Sunday, May 3, 2026
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Pakistan Airstrike: अफगानिस्तान में पाक हमले, 7 ठिकानों को बनाया निशाना

इस्लामाबाद/काबुल (राष्ट्र की परम्परा)। अफगानिस्तान में Pakistan Airstrike को लेकर नई जानकारी सामने आई है। TOLO News ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी वायुसेना ने पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में एक धार्मिक मदरसे को निशाना बनाया। रिपोर्ट के मुताबिक नंगरहार प्रांत के खोगयानी जिले में भी कई हवाई हमले किए गए।

बताया गया है कि शनिवार से पक्तिका के बरमल और अर्गुन जिलों के साथ-साथ नंगरहार के खोगयानी, बहसोद और गनी खेल जिलों में कई एयरस्ट्राइक हुई हैं।

पाकिस्तानी मीडिया ने भी की पुष्टि

Geo News ने पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय के हवाले से बताया कि सीमा पार मौजूद कथित आतंकी कैंपों को निशाना बनाकर यह कार्रवाई की गई।

वहीं Dawn की रिपोर्ट के अनुसार विदेश कार्यालय ने कहा है कि बाजौर और बन्नू में हालिया आत्मघाती हमलों के बाद यह कदम उठाया गया।

7 कैंप और ठिकानों पर कार्रवाई

पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने दावा किया कि इन हमलों में फिटना अल खवारिज (FAK), उसके सहयोगी संगठनों और दाएश खुरासान प्रांत (DKP) के सात कैंपों को निशाना बनाया गया।

मंत्रालय के मुताबिक यह कार्रवाई “पूरी सटीकता और सावधानी” के साथ की गई और इसका उद्देश्य हालिया आत्मघाती हमलों का जवाब देना था।
रिपोर्ट्स के अनुसार इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में रमजान के दौरान हुए हमलों की जिम्मेदारी Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) और दाएश से जुड़े तत्वों ने ली थी।

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अफगान तालिबान को दी चेतावनी

पाकिस्तान का कहना है कि उसने कई बार अफगान तालिबान से मांग की है कि अफगान जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए न होने दिया जाए।
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि दोहा समझौते के तहत किए गए वादों को लागू कराने के लिए अफगान अंतरिम सरकार पर दबाव बनाया जाए।

“जरूरत पड़ी तो कार्रवाई जारी रहेगी”

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि जब तक अफगान जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ बंद नहीं होता, तब तक सभी विकल्प खुले रहेंगे।
सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच यह एयरस्ट्राइक क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ रही है।

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बलिया: 5 लाख के विवाद ने ली किन्नर रेखा की जान

बलिया/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बैरिया क्षेत्र में हुए सनसनीखेज किन्नर रेखा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक करीब पांच लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में आरोपी रवि गुप्ता ने 62 वर्षीय किन्नर रेखा की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को घर की छत पर बने स्टोर रूम में बक्से में छिपा दिया गया। बाद में आरोपी ने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

क्या है पूरा मामला?

भरत छपरा निवासी किन्नर रेखा 17 फरवरी की दोपहर अचानक लापता हो गई थीं। शाम को उनका मोबाइल एक खेत से बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। इसी बीच 19 फरवरी को रानीगंज बाजार निवासी रवि गुप्ता की लाश उसके कमरे में फंदे से लटकती मिली।
संदेह के आधार पर जब पुलिस ने घर की तलाशी ली तो छत पर रखे बक्से से किन्नर रेखा का शव बरामद हुआ।

मामले में पुलिस ने रवि गुप्ता (मृतक), उसके पिता विजय गुप्ता, पत्नी मोना और याची रीता के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।

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5 लाख रुपये का उधार बना हत्या की वजह

पुलिस जांच के अनुसार, रवि गुप्ता पहले मोबाइल और सिम कार्ड की दुकान चलाता था। आमदनी कम होने पर उसने डेयरी व्यवसाय शुरू करने के लिए किन्नर रेखा से करीब पांच लाख रुपये उधार लिए थे।

डेयरी कारोबार में नुकसान होने लगा और आर्थिक दबाव बढ़ गया। इसी बीच रेखा ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए, जिससे दोनों के बीच तनाव गहराता गया।

17 फरवरी को दुकान पर कहासुनी के बाद रवि ने घर पर बुलाकर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी और मोबाइल खेत में फेंक दिया।

