सी श्रेणी के फीडबैक वाले मामलों पर विशेष ध्यान देकर ए श्रेणी में लाने के निर्देश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर शनिवार को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंताओं एवं सहायक अभियंताओं के लिए आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण की कार्यप्रणाली में सुधार लाने तथा मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक शिकायत का वास्तविक तथ्यों के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाना चाहिए। जिन प्रकरणों में सी श्रेणी का फीडबैक प्राप्त हुआ है, उनमें विशेष ध्यान देते हुए कमियों को दूर किया जाए और शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार कर उन्हें ए श्रेणी में लाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस विद्युत विभाग के आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा के दौरान प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंताओं एवं सहायक अभियंताओं को अलग से प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

विसर्जन स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश

आगामी त्योहारों के मद्देनजर मूर्ति विसर्जन स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) पंकज प्रसाद राठौर ने बरहज तहसील क्षेत्र के विभिन्न विसर्जन घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बरहज स्थित सरयू घाट तथा कपरवार पुल के पास बनाए गए मूर्ति विसर्जन स्थल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप विद्युत प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी स्थलों पर पर्याप्त पेयजल, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि मूर्ति विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि विसर्जन स्थलों पर व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी कमी को तत्काल दूर किया जाए। निरीक्षण के दौरान राजस्व कर्मियों सहित अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।