
कुत्ते के काटने के बाद गाय में दिखे संदिग्ध लक्षण, प्रसाद खाने और दूध पीने वालों में फैली चिंता; दो दिन तक गांव में चला टीकाकरण अभियान
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा) ✍️ उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोला क्षेत्र के डाड़ी गांव में दुर्गा पूजा के प्रसाद से जुड़ी एक घटना के बाद हड़कंप मच गया। जिस गाय के दूध से दुर्गा पूजा का प्रसाद तैयार किया गया था, उसकी संदिग्ध लक्षणों के बाद मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, गाय को एक कुत्ते ने काटा था और बाद में उसके मुंह से लार गिरने तथा खाना-पीना छोड़ने जैसे लक्षण दिखाई दिए थे। गाय की मौत की खबर सामने आते ही प्रसाद खाने और संबंधित दूध का इस्तेमाल करने वाले लोगों में संभावित संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई। एहतियातन स्वास्थ्य विभाग ने दो दिनों तक शिविर लगाकर कुल 450 लोगों को एंटी रेबीज का टीका लगाया।
दुर्गा पूजा के प्रसाद में इस्तेमाल हुआ था गाय का दूध
डाड़ी चौराहे पर नवयुवक मंगल दल समिति की ओर से दुर्गा प्रतिमा स्थापित कर पूजा का आयोजन किया गया था। समिति अध्यक्ष सुधांशु रंजन के अनुसार, दुर्गा पूजा के सप्तमी दिवस पर गांव के एक व्यक्ति के घर से दूध मंगवाया गया था, जिससे प्रसाद तैयार किया गया। बताया गया कि इसी गाय का दूध चौराहे की कुछ चाय की दुकानों तक भी पहुंचा था। बाद में गाय की तबीयत बिगड़ने और उसकी मौत की जानकारी मिली तो प्रसाद खाने वाले लोगों के साथ दूध का इस्तेमाल करने वालों में भी बेचैनी फैल गई।
19 अक्टूबर को बिगड़ी थी गाय की हालत, रेबीज की आशंका
ग्रामीणों के मुताबिक, 19 अक्टूबर को गाय ने खाना-पीना छोड़ दिया था और उसके मुंह से लार गिरने लगी थी। इसके बाद पशुपालक गाय को राजकीय पशु चिकित्सालय, डाड़ी ले गए। वहां पशु चिकित्सक डॉ. जियाउल सिद्दीकी ने दिखाई दे रहे लक्षणों के आधार पर रेबीज की आशंका जताई थी। उपचार के बावजूद गाय की मौत हो गई। मंगलवार को ग्रामीणों ने गाय को जमीन में दफना दिया। उसका पोस्टमार्टम नहीं कराया गया, इसलिए गाय में रेबीज संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल मामला आशंका और एहतियाती कदमों से जुड़ा है, न कि रेबीज की प्रमाणित पुष्टि से।
दो दिनों में 450 लोगों को लगाया गया टीका
गाय की मौत की जानकारी सामने आने के बाद समिति अध्यक्ष सुधांशु रंजन, ग्राम प्रधान आशा देवी और ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), गोला को पत्र देकर टीकाकरण शिविर लगाने की मांग की। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में अभियान चलाया। मंगलवार को 50 लोगों को एंटी रेबीज का टीका लगाया गया, जबकि बुधवार को सुबह 10 बजे से शाम 3 बजे तक चले शिविर में 400 लोगों का टीकाकरण किया गया। इस तरह दो दिनों में कुल 450 लोगों को टीका लगाया गया।
स्वास्थ्य विभाग की अपील—डॉक्टर की सलाह से पूरी कराएं खुराक
शिविर में फार्मासिस्ट सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। टीम में सीएचओ राजेश यादव और फार्मासिस्ट अंकिता, प्रियंका तथा अरशद शामिल रहे। सीएचसी प्रभारी डॉ. अमरेंद्र ठाकुर ने संभावित संपर्क में आए लोगों से चिकित्सकीय सलाह लेने और डॉक्टर के निर्देशानुसार एंटी रेबीज टीके की निर्धारित खुराक समय पर पूरी कराने की अपील की। उन्होंने कच्चा दूध पीने से बचने तथा दूध को अच्छी तरह उबालकर इस्तेमाल करने की सलाह भी दी।
आवारा कुत्तों के टीकाकरण की व्यवस्था नहीं
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गोला डॉ. शिव प्रकाश मौर्य ने बताया कि पालतू कुत्तों के टीकाकरण की सुविधा पशु चिकित्सालय में उपलब्ध है, लेकिन आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनका टीकाकरण करने की व्यवस्था फिलहाल उपलब्ध नहीं है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि यदि किसी पशु में असामान्य लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए गोला पशु चिकित्सालय में डॉक्टर से संपर्क करें।
एसडीएम ने लोगों से टीकाकरण कराने की अपील की
गोला के एसडीएम मनीष कुमार ने बताया कि सीएचसी प्रभारी को टीकाकरण के लिए निर्देशित किया गया है और गांव में शिविर लगाकर लोगों को टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने संभावित संक्रमण के संपर्क में आने की आशंका वाले लोगों से चिकित्सकीय सलाह लेकर आवश्यक टीकाकरण कराने की अपील की।