पुलिस का बयान

सीओ बैरिया मो. फहीम कुरैशी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पांच से छह लाख रुपये के लेनदेन को हत्या की मुख्य वजह पाया गया है।
पुलिस को रेखा के कमरे की तलाशी में करीब 5.50 लाख रुपये नगद और सोने-चांदी के लगभग 30-30 आभूषण मिले हैं, जिन्हें उनके शिष्य को सुपुर्द कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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भुवनेश्वर प्रोजेक्ट में ‘एलओए’ के बदले घूस का जाल, लखनऊ ट्रैप में WAPCOS अफसर दबोचा

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देवरिया जिले के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव में भी पड़ा छापा

लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा)। केंद्र सरकार के उपक्रम WAPCOS लिमिटेड से जुड़े एक कथित रिश्वत कांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन ब्रांच ने लखनऊ में ट्रैप कार्रवाई कर परियोजना प्रबंधक पंकज दुबे को 10 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया है। प्रकरण में एक ठेकेदार सहित कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि आठ नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, भुवनेश्वर स्थित परियोजनाओं में ठेका दिलाने और स्वीकृति पत्र (एलओए) जारी कराने के एवज में धन की मांग की शिकायत मिली थी। प्रारंभिक सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। आरोप है कि निविदा प्रक्रिया और भुगतान को प्रभावित करने के लिए रकम मांगी गई। ट्रैप के दौरान आरोपी अधिकारी को 10 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया और नकदी बरामद की गई।

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कार्रवाई के बाद सीबीआई ने लखनऊ के चार ठिकानों के अलावा देवरिया, गाजीपुर और भुवनेश्वर में एक साथ कई स्थानों पर तलाशी ली। देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र के ठेंगवल दूबे गांव स्थित आवास पर टीम ने देर रात पहुंचकर घंटों दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अभिलेखों की जांच की। गाजीपुर में संबंधित ठेकेदार के परिसरों की भी तलाशी ली गई।
WAPCOS जल, विद्युत और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में परामर्श सेवाएं देने वाली सरकारी कंपनी है, जिसका कॉरपोरेट मुख्यालय गुरुग्राम में है। आरोप है कि परियोजना प्रबंधक के पद पर रहते हुए आरोपी अधिकारी निविदा आमंत्रण, अनुबंध स्वीकृति, एलओए जारी करने और बिल भुगतान की प्रक्रिया से जुड़े थे, जिनका कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया।
सीबीआई ने जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दायरे में अन्य संभावित कड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है।

शिक्षक आत्महत्या: भुगतान विवाद से उठा प्रशासनिक पारदर्शिता का सवाल

देवरिया में शिक्षक की आत्महत्या: BSA ऑफिस में घूसखोरी का आरोप, सुसाइड नोट में संजीव सिंह का नाम


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद में एक शिक्षक की आत्महत्या ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देवरिया शिक्षक आत्महत्या, BSA देवरिया घूसखोरी, और सुसाइड नोट आरोप जैसे मुद्दे अब प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन चुके हैं। मृतक शिक्षक कृष्णमोहन सिंह ने अपने सुसाइड नोट में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय के बाबू संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
इस पूरे मामले में BSA देवरिया घूसखोरी और देवरिया शिक्षक आत्महत्या की गूंज अब लखनऊ तक पहुंच गई है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवरिया के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन, गौरी बाजार में वर्ष 2016 में नियुक्त शिक्षक कृष्णमोहन सिंह, अपर्णा तिवारी और ओंकार सिंह वर्ष 2021 में एसटीएफ जांच के बाद बर्खास्त कर दिए गए थे। इसके बाद तीनों शिक्षकों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
बताया जाता है कि हाईकोर्ट से बर्खास्तगी निरस्त होने और भुगतान आदेश के बावजूद विभागीय स्तर पर भुगतान रोक दिया गया। आरोप है कि भुगतान कराने के नाम पर प्रति शिक्षक 15 से 16 लाख रुपये की मांग की गई।
यहां से BSA देवरिया घूसखोरी का आरोप सामने आता है।

