भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। लार थाना क्षेत्र के देवसिया गांव से मां की प्रतिमा भागलपुर चौराहे पर पहुंचते ही पूरा इलाका आतिशबाजी की गूंज से गूंज उठा। आसमान में बिखरती रंग-बिरंगी रोशनी और पटाखों की आकर्षक छटा देखने के लिए चौराहे पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भीड़ जुटी। देर रात तक आतिशबाजी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही।देवसिया गांव से मां की प्रतिमा को परंपरागत रूप से यात्रा के माध्यम से भागलपुर चौराहे तक लाया जाता है। प्रतिमा के आगमन पर भव्य आतिशबाजी की जाती है। इस दौरान आसमान में एक के बाद एक पटाखे फूटने से पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन को देखने पहुंचे। लाखों रुपये के पटाखों से होने वाली आतिशबाजी इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही।आतिशबाजी समाप्त होने के बाद मां की प्रतिमा को वापस देवसिया गांव ले जाया गया, जहां विधि-विधान के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस पारंपरिक आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना।सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहा पुलिस प्रशासनचौराहे पर उमड़ी भीड़ और आतिशबाजी को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। मईल थाना, लार थाना और भागलपुर पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों के साथ बाहर से आए सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती की गई थी। प्रतिमा विसर्जन के दौरान निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल किया गया, ताकि पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।पटाखों की तेज आवाज और उनसे निकलने वाली चिंगारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण रहा। रंग-बिरंगी रोशनी, आतिशबाजी की गूंज और श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी के बीच देवसिया गांव की मां की प्रतिमा का आगमन भागलपुर क्षेत्र के पारंपरिक उत्सव का प्रमुख आकर्षण बना रहा।