Sunday, May 3, 2026
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लव रिवर, लव लाइफ मार्च से गूंजा गायघाट

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जिला गंगा समिति, मऊ और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), डीसीएसके पीजी कॉलेज, मऊ के संयुक्त तत्वावधान में ‘लव रिवर, लव लाइफ मार्च’ का आयोजन किया गया। यह स्वच्छ गंगा अभियान गायघाट, मऊ से मोरिया मैडईया मढ़िया घाट तक निकाला गया। मार्च का उद्देश्य नदी स्वच्छता जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विशाल जायसवाल ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ गंगा अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। यदि हम नदी स्वच्छता जागरूकता को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, तो स्वच्छ और अविरल नदियां संभव हैं।
कार्यक्रम अधिकारी रविंद्र तिवारी ने बताया कि लव रिवर, लव लाइफ मार्च जैसे अभियान युवाओं को समाज के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे स्वच्छ गंगा अभियान और नदी स्वच्छता जागरूकता को आगे बढ़ाएं।
जिला गंगा समिति के जिला परियोजना अधिकारी डॉ. हेमंत यादव ने कहा कि जिस प्रकार हम परिवार से प्रेम करते हैं, उसी प्रकार हमें नदियों और पर्यावरण से भी प्रेम करना चाहिए। जब समाज में लव रिवर, लव लाइफ मार्च की भावना मजबूत होगी, तब स्वच्छ गंगा अभियान को स्थायी सफलता मिलेगी।
इस नदी स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम में 100 से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया और स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया। मऊ में आयोजित लव रिवर, लव लाइफ मार्च ने जनभागीदारी का मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया।

बेल्थरा रोड क्रॉसिंग पर मालगाड़ी देख मची अफरातफरी


जाम में फंसे वाहनों के बीच पहुंची ट्रेन, पांच मिनट रुकी रही

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

गुरुवार की रात बेल्थरा रोड स्थित मधुबन ढाला रेलवे क्रॉसिंग पर उस समय अफरातफरी मच गई, जब जाम में फंसे वाहनों के बीच अचानक मऊ की ओर से आ रही एक मालगाड़ी ट्रैक पर पहुंच गई। लग्न के मौसम में बढ़ी आवाजाही के कारण क्रॉसिंग पर पहले से ही लंबा जाम लगा हुआ था और कई दोपहिया व चारपहिया वाहन रेलवे पटरी तक खड़े थे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही लोगों ने दूर से मालगाड़ी को आते देखा, वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। कुछ लोग अपनी बाइक और कार को तेजी से पीछे करने लगे, तो कई ने धक्का देकर वाहनों को पटरी से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मालगाड़ी चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेन को क्रॉसिंग से कुछ दूरी पहले ही रोक दिया। ट्रेन करीब पांच मिनट तक वहीं खड़ी रही।काफी मशक्कत के बाद वाहन चालकों ने अपने-अपने वाहन ट्रैक से हटाए, तब जाकर रास्ता साफ हो सका और मालगाड़ी आगे बढ़ पाई। इस घटना से वहां मौजूद लोगों की सांसें थम सी गई थीं। कई लोगों ने कहा कि यदि ट्रेन चालक समय रहते ब्रेक न लगाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ी रेल लाइन बनने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन काफी बढ़ गया है। वहीं, लग्न के मौसम में बाजार और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आने-जाने वालों की संख्या भी अधिक रहती है, जिससे मधुबन ढाला रेलवे क्रॉसिंग पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। बार-बार चेतावनी के बावजूद कई वाहन चालक जल्दबाजी में फाटक बंद होने से पहले ही ट्रैक पार करने की कोशिश करते हैं, जो बेहद खतरनाक है।क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से यहां शीघ्र ओवरब्रिज निर्माण की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि स्थायी समाधान के अभाव में हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस घटना के बाद देर रात तक इलाके में यही चर्चा रही कि कुछ मिनट की लापरवाही किस तरह बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।

खुले केबिल ट्रेंच में गिरने से बच्चे की दर्दनाक मौत

मण्डलायुक्त ने दिए जांच के आदेश, टेक्निकल सुपरवाइजर सेवा समाप्त अवर अभियंता के निलंबन की संस्तुति

