Sunday, May 3, 2026
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संकल्प दिवस: राष्ट्रीय अस्मिता और अखंडता का प्रश्न

महर्षि कश्यप की तपोभूमि का एक-एक इंच हमारा है!

22 फरवरी 1994 का दिन भारतीय संसदीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है। इसी दिन संसद ने सर्वसम्मति से यह ऐतिहासिक संकल्प पारित किया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और उसके जिस हिस्से पर पाकिस्तान तथा चीन का अवैध कब्जा है, उसे वापस लेने का राष्ट्रीय संकल्प अटल है। यह दिन केवल एक राजनीतिक घोषणा भर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता, संप्रभुता और अखंडता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का कुल क्षेत्रफल लगभग 2,22,236 वर्ग किलोमीटर है। इसमें से एक बड़ा भाग आज भी पाकिस्तान और चीन के कब्जे में है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान का क्षेत्रफल लगभग 64,817 वर्ग किमी, पाकिस्तान अधिकृत जम्मू क्षेत्र का लगभग 13,297 वर्ग किमी तथा चीन के कब्जे वाले अक्साई चिन क्षेत्र का लगभग 42,735 वर्ग किमी माना जाता है। ये आंकड़े केवल भौगोलिक विस्तार नहीं दर्शाते, बल्कि उन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामरिक आयामों की भी याद दिलाते हैं, जिनसे यह क्षेत्र जुड़ा है।
जम्मू-कश्मीर को प्राचीन ग्रंथों में महर्षि कश्यप की तपोभूमि बताया गया है। यहां की सांस्कृतिक विरासत, विविधता और आध्यात्मिक परंपरा भारतीय सभ्यता की समृद्धि को प्रतिबिंबित करती है। इसलिए इस भूभाग का प्रश्न केवल सीमाओं का विवाद नहीं, बल्कि ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक धरोहर का भी विषय है।
1994 का संसदीय संकल्प इस बात का स्पष्ट संदेश था कि भारत अपनी क्षेत्रीय अखंडता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। समय के साथ परिस्थितियां बदलीं, संवैधानिक व्यवस्थाओं में परिवर्तन हुए, और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर दृष्टिकोण और अधिक सुदृढ़ हुआ। किंतु मूल भावना वही है। देश की एक-एक इंच भूमि की रक्षा।
आज जब वैश्विक राजनीति तेजी से बदल रही है, तब इस संकल्प दिवस का महत्व और बढ़ जाता है। यह हमें स्मरण कराता है कि राष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट रहना ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति है। संसद की सर्वसम्मति ने यह सिद्ध किया था कि जब बात राष्ट्र की हो, तो पूरा देश एक स्वर में बोलता है।
संकल्प दिवस केवल अतीत की घटना नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा है। यह हमें राष्ट्रीय हितों के प्रति सजग, जागरूक और प्रतिबद्ध रहने का संदेश देता है। राष्ट्र की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है।
इस दिन का सार यही है- संकल्प अटल रहे, एकता मजबूत रहे और राष्ट्र सर्वोपरि रहे।

महराजगंज: भारत–नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी: संयुक्त पैदल गश्त से तस्करों में हड़कंप, सघन चेकिंग अभियान जारी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारत–नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए रविवार को प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम ने नौतनवां क्षेत्र के खनुआं बॉर्डर पर व्यापक पैदल गश्त और सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान का नेतृत्व अपर जिला मजिस्ट्रेट ने किया। इस दौरान उपजिलाधिकारी नौतनवां, क्षेत्राधिकारी नौतनवां, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) तथा पुलिस के अधिकारी और जवान मौजूद रहे।

सीमा पर हर गतिविधि पर पैनी नजर

गश्त के दौरान सीमा से आने-जाने वाले लोगों की गहन जांच की गई। संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखते हुए अधिकारियों ने तस्करी, अवैध कारोबार और अन्य आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए मौके पर तैनात जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पूरे दिन सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों की सक्रियता बनी रही, जिससे तस्करों और असामाजिक तत्वों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।

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नेपाल चुनाव व त्योहारों को लेकर सतर्कता

नेपाल में प्रस्तावित चुनाव और आगामी त्योहारों को देखते हुए अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया। उनका कहना है कि संवेदनशील समय में अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।

ग्रामीणों को किया गया जागरूक

संयुक्त टीम ने गश्त के दौरान स्थानीय ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। ग्रामीणों से अपील की गई कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस अथवा सुरक्षा बलों को सूचना दें। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सीमा पर नियमित गश्त व चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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खेती-किसानी को नई दिशा देगा केंद्रीय बजट: पवन मिश्र

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) । प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट के समर्थन में भाजपा किसान मोर्चा की देवरिया देहात मंडल, गौरीबाजार मंडल और बैतालपुर मंडल में कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए Pawan Kumar Mishra, जिलाध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा, ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार कृषि बजट में वृद्धि कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इस वर्ष का कृषि बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक है।

“कम लागत, अधिक उत्पादन” पर जोर

पवन मिश्र ने कहा कि सरकार कम लागत और अधिक उत्पादन की नीति पर काम कर रही है। कृषि अनुसंधान और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार का कृषि बजट खेती-किसानी को नई दिशा और नई गति देगा तथा किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देगा।

