Sunday, May 3, 2026
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बाजार बंदी का फायदा उठाकर ज्वेलरी शॉप पर हमला, CCTV से होगी पहचान

सलेमपुर में आभूषण व्यवसाई से दिनदहाड़े लूट का प्रयास, सिर पर कट्टा तानकर बदमाश फरार

सलेमपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) लूट का प्रयास और आभूषण व्यवसाई पर कट्टा तानकर लूट की घटना ने इलाके में दहशत फैला दी है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात में तीन बाइक सवार बदमाशों ने एक आभूषण की दुकान को निशाना बनाया। हालांकि दुकानदार की सूझबूझ से बड़ी वारदात टल गई, लेकिन घटना के बाद बाजार में भय का माहौल है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच में जुटी है।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के उपनगर वार्ड नंबर 10, संत तुलसी मार्ग स्थित एक आभूषण की दुकान पर गुरुवार को यह सनसनीखेज घटना हुई। जानकारी के अनुसार, दुकान संचालक ध्रुव कुमार वर्मा अपनी महिला स्टाफ के साथ दुकान पर मौजूद थे। तभी बाइक से तीन अज्ञात युवक गली में पहुंचे। उनमें से एक युवक मुंह पर गमछा बांधकर दुकान के अंदर घुसा।

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दुकानदार ने सामान्य पूछताछ करते हुए उससे मुंह खोलने को कहा। इसी बात पर बदमाश ने अचानक देशी कट्टा निकालकर दुकानदार के सिर पर सटा दिया। आभूषण व्यवसाई पर कट्टा तानकर लूट की कोशिश से दुकान में अफरा-तफरी मच गई। जान का खतरा देख ध्रुव वर्मा किसी तरह वहां से भाग निकले और अपनी जान बचाई। वहीं महिला कर्मचारी डर के मारे टेबल के नीचे छिप गई।

एक दिन पहले की रेकी, फिर दिनदहाड़े लूट का प्रयास
सूत्रों के अनुसार, बदमाश एक दिन पहले भी दुकान पर आए थे। उन्होंने सोने की चेन खरीदने की बात कहकर दुकान की गतिविधियों को परखा था। अगले ही दिन बाजार की बंदी का फायदा उठाकर उन्होंने सलेमपुर लूट का प्रयास किया। लेकिन मौके पर कुछ हाथ न लगने के कारण बदमाश फरार हो गए।
यह पूरी वारदात दुकान में लगे हाईटेक सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है और संदिग्धों की पहचान में जुटी है।

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पुलिस जांच में जुटी, सुरक्षा की मांग
पीड़ित दुकानदार ने कोतवाली में तहरीर देकर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही बदमाशों द्वारा दोबारा आने की धमकी के चलते सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की भी मांग की गई है।
प्रभारी निरीक्षक महेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो चुकी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे कैमरों की भी जांच कर रही है।
बाजार में दहशत, व्यापारियों में आक्रोश
घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि दिनदहाड़े इस तरह आभूषण व्यवसाई पर कट्टा तानकर लूट की घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। व्यापारियों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और बाजार में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों और बाजार बंदी के दिनों में अपराधी सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में व्यापारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए, जैसे—उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम और पुलिस हेल्पलाइन से सीधा संपर्क।

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कैसे बची बड़ी वारदात?
यदि दुकानदार घबराकर विरोध करता या बदमाशों से उलझ जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। उसकी सूझबूझ और तत्काल निर्णय ने संभावित बड़ी लूट और जानमाल के नुकसान को टाल दिया। यह घटना व्यापारियों के लिए भी एक चेतावनी है कि संदिग्ध गतिविधि दिखते ही सतर्क रहें।
सलेमपुर लूट का प्रयास फिलहाल पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है, लेकिन उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच से जल्द ही आरोपियों की पहचान हो जाएगी।

विजय बवंडर की तूफानी पारी से यूपी 2 रन से जीता

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बहराइच। अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज क्रिकेट टूर्नामेंट में उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज टीम ने रोमांचक मुकाबले में केरल को 2 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। दिल्ली के रौशन आरा क्लब मैदान पर खेले गए इस मैच में गोंडा के मूल निवासी और बहराइच स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में खेल शिक्षक Vijay Pratap Singh ‘बवंडर’ ने 47 गेंदों पर 81 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर जीत की नींव रखी।

अंतिम ओवर तक चला रोमांच

पहले बल्लेबाजी करते हुए उत्तर प्रदेश ने 20 ओवर में 185 रन बनाए। विजय बवंडर की आक्रामक बल्लेबाजी के अलावा हिमांशु सिंह ने 21 गेंदों पर 44 रन और कप्तान अभिषेक गुप्ता ने 29 रनों का योगदान दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी केरल टीम को यूपी के गेंदबाजों ने 9 विकेट पर 183 रन पर रोक दिया। निर्णायक ओवर में Ayush Pratap Singh की सटीक गेंदबाजी ने मैच का रुख पलट दिया।

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गेंदबाजी में भी दिखाया दम

विजय बवंडर ने बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी कमाल करते हुए 4 विकेट झटके। आयुष प्रताप सिंह ने 2 विकेट लिए, जबकि शाकिब, हिमांशु सिंह और उपकप्तान राहुल कुमार सिंह ने एक-एक विकेट हासिल किया।
इस जीत के साथ उत्तर प्रदेश ने टूर्नामेंट के दूसरे चरण में मजबूती से कदम रखा है। अगले मुकाबले में टीम का सामना उड़ीसा से होगा।

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माह- ए-रमजान शुरू: रोजा और तरावीह की नमाज का सिलसिला आरंभ

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। बरकतों और रहमतों से भरे पवित्र रमजान माह की शुरुआत गुरुवार से हो गई। बुधवार को चांद दिखाई देने के बाद मुस्लिम समुदाय ने पहला रोजा रखा। इसके साथ ही जनपद की मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की जाने लगी और इबादत का क्रम शुरू हो गया।
रमजान इस्लाम धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दौरान रोजा रखना प्रमुख इबादत माना जाता है। रोजे की शुरुआत सूर्योदय से पहले सहरी करने से होती है और सूर्यास्त तक खाने-पीने से परहेज किया जाता है। शाम को इफ्तार के समय रोजा खोला जाता है, परंपरा के अनुसार खजूर और पानी से रोजा खोलकर नमाज अदा की जाती है।