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में खुले केबिल ट्रेंच में गिरने से एक बच्चे की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मण्डलायुक्त ने बताया कि गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना की 24 मीटर चौड़ी सड़क के दोनों ओर भूमिगत केबिल ट्रेंच का निर्माण कार्य कराया गया था। यह कार्य 3 अप्रैल 2023 से प्रारंभ होकर 25 जून 2025 को पूर्ण किया गया था। निर्माण के बाद ट्रेंच को पूरी तरह तैयार कर उसके ऊपर आरसीसी स्लैब से ढक दिया गया था, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार स्थानीय अराजक तत्वों द्वारा आरसीसी स्लैब को हटाए जाने के कारण ट्रेंच खुला रह गया, जिससे यह अप्रिय घटना घटित हुई। खुले हिस्से में गिरने से बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने बताया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण के टेक्निकल सुपरवाइजर आदित्य श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही संबंधित अवर अभियंता संजय गुप्ता के निलंबन की संस्तुति की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना की गहन जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (नगर) और मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की गई है। यह समिति पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करेगी और अपनी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करेगी।
प्रशासन की ओर से मृतक बच्चे के परिजनों को हर संभव शासकीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना विकास कार्यों की निगरानी और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। भूमिगत ट्रेंच जैसे संवेदनशील निर्माण कार्यों में सुरक्षा की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे सभी निर्माण स्थलों की पुनः जांच कराई जाएगी, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की।

डीएम का बड़ा एक्शन प्रधान के अधिकार सीज पंचायत पर प्रशासन का कब्जा

शाहजहांपुर( राष्ट्र की परम्परा)
जिले में ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने गढ़िया रंगीन के ग्राम प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। जांच में ग्राम निधि के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
मामला वर्ष 2024 में गांव निवासी भगवान शरण द्वारा की गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने एसडीएम तिलहर, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता और जिला स्तरीय अधिकारियों की संयुक्त टीम से जांच कराई।
जांच में सामने आया कि सोमवार बाजार के पास कराई गई तीन हैंडपंप बोरिंग और एक अन्य स्थान की बोरिंग निर्धारित मानक से कम गहराई की पाई गई, जिससे सरकारी धन की क्षति हुई।
इसके अलावा ग्राम पंचायत में स्थापित 125 स्ट्रीट लाइटों में भी भारी गड़बड़ी पाई गई। कई लाइटें स्टॉक में ही पड़ी रहीं, बड़ी संख्या में लाइटें खराब मिलीं और कुछ लगाई ही नहीं गईं। इस तरह कागजों में कार्य पूर्ण दिखाए जाने के बावजूद जमीनी हकीकत अलग मिली।
जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह के अनुसार, जांच में कुल 1,23,133 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई। स्पष्टीकरण के बाद भी स्थिति संतोषजनक न होने पर जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई करते हुए प्रधान के सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए।
इस कार्रवाई के बाद पंचायत के कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है।

ट्रैफिक व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा शहर में खुलेंगे चार नए ट्रैफिक थाने

अवैध पार्किंग और ई-रिक्शा की मनमानी पर लगेगी लगाम निर्धारित रूट पर ही चलेंगे ई-रिक्शा

