
नई दिल्ली,(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था कड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के प्रस्ताव के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। वहीं, यातायात पुलिस ने राजधानी के 30 प्रमुख स्थानों, सड़कों और फ्लाईओवर के आसपास यातायात प्रभावित रहने की आशंका जताते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
यातायात पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर को सुबह छह बजे से परिस्थितियों के आधार पर यातायात मार्गों में बदलाव लागू किए जा सकते हैं। इसका असर प्रमुख चौराहों, व्यस्त सड़कों और फ्लाईओवर के आसपास देखने को मिल सकता है। पुलिस ने यात्रियों से घर से निकलने से पहले अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लेने की अपील की है।
प्रभावित हो सकने वाले प्रमुख स्थानों में शंकर रोड-वंदे मातरम टी-प्वाइंट, धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान, पंचकुइयां, मंडी हाउस, डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक (डब्ल्यू-प्वाइंट), राम चरण अग्रवाल चौक (आईटीओ), मिंटो रोड-दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, गुरु नानक चौक तथा कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल और चेम्सफोर्ड रोड टी-प्वाइंट शामिल हैं। इनके अतिरिक्त अन्य प्रमुख मार्गों पर भी यातायात की गति प्रभावित हो सकती है।
पुलिस का कहना है कि मौके पर कानून-व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने के बाद यातायात संबंधी प्रतिबंधों को लागू करने, उनमें बदलाव करने या जरूरत के अनुसार ढील देने का निर्णय लिया जाएगा। यात्रियों को दिल्ली यातायात पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों और अन्य सूचना माध्यमों पर जारी ताजा दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बिना अनुमति धरना देने से रोकने और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा इंतजाम किए हैं। रिपोर्ट में लगभग 25 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। हालांकि, मेट्रो स्टेशनों की वास्तविक स्थिति और बंद रहने की अवधि की पुष्टि के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की आधिकारिक सूचना देखना जरूरी होगा।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीमावर्ती प्रवेश बिंदुओं, बस टर्मिनलों, होटलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जांच किए जाने की भी जानकारी दी गई है। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करने के पीछे संगठन के पूर्व प्रदर्शन के दौरान कानूनी निर्देशों और दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं किए जाने का हवाला दिया है।
राजधानी में एक साथ सुरक्षा जांच, संभावित मार्ग परिवर्तन और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े प्रतिबंधों के कारण आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों, मरीजों और रेलवे स्टेशन अथवा बस अड्डों तक पहुंचने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की जरूरत हो सकती है।
दिल्ली पुलिस और यातायात पुलिस की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, लोगों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए। किसी भी यात्रा से पहले संबंधित मार्ग और मेट्रो सेवाओं की ताजा स्थिति की पुष्टि करना उपयोगी रहेगा।