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रोजा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि आत्मसंयम, धैर्य और आचरण की शुद्धता का अभ्यास भी है। इस दौरान झूठ, क्रोध, चुगली और अनुचित व्यवहार से दूर रहने की सीख दी जाती है। रमजान में पांच वक्त की नमाज के साथ रात में तरावीह की नमाज का विशेष महत्व होता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी पवित्र महीने में कुरान शरीफ का अवतरण हुआ था। रमजान को रहमत, मगफिरत और बरकतों का महीना कहा जाता है। यह माह दान, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। लोग जरूरतमंदों की सहायता कर सामाजिक सद्भाव को मजबूत करते हैं।

1802 से 1947 तक गोरखपुर की ऐतिहासिक कड़ी पर नए शोध का आह्वान

अनछुए अभिलेख खोलेंगे स्वतंत्रता संग्राम के नए पन्ने: राष्ट्रीय संगोष्ठी में मंथन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में “भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की गूंज” विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में इतिहास के अनछुए स्रोतों पर गंभीर शोध की आवश्यकता पर बल दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग तथा उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
मुख्य अतिथि उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु चतुर्वेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्टेट आर्काइव में अब भी अनेक महत्वपूर्ण फाइलें सुरक्षित हैं, जिनका व्यवस्थित अध्ययन स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े नए तथ्यों और वैकल्पिक नैरेटिव को सामने ला सकता है। उन्होंने विशेष रूप से 1802 से 1837 के बीच गोरखपुर की घटनाओं और नेपाल युद्ध के दौरान इसकी रणनीतिक भूमिका का उल्लेख किया। 1857 के संग्राम में गोरखपुर के तटीय क्षेत्र की भूमिका, राप्ती मार्ग से नेपाल पहुंचे क्रांतिकारियों तथा बंधू सिंह जैसे नायकों को इतिहास में समुचित स्थान देने की आवश्यकता जताई।

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उन्होंने कहा कि 1802 से 1947 तक गोरखपुर केंद्रित अध्ययन में एक क्रमबद्ध ऐतिहासिक कड़ी दिखाई देती है, लेकिन समग्र रूप में इसका इतिहास अभी सामने नहीं आ पाया है। शचिंद्रनाथ सान्याल के क्रांतिकारी नेटवर्क, विशेषकर कोलकाता के आंदोलन से उनके संबंधों पर भी गहन शोध अपेक्षित है। इतिहास लेखन में केवल पश्चिमी शोध प्रविधियों पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों और स्रोतों पर आधारित दृष्टिकोण विकसित करने की जरूरत बताई गई।
गीता प्रेस पर लिखित एक पुस्तक का संदर्भ देते हुए उन्होंने इतिहास की व्याख्या में तथ्यपरकता और संतुलन की आवश्यकता रेखांकित की। भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद द्वारा गीता प्रेस और हनुमान प्रसाद पोद्दार पर किए जा रहे शोध को भी महत्वपूर्ण बताया।

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अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित अभिलेखीय प्रदर्शनी को उपयोगी बताते हुए विद्यार्थियों और नगर समाज से इसका अवलोकन करने की अपील की। इतिहास संकलन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. बालमुकुंद पांडेय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अंग्रेजों के प्रवेश के साथ ही प्रतिरोध शुरू हो गया था और 1947 तक जारी रहा। उन्होंने माइक्रो-इतिहास लेखन के माध्यम से गुमनाम नायकों को मुख्यधारा में लाने पर बल दिया।
प्रोफेसर अरुप चक्रवर्ती ने 1857 में लखनऊ की घटनाओं का उल्लेख करते हुए इतिहास लेखन में समग्रता और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। परिषद के सदस्य सचिव ओमजी उपाध्याय ने काकोरी के शहीदों और हिंदी साहित्य में निहित राष्ट्रीय चेतना पर प्रकाश डाला।
अतिथियों का स्वागत प्रोफेसर मनोज कुमार तिवारी ने किया, संचालन डॉ. सर्वेश शुक्ला ने तथा आभार डॉ. आशीष कुमार सिंह ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में देशभर से आए इतिहासविद, शिक्षक, शोधार्थी और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।

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राष्ट्रीय संगोष्ठी का द्वितीय सत्र
इसी क्रम में संगोष्ठी का द्वितीय सत्र प्रोफेसर एस. एन. चौबे, अध्यक्ष, इतिहास विभाग, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस सत्र में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय तथा दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने विभिन्न विषयों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रोफेसर एस. एन. चौबे ने इतिहास लेखन में चौरी-चौरा प्रसंग को रेखांकित करते हुए व्यापक सांस्कृतिक इतिहास लेखन पर बल दिया। गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर ईस्ट एशियन स्टडीज के प्रोफेसर हृदय नारायण ने संयुक्त आयोजन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए भविष्य में भी दोनों विश्वविद्यालयों के संयुक्त तत्वावधान में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
प्रोफेसर राजेश नायक, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा ने कहा कि इतिहास लेखन में केवल आधिकारिक अभिलेख ही नहीं, बल्कि वैकल्पिक एवं परंपरागत स्रोत भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने मौखिक इतिहास, लोक परंपराओं और साहित्यिक स्रोतों को इतिहास लेखन में समाहित करने पर जोर दिया।
द्वितीय सत्र का संचालन इतिहास विभाग की सहायक आचार्य डॉ. सुनीता ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्वेता ने व्यक्त किया।

इतिहास के पन्नों में दर्ज प्रमुख व्यक्तित्वों की पुण्यतिथि

20 फ़रवरी को हुए निधन: इतिहास के पन्नों में दर्ज प्रमुख व्यक्तित्वों की पुण्यतिथि


20 फ़रवरी को हुए निधन भारतीय और विश्व इतिहास में विशेष महत्व रखते हैं। इस दिन कई ऐसे महान व्यक्तित्वों ने अंतिम सांस ली, जिन्होंने राजनीति, साहित्य, आध्यात्म और मीडिया जगत में अमिट छाप छोड़ी। 20 फ़रवरी को हुए निधन की यह सूची हमें इतिहास की गहराइयों में ले जाती है और प्रेरणा भी देती है।