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
शहर की लगातार बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। गोरखपुर में जल्द ही चार नए ट्रैफिक थाने स्थापित किए जाएंगे। ये थाने धर्मशाला, मोहद्दीपुर, बेतियाहाता और नौसढ़ क्षेत्र में खोले जाएंगे। प्रत्येक थाने का क्षेत्राधिकार भी तय कर दिया गया है, जिससे यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सके।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार धर्मशाला ट्रैफिक थाना गोरखनाथ क्षेत्र की निगरानी करेगा। मोहद्दीपुर ट्रैफिक थाना पिपराइच रोड और मेडिकल रोड की जिम्मेदारी संभालेगा। बेतियाहाता ट्रैफिक थाना घंटाघर और रुस्तमपुर इलाके की व्यवस्था देखेगा, जबकि नौसढ़ ट्रैफिक थाना ट्रांसपोर्ट नगर और फल मंडी क्षेत्र को नियंत्रित करेगा।
शहर में बढ़ती अवैध पार्किंग, सड़क किनारे खड़े वाहन और मनमाने ढंग से चल रहे ई-रिक्शा के कारण जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। विशेष रूप से गोलघर, घंटाघर, मेडिकल रोड और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे व्यस्त क्षेत्रों में हालात बदतर रहते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब सड़क की बाईं ओर अवैध तरीके से वाहन खड़ा करने वालों की खैर नहीं होगी।
गोलघर की सड़कों पर वाहन खड़ा करना अब सीधे जेब पर भारी पड़ेगा। वाहन चालकों को अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करने होंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर चालान के साथ-साथ वाहन को क्रेन के माध्यम से उठाकर यार्ड में भेज दिया जाएगा। इस संयुक्त अभियान में नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस और जीडीए की टीमें सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
इसके साथ ही ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पर भी सख्त रोक लगाने की तैयारी है। अब ई-रिक्शा केवल निर्धारित रूट पर ही संचालित होंगे। बिना अनुमति रूट बदलना, चौराहों पर सवारी बैठाना-उतारना या बीच सड़क पर वाहन रोकना सीधे कार्रवाई को आमंत्रण देगा। बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों के परमिट तक निरस्त किए जा सकते हैं।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्षों से यार्ड में अव्यवस्थित ढंग से खड़ी जब्त गाड़ियों को व्यवस्थित स्थानों पर शिफ्ट कराया जाएगा। लंबे समय से कब्जा किए हुए स्थानों को खाली कर सुव्यवस्थित किया जाएगा, ताकि नए अभियान में पकड़े जाने वाले अवैध रूप से खड़े वाहनों को नियमानुसार रखा जा सके। इससे यार्ड प्रबंधन भी पारदर्शी होगा और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होगी।
ट्रांसपोर्ट नगर और फल मंडी क्षेत्र में भारी वाहनों की अनियमित पार्किंग और लोडिंग-अनलोडिंग भी जाम का बड़ा कारण रही है। अब इन क्षेत्रों में समयबद्ध और निर्धारित स्थानों पर ही गतिविधियां संचालित होंगी। उल्लंघन करने वालों पर आर्थिक दंड के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि चार नए ट्रैफिक थानों के संचालन से क्षेत्रवार निगरानी मजबूत होगी और जवाबदेही तय रहेगी। प्रत्येक थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र की यातायात व्यवस्था के लिए सीधे जिम्मेदार होगा।
शहरवासियों को उम्मीद है कि यह अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू होगा। यदि अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा की मनमानी और अव्यवस्थित यार्ड प्रबंधन पर वास्तव में नियंत्रण हुआ, तो गोरखपुर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
अब प्रशासन की सख्ती और निरंतरता ही तय करेगी कि गोरखपुर जाम से राहत की ओर बढ़ेगा या फिर पुराने हालात दोबारा लौटेंगे। फिलहाल संकेत साफ हैं—नियम तोड़ने वालों के लिए सड़कों पर अब कोई ढील नहीं होगी।

पुलिस लाइन में रिक्रूट आरक्षियों का शस्त्र प्रशिक्षण में रबर बुलेट व डमी ग्रेनेड थ्रो की करायी गयी परीक्षा

मऊ (राष्ट्र की परम्परा) पुलिस अधीक्षक इलामारन के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के दृष्टीगत पुलिस लाइन मऊ में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों को फील्ड क्राफ्ट एण्ड टैक्टिक्स के व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ साथ शस्त्र प्रशिक्षण में रबर बुलेट व डमी ग्रेनेड थ्रो की परीक्षा करायी गयी । इस दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा रिक्रूट आरक्षियों को, संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि, भीड़ नियंत्रण, क्षेत्रीय भ्रमण, अनुशासन एवं ड्यूटी के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीतियों के संबंध में भी विस्तार से ब्रीफ किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा बताया गया कि इसका उद्देश्य आमजन में सुरक्षा की भावना एवं असामाजिक तत्वों में भय उत्पन्न करना है।
इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन दिनेश दत्त मिश्री प्रतिसार निरीक्षक , सभी आईटीआई, पीटाआई व अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहे।

AI समिट विवाद: यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर सीएम योगी का तीखा हमला

नई दिल्ली स्थित Bharat Mandapam में आयोजित AI समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

विधानसभा के बजट सत्र में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि इस तरह की घटनाओं ने “पूरे देश को शर्मसार किया है” और यह भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है।

विधानसभा में क्या बोले सीएम?