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एसआईआर अभियान पर भी चर्चा

बैठक में एसआईआर अभियान पर चर्चा करते हुए प्रत्येक बूथ पर 50 नए मतदाताओं को जोड़ने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और कृषि मंत्री को संबोधित धन्यवाद पत्र भी लिखा।

इस अवसर पर सुब्रत सिंह, कमलेश मौर्य, सत्येंद्र सिंह सोनू, अरुण मिश्र, आदित्य सिंह गोलू, विकास मणि त्रिपाठी, देवेंद्र राय, हरदेव सिंह, मंजेश कुशवाहा और अमरजीत मिश्र सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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14 स्थानों पर 242 व्यक्तियों और 127 वाहनों की जांच

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के तहत सुबह 5 बजे से 8 बजे तक जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।यह अभियान पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में संचालित किया गया। अभियान का उद्देश्य केवल वाहनों की जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामुदायिक पुलिसिंग के तहत नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित कर विश्वास का वातावरण तैयार करना भी प्रमुख लक्ष्य रहा।सुरक्षा और संवाद का अनूठा प्रयास देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के दौरान सभी थाना प्रभारी और थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र में स्वयं उपस्थित रहे। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों, पार्कों में व्यायाम कर रहे युवाओं, टहलने निकले बुजुर्गों और स्थानीय नागरिकों से पुलिस अधिकारियों ने बातचीत की।अधिकारियों ने लोगों को बताया कि इस अभियान का मकसद अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस और जनता के बीच दूरी कम करना है।छोटे-छोटे विवादों को स्थानीय स्तर पर सुलझाने, युवाओं को जागरूक करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए यह पहल की गई है।पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या डायल सेवा पर दें। इस दौरान लोगों ने पुलिस की पहल की सराहना की और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संतोष जताया। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर विशेष नजर देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के दौरान जिले के कुल 14 प्रमुख स्थानों पर सघन जांच की गई। पुलिस टीमों ने 242 व्यक्तियों और 127 वाहनों की जांच की।
चेकिंग के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया:
संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और पूछताछ
बिना वैध कागजात वाले वाहनों की जांच
तीन सवारी बैठाकर चलने वाले दोपहिया वाहनों पर कार्रवाई
मोडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों का चालान
नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर सख्त कार्रवाई
अवैध असलहा और मादक पदार्थों की जांच
चोरी की गाड़ियों की पहचान
पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। विशेष रूप से युवाओं को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया गया।मित्र पुलिसिंग को बढ़ावा देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू ‘मित्र पुलिसिंग’ रहा। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से कहा कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा का भरोसेमंद साथी है।अभियान के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय समस्याओं पर चर्चा हुई। कुछ नागरिकों ने स्ट्रीट लाइट, असामाजिक तत्वों की गतिविधियों और यातायात संबंधी मुद्दों की जानकारी दी, जिस पर संबंधित थानों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार के अभियान अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास पैदा करने में कारगर साबित होते हैं।अपराध नियंत्रण की दिशा में ठोस कदम सुबह के समय पार्क, बाजार और प्रमुख सड़कों पर सक्रिय उपस्थिति से अपराध की संभावनाओं को कम करने में मदद मिलती है। कई बार चोर या असामाजिक तत्व सुबह के समय सुनसान स्थानों को निशाना बनाते हैं। ऐसे में देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान जैसे प्रयास अपराध पर अंकुश लगाने में सहायक हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित गश्त और अचानक चेकिंग से आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगती है। पुलिस द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर उपस्थिति से सुरक्षा का संदेश जाता है और असामाजिक तत्वों में हड़कंप की स्थिति बनती है।जनसहभागिता से मजबूत होगी कानून व्यवस्था देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि पुलिस और जनता के बीच संवाद बढ़ाने से कई समस्याओं का समाधान आसानी से हो सकता है।अभियान में शामिल अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से चलाए जाएंगे। पुलिस प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि आवश्यकतानुसार अलग-अलग समय पर विशेष चेकिंग अभियान संचालित किए जाएंगे।पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता: शांति और विश्वास पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाया गया यह अभियान इस बात का संकेत है कि देवरिया पुलिस कानून व्यवस्था को लेकर सतर्क है। आमजन की सुरक्षा, शांति और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान ने यह संदेश दिया है कि पुलिस न केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, बल्कि नागरिकों के साथ सहयोग और संवाद को भी महत्व दे रही है।जनता की सकारात्मक प्रतिक्रिया से उत्साहित पुलिस विभाग आने वाले दिनों में ऐसे और भी जागरूकता एवं चेकिंग अभियान चलाने की तैयारी में है।

पीपीगंज में छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल: जबरन संबंध का दबाव, जांच के आदेश

गोरखपुर/पीपीगंज (राष्ट्र की परम्परा)। पीपीगंज थाना क्षेत्र में इंटर की एक छात्रा ने कारोबारी के बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि युवक ने पहले नजदीकियां बढ़ाईं और फिर एडिट किए हुए फोटो व अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर जबरन संबंध बनाने का दबाव बनाया। विरोध करने पर कथित तौर पर वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया।

