो सच बोलो – प्रेरक कविता
दोनो आँखों के साथ बग़ल में दोनों
कान नहीं होते तो चश्मा कहाँ लगाते,
बूढ़े होकर आँखों की रोशनी कम हो
जाती तो कैसे दुनिया को देख पाते।
यह उस ईश्वर की ताक़त है,
मुँह, आँख, कान, नाक चारों,
पूरी सुंदरता के साथ बनाए हैं,
उसकी कृतियाँ सबको भाए हैं।
सच देखो सच सुनो सच बोलो,
और सदा इन सबकी खुशियाँ लो,
सोच सकारात्मक ही रहे हमेशा,
सादा जीवन, सरलता अपना लो।
जिस तराजू से औरों को तौलते हैं,
उस पर बैठकर खुद को भी तौलो,
जीवन की सत्यता परख कर लो,
आदित्य, इसको आसान बना लो।
📖 कविता का भावार्थ
यह कविता हमें बताती है कि ईश्वर ने मानव शरीर को संतुलित और सुंदर बनाया है। आँख, कान, नाक और मुख — ये सभी इंद्रियाँ हमें जीवन का सत्य समझने का माध्यम देती हैं।
“सच देखो सच सुनो सच बोलो” केवल एक पंक्ति नहीं, बल्कि जीवन जीने का मूल मंत्र है। जब हम सकारात्मक सोच अपनाते हैं और सादा जीवन जीते हैं, तब जीवन सहज और सफल बनता है।
🌟 क्यों जरूरी है – सच देखो सच सुनो सच बोलो?
मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ता है
रिश्तों में पारदर्शिता और विश्वास कायम रहता है
समाज में सकारात्मक वातावरण बनता है
आत्ममूल्यांकन की आदत विकसित होती है
👤 कवि परिचय
विद्यावाचस्पति डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
(प्रेरक साहित्यकार एवं चिंतक)

माहे रमजान: मऊ में शांति व्यवस्था मजबूत करने को पुलिस का व्यापक रूट मार्च

माहे रमजान में पुलिस रूट मार्च: मऊ के कोपागंज में सुरक्षा व्यवस्था सख्त, रोजेदारों को भरोसा


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। माहे रमजान के पवित्र अवसर पर जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए माहे रमजान में पुलिस रूट मार्च तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में जनपद मऊ के कोपागंज कस्बे में वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में व्यापक पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया।
सायंकाल अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेन्द्र कुमार सिंह तथा प्रभारी निरीक्षक कोपागंज भारी पुलिस बल के साथ बाजार क्षेत्र में उतरे और माहे रमजान में पुलिस रूट मार्च के जरिए आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
रूट मार्च के दौरान मुख्य बाजार, भीड़-भाड़ वाले इलाके, बस स्टैंड, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों के आसपास पैदल गश्त की गई। अधिकारियों ने अतिक्रमण की स्थिति, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की।

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रोजेदारों की सुविधा पर विशेष ध्यान
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि माहे रमजान में पुलिस रूट मार्च का मुख्य उद्देश्य रोजेदारों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है। इफ्तार और तरावीह के समय बाजारों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
रूट मार्च के दौरान अधिकारी कई स्थानों पर रुके और स्थानीय व्यापारियों व नागरिकों से संवाद स्थापित किया। लोगों से अपील की गई कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
संवेदनशील स्थानों पर बढ़ी निगरानी
कस्बा कोपागंज के प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के साथ-साथ लगातार पैदल गश्त जारी है। माहे रमजान में पुलिस रूट मार्च के तहत सुरक्षा के मद्देनजर रात्रि गश्त भी तेज की गई है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रमजान के दौरान शांति बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अराजकता या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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बाजार और यातायात व्यवस्था की समीक्षा
रूट मार्च के दौरान सड़क किनारे अतिक्रमण की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया। पुलिस ने दुकानदारों को निर्देश दिए कि वे मार्ग अवरुद्ध न करें, ताकि नमाज के समय आवागमन सुचारू बना रहे।
माहे रमजान में पुलिस रूट मार्च के चलते स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश गया है। लोगों ने पुलिस की सक्रियता की सराहना करते हुए सहयोग का भरोसा दिया।

