बंद पड़े विद्यालयों में खुलेंगे आंगनबाड़ी केंद्र, शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल


छात्र संख्या घटने से खाली हुए भवनों में 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को दी जाएगी पूर्व-प्रारंभिक शिक्षा

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। नवीन शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, व्यावहारिक और समावेशी बनाने की दिशा में बलिया जनपद के नवानगर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। छात्र संख्या में गिरावट के कारण बंद हो चुके 42 विद्यालय भवनों में अब आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से 3 से 6 वर्ष तक की उम्र के बच्चों को गांव में ही पूर्व-प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 50 से कम छात्र संख्या वाले कुल 53 प्राथमिक विद्यालयों को पहले ही समीपवर्ती विद्यालयों में एकीकृत कर दिया गया था। अब इन खाली भवनों का उपयोग आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन हेतु किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस फैसले से न केवल भवनों का समुचित उपयोग होगा, बल्कि छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा की अच्छी शुरुआत मिलेगी, जिससे उनकी बौद्धिक नींव मजबूत होगी।

इन विद्यालय भवनों में संचालित होंगे आंगनबाड़ी केंद्र
हरिपुर, देवकली, खटंगी, हुसेनपुर, मरवाटिया, गाहाडीह, सोनपुरवा, चौमुखा, मलेजी, नारायणपुर, पल्टूपुर, सिवानपर, नेहता, एकसार, बसारिखपुर, नेमा का टोला सहित कुल 42 स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

ग्रामीणों ने किया फैसले का स्वागत
गांव की माया देवी सहित अन्य अभिभावकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस कदम से छोटे बच्चों को गांव से दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। साथ ही अभिभावकों की भी निगरानी आसान होगी।

Editor CP pandey

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