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सुसाइड नोट में क्या लिखा?
कृष्णमोहन सिंह ने आत्महत्या से पहले लिखे सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि BSA कार्यालय के बाबू संजीव सिंह ने भुगतान जारी कराने के लिए बड़ी रकम की मांग की। उन्होंने लिखा कि वे कर्ज में डूब गए थे और मानसिक तनाव में थे।
सुसाइड नोट में स्पष्ट तौर पर कहा गया कि उनकी मौत के लिए BSA कार्यालय के बाबू संजीव सिंह और संबंधित अधिकारी जिम्मेदार हैं। यह मामला अब सुसाइड नोट आरोप के तहत गंभीर जांच का विषय बन गया है।
परिवार पर आर्थिक संकट
बताया गया कि मृतक शिक्षक ने गहने गिरवी रखे, जमीन रेहन रखी और बैंक से लोन लेकर रकम जुटाई। बावजूद इसके कथित भुगतान प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। लगातार दबाव और अपमान की स्थिति में उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।
यह देवरिया शिक्षक आत्महत्या का मामला अब पूरे प्रदेश में शिक्षा विभाग की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है।
जांच की मांग तेज
मृतक शिक्षक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोप है कि BSA कार्यालय में मिलीभगत से वसूली का नेटवर्क चल रहा था।
प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की जा रही है कि:
पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो।
सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच हो।
संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर पूछताछ की जाए।
पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और न्याय मिले।
शिक्षा विभाग पर गंभीर सवाल
यह पहला मामला नहीं है जब शिक्षा विभाग में भुगतान और नियुक्ति को लेकर विवाद सामने आया हो। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि BSA देवरिया घूसखोरी जैसे आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो इससे विभाग की साख पर स्थायी असर पड़ेगा।
देवरिया शिक्षक आत्महत्या और सुसाइड नोट आरोप अब प्रदेश में प्रशासनिक जवाबदेही की परीक्षा बन गए हैं।
आगे क्या?
मामला संवेदनशील है और कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस और प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रदेश में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर व्यापक बहस छिड़ गई है। सूत्रों की माने तो यह मामला आत्महत्या होने के कारण प्रदेश स्तरीय हो गया है पर ऐसे सैकड़ों मामलों का राज संजीव सिंह व अन्य चर्चित बाबुओं के पास है जैसे दर्जनो विद्यालय के प्रबन्धकीय स्पष्टता न होने पर बड़ी रकम का भुगतान, अपने सगे संबंधियों की नियुक्ति , स्वय की नियुक्ति में पूरी तरह का फर्जी फ़िक्शन फर्जी तथ्य छुपा कर कराना भी बताया जा रहा है यही नहीं महाजन जूनियर हाई स्कूल में संजीव सिंह की पत्नी अमृता सिंह का भी वेतन बाधित है जिसको शिक्षा निदेशक बेसिक उत्तर प्रदेश लखनऊ ने नियुक्तियों को रद्द कर दिया था अगस्त 2021 में आदि दर्जनों प्रकरण है।

“भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की गूँज” पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, इतिहास लेखन के नए आयामों पर गहन चर्चा

फोकस वर्ड – संगोष्ठीटैग – गोरखपुर, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार, राष्ट्रीय संगोष्ठी, स्वतंत्रता आंदोलन, जेएनयू, शैक्षणिक भ्रमण

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग तथा उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार के संयुक्त तत्वावधान में 19 एवं 20 फरवरी को श्री महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय “भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की गूँज: इतिहास लेखन (उत्तर प्रदेश, आंदोलन की केंद्रभूमि के संदर्भ में)” रहा, जिसमें देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए शोधार्थियों एवं प्राध्यापकों ने सक्रिय सहभागिता की।
संगोष्ठी में उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक भूमिका, विशेषकर स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी केंद्रीयता तथा इतिहास लेखन की बदलती प्रवृत्तियों पर गंभीर विमर्श हुआ। वक्ताओं ने अभिलेखीय स्रोतों, प्रतिबंधित साहित्य, जनआंदोलनों और क्षेत्रीय योगदानों के नए आयामों पर प्रकाश डाला और स्वतंत्रता संग्राम के पुनर्पाठ की आवश्यकता पर बल दिया।
संगोष्ठी के उपरांत शनिवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली के शोधार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर का शैक्षणिक भ्रमण किया। कार्यक्रम की शुरुआत आधुनिक इतिहास विभाग में आयोजित संवाद सत्र से हुई, जिसमें दोनों विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों ने संगोष्ठी की प्रासंगिकता, प्रमुख निष्कर्षों और भविष्य की शोध संभावनाओं पर विचार साझा किए।
जेएनयू के एशियन स्टडी विभाग के आचार्य प्रो. हृदयनारायण के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने इतिहास विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक प्रो. मनोज कुमार तिवारी सहित विभाग के शिक्षकों और शोधार्थियों के प्रति आतिथ्य एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। जेएनयू की शोधार्थी जश्नप्रीत रंधावा तथा प्रियंका यादव ने इस शैक्षणिक प्रवास को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और आपसी अकादमिक संबंधों को सुदृढ़ करने वाला अनुभव बताया।
भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने विश्वविद्यालय पुस्तकालय, चौरी-चौरा शहीद स्मारक, कला संकाय, प्राचीन इतिहास विभाग के संग्रहालय के साथ-साथ रेल संग्रहालय गोरखपुर एवं विन्ध्यवासिनी पार्क का अवलोकन किया।
तीन दिवसीय इस शैक्षणिक प्रवास को प्रतिभागियों ने अकादमिक संवाद और ऐतिहासिक समझ के विस्तार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण एवं स्मरणीय बताया।