मां के साथ पुलिस कार्यालय पहुंची छात्रा

डरी-सहमी छात्रा शनिवार को अपनी मां के साथ पुलिस कार्यालय पहुंची और न्याय की गुहार लगाई। छात्रा का कहना है कि धमकियों के कारण उसने स्कूल जाना कम कर दिया था। वह मानसिक तनाव में रहने लगी और हर आहट पर घबरा उठती थी।

मां के पूछने पर छात्रा ने रोते हुए पूरी घटना बताई। आरोप है कि शिकायत करने पर आरोपी पक्ष ने बदनामी और ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए स्थानीय व्यापारियों के जरिए सुलह कराने का दबाव बनाया।

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पुलिस पर भी सवाल

परिजनों का आरोप है कि पहले पुलिस ने भी स्थानीय दबाव में कार्रवाई की बजाय समझौता करा दिया। हालांकि, अब मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है।
Abhinav Tyagi, एसपी सिटी, ने कहा कि मामला संज्ञान में है और सभी पहलुओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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प्रयागराज कोर्ट का आदेश: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR दर्ज होगी

प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा)। प्रयागराज की विशेष पॉक्सो अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने झूंसी थाने के प्रभारी को बच्चों के यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किया स्वागत

Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने अदालत के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि मुकदमा दर्ज होगा तो जांच आगे बढ़ेगी और सच्चाई सामने आ जाएगी।

उन्होंने कहा कि देशभर की निगाह इस मामले पर है, इसलिए जांच और अदालती प्रक्रिया जल्द पूरी होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाने वाले को “हिस्ट्रीशीटर” बताते हुए कहा कि दो हलफनामों में से एक फर्जी है और जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा।

उन्होंने कहा, “हम आम आदमी की तरह आरोपों का सामना करेंगे। बिना जांच मामला बंद होगा तो सवाल उठेंगे, इसलिए जांच जरूरी है।”

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शिकायतकर्ता का दावा: “पहली नजर में न्याय मिला”

शिकायतकर्ता आशुतोष पांडे ने कहा कि अदालत ने अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। उनके अनुसार यह आदेश नाबालिग बच्चों से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच के लिए है।

उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे बच्चों के साथ अश्लील हरकतें और यौन अपराध किए गए। अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच के भी निर्देश दिए हैं।

किन धाराओं में FIR की मांग

विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) की अदालत में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 69, 74, 75, 76, 79, 109 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई थी।
साथ ही पॉक्सो अधिनियम की धारा 3, 5, 9 और 17 के तहत भी कार्रवाई की मांग की गई। अदालत ने याचिका स्वीकार कर पुलिस को जांच का आदेश दिया है।

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Samajwadi Party का बागियों के लिए ‘वापसी फॉर्मूला’: राज्यसभा वोट से खुलेगा रास्ता

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। Samajwadi Party (सपा) ने अपने बागी विधायकों की घर वापसी के लिए साफ फॉर्मूला तय कर दिया है। पार्टी का संदेश है—जिस रास्ते बाहर गए थे, उसी रास्ते से लौट सकते हैं। यानी, पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में की गई क्रॉस वोटिंग का “प्रायश्चित” इस साल होने वाले राज्यसभा चुनाव में सपा उम्मीदवारों को वोट देकर किया जा सकता है।

अखिलेश यादव ने स्थिति की स्पष्टता

राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक सपा अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने बागी विधायकों को लेकर रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी संपर्क में आए विधायकों के प्रति नकारात्मक नहीं है, लेकिन “लॉयलिटी” साबित करने की शर्त रखी गई है।

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2024 राज्यसभा चुनाव की पृष्ठभूमि

फरवरी 2024 में हुए Rajya Sabha election in Uttar Pradesh 2024 में भाजपा के 8 और सपा के 2 प्रत्याशी जीते थे।
सपा के सात विधायकों—मनोज पांडेय, राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चुतर्वेदी और आशुतोष मौर्य—ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया था।

इसके चलते भाजपा के आठवें उम्मीदवार संजय सेठ जीत गए, जबकि सपा के तीसरे प्रत्याशी आलोक रंजन हार गए।
बाद में सपा ने मनोज पांडेय, अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और पूजा पाल को निष्कासित कर दिया था।

रखी गई है यह शर्त

सूत्रों के अनुसार यूपी कोटे की 10 राज्यसभा सीटें 25 नवंबर को रिक्त हो रही हैं। उससे पहले होने वाले चुनाव में अगर बागी विधायक सपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करते हैं, तो उन्हें पार्टी में वापस लिया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि किसी प्रकार का लिखित माफीनामा नहीं लिया जाएगा—सिर्फ वोट के जरिए निष्ठा साबित करनी होगी।

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क्या कहता है आपका मूलांक? जानें इस सप्ताह का अंक ज्योतिष भविष्यफल

साप्ताहिक मूलांक राशिफल: मूलांक 1 से 9 तक का विस्तृत भविष्यफल, जानें इस सप्ताह का अंक ज्योतिष भविष्यफल

