मऊ–औरैया–देवरिया: समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, सैकड़ों शिकायतें दर्ज, मौके पर निस्तारण से मिली राहत
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)मऊ, औरैया और देवरिया जनपदों में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में आमजन की समस्याओं को सुनने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी सक्रियता के साथ मौजूद रहा। तीनों जनपदों में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतों के साथ पहुंचे, जहां अधिकारियों ने त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया। कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर लोगों को राहत दी गई, जबकि शेष मामलों के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मऊ जनपद की तहसील मोहम्मदाबाद गोहना में आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनसुनवाई हुई। इस दौरान कुल 140 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 85 मामले राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े थे। अधिकारियों ने गंभीरता दिखाते हुए 7 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया। वहीं 6 जटिल मामलों के लिए संयुक्त टीमों का गठन कर उन्हें मौके पर भेजा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का ऐसा समाधान किया जाए जिससे फरियादियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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औरैया जनपद में जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बिधूना तहसील सभागार में लेखपालों के साथ बैठक कर ‘मिशन समाधान’ के तहत राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के कारण ही जनसुनवाई में शिकायतों की संख्या बढ़ती है, इसलिए जमीनी स्तर पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। लेखपालों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व वादों का समयबद्ध निस्तारण करें और उसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन के साथ संबंधित थानों को भी उपलब्ध कराएं।
बैठक में एक संवेदनशील पहल के तहत यह भी निर्देश दिए गए कि यदि किसी किसान की मृत्यु होती है तो लेखपाल परिवार को विरासत प्रमाण पत्र के साथ एक पौधा और संवेदना पत्र प्रदान करें। इसका उद्देश्य पीड़ित परिवार को सहानुभूति देना और अनावश्यक प्रशासनिक दौड़भाग से बचाना है। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कास्तकारों का डेटा निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए। तहसील स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित कर नाम संशोधन सहित अन्य समस्याओं का त्वरित समाधान करने पर भी जोर दिया गया।
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देवरिया जनपद की सदर तहसील में आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने स्वयं उपस्थित रहकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। यहां कुल 73 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 33 राजस्व, 15 पुलिस, 4 विकास और 21 अन्य विभागों से संबंधित थीं। इनमें से 7 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त पात्र लाभार्थियों को अन्त्योदय राशन कार्ड और दिव्यांग प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए, जिससे कार्यक्रम की उपयोगिता और बढ़ गई।
अधिकारियों ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न बनकर वास्तविक समाधान प्रदान करने वाला हो। उन्होंने कहा कि हर प्रकरण की नियमित समीक्षा की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस विभाग को भी निर्देश दिया गया कि संबंधित मामलों में प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए।
तीनों जनपदों में आयोजित इस समाधान दिवस ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर है। हालांकि बड़ी संख्या में प्राप्त शिकायतें यह भी संकेत देती हैं कि जमीनी स्तर पर अभी और सुधार की आवश्यकता है। यदि विभागीय स्तर पर समय रहते समस्याओं का निस्तारण हो, तो समाधान दिवस में आने वाली भीड़ को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