अमीन सयानी (निधन: 2024)
अमीन सयानी को ‘आवाज़ के जादूगर’ के नाम से जाना जाता है। वे भारतीय रेडियो इतिहास के पहले लोकप्रिय जॉकी माने जाते हैं। उनका प्रसिद्ध कार्यक्रम ‘बिनाका गीतमाला’ दशकों तक श्रोताओं के दिलों पर राज करता रहा।
20 फ़रवरी को हुए निधन में उनका नाम आधुनिक भारतीय मीडिया इतिहास की एक बड़ी क्षति के रूप में दर्ज है। उनकी आवाज़ ने रेडियो को घर-घर तक पहुँचाया और मनोरंजन की परिभाषा बदल दी।

औरंगज़ेब (निधन: 1707)
मुग़ल साम्राज्य के छठे शासक औरंगज़ेब का निधन 20 फ़रवरी 1707 को हुआ। उनके शासनकाल में मुग़ल साम्राज्य का विस्तार अपने चरम पर पहुँचा, किंतु धार्मिक नीतियों को लेकर वे विवादों में भी रहे।
20 फ़रवरी को हुए निधन की ऐतिहासिक घटनाओं में उनका नाम विशेष महत्व रखता है, क्योंकि उनके बाद मुग़ल साम्राज्य के पतन की शुरुआत मानी जाती है।

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शिवनारायण श्रीवास्तव (निधन: 1972)
हिंदी साहित्य के गंभीर अध्ययनशील और मननशील रचनाकार शिवनारायण श्रीवास्तव का निधन 20 फ़रवरी 1972 को हुआ। उनकी रचनाएँ चिंतन, संवेदना और समाज की गहरी पड़ताल के लिए जानी जाती हैं।
20 फ़रवरी को हुए निधन की सूची में उनका योगदान साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

भवानी प्रसाद मिश्र (निधन: 1985)
प्रसिद्ध हिंदी कवि और गांधीवादी विचारक भवानी प्रसाद मिश्र का निधन 20 फ़रवरी 1985 को हुआ। उनकी कविताएँ सहज भाषा, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत थीं।
20 फ़रवरी को हुए निधन के संदर्भ में उनका स्मरण हिंदी साहित्य के लिए विशेष महत्व रखता है।

शरत चन्द्र बोस (निधन: 1950)
स्वतंत्रता सेनानी और प्रख्यात नेता शरत चन्द्र बोस का निधन 20 फ़रवरी 1950 को हुआ। वे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के बड़े भाई थे और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
20 फ़रवरी को हुए निधन की ऐतिहासिक सूची में उनका नाम स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से जुड़ा है।

स्वामी शिवानन्द (निधन: 1934)
रामकृष्ण मिशन के दूसरे संघाध्यक्ष स्वामी शिवानन्द का निधन 20 फ़रवरी 1934 को हुआ। वे आध्यात्मिक मार्गदर्शन और सेवा भावना के लिए प्रसिद्ध थे।
20 फ़रवरी को हुए निधन की घटनाओं में उनका नाम आध्यात्म और समाज सेवा की प्रेरणा के रूप में लिया जाता है।
निष्कर्ष
20 फ़रवरी को हुए निधन केवल तारीख नहीं, बल्कि इतिहास के महत्वपूर्ण अध्याय हैं। इन महान व्यक्तित्वों की पुण्यतिथि हमें उनके योगदान, संघर्ष और उपलब्धियों को याद करने का अवसर देती है। 20 फ़रवरी को हुए निधन की यह ऐतिहासिक सूची समाज, साहित्य, राजनीति और आध्यात्म की विविध धरोहर को दर्शाती है।
Disclaimer
उपरोक्त जानकारी विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों और अभिलेखों के आधार पर संकलित की गई है। किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं; पाठकों से स्वतंत्र सत्यापन का आग्रह है।

श्रद्धांजलि सभा में गूंजा जनसेवा का संकल्प, याद किए गए राम प्रसाद जायसवाल

बरहज में पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल की 9वीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि


बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। बरहज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल की 9वीं पुण्यतिथि पर गुरुवार को बरहज स्थित उनके निजी आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल की पुण्यतिथि पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर माल्यार्पण और दो मिनट का मौन रखकर की गई। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल के सामाजिक, राजनीतिक और विकास कार्यों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि राम प्रसाद जायसवाल ने बरहज विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए जो कार्य किए, वे आज भी लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

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इस अवसर पर भक्ति रस से ओत-प्रोत संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कलाकारों की प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और लोगों ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को स्मरण किया।
नगरपालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल की पुण्यतिथि हमें उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प दिलाती है। उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल में राम प्रसाद जायसवाल ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और नगर विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके प्रयासों से बरहज क्षेत्र में कई बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ।
इसी क्रम में श्यामसुंदर जायसवाल ने कहा कि अपने पिता के सपनों को साकार करना ही उनका प्रथम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता का स्नेह और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल के आदर्शों पर चलकर क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन मनोज गुप्ता ने किया। इस अवसर पर आश्रम के पीठाधीश्वर आंजनेय दास महाराज, भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, अलका सिंह, अनिरुद्ध मिश्रा, केशव सिंह पहलवान, भाजपा मंडल अध्यक्ष विवेक गुप्त, रामेश्वर यादव, रमेश तिवारी अंज्जान, संगीता देवी, नीलू यादव, शंभू नाथ तिवारी, अशोक शुक्ला, डॉ. सूरज गुप्ता, बादशाह प्रेमी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल की पुण्यतिथि केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास की जो नीति अपनाई, वह आज भी प्रासंगिक है।
बरहज विधानसभा क्षेत्र की सम्मानित जनता ने एक स्वर में कहा कि राम प्रसाद जायसवाल का जीवन सादगी, सेवा और संघर्ष का प्रतीक रहा। उनके कार्यों की बदौलत क्षेत्र में जो विकास की नींव रखी गई, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने समाज सेवा और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वातावरण में भावुकता और सम्मान का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।