इस साप्ताहिक मूलांक राशिफल में हम मूलांक 1 से 9 तक के जातकों के लिए अंक ज्योतिष भविष्यफल, करियर, धन, स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन और उपायों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत कर रहे हैं। यह साप्ताहिक मूलांक राशिफल पाठकों को सप्ताह की सही योजना बनाने में मदद करेगा।
🔴 मूलांक 1 साप्ताहिक मूलांक राशिफल (जन्म तिथि 1, 10, 19, 28)
मूलांक 1 का प्रतिनिधित्व सूर्य देव करते हैं। इस सप्ताह की शुरुआत यात्राओं के लिए शुभ रहेगी। हालांकि मध्य सप्ताह में थकान और आलस्य महसूस हो सकता है। क्रोध और विवाद से बचें।
सप्ताह के मध्य से कार्यक्षेत्र में नई शुरुआत के योग हैं। धन लाभ की संभावना बनेगी। सप्ताहांत में भावनात्मक निर्णय लेने से बचें।
करियर: नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
धन: आय में वृद्धि के संकेत।
स्वास्थ्य: सिरदर्द व थकान संभव।
उपाय: घर में जंग लगा लोहा न रखें। खराब विद्युत उपकरण तुरंत ठीक कराएं।
मूलांक 2 साप्ताहिक मूलांक राशिफल (जन्म तिथि 2, 11, 20, 29)
मूलांक 2 चंद्र देव से प्रभावित होता है। सप्ताह की शुरुआत सावधानी से करें। मानसिक तनाव हो सकता है।
मध्य सप्ताह में सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते समय विशेष सावधानी रखें।
करियर: लंबित कार्य पूरे करें।
धन: सरकारी लाभ संभव।
स्वास्थ्य: नींद की कमी से बचें।
उपाय: जल का अपव्यय न करें। चांदी के पात्र में जल पिएं।
🟡 मूलांक 3 साप्ताहिक मूलांक राशिफल (जन्म तिथि 3, 12, 21, 30)
मूलांक 3 पर बृहस्पति का प्रभाव रहता है। यह सप्ताह ज्ञान और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए शुभ है। यात्राओं से लाभ होगा।
सरकारी कार्य पूर्ण होंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विदेशी निवेश की योजना बन सकती है।
करियर: पदोन्नति के संकेत।
धन: आर्थिक लाभ के योग।
स्वास्थ्य: पाचन का ध्यान रखें।
उपाय: विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। पीले वस्त्र धारण करें।

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🔵 मूलांक 4 साप्ताहिक मूलांक राशिफल (जन्म तिथि 4, 13, 22, 31)
मूलांक 4 राहु से प्रभावित होता है। सप्ताह की शुरुआत लाभकारी रहेगी, विशेषकर प्रॉपर्टी मामलों में।
मध्य सप्ताह में विवादों से दूरी बनाएं। भावनात्मक निर्णय नुकसान दे सकते हैं।
करियर: नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
धन: निवेश सोच-समझकर करें।
स्वास्थ्य: तनाव से बचें।
उपाय: मां सरस्वती की आराधना करें। शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
🟢 मूलांक 5 साप्ताहिक मूलांक राशिफल (जन्म तिथि 5, 14, 23)
मूलांक 5 बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। सप्ताह की शुरुआत मिश्रित रहेगी। अनचाहे खर्च बढ़ सकते हैं।
मध्य सप्ताह से करियर में प्रगति होगी। नई टेक्नोलॉजी अपनाने से लाभ होगा।
करियर: नई परियोजना शुरू हो सकती है।
धन: खर्च नियंत्रण जरूरी।
स्वास्थ्य: मानसिक बेचैनी संभव।
उपाय: दुर्गा चालीसा का पाठ करें। छोटी कन्या को भोजन कराएं।
🌸 मूलांक 6 साप्ताहिक मूलांक राशिफल (जन्म तिथि 6, 15, 24)
मूलांक 6 शुक्र ग्रह से संबंधित है। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। घर में मांगलिक कार्य संभव है।
सप्ताहांत में नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। फैशन और कला से जुड़े लोगों को लाभ होगा।
करियर: प्रमोशन संभव।
धन: आय स्थिर रहेगी।
स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी समस्या हो सकती है।
उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
🌼 मूलांक 7 साप्ताहिक मूलांक राशिफल (जन्म तिथि 7, 16, 25)
मूलांक 7 केतु से प्रभावित है। सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रहेगी।
मध्य सप्ताह में विवादों से दूर रहें। उच्च शिक्षा से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।
करियर: सरकारी काम पूरे होंगे।
धन: स्थिर आय।
स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखें।
उपाय: परनिंदा से बचें। काला-सफेद कंबल दान करें।
मूलांक 8 साप्ताहिक मूलांक राशिफल (जन्म तिथि 8, 17, 26)
मूलांक 8 शनि से प्रभावित होता है। सप्ताह की शुरुआत नई योजनाओं के लिए अनुकूल है।
मध्य सप्ताह में वैवाहिक जीवन में तनाव संभव। संयम रखें। अनुभवी व्यक्ति की सलाह लाभ देगी।
करियर: आय के नए स्रोत बनेंगे।
धन: निवेश लाभकारी।
स्वास्थ्य: हड्डियों का ध्यान रखें।
उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें। जंग लगा लोहा घर में न रखें।
🔴 मूलांक 9 साप्ताहिक मूलांक राशिफल (जन्म तिथि 9, 18, 27)
मूलांक 9 मंगल से प्रभावित होता है। सप्ताह की शुरुआत उतार-चढ़ाव भरी रहेगी। संतान पक्ष की चिंता हो सकती है।
मध्य सप्ताह से कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। रविवार को सावधानी रखें।
करियर: कार्यक्षेत्र में प्रगति।
धन: धीरे-धीरे सुधार।
स्वास्थ्य: रक्तचाप नियंत्रित रखें।
उपाय: गुड़ और शहद का सेवन करें। सूर्य को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।
📌 महत्वपूर्ण सूचना
हम किसी भी प्रकार का प्रमाणित दावा नहीं करते। किसी योग्य ज्योतिष या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

22 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ: विश्व इतिहास में आज का दिन क्यों खास है?

