Thursday, April 16, 2026
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उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला:अब 1 किमी से अधिक दूर और 50 से अधिक छात्र संख्या वाले परिषदीय स्कूल नहीं होंगे मर्ज

अभिभावकों और शिक्षकों की आपत्ति के बाद लिया गया निर्णय

लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)परिषदीय स्कूलों के विलय को लेकर प्रदेशभर में हो रहे विरोध के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रहित में बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब एक किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित किसी भी प्राथमिक या उच्च प्राथमिक विद्यालय का विलय अन्य स्कूल में नहीं किया जाएगा। साथ ही, जिन विद्यालयों में 50 से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं, वे भी विलय प्रक्रिया से बाहर रहेंगे।

यह जानकारी प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि “सरकार बच्चों की सुविधा और अभिभावकों की सहूलियत को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कई जिलों से अभिभावकों और शिक्षक संगठनों द्वारा स्कूल विलय को लेकर आपत्तियां आई थीं, जिन पर गंभीरता से विचार किया गया है।”

बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, राज्य में संचालित हजारों परिषदीय स्कूलों में छात्र संख्या में भारी अंतर देखा जा रहा था, जिसके चलते शिक्षकों का मानक अनुपात प्रभावित हो रहा था। सरकार का तर्क था कि कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के एकीकरण से संसाधनों का समुचित उपयोग हो सकेगा। लेकिन अभिभावकों ने छोटे बच्चों की लंबी दूरी तक स्कूल आने-जाने की समस्या और शिक्षकों ने स्थानांतरण और समायोजन से उत्पन्न व्यावहारिक दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया।

सरकार के इस फैसले के बाद अब केवल उन्हीं स्कूलों के मर्जर पर विचार होगा, जिनकी आपसी दूरी एक किलोमीटर के भीतर हो और जहां छात्र संख्या 50 से कम है।
1 किमी से अधिक दूर स्थित स्कूलों का नहीं होगा विलय
50 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालय रहेंगे विलय से बाहर
अभिभावकों और शिक्षक संगठनों की आपत्तियों को देखते हुए लिया गया निर्णय
बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि: संदीप सिंहय
ह फैसला उन सैकड़ों गांवों और कस्बों के लिए राहतभरा माना जा रहा है, जहां विद्यालय ही बच्चों की शिक्षा का एकमात्र सहारा हैं। शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे जनहित में बताया है।

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