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शांति और सौहार्द का संदेश
रमजान आपसी भाईचारे, संयम और शांति का प्रतीक है। ऐसे में प्रशासन का उद्देश्य है कि त्योहार के दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सामाजिक समरसता बनाए रखने में नागरिकों की भूमिका भी अहम है।
लगातार हो रहे माहे रमजान में पुलिस रूट मार्च से यह स्पष्ट संदेश गया है कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

बागलकोट में शिवाजी जयंती जुलूस के दौरान पथराव, आगजनी; इलाके में तनाव

कर्नाटक के बागलकोट शहर में गुरुवार (19 फरवरी) को Chhatrapati Shivaji Maharaj जयंती के मौके पर निकाले गए विशाल जुलूस के दौरान विवाद हो गया। मराठा समुदाय द्वारा निकाला गया जुलूस किले के अंबाभवानी मंदिर से शुरू होकर मेन रोड होते हुए बसवेश्वर सर्कल और वल्लभभाई चौक की ओर बढ़ रहा था।

मस्जिद के बाहर बढ़ा विवाद

आरोप है कि जुलूस जब एक मस्जिद के बाहर पहुंचा तो डीजे की आवाज तेज कर दी गई और कुछ लोग वहीं रुककर नारेबाजी व नाच-गाना करने लगे। मस्जिद में मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन इसी बीच किसी शरारती तत्व द्वारा जुलूस की ओर चप्पल फेंकने की बात सामने आई।
इसके बाद माहौल बिगड़ गया और कथित तौर पर मस्जिद के अंदर से जुलूस पर पत्थर फेंके गए।

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आगजनी और पुलिस कार्रवाई

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और जुलूस को आगे बढ़ाया। हालांकि कुछ देर बाद मस्जिद के बाहर खड़े ठेलों में आग लगाए जाने की भी खबर सामने आई।

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि पथराव और आगजनी में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क पर प्रहार: मऊ में बड़ी कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

मऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1.530 किलो चरस के साथ अंतरजनपदीय शातिर अपराधी गिरफ्तार, 75 लाख की चरस बरामद

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 1.530 किलो चरस के साथ अंतरजनपदीय शातिर अपराधी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने करीब 75 लाख रुपये की चरस बरामद करते हुए परिवहन में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त कर ली है। यह कार्रवाई मऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई के तहत अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।पुलिस अधीक्षक इलामारन के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर कृष राजपूत के नेतृत्व में थाना दक्षिण टोला पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम संयुक्त रूप से गश्त कर रही थी।

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इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस सक्रिय हुई।मुखबिर की सूचना पर घेराबंदीपुलिस को सूचना मिली कि बढ़ुआ गोदाम की तरफ से एक व्यक्ति अवैध चरस लेकर स्विफ्ट डिजायर कार से मतलूपुर होते हुए सठियांव एक्सप्रेसवे के रास्ते हरियाणा जाने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने मतलूपुर फ्लाईओवर के पास घेराबंदी की।कुछ देर बाद एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार आती दिखाई दी। पुलिस ने कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने भागने की कोशिश की। पहले से तैनात दूसरी टीम ने वाहन को घेरकर रोक लिया। तलाशी के दौरान कार की डिग्गी से 1.530 किलो अवैध चरस बरामद हुई। इस तरह मऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 1.530 किलो चरस के साथ अंतरजनपदीय शातिर अपराधी गिरफ्तार कर लिया गया।आरोपी की पहचान और पूछताछपकड़े गए आरोपी ने अपना नाम जितेंद्र कुमार राय पुत्र रामेश्वर राय निवासी आवास विकास कॉलोनी, हरपुर, थाना कोतवाली नगर, जनपद बलिया बताया।

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पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह चरस को हरियाणा ले जाकर बेचता था और हर बार पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल करता था।पुलिस के अनुसार बरामद 75 लाख की चरस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया है।नशा तस्करी पर कड़ा प्रहारमऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई से साफ है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। 1.530 किलो चरस के साथ अंतरजनपदीय शातिर अपराधी गिरफ्तार होने से अवैध कारोबार में लिप्त गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अन्य संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीमकार्रवाई में थाना दक्षिण टोला के थानाध्यक्ष उ0नि0 बसंत लाल, उ0नि0 प्रमोद कुमार सिंह (स्वाट/सर्विलांस प्रभारी), उ0नि0 मनोज कुमार मौर्य (एसओजी प्रभारी), उ0नि0 अरुण कुमार सिंह सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे। संयुक्त टीम की सतर्कता से यह सफलता मिली।