22 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ: समय की धारा में एक दिन
इतिहास सीधी रेखा नहीं है; यह मानवीय जिज्ञासा, सत्ता संघर्ष, विज्ञान और स्वतंत्रता की आकांक्षा से बुनी हुई जटिल कहानी है। 22 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि एक दिन भी विश्व राजनीति, युद्ध, विज्ञान और सामाजिक परिवर्तन की दिशा बदल सकता है।
जब हम 22 फरवरी का इतिहास पढ़ते हैं तो हमें यूरोप के युद्ध, एशिया के राजनीतिक समझौते, अफ्रीका की स्वतंत्रता, अमेरिका के वैज्ञानिक कदम और आधुनिक विश्व की कूटनीति—सब एक ही दिन में दिखाई देते हैं।
यूरोप में सत्ता संघर्ष और विद्रोह
1495 – फ्रांस की नेपल्स पर चढ़ाई
Charles VIII of France के नेतृत्व में फ्रांसीसी सेना ने इटली के नेपल्स में प्रवेश किया। यह इटली के युद्धों की शुरुआत का संकेत था, जिसने यूरोप की शक्ति-संतुलन राजनीति को बदल दिया।
1746 – ब्रसेल्स पर फ्रांसीसी कब्ज़ा
ऑस्ट्रियन उत्तराधिकार युद्ध के दौरान फ्रांस ने बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स पर अधिकार कर लिया। यह यूरोप में साम्राज्यवादी प्रतिस्पर्धा का प्रतीक था।
1848 – पेरिस में क्रांति की चिंगारी
Louis Philippe I के शासन के विरुद्ध पेरिस में विद्रोह हुआ। यह 1848 की यूरोपीय क्रांतियों की लहर का हिस्सा था, जिसने राजशाही की नींव हिला दी।
उपनिवेशवाद और व्यापार का विस्तार
1784 – अमेरिका का पहला व्यापारिक पोत चीन के लिए रवाना
नवस्वतंत्र अमेरिका ने चीन से व्यापार की शुरुआत की। यह वैश्विक पूँजीवाद के विस्तार का आरंभिक अध्याय था।
1845 – ईस्ट इंडिया कम्पनी का अधिग्रहण
East India Company ने डच ईस्ट इंडिया कम्पनी से सेरामपोर और बालासोर खरीदे। यह भारत में ब्रिटिश प्रभुत्व को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था।

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विश्व युद्ध और सैन्य निर्णय
1935 – व्हाइट हाउस के ऊपर उड़ानों पर प्रतिबंध
अमेरिका ने सुरक्षा कारणों से व्हाइट हाउस के ऊपर हवाई जहाज़ों की उड़ान प्रतिबंधित की।
1942 – फिलीपीन्स में जापानी सेना पर हमला
द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान स्थानीय जनजातीय समूहों ने बड़ी संख्या में जापानी सैनिकों को मार गिराया।
1966 – युगांडा में राजनीतिक संकट
Milton Obote ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए, जिससे देश में अस्थिरता बढ़ी।
1980 – अफगानिस्तान में मार्शल लॉ
सोवियत हस्तक्षेप के दौर में अफगानिस्तान ने मार्शल लॉ की घोषणा की।
स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय मान्यता
1974 – पाकिस्तान ने बांग्लादेश को मान्यता दी
1971 के युद्ध के बाद अंततः पाकिस्तान ने बांग्लादेश को औपचारिक मान्यता प्रदान की।
1979 – सेंट लुसिया की स्वतंत्रता
Saint Lucia ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता प्राप्त की।
1990 – मंगोलिया में स्टालिन की अंतिम मूर्ति हटाई गई
उलानबटोरा से स्टालिन की अंतिम प्रतिमा हटाना शीत युद्ध के अंत और साम्यवादी प्रतीकों के पतन का संकेत था।
विज्ञान, तकनीक और वैश्विक मंच
1996 – 112वें तत्व की खोज
जर्मनी के वैज्ञानिकों ने 112वें तत्व की खोज की, जिसे बाद में Copernicium नाम दिया गया।
1996 – स्पेस शटल डिस्कवरी का प्रक्षेपण
STS-75 मिशन के तहत स्पेस शटल डिस्कवरी को अंतरिक्ष में भेजा गया।
1998 – नागानो शीतकालीन ओलंपिक का समापन
1998 Winter Olympics का समापन जापान के नागानो शहर में हुआ।
2011 – क्राइस्टचर्च भूकंप
2011 Christchurch earthquake में 181 लोगों की मृत्यु हुई। यह न्यूजीलैंड के इतिहास की विनाशकारी घटनाओं में से एक है।
निष्कर्ष: 22 फरवरी का इतिहास हमें क्या सिखाता है?
22 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ दिखाती हैं कि मानव इतिहास सत्ता, विज्ञान, स्वतंत्रता और संघर्ष का जटिल मिश्रण है। 22 फरवरी का इतिहास केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि सभ्यता के विकास का दर्पण है।
जब हम Today in History 22 February या 22 फरवरी ऐतिहासिक घटनाएं खोजते हैं, तो हमें समझ आता है कि इतिहास स्थिर नहीं है—वह निरंतर परिवर्तन की प्रयोगशाला है।
इतिहास हमें विनम्र बनाता है। जो आज अटूट लगता है, वह कल बदल सकता है।