औद्योगिक भ्रमण से विद्यार्थियों ने समझी ग्राहक सेवा और उद्योग संचालन प्रणाली

बिछुआ (राष्ट्र की परम्परा) शासकीय महाविद्यालय बिछुआ के स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं एन.आई.आई.टी. के संयुक्त तत्वावधान में स्नातक एवं स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को एक दिवसीय औद्योगिक भ्रमण कराया गया। इस शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत विद्यार्थियों ने छिंदवाड़ा स्थित स्टार्टेक कंपनी का दौरा कर उद्योग जगत की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को एयरटेल एवं वोडाफोन डी2एच की प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि ग्राहक सेवा (Customer Service) किस प्रकार संचालित होती है, कॉल हैंडलिंग, समस्या समाधान, डेटा प्रबंधन तथा गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रिया कैसे लागू की जाती है। विद्यार्थियों ने कंपनी के कार्य वातावरण, टीम समन्वय और लक्ष्य आधारित कार्य प्रणाली को भी समझा।
इस व्यावहारिक अनुभव से विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक कार्यप्रणाली की महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं। भ्रमण के उपरांत विद्यार्थियों ने अपने अध्ययन और अवलोकन पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की, जिससे उनके विश्लेषणात्मक कौशल का विकास हुआ।
औद्योगिक भ्रमण में लगभग 29 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.पी. यादव के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में संपन्न हुआ। भ्रमण दल का नेतृत्व स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. फरहत मंसूरी ने किया।
भ्रमण दल के साथ प्राध्यापक प्रवीण मंडराह, डॉ. शाहिदा बेगम मंसूरी, शिवानी सोनी तथा एन.आई.आई.टी. से प्रतीक डबली, नीरज कुमार और मेघा राय भी उपस्थित रहे।
इस औद्योगिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक प्रक्रियाओं से परिचित कराना तथा उन्हें भविष्य के कैरियर विकल्पों के प्रति जागरूक बनाना रहा, जिससे वे अपने शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ सकें।

सड़क हादसे में डाक्टर पुत्र की मौत, दोस्त गंभीर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के दुधारा थाना क्षेत्र में गगैईचा-दसावा मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में मशहूर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरशद हुसैन के पुत्र मोहम्मद अनस की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद एक दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक का अस्पताल में उपचार जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहम्मद अनस अपने मित्र के साथ बुलेट मोटरसाइकिल से कहीं जा रहे थे। गंगैचा कब्रिस्तान मोड़ के पास अचानक बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दोनों को अस्पताल भिजवाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मोहम्मद अनस को मृत घोषित कर दिया, जबकि उनके दोस्त को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।

मोहम्मद अनस इंटरमीडिएट के छात्र थे। उनके असामयिक निधन से परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर है। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

नन्हे विद्यार्थियों ने मंच पर बिखेरी प्रतिभा, सौर मंडल और ऋतुओं की दी प्रभावशाली प्रस्तुति