सीएम योगी ने कहा कि जब पूरी दुनिया भारत की ओर विश्वास के साथ देख रही है और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश की प्रतिष्ठा बढ़ रही है, ऐसे समय में इस प्रकार का प्रदर्शन अनुचित है। उन्होंने इसे देश की गरिमा के खिलाफ बताया और कहा कि हर नागरिक को इसकी निंदा करनी चाहिए।

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क्या है पूरा मामला?

AI समिट के दौरान Indian Youth Congress के कुछ कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से टॉपलेस होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगाए।

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Uday Bhanu Chib ने कहा कि यह प्रदर्शन युवाओं की बेरोजगारी और व्यापार समझौते के मुद्दे पर असंतोष जताने के लिए किया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकार बताया।

सियासत हुई तेज

घटना के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां भाजपा इसे देश की छवि को ठेस पहुंचाने वाला कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा कह रही है।

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मऊ में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026: 22 फरवरी को विशेष अभियान दिवस

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जनपद मऊ में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान तेजी से संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य त्रुटिरहित एवं पारदर्शी मतदाता सूची तैयार कर लोकतंत्र को मजबूत बनाना है।

जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी Praveen Mishra ने युवाओं से अपील की है कि वे समय रहते अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराएं और अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

कौन कर सकता है आवेदन?

वे सभी युवा जिनकी आयु 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है या होने वाली है, मतदाता पंजीकरण के पात्र हैं।

आवेदन हेतु फॉर्म:
• नया नाम जुड़वाने के लिए – फॉर्म 6 • नाम/पता/फोटो सुधार के लिए – फॉर्म 8
• मृत/स्थानांतरित मतदाताओं का नाम हटाने हेतु – फॉर्म 7

जनपद के सभी बूथों पर ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जा चुकी है। नागरिक अपने मतदान केंद्र पर जाकर नाम सत्यापित कर सकते हैं।

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आवेदन कैसे करें?

• ऑनलाइन पोर्टल: http://voters.eci.gov.in
• मोबाइल ऐप: Voter Helpline App
• बीएलओ (Booth Level Officer) के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन

यह अभियान Election Commission of India के दिशा-निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है।

22 फरवरी को विशेष अभियान दिवस

22 फरवरी 2026 को प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी, जहां नागरिकों को फॉर्म भरने में सहायता मिलेगी। यह मतदाता पंजीकरण का विशेष अवसर है।
जिला प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।

लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर वोट की अहमियत है। मऊ का हर पात्र नागरिक इस विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान में भाग लेकर जागरूक मतदाता की भूमिका निभाए।

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देवरिया में ‘जिला सैनिक बंधु’ बैठक 27 फरवरी को, समस्याओं का होगा समाधान

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘जिला सैनिक बंधु’ बैठक का आयोजन 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को किया जाएगा। बैठक अपराह्न 1:00 बजे नवीन सभागार, कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित होगी।

जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल डॉ. सुधाकर त्यागी (अप्रा.) ने बताया कि बैठक का उद्देश्य पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की व्यक्तिगत व प्रशासनिक समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करना है। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी।

किन मुद्दों पर होगी सुनवाई?

बैठक में निम्न समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

• पेंशन संबंधी मामले
• चिकित्सा सुविधाएं
• भूमि विवाद
• पारिवारिक लाभ
• पुनर्वास योजनाएं
• अन्य प्रशासनिक मुद्दे

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क्या लाएं साथ?

सभी पूर्व सैनिकों और आश्रितों से अपील की गई है कि वे अपनी समस्या से संबंधित लिखित प्रार्थना पत्र तीन प्रतियों में लेकर आएं, ताकि संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई कर सकें।

जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि प्राप्त शिकायतों का शीघ्र और प्रभावी निस्तारण किया जाएगा। यह बैठक पूर्व सैनिकों के लिए प्रशासन के समक्ष सीधे अपनी बात रखने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगी।

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मऊ: कोपागंज साइबर टीम की कार्रवाई: ₹24,416 की ठगी राशि वापस

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। साइबर फ्रॉड पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए कोपागंज थाने की साइबर टीम ने पीड़िता के खाते से ठगी गई ₹24,416 की पूरी धनराशि वापस करा दी।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक इलामारन व अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। क्षेत्राधिकारी घोसी Jitendra Singh तथा प्रभारी निरीक्षक कोपागंज Ravindranath Rai के नेतृत्व में टीम ने त्वरित कार्रवाई की।

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क्या था मामला?