आज का मूलांक राशिफल 2026: मूलांक 1 से 9 का विस्तृत अंक ज्योतिष भविष्यफल, उपाय और सफलता के संकेत

🔢 आज का मूलांक राशिफल 2026: अंक ज्योतिष के अनुसार भविष्यफल
आज का मूलांक राशिफल 2026 के अनुसार जन्मतिथि के आधार पर आपका दिन कैसा रहेगा, यह अंक ज्योतिष से जाना जा सकता है। यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 या अन्य संबंधित तिथियों में हुआ है तो नीचे दिए गए मूलांक अनुसार अपना भविष्यफल पढ़ें।
आज का मूलांक राशिफल 2026 में करियर, धन, परिवार, स्वास्थ्य और उपायों की संपूर्ण जानकारी दी गई है ताकि आप दिन की बेहतर योजना बना सकें।
🌞 मूलांक 1 (1, 10, 19, 28)
प्रतिनिधि ग्रह: सूर्य देव
आज का दिन आत्मिक संतोष देने वाला रहेगा। किसी जरूरतमंद की सहायता करने से मन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। रुका हुआ धन वापस मिलने की प्रबल संभावना है। आर्थिक मामलों में राहत और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
करियर: नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
धन: अटका पैसा मिलने की संभावना।
उपाय: आदित्य हृदयम का पाठ करें।
🌙 मूलांक 2 (2, 11, 20, 29)
प्रतिनिधि ग्रह: चन्द्र देव
प्रॉपर्टी या जमीन से जुड़े दस्तावेज संभालकर रखें। छोटी सी लापरवाही बड़ी समस्या बन सकती है। पारिवारिक मतभेद सुलझ सकते हैं।
करियर: भावनात्मक निर्णय लेने से बचें।
परिवार: घर में सौहार्द बढ़ेगा।
उपाय: शिव चालीसा का पाठ करें।
🪐 मूलांक 3 (3, 12, 21, 30)
प्रतिनिधि ग्रह: बृहस्पति देव
घर के बड़े सदस्यों को व्यवहार में लचीलापन लाना होगा। संवाद से रिश्तों में नई ऊर्जा आएगी।
करियर: सलाहकार भूमिका में सफलता।
धन: स्थिर आय।
उपाय: केले का दान करें।
🌫 मूलांक 4 (4, 13, 22, 31)
प्रतिनिधि ग्रह: राहु देव
युवा वर्ग करियर को लेकर गंभीर रहेगा। नकारात्मक सोच से दूरी बनाएं।
करियर: लक्ष्य प्राप्ति के लिए ठोस कदम।
मानसिक स्थिति: आत्मविश्वास बनाए रखें।
उपाय: ससुराल पक्ष से संबंध मधुर रखें।

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🌿 मूलांक 5 (5, 14, 23)
प्रतिनिधि ग्रह: बुध देव
व्यापार में बड़ों की सलाह लाभदायक रहेगी। अनावश्यक खर्च से बचें।
व्यापार: नई रणनीति से लाभ।
धन: खर्चों पर नियंत्रण जरूरी।
उपाय: मुख्य दरवाजे पर आम के पत्तों का तोरण लगाएं।
💎 मूलांक 6 (6, 15, 24)
प्रतिनिधि ग्रह: शुक्र देव
जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतर रहेगा। कार्यक्षेत्र में प्रतिभा उभरकर सामने आएगी।
करियर: पद प्रतिष्ठा में वृद्धि।
रिश्ते: भावनात्मक संतुलन।
उपाय: कपूर की टिक्की जल में प्रवाहित करें।
🔮 मूलांक 7 (7, 16, 25)
प्रतिनिधि ग्रह: केतु देव
दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव करेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें, विशेषकर पीठ और घुटनों का।
करियर: नई स्किल सीखने का समय।
स्वास्थ्य: नियमित व्यायाम आवश्यक।
उपाय: गलत संगति, नशा और छल से दूर रहें।
मूलांक 8 (8, 17, 26)
प्रतिनिधि ग्रह: शनि देव
रुके कार्यों में गति आएगी। नई तकनीक अपनाने से लाभ होगा। वाहन खरीदने की योजना बन सकती है।
व्यापार: योजनाबद्ध कार्य सफलता देंगे।
धन: निवेश सोच-समझकर करें।
उपाय: आलस्य से बचें।
🔥 मूलांक 9 (9, 18, 27)
प्रतिनिधि ग्रह: मंगल देव
साझेदारी का व्यापार लाभ देगा। रिश्तों में विनम्रता अपनाएं।
करियर: टीमवर्क से सफलता।
रिश्ते: भावनाएं खुलकर व्यक्त करें।
उपाय: बूंदी का प्रसाद हनुमान जी को अर्पित करें।
📌 निष्कर्ष
आज का मूलांक राशिफल 2026 आपको दिनभर की योजना बनाने में मदद करेगा। अंक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की स्थिति आपके निर्णय, आर्थिक स्थिति और रिश्तों पर प्रभाव डालती है। इसलिए आज का मूलांक राशिफल 2026 पढ़कर ही महत्वपूर्ण निर्णय लें।
अस्वीकरण:
उपरोक्त जानकारी सामान्य अंक ज्योतिष आधारित है। किसी भी प्रकार का प्रमाणित दावा हम नहीं करते। किसी योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

20 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति: इतिहास के प्रमुख जन्मदिन, मशहूर हस्तियों की जीवनी और प्रेरक व्यक्तित्व

20 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति: इतिहास के प्रमुख जन्मदिन
20 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति भारतीय साहित्य, राजनीति, खेल, सिनेमा और कला जगत में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। इतिहास के प्रमुख जन्मदिन के अवसर पर हम उन महान हस्तियों को याद करते हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।

🎭 अनु कपूर (जन्म: 1956)
अनु कपूर भारतीय फिल्म एवं टीवी जगत के बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता हैं। उन्होंने समानांतर सिनेमा से लेकर व्यावसायिक फिल्मों तक अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी अभिनय शैली और संवाद अदायगी ने उन्हें विशिष्ट स्थान दिलाया। वे रेडियो और टीवी प्रस्तोता के रूप में भी लोकप्रिय रहे हैं।

