गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कृषि संकाय के विद्यार्थियों ने बुधवार को कृषि भवन स्थित केंद्रीय मृदा जांच प्रयोगशाला, राजकीय कृषि विद्यालय और श्रीअन्न संग्रहालय का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मृदा जांच की तकनीक, प्रयोगशाला के उपकरणों और श्रीअन्न के पोषण संबंधी महत्व की जानकारी प्राप्त की।
बीएससी (ऑनर्स) कृषि प्रथम सेमेस्टर और एमएससी एग्रोनॉमी के छात्र-छात्राओं ने केंद्रीय मृदा जांच प्रयोगशाला में नाइट्रोजन एनालाइजर, स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, फ्लेम फोटोमीटर और ऑर्गेनिक कार्बन विश्लेषण से संबंधित उपकरणों की कार्यप्रणाली को समझा। प्रयोगशाला के विनोद सिंह और अजीत यादव ने विद्यार्थियों को मृदा जांच की विभिन्न प्रक्रियाओं और उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी।
राजकीय कृषि विद्यालय स्थित श्रीअन्न संग्रहालय में कृषि विभाग की विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को श्रीअन्न की विभिन्न किस्मों, उनके पोषण संबंधी गुणों और स्वास्थ्य के लिए उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने पशुपालन में भी श्रीअन्न के उपयोग की जानकारी दी।
कृषि भवन में उप निदेशक धनंजय सिंह ने विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि तकनीकों को उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीकों और तकनीकी ज्ञान के महत्व पर जोर दिया।
इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को मृदा परीक्षण, कृषि विभाग की प्रशिक्षण गतिविधियों और श्रीअन्न के व्यावहारिक महत्व को समझने का अवसर मिला। इस दौरान मृदा विज्ञान के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. संदीप उपाध्याय और कनिष्ठ शोध सहायक अनुज पाण्डेय भी मौजूद रहे।