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय खलीलाबाद के विधियानी स्थित राज ग्लोबल किड्स एकेडमी में शनिवार को आयोजित क्लास प्रेजेंटेशन कार्यक्रम में प्लेवे से यूकेजी तक के विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास और उत्साह के साथ मंच पर प्रस्तुतियां दीं। सौर मंडल, विभिन्न ऋतुओं और रंगों पर आधारित प्रस्तुतियां कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अंत में प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परंपरा के अनुसार मैनेजिंग डायरेक्टर सुधा सिंह, प्रधानाचार्य आर.के. श्रीवास्तव और कार्यक्रम समन्वयक कविता एस. महान द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन के बाद सभागार तालियों की गूंज से भर गया और बच्चों ने क्रमवार अपनी प्रस्तुतियां दीं।

यूकेजी एवं एलकेजी के विद्यार्थियों ने सौर मंडल की प्रस्तुति देते हुए ग्रहों के नाम, उनकी विशेषताएं और अंतरिक्ष में उनकी स्थिति के बारे में जानकारी साझा की। कम आयु में विषय की स्पष्ट समझ और मंच पर सशक्त अभिव्यक्ति ने अभिभावकों को प्रभावित किया।
एलकेजी के विद्यार्थियों ने विभिन्न ऋतुओं का जीवंत मंचन किया, जिसमें आकर्षक वेशभूषा और प्रभावी संवाद अदायगी देखने को मिली।
प्लेवे के बच्चों ने रंगों पर आधारित प्रस्तुति देकर अपनी मासूम अदाओं और सुस्पष्ट उच्चारण से सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल और नेतृत्व क्षमता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। अभिभावकों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में मंच भय समाप्त होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
प्रधानाचार्य आर.के. श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास से जुड़ा है। विद्यालय निरंतर ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देता है।
मैनेजिंग डायरेक्टर सुधा सिंह ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा जीवन की नींव है और इस स्तर पर आत्मविश्वास, अनुशासन तथा नेतृत्व गुणों का विकास आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों के सहयोग को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया।
उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले प्रमुख छात्र-छात्राओं में आरना, विनायक त्रिपाठी और निमिषा शामिल रहीं। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह और प्रेरणा से ओतप्रोत रहा।

नाविकों की तत्परता से टली अनहोनी, भागलपुर पक्का पुल पर युवती की बची जान


भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।भागलपुर स्थित पक्का पुल, जिसे हाल के दिनों में घटनाओं के कारण “डेथ पॉइंट” के रूप में चर्चा मिल रही थी, शनिवार को मानवता और साहस की मिसाल बन गया। पुल से नदी में कूदने वाली एक युवती को नाविकों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचा ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलिया जनपद की 19 वर्षीय ज्योति चौहान, पुत्री विश्वकर्मा चौहान, निवासी गगहा डीह थाना नगरा (देवरिया), ने अचानक भागलपुर पक्के पुल से नदी में छलांग लगा दी। उस समय नदी में मौजूद नाविकों की नजर जैसे ही युवती पर पड़ी, वे तत्काल उसकी ओर बढ़े और बिना समय गंवाए उसे पानी से बाहर निकाल लिया।
बताया जा रहा है कि यह घटना उभाव थाना क्षेत्र के अंतर्गत भागलपुर पक्का पुल के पास हुई। इसी स्थान के समीप तुर्तीपार क्षेत्र में नए पुल का निर्माण कार्य भी जारी है, जिससे इलाके में गतिविधियां बढ़ी हुई हैं।
नाविकों ने युवती को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद तत्काल उसके परिजनों को सूचना दी। प्राथमिक उपचार की व्यवस्था कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। नाविकों की सतर्कता और साहसिक प्रयास से एक बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय लोगों ने नाविकों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सजगता और मानवीय संवेदनशीलता के कारण एक अनमोल जीवन बच सका।

