पंचायत भवनों पर लटक रहे ताले
भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
विकास खंड क्षेत्र की 64 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आरोप है कि कई पंचायत भवनों पर अक्सर ताले लटके रहते हैं, जिससे लोगों को अपने जरूरी कार्यों के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने, परिवार रजिस्टर की नकल निकालने सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत सहायकों के समय से कार्यालय न आने के कारण लोग घंटों इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
बताया जाता है कि पंचायत भवनों पर कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति न होने से सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। मजबूरी में लोग प्राइवेट संस्थानों और जन सेवा केंद्रों का सहारा ले रहे हैं, जहां उनसे मनमाने पैसे लिए जा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार यदि कभी पंचायत कार्यालय खुला भी मिल जाता है तो नेटवर्क की समस्या बताकर काम टाल दिया जाता है। क्षेत्र की 64 ग्राम पंचायतों में से करीब 10 पंचायत सहायकों के कार्यालयों पर अक्सर ताले लटके रहते हैं, जिससे आम जनता को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ महिला पंचायत सहायक अपने ससुराल में रहकर ही वेतन ले रही हैं और पंचायत भवन में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होतीं। भास्कर देवरी, तेलिया शुक्ला और भागलपुर सहित कई गांवों में यह समस्या देखने को मिल रही है।
इस संबंध में सीडीओ देवरिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस विषय में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। वहीं डीपीआरओ रतन कुमार से बात की गई तो उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया और फोन काट दिया। हालांकि एडीओ पंचायत अनिल दुबे ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
