Sunday, March 15, 2026
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आठ माह से मानदेय न मिलने पर ग्राम रोजगार सेवकों का फूटा आक्रोश

उ.प्र. ग्राम रोजगार सेवक संघ के जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन, बकाया भुगतान व 35 हजार मासिक मानदेय की मांग

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के ग्राम रोजगार सेवकों ने लंबे समय से मानदेय न मिलने को लेकर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर समस्या के समाधान की मांग की है। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद के नेतृत्व में यह ज्ञापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया को भेजा गया है।
ज्ञापन में बताया गया है कि अगस्त 2025 से अब तक करीब आठ माह का मानदेय जनपद महराजगंज के ग्राम रोजगार सेवकों को नहीं मिला है। जबकि ग्राम रोजगार सेवक मनरेगा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर मजदूरों का पंजीकरण, कार्यों का संचालन, मस्टर रोल का रख-रखाव तथा अन्य विकास कार्यों की निगरानी का दायित्व उन्हीं पर होता है।
रोजगार सेवकों का कहना है कि इतने लंबे समय से मानदेय न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है और कई रोजगार सेवक कर्ज लेकर अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने को मजबूर हैं। बढ़ती महंगाई के दौर में बिना मानदेय के कार्य करना उनके लिए गंभीर समस्या बन चुका है।
ज्ञापन में सरकार से मांग की गई है कि ग्राम रोजगार सेवकों का अब तक का लगभग आठ माह का बकाया मानदेय तत्काल जारी किया जाए। साथ ही वर्तमान परिस्थितियों और महंगाई को देखते हुए ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय बढ़ाकर कम से कम 35 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए तथा भुगतान समय से सुनिश्चित करने के लिए अलग से वित्तीय बजट की व्यवस्था की जाए।
इसके अलावा ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 4 अक्टूबर 2021 को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम रोजगार सेवकों के हित में नई योजना लागू करने की घोषणा की गई थी, जिसे अब तक लागू नहीं किया गया है। ग्राम रोजगार सेवकों ने सरकार से उस घोषणा को लागू करने की भी मांग की है।
साथ ही मांग की गई है कि ग्राम रोजगार सेवकों को सेवा सुरक्षा प्रदान करते हुए वरिष्ठता के आधार पर राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए, जिससे उनके भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके।
इस दौरान ग्राम रोजगार सेवक संघ के जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद, जिला महासचिव इंद्रमणि विश्वकर्मा, बंधु मद्धेशिया, राहुल गुप्ता, संगीता पांडेय, सीमा पांडेय, दयानंद पटेल, जितेंद्र प्रसाद, मनोज,प्रेमलाल, दीनानाथ प्रसाद, रामकिशोर रैना, ओम प्रकाश सिंह, राजेश वर्मा, सर्वेश मद्धेशिया, बाबूराम, उमेश कुमार, संतोष प्रसाद, अंबिका, राजेश, जोगेंद्र साहनी, प्रमोद राय, सुरेश, धर्मेंद्र, मनोज कुमार, अनीता गुप्ता, दिनेश, अनिरुद्ध, धर्मेंद्र, राजेश, रमेश कुमार, अयोध्या वर्मा, रवि प्रताप सिंह श्रवण कुमारसंगठन के कई पदाधिकारी व सदस्य भी मौजूद रहे तथा ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई। रोजगार सेवकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।

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