बच्चा चोरी की झूठी खबर से दहशत, झारखंड में बढ़ा मॉब लिंचिंग का खतरा

झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह से हड़कंप: धनबाद, रांची, गिरिडीह समेत कई जिलों में मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं


धनबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह ने एक बार फिर भय और अराजकता का माहौल पैदा कर दिया है। धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा और राजधानी रांची समेत कई जिलों में महज शक के आधार पर लोगों को भीड़ ने घेरकर बेरहमी से पीटा। पुलिस की समय पर दखल से कई निर्दोष लोगों की जान बच सकी, लेकिन लगातार बढ़ती घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं।

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धनबाद के राजगंज में युवक की पिटाई
धनबाद जिले के राजगंज थाना क्षेत्र के महतोटांड़ गांव में गुरुवार रात झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह के चलते एक अज्ञात युवक को भीड़ ने पकड़ लिया। युवक को लाठी-डंडों से पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बीच-बचाव करने पहुंचे स्थानीय मुखिया और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को भीड़ से छुड़ाकर इलाज के लिए भेजा। पूछताछ में सामने आया कि बच्चा चोरी की कोई पुष्टि नहीं हुई थी। भीड़ में आसपास के कई गांवों के लोग शामिल थे।

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गिरिडीह में महिला और अधेड़ को बनाया निशाना
गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के पतरोडीह और फुरसोडीह गांव में भी झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह का असर दिखा। ग्रामीणों ने संदेह के आधार पर एक महिला और एक अधेड़ व्यक्ति को पकड़ लिया और मारपीट की।
पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि अधेड़ व्यक्ति नशे की हालत में अपने ससुराल जा रहा था, जबकि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। बच्चा चोरी की कोई घटना नहीं हुई थी।
बैंकमोड़ में ट्रांसजेंडर पर हमला
धनबाद के बैंकमोड़ थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर फैली झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह के कारण एक ट्रांसजेंडर को बच्चा चोर समझकर पीट दिया गया।
पुलिस जांच में पाया गया कि वह व्यक्ति होली के अवसर पर घर-घर शुभकामनाएं दे रहा था। तलाशी में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। पुलिस ने मारपीट करने वालों को चेतावनी दी।

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कोडरमा में मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक पर हमला
कोडरमा जिले के मरकच्चो थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव में भी एक युवक को बच्चा चोर समझकर पीटा गया। पुलिस के अनुसार युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होता है और बच्चा चोरी से जुड़ा कोई तथ्य सामने नहीं आया।
रांची के बरियातू में हंगामा
राजधानी रांची के बरियातू थाना क्षेत्र के एदलहातू में तीन वर्षीय बालक को टोटो में ले जाते देख ग्रामीणों ने महिला, चालक और एक अन्य युवक को पकड़ लिया। मारपीट की सूचना पर पुलिस पहुंची और तीनों को बचाया।
महिला ने खुद को गुमला की निवासी बताया और कहा कि वह अपने रिश्तेदारों से मिलने आयी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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अभिभावकों में डर, पुलिस की अपील
लगातार फैल रही झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह से ग्रामीणों में दहशत है। कई अभिभावक बच्चों को आंगनबाड़ी या बाहर खेलने भेजने से डर रहे हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि बिना कार्रवाई न करें। आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें। कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अफवाह से बढ़ता मॉब लिंचिंग का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर अपुष्ट संदेश तेजी से फैलने से झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह ने मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं को जन्म दिया है। यह समाज के लिए खतरनाक संकेत है।
जरूरत है सतर्कता, संयम और कानून पर भरोसा रखने की, ताकि निर्दोष लोगों की जान सुरक्षित रह सके।

कलह ही दरिद्रता की जड़: संवाद और सौहार्द से ही समृद्धि संभव

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।समाज और परिवार की प्रगति का मूल आधार शांति, विश्वास और सतत संवाद है। जब आपसी मतभेद संवाद के माध्यम से सुलझाए जाते हैं, तब समृद्धि के द्वार खुलते हैं। लेकिन जहां कलह, अहंकार और अविश्वास पनपते हैं, वहां विकास की गति थम जाती है। यही कारण है कि “कलह ही दरिद्रता की जड़” माना गया है और “संवाद और सौहार्द से समृद्धि” का मार्ग प्रशस्त होता है।
आज के दौर में आर्थिक संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद मानसिक और सामाजिक असंतुलन बढ़ रहा है। यह स्पष्ट संकेत है कि सामाजिक सौहार्द और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि समाज में शांति नहीं होगी तो आर्थिक उन्नति भी टिकाऊ नहीं रह सकती।