अस्वीकरण:
उपरोक्त जानकारी विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों के अध्ययन पर आधारित है। तथ्यों की गहन छानबीन की गई है, फिर भी किसी प्रकार की त्रुटि के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।

जानिए आज का राहुकाल और शुभ मुहूर्त एक नजर में

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🕉️ Panchang 22 February 2026 (रविवार) – संपूर्ण वैदिक पंचांग
तिथि: फाल्गुन शुक्ल पक्ष पंचमी (11:10 AM तक), उपरांत षष्ठी

वार: रविवार
संवत्सर: विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त), शक संवत 1947 (विश्वावसु)
मास: फाल्गुन (अमांत व पूर्णिमांत)
ऋतु: वसंत (द्रिक), शिशिर (वैदिक)
अयन: उत्तरायण
नक्षत्र: अश्विनी 05:54 PM तक, उपरांत भरणी
योग: शुक्ल 01:08 PM तक, उपरांत ब्रह्म योग
करण: बालव 11:10 AM तक, कौलव 10:11 PM तक, उपरांत तैतिल
🔎 Panchang 22 February 2026 के अनुसार आज सर्वार्थसिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो अत्यंत शुभ माना जाता है।
🌅 सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: 6:58 AM
सूर्यास्त: 6:22 PM
चन्द्रोदय: 9:46 AM
चन्द्रास्त: 11:17 PM
सूर्य राशि: कुंभ
चंद्र राशि: मेष (पूरा दिन-रात)
आज Panchang 22 February 2026 के अनुसार चंद्रमा मेष राशि में संचार करेगा, जिससे मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों को चंद्रबल प्राप्त रहेगा।
शुभ मुहूर्त – Panchang 22 February 2026
ब्रह्म मुहूर्त: 05:21 AM – 06:09 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:17 PM – 01:03 PM
अमृत काल: 11:03 AM – 12:34 PM
सर्वार्थसिद्धि योग: 06:58 AM – 05:54 PM
आनन्द योग: 05:54 PM तक
धार्मिक कार्य, वाहन खरीद, निवेश, भूमि पूजन या नया कार्य प्रारंभ करने के लिए Panchang 22 February 2026 का अभिजीत मुहूर्त और सर्वार्थसिद्धि योग अत्यंत उत्तम है।
⚠️ अशुभ काल
राहुकाल: 04:57 PM – 06:22 PM
यमगंड: 12:40 PM – 02:05 PM
कुलिक काल: 03:31 PM – 04:57 PM
दुर्मुहूर्त: 04:51 PM – 05:36 PM
वर्ज्यम्: 02:06 PM – 03:37 PM एवं 02:57 AM – 04:28 AM
महत्वपूर्ण कार्य Panchang 22 February 2026 के अनुसार राहुकाल में करने से बचें।
🌓 दिन और रात का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
उद्बेग 06:58 – 08:23
चर 08:23 – 09:49
लाभ 09:49 – 11:14
अमृत 11:14 – 12:40
काल 12:40 – 02:05
शुभ 02:05 – 03:31
रोग 03:31 – 04:57
उद्बेग 04:57 – 06:22
रात का चौघड़िया
शुभ 06:22 – 07:56
अमृत 07:56 – 09:31
चर 09:31 – 11:05
रोग 11:05 – 12:39
काल 12:39 – 02:14
लाभ 02:14 – 03:48
उद्बेग 03:48 – 05:23
शुभ 05:23 – 06:57
🌙 चंद्रबल और ताराबल
चंद्रबल (23 फरवरी 06:57 AM तक):
मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुंभ
ताराबल (05:54 PM तक):
भरणी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, रेवती

⚠️ अस्वीकरण: उपरोक्त पंचांग ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी प्रकार की प्रमाणित दावा हम नहीं करते। किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।

ट्रैक्टर विवाद बना बवाल, दलित बस्ती में आगजनी से दहशत

फायरिंग और आगजनी, प्रधान के बेटे पर आरोप

कानपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में ट्रैक्टर निकालने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक रूप ले बैठा। कानपुर दलित बस्ती हमला मामले में आरोप है कि कारों से आए हमलावरों ने पहले फायरिंग की और फिर एक घर को आग के हवाले कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना देर शाम उस समय हुई जब एक संकरी गली से ट्रैक्टर निकालने को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और आरोपित पक्ष ने बाहरी लोगों को बुलाकर दलित बस्ती में तांडव मचा दिया।


