
पटना में 90 फीट के रावण का धू-धूकर दहन! आंखों से निकले अंगारे, मुंह से बरसे शोले, दो लाख से ज्यादा लोगों की उमड़ी भीड़
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में विजयादशमी के अवसर पर भव्य रावण दहन का नजारा देखने को मिला। 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले को आग के हवाले करते ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस आयोजन को देखने के लिए दो लाख से अधिक लोग जुटे। आसमान में उठती आग की लपटों, रंगीन रोशनी और गगनभेदी आवाजों के बीच गांधी मैदान उत्सव के रंग में रंग गया। इस बार रावण के पुतले की ऊंचाई पिछले साल के मुकाबले 10 फीट अधिक रखी गई थी। बिहार के सबसे ऊंचे रावण के दहन को देखने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह रहा। गांधी मैदान में उमड़ी भारी भीड़ ने आयोजन को खास बना दिया। रावण दहन के साथ ही लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए और विजयादशमी का पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया। रावण दहन के इस भव्य कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राज्यपाल सैयद अता हसनैन और नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव भी शामिल हुए। गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में आयोजित इस समारोह का आकर्षण देखते ही बना। परिवारों के साथ पहुंचे बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में भी उत्सव को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। रावण के पुतले को इस बार आधुनिक लाइट एंड साउंड इफेक्ट्स से खास अंदाज में सजाया गया था। दहन के दौरान उसकी आंखों से अंगारों जैसी चिंगारियां निकलती दिखाई दीं, जबकि मुंह से शोले और कानों व कंधों से रंगीन धुआं निकलने का दृश्य लोगों को रोमांचित करता रहा। विशेष ध्वनि प्रभावों के जरिए रावण की हंसी का दृश्य भी प्रस्तुत किया गया। आग, रोशनी और आवाज के इस अनूठे संगम ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कार्यक्रम के दौरान रामलीला कमेटी की झांकी गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से प्रवेश कराई गई। झांकी के पहुंचते ही समारोह की रौनक और बढ़ गई। मैदान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक मौजूद रहे। रावण दहन के समय पूरा परिसर खचाखच भरा नजर आया और लोगों ने इस ऐतिहासिक दृश्य को अपने कैमरों में कैद किया। दो लाख से अधिक लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। गांधी मैदान में निगरानी के लिए 120 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनके जरिए आयोजन स्थल की गतिविधियों पर नजर रखी गई। भारी भीड़ के बीच सुरक्षा इंतजामों के साथ कार्यक्रम को संपन्न कराने की व्यवस्था की गई। विजयादशमी का यह आयोजन केवल एक विशाल पुतले के दहन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार की राह पर चलने का संदेश भी दिया। 90 फीट ऊंचे रावण की लपटों के साथ गांधी मैदान में बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव यादगार बन गया।