🏏 रोहन गावास्कर (जन्म: 1976)
भारत के पूर्व क्रिकेटर रोहन गावास्कर ने घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया। वे महान बल्लेबाज़ सुनील गावास्कर के पुत्र हैं। 20 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति के रूप में उनका नाम क्रिकेट इतिहास में दर्ज है।

🎬 जिया खान (जन्म: 1988)
जिया खान ने हिंदी सिनेमा में कम समय में ही अपनी पहचान बनाई। उनकी फिल्मों ने उन्हें युवा दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाया। 20 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति की सूची में उनका नाम विशेष रूप से याद किया जाता है।

जरनैल सिंह (जन्म: 1936)
भारतीय फुटबॉल इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में जरनैल सिंह का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। वे भारतीय टीम के मजबूत डिफेंडर रहे और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
साहित्य और राजनीति जगत के प्रमुख नाम

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✍️ रघुवेंद्र तंवर (जन्म: 1955)
भारतीय साहित्य में उनका योगदान उल्लेखनीय है। उन्होंने सामाजिक विषयों पर गहन लेखन किया।
📚 पंकज बिष्ट (जन्म: 1946)
हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित पत्रकार, कहानीकार, उपन्यासकार और समालोचक के रूप में उनकी पहचान रही है।
🏛️ जयन्त कुमार मलैया (जन्म: 1947)
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।
🏛️ एन. जनार्दन रेड्डी (जन्म: 1935)
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता।
🎭 के. वी. सुबन्ना (जन्म: 1932)
प्रसिद्ध कन्नड़ नाटककार, जिन्होंने रंगमंच को नई दिशा दी।
📖 भबेन्द्र नाथ सैकिया (जन्म: 1932)
भारतीय उपन्यासकार, लघु कथा लेखक एवं फिल्म निर्देशक के रूप में प्रसिद्ध।
🏛️ राव वीरेन्द्र सिंह (जन्म: 1921)

हरियाणा के दूसरे मुख्यमंत्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
🔴 अजय घोष (जन्म: 1909)
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख नेता रहे।
क्यों खास है 20 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति?
20 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा से समाज को प्रेरित करते हैं। साहित्य, राजनीति, सिनेमा और खेल जगत में उनका योगदान इतिहास के प्रमुख जन्मदिन को विशेष बनाता है।
ऐसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के जन्मदिवस हमें प्रेरणा देते हैं कि समर्पण और प्रतिभा से किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है।
📌 डिस्क्लेमर
प्रस्तुत इतिहास का प्रमुख जन्मदिन के बारे में विस्तृत जानकारी गहन अध्ययन के आधार पर तैयार की गई है। तथ्यों की प्रमाणिकता का पूर्ण दावा नहीं किया जाता। किसी प्रकार की त्रुटि के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।

20 फरवरी 2026: इन 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, मिलेगा धन लाभ

20 फरवरी 2026 राशिफल: मेष से मीन तक जानें आज का दैनिक राशिफल, किसे होगा लाभ और किसकी बढ़ेगी परेशानी


20 फरवरी 2026 राशिफल के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल आज कई राशियों के लिए खास संकेत दे रही है। ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर 20 फरवरी 2026 राशिफल बताता है कि कुछ जातकों को करियर और धन के क्षेत्र में लाभ मिलेगा, वहीं कुछ को सतर्क रहने की जरूरत है। पढ़ें 20 फरवरी 2026 राशिफल में मेष से मीन राशि तक का विस्तृत हाल और जानें आपके लिए क्या कहता है आज का 20 फरवरी 2026 राशिफल।
🐏 मेष राशि (Aries)
आज पर्सनल ग्रोथ पर फोकस करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा और नई स्किल्स सीखने का अवसर मिलेगा। आर्थिक मामलों में समझदारी से फैसले लें। प्रेम जीवन में रोमांस बना रहेगा।
🐂 वृषभ राशि (Taurus)
काम पर पूरा ध्यान दें और गॉसिप से दूरी बनाए रखें। परिवार या पार्टनर की सलाह लाभकारी होगी। दिन में कुछ सरप्राइज मिल सकते हैं। नए अवसरों के लिए तैयार रहें।
👯 मिथुन राशि (Gemini)
उतार-चढ़ाव भरा दिन रहेगा। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें। मानसिक तनाव से बचने के लिए बीच-बीच में ब्रेक लें। सकारात्मक सोच आपको आगे बढ़ाएगी।
🦀 कर्क राशि (Cancer)
आज अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। काम का दबाव रहेगा, लेकिन संतुलन बनाए रखें। वर्क-लाइफ बैलेंस जरूरी रहेगा।
🦁 सिंह राशि (Leo)
विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। व्यापार और धन के मामलों में बदलाव संभव है। तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें। लव लाइफ में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
🌾 कन्या राशि (Virgo)
इन्वेस्टमेंट की रणनीति बनाएं। आलस्य से बचें और समय पर काम पूरा करें। सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा।

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⚖️ तुला राशि (Libra)
सीनियर्स की नाराजगी से बचने के लिए काम समय पर पूरा करें। खर्चों पर नियंत्रण रखें। बाहर के खाने से परहेज करें।
🦂 वृश्चिक राशि (Scorpio)
सेहत को लेकर लापरवाही न करें। दिन रोमांटिक रहेगा। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन में सुधार के योग हैं।
🏹 धनु राशि (Sagittarius)
प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें दूर होंगी। विदेश यात्रा के योग बन सकते हैं। धन लाभ के संकेत हैं, लेकिन तनाव भी रह सकता है।
🐐 मकर राशि (Capricorn)
पुराने निवेश से उम्मीद के अनुसार लाभ न मिले। योग और फिटनेस पर ध्यान दें। हाल की डील से धन लाभ संभव है।
🌊 कुंभ राशि (Aquarius)
पार्टनर के साथ समय बिताएं। खर्चों पर नियंत्रण रखें। करियर में आगे बढ़ने के लिए मेहनत बढ़ानी होगी।
🐟 मीन राशि (Pisces)
करियर में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। दिन उत्साह से भरा रहेगा।
🔮 आज का निष्कर्ष – 20 फरवरी 2026 राशिफल
20 फरवरी 2026 राशिफल के अनुसार मेष, सिंह, धनु और मीन राशि वालों के लिए दिन लाभकारी हो सकता है। तुला, मिथुन और मकर राशि के जातकों को सावधानी रखने की सलाह है।
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)
यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार का प्रमाणित दावा नहीं करते। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

