
बस्ती(राष्ट्र की परम्परा)जिले की 39 साधन सहकारी समितियों का कायाकल्प किया जाएगा। इसका इस्टीमेट तैयार करने के लिए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने संबंधित खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि, इसके बाद अन्य 77 साधन सहकारी समितियों का कायाकल्प कराया जाएगा। उन्होंने सहायक निबंधक सहकारिता को निर्देशित किया है कि संबंधित बीडीओ से समन्वय स्थापित करके कार्य पूर्ण कराएं।
उन्होंने मनोरमा नदी के पुनरुद्धार के लिए पर्यावरण वैज्ञानिक के सलाह मशवरा से कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके लिए डॉक्टर वेंकटेश दत्ता का सहयोग लिया जाएगा, जिन्होंने पूर्व में गोमती एवं घाघरा नदी के बारे में अपनी अध्ययन रिपोर्ट तैयार की है। इसके लिए जिला विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया है। कार्य योजना तैयार करने के पूर्व पर्यावरण वैज्ञानिक जिले में आकर मनोरमा नदी का स्थलीय निरीक्षण करेंगे, तथा संबंधित अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करके कार्य योजना तैयार कराएंगे।
जनपद में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए, शासन द्वारा चयनित बहादुरपुर ब्लॉक में गांव-गांव में 50-50 किसानों का कलस्टर तैयार करके उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि कृषि के अलावा उद्यान, पशुपालन, रेशम, गन्ना, एवं अन्य विभागों द्वारा भी किसानों का चयन करके प्रशिक्षण दिलाया जाए। प्रशिक्षण टीम में एक कृषि वैज्ञानिक तथा एक प्रगतिशील किसान को शामिल किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बहादुरपुर ब्लॉक कुआनो एवं मनोरमा नदी के बीच स्थित है, इसलिए गांव के चयन में नदियों के किनारे के गांव को प्राथमिकता दी गई है। उप निदेशक कृषि अनिल कुमार ने बताया कि 21 कलस्टर में 1810 किसानों का चयन किया गया है।
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री पारंपरिक खेती योजना के अंतर्गत परसरामपुर, विक्रमजोत, हर्रैया एवं कुदरहॉ ब्लॉक के नदी के किनारे गांव का चयन करने का निर्देश दिया है। बैठक में सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, डीडीओ अजीत कुमार श्रीवास्तव, कृषि अधिकारी मनीष कुमार सिंह, सीवीओ डॉक्टर अश्वनी तिवारी, उद्यान अधिकारी राजेश दुबे, कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीके सिंह, गन्ना अधिकारी मंजू सिंह उपस्थित रहे।
