संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 से अब तक लंबित भुगतान का रास्ता साफ करने के लिए भारत सरकार ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसके तहत बकाया भुगतान से पहले सभी संबंधित परियोजनाओं का चरणबद्ध भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही भुगतान पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इस संबंध में बुधवार को प्रदेश के मुख्य विकास अधिकारियों, उपायुक्त श्रम रोजगार और खंड विकास अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। एसओपी के अनुसार, सबसे पहले संबंधित खंड विकास अधिकारी बकाया परियोजनाओं का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट जिला कार्यक्रम समन्वयक को सौंपेंगे।
इसके बाद जिला कार्यक्रम समन्वयक सत्यापित परियोजनाओं में से 50 प्रतिशत का अपने स्तर से भौतिक सत्यापन करेंगे। वहीं, जिला स्तर पर सत्यापित परियोजनाओं में से 10 प्रतिशत का सत्यापन राज्य स्तरीय कार्यक्रम समन्वयक की टीम करेगी। राज्य स्तरीय सत्यापन के बाद बकाया भुगतान से संबंधित रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी। इसके आधार पर लंबित भुगतान को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नाथनगर के खंड विकास अधिकारी कुलदीप कुमार ने बताया कि भारत सरकार की ओर से जारी एसओपी के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसमें परियोजनाओं के सत्यापन से लेकर बकाया भुगतान तक की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है।