होली से पहले खाद्य विभाग सख्त: संत कबीर नगर में नमकीन का नमूना जांच को भेजा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। होली पर्व से पहले खाद्य विभाग सख्त नजर आ रहा है। मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के लिए जिले में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इसी क्रम में नमकीन का नमूना जांच को भेजा गया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर गुरुवार को खलीलाबाद तहसील के सिमरियावा बाजार स्थित इशाक किराना प्रतिष्ठान पर छापेमारी की गई। यहां से नमकीन का नमूना जांच को भेजा गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और भंडारण व्यवस्था की गहन जांच की।

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सहायक आयुक्त (खाद्य) ग्रेड-2 सतीश कुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में दुकान की साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर सुधार नोटिस जारी किया गया। साथ ही पंजीकरण के आधार पर संचालित व्यवसाय को नियमानुसार लाइसेंस में परिवर्तित कराने के निर्देश दिए गए।
त्योहार के मद्देनजर खाद्य विभाग सख्त रुख अपनाए हुए है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नमूना रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की मिलावट या मानक से कम गुणवत्ता पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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गोदाम में भी मिली अनियमितताएं
अभियान के दौरान फेमस इंटरप्राइजेज के गोदाम की भी जांच की गई। यहां भंडारण व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। खाद्य पदार्थों के रख-रखाव में लापरवाही सामने आने पर प्रतिष्ठान को नोटिस थमाया गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में मानकों का पालन नहीं करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मिश्रीलाल भी टीम के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों ने दुकानदारों को निर्देश दिया कि वे गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों का पालन करें, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।

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त्योहार पर मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान
होली के अवसर पर बाजारों में नमकीन, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य विभाग सख्त होकर लगातार जांच अभियान चला रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि जिले भर में नमकीन, मावा, मिठाई और रंगीन पेय पदार्थों की सघन जांच की जा रही है। जहां भी संदेह की स्थिति बनती है, वहां से नमकीन का नमूना जांच को भेजा जा रहा है।
आम जनता से अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे प्रतिष्ठित दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें और बिल अवश्य लें। यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह हो तो तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें।
खाद्य विभाग सख्त अभियान के तहत आने वाले दिनों में और भी छापेमारी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सुविधाओं की मांग को लेकर बरहज रेलवे स्टेशन पर अनिश्चितकालीन धरना

कांग्रेस का धरना दूसरे दिन भी जारी: बरहज रेलवे स्टेशन की बदहाली पर उठा सवाल


बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।बरहज रेलवे स्टेशन की बदहाल स्थिति को लेकर कांग्रेस का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना जारी रखते हुए रेल प्रशासन और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
धरने के दौरान रविप्रताप सिंह ने कहा कि बरहज रेलवे स्टेशन वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। बरहज रेलवे स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है, जिससे यात्रियों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
यात्रियों को नहीं मिल रहीं मूलभूत सुविधाएं
धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने बताया कि बरहज रेलवे स्टेशन पर पेयजल, शौचालय और पर्याप्त बिजली व्यवस्था जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। विशेष रूप से महिला यात्रियों को प्रसाधन की कमी के कारण गंभीर असुविधा झेलनी पड़ती है।
रविप्रताप सिंह ने कहा कि यह स्टेशन ब्रिटिश काल का है, लेकिन आज तक इसका समुचित आधुनिकीकरण नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि वाराणसी रेल मंडल के डीआरएम से कई बार बातचीत की गई और सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन भी मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
“बरहज रेलवे स्टेशन अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहा है”
अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “बरहज रेलवे स्टेशन अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहा है। यात्रियों को न तो स्वच्छ पेयजल मिल रहा है और न ही सुरक्षित प्रतीक्षालय। बिजली व्यवस्था भी अक्सर बाधित रहती है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बरहज रेलवे स्टेशन पर आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्टेशन परिसर में बैठकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना दिया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरने में नगर अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल ‘जीतू’, भोला तिवारी, रमेश तिवारी, नागेंद्र शुक्ल, चंद्रभूषण पाण्डेय, रविप्रकाश तिवारी, अरविंद कुशवाहा, आजाद अंसारी, राजेंद्र पाल, रामसनेही, शिव कुमारी देवी, उषा देवी, किरन देवी, अफजल अंसारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि बरहज रेलवे स्टेशन की बदहाली अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय नागरिकों ने भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं की बहाली की मांग की।
स्थानीय लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
बरहज रेलवे स्टेशन पूर्वांचल के कई गांवों और कस्बों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र, व्यापारी और मजदूर यात्रा करते हैं। ऐसे में स्टेशन पर सुविधाओं की कमी सीधे तौर पर आम जनता को प्रभावित कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरहज रेलवे स्टेशन को विकसित करने से क्षेत्रीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। स्टेशन का आधुनिकीकरण न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्र की छवि को भी सुदृढ़ करेगा।
क्या हैं प्रमुख मांगें?
स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था,महिला एवं पुरुष शौचालयों का निर्माण,नियमित बिजली आपूर्ति,प्लेटफॉर्म की मरम्मत और साफ-सफाई,
प्रतीक्षालय की व्यवस्था,कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक बरहज रेलवे स्टेशन पर सुधार कार्य शुरू नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा।

20 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ: इतिहास के पन्नों में दर्ज बड़े फैसले और विश्व परिवर्तन

20 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ विश्व और भारत के इतिहास में कई निर्णायक मोड़ों से जुड़ी रही हैं। सत्ता परिवर्तन से लेकर युद्ध, स्वतंत्रता की घोषणा, अंतरिक्ष उपलब्धियाँ और राजनीतिक बदलाव—यह दिन कई ऐतिहासिक फैसलों का साक्षी रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं 20 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ।


