भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश में ग्राम पंचायतों के निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के बाद अब उनके कार्यकाल को छह माह और बढ़ाने की मांग उठने लगी है। इस संबंध में ग्राम पंचायत संगठन उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत पंचायतीराज मंत्री और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पाण्डेय ने बताया कि ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश में वर्तमान प्रशासकों की नियुक्ति 25 मई 2026 से की गई है। यदि छह माह की निर्धारित अवधि पूरी होने तक पंचायत चुनाव कराना संभव नहीं हो पाता है, तो वर्तमान प्रशासकों का कार्यकाल छह माह के लिए और बढ़ाया जाए, ताकि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों में बाधा न आए।उन्होंने बताया कि संगठन ने ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने के लिए नियमों की जटिलताओं को कम करने की भी मांग की है। इसके साथ ही मनरेगा समेत विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित भुगतानों का शीघ्र निस्तारण कराने तथा प्रदेश के सभी पंचायत सचिवों और एडीओ (पंचायत) को प्रशासकों के साथ समन्वय स्थापित कर सहयोग करने के निर्देश देने की मांग की गई है।संगठन का कहना है कि पंचायतों में विकास कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाना जरूरी है। इसके लिए प्रशासकों को आवश्यक सहयोग और कार्य करने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों से राहत मिलनी चाहिए।इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर, मुख्य सचिव तथा पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव को ज्ञापन प्रेषित किया गया है।