पैसे लेकर चंद दिनों में बन रहे जन्म प्रमाण पत्र। वही जरूरतमंद महीनों चक्कर काटने के बावजूद लोगों के हाथ खाली,जबकि दलाल एक सप्ताह में बनवाकर दे रहे प्रमाण पत्र
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नौतनवां ब्लाक क्षेत्र में इन दिनों जन्म प्रमाण पत्र बनवाना आम ग्रामीणों के लिए किसी टेढ़ी खीर से कम नहीं है। एक ओर जहां जरूरतमंद लोग महीनों तक ब्लाक और तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर दलाल महज एक सप्ताह में जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर दे रहे हैं। वह भी मोटी रकम लेकर। ग्रामीणों का कहना है कि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन्हें कई दस्तावेज और प्रकिया पूरी करनी पड़ती हैं। इसके बावजूद फाइलें महीनों तक लंबित रहती हैं। वहीं ब्लाक और तहसील कार्यालयों में सक्रिय दलाल 1000/- से 1500/- रुपये लेकर दस्तावेज इकट्ठा करते हैं, और चुपचाप प्रमाण पत्र बनवाकर जरूरतमंदों को थमा देते हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ब्लाक और तहसील कार्यालय में दर्जनों की संख्या में सक्रिय बिचौलिए खुलेआम काम कर रहे हैं। ये बिचौलिए प्रतिदिन या दो दिन के अंतराल पर कार्यालय पहुंचते हैं, दस्तावेज जमा करते हैं और अधिकारियों की मिलीभगत से उनका काम प्राथमिकता से करवाते हैं।
सूत्रों की मानें तो यह सब कुछ एक सुसंगठित नेटवर्क के तहत चल रहा है, जहां दलालों और संबंधित कर्मचारियों के बीच आपसी सांठ-गांठ है। यदि कोई आम व्यक्ति खुद प्रमाण पत्र बनवाने जाए, तो उसकी फाइल को किनारे रख दिया जाता है, और उसे बस आश्वासन मिलता है। जबकि दलालों द्वारा दिया गया आवेदन तेजी से आगे बढ़ाया जाता है।
स्थानीय लोगों ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए और दलालों पर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए ताकि आम जनता को भी समय पर और बिना रिश्वत दिए सरकारी सेवाएं मिल सकें।
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