गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में आयोजित “एडवांसेज इन फंडामेंटल एंड एप्लाइड बॉटनी (AFAB-2026)” राष्ट्रीय सम्मेलन एवं BAAG पूर्व छात्र सम्मेलन में शोध, नवाचार और पूर्व छात्रों के योगदान पर विशेष जोर दिया गया। देशभर से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों और छात्रों ने इसमें भाग लेकर वैज्ञानिक चर्चा को समृद्ध किया।
मुख्य अतिथि डॉ. आरडी त्रिपाठी ने जलवायु परिवर्तन और कीटनाशकों के प्रभाव पर अपने विचार रखते हुए शोध के नए आयामों की आवश्यकता बताई। अध्यक्षता करते हुए प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व छात्रों का सहयोग विभाग की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अभय सिंह और विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार द्विवेदी ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
उद्घाटन सत्र में BAAG स्मृति ग्रंथ का विमोचन और पोस्टर बोर्ड का अनावरण किया गया। प्रो. अनिल कुमार द्विवेदी ने पूर्व छात्र संगठन के गठन और उसके उद्देश्यों की जानकारी दी।
गोल्ड मेडल और स्कॉलरशिप की घोषणा BAAG एसोसिएशन ने वनस्पति विज्ञान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र को गोल्ड मेडल देने की घोषणा की। साथ ही नव प्रवेशित छात्रों को वेलकम किट और एमएससी बॉटनी व माइक्रोबायोलॉजी के टॉपर्स को स्कॉलरशिप देने का निर्णय लिया गया।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि पूर्व छात्र विश्वविद्यालय के ब्रांड एंबेसडर होते हैं। विज्ञान संकाय के डीन ने विभाग की उपलब्धियों की सराहना की।
तीन तकनीकी सत्रों में औषधीय पादप, सतत कृषि, माइक्रोबायोलॉजी, जीनोमिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, पादप संरक्षण, एथ्नोमेडिसिनल पादप, इनवेसिव प्रजातियों के बायोएनर्जी उपयोग, बीज प्राइमिंग और माइक्रोप्लास्टिक के प्रभाव जैसे विषयों पर शोध पत्र और पोस्टर प्रस्तुत किए गए। 50 से अधिक पोस्टरों का मूल्यांकन डॉ. अशोक कुमार और डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने किया।
समापन सत्र में पुरस्कार वितरित किए गए। मौखिक प्रस्तुति में संदीप कुमार, नोमान आरिफ और सौरभ कुमार विजेता रहे, जबकि सर्वश्रेष्ठ पोस्टर के लिए कल्पना मधेशिया, अभिषेक प्रताप और शिवांगी रूंगटा को सम्मानित किया गया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ राष्ट्रगान कर कार्यक्रम का समापन हुआ।
