
मुंगेर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने योजना एवं विकास विभाग में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार सुबह EOU की अलग-अलग टीमों ने बिहार के मुंगेर, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और पटना में एक साथ पांच ठिकानों पर तलाशी शुरू की। कार्रवाई के दौरान मुजफ्फरपुर स्थित एक फ्लैट से नोटों के बंडल मिलने की भी प्रारंभिक जानकारी सामने आई है।
EOU के मुताबिक, नारद कुमार दास के खिलाफ उनकी ज्ञात आय के वैध स्रोतों की तुलना में 83 लाख 53 हजार 200 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिला है। यह कथित अतिरिक्त संपत्ति उनकी ज्ञात आय से करीब 64.93 प्रतिशत अधिक बताई गई है।
मामले में आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 28/26, 7 अक्टूबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत दर्ज किया गया है। विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी अधिपत्र प्राप्त होने के बाद EOU की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की।

मुंगेर में EOU की टीम कासिम बाजार थाना क्षेत्र के बेलन बाजार-बंगाली टोला स्थित किराये के आवास पर पहुंची। नारद कुमार दास पिछले करीब दो वर्षों से मुंगेर में कार्यपालक अभियंता के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं। उनके पास जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता का अतिरिक्त प्रभार भी है।
सुबह पुलिस बल के साथ टीम के पहुंचते ही आवास के आसपास हलचल बढ़ गई। घर के अंदर मौजूद दस्तावेजों, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य सामान की बारीकी से जांच की गई। सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान सोने के आभूषण भी मिले, जिनके मूल्यांकन के लिए स्वर्णकार को बुलाया गया। टीम ने परिजनों से भी पूछताछ की।
EOU की कार्रवाई के दौरान बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, निवेश, संपत्ति के दस्तावेज और आभूषण सहित अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी पूरी होने के बाद बरामदगी और जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आएगी।
EOU की कार्रवाई मुंगेर के अलावा भागलपुर, मुजफ्फरपुर और पटना में भी जारी रही। भागलपुर में तिलकामांझी स्थित हनुमान पथ आवास, मुंगेर में स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमंडल का सरकारी कार्यालय, मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र स्थित राधिका अपार्टमेंट का फ्लैट और पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र स्थित कुसुमपुरम आवास को तलाशी के दायरे में रखा गया है।
मुजफ्फरपुर में टीम की कार्रवाई के दौरान नोटों के बंडल मिलने की चर्चा के बाद पूरे मामले को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी हलचल तेज हो गई है। हालांकि, बरामद नकदी की वास्तविक राशि और अन्य सामान का आधिकारिक ब्योरा तलाशी पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
EOU की टीम दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर यह जांच कर रही है कि अधिकारी की घोषित और ज्ञात आय के मुकाबले संपत्ति में कितना अंतर है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल चार जिलों में चल रही इस कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