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परिवार: विकास की पहली पाठशाला
परिवार समाज की पहली इकाई है। यहीं से संस्कारों और मूल्यों की नींव पड़ती है। जब घर के भीतर प्रेम, सम्मान और आपसी समझ बनी रहती है, तब बच्चों का व्यक्तित्व सुदृढ़ होता है। इसके विपरीत, यदि घर में लगातार विवाद और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल रहे, तो मानसिक तनाव बढ़ता है।
यह स्थिति आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों को भी भीतर से दरिद्र बना सकती है। इसलिए यह समझना आवश्यक है कि कलह ही दरिद्रता की जड़ है और संवाद और सौहार्द से समृद्धि संभव है।

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समाज और राष्ट्र पर प्रभाव
सामाजिक स्तर पर जातीय, धार्मिक या राजनीतिक मतभेद यदि संवाद से न सुलझें, तो वे विकास में बाधा बन जाते हैं। विश्व इतिहास इस बात का साक्षी है कि आंतरिक संघर्ष ने कई देशों को वर्षों पीछे धकेल दिया।
भारत में भी जब-जब सामाजिक सौहार्द मजबूत रहा, तब-तब विकास ने गति पकड़ी। इससे स्पष्ट है कि सामाजिक सौहार्द और विकास परस्पर जुड़े हुए हैं।

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व्यापार और उद्योग में विश्वास की भूमिका
व्यापार और उद्योग जगत में विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है। कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच तालमेल की कमी उत्पादन को प्रभावित करती है। निवेशक भी उन्हीं क्षेत्रों में निवेश करना पसंद करते हैं जहां शांति और स्थिरता हो।
यदि संस्थान के भीतर विवाद बढ़ें, तो आर्थिक नुकसान निश्चित है। अतः यह सिद्ध होता है कि संवाद और सौहार्द से समृद्धि की राह आसान होती है।
कलह के कारण और समाधान
कलह का मूल कारण अक्सर अहंकार, असहिष्णुता और संवाद की कमी होता है। यदि परिवार और समाज में संवाद की परंपरा मजबूत हो, तो अधिकांश विवाद प्रारंभ होने से पहले ही समाप्त हो सकते हैं।
शिक्षा, नैतिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन सामाजिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है। धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं भी संयम और सहिष्णुता का संदेश देती हैं।

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यह समझना आवश्यक है कि दरिद्रता केवल धन की कमी नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक असंतुलन का परिणाम भी है। कलह ही दरिद्रता की जड़ है, जबकि संवाद और सौहार्द से समृद्धि स्थायी रूप से प्राप्त की जा सकती है।
समृद्ध और सशक्त समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है कि हम संवाद, सहयोग और परस्पर सम्मान को प्राथमिकता दें।
समृद्धि की पहली सीढ़ी शांति है और शांति का आधार है आपसी समझ। जब यह समझ मजबूत होगी, तभी सामाजिक सौहार्द और विकास की दिशा में ठोस कदम बढ़ेंगे।

सुबह 5 से 8 बजे तक चला विशेष चेकिंग अभियान, 214 लोग जांच के दायरे में

देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान: 214 लोगों व 132 वाहनों की जांच, पुलिस ने बढ़ाया सुरक्षा भरोसा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के तहत गुरुवार सुबह जनपद में व्यापक स्तर पर विशेष सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। यह अभियान प्रातः 5 बजे से 8 बजे तक संचालित किया गया, जिसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना, सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना रहा।
देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान का संचालन पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में किया गया। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने प्रमुख पार्क, मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर सघन जांच अभियान चलाया।

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देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों से संवाद स्थापित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और सुरक्षा से जुड़े सुझाव भी प्राप्त किए। इस पहल को सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अभियान के तहत संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की गहन तलाशी ली गई। तीन सवारी चलने, नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन, मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अवैध असलहा और मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी रखी गई।
देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के अंतर्गत जनपद के 13 प्रमुख स्थानों पर चेकिंग की गई। इस दौरान कुल 214 व्यक्तियों और 132 वाहनों की जांच की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार के अभियान अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के लिए बेहद प्रभावी साबित हो रहे हैं।

