बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) नगर के मोहल्ला सालारगंज स्थित मदरसा आमिना लिल्बनात में वार्षिक जलसा का आयोजन किया गया l जिसमें छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।जलसा की अध्यक्षता मौलाना सिराज मदनी ने की जलसा का उद्घाटन हाफिज सुफियान की तिलावत ए कुरआन ए करीम से किया गया । हाफ़िज़ सगीर अहमद ने संचालान किया । मदरसा सुल्तान उलूम मीरपुर कस्बा और मदरसा आमिना लिल्बनात के संस्थापक एवं प्रबंधक मौलाना सिराज अहमद मदनी ने कहा कि , ज्ञान एक प्रकाश है जिसे हर इंसान को प्राप्त करना चाहिए।मौलाना मदनी ने कहा कि मां की गोद बच्चे का पहला मदरसा है। एक महिला की शिक्षा और प्रशिक्षण एक पुरुष की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है। घर को स्वर्ग का मॉडल बनाती है l जैसे पुरुष घर की रक्षा करता है ।उसी तरह पत्नी घर की रक्षक होती है। जब आप एक लड़के को पढ़ाते हैं lतो एक लड़का ही पढ़ता है। लेकिन जब आप एक बेटी को शिक्षित करते हैं l तो ऐसा लगता है जैसे आप एक पीढ़ी को शिक्षित बनाते हैं। मदरसा आमिना लिल्बनात की पांच छात्राओं को विदाई दी गई, जिनमें मैमूना शाह,कुदसी शाह,शाहिना,तमन्ना और खुशनुमा शामिल हैं।इसके अलावा, 23 छात्राओं को पुरस्कार से सम्मानित किया गया।इस अवसर पर मदरसा आमिना लिल्बनात की छात्राओ ने कार्यक्रम पेश किया।अब्दुल्ला बहराइची और हाफिज सुफियान ने नात और मनक़बत पेश की।इस अवसर पर मौलाना वकार अहमद कासमी,हाफिज खुबैब, शबीना मस्जिद के मुतवल्ली आफाक अहमद,मुहम्मद इब्राहिम,मास्टर साधु शरण के अलावा छात्रों के अभिभावक उपस्थित रहे l
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