⚔️ राजनैतिक और साम्राज्यिक घटनाएँ
Edward VI का 1547 में वैस्टमिनिस्टर ऐबे में राज्याभिषेक हुआ, जिससे इंग्लैंड के इतिहास में एक नया अध्याय शुरू हुआ।
1798 में Louis-Alexandre Berthier ने पोप Pope Pius VI को पदच्युत किया, जो फ्रांसीसी क्रांति के प्रभाव को दर्शाता है।
1846 में अंग्रेजों ने लाहौर पर कब्ज़ा किया, जिससे भारत में ब्रिटिश सत्ता और मजबूत हुई।
1947 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री Clement Attlee ने भारत को स्वतंत्रता देने की ऐतिहासिक घोषणा की। यह 20 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है।
1975 में Margaret Thatcher ब्रिटिश कंजर्वेटिव पार्टी की नेता चुनी गईं, जो आगे चलकर ब्रिटेन की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।
1999 में भारत के प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee ने पाकिस्तान की ऐतिहासिक बस यात्रा की, जिसने कूटनीतिक रिश्तों में नई पहल की।

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🚀 विज्ञान, अंतरिक्ष और तकनीक
1962 में John Glenn अमेरिका के पहले अंतरिक्ष यात्री बने जिन्होंने पृथ्वी की कक्षा का चक्कर लगाया।
1965 में नासा के रेंजर-8 मिशन ने चंद्रमा की सतह की तस्वीरें भेजीं।
1986 में सोवियत संघ ने ‘मीर’ अंतरिक्ष स्टेशन का प्रक्षेपण किया, जो अंतरिक्ष अनुसंधान में बड़ी उपलब्धि थी।
1968 में मुंबई के के.ई.एम. अस्पताल में डॉ. पी.के. सेन ने भारत में पहला हृदय प्रत्यारोपण ऑपरेशन किया।
🌍 अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ और हादसे
1933 में Adolf Hitler ने चुनाव से पहले जर्मन उद्योगपतियों से गुप्त मुलाकात की।
1942 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सेना ने बाली पर हमला किया।
2002 में काहिरा में ट्रेन अग्निकांड में 373 लोगों की मृत्यु हुई।
2003 में ईरान में विमान दुर्घटना में 302 लोगों की मौत हुई।
2015 में स्विट्जरलैंड के राफ्ज शहर में दो ट्रेनों की टक्कर में 49 लोगों की जान गई।
🇮🇳 भारत से जुड़ी प्रमुख घटनाएँ
1835 में Calcutta Medical College आधिकारिक रूप से खुला, जिसने भारत में आधुनिक चिकित्सा शिक्षा की नींव रखी।
1868 में Amrita Bazar Patrika का साप्ताहिक प्रकाशन शुरू हुआ।
1976 में मुंबई हाई में व्यावसायिक स्तर पर कच्चे तेल का उत्पादन प्रारंभ हुआ।
1987 में मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
2009 में कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश सौमित्र सेन के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू हुई।
📌 निष्कर्ष: क्यों खास है 20 फ़रवरी?
20 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ बताती हैं कि यह दिन केवल तारीख नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन, स्वतंत्रता, विज्ञान, राजनीति और कूटनीति का प्रतीक है। 20 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ हमें इतिहास से सीखने और वर्तमान को समझने का अवसर देती हैं।
इतिहास के इन पलों को जानना हमें जागरूक नागरिक बनने में मदद करता है।

आज का पंचांग 20 फरवरी 2026: राहुकाल से बचें, अमृत मुहूर्त में करें शुभ कार्य

पंचांग 20 फरवरी 2026: फाल्गुन शुक्ल तृतीया, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और चंद्र राशि संपूर्ण विवरण

🗓 पंचांग 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार) – तिथि: फाल्गुन शुक्ल पक्ष तृतीया (02:38 PM तक), तत्पश्चात चतुर्थी
संवत्सर: विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
वार: शुक्रवार
अयन: उत्तरायण
ऋतु: वसंत (वैदिक – शिशिर)
मास: फाल्गुन (अमांत एवं पूर्णिमांत)

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🌞 सूर्य एवं चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: 06:59 AM
सूर्यास्त: 06:21 PM
चन्द्रोदय: 08:32 AM
चन्द्रास्त: 09:14 PM
सूर्य राशि: कुंभ
चंद्र राशि: मीन (पूरा दिन)
चंद्रबल (21 फरवरी 06:58 AM तक):
वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और मीन राशि वालों के लिए शुभ।
📿 तिथि, नक्षत्र, योग और करण
तिथि
शुक्ल तृतीया – 02:38 PM तक
शुक्ल चतुर्थी – 02:38 PM के बाद
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपदा – 08:07 PM तक
रेवती – 08:07 PM के बाद
योग
साध्य – 06:23 PM तक
शुभ – 06:23 PM के बाद
करण
गर – 02:38 PM तक
वणिज – 01:52 AM तक
विष्टि – तत्पश्चात
शुभ मुहूर्त – पंचांग 20 फरवरी 2026
ब्रह्म मुहूर्त: 05:22 AM – 06:10 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:17 PM – 01:03 PM
अमृत काल: 02:55 PM – 04:28 PM
अमृतसिद्धि योग: 08:07 PM – 06:58 AM (रेवती एवं शुक्रवार संयोग)
सर्वार्थसिद्धि योग: 08:07 PM – 06:58 AM
⚠ अशुभ काल
राहुकाल: 11:15 AM – 12:40 PM
यमगण्ड: 03:30 PM – 04:56 PM
कुलिक: 08:24 AM – 09:50 AM
दुर्मुहूर्त: 09:16 AM – 10:01 AM, 01:03 PM – 01:48 PM
वर्ज्यम्: 06:09 AM – 07:42 AM