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स्थानीय नागरिकों ने देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में सकारात्मक संदेश गया है। लोगों का मानना है कि नियमित चेकिंग से अपराधियों में भय और आम जनता में विश्वास का माहौल बनता है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान समय-समय पर चलाए जाएंगे।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह के समय चलने वाला यह अभियान विशेष रूप से प्रभावी है, क्योंकि इस दौरान शहर की गतिविधियां शुरू होती हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान होता है।

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देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान ने यह संदेश दिया है कि पुलिस प्रशासन केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के साथ संवाद स्थापित कर विश्वास मजबूत करने की दिशा में भी सक्रिय है।

नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार: शादी का झांसा देकर बनाया संबंध

घुघली में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार: शादी का झांसा देकर बनाया संबंध, पुलिस की बड़ी कार्रवाई


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। घुघली में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार किए जाने की खबर ने पूरे क्षेत्र में चर्चा पैदा कर दी है। अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत महराजगंज पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
थाना घुघली क्षेत्र में दर्ज एक गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था के प्रति सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार थाना घुघली में दर्ज मु0अ0सं0 31/2026 के तहत आरोपी शिवम् यादव पुत्र अरविंद यादव निवासी घुघली बुजुर्ग के विरुद्ध धारा 65(1), 137(2), 351(3), 352 बीएनएस एवं 3/4(2) पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग लड़की को होटल में बुलाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब घटना की जानकारी परिजनों को हुई तो उन्होंने विरोध किया। इस दौरान आरोपी एवं उसके परिजनों द्वारा गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
घुघली में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार होने की पुष्टि पुलिस अधिकारियों ने की है।

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पुलिस ने ऐसे की गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थानाध्यक्ष घुघली कुँवर गौरव सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। लगातार दबिश और निगरानी के बाद 19 फरवरी 2026 को कस्बा घुघली में हनुमानगढ़ी से पहले पुलिया के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी को महराजगंज न्यायालय भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी की उम्र लगभग 20 वर्ष है और इसी मुकदमे से संबंधित धाराओं में उसका आपराधिक इतिहास दर्ज है।
गिरफ्तारी टीम में थानाध्यक्ष कुँवर गौरव सिंह, हेड कांस्टेबल कृष्णकांत यादव तथा कांस्टेबल विंद्रेश शामिल रहे।

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पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई
घुघली में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार होने के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पॉक्सो एक्ट के तहत ऐसे मामलों में कठोर सजा का प्रावधान है। नाबालिगों के खिलाफ अपराध को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह सख्त है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में महिला एवं बाल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
क्षेत्र में चर्चा, सुरक्षा को लेकर सतर्कता
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की आपराधिक सूचना तुरंत पुलिस को दें।
घुघली में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार किए जाने की इस कार्रवाई को महिला सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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घुघली में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार होने से यह संदेश गया है कि कानून से बचना संभव नहीं है। पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।
जिले में अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

जबलपुर के सिहोरा में मंदिर में तोड़फोड़ के बाद तनाव, पथराव; 15 हिरासत में

जबलपुर/सिहोरा(राष्ट्र की परम्परा)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा थाना क्षेत्र के आजाद चौक में गुरुवार रात आरती के दौरान हुए विवाद ने सांप्रदायिक तनाव का रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्गा मंदिर में लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर कहासुनी के बाद एक युवक पर हमला किया गया। आरोप है कि उपद्रवी तत्वों ने मंदिर की ग्रिल तोड़ी और अंदर घुसकर तोड़फोड़ की।

घटना की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। आजाद चौक क्षेत्र पहले से संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि यहां मस्जिद और दुर्गा मंदिर आमने-सामने स्थित हैं।

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घरों में भी तोड़फोड़, भारी पुलिस बल तैनात

उपद्रवियों ने मंदिर के साथ आसपास के कई घरों में भी नुकसान पहुंचाया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात की समीक्षा की।

पुलिस ने देर रात तक 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और अतिरिक्त बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

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सड़क हादसा: तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से इंटर परीक्षा देने जा रहे छात्र की मौत