ट्रैक्टर विवाद कानपुर: कैसे बढ़ा तनाव?
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैक्टर विवाद कानपुर में पहले भी कई बार बहस हो चुकी थी। लेकिन इस बार मामला हिंसा में बदल गया।
बताया जा रहा है कि हमलावर कई कारों में सवार होकर पहुंचे और लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से लोगों को पीटा। घटना के दौरान कथित तौर पर फायरिंग भी की गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

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प्रधान के बेटे पर आरोप, पुलिस जांच शुरू
पीड़ित पक्ष ने गांव के प्रधान के बेटे पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है। प्रधान के बेटे पर आरोप है कि उसने अपने समर्थकों के साथ मिलकर हमला कराया।
हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी का नाम सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर फायरिंग आगजनी: नुकसान कितना?
कानपुर फायरिंग आगजनी की इस घटना में एक घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घरेलू सामान, दस्तावेज और नकदी जलने की सूचना है। कई लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं।
घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की आगे की हिंसा को रोका जा सके।

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प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि कानपुर दलित बस्ती हमला मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
घटना से जुड़े प्रमुख बिंदु
ट्रैक्टर निकालने के विवाद से शुरू हुआ मामला
कारों से पहुंचे हमलावरों ने की मारपीट,फायरिंग और आगजनी की घटना,प्रधान के बेटे पर गंभीर आरोप,पुलिस ने शुरू की जांच, क्षेत्र में तनाव
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस ट्रैक्टर विवाद कानपुर और कानपुर फायरिंग आगजनी घटना ने स्थानीय प्रशासन की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक संगठनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की है।
आगे क्या?
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। प्रधान के बेटे पर आरोप की भी गहन जांच की जा रही है।

बृज भूषण शरण सिंह का बड़ा बयान: “मेरे हाथ से एक हत्या हुई”

बृज भूषण शरण सिंह

गोंडा/लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। गोंडा से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने एक इंटरव्यू में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके हाथ से “एक हत्या” हुई थी, जिसे उन्होंने आत्मरक्षा और दोस्त का बदला लेने की घटना बताया।

“आत्मरक्षा में चलाई गोली”

बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि उनके सामने उनके एक मित्र को गोली मारी गई थी। आरोप के मुताबिक हमलावर ने उनकी ओर भी बंदूक तान दी थी। ऐसे में उन्होंने आत्मरक्षा या बदला लेने की स्थिति में गोली चलाई।
उन्होंने बताया कि यह मामला क्रॉस फायरिंग का बना था और दोनों तरफ से लोग मारे गए थे। केस बाद में खत्म हो गया। इस घटना को लेकर उन्हें किसी प्रकार का पछतावा नहीं है।

छेड़छाड़ के आरोपों पर क्या बोले?

अपने ऊपर लगे छेड़छाड़ के आरोपों पर उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले अब गवाही देने के लिए सामने क्यों नहीं आ रहे हैं और लगातार तारीख ले रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि जिन तारीखों का जिक्र आरोपों में है, उस समय वे सर्बिया या लखनऊ में सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूद थे।
मानहानि का मुकदमा क्यों नहीं किया, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जब तक मामला अदालत में विचाराधीन है, तब तक अलग से मानहानि का केस नहीं किया जा सकता।

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विनेश फोगाट पर विवादित टिप्पणी

ओलंपिक की तैयारी कर रहीं पहलवान Vinesh Phogat को लेकर भी उन्होंने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रायल के दौरान वजन और कैटेगरी को लेकर नियमों का उल्लंघन हुआ।

उन्होंने दावा किया कि एक ही दिन दो वेट कैटेगरी में ट्रायल देना नियमों के खिलाफ है और संबंधित अधिकारियों ने उस समय कथित तौर पर नजरअंदाज किया।

हालांकि इन आरोपों पर विनेश फोगाट या संबंधित खेल अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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Pakistan Airstrike: अफगानिस्तान में पाक हमले, 7 ठिकानों को बनाया निशाना

इस्लामाबाद/काबुल (राष्ट्र की परम्परा)। अफगानिस्तान में Pakistan Airstrike को लेकर नई जानकारी सामने आई है। TOLO News ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी वायुसेना ने पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में एक धार्मिक मदरसे को निशाना बनाया। रिपोर्ट के मुताबिक नंगरहार प्रांत के खोगयानी जिले में भी कई हवाई हमले किए गए।

बताया गया है कि शनिवार से पक्तिका के बरमल और अर्गुन जिलों के साथ-साथ नंगरहार के खोगयानी, बहसोद और गनी खेल जिलों में कई एयरस्ट्राइक हुई हैं।

पाकिस्तानी मीडिया ने भी की पुष्टि

Geo News ने पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय के हवाले से बताया कि सीमा पार मौजूद कथित आतंकी कैंपों को निशाना बनाकर यह कार्रवाई की गई।

वहीं Dawn की रिपोर्ट के अनुसार विदेश कार्यालय ने कहा है कि बाजौर और बन्नू में हालिया आत्मघाती हमलों के बाद यह कदम उठाया गया।

7 कैंप और ठिकानों पर कार्रवाई

पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने दावा किया कि इन हमलों में फिटना अल खवारिज (FAK), उसके सहयोगी संगठनों और दाएश खुरासान प्रांत (DKP) के सात कैंपों को निशाना बनाया गया।

