Friday, May 29, 2026
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मऊ में विकास का महाकुंभ: मुख्यमंत्री योगी ने दी ₹392 करोड़ की 114 परियोजनाओं की सौगात, माफियाओं को दी सीधी चेतावनी


मऊ, (राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ जनपद के मधुबन में आयोजित विशाल जनसभा में ₹392 करोड़ से अधिक लागत की 114 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर जनपद को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विकास, सुरक्षा और सुशासन को लेकर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराते हुए अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ कड़ा संदेश भी दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बची है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बेटियों, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों का “सीधा यमराज इंतजार करेंगे।” उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि कभी प्रदेश में माफिया और गुंडों का आतंक था, जबकि आज उत्तर प्रदेश देश के विकास का रोल मॉडल बन चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत मऊ की ऐतिहासिक और शहीदी धरती को नमन करते हुए की। उन्होंने महान साहित्यकार पंडित श्याम नारायण पांडेय, समाज सुधारक स्वामी सहजानंद सरस्वती, पूर्व केंद्रीय मंत्री कल्पनाथ राय और पूर्व राज्यपाल फागू चौहान को श्रद्धापूर्वक याद किया। साथ ही भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किसानों के प्रति उनके योगदान को ऐतिहासिक बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनता अच्छे प्रतिनिधियों का चयन करती है तो विकास स्वतः धरातल पर दिखाई देता है। सड़क, अस्पताल, पुल और पेयजल जैसी योजनाएं बिना भेदभाव हर व्यक्ति तक पहुंचती हैं, जबकि गलत नेतृत्व जनता की गाढ़ी कमाई को भ्रष्टाचार और अपराध की भेंट चढ़ा देता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 38 परियोजनाओं का लोकार्पण किया, जिनमें प्रमुख सड़कें, पुल, पुलिस विभाग की अवस्थापना योजनाएं, ग्रामीण पेयजल परियोजनाएं, राजकीय पॉलिटेक्निक, आईटीआई और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय शामिल रहे। इसके अलावा 76 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया, जिनमें ग्रामीण सड़कें, चिकित्सा, नगर विकास और पर्यटन से जुड़ी योजनाएं प्रमुख रहीं।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2005 के मऊ दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल था। व्यापारी शाम होते ही दुकानें बंद कर देते थे और बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश की तस्वीर और धारणा दोनों बदली हैं। अब कोई अपराधी खुलेआम कानून को चुनौती देने का साहस नहीं कर सकता।
धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में रामनवमी, जन्माष्टमी, शिवरात्रि और अन्य पर्व भव्यता के साथ मनाए जा रहे हैं। यदि कोई इन आयोजनों में व्यवधान डालेगा तो उसकी “रावण और कंस जैसी दुर्गति” तय है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के करोड़ों गरीबों को आवास, शौचालय, मुफ्त राशन और आयुष्मान योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत किसी किसान या बटाईदार के साथ दुर्घटना होने पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के भीतर ₹5 लाख की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है।
कार्यक्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा, कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान, एसबीएसपी अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, मधुबन विधायक रामविलास चौहान, एमएलसी बिच्छेलाल राजभर, जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय, भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

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