
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन के मार्गदर्शन में लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 148वीं जयंती एवं ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के अवसर पर विश्वविद्यालय में ” लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल एवं राष्ट्रीय एकता ” विषय पर कविता लेखन प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता, देशभक्ति गीत प्रतियोगिता (एकल गायन) एवं एक पात्रीय नाट्य प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ।
इसीक्रम में सोमवार को कविता लेखन, भाषण प्रतियोगिता एवं निबंध लेखन का आयोजन किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय में अध्ययनरत सभी संकायों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने ” लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल एवं राष्ट्रीय एकता ” विषय पर अपने निबंध एवं कविता लिखा तथा इसी विषय पर भाषण दिए। 19 एवं 20 नवम्बर को देशभक्ति गीत प्रतियोगिता (एकल गायन) एवं एक पात्रीय नाट्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
इसके साथ ही गोरखपुर विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों में सम्पन्न हो रहे। इन प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों के साथ 22, 23 एवं 25 नवम्बर को परिसर में आयोजित कार्यक्रमों के विजेताओं के साथ प्रतियोगिता के द्वितीय चरण का आयोजन किया जाएगा। इसमें विजयी प्रतिभागियों का मुकाबला 27 नवम्बर, 2024 को 5 विश्वविद्यालयों मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि विश्वविद्यालय, और डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की विजेताओं के साथ विश्वविद्यालय के संवाद भवन में किया जाएगा।
नोडल अधिकारी डॉ. कुशल नाथ मिश्र ने कहा कि महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के प्रेरणा तथा कुलपति प्रो. पूनम टंडन के मार्ग दर्शन में यह आयोजन छह विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने और सरदार पटेल जी के आदर्शों से प्रेरणा लेने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. टीएन मिश्र तथा डॉ. प्रकाश प्रियदर्शी रहे। संचालन भाषण प्रतियोगिता के समन्वयक डॉ. मनीष कुमार पांडेय द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रो. उषा सिंह, नोडल अधिकारी डॉ. कुशल नाथ मिश्र, डॉ. गौरी शंकर, डॉ. प्रदीप साहनी, डॉ. अखिल मिश्र, डॉ. सुनील कुमार यादव, डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी, डॉ. सुनील कुमार तथा भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।