Monday, February 23, 2026
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शिक्षा से ही लाया जा सकता है जीवन में बदलाव- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तथा सिविल जज (जे0डी0) द्वारा राजकीय बाल गृह व पाथ वात्सल्य खुला आश्रय गृह का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश इन्द्रिरा सिंह द्वारा निर्देशित किया गया कि बच्चों के उनके पौष्टिक भोजन पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हैं, जिसके लिये समय-समय पर उचित खान-पान की व्यवस्था के साथ-साथ व्यायाम कराया जायें। उन्होने कहा कि शिक्षा से ही इन बच्चों के जीवन कों व्यवस्थित करके बदलाव किया जा सकता है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूर्यकान्त धर दूबें ने राजकीय बाल गृह के बच्चों कों उनके परिजनों से नियमानुसार मिलवाने हेतु सम्बन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बच्चों के द्वारा बनाये गये चित्रकला को विशेष रूप से प्रोत्साहित करतेे हुये उनके प्रतिभा को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रोत्साहित करने हेतु अधीक्षक को निर्देशित किया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, इशरत परवीन फारूकी द्वारा पाठशाला का निरीक्षण करतें हुये बच्चों को उनके अध्ययन का निरीक्षण किया गया और उनके पठन-पाठन के कार्य को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया, सचिव ने राजकीय बाल गृह को निर्देशित करतें हुये कहा कि बच्चों के द्वारा किये गयें क्षम्य कार्यो के प्रति उदार रवैया अपनाया जायें।
सिविल जज (जे0डी0) श्रीकान्त गौरव द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य के लिए उनकी नियमित जाॅच किये जाने हेतु सम्बन्धित को दिशा-निर्देश दिया।
इस निरीक्षण में मुख्य रूप से अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश इन्द्रिरा सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूर्य कान्त धर दूबे, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इशरत परवीन फारूकी, सिविल जज (जे0डी0) कान्त गौरव, राजकीय बाल गृह देवरिया के अधीक्षक यशोदानंद तिवारी, पाथ वात्सल्य खुला आश्रय गृह के समन्वयक अमित कुमार चौबे व अन्य सम्बन्धित कर्मचारीगण उपस्थित रहें।

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