अजीतमल में संपूर्ण समाधान दिवस: 106 शिकायतें प्राप्त, 7 का मौके पर निस्तारण

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)अजीतमल संपूर्ण समाधान दिवस के तहत शनिवार को तहसील सभागार में जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने आमजन की समस्याएं सुनीं और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी औरैया एवं अभिषेक भारती, पुलिस अधीक्षक, ने संयुक्त रूप से फरियादियों के आवेदन पत्रों पर संज्ञान लिया।अजीतमल संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 106 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का स्थलीय सत्यापन कर नियमानुसार, समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही या अनियमितता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही निस्तारण के साक्ष्य के रूप में गवाहों के हस्ताक्षर, फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए।जनसुनवाई में बिजली बिल से जुड़ी शिकायत, विधवा पेंशन पुनः प्रारंभ कराने का मामला और भूमि विवाद जैसे प्रकरण प्रमुख रहे। एक प्रार्थिनी ने फर्जी बिजली चोरी चालान निरस्त कराने की मांग की, जिस पर अधिशासी अभियंता विद्युत को जांच के निर्देश दिए गए। वहीं विधवा पेंशन बंद होने की शिकायत पर जिला प्रोबेशन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया। भूमि विवाद के मामले में तहसीलदार अजीतमल को जांच कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।अजीतमल संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासन की सक्रियता से फरियादियों को भरोसा मिला कि उनकी समस्याओं का समाधान पारदर्शी और प्रभावी ढंग से किया जाएगा।

विकासखंड का औचक निरीक्षण, योजनाओं की प्रगति और अभिलेखों की हुई गहन समीक्षा

मोहम्दाबाद (राष्ट्र की परम्परा)l मोहम्दाबाद गोहना विकासखंड में प्रशासन ने कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा करते हुए औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र विकासखंड कार्यालय पहुंचे और विभिन्न पटलों का निरीक्षण कर पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान स्थापना रजिस्टर, सर्विस बुक, शिकायत पंजिका, योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई। विशेष रूप से मनरेगा पटल पर संबंधित रजिस्टरों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की पत्रावलियों का परीक्षण किया गया। दस्तावेजों का सुव्यवस्थित रख-रखाव और कार्यालय की साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई, जिस पर संतोष व्यक्त किया गया।ग्रांट रजिस्टर की समीक्षा में दो बंद हो चुकी परियोजनाओं की अप्रयुक्त धनराशि अवशेष मिली। इस पर संबंधित मदों में शेष धनराशि तत्काल वापस कर इसकी सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायतों में संचालित विकास कार्यों, खासकर मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों का स्थलीय सत्यापन और क्रॉस-चेकिंग अनिवार्य रूप से कराने को कहा गया।सभी एडीओ से योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट ली गई तथा अभिलेखों के बेहतर संरक्षण के लिए मूल रजिस्टर तैयार रखने पर बल दिया गया। साथ ही कार्यालय में समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने और आमजन की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।मोहम्दाबाद गोहना विकासखंड निरीक्षण से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन विकास कार्यों की सतत निगरानी और वित्तीय अनुशासन को लेकर गंभीर है।

पुलिस प्रशासन ने अभिलेख, मालखाना व हवालात व्यवस्था की जांच

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l जिले के थाना तरकुलवा निरीक्षण के तहत पुलिस प्रशासन ने व्यापक समीक्षा अभियान चलाया। आनन्द कुमार पाण्डेय, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी), ने थाना परिसर पहुंचकर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान थाना कार्यालय में रखे अपराध रजिस्टर, लंबित विवेचनाएं, माल मुकदमाती अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और जब्त माल के विधिक प्रक्रिया के तहत समयबद्ध समाधान पर विशेष जोर दिया गया। मालखाना प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सूचीकरण, अभिलेखीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए गए।हवालात का निरीक्षण करते समय बंदियों की सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का परीक्षण किया गया। मेस और आरक्षी बैरक की साफ-सफाई एवं अनुशासन व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश भी जारी किए गए। शस्त्रागार में रखे हथियारों की नियमित जांच, साफ-सफाई और सुरक्षित रख-रखाव सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।इसके अतिरिक्त सीसीटीएनएस शाखा का निरीक्षण कर ऑनलाइन अपराध डेटा की प्रविष्टि और अपडेट की स्थिति की समीक्षा की गई। इस अवसर पर संजय कुमार रेड्डी (क्षेत्राधिकारी नगर) तथा भूपेन्द्र सिंह (प्रभारी थानाध्यक्ष) भी उपस्थित रहे।देवरिया थाना तरकुलवा निरीक्षण से स्पष्ट है कि जनपद में पुलिस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने की दिशा में प्रशासन सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

कलश यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों और वैदिक मंत्रों से गूंजा गांव