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)सड़क हादसा की एक दर्दनाक घटना में गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बखरा गांव के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक सवार छात्र को भीषण टक्कर मार दी। हादसे में छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि छात्र इंटरमीडिएट की परीक्षा देने जा रहा था।
पुलिस ने वाहन और चालक को हिरासत में ले लिया है तथा मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। इस देवरिया सड़क हादसा ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

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क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, घटना गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बखरा गांव के समीप हुई। सुबह के समय छात्र बाइक से परीक्षा केंद्र की ओर जा रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सामने से आकर जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि छात्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, स्कॉर्पियो की रफ्तार काफी तेज थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे हिरासत में ले लिया।

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परीक्षा देने जा रहा था छात्र
परिजनों के अनुसार, छात्र इंटर की बोर्ड परीक्षा देने घर से निकला था। परिवार को क्या पता था कि यह उसकी अंतिम यात्रा साबित होगी।
इस देवरिया सड़क हादसा की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
पुलिस की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वाहन को जब्त कर लिया गया है और चालक से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस देवरिया सड़क हादसा के बाद इलाके में ट्रैफिक नियमों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

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तेज रफ्तार बन रही जानलेवा
देवरिया और आसपास के क्षेत्रों में तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ग्रामीण इलाकों में स्पीड कंट्रोल की व्यवस्था न होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन और नियमित चेकिंग ऐसे हादसों को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।
यह देवरिया सड़क हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को दर्शाता है।
प्रशासन से मांग
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि:सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं,नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाए,स्कूल और परीक्षा अवधि में विशेष ट्रैफिक व्यवस्था की जाए,पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए
यह देवरिया सड़क हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही का परिणाम है। एक होनहार छात्र की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है।
प्रशासन और आम नागरिकों को मिलकर सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Prince Andrew की गिरफ्तारी से ब्रिटिश राजशाही में हलचल

ब्रिटेन की राजशाही में उस समय हलचल मच गई जब गुरुवार (19 फरवरी 2026) को पूर्व Prince Andrew को जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कई घंटों तक पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया। ब्रिटिश इतिहास में राजपरिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई को बेहद असामान्य माना जा रहा है।

सैंड्रिंघम एस्टेट पर छापा

गुरुवार सुबह लगभग 8 बजे पुलिस ने नॉरफ़ॉक स्थित Sandringham Estate में स्थित उनके नए आवास पर छापा मारा। Thames Valley Police ने बयान जारी कर कहा कि “नॉरफ़ॉक के 60 वर्ष के व्यक्ति को सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के संदेह में गिरफ्तार किया गया है।”

हालांकि ब्रिटेन के नियमों के तहत पुलिस ने नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन बाद में पुष्टि हुई कि गिरफ्तार व्यक्ति को जांच के तहत रिहा कर दिया गया है। नॉरफ़ॉक में तलाशी पूरी हो चुकी है, जबकि बर्कशायर स्थित Royal Lodge में जांच जारी है।

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किंग चार्ल्स तृतीय का बयान

घटना के बाद King Charles III ने कहा, “कानून को अपना काम करने देना चाहिए।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि Buckingham Palace पुलिस को पूरा सहयोग देगा।

गौरतलब है कि एंड्रयू को पहले ही उनके शाही खिताबों से वंचित किया जा चुका है, हालांकि वे अभी भी उत्तराधिकार की सूची में आठवें स्थान पर हैं।

Jeffrey Epstein से जुड़ा विवाद

एंड्रयू का नाम लंबे समय से जेफ्री एपस्टीन प्रकरण से जुड़ा रहा है। हालिया दस्तावेजों में दावा किया गया कि 2010 में ब्रिटेन के व्यापार दूत के रूप में उन्होंने एपस्टीन को संवेदनशील रिपोर्टें साझा की थीं।
एपस्टीन को 2008 में अमेरिका में नाबालिग को वेश्यावृत्ति के लिए उकसाने के अपराध में दोषी ठहराया गया था। 2019 में जेल में उनकी मृत्यु हो गई थी।

कानूनी परिणाम क्या हो सकते हैं?

ब्रिटेन में ‘Misconduct in Public Office’ (सार्वजनिक पद के दुरुपयोग) गंभीर अपराध है, जिसमें अधिकतम सजा आजीवन कारावास तक हो सकती है। बताया जा रहा है कि कई ब्रिटिश पुलिस बल एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा कर रहे हैं।

यह मामला न केवल कानूनी बल्कि संवैधानिक और राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

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