बलिया (राष्ट्र क़ी परम्परा )
विद्युत उपकेंद्र सोनवानी की बिजली आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गुरुवार शाम हुई बारिश के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। शुक्रवार शाम तक भी हल्दी, भरसौंता, सुल्तानपुर और नंदपुर समेत कई गांवों में बिजली बहाल नहीं हो सकी, जिससे उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। जानकारी के अनुसार, बारिश के दौरान विद्युत लाइन में फाल्ट आने और एक पोल टूट जाने के कारण आपूर्ति बाधित हो गई। विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि पोल क्षतिग्रस्त होने से मरम्मत कार्य में समय लग रहा है। वहीं उपकेंद्र से जुड़े अन्य क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन हल्दी फीडर से जुड़े गांव देर शाम तक अंधेरे में डूबे रहे। लगभग 14 घंटे से अधिक समय तक बिजली नहीं रहने से उपकेंद्र से जुड़े करीब 200 गांवों के लोगों को उमस भरी गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्गों, बीमारों, महिलाओं और छोटे बच्चों को हुई। लंबे समय तक बिजली गुल रहने से इनवर्टर भी जवाब दे गए, जिससे पेयजल संकट गहरा गया। कई घरों में पानी भरने, भोजन बनाने और अन्य दैनिक कार्य प्रभावित रहे। ग्राम सभा भरसौंता के प्रधान प्रतिनिधि मनीष सिंह, सुल्तानपुर के प्रधान प्रतिनिधि डॉ. संपूर्णानंद, नंदपुर के प्रधान ओमप्रकाश पांडेय सहित संतोष सिंह और कुणाल सिंह ने आरोप लगाया कि विद्युत उपकेंद्र सोनवानी से आए दिन घंटों बिजली कटौती की जाती है, लेकिन उपभोक्ताओं को इसकी पूर्व सूचना तक नहीं दी जाती। इससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि आपूर्ति व्यवस्था में स्थायी सुधार किया जाए, लंबी और बार-बार होने वाली कटौती पर रोक लगे तथा किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में उपभोक्ताओं को समय रहते सूचना उपलब्ध कराई जाए। इस संबंध में अवर अभियंता (जेई) प्रदुम्न यादव ने बताया कि रात में हल्दी फीडर में फाल्ट हो गया था, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई। अन्य क्षेत्रों में सप्लाई बहाल कर दी गई है, जबकि हल्दी क्षेत्र में मरम्मत कार्य जारी है और जल्द ही बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