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🕉 दिन का चौघड़िया
चर 06:59–08:24
लाभ 08:24–09:50
अमृत 09:50–11:15
काल 11:15–12:40
शुभ 12:40–02:05
रोग 02:05–03:30
उद्बेग 03:30–04:56
चर 04:56–06:21
🌟 विशेष ज्योतिषीय योग
गण्डमूल नक्षत्र: 08:07 PM से (रेवती)
चंद्राष्टम: मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तर फाल्गुनी (प्रथम चरण)
📌 पंचांग 20 फरवरी 2026 का महत्व
पंचांग 20 फरवरी 2026 के अनुसार फाल्गुन शुक्ल तृतीया का दिन धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है। शुक्रवार के दिन रेवती नक्षत्र में अमृतसिद्धि एवं सर्वार्थसिद्धि योग का संयोग विशेष फलदायी रहेगा। विवाह, खरीदारी, शुभ कार्य और पूजन हेतु यह दिन अनुकूल माना गया है, किन्तु राहुकाल में महत्वपूर्ण कार्य करने से बचें।
जो भी श्रद्धालु आज का पंचांग 20 फरवरी 2026 देख रहे हैं, वे शुभ मुहूर्त में कार्य आरंभ कर सकारात्मक फल प्राप्त कर सकते हैं।
Disclaimer:
उपरोक्त पंचांग 20 फरवरी 2026 की जानकारी वैदिक गणनाओं पर आधारित है। किसी भी प्रकार की प्रमाणित दावा हम नहीं करते। किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में आई तेजी

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)l जैतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। आशा कार्यकत्रियों का प्रदर्शन समाप्त होने के बाद अब वे पुनः अपने नियमित कार्य में जुट गई हैं और घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने दवा का सेवन करा रही हैं।
राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन (एमडीए-आईडीए) अभियान को सफल बनाने के लिए सीएचसी प्रभारी डॉ. मोहम्मद सज़र ने क्षेत्रवासियों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने बताया कि यह अभियान हाथी पांव (फाइलेरिया) जैसी गंभीर और लाइलाज बीमारी से बचाव के लिए चलाया जा रहा है। इस बीमारी से बचने का एकमात्र प्रभावी उपाय समय पर दवा का सेवन है।
डॉ. सज़र ने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही फाइलेरिया रोधी दवा पूरी तरह सुरक्षित है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। हालांकि गर्भवती महिलाएं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति दवा का सेवन न करें। यह विशेष अभियान 10 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी तक संचालित किया जाएगा।

22 फरवरी को लगेगा मेगा विधिक सेवा शिविर

मऊ, (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद मऊ में सामाजिक न्याय और कानूनी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर मऊ 22 फरवरी 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष शिविर 22 फरवरी 2026 को कम्युनिटी हॉल, मऊ में आयोजित होगा। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ द्वारा किया जा रहा है।
यह आयोजन उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त निर्देशों के क्रम में तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ, श्री संजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में संपन्न होगा। शिविर का उद्देश्य समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को विधिक रूप से सशक्त बनाना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना है।
समाज के कमजोर वर्गों को मिलेगा सीधा लाभ
वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर मऊ 22 फरवरी 2026 विशेष रूप से निम्न वर्गों को ध्यान में रखकर आयोजित किया जा रहा है—
दिव्यांगजन
महिलाएं
बच्चे
असंगठित क्षेत्र के श्रमिक
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग
आर्थिक रूप से कमजोर नागरिक
शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कानूनी जागरूकता के साथ योजनाओं की जानकारी
यह शिविर केवल योजनाओं का वितरण केंद्र नहीं होगा, बल्कि एक व्यापक विधिक साक्षरता अभियान का हिस्सा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, मुफ्त विधिक सहायता, महिला संरक्षण कानून, श्रमिक अधिकार, बाल संरक्षण कानून एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर मऊ 22 फरवरी 2026 का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज का कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। शिविर में उपस्थित अधिकारी सीधे लाभार्थियों से संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे।
पराविधिक स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ की सचिव साक्षी सिंह ने जानकारी दी कि शिविर में अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए पराविधिक स्वयंसेवकों (PLVs) को सक्रिय किया गया है। ये स्वयंसेवक गांव-गांव और वार्ड स्तर पर जाकर लोगों को वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर मऊ 22 फरवरी 2026 के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
लोगों को यह बताया जा रहा है कि वे अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचें, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ तुरंत मिल सके। स्वयंसेवक पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें शिविर तक लाने में भी सहयोग कर रहे हैं।
पूर्व तैयारी के रूप में लग रहे लघु शिविर
शिविर की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा पूर्व तैयारी के तहत लघु शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन लघु शिविरों में संभावित लाभार्थियों की पहचान की जा रही है, दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है और पात्रता की जांच की जा रही है।
इन प्रारंभिक प्रयासों का उद्देश्य यह है कि वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर मऊ 22 फरवरी 2026 के दिन अधिकतम लोगों को बिना किसी देरी के योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया जा सके।
एक मंच पर मिलेंगी अनेक सुविधाएं
इस शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का समेकित प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। संभावित रूप से निम्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी और लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे—
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं
दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजनाएं
महिला कल्याण योजनाएं
श्रमिक पंजीकरण एवं लाभ योजनाएं
छात्रवृत्ति योजनाएं
कानूनी सहायता सेवाएं
बाल संरक्षण एवं महिला संरक्षण संबंधी सहायता
वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर मऊ 22 फरवरी 2026 के माध्यम से प्रशासन का प्रयास है कि नागरिकों को एक ही स्थान पर बहुआयामी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
न्याय तक आसान पहुंच का प्रयास
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का यह प्रयास न्याय को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। कई बार जानकारी के अभाव या प्रक्रियात्मक जटिलताओं के कारण पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। इस प्रकार के शिविर उन बाधाओं को दूर करने में सहायक साबित होते हैं।
शिविर में निःशुल्क विधिक परामर्श की भी व्यवस्था रहेगी, जहां लोग अपने कानूनी विवाद, पारिवारिक मामले, श्रमिक विवाद, भूमि विवाद या अन्य समस्याओं के संबंध में सलाह प्राप्त कर सकेंगे।
आमजन से अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर मऊ 22 फरवरी 2026 में सहभागिता करें। विशेष रूप से समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों से अनुरोध किया गया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह के शिविर सामाजिक न्याय, समान अवसर और कानूनी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निष्कर्ष
मऊ में आयोजित होने वाला यह वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर न केवल सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार का माध्यम है, बल्कि यह समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास भी है। वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर मऊ 22 फरवरी 2026 के माध्यम से प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि न्याय और सरकारी लाभ वास्तव में पात्र लोगों तक पहुंचे।
22 फरवरी को कम्युनिटी हॉल, मऊ में आयोजित यह शिविर जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, जहां कानूनी जागरूकता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का संगम देखने को मिलेगा।