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर विकास खंड के ग्रामसभा अगया में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन शनिवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ऐतिहासिक काली माता मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे, जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली शोभा यात्रा ने पूरे गांव को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।
आचार्य शिवशंकर द्विवेदी के नेतृत्व में वैदिक मंत्रों की गूंज के साथ यात्रा यजमान रमाकांत मौर्य के आवास से प्रारंभ होकर पूरे अगया गांव का भ्रमण करते हुए अगया पुल पहुंची, जहां 101 कुंवारी कन्याओं ने विधि-विधान से कलशों में पवित्र जल भरा। इस दौरान जय श्रीराम और धार्मिक नारों की गूंज से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा और श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए।
जल भरने के बाद शोभायात्रा पुनः कथा स्थल पहुंची, जहां 33 कोटि देवी-देवताओं का आह्वान कर श्रीमद्भागवत कथा के महामंत्रों के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया तथा यात्रा में शामिल सभी लोगों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई, जिससे आयोजन में सहभागिता और उत्साह और बढ़ गया।
कार्यक्रम की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शिकारपुर चौकी प्रभारी अवधेश सिंह पुलिस बल के साथ पूरे समय मुस्तैद रहे। आयोजक शत्रुजीत मौर्य ने बताया कि कथा के सातों दिन धार्मिक प्रवचन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता को बल मिलेगा।
इस अवसर पर कथावाचक अजय शंकर तिवारी भार्गव महाराज (काशी), आचार्य शिवशंकर द्विवेदी, सहयोगी प्रतीप मिश्रा, संगीतकार अविनाश द्विवेदी, तबला वादक अनिल द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में श्रोता और ग्रामवासी मौजूद रहें।

परिवहन विभाग का विशेष मेला, कर भुगतान प्रक्रिया को बनाया गया आसान

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय में आयोजित परिवहन मेला के दौरान एकमुश्त कर जमा योजना को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी सुहेल अहमद ने जनपद की ऑटो रिक्शा यूनियन, ट्रक यूनियन एवं बस यूनियन के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर योजना की विशेषताओं और लाभों की जानकारी दी। उन्होंने वाहन स्वामियों से अपील की कि वे एकमुश्त कर जमा योजना का लाभ उठाते हुए अपना बकाया कर एकबारीय जमा करें और भविष्य की जटिलताओं से बचें।
वाहन स्वामियों को दी गई विस्तृत जानकारी
बैठक में बताया गया कि शासन द्वारा लागू एकमुश्त कर जमा योजना के अंतर्गत विभिन्न श्रेणी के व्यवसायिक वाहनों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। इसका उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना और वाहन स्वामियों को राहत प्रदान करना है।
अधिकारी ने बताया कि भाड़े या पारिश्रमिक पर संचालित दो पहिया मोटरसाइकिल पर वाहन मूल्य का 12 प्रतिशत कर निर्धारित है। तिपहिया मोटर कैब पर 7 प्रतिशत कर देय होगा। वहीं 10 लाख रुपये तक की कीमत वाली मोटर कैब/मैक्सी कैब पर 10 प्रतिशत तथा 10 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली मोटर कैब/मैक्सी कैब पर 12 प्रतिशत कर निर्धारित किया गया है।
इसी प्रकार निर्माण उपस्कर या विशेष प्रयोजन यान पर 6 प्रतिशत कर निर्धारित किया गया है। 3000 किलोग्राम तक के सकल भार वाले माल वाहनों पर 3 प्रतिशत तथा 3000 किलोग्राम से 7500 किलोग्राम तक के माल वाहनों पर 6 प्रतिशत कर देय होगा।
इन दरों के माध्यम से एकमुश्त कर जमा योजना के अंतर्गत वाहन स्वामियों को एक ही बार में कर भुगतान कर दीर्घकालिक राहत प्राप्त करने का अवसर दिया जा रहा है।
कर भुगतान में सरलता और पारदर्शिता
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि एकमुश्त कर जमा योजना का मुख्य उद्देश्य कर भुगतान प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है। नियमित किस्तों या लंबित बकाये की जटिलताओं से बचते हुए वाहन स्वामी एकमुश्त कर जमा कर अपने वाहन संचालन को सुचारु रूप से जारी रख सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि समय पर कर भुगतान न करने पर वाहन स्वामियों को दंडात्मक कार्रवाई, जुर्माना अथवा अन्य प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में एकमुश्त कर जमा योजना उनके लिए एक सुनहरा अवसर है।
यूनियन पदाधिकारियों ने जताई सहमति
ऑटो, ट्रक और बस यूनियन के पदाधिकारियों ने बैठक में भाग लेते हुए योजना के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे अपने-अपने यूनियन सदस्यों को एकमुश्त कर जमा योजना की जानकारी देंगे और अधिक से अधिक वाहन स्वामियों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास करेंगे।
यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि यह योजना न केवल कर भुगतान को सरल बनाती है बल्कि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक परेशानी से भी बचाती है।
परिवहन मेला का उद्देश्य
परिवहन मेला का आयोजन केवल कर वसूली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे जागरूकता और संवाद का मंच बनाया गया। अधिकारी और कर्मचारियों ने वाहन स्वामियों की समस्याओं को भी सुना तथा समाधान का आश्वासन दिया।
एकमुश्त कर जमा योजना के प्रचार-प्रसार के माध्यम से विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि अधिक से अधिक वाहन स्वामी स्वेच्छा से कर जमा करें और शासन की राजस्व प्रणाली को मजबूत बनाएं।
राजस्व वृद्धि और विकास में योगदान
विशेषज्ञों का मानना है कि एकमुश्त कर जमा योजना से न केवल वाहन स्वामियों को लाभ होगा, बल्कि राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी। कर संग्रहण में पारदर्शिता आने से विकास योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे।
परिवहन विभाग द्वारा आयोजित ऐसे मेलों से प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास भी बढ़ता है। यह पहल सरकार की कर सुधार नीति के अनुरूप मानी जा रही है।
बकाया कर से मुक्ति का अवसर
कई वाहन स्वामी ऐसे हैं जिनका कर लंबे समय से बकाया है। ऐसे में एकमुश्त कर जमा योजना उन्हें एक अवसर प्रदान करती है कि वे एक ही बार में कर जमा कर अपने रिकॉर्ड को अपडेट करा लें। इससे वाहन का पंजीकरण, फिटनेस, परमिट आदि कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
कार्यालय के कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी
इस कार्यक्रम में सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय के सभी कर्मचारीगण उपस्थित रहे। उन्होंने वाहन स्वामियों को फार्म भरने, दरों की जानकारी देने और प्रक्रिया समझाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में पुनः अपील की गई कि सभी पात्र वाहन स्वामी एकमुश्त कर जमा योजना का लाभ अवश्य उठाएं और समय रहते अपना कर जमा करें।

