
गांव से हर साल बाहर जा रहे 56.68 करोड़ रुपये, ग्रामीणों ने पहचाने 24 स्थानीय कारोबार

‘संवाद-अभाव से अवसर की ओर’ कार्यशाला में आत्मनिर्भर गांव की दिशा पर मंथन

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। गांव की रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाला खर्च यदि स्थानीय स्तर पर कारोबार का रूप ले, तो बाहर जाने वाला पैसा गांव की अर्थव्यवस्था में ही बना रह सकता है। इसी सोच के साथ सदर ब्लॉक के बढ़या बुजुर्ग गांव में गुरुवार को ‘संवाद-अभाव से अवसर की ओर’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में ग्रामीणों ने स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और संभावित उद्यमों को लेकर विस्तार से चर्चा की।
जागृति उद्यम केंद्र-पूर्वांचल और नेचरसोल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में फैसिलिटेटर एवं लिपोक सोशल फाउंडेशन के प्रोग्राम मैनेजर सचिन गोरे ने सर्वे के आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि सर्वे के अनुसार बढ़या बुजुर्ग गांव से हर वर्ष करीब 56.68 करोड़ रुपये विभिन्न उत्पादों की खरीदारी के लिए बाहर जा रहे हैं।
कार्यशाला में रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले करीब 60 उत्पादों की सूची ग्रामीणों के सामने रखी गई। उनसे पूछा गया कि इनमें से किन वस्तुओं का उत्पादन गांव में ही किया जा सकता है। चर्चा के बाद ग्रामीणों ने सरसों तेल, सूजी, मैदा, नमकीन, डिटर्जेंट सहित 24 उत्पादों को स्थानीय स्तर पर तैयार किए जाने योग्य माना। इससे गांव में छोटे कारोबार और रोजगार के अवसर विकसित करने की संभावनाएं सामने आईं।
जागृति के उद्यम कोर मार्कंडेय दयाल त्रिपाठी ने गांव में कराए गए सर्वे से सामने आए आंकड़ों और संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने आलू का उदाहरण देते हुए कहा कि किसान से करीब 10 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा गया आलू जब प्रसंस्करण के बाद चिप्स के रूप में बाजार में पहुंचता है तो उसकी कीमत कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने ग्रामीणों को स्थानीय उत्पादों में मूल्यवर्धन कर उद्यम खड़ा करने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।
जागृति बायोरिजनल सीओई के ऑपरेशंस मैनेजर आनंद सिंह ने कहा कि कार्यशाला को केवल एक दिवसीय गतिविधि के रूप में नहीं देखा जा रहा है। संस्था अगले एक वर्ष तक ग्रामीणों के साथ मिलकर काम करेगी और कार्यशाला में सामने आई उद्यम संभावनाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगी।
कार्यशाला में नेचरसोल फाउंडेशन के संस्थापक विजय मणि, जागृति के ऑपरेशंस एसोसिएट मनोज तिवारी, राहुल रंजन, कंसल्टेंट हंसिका सिंह तथा सोक्रेट्स संस्था के रोहित सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