ग्राम अदरी, थाना कोपागंज निवासी प्रीति पुत्री हरिकांत के बैंक खाते से साइबर ठगों ने ₹24,416 ट्रांसफर कर लिए थे। पीड़िता ने साइबर पोर्टल पर शिकायत संख्या 33101260023552 दर्ज कराई थी।

शिकायत के आधार पर थाना कोपागंज में नियुक्त साइबर टीम—कंप्यूटर ऑपरेटर अभिजीत पटेल, कांस्टेबल अंकित चौरसिया और महिला कांस्टेबल कविता पासवान—ने तकनीकी कार्रवाई करते हुए पूरी राशि वापस कराई।
धनराशि वापस मिलने पर पीड़िता ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।

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देवरिया में भूतपूर्व सैनिकों को 2 दुकानों का आवंटन, 23 फरवरी से आवेदन

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के लिए स्वरोजगार का सुनहरा अवसर सामने आया है। Deoria स्थित जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास परिसर में निर्मित 18 व्यावसायिक केंद्रों में से 02 दुकानों का आवंटन पात्र अभ्यर्थियों को किया जाएगा।
यह पहल पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों की पत्नियों और आश्रितों को आत्मनिर्भर बनाने और सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

आवेदन प्रक्रिया: 23 फरवरी से शुरू

जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी ने बताया कि आवेदन पत्र 23 फरवरी 2026 से जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय, देवरिया में उपलब्ध होंगे। इच्छुक अभ्यर्थी कार्यदिवसों में आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र आवश्यक दस्तावेजों सहित 28 फरवरी 2026 को सायं 5:00 बजे तक कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा।
निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

पात्रता मानदंड

इस योजना के तहत निम्न वर्ग आवेदन कर सकते हैं:

• भूतपूर्व सैनिक
• शहीद सैनिकों की पत्नियां
• शहीद सैनिकों के आश्रित
• केवल पात्र अभ्यर्थियों के आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे।

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आवश्यक दस्तावेज

• भूतपूर्व सैनिक प्रमाण पत्र
• सेवा निवृत्ति प्रमाण पत्र
• शहीद प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
• आधार कार्ड
• निवास प्रमाण पत्र
• पासपोर्ट साइज फोटो
अभ्यर्थियों को आवेदन जमा करने से पहले सभी दस्तावेजों की जांच करने की सलाह दी गई है।

आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम

सेना से सेवानिवृत्ति के बाद कई सैनिकों को रोजगार की चुनौती का सामना करना पड़ता है। ऐसे में व्यावसायिक केंद्रों का आवंटन उन्हें स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का अवसर प्रदान करेगा। यह योजना शहीद परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सम्मान की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

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सीमा पार नेटवर्क पर शिकंजा, परसा मलिक पुलिस ने तस्कर दबोचा

परसा मलिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 48.686 किलो चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार, भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी नेटवर्क को झटका


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत थाना परसा मलिक पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। परसा मलिक पुलिस कार्रवाई के तहत 48.686 किलो अवैध चरस बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई सीमा पार सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार मानी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना के निर्देशन में सीमा क्षेत्र में सघन निगरानी और वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 19/20 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि थाना प्रभारी अभय नारायण सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि ठुठीबारी-नौतनवां मार्ग से एक कार में बड़ी मात्रा में अवैध चरस की खेप ले जाई जा रही है।

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सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने सेंखुआनी टोला शंकरपुर चौराहे के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। चेकिंग के दौरान स्विफ्ट डिजायर कार संख्या UP-14 BM 4258 को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में वाहन से 59 प्लास्टिक पैकेट में कुल 48.686 किलोग्राम चरस बरामद हुई।
पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान राकेश यादव (35 वर्ष), निवासी सेंखुआनी टोला शंकरपुर, थाना परसा मलिक के रूप में बताई। पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही करीब 01:50 बजे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन (गैलेक्सी A4E) और 700 रुपये नकद भी बरामद किए गए।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
बरामदगी के आधार पर थाना परसा मलिक में मु.अ.सं. 15/2026, धारा 8/20/23 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार परसा मलिक पुलिस कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और सीमा क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