मंत्रालय के मुताबिक यह कार्रवाई “पूरी सटीकता और सावधानी” के साथ की गई और इसका उद्देश्य हालिया आत्मघाती हमलों का जवाब देना था।
रिपोर्ट्स के अनुसार इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में रमजान के दौरान हुए हमलों की जिम्मेदारी Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) और दाएश से जुड़े तत्वों ने ली थी।

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अफगान तालिबान को दी चेतावनी

पाकिस्तान का कहना है कि उसने कई बार अफगान तालिबान से मांग की है कि अफगान जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए न होने दिया जाए।
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि दोहा समझौते के तहत किए गए वादों को लागू कराने के लिए अफगान अंतरिम सरकार पर दबाव बनाया जाए।

“जरूरत पड़ी तो कार्रवाई जारी रहेगी”

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि जब तक अफगान जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ बंद नहीं होता, तब तक सभी विकल्प खुले रहेंगे।
सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच यह एयरस्ट्राइक क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ रही है।

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बलिया: 5 लाख के विवाद ने ली किन्नर रेखा की जान

बलिया/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बैरिया क्षेत्र में हुए सनसनीखेज किन्नर रेखा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक करीब पांच लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में आरोपी रवि गुप्ता ने 62 वर्षीय किन्नर रेखा की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को घर की छत पर बने स्टोर रूम में बक्से में छिपा दिया गया। बाद में आरोपी ने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

क्या है पूरा मामला?

भरत छपरा निवासी किन्नर रेखा 17 फरवरी की दोपहर अचानक लापता हो गई थीं। शाम को उनका मोबाइल एक खेत से बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। इसी बीच 19 फरवरी को रानीगंज बाजार निवासी रवि गुप्ता की लाश उसके कमरे में फंदे से लटकती मिली।
संदेह के आधार पर जब पुलिस ने घर की तलाशी ली तो छत पर रखे बक्से से किन्नर रेखा का शव बरामद हुआ।

मामले में पुलिस ने रवि गुप्ता (मृतक), उसके पिता विजय गुप्ता, पत्नी मोना और याची रीता के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।

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5 लाख रुपये का उधार बना हत्या की वजह

पुलिस जांच के अनुसार, रवि गुप्ता पहले मोबाइल और सिम कार्ड की दुकान चलाता था। आमदनी कम होने पर उसने डेयरी व्यवसाय शुरू करने के लिए किन्नर रेखा से करीब पांच लाख रुपये उधार लिए थे।

डेयरी कारोबार में नुकसान होने लगा और आर्थिक दबाव बढ़ गया। इसी बीच रेखा ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए, जिससे दोनों के बीच तनाव गहराता गया।

17 फरवरी को दुकान पर कहासुनी के बाद रवि ने घर पर बुलाकर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी और मोबाइल खेत में फेंक दिया।

पुलिस का बयान

सीओ बैरिया मो. फहीम कुरैशी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पांच से छह लाख रुपये के लेनदेन को हत्या की मुख्य वजह पाया गया है।
पुलिस को रेखा के कमरे की तलाशी में करीब 5.50 लाख रुपये नगद और सोने-चांदी के लगभग 30-30 आभूषण मिले हैं, जिन्हें उनके शिष्य को सुपुर्द कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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भुवनेश्वर प्रोजेक्ट में ‘एलओए’ के बदले घूस का जाल, लखनऊ ट्रैप में WAPCOS अफसर दबोचा

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देवरिया जिले के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव में भी पड़ा छापा

लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा)। केंद्र सरकार के उपक्रम WAPCOS लिमिटेड से जुड़े एक कथित रिश्वत कांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन ब्रांच ने लखनऊ में ट्रैप कार्रवाई कर परियोजना प्रबंधक पंकज दुबे को 10 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया है। प्रकरण में एक ठेकेदार सहित कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि आठ नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, भुवनेश्वर स्थित परियोजनाओं में ठेका दिलाने और स्वीकृति पत्र (एलओए) जारी कराने के एवज में धन की मांग की शिकायत मिली थी। प्रारंभिक सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। आरोप है कि निविदा प्रक्रिया और भुगतान को प्रभावित करने के लिए रकम मांगी गई। ट्रैप के दौरान आरोपी अधिकारी को 10 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया और नकदी बरामद की गई।

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कार्रवाई के बाद सीबीआई ने लखनऊ के चार ठिकानों के अलावा देवरिया, गाजीपुर और भुवनेश्वर में एक साथ कई स्थानों पर तलाशी ली। देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र के ठेंगवल दूबे गांव स्थित आवास पर टीम ने देर रात पहुंचकर घंटों दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अभिलेखों की जांच की। गाजीपुर में संबंधित ठेकेदार के परिसरों की भी तलाशी ली गई।
WAPCOS जल, विद्युत और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में परामर्श सेवाएं देने वाली सरकारी कंपनी है, जिसका कॉरपोरेट मुख्यालय गुरुग्राम में है। आरोप है कि परियोजना प्रबंधक के पद पर रहते हुए आरोपी अधिकारी निविदा आमंत्रण, अनुबंध स्वीकृति, एलओए जारी करने और बिल भुगतान की प्रक्रिया से जुड़े थे, जिनका कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया।
सीबीआई ने जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दायरे में अन्य संभावित कड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है।