फरेंदा में संपूर्ण समाधान दिवस: डीएम-एसपी ने सुनीं सैकड़ों फरियादें, भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण पर जोर

मौके पर जांच, समयबद्ध कार्रवाई और पारदर्शी समाधान के सख्त निर्देश,
फरियादियों को मिला भरोसा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील फरेंदा में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस जनसमस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच साबित हुआ, जहां जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से फरियादियों की शिकायतें सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में दूर-दराज गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, अवैध कब्जा, पारिवारिक झगड़े, पुलिस कार्रवाई, राजस्व अभिलेख त्रुटि और जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों में मौके पर ही संबंधित विभागों को कार्रवाई के आदेश दिए।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में भूमि विवादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए पहले से भूमि विवाद सेल का गठन किया गया है। इस सेल में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर शिकायतों की जमीनी स्तर पर जांच और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। टीमों को निर्देशित किया गया है कि वे शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर तथ्यात्मक जांच करें और दोनों पक्षों को सुनकर विवाद का स्थायी समाधान निकालें, जिससे छोटे विवाद बड़े कानून- व्यवस्था के मुद्दे में न बदलें।
पुलिस अधीक्षक ने समाधान दिवस में मौजूद पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों का केवल औपचारिक निस्तारण न कर गुणवत्तापूर्ण और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों का निस्तारण क्षेत्रीय स्तर पर संभव नहीं है, उनमें विस्तृत आख्या लगाकर संबंधित उच्चाधिकारियों को तत्काल प्रेषित किया जाए, ताकि शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक चक्कर न लगाना पड़े और समय से न्याय मिल सके। इसके अतिरिक्त विभिन्न तहसीलों में क्षेत्राधिकारियों ने संबंधित उपजिलाधिकारियों के साथ मिलकर शिकायतें सुनीं और निस्तारण के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य जनता को एक ही मंच पर त्वरित राहत देना है और इसमें लापरवाही या अनावश्यक विलंब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। फरियादियों ने भी समाधान दिवस में अपनी समस्याएं सीधे शीर्ष अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिलने पर संतोष जताया और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद व्यक्त की।