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सीमा पर सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर सख्त निगरानी
भारत-नेपाल सीमा से सटे महाराजगंज जनपद में चरस, गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। भारत-नेपाल सीमा चरस तस्करी को रोकने के लिए पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम लगातार सतर्क है। इस बड़ी बरामदगी से यह स्पष्ट है कि तस्कर सक्रिय हैं, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण उनकी योजनाएं विफल हो रही हैं।
क्षेत्राधिकारी नौतनवां अंकुर गौतम के पर्यवेक्षण में की गई इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष अभय नारायण सिंह, उपनिरीक्षक अरुण कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल सुभाष यादव, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, कांस्टेबल नितीश कुमार और कांस्टेबल विकास यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विशेषज्ञों की नजर में बड़ी सफलता
48.686 किलो चरस की बरामदगी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस मात्रा की चरस की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। यदि यह खेप गंतव्य तक पहुंच जाती तो युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने का खतरा बढ़ सकता था।
परसा मलिक पुलिस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सीमा क्षेत्र में ड्रग्स के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए लगातार छापेमारी और निगरानी बढ़ाई जाएगी।

Bahraich: 10वीं के छात्रों की बाइक को बस ने मारी टक्कर, दो की मौत

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Bahraich में शुक्रवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। 10वीं की परीक्षा देने जा रहे तीन छात्रों की बाइक को तेज रफ्तार रोडवेज बस ने टक्कर मार दी। हादसे में दो छात्रों की मौके पर मौत हो गई, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल है और जिला अस्पताल में भर्ती है।

झिंगहा घाट के पास हुआ हादसा

घटना रामगांव थाना क्षेत्र में बहराइच-नानपारा मार्ग स्थित झिंगहा घाट के पास हनुमान मंदिर के सामने हुई। राजापुर माफी गांव निवासी आशाराम का बेटा मस्तराम (17) अपने मामा के बेटे रोहित और जयहिंद के साथ सुबह करीब 7 बजे परीक्षा देने निकला था। उनका सेंटर नगर के सिटी मांटेसरी स्कूल में था।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज रफ्तार बस ने बाइक को जोरदार टक्कर मारी, जिससे तीनों छात्र सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद आरोपी चालक बस छोड़कर फरार हो गया।

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दो की मौत, एक गंभीर

राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों ने मस्तराम और रोहित को मृत घोषित कर दिया, जबकि जयहिंद का इलाज जारी है।

थाना प्रभारी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बस को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और फरार चालक की तलाश जारी है।

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ट्रंप का ओबामा पर ‘एलियन जानकारी लीक’ का आरोप, UAP-UFO बहस तेज

अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर एलियन्स और UFO को लेकर बहस छिड़ गई है। पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने आरोप लगाया है कि Barack Obama ने एलियन्स से जुड़ी संवेदनशील जानकारी का खुलासा किया है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला हो सकता है।

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में पॉडकास्टर ब्रायन टायलर कोहेन को दिए इंटरव्यू में ओबामा से पूछा गया कि क्या एलियन्स वास्तव में मौजूद हैं। इस पर उन्होंने कहा, “वे मौजूद हैं, लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा है और उन्हें एरिया 51 में नहीं रखा गया है।”

ट्रंप ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि यह टिप्पणी मौजूदा या पूर्व राष्ट्रपति को दी गई खुफिया जानकारी पर आधारित है, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी उजागर करने जैसा है। उन्होंने कहा कि ओबामा ने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया।

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एरिया 51 फिर सुर्खियों में

नेवादा स्थित Area 51 लंबे समय से UFO और एलियन रहस्यों को लेकर चर्चा में रहा है। हालांकि 2013 में सार्वजनिक हुए Central Intelligence Agency (CIA) दस्तावेजों के मुताबिक, इस स्थल का उपयोग मुख्य रूप से गुप्त जासूसी विमानों के परीक्षण के लिए किया जाता था।

ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने कहा कि वे संबंधित एजेंसियों को निर्देश देंगे कि एलियन्स, Unidentified Aerial Phenomena (UAP) और UFO से संबंधित सरकारी फाइलों की पहचान कर उन्हें सार्वजनिक करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने इसे “बेहद जटिल और रोचक मामला” बताया।

ओबामा ने बाद में स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी इंटरव्यू के स्पीड राउंड का हिस्सा थी और उनके कार्यकाल में उन्हें एलियन्स के अस्तित्व का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला।

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पूर्वांचल में 140 उद्यमों को सहयोग देगी जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल, सात जिलों में नया कोहोर्ट शुरू


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वांचल के उद्यमियों के लिए बड़ी पहल करते हुए जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल ने वर्ष 2026–27 में 140 उद्यमों को इन्क्यूबेशन सहयोग देने की घोषणा की है। बरपार स्थित बरगद सभागार में आयोजित रणनीतिक बैठक में सात जिलों के उद्यम कोर और उद्यम मित्रों ने नए कोहोर्ट की रूपरेखा, चयन प्रक्रिया और मोबिलाइजेशन रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
इन्क्यूबेशन निदेशक विश्वास पांडेय ने बताया कि जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि चयनित उद्यमों को संरचित मार्गदर्शन, बाजार से जोड़ना, वित्तीय साक्षरता और विस्तार रणनीति के साथ मजबूत बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 140 उद्यमों को सहयोग बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

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सात जिलों से आमंत्रित होंगे आवेदन
देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, बलिया और मऊ जिलों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। चयन के दौरान उद्यम की प्रतिबद्धता, विस्तार की संभावना और रोजगार सृजन क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी।
डिजिटल सीओई मैनेजर अभिषेक भारद्वाज और उद्यम कोर दुर्गेश सिंह ने बताया कि जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, एनआरएलएम, खादी ग्रामोद्योग, डूडा और आरसेटी जैसी संस्थाओं के सहयोग से जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल की पहुंच लगातार बढ़ रही है। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के स्टार्टअप को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

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280 से अधिक उद्यमों को मिल चुका है सहयोग
मैनेजर इंपैक्ट डॉ. खुशबू शर्मा के अनुसार, अब तक जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल 280 से अधिक उद्यमों को इन्क्यूबेशन सहायता दे चुका है। इन उद्यमों के माध्यम से लगभग 98.5 करोड़ रुपये का सामूहिक राजस्व उत्पन्न हुआ है।
साथ ही 5.07 करोड़ रुपये की फंडिंग सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे 2,601 से अधिक रोजगार सृजित हुए और 8,310 से अधिक किसान लाभान्वित हुए। इन उपलब्धियों के आधार पर इस वर्ष 140 उद्यमों को सहयोग का लक्ष्य और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की गई है।
मोबिलाइजेशन में सामने आईं चुनौतियां
बैठक में प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी, दस्तावेजी प्रक्रिया को लेकर भ्रम और डिजिटल प्लेटफॉर्म की सीमित समझ को प्रमुख चुनौतियों के रूप में चिन्हित किया गया।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर परामर्श बैठकें, जागरूकता अभियान और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से इन बाधाओं को दूर करने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि मोबिलाइजेशन की गति और गुणवत्ता बनी रही तो 140 उद्यमों को सहयोग का लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सकेगा।

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इन सेक्टर के उद्यमी कर सकते हैं आवेदन
इन्क्यूबेशन निदेशक विश्वास पांडेय ने बताया कि निम्न क्षेत्रों के उद्यमी आवेदन कर सकते हैं:कृषि एवं कृषि-प्रसंस्करण,हस्तकला एवं स्थानीय शिल्प,कपड़ा एवं फैशन,सेवा क्षेत्र,डिजिटल स्टार्टअप,एफएमसीजी
नवाचार आधारित उद्यम।
जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल का उद्देश्य पूर्वांचल में रोजगार आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि 140 उद्यमों को सहयोग देने की यह पहल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है।
आइय जानते हैं क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
पूर्वांचल में युवाओं के बीच स्टार्टअप और स्वरोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल द्वारा 140 उद्यमों को सहयोग देने का निर्णय न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि ग्रामीण उद्यमियों को भी राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में सहायक होगा।
यह पहल रोजगार, राजस्व और कृषि-आधारित उद्यमों के विस्तार में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।