बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।
पूर्वांचल का प्रसिद्ध ऐतिहासिक ददरी मेला इस वर्ष 5 नवंबर से 20 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर होने वाला यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। मेले के सफल आयोजन हेतु जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय ददरी मेला आयोजन समिति का गठन किया गया है।

इस समिति में जिलाधिकारी को अध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक को उपाध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी को कोषाध्यक्ष तथा मुख्य राजस्व अधिकारी को संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी सह संयोजक होंगे। इसके अलावा 51 विभागों के अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। नगर पालिका परिषद बलिया के अध्यक्ष और दुबहड़ ब्लॉक प्रमुख को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।

मेले में अवसंरचना निर्माण, नीलामी और सामग्री आपूर्ति को पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए 9 सदस्यीय विशेष समिति गठित की गई है। इसमें मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य राजस्व अधिकारी और अन्य अधिकारी शामिल हैं, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

मेला प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए विभिन्न कार्यों का जिम्मा अलग-अलग नोडल अधिकारियों को सौंपा गया है।

  • स्थल आवंटन: अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) और नगर मजिस्ट्रेट
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: मुख्य राजस्व अधिकारी व अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे)
  • कानून-व्यवस्था: अपर जिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक
  • वीआईपी/वीवीआईपी प्रोटोकॉल: नगर मजिस्ट्रेट
  • अवसंरचना विकास: अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग
  • स्वच्छता: जिला पंचायत राज अधिकारी व नगर पालिका परिषद
  • पेयजल आपूर्ति: जल निगम
  • विद्युत व्यवस्था: अधीक्षण अभियंता विद्युत
  • चिकित्सा सेवा: मुख्य चिकित्साधिकारी
  • तट सुरक्षा: उप जिलाधिकारी/क्षेत्राधिकारी
  • यातायात व पार्किंग: परिवहन निगम सहायक प्रबंधक व रेलवे एडीआरएम
  • अग्निशमन: मुख्य अग्निशमन अधिकारी
  • खाद्य सुरक्षा: अभिहित अधिकारी
  • मनोरंजन क्षेत्र/झूला: उप जिलाधिकारी/एआरओ
  • मीना बाजार क्षेत्र: एसडीओ न्यायिक
  • मीडिया प्रबंधन: सहायक सूचना अधिकारी

इस प्रकार प्रशासन ने ददरी मेला-2025 को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की तैयारियां